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अपराधियों के लिए आए सरकारी हथियार जब्त

Written By News Today Time on Thursday, March 26, 2015 | 4:53 PM

     नई दिल्ल।। आर्डिनेंस फैक्ट्री में बनी सिंगल और डबल बैरल गन समेत 17०० कारतूस अपराधियों के लिए लाए जा रहे थे। यह कारतूस भी सरकारी फैक्ट्री में बने हैं। तीन मुलजिमों को गिरफ्तार कर यह राइफलें और कारतूस जब्त किए गए हैं। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव के मुताबिक, पुलिस को खबर मिली थी कि सराय काले खां इलाके में हथियारों की डिलीवरी होने वाली है। पुलिस को वहां डिजायर कार में संदिग्ध आदमी इंतजार करते हुए नजर आया। कुछ देर बाद वह कश्मीरी गेट बस अड्डे की ओर चलने लगा। पुलिस ने पीछा किया। कश्मीरी गेट पर एक और आदमी उसकी कार में सवार हुआ। कुछ देर बाद ड्राइव करने वाले आदमी ने उसे हथियारों की डिलिवरी दी। पुलिस ने दोनों को पकड़ कर कार की तलाशी ली। कार की तलाशी में तीन डबल बैरल शॉटगन, डिग्गी में छह डबल बैरल शॉटगन और दो सिंगल बैरल शॉट गन बरामद हुई। 17०० कारतूस बरामद किए। डिलीवरी देने वाले का नाम अशोक सिंह निवासी एटा है। 62 साल का अशोक सिंह वहां लाइसेंसी हथियारों की दुकान चलाता है। उसके कोटे के तहत उसे सरकारी आर्डनेंस फैक्ट्रियों में बने हथियार और कारतूस बरामद होते हैं। वह राकेश शर्मा को गन और कारतूस दे रहा था। राकेश मुरैना का रहने वाला है। 
    डीसीपी ने बताया कि अशोक सिंह अपनी दुकान के लाइसेंस पर मिलने वाले आर्डनेंस फैक्ट्री के हथियार और कारतूस अपराधियों को बेचता था। इन हथियारों की बड़ी डिमांड है। हथियारों के नकली लाइसेंस बना कर उन्हें प्राइवेट सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करने वालों को बेचा जाता था। डीसीपी ने बताया कि अशोक सिंह दुकान की ऑडिटिंग और दुकान की चेकिंग में सरकारी अफसरों की लापरवाही का फायदा उठा कर यह धंधा कर रहा था। उसके ड्राइवर अजय को भी गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी ने बताया कि उसकी दुकान के हथियारों को दिल्ली, एनसीआर, यूपी और एमपी के अपराधियों को भी बेचा जा रहा था। इससे पहले उसे नकली करंसी के केस में भी गिरफ्तार किया गया था।
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मां की हत्या के बाद इंसाफ के लिए भटक रहा देश का सेनानी, सरकार नहीं सुन रही, अब सोशल मीडिया से गुहार


     नांदेड़/महाराष्ट्र।। देश की रक्षा करने वाला सैनिक तीन वर्ष पूर्व अपने गाव के ही भू-माफिया से अपनी माँ को नही बचा सका. देश के सैनिको के प्रति हमारे देश का बच्चो-बच्चो में सम्मान है लेकिन पुलिस सैदव से ही मानवता को ताख पर रखकर कार्य करती है. कुछ ऐसा ही मामला है महाराष्ट्र के नांदेड जनपद थाना लोहा का.
      लोहा थानाक्षेत्र के कंधार तहसील पानभोसी गांव निवासी हवलदार आर्मी संख्या 4563453f की माँ सरस्वती अंबाजी बनसोड़े की निर्मम हत्या 6 मार्च 2012 को होली के दिन गाव के ही दो भू-माफिया ने कर दी थी. सैनिक बनसोड़े के मुताबिक दोनों भू-माफिया की नजर उसकी जमीन पर थी. कई बार उसकी माँ को जमीन बेचने के लिए दोनों ने दबाव डाला। जब जमीन बेचने से मना कर दिया तो उसकी हत्या करने की धमकियाँ मिलने लगीं, जिसकी कई बार शिकायत पुलिस से की गयी लेकिन पुलिस के उदासीन रवैये के कारण माफिया के हौसले बुलंद हो गए और उसकी माँ का सर पत्थर से कूंचकर निर्मम हत्या कर दी गई.
      हत्या के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस के अधिकारियों ने सैनिक के परिजनों को आश्वासन दिया की अपराधी पुलिस की जल्द ही गिरफ्त में होंगे. सैनिक के छोटे भाई रोहिदास बनसोड़े ने गांव के ही लक्ष्मण गणपत कारामुंगे व रंगराव गणपत कारामुंगे के खिलाफ नामजद तहरीर दी. सैनिक का कहना है कि आरोपियों का परिवार रसूखदार होने के कारण पुलिस ने मामले में लीपापोती कर दी जिसके कारण तीन वर्ष बाद भी आरोपी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और आज भी उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.
    भू-माफिया की दहशत से सैनिक का परिवार अपना गांव छोड़कर कंधार शहर में रहने को विवश है. न्याय पाने के लिए देश की रक्षा में लगा सैनिक ने राजनेताओं से भी मदद माँगी है. सैनिक की मदद के लिए लोकजन शक्ति पार्टी के संसद सदस्य चिराग पासवान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस, गृह सचिव एससी गोयल, गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच कराने की मांग की है. सैनिक ने बताया कि कई बार अखबार और न्यूज़ चैनल वालो ने खबर बनाई लेकिन किसी ने उसके दर्द को अपने चैनल के माध्यम से नहीं उठाया. अब प्रश्न यह है कि राष्ट्रीय पर्व पर खुद को राष्ट्रवादी चैनल का स्वांग रचने वाले टीआरपीखोर चैनलों के पत्रकारों को एक जवान का दर्द नहीं सुनाई देता? जब जवान पूरे मीडिया से गुहार लगाकर थक गया तो अब उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया है.

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हथियार तस्करी में डिप्टी एसपी का बेटा समेत तीन गिरफ्तार

     नई दिल्ली।। बंदूक की दुकानों में हथियारों की खरीद-फरोख्त के सिलसिले में जिला मजिस्ट्रेट की ऑडिट सुचारु नहीं होने का फायदा हथियारों के तस्कर उठा रहे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ऐसे ही गिरोह के सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बुजुर्ग सरगना अशोक सिंह (62) के अलावा राकेश शर्मा (44) और अजय शर्मा (49) शामिल हैं। इनके पास से 19 शॉट गन, 22०० कारतूस बरामद हुए हैं। इन हथियारों को वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय बदमाशों को देने वाले थे। गिरोह सरगना अशोक उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी उदयभान का बेटा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के उपायुक्त संजीव यादव ने बताया कि स्पेशल सेल की टीम बिहार के मुंगेर व मध्य प्रदेश से हथियार लाकर सप्लाई करने वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कुछ लोगों के पास से दो हथियार व 9०० कारतूस भी बरामद किए थे। इन बदमाशों से पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए थे। पता चला कि कुछ गिरोह ऐसे हथियार भी सप्लाई कर रहे है, जिन्हे रखने के लिए लाइसेंस चाहिए। वह हथियारों की दुकानों में भी सप्लाई कर रहे हैं। स्पेशल सेल अधिकारी का कहना है कि एटा और इटावा समेत छह जिलों से हथियारों की तस्करी की जा रही है। 
    यह सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल की एक टीम ने उप्र में अपना डेरा जमा लिया। रविवार को पुलिस टीम को सूचना मिली कि एटा निवासी अशोक सिंह सराय काले खां बस अड्डे पर कार में सवार होकर आएगा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम वहां पहुंच गई। कुछ देर ठहरने के बाद अशोक वहां से कार में बैठकर निकल गया। कश्मीरी गेट पर उसकी कार के अंदर एक अन्य युवक सवार हुआ। गोपालपुर में जब अशोक उसकी गाड़ी में बैठे शख्स को बैग देने लगा तो पुलिस ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। पुलिस को तलाशी के दौरान बैग में पुलिस को तीन शॉट गन और 5०० जिंदा कारतूस मिले। यह हथियार तकिये एवं कपड़ों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने जब कार के डिग्गी की तलाशी ली तो उसमें भी भारी मात्रा में हथियार रखे हुए थे। एक पार्सल में 17०० जिंदा कारतूस थे, जबकि दूसरे पार्सल में आठ शॉट गन रखी हुई थीं। उनके पास इन हथियारों से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने कार चालक राकेश और दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि अशोक सिंह की उत्तर प्रदेश के एटा जिले में अशोक शर्मा स्टोर नाम की गन शॉप है। अशोक सिंह के पिता उदयभान चूंकि पुलिस विभाग में कार्यरत थे, इसलिए अशोक गन शॉप की आड़ में हथियारों की तस्करी करने लगा। गन शॉप में खरीद व बिक्री का रिकार्ड मेंटेन करना पड़ता है, जिसका साल में एक बार ऑडिट भी होता है। यह ऑडिट जिला मजिस्ट्रेट करता है।
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मोदी के खिलाफ सत्याग्रह उपवास करने आयी कांग्रेस खुद उपहास का पात्र बन गयी

कांग्रेस का 24 घण्टे का उपवास 5 घण्टे में सिमट गया, उपवास से नदारत रहे प्रभारी, मुख्यमंत्री, मंत्री
   नई दिल्ली।। 24 मार्च को उत्तराखण्ड कांग्रेस द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार पर उत्तराखण्ड के संसाधनों में की गयी 4000 करोड़ की कटौती के विरोध में बडे शोर जोर से प्रधानमंत्री के आवास पर आयोजित 24 घण्टे का उपवास, जंतर मंतर पर 5 घण्टे में ही सिमट कर समाप्त हो गया। प्रदेश के हितों के लिए कांग्रेस का विरोध इतना दिखावटी था कि न इस उपवास में दिल्ली में उपस्थित मुख्यमंत्री ने उपस्थित होने का कष्ट उठाया व नहीं केन्द्रीय प्रभारी अम्बिका सोनी ही इस धरने में आयी। जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए दिग्विजय सिंह व शिवराज चैहान ने पूरे मंत्रीमण्डल के साथ दिल्ली में प्रदर्शन किया था।
    प्रदेश सरकार के कबीना मंत्रियों ने प्रदेश के हित पर हुए इतने बडे कुठाराघात पर भी इस धरने में सम्मलित होने की जरूरत तक नहीं समझी। प्रदेश के मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष की अनुपस्थिति में इस उपवास में उत्तराखण्ड से आये नवनिर्वाचित राज्यसभा के सांसद राज बब्बर ही समाचार जगत के साथ उपवास में सम्मलित हुए लोगों को उपवास स्थल में उपस्थित रखने में कामयाब रहे। समापन के समय न तो इस उपवास का नेतृत्व करने वाले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ही नजर आये व नहीं कहीं प्रधानमंत्री को भेजा जाने वाला 15 सूत्रीय ज्ञापन। प्रधानमंत्री मोदी व भाजपा की केन्द्र सरकार के खिलाफ आयोजित किया गया यह 24 घण्टे के उपवास की हुंकार भरने वाले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ही इस उपवास को प्रारम्भ करके मात्र 2 घण्टे बाद यहां से नदारत दिखे। 
   उपवास में यह बताया जा रहा था कि अध्यक्ष हरिद्वार जनपद में हो रहे विधानसभा उपचुनाव में दल के प्रत्याशी के नामांकन में उपस्थित रहने के लिए चले गये है। उनका उपवास कब टूटा यह तो प्रदेश अध्यक्ष ही जाने परन्तु उनके जाने के बाद कांग्रेस संगठन की कलई खुल गयी। न तो यहां पर ज्ञापन की एक प्रति तक रही। पत्रकार व पुलिस अधिकारी भी ज्ञापन को ढूंढते रहें। अपने जाने के बाद अध्यक्ष ज्ञापन प्रधानमंत्री कौन देगा व समाचार पत्रों में क्या दिया जायेगा इसका कहीं इंतजाम तक नहीं किया। सवाल यह उठता है कि अगर सच में प्रदेश के हितों पर मोदी सरकार ने इतना बडा कुठाराघात किया तो प्रदेश के हितों की रक्षा का मुख्य जिम्मेदारी निभा रही प्रदेश की कांग्रेस सरकार इतने हल्के में इस सवाल को क्यों उठा रहे थे। क्यों मुख्यमंत्री, मंत्री सहित सभी विधायकों के साथ केन्द्रीय नेतृत्व को इसमें नहीं जोड़ा गया। क्यों इस मात्र रस्म अदायगी की तरह आधे अधूरे मन से जंग लड़ने से कांग्रेस पर यह आरोप नहीं लगना चाहिए कि उसे भी मोदी सरकार की तरह प्रदेश के हितों से कोई लेना देना नहीं है। कुल मिला कर उत्तराखण्ड कांग्रेस ने एक अच्छे मुद्दे को उठाया तो सही परन्तु पूरी ईमानदारी से यह कार्यक्रम नहीं किया। जिससे साफ हो गया कि भाजपा की तरह कांग्रेस को भी प्रदेश के हितों की कहीं दूर दूर तक चिंता नहीं है। अगर कांग्रेस को रहती तो इसमें न केवल केन्द्रीय नेता अपितु प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक सहित पूरी कांग्रेस उत्तराखण्डियों को जोड़ने का काम करती।
      अव्यवस्था का आलम यह था कि नेताओं, कांग्रेसी नेत्रियों व उपवास में भाग लेने वाले अधिकांश नेता प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के जाने के बाद राजबब्बर के साथ तस्वीरें खिंचा रहे थे या माईक के आसपास एक दूसरे को धकियाते हुए देखे गये। इस आयोजन में भले ही मुख्यमंत्री नहीं दिखे परन्तु मुख्यमंत्री के औधोगिक सलाहकार रणजीत रावत, सिपाहेसलार हरपाल रावत, प्रवक्ता शिल्पी अरोड़ा व दिल्ली के कांग्रेसी नेता बृजमोहन उपे्रेती ही इस उपवास की व्यवस्था को बनाये रखने में जुटे हुए थे। मंच का संचालन जहां कांग्रेसी नेता विजय सारस्वत कर रहे थे। वहीं इस उपवास में सह प्रभारी संजय कपूर,सभा सचिव विधायक सरिता आर्य एवं विधायक ललित फर्सवाण, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पूर्व कबीना मंत्री रामप्रसाद टम्टा, पूर्व सांसद महेन्द्र पाल व प्रदीप टम्टा, विधायक विजयपाल रावत, महिला कांग्रेस अध्यक्षा सरोजनी कैतुरा, धीरेन्द्र प्रताप, प्रवक्ता सुनील गुलाटी, करण महरा, राजेन्द्र भण्डारी, चैधरी महेन्द्र सिंह, विजयलक्ष्मी गुसांई, राजपाल खरोला, राजपाल बिष्ट, ज्योति रौतेला, भुवन कापड़ी, राजेन्द्र शाह, आनन्द रावत, वीरेन्द्र रावत, दिल्ली कांग्रेस के नेता दीवान सिंह नयाल, प्रवासी संगठन के अध्यक्ष नेगी, प्रवासी संयोजक विनोद नौटियाल, श्री पंवार, प्रेम शर्मा, खुशहाल सिंह बिष्ट सहित बडे संख्या में दिल्ली में रहने वाले समाजसेवी व कांग्रेसी उपस्थित थे।



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सबको फायदो नहीं पहुंचा पा रही जनधन योजना


      राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार देश में हर घंटे दुर्घटनाओं में 46 लोग मारे जाते हैं पर प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत एक भी क्लेम का सेटलमेंट 14 दिसंबर तक नहीं हुआ है। आरटीआई के जरिए पूछे गए एक सवाल के जवाब में नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का कहना हैं कि जनधन योजना के दुर्घटना बीमा दावों में दिसंबर 14 तक केवल 34 क्लेम हासिल हुए हैं। इनमें 25 अंडर प्रोसेस हैं, 2 विचाराधीन हैं। एक रिजेक्ट हुआ है और 6 क्लेम कबूल हुए हैं। मतलब मुकाम तक एक भी क्लेम नहीं पहुंचा है। मध्य प्रदेश के नीमच में रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आरटीआई के जरिए कई कड़वी हकीकत सामने लाए हैं।
    यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि जनधन योजना के खाताधारक को बीमा लाभ तब ही मिलेगा जबकि उसने दुर्घटना के 45 दिनों के भीतर बैंक से कम से कम एक बार कोई वित्तीय या गैर वित्तीय लेनदेन किया हो।
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फर्जी फार्मासिस्ट : नकली दवाईयां : रोगियों का जीवन खतरें में


     सिरसा।। पंजाब तथा राजस्थान की सीमा से सटा हरियाणा राज्य का जिला मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के भ्रष्ट तंत्र की बदौलत ड्रॅग माफिया के लिए सोने की खान बन गया है, जिस कारण गुणवत्ताहीन, सस्ती दवाएं और सैंपल वाली दवाईयों का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। ड्रग माफिया से जुड़े मौत के सौदागर ऐसी दवाओं को दवा विक्रेताओं के माध्यम से बेचकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे है। ''प्रैसवार्ता" को मिली जानकारी के अनुसार अच्छी क्वालिटी की सही दवाईयां महंगी होने के कारण आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है। एंटीवायॅटिक काफी महंंगे हो चुके है। एक ही दवा को दो अलग-अलग नामों से बनाकर अलग-अलग कंपनियां बेच रही है और इन दवाओं का मूल्य भी अलग अलग है। मरीज को दवा की गुणवत्ता का ज्ञान नहीं होता और दवा लिखने वाले डॉक्टरों को घर बैठे ही दवा निर्माताओं द्वारा कमीशन अथवा अमूल्य उपहार पहुंचा दिए जाते है।
    इस संदर्भ में सभी शिक्षकों को एक नजर नहींंदेखा जा सकता, क्योंकि कुछ चिकित्सक ही सही दवा लिखकर ही पवित्र व्यवसाय के साथ चल रहे है, जबकि नीम-हकीम व झोलाछाप चिकित्सक ड्रग मॉफिया की चपेट में है, जो सस्ती दवाईयां लिखते है, जिस पर काफी मूल्य अंकित होता है। गुणवत्ताविहीन दवाएं दवा विक्रेताओं के माध्यम से लाईसैंस वाली दुकानों पर पहुंचा दी जाती है, जहां से यह नीम-हकीम, झोलाछाप चिकित्सकों तक पहुंचा दी जाती है, जो पैसों के लिए अपने पवित्र पेशे से अन्याय कर रहे है। प्रशासन इस ओर देखकर भी अनदेखी किए हुए है। सरकार ने ऐसे दवा विक्रेताओं पर नजर रखने के लिए जिला औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति की हुई है, मगर उनकी नजरें ''नजरानाÓÓ पर ज्यादा रहती है। जिला सिरसा में ऐसे दवा विक्रेताओं की कमी नहीं है, जिनके पास या तो लाईसैंस नहीं है या फिर किराए के लाईसैंस पर दवाएं बेच रहे है। दवा विक्रेताओं का कारोबार, जहां फल-फूल रहा है, वहीं रोगियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
3:19 PM | 0 comments | Read More

सोशल मीडिया पर छा गए अनुष्का के दस देवर

     मुंबई।। आज वर्ल्ड कप में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा सेमीफाइनल मैच शुरू हो चुका है। वर्ल्ड कप में अब तक खेेले गए मैचों में भारत की लगातार जीत से उम्मीद की जा रही है कि इस मैच में भी भारत की जीत होगी और वो फाइनल मैच में कदम रखेगी। 'हैदर' का पुरस्कार कश्मीरी पंडितों को समर्पित करने पर विवादकल से ही सोशल मीडिया पर लोगों में इसे लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा था। कुछ लोग अलग-अलग स्लोगन अपडेट कर रहे थे तो कुछ मजेदार जोक्स डाल रहे थे। इन सबके बीच भला कोई भारतीय क्रिकेट टीम के वाइस कैप्टन विराट कोहली की गर्लफ्रेंड यानि अनुष्का शर्मा को कैसे बख्श सकता था, इसलिए उनपर बने एक स्लोगन को सोशल मीडिया पर खूब शेयर और पसंद किया गया।डर के मारे निर्माताओं ने 'वजीर' से हटा लिया ये सीन!तो ये स्लोगन कुछ इस तरह था, 'कल क्या होते हैं, हमारे तेवर देखना, किस तरह धोते हैं अनुष्का के दस देवर देखना।'लो, अभी तो अनुष्का और विराट अपने रिलेशनशिप में आगे भी नहीं बढ़े हैं कि लोगों ने क्रिकेट टीम के बाकी खिलाड़ियों को एक्ट्रेस के देवर ही बना डाला।
10:18 AM | 0 comments | Read More

पैरालंपिक के आयोजकों पर दर्ज हो एफआइआर


   गाजियाबाद।। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। एबीवीपी ने पैरालंपिक में अव्यवस्थाओं के लिए आयोजकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किए जाने की मांग की है।प्रदेश के संगठन मंत्री नितेश तोमर ने कहा कि पैरालंपिक की मेजबानी जिले को मिली लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण देश-विदेश में जिले की छवि धूमिल हुई है। मेजबानों ने खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी नहीं समझा। परिषद के महानगर मंत्री विकास भदौरिया ने मेरठ रोड स्थित एक कॉलेज में छात्रा की मौत के मामले में भी कार्रवाई की मांग की है। अभाविप ने दोनों मामलों में कार्रवाई न होने की सूरत में आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन में आलोक कुमार, अनिल कुमार, पूजा शर्मा, रोबिन गौड़, अभिषेक गुप्ता, राहुल पांडे, सचिन, निखिल, विकास, वैभव, मोहित, मुकुल शर्मा, मोहित, सोनू, प्रणव, विनीत, अतुल, अवनीश, सतीश, राहुल चौहान आदि मौजूद रहे।
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भारतीय नेताओं की आंखे कम से कम अब तो खुल ही जानी चाहिए

Written By News Today Time on Wednesday, March 25, 2015 | 9:58 PM

    पाक, सपने में भी भारत से दोस्ती नहीं चाहता। वह कश्मीर को ही नहीं पूरे भारत को हडपना चाहता है इसीलिए लगातार हुरियत-आतंकियों को गले लगाता रहता है।
    भारतीयों की एक आत्मघाती आदत कई शताब्दियों से रही है कि वे न तो इतिहास से सबक लेते है व नहीं वर्तमान की बर्बादी से ही कुछ सीख लेते है। भविष्य के लिए रणनीति बनाना तो इन्होने सीखा ही नहीं। जब ठोकर लग जाती है तब थोडी देर के लिए वे हाय तौबा मचाते हैं और फिर खरगोश की तरह बिल्ली आदि खतरा सामने देख कर आंखें बंद कर लेते है। यही सब दर्शाता है 23 मार्च को दिल्ली में आयोजित पाकिस्तान दिवस पर पाकिस्तान उच्चायोग में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री पूर्व जनरल वी के सिंह व पृथकतावादी हुरिर्यत के सम्मलित होने पर मचा बबाल। इस प्रकरण से तो कम से कम भारतीय नेताओं की आंखे खुल जानी चाहिए।
    जो पाक से दोस्ती करने के लिए उतवाले होते है। कि पाकिस्तान को यह मालुम था कि भारत ने पिछली बार पाक से वार्ता, पाक द्वारा हुर्रियत से मेलजोल के कारण रद्द की थी। अब फिर वार्ता शुरू करने से पहले पाकिस्तान ने फिर हुर्रियत को आमंत्रित करके भारत को साफ संदेश दे दिया कि पाक को भारत से दोस्ती से कहीं अधिक जरूरी है हुर्रियत। वह भारत की दोस्ती के लिए हुर्रियत से दूरी नहीं बना सकता है। रही बात जनरल वीके सिंह की वह तो एक अनुशासित सिपाई की तरह अपनी सरकार द्वारा दिये गये दायित्व का निर्वहन मात्र कर रहे थे।
    जब से पाकिस्तान बना तब से पाकिस्तान का एक ही राष्ट्रीय ध्येय है कि किसी भी सूरत पर कश्मीर ही नहीं पूरे भारत को अपने कब्जे में लेने का। इसी उद्देश्य का मध्यनजर रखते हुए वह कश्मीर सहित भारत में आतंकी गतिविधियों का न केवल संरक्षण देेता है अपितु उसको पेदा भी करता है। भारत व पाक दोनों की जनता तो एक दूसरे से दोस्ती चाहती। यही भारत की तमाम सरकारें भी चाहती हैं परन्तु पाकिस्तान में वहां के शासक, नेता, सेना व उनके द्वारा संरक्षित आतंकी संगठनों का एक लक्ष्य है कि कश्मीर ही नहीं पूरे भारत में पाक में मिलाना। पाकिस्तानी हुकमरानों का एक ही नारा रहा कि ‘हंस के लिए पाकिस्तान, लड़ कर लेंगे हिन्दुस्तान।
    पाकिस्तान ने अपने इसी लक्ष्य को पाने के लिए अनैक आतंकी संगठन न केवल बनाये है अपितु अन्य आतंकी संगठनों को भी वह भारत के खिलाफ आतंकबाद फैलाने के लिए प्रोत्साहन देता रहता है। पाक सहित तमाम आतंकी संगठनों का भी यही उदेश्य है कि यहां पाकिस्तानी झण्डा फेहराने का। पाकिस्तान से दोस्ती का पैगाम तभी तक चल सकता है कि भारत तो उसके साथ दोस्ती निभाये व पाक निरंतर भारत में आतंकी गतिविधियां चला कर भारत की अमन चैन व अखण्डता को तबाह करता रहे। पाकिस्तान की इन आतंकी गतिविधियों पर भी भारत उफ न कहे केवल वह पाक से दोस्ती के कबूतर उडाते रहे और पाक के हुक्मरानों को गले लगाते रहे।
     जब तक भारतीय हुकमरानों को यह बात समझ नहीं आयेगी तब तक न भारत में आतंकवाद पर अंकुश लगाया जा सकता है और नहीं पाकिस्तान पर। पाकिस्तान केवल एक ही शर्त वे भारत का बर्बाद करते रहे और भारत दोस्ती के गीत गाते रहे। जब भारत इस्राइल, अमेरिका, रूस व चीन की तरह अपने देश की एकता अखण्डता के लिए जैसे को तेसा जबाब देना सीख जायेगा उसी दिन से पाक भारत से दोस्ती के लिए हाथ बढायेगा। इसी लिए कहते हैं दुष्टों को सहृदयता से नहीं कठोर दण्ड से जीता जा सकता है। लातों के भूत बातों से नहीं मानते।




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ई-विधानसभा से हर साल बचेेंगे 15 करोड़ रु.के कागज

मेज थपथपाने की परंपरा पीछे छूटी
    शिमला।। हिमाचल प्रदेश ई विधानसभा के कारण हर साल 15 करोड़ रुपए के कागज बचाने में मदद मिलेगी। 11 मार्च से शुरू हुए एक माह लंबे बजट सत्र के दौरान तकनीक की कम समझ रखने वाले सदस्य अपने कम्प्यूटर पर उंगलियां चलाने में ही व्यस्त दिखते हैं। विधानसभा की कार्यवाही के समय बमुश्किल ही वे अपनी मेजें थपथपा पाते हैं। राज्य के राज्यपाल कल्याण सिंह ने अपने उद्घाटन समारोह में कहा था कि विधानसभा की कार्यवाही के डिजिटलीकरण से राज्य सरकार न केवल 15 करोड़ रुपये बचा पाएगी, बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा हो सकेगी। डिजिटलीकरण से विधानसभा और इसकी समितियों की कार्यवाही कागज रहित हो गई है। करीब 8.12 करोड़ रुपये की लागत से ई-विधानसभा परियोजना को पिछले मानसून सत्र में चालू किया गया था। इसके लिए केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वित्त उपलब्ध कराया था। 
     वेब आधारित कागज रहित विधानसभा इस प्रकार की देश की पहली परियोजना है। अपने 18वें बजट भाषण में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ई-विधान प्रणाली को पिछले साल चार अगस्त को शुरू किया गया था। इससे भारी मात्रा में कागज को बचाने में सहायता मिली। उन्होंने कहा कि इस पहल की पूरे देश में सराहना की गई है। लेकिन इस बार विधानसभा में मेजों के थपथपाने की आवाज नहीं सुनाई दी, जिसके लिए इसे जाना जाता है। मेज बजाने की परंपरा उपलब्धियों और नई घोषणाओं के प्रति आभार व्यक्त करने का एक तरीका होती है। मुख्यमंत्री 18 मार्च को जब अपने बजट भाषण में योजनाओं और खर्चे की घोषणा कर रहे थे, उस समय सदस्य उनके पूरे भाषण को अपने कम्प्यूटर स्क्रीन पर पढ़ने में व्यस्त थे। विधानसभा की पूरी कार्यवाही के दौरान सत्ताधारी पार्टी के सभी सदस्य मौजूद थे, बावजूद इसके कई मौकों पर वे मेज बचाने से चूक गए। वेब आधारित तकनीक से कई समस्याएं भी आ रही हैं।
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बिहार में बिजली नहीं तो वोट नहीं मांगूगा - नीतीश

     पटना।। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यदि वह राज्य में बिजली की दशा नहीं सुधार सके तो इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट नहीं मांगेंगे। नीतीश कुमार ने फेसबुक पर अपने पोस्ट में कहा है कि वह तीन साल पहले किए गए बिजली की दशा सुधारने और गांव में बिजली मुहैया कराने के अपने वादे पर आज भी कायम हैं। 
    जनता दल-युनाइटेड के नेता ने तीन साल पहले बिहार दिवस की याद दिलाई है जिसमें उन्होंने इस दिशा में बड़े पैमाने पर काम शुरू किया था और 2०15 के चुनाव से पहले पूरा करने का वादा किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि यदि बिहार में हर गांव को 2०15 तक बिजली मुहैया कराने में हम विफल रहे तो अगले विधानसभा चुनाव में मैं लोगों से वोट देने के लिए नहीं कहूंगा।
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मुफ्ती के खिलाफ फतवा जारी, सिर कलम करो ईनाम लो

    बरेली।। जमात ए हिंद इस्लाम के मुफ्ती इलियास नयी परेशानी में पड़ गये हैं। ध्यान रहे कि पिछले सप्ताह उन्होंने भगवान शिव को इस्लाम का पहला पैगंबर करार देते हुए कहा था कि हिदुस्तान में रहने वाला हर कोई हिंदू है।अब उनके इस बयान से नाराज ऑल इंडिया फैजान ए मदीना काउंसिल के अध्यक्ष मुइन सिद्दीकी ने मुफ्ती इलियास का सिर कलम करने वालों को एक लाख 786 रुपये का इनाम देने का एलान किया है। मुइन सिद्दकी ने कहा है कि मुफ्ती इलियास राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर शरीयत के खिलाफ उल्टा सीधा बयान दे रहे हैं। 
   उन्होंने कहा कि अगर उनके पास कोई जानकारी है तो कुरान व शरीयत के साथ जानकारी दें। पर, ऐसे फिजूल बयानी उन्हें बडा नुकसान हो सकता है। मुफ्ती इलियास ने पिछले सप्ताह अयोध्या में एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान कहा था कि भगवान शिव पिता हैं और पार्वती जी मां हैं। उन्होंने कहा था कि जैसे इंग्लैंड में रहने वाला हर कोई इंग्लिश और अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी होता है, उसी तरह हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। उनके इस बयान पर उस समय मिली जुली प्रतिक्रिया आयी थी।
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नदी में तैरता हुआ राम नाम का पत्थर कौतुहल का विषय बना



    रायपुर/कोरबा।। छत्तीसगढ के कोरबा जिले में हसदेव नदी में रविवार की सुबह मिला तैरता हुआ एक पत्थर कौतुहल का विषय बना हुआ है। नदी में नहाने गए बच्चों को पानी में तैरता कुछ दिखा। पास जाकर छूकर देखा तो पता चला कि पत्थर है। बच्चों ने पत्थर को पानी से निकाल कर बार-बार फेंक कर देखा लेकिन पत्थर डूबा नहीं और तैरता ही रहा।

     बच्चों ने इसकी जानकारी बडों को दी तब शुरुआत में लोगों ने इसे बच्चों की ठिठोली समझ नजर अंदाज कर दिया। बच्चे जैसे-तैसे लोगों को खींच कर नदी तक लाने में सफल हो गए। जैसे ही कुछ लोगों ने पत्थर को देखा वैसे ही बात जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते नदी के पास लोगों का तांता लग गया।
     लोगों की मानें तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। पत्थर पर राम नाम लिख, उसे मंदिर में स्थापित कर लोगों ने उसकी पूजा शुरू कर दी गई है। तैरते पत्थर की बात सुन दूर-दूर से लोग इसके दर्शन करने उमड़ रहे हैं। 

    रामनवमी से कुछ दिन पहले ही मिले इस तरह के पत्थर से अब इलाके में अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया है। कोई इस पत्थर को राम सेतु का हिस्सा बता रहा है तो कोई इसे चमत्कार कह रहा है। पत्थर को देखने इलाके में बड़ी भीड़ भी उमड़ी हुई है। कोई पत्थर की पूजा कर रहा है तो कोई इसे नहर किनारे स्थित शिव मंदिर में स्थापित करने की इच्छा जता रहा है।




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हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दिया झटका


     सिरसा।। साध्वी यौन शोषण मामले में लगातार पेशियां भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इन्सां ने बुधवार दोपहर बाद पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हाजिरी लगाई। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बुधवार दोपहर सवा एक बजे अदालत में पहुंचे। तय समय पर अदालत की कार्रवाई शुरू हुई जो कि सवा पांच बजे तक जारी रही। डेरा प्रमुख के वकीलों की ओर से अब सीबीआई में जारी अंतिम बहस की कार्रवाई पूर्ण की जा रही है, जो पूरी न होने के चलते अदालत ने डेरा प्रमुख को कल गुरूवार पुन: पेश होने के आदेश जारी किए हैं। पेशी के मद्देनजर जहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए वहीं डेरा प्रबंधन द्वारा भी भारी भीड़ अदालत परिसर के आस-पास जुटाई गई।
हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुुख की याचिकाओं को किया खारिज
     अपनी साध्वियों से यौन शोषण करने के आरोप में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इन्सां पर अदालत में अंतिम बहस जारी है। आरोपी डेरा प्रमुख के वकीलों की ओर से हाईकोर्ट में इसको लेकर तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की हुई थीं। याचिकाओं में गुहार लगाई गई थी कि सीबीआई अदालत द्वारा आरोपी पक्ष को और गवाहियां न करने देने के फैसले को बदला जाए। इसी के साथ अदालत में गुरमीत राम रहीम इन्सां के खिलाफ गवाही देने वाली साध्वियों की हस्तलिपि की फोरेंसिक जांच करवाई जाए ताकि तत्कालीन प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाली साध्वियों के बारे में पुख्ता जानकारी हो सके। इसके अलावा एक अन्य याचिका पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में डेरा प्रमुख की ओर से लगाई गई थी। तीनों याचिकाओं को स्वीकार करते हुए अदालत ने इस पर दोनों पक्षों की बहस सुनकर फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रखा था। बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए डेरा प्रमुख को झटका दिया। अदालत ने तीनों याचिकाओं को खारिज कर दिया और इसी के साथ निचली अदालत में चल रही कार्रवाई को तर्कसंगत ठहराया।
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हुर्रियत महिला नेता ने फहराया पाकिस्‍तानी झंडा, FIR दर्ज


     नई दिल्ली।। जम्मू-कश्मीर में एक ऐसा विडियो सामने आया है जिसमें एक महिला को भारतीय क्षेत्र में पाकिस्‍तान का झंडा फहराते हुए देखा जा सकता है। झंडा फहराने के बाद उस महिला ने पाकिस्‍तान का राष्‍ट्रीय गान भी गाया है। इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। जम्‍मू-कश्‍मीर में जब से पीडीपी और भाजपा गंठबंधन की सरकार बनी है, विवाद खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा को जहां संघ का आईना माना जाता है, वहीं पीडीपी को हुर्रियत का रहनुमा कहा जाता है।
   अलगाववादी नेता हुसैन फकतू की पत्नी आसिया अंद्राबी ने 23 मार्च को पाकिस्तान नेशनल डे के मौके पर श्रीनगर में कुछ महिलाओं के साथ पाकिस्तान का झंडा फहराया था। इस घटना के बाद पुलिस ने श्रीनगर में आसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
   अंद्राबी कश्मीर में अलगाववादी गुट ‘दुखतरन-ए-मिल्लत’ की प्रमुख हैं। इस संगठन पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगता रहा है। पाकिस्तान का झंडा फहराए जाने के संबंध में अासिया अंद्राबी ने कहा, ”हां, हमने पाकिस्तान का झंडा फहराया और वहां का राष्ट्रगीत भी गाया। हमें किसी का डर नहीं है।” जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अंद्राबी के खिलाफ गैरजमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरफ्तारी संभव है।
3:14 PM | 0 comments | Read More

राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु

     लखनऊ।। मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेश की आज लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। गौतमपल्ली थाना प्रभारी वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि हमें मध्य प्रदेश के राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव के बेटे शैलेश (50) की मौत की सूचना मिली थी। वह माल एवेन्यू स्थित आवास पर मृत पाये गये। 
   उन्होंने बताया कि शैलेश की मौत के कारणों का तत्काल पता नहीं लग पाया है। जांच के बाद ही इस बारे में पक्के तौर पर कुछ कहा जा सकता है। मालूम हो कि शैलेश का नाम मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में आया था।
2:58 PM | 0 comments | Read More

सोशल मीडिया पर सकारात्मक सोच का निर्भय प्रदर्शन करने वाले करोडो युवाओ को इस जीत के लिये बहुत बहुत बधाई

अभिव्यक्ति की आजादी 
    अभिव्यक्ति की आजादी मे युवाओं को डराने धमकाने के लिये सबसे ज्यादा दुरुपयोग हो रही धारा 66 ए को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने पर हमारे देश के बडे राजनीतिज्ञों की प्रतिक्रिया देखने लायक है।शरद यादव जो खुद संसद मे कई बार महिलाओ के लिये असभ्य और असंसदीय शब्द बोल चुके हैं, वे इसके रद्द होने से दुखी हैं। यही हाल आजम खान का है। इसे अमल मे लाने वाले कांग्रेसी भी जन दबाव मे इस कदम को दबी जुबान ठीक बता रहे हैं, केवल वाम दल और आप खुलकर इस आजादी का समर्थन कर रही है।शरद यादव और आजम खान सरीखे लोग शायद यही चाहते हैं कि कुछ भी कहने की असीमित आजादी सिर्फ इन्ही लोगो को होनी चाहिये, आम आदमी को नही।
    ये जानते हैं कि ये चाहे किसी को कुछ भी कहें पुलिस प्रशासन इनके रसूख के कारण इन्हे कुछ नही कहता लेकिन फेशबुक आदि पर यदि कोई युवक या युवती इन नेताओ के बारे मे सच भी बोलते हैं तो धारा 66ए के कारण ये लोग आम जनता को आधी रात गिरफ्तार करा देते थे।...........हमे याद रहना चाहिये कि मुम्बई की शाहीन और रिनी को किस तरह निर्ममता से रात मे थाने लाया गया था,कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को कार्टून मे व्यंग करने के लिये राष्ट्र दोही कहकर प्रताडित किया था।ममता बनर्जी का विरोध करने के लिये उनकी पुलिस ने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को कैसे प्रताडित किया था।और हाल मे आजम खान के इशारो पर कैसे एक छात्र को गिरफ्तार किया गया था।.......
   युवा अक्सर शोसल मीडिया मे राजनीतिक हस्तियो के कुकर्मो पर अपनी भडास निकालते हैं लेकिन इस धारा के कारण कई युवाओ की गिरफ्तारी से देश के युवाओ मे दहशत का माहौल था।हालत यह थी कि नेता चाहे कितने ही जहरीले बोल बोले,  दंगे भडकाने वाले आपराधिक ब्यान या भाषण दें, उनका कुछ नही होता था लेकिन जनता की जुबान पर ताला डालने के लिये पुलिस इस धारा के अंतर्गत बडी तत्परता दिखाती थी।अब यह भय बंद होगा और जनता नेताओ को अपनी भाषा मे सही जवाब दे सकेगी।.........इस मुकदमे को लडने वाली युवा वकील श्रेया सिंघल को भी दाद देनी चाहिये जिसने मुम्बई पुलिस द्वारा गिरफ्तार युवतियो के समर्थन मे आगे आकर पी.आई एल फाइल की थी।
    सौभाग्य से यह निर्णय करने वाले न्यायाधीश रोहिंटन एफ. नरीमन भी बधाई के पात्र हैं, जिन्हे युवावस्था मे ही अप्रतिम प्रतिभा के कारण सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया गया था।......यह खुशी की बात है कि हमारे देश के अनेक युवा अपने घर परिवार के झमेलो से समय निकालकर सामाजिक मुद्दो पर काफी सक्रियता दिखा रहे हैं,यदि यही सक्रियता हमारी आजादी के बाद की पीढियो ने दिखाई होती तो हालात इतने खराब न होते जैसे आज हैं।....सोशल मीडिया पर सक्रिय सकारात्मक सोच का निर्भय प्रदर्शन करने वाले करोडो युवाओ को इस जीत के लिये बहुत बहुत बधाई।....
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मनरेगा मे हुये घोटले की जांच के लिए नही मिले अभिलेख.....

सीबीआई को नहीं मिले दस्तावेज,जांच मे अायेगी दिक्कत...
    कौशाम्बी।। सूबे में करोड़ों के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ की मदद करने के बजाय स्थानीय प्रशासन आनाकानी कर रहा है। प्रदेश सचिव के निर्देश पर लोकसभा चुनाव के बाद सीबीआई को मनरेगा से जुड़े अभिलेख सौंपे तो गए, लेकिन आधे-अधूरे। इस पर सीबीआइ ने आपत्ति भी जताई थी। जिला प्रशासन ने खंड विकास अधिकारियों को जांच के लिए सभी अभिलेख जिला मुख्यालय तक भेजने का निर्देश दिया था लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।बताते चलें कि सूबे के विभिन्न जिलों में मनरेगा के तहत हुई धांधली की जांच सीबीआइ कर रही है। इनमें कौशांबी भी शामिल है।
    अदालत के निर्देश पर सीबीआइ ने सभी जिलों से मनरेगा से संबंधित दस्तावेज मांगा था। वर्ष 2007 से वर्ष 2010 तक कराए गए कार्यों के अभिलेख मांगे गए थे। प्रमुख सचिव की सख्त हिदायतों के मद्देनजर लोकसभा चुनाव के बाद कुछ अभिलेख रस्म अदायगी के लिए भेजे गए। सीबीआइ को इन दस्तावेजों में कुछनहीं मिला। इस पर उसने शासन को पत्र के जरिए बताया कि जो अभिलेख दिए गए हैं वह अधूरे हैं। महीनों बीत गए , लेकिन अभी तक ब्लाकों से अभिलेख जिला मुख्यालय नहीं आए, जबकि इसके लिए शासन ने समय सीमा भी तय की थी। इससे साफ है कि जिम्मेदार मनरेगा का अभिलेख देना ही नहीं चाहते हैं।जिलाधिकारी राजमणि यादव का इस प्रसंग में इतना ही कहना है कि यदि सीबीआइ को संपूर्ण अभिलेख नहीं मिले हैं तो शासन को जल्द ही अभिलेख उपलब्ध कराएं जाएंगे।
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हाईवे पर जाम लगाकर पुतला फूंका

'हाईवे पर जाम लगाकर पुतला फूंका

23 मार्च 2015बागपत : यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने मवीकलां गांव में दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे जाम कर दिया तथा नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।मवीकलां गांव में बस स्टैंड पर रविवार की सुबह लगभग 11 बजे काफी संख्या में अभ्यर्थी एकत्र हुए और यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थियों ने जाम खोलने से मना कर दिया और परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। पुलिस और अन्य लोगों के समझाने पर लगभग एक घंटा बाद जाम खोल दिया गया। इस दौरान कपिल, दिनेश, रमेश, विजय, सोनू आदि मौजूद थे।'    बागपत।। यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने मवीकलां गांव में दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे जाम कर दिया तथा नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।मवीकलां गांव में बस स्टैंड पर रविवार की सुबह लगभग 11 बजे काफी संख्या में अभ्यर्थी एकत्र हुए और यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थियों ने जाम खोलने से मना कर दिया और परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। पुलिस और अन्य लोगों के समझाने पर लगभग एक घंटा बाद जाम खोल दिया गया। इस दौरान कपिल, दिनेश, रमेश, विजय, सोनू आदि मौजूद थे।

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हाईकोर्ट ने आजम को थमाया नोटिस

     लखनऊ।। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ नोटिस जारी किया है। शिया धर्म गुरु कल्बे जव्वाद के समर्थक इमाम राजा हुसैन ने याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि बतौर विधायक उनका निर्वाचन भी अवैध घोषित करने की मांग की गई है साथ ही कैबिनेट मंत्री के पद से हटाने की भी मांग की गयी है। 
   इस याचिका के दायर होने के बाद कोर्ट ने आजम खां को नोटिस भेजकर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। जिसमें उनसे पूछा गया है कि लाभ के दो पदों पर बने रहने पर सवाल किया गया हैगौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री आजम खां मंत्री पद पर रहते हुए जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं। याचिका में सवाल उठाया गया है कि खां दो पदों पर बने नहीं रह सकते। यह पहला मौका नहीं है जब उनसे इस पर सवाल किया गया है इसके पहले भी कोर्ट ने 25 सितंबर को आजम खान को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया था।
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माकपा-तृणमूल कांग्रेस समर्थकों में झड़प, 1 की मौत

    वर्धमान।। पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के भातर में माकपा एवं तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच हुए संघर्ष में माकपा के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई है और चार अन्य घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक कुणाल अग्रवाल ने सोमवार को बताया, रविवार शाम संघर्ष में घायल हुए माकपा कार्यकर्ता मंगल हेम्ब्रम की वर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुबह मौत हो गई। 
   उन्होंने कहा कि संघर्ष उस समय छिड़ा, जब तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने भातर पुलिस थाना अंतर्गत कमरपारा में हेम्ब्रम एवं माकपा के अन्य कार्यकर्ताओं पर हमला किया। अग्रवाल ने बताया कि हत्या के आरोप में गांव से तृणमूल कांग्रेस के 11 समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। घायलों को वर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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'आप' पार्टी के चंदे में आई कमी

    नई दिल्ली।। इन दिनों आंतरिक कलह से जूझ रही आम आदमी पार्टी के चंदे में तेजी से कमी आ रही है। पार्टी की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार पिछले पखवाड़े में पार्टी को 18,76, 857 रुपये का चंदा मिला है। इन 15 दिनों के दौरान 11 मार्च को पार्टी को सबसे अधिक चंदा मिला। इस दिन पार्टी को 13,०3,862 रुपये का चंदा मिला। वहीं 1० मार्च को पार्टी को एक भी रुपये का चंदा नहीं मिला। 13 मार्च को लोगों ने आप पार्टी को मात्र 26,578 रुपये का चंदा दिया, जो 14 मार्च को बढ़कर 3,0, 7848 रुपये पहुंच गया। 15 मार्च को दोबारा से पार्टी के चंदे में भारी कमी आई और इस दिन मात्र 22,812 रुपये का चंदा मिला। वहीं 17 मार्च को पार्टी ने चंदे के तौर पर 2,15, 756 रुपये इकठे किए।
   इसके बाद लगातार चार दिनों तक पार्टी को कोई चंदा नहीं मिला। रविवार, 22 मार्च को शाम 6.3० बजे तक पार्टी को तीन दानदाताओं से केवल 125 रुपये चंदे के रूप में मिले। एक नवंबर 2०14 से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने 73 देशों में अपने 48,597 दानदाताओं से 21,1०,12,०57 रुपये का चंदा इक्क्ठा किया है। भारत में पार्टी को सबसे ज्यादा चंदा दिल्ली (45 फीसदी) से मिला। इसके बाद महाराष्ट्र, कर्ना टक, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से पार्टी ने चंदा इकठ्ठा किया। पार्टी को विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भी चंदा मिल रहा है।
1:07 PM | 0 comments | Read More

वेश्यालय पर छापा मार शर्मसार हुई पुलिस, मिले अपने ही साथी


    कोलकाता।। पश्चिम बंगाल पुलिस के लिए रेड लाइट एरिया में छापे के दौरान अजीबो गरीब हालात पैदा हो गए। पुलिस जब वहां पहुंची तो उसे वहां हत्या के मामले के एक अपराधी के साथ चार पुलिसवाले भी मिले। खबरों के मुताबिक इन पुलिसवालों पर इस कैदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी।
    जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस के इन चारों कांस्टेबल को इस हत्यारे कैदी का इलाज कराने के लिए झारखंड के कोडरमा उपकारा जेल से रांची के रिम्स अस्पताल भेजा गया था। वे कैदी को लेकर रिम्स पहुंचे भी। रिम्स में इलाज भी हुआ। लेकिन लौटते वक्त ये चारों पुलिसकर्मी कैदी को साथ लेकर वापस कोडरमा जेल ना आकर इन्होंने 206 किलोमीटर का चक्कर लगाते हुए पड़ोसी राज्य बंगाल के आसनसोल में रेड लाइट एरिया में पहुंच गए।
     सूत्रों के मुताबिक, इसी क्रम में आसनसोल पुलिस ने रेड लाइट एरिया में अचानक छापेमारी कर दी, जहां कोडरमा पुलिस के चार जवानों को रंगेहाथ पकड़ने में कामयाबी मिली, लेकिन इस बीच हत्या का अपराधी पुलिस से बचकर भागने में कामयाब रहा। खबरों के मुताबिक, चौंकाने वाली बात यह रही कि वह हत्यारा भागकर वापस झारखंड के कोडरमा जेल पहुंच गया और जेलर को घटना की पूरी बात बताई। वहीं, जब इस घटना की जानकारी कोडरमा के एसपी को मिली तो उन्होंने इलाज के लिए भेजे गए चारों जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
     इधर झारखंड के पुलिस महानिदेशक डीके पांडे ने भी इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि देश के सबसे गरीब राज्यों में शुमार झारखंड में नक्सलियों की गहरी पैठ है। राज्य में बीते कुछ वषरें में सुरक्षा में चूक के कई मामले सामने आए हैं।
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पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर अमेरिका ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली।। वाशिंगटन स्थित रणनीतिक विचारकों ने पाकिस्तान के सामरिक नाभिकीय रिपोर्ट में यहां तक कि शांति के समय में भी हथियारों की सुरक्षा को लेकर देश की क्षमता पर सवाल खड़ा किया है। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि उपमहाद्वीप में छोटे नाभिकी हथियारों की शुरूआत देश के भारत के साथ संबंधों के मद्देनजर संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। यह रिपोर्ट ऐसी समय में आई है, जब देश के परमाणु कार्यक्रमों की निगरानी करने वाली पाकिस्तान रणनीतिक योजना विभाग ने नकारात्मक एवं आतंकी प्रवृत्ति वाले कई लोगों पर कार्यवाई की बात स्वीकार की है।
   ब्रिगेडियर ताहिर रजा नकवी के मुताबिक ऐसे लोगों को फासी दी गयी है जिनके सुधरने की संभावना नही थी तथा वे उनसे राष्ट्र की सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी। अमेरिका की पाकिस्तान के सामरिक नाभिकीय हथियार : परिचालन मिथक एवं सच्चाई नामक रिपोर्ट में उपमहाद्वीप में नाभिकीय औजारों के युद्ध की उलझनों पर बड़े प्रश्न उठाए गये हैं। रणनीतिक औजारों के असमान सामरिक नाभिकीय हथियार बड़े क्षेत्र को नष्ट करने में सक्षम हैं। पाकिस्तान ने नासिर मिसाइल युद्ध के औजार के रूप में तैयार की है।
12:43 PM | 0 comments | Read More

ब्लैक सिटी ..

    क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां मर्दों को महिलाओं की गुलामी करनी पड़ती हैरत की बात तो यह है कि यहां महिलाएं पुरुषों को गुलामी के लिए ही रखती हैं यह देश ‘अदर वर्ल्ड किंगडम‘ है और यहां का शासन भी महिला के हाथ में है आपको बता दें कि यह देश 1996 में यूरोपियन देश चेक रिपब्लिक से बना था इस देश की रानी पैट्रिसिया-1 है, जिसका यहां एकछत्र राज चलता है हालांकि, इसे अन्य राष्ट्रों ने देश का दर्जा नहीं दिया है इस देश की राजधानी ब्लैक सिटी है।
    यहां की मूल नागरिक सिर्फ महिलाएं हैं और पुरुषों को जानवर ही समझा जाता है पुरुष गुलामों से ऊपर कुछ भी नहीं माने जाते हैं इस देश के निर्माण में दो मिलियन डॉलर (12 करोड़ रुपए) की लागत आई इस अनोखे देश में दूसरे देश से आने वाले पुरुषों को रानी के लिए सोफा या कुर्सी बनानी पड़ती है, जिस पर वह बैठती हैं यहां गुलाम को अगर शराब पीने को मिलती है तो वह मा‍लकिन के पैरों पर डाली जाती है और इसके बाद ही गुलाम इसे पी पाता है महारानी पैट्रिसिया-1 को ही देश के कानून में परिवर्तन करने का अधिकार है।


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यौन उत्पीडि़ताओं को समाज दोषी होने का अहसास कराता है - कोर्ट

     नई दिल्ली।। दिल्ली की एक अदालत ने एक संगीत शिक्षक द्वारा 13 वर्षीय छात्रा के साथ लगातार छेड़छाड़ का दोषी ठहराते हुए कहा कि स्वाभाविक ही है कि यौन उत्पी़डित अपने अभिभावकों पर भरोसा नहीं कर पातीं क्योंकि गुनहगारों की बजाए अक्सर उन्हें ही दोषी ठहराया जाता है। अदालत ने 29 वर्षीय शिक्षक क्रांति किरण की इन दलीलों को खारिज कर दिया कि लड़की ने कई महीने तक घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। अदालत ने कहा कि लड़की की गवाही जिरह के दौरान यथावत थी। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रिचा परिहार ने कहा, कि भारत जैसे देश में, बच्चे खासकर लड़कियों को यौन मुद्दों के बारे में बताया जाता है। 
    अक्सर ऐसा होता कि ऐसे अपराधों के शिकार बच्चों को ही अपराध के लिए कसूरवार ठहराया जाता है। इसलिए, स्वाभाविक है कि आरोपी की धमकियों के कारण पीडित ऐसी घटनाओं के बारे में अभिभावकों या दोस्तों को बताने से डरते हैं। अदालत ने संगीत और नृत्य शिक्षक को लगातार मर्यादा भंग करने और छात्रा को जान से मारने की धमकी देने का दोषी ठहराया। अभियोजन के मुताबिक, कक्षा आठ में पढ़ने वाली पीडिता अपने भाई के साथ छुट्टियों के दौरान संगीत और नृत्य कक्षा में शामिल हुई किरण उसे अलग से बुलाता और छेड़छाड़ करता था। किरण का दावा किया था कि लड़की के अभिभावकों ने उसे पंससाया क्योंकि वे शुल्क नहीं देना चाहते थे।
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केजरीवाल को आलोचना और मुझे चापलूसी पंसद नहीं-आप नेता

    नई दिल्ली।। आम आदमी पार्टी (आप) में उठते बगावती सुर अब आग में तब्दील होते दिख रहे है। पार्टी में एक के बाद एक आरोप, स्टिंग और अपनों की बेरुखी का सिलसिला चल पड़ा है। प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, राजेश गर्ग और शाहिद आजाद के बाद अब एक और 'आप' नेता राकेश पारिख ने पार्टी की कार्यशैली, बदलती नीति और 'केजरीवाल केंद्रित' होने का आरोप लगाया है। पारिख ने अपने ब्लॉग पर एक लेख के जरिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल से कई सवाल किए हैं।
    'अरविन्द ''आप" को क्या हो गया? शीर्षक से लिखे गए इस लेख में डॉ. राकेश पारिख ने केजरीवाल से सवाल किया है कि क्या पार्टी में अब सवाल पूछने का अधिकार किसी को नहीं है? उन्होंने शांति भूषण का जिक्र करते हुए लिखा है कि क्या 8० साल की उम्र में पार्टी के उस साधारण सदस्य को अपनी राय रखने का अधिकार नहीं है? पार्टी में गुटबाजी पर विरोध प्रकट करते हुए डॉ. पारिख ने चिट्ठी के अंत में लिखा कि वह यह बातें राष्ट्रीय परिषद में रखना चाहते थे, लेकिन उन्होंने अपनी बात कहने तक का मौका नहीं दिया गया।
12:34 PM | 0 comments | Read More

देश में पहला राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली साधन केंद्र शुरू

विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से
    नई दिल्ली।। विश्व स्वास्थ्य संगठन के भारत स्थित कार्यालय ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली साधन केंद्र की कल यहां शुरूआत की गई। यह केंद्र विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग केंद्र के रूप में काम करेगा और वरीयता मेडिकल डिवाइसेज एवं स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी नीति के रूप में कार्य करेगा। दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से आरंभ यह पहला केंद्र है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव बी पी शर्मा तथा भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ। 
   नाटा मेनाब्दे ने किया। इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि देश में वरीयता मेडिकल डिवाइसेज और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइसेज और उपकरणों के लिए विशेष नीति बनाना महत्वपूर्ण है जो पहले ही खरीदे जा चुके हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे हैं। डॉ.नाटा मेनाब्दे ने दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में पहले केंद्र के रूप में प्राथमिकता मेडिकल डिवाइसेज के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन केंद्र के रूप में निर्धारित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली साधन केंद्र के दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत में समुचित और उपयोग योग्य स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी की जरूरत है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे जिनमें अपर सचिव और मिशन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) निदेशक सी के मिश्रा, संयुक्त सचिव - नीति, मनोज झालानी, संयुक्त सचिव के एल शर्मा, संयुक्त सचिव नागेश प्रभू शामिल हैं।
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किसानों से हमदर्दी के बहाने राजनीतिक फसल बचाने जमीं पर उतरी सोनिया गांधी

हुड्डा के तव्वजों ने बढ़ाई तंवर की बेचैनी
    सिरसा।। लोकसभा चुनाव उपरांत निरंतर हिचकोले खा रही कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए किसानों के कंधों का सहारा लिया है। वर्तमान में किसान कुदरत की मार, सरकार की अनदेखी इत्यादि से जूझ रहे है, जिसका राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कांग्रेस सुप्रीमों सोनिया गांधी ने खुद झंडा उठाया है। कांग्रेस सुप्रीमों ने झज्जर, भिवानी, रेवाड़ी व करनाल के किसानों से उनके खेत खलिहानों में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी और उनके दर्द को समझा और उन्हें सान्तवना दी कि कांग्रेस हमेशा उनके साथ रही है और भविष्य में भी रहेगी। सोनिया ने किसानों के फसली नुकसान पर सान्तवना का मरहम लगाकर सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया है, वहीं कांग्रेस में भी जान डालने की कोशिश करते हुए कांग्रेसी दिग्गजों को संकेत दिया है कि लोगों के बीच जाए, ताकि उन पर खोया हुआ विश्वास पुन: बनाया जा सके, जिसकी जनता को फिलहाल जरूरत है। प्रदेश के हिंदी इलाकों में सोनिया गांधी ने किसानों को एक बहुत बड़े प्र्रभावी जाट वोट बैंक में दस्तक दी है, जहां से किसान भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर मोदी सरकार से खफा है।
    ओलावृष्टि से प्र्रभावित किसान के आंसू पोंछने से कांग्रेस उन्हें अपने साथ जोडऩा चाहती है। सान्तवना की राजनीति कांग्रेस की खिसकती राजनीतिक जमीन को कितनी मजबूती देगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को तव्वजों से मौजूदा कांग्रेस तंवर की बेचैनी बढ़ गई, जो पहले ही अपने नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर परेशान है। कांग्रेस सुप्रीमों के इस दौरे से किसान कितने लांभावित होंगे, यह तो भविष्य के गर्भ में है,मगर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समर्थकों के चेहरे जरूर खिल उठे है। प्रदेश में 15 कांग्रेसी विधायकों में से 14 को हुड्डा समर्थक माना जाता है, जबकि 80 प्रतिशत से ज्यादा कांग्रेसी दिग्गज हुड्डा के साथ देखे जा सकते है, मगर मौजूदा पार्टी प्रधान अशोक तंवर राहुल गांधी के करीबी होने की वजह से प्रदेश कांग्रेस को हिचकोले में रखे हुए है। सोनिया की हरियाणा यात्रा से किसानों को फायदा मिलेगा या नहीं, यह तो एक प्रश्र बना हुआ है, मगर हुड्डा के राजनीतिक कद में जरूर इजाफा हुआ है, ऐसी राजनीतिक पंडितों की सोच है। प्रदेश में चर्चा चल पड़ी है कि किसानों के बाद राजनीतिक ओलावृष्टि की चपेट में मौजूदा पार्टी नेतृत्व आ सकता है।
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टीएसपी क्षेत्र में जनसंख्या के आधार पर आरक्षित पदों पर होगी नर्सिंगकर्मियों की भर्ती - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

Written By News Today Time on Tuesday, March 24, 2015 | 8:23 PM

टीएसपी क्षेत्र की आपत्तियां भी एक सप्ताह में
    जयपुर/बांसवाडा।। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में आश्वस्त किया कि जनजाति उपयोजना (टीएसपी) क्षेत्र में नर्स ग्रेड द्वितीय एवं एएनएम की भर्ती टीएसपी-एससी, टीएसपी-एसटी की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर की जाएगी।
   श्री राठौड़ ने शून्यकाल में इस मामले पर उठाए गए मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने सोमवार को ही नर्स ग्रेड द्वितीय एवं एएनएम पदों के लिए 14 हजार 200 सफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की है। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी, 2013 को इस भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे गए थे। इनमें एनआरएचएम कर्मियों के लिए एक, दो एवं तीन साल की सेवावधि पूरी करने पर क्रमशः 10, 20 एवं 30 बोनस अंक देने का प्रावधान किया गया था। यह मामला हाईकोर्ट में चला गया और आदेश दिया गया कि इसमें एक, दो एवं तीन साल के लिए क्रमशः 5, 10 और 15 बोनस अंक ही दिए जा सकते हैं। इस मामले में तत्कालीन राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में एसएलपी दायर की।
    उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने नीतिगत निर्णय करते हुए एसएलपी वापस ले ली और भर्ती प्रक्रिया को शुरू किया। उन्होंने बताया कि जनसंख्या के अनुपात के आधार पर टीएसपी-एसटी के लिए 45 प्रतिशत एवं टीएसपी-एससी के लिए 5 प्रतिशत पद आरक्षित हैं और इसी आधार पर प्रोविजनल मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में परिवेदनाएं 29 मार्च तक दी जा सकती है। राज्य सरकार ने आने वाली परिवेदनाओं के निस्तारण के लिए मिशन निदेशक एनआरएचएम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की कमी-खामी पाई गई, तो उसे ठीक किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि टीएसपी क्षेत्र के अभ्यर्थियों के हक प्रभावित नहीं हों, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
   श्री राठौड़ ने बताया कि राज्य में 36 हजार 599 पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी आगामी 30 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।
नर्सिंगकर्मी भर्ती में आपत्तियों का निस्तारण होगा-चिकित्सा मंत्री
      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि नर्सिंगकर्मियों की भर्ती को लेकर यदि कोई आपत्ति है, तो एक सप्ताह की समयावधि में प्रस्तुत करें। चिकित्सा विभाग ऎसी आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण करेगा। श्री राठौड़ ने जारी एक वक्तव्य में स्पष्ट किया है कि अनुसूचित क्षेत्र (टीएसपी एरिया) के अभ्यर्थियों को भी यदि नर्सिंगकर्मियों की भर्ती के सम्बंध में कोई आपत्ति है, तो वे भी एक सप्ताह में अपनी आपत्ति विभाग को प्रस्तुत करें, जिनका निस्तारण अनुसूचित क्षेत्र के लिए बने सेवा नियमों में निहित प्रावधानों के अनुरूप किया जायेगा। 
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मेरा बस चले तो परीक्षा में किताब दे दूं

    बक्सर।। मैट्रिक परीक्षा में खुलेआम हो रही नकल को लेकर बिहार की पूरे देश में भद्द पिट रही है। हाई कोर्ट ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लेते हुए नकल रोकने के इंतजाम करने के निर्देश दिए। चारों ओर से हुई आलोचना के बाद राज्य सरकार भी नकल रोकने के लिए सक्रिय हुई, लेकिन इस सबके बावजूद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने अजीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा राज रहता तो हम परीक्षा में किताब दे देते। जो पढ़ा रहेगा, वही न लिखेगा। मेरे राज में पांचवीं और आठवीं में भी बोर्ड परीक्षा ली जाती थी। हम तो सब को परीक्षा में पूरी अजादी दे दिए थे। नकल के लिए छात्रों की पूरी किताब ही दे देते थे। लेकिन अब तो सब कुछ बदल गया है। बिहार की शिक्षा कैसी हो गई है, यह सभी देख रहे हैं। लोग तीन तल्ला पर चढ़कर नकल करवा रहे हैं। बक्सर के नावानगर स्थित बीपीएस हायर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल का उद्घाटन करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि सुपर 30 का संचालक चंद्रवंशी का लड़का है। निम्नवर्ग से आता है। आज वह पूरी दुनिया में नाम कमा रहा है।

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मुस्लिम थे साईं बाबा, बीफ (गोमांस) खाते थे - स्वरूपानंद

swaroopandna    वाराणसी।। द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि साईं बाबा मुस्लिम थे और बीफ खाते थे। उनके मुताबिक साईं बाबा लोगों की मौत होने पर फतीहा पढ़ा करते थे और हिंदुओं के खिलाफ षडयंत्र रचा करते थे।
    स्वरूपानंद ने आरोप लगाया कि ‘सबका मालिक एक’ गुरुनानक देव के शब्द थे साईं बाबा के नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार को साईं के मंदिर बनने का विरोध करना चाहिए। स्वरूपानंद के मुताबिक, साईं ट्रस्ट लोगों को बेवकूफ बना रहा है। उन्होंने कहा कि साई ट्रस्ट के 13 अलग-अलग बैंक अकाउंट हैं और उसके पास 13 बिलियन रुपये हैं।

   शंकराचार्य ने कहा,’अजमेर के दरगाह शरीफ और ताजमहल कें अंदर शिवलिंग है। मुस्लिम शासकों ने मंदिर ढहाकर उनकी जगह मकबरे बना दिए।’
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गौमांस खाने के बयान पर विवादों में घिरने के बाद एक्टर ऋषि कपूर ने ट्विटर पर सफाई दी


सोशल मिडिया पर आरोपों के बाद ऋषि कपूर ने दी सफाई कहा....
    गौमांस खाने के बयान पर विवादों में घिरने के बाद एक्टर ऋषि कपूर ने ट्विटर पर सफाई दी है। ऋषि कपूर ने ट्वीट किया कि हमारे देश में किस तरह से खान-पान को धर्म से जोड़कर हंगामा खड़ा किया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी फैमिली को अपशब्द कहे जा रहे हैं। यहां तक कि उन्हें गौ हत्यारा और नास्तिक भी कहा जा रहा है, ये एक तरह की बकवास चीज है।
   हालांकि ऋषि कपूर गौमांस खाने की बात से इंकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि वो भारत में गौमांस नहीं खाते हैं,लेकिन वो विदेश में ब्रीड केटल का बीफ खाते हैं जो खासतौर से इसी के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि भारत में मीट के लिए ब्रीड कैटल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।ऋषि ने बताया कि वो भारत में गौमांस कतई नहीं खाते हैं और न ही उनके घर में इसको खाने की इजाजत है। ऋषि के मुताबिक उनके 90 फीसदी हिंदू फ्रेंड्स गौमांस और इससे बनने प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं।हालांकि उन्होंने कहा कि वो बीफ के लिए गौमाता की हत्या नहीं कर सकते हैं।
    ऋषि ने उन पर किए जा रहे हमले को वेवजह बताया और कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से लिया गया। हर शख्स ने उनको निशाना बनाया। लेकिन उनके फैन्स ने उन्हें इस तरह की कंट्रोवर्सी को इग्नोर करने को कहा।
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पुलिस भर्ती में हो रहे धांदली को लेकर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन


    चंदौली।। सोमवार को जिले के सैकड़ो अभ्यर्थियों ने मुगलसराय तथा क्षेत्रों के अन्य जगहों पर पुलिस भर्ती में हो रहे धांदली को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए अखिलेश सक्रकार के विरुद्ध नारे बाजी की।
   अभ्यर्थियों का आरोप था की अपने पहचान वालों को लाभ पाहुचाने के लिए मनमाने ढंग से मैरिट लिस्ट के कम नंबर वालों को मेडिकल के लिए बुलाया गया है जब की ज्यादा नंबर वाले अभ्यर्थियों को बुलावा पत्र नहीं भेजा गया है जिससे योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में है। नौकरी की आस लगाए बैठे आक्रोशित अभ्यर्थियो ने सोमवार को पूरे नगर में भ्रमण कर प्रशासन विरोधी नारे लगाए।
   दूसरी ओर प्रशासन से नाराज शहाबगंज कस्बा के अभ्यर्थियो ने कर्मणाशा नदी पर पहुँच पूल पर ईंट-पत्थर रख कर जाम लगा दिया जिससे पूल के दोनों तरफ जाम लग गया। पुलिस द्वारा आश्वासान दिये जाने पर जाम समाप्त किया गया। इस दौरान अभ्यर्थियो का कहना था की अगर प्रशासन जल्द ही नहीं जागी तो हम न्यायालय से न्याय की गुहार लगाएंगे। 

 
 
(अमित जायसवाल)


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'आपत्तिजनक' पोजिशन में चलाई बाइक, चालान काटा

'aapattijanak' pojishan me chalai baik,chalan kata    पणजी।। सोशल मीडिया पर एक ऐसी पिक्चर वारयल हुई है, जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे। इसमें एक शख्स बिना पैंट पहने बाइक चला रहा है और बाइक की टंकी पर एक लड़की शॉर्ट ड्रेस पहनकर लेटी हुई है। यह घटना किसी बाहरी देश की नहीं, बल्कि भारत की है। दोनों की इस पोजिशन को 'आपत्तिजनक' बताते हुए सोशल मीडिया पर कई चुटकियां ली गईं। गोवा पुलिस ने मध्य प्रदेश के इस कपल का लापरवाही से गाड़ी चलाने के लिए 1000 रुपये का चालान काटा है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर छाई तस्वीर के आधार पर की गई। तस्वीर में गोवा के रजिस्ट्रेशन नंबर (GA - 07 F-2551) वाली स्प्लेंडर बाइक एक पुल पर एक ट्रक के पीछे चलती दिख रही थी। उसके ठीक पीछे एक और गाड़ी थी और तस्वीर उसी से खींची गई है। बाइक सवार कपल न सिर्फ बिना हेलमेट है, बल्कि उनकी पोजिशन भी काफी 'आपत्तिजनक' है। लड़के ने सिर्फ टीशर्ट पहनी है और नीचे मोजे पहन रखे हैं। उसकी पैंट गायब है। लड़की टंकी पर लेटी हुई है और उसने अपनी टांगों से बाइक सवार लड़के को जकड़ा हुआ है। दोनों के आगे और पीछे गाड़ियां हैं, जिससे हादसा भी हो सकता था। गोवा के लोगों ने सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की अव्यवस्था सही नहीं है। लोगों का कहना था कि टूरिज़म के नाम पर नियमों को ताक पर रखने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। सवाल उठाए गए कि पुलिस की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। इस तस्वीर को गोवा पुलिस के ट्रैफिक सेल के फेसबुक पेज पर भी अपलोड किया गया था। पुलिस ने तस्वीर से बाइक का नंबर लिया और अन्य जानकारियां जुटाने के बाद कपल की पहचान करके चालान काटा। फेसबुक और ट्विटर पर इस इमेज को लेकर कई तरह के कॉमेंट किए गए हैं। एक लड़की ने कहा, 'अगर गोवा के किसी शख्स ने ऐसा किया होता तो उसके ऊपर 1000 रुपये का फाइन लगता, मगर टूरिस्ट है तो छूट दी हुई है।' एक अन्य शरारती लड़के ने कॉमेंट किया है, 'एक ही वक्त पर दो चीज़ों की सवारी हो रही है।'
3:54 PM | 0 comments | Read More

सरकारी खर्चे पर चुनाव का विचार खारिज

   चुनाव आयोग ने सरकारी खर्च पर चुनाव कराने के विचार को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा है कि जब तक चुनाव प्रचार और राजनीतिक फंडिंग में पूरी तरह से सुधार नहीं किया जाता, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।
     चुनाव आयोग ने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए भी लागू नहीं की जा सकती, क्योंकि चुनावी खर्च की सही तरीके से जांच करना और इस पर नियंत्रण रखना संभव नहीं है। साथ ही साथ, चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि वह राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए सुधारों के साथ-साथ चुनाव प्रचार के लिए राज्य की सहायता के विस्तार के विचार के प्रति उदार रवैया अपनाया जा सकता है।
राजनीति में धन-बल पर जताई चिंता
      राजनीतिक वित्त के मुद्दे पर स्टेकहोल्डर्स के साथ 30 मार्च को होने वाली बैठक से पहले जारी एक परामर्श पत्र में आयोग ने राजनीति में धन बल के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कहा कि आम सभाओं और मीडिया में विज्ञापनों के मामले में चुनाव प्रचार के भारी खर्च चिंताजनक है। अगर धनी व्यक्ति और कॉर्पोरेट राजनीतिक इस उद्देश्य से विभिन्न दलों या उम्मीदवारों को धन देती हैं कि उनकी बातें वे सुनें, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को नजरअंदाज करता है।



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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, IT की धारा 66-A निरस्त, सोशल मीडिया में कमेंट पर अब गिरफ्तारी नहीं

    नई दिल्ली।। अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों में से एक को निरस्त कर दिया। यह धारा वेब पर अपमानजनक सामग्री डालने पर पुलिस को किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति देती थी।
    यानी अब यह साफ हो गया कि IT एक्ट की धारा 66A के तहत ना तो कोई केस दर्ज होगाऔर ना ही किसी की गिरफ्तारी हो सकेगी। यानी सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को लेकर किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी।
     कोर्ट ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ए से लोगों की जानकारी का अधिकार सीधा प्रभावित होता है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ए संविधान के तहत उल्लिखित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को साफ तौर पर प्रभावित करती है। कोर्ट ने प्रावधान को अस्पष्ट बताते हुए कहा, ‘किसी एक व्यक्ति के लिए जो बात अपमानजनक हो सकती है, वो दूसरे के लिए नहीं भी हो सकती है।’
    एक्ट में गिरफ्तारी के प्रावधान को चुनौती दी गई थी। यह याचिका श्रेया सिंघल ने दायर की थी जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया। याचिकाकर्ता श्रेया सिंघल ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बेहद खुश है। सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट की धारा 66A को निरस्त करते हुए इस धारा को संविधान का उल्लंघन करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह धारा मूल अधिकार का उल्लंघन है।





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राधाकृष्ण के मंदिर में चोरो ने लगाई सैंध, ले उड़े भगवान की मूर्ति

   ग्वालियर।। बहोड़ापुर थाना अंतर्गत राधाकृष्ण के मंदिर में अज्ञात चोरो ने बीती रात मंदिर के पीछे की दिवार को तोड़ कर मंदिर में रखी भगवान की मूर्ति व छत्र ले उडे़ चोरी की धटना का पता जब चला कि सुबह जब लोग भगवान के दर्शन करने मंदिर पहुॅचे । मूर्ति चोरी की खबर लगते ही बहोड़ापुर पुलिस मौके पर पहुॅंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी। चोरी की धटना के बाद हिन्दू महासभा ने मौके पर पहुॅंचकर नाराजगी दर्ज कराई हिन्दू महासभा का कहना है कि यह चोरो का नही किसी असमाजिक तत्वों का काम हैं जो हिन्दू समाज को अपमानित करने का काम कर रहे। है।
     एएसपी दिनेश कौशल ने बताया कि चोरी के मामले में कुछ सग्दिध लोगो से पुछताछ की जा रही है जल्द ही मूर्ति चोरी के आरोपी पकड़े जाऐगे।

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आस्था के साथ खिलवाड़ पसंद नहीं: योगी


अरूधंति पर साधा निशाना
    गोरखपुर।। भाजपा सभी धर्म और वर्ग को एक साथ लेकर चलती है। वह न तो अपनी धार्मिक भावना से किसी को खिलवाड़ करने देती है और न ही दूसरी जाति-धर्म के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करना पसंद करती है। सभी की सुरक्षा पार्टी की प्रतिबद्धता है। कश्मीर की स्थिति पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर बीजेपी की जो जीरो टोलरेंस की प्रतिबद्धता है, वह स्पष्ट है। हम राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ बर्दास्त नहीं करेंगे। बातचीत से यदि किसी समस्या का समाधान हो सकता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। यदि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी ने दुस्साहस किया तो उसका हाल भी आप कश्मीर में देख रहे हैं। आतंकी मार गिराए जा रहे है। गोरखपुर में एम्स और फर्टिलाइजर कारखाना के बारे में बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि सभी प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। गोरखपुर में एम्स और फर्टिलाइजर कारखाना जल्द स्थापित हो। सांसद योगी ने कहा कि 25 मार्च 2015 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर विश्वस्तरीय गोरखपुर रेलवे स्टेशन से तीन नई रेलगाडियों को केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा हरी झंडी दिखाएंगे। गोरखपुर से दिल्ली और गोरखपुर से पुणे जाने वाले साधारण श्रेणी के यात्रियों के लिए दोनों जनसाधारण ट्रेनें साप्ताहिक जनसाधारण एक्सप्रेस के रूप में, जबकि गोरखपुर से नौतनवा तक एक सवारी गाड़ी रोजाना चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से पूर्वांचल के यात्रियों खासकर दिल्ली और पूना जाने वालों को सहूलियत होगी। सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि अरूधंति तो महात्मा गांधी को गालियां देती हैं और यासीन मलिक जैसे देश के गद्दारों की पूजा करती हैं। योगी ने अरुंधती के एक बयान का समर्थन भी किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गांधी जी चाहते तो भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की फांसी टल सकती है। आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले मे संकीर्णता दिखाई थी और क्रांतिकारियों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी की थी।

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इस बार आर्मी ड्यूटी लिखे ट्रक में भरे मिले पशु

45 गायें और एक बैल बरामद, जिनमं 16 गायें मृत व चार मरणासन्न मिलीं
पशु तस्करों ने पीछा कर रही पुलिस जीप में साइड मारने की कोशिश की

     कटरा/शाहजहांपुर।। सोमवार तड़के कटरा पुलिस ने पशु तस्करों को एक और बड़ी चोट देते हुए गाय बैल से भरा ट्रक पकड़ लिया। इस बार पशु तस्करों ने पुलिस की आंख में धूल झोंकने का नायाब तरीका निकालते हुए ट्रक पर आर्मी ड्यूटी लिखी स्लिप लगी थी। पशु तस्करों ने पीछा कर रही पुलिस जीप में कई बार ट्रक की साइड मारने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस से पीछा न छुड़ा पाने पर ट्रक को छोड़कर भाग गए। ट्रक में 45 गायें व एक बैल मिला, जिनमें से 16 गायें मृत व चार मरणासन्न हालत में मिलीं। खास बात यह है कि पशुओं से भरे यह ट्रक अल्हागंज, जलालाबाद और मदनापुर पुलिस से डील करते हुए निकल आते हैं और कटरा पुलिस की मुस्तैदी से पकड़े जाते हैं।
     तड़के करीब साढ़े तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि जलालाबाद की तरफ से पशुओं से भरा ट्रक आ रहा है। जिस पर एसओ नरेंद्र यादव, एसआई रामनरेश, कांस्टेबल जलालुद्दीन, अशोक व विजेंदर ने खैरपुर चैराहे के पास घेराबंदी कर ली। पुलिस टीम को देखने के बाद चालक ने ट्रक की गति बढ़ा दी। जान बचाने के लिए पुलिस ने ट्रक को रास्ता दे दिया और पीछा शुरू कर दिया। पुलिस ने आठ किमी तक तस्करों का पीछा किया। इस बीच कई बार ट्रक ने पुलिस जीप को साइड मारने का प्रयास किया। आखिरकार पीछा छूटते न देखकर तस्करों ने हाईवे पर नवदिया मोड़ के पास ट्रक छोड़ दिया और फरार हो गए। पशुओं से भरा ट्रक पकड़े जाने की सूचना पाकर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर आ गए। ट्रक के सीसे पर आर्मी ड्यूटी का पम्पलेट लगा था। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने पशुओं को ट्रक से नीचे उतरवाया। जीवित पशुओं को ग्रामीणों को बांट दिया गया। जिन पशुओं की हालत ज्यादा खराब थी, उनका उपचार कराया गया। सभी मृत 16 गायों के शव दफनवा दिए गए। मार्च माह में कटरा एसओ द्वारा पशुओं से भरे पांच ट्रक पकड़े जा चुके हैं।
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यूपी में भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद, राज्यपाल का आदेश भी नही माना


    बदायूं।। प्रदेश के जिला बदायूं में जहां से धर्मेन्द्र यादव सांसद है, जो मुलायम सिंह के भतीजे है, उस जिले के कुछ एक अधिकारी जमकर शासन द्वारा विकास हेतु दी गयी धनराशि की लुटाई करने पर लगे हुए है इनको उच्चाधिकारियों का पूर्ण सरक्षण प्राप्त होने के कारण से इनके विरुद्ध कार्यवाही नहीं हो पाती। कागजो में विकास कार्य गुणवत्तावार नियमानुसार दर्शाये जाते रहे है पर वास्तविकता में निकलता और दीखता कुछ और ही है। यदि भ्रस्टाचार की सूक्षम और पारदर्शी जांच हो जाये तो इन भरष्टाचारियो से जेल भर जाएंगी और इनकी सीमाये कम दिखाई जान पड़ेंगी।
    स्पेशल कवरेज के सामने एक चौकाने वाला प्रकरण सामने आया कि आम आदमी के एक कार्यकर्त्ता राजेश चौधरी ने नगर पंचायत इस्लामनगर (बदायूं ) के अधिशासी अधिकारी ने चेयर मैन वीरेंदर (लीडर ) के साथ अपने कार्यकाल में जमकर शासन की धनराशि की लूट की है | सूचना की मांग जनसूचना अधिकार अधिनियम २००५ के मांग की जिसकी आपत्ति रहित सूचना आज तक उपलब्ध नहीं करायी गयी| आधिकारिक स्तर पर इनके द्वारा पत्रावलियां दबवाई जाती रही, जानकारी के साथ शासन तक को आग्रह किया गया कि जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये पर नतीजा शून्य ही रहा जिस पर चौधरी के द्वारा हार थक के उत्तरप्रदेश के राज्यपाल को शपथ पत्र के साथ सलग्नक लगा कर परिक्षण और विधिक कार्यवाही की प्रार्थना की गयी जिस पर इनके अनुसचिव /जनसूचना अधिकारी राजयपाल सचिवालय यू पी लखनऊ के पात्र -पि आई ओ -६५ /जी एस दिनांक १५/१/१५ एवं अनु सचिव उत्तरप्रदेश शासन नगर विकास अनुभाग -१ लखनऊ के पत्र एम इस -१० ९/१/१५ -३३ सा /२०१५ दिनांक २०/१/१५ द्वारा जिला अधिकारी बदायूं को प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए| जिस पर जिला अधिकारी ने उपजिलाधिकारी को नामित किया गया जिस पर राजेश ने आपत्ति कर जांच अधिकारी बदलने की मांग की जिस पर जिला अधिकारी ने वास्तविकता कर पुनः से दुसरे अधिकारी जिला राजस्व अधिकारी और अवर अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा अम्बियापुर को जांच अधिकारी नामित किया साथ ही कहा गया की शिकायती पत्र में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराये।
      शिकायतकर्ता का कहना है कि यह जिला अधिकारी सिर्फ कागजी घोड़े ही दोडा रहे है इन जांच अधिकारियों के द्वारा जांच का नाटक ही किया जायेगा यदि यह जांच अधिकारी शासन से वफादारी करते है तो प्रभारी अधिशसि अधिकारी /चेयरमैन /ठेकेदार /सामग्री विक्रेता सभी सलाखों के पीछे दिखाई देंगे। अब हम सिर्फ इस इंतज़ार में है क़ि ये कैसी जांच कर कार्यवाही करते है ? यदि जांच जनहित और राजकोष हित में नहीं की जाती है तो मुझे माननीय लोकायुक्त और हाई कोर्ट की शरण में जाना होगा जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो दोषियों के विरुद्ध संवैधानिक कार्यवाही हो सकेगी और जनता को न्याय और दोषियों को जेल मिलेगी मेरी कोशिश अंत तक यही रहेगी। राजेश के कथनो से लगता है कि यदि देश का प्रत्येक आम आदमी भ्रस्टाचार के विरुद्ध लड़ाई अंत तक लड़ने ठान ले तो देश भर का समाज भ्रष्टाचार मुक्त जल्द हो ही जायेगा।
12:21 PM | 0 comments | Read More

आरजेडी शासन में नकल के लिए किताब देते थे - लालू

     पटना।। आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के अजीबोगरीब बयान दिया है। बिहार में दसवीं के इम्तेहान में नकल की तस्वीरें सब ने देखीं। बेधड़क होने वाले नकल पर जब लालू यादव से सवाल पूछा गया तो उन्होंने और भी अजीब बयान दिया। लालू यादव ने कहा कि क्या आपने आरजेडी शासन में कभी नकल की बात सुनी उन्होंने कहा कि नहीं सुनी होगी क्योंकि हम तो छात्रों को पूरी किताब ही दे देते थे। 
   खुलेआम होते नकल को रोकने की बजाय मुद्दे की गंभीरता को समझने की बजाय लालू यादव जो कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं ऐसे लापरवाह बयान दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को समझने की बजाय उसका मजाक बना रहे हैं। बड़ा सवाल है कि क्या ऐसे नेताओं की वजह से ही बिहार में नकल नहीं रुक रही। नेताओं के ऐसे बयान ही क्या नकल को बढ़ावा देते हैं। ऐसे कैसे देश सुधरेगा। ऐसे कैसे हमारी शिक्षा व्यवस्था सुधरेगी। ऐसे कैसे बेहतर होंगे हमारे बच्चे।
10:58 AM | 0 comments | Read More

साधु ने नेत्रहीन महिला को बनाया हबस का शिकार

     बलिया।। उत्तर प्रदेश में बलिया जिले में एक शर्मसार करने वाले मामला सामने आया है। यहां हल्दी थाना क्षेत्र में एक साधु ने एक नेत्रहीन विवाहिता को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की और विरोध करने पर उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक के सी गोस्वामी ने सोमवार को बताया कि हल्दी थाना क्षेत्र में बाबा धर्मदेव उर्फ बिरजू नाम का एक साधु इसी इलाके में ब्याही एक 22 वर्षीय नेत्रहीन महिला को अंधेरेपन से निजात दिलाने का झांसा देकर कल शाम अपनी कुटी पर ले गया और उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा। 
   उन्होंने पीडिता की शिकायत के हवाले से बताया कि प्रतिरोध करने पर बाबा ने एक धारदार हथियार से उस पर जान लेने की नीयत से हमला कर दिया। गोस्वामी ने कहा कि पीडि़ता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके कथित साधु को गिरप:तार कर लिया गया है, जो कि मूलत: झारखण्ड राज्य का रहने वाला है।
10:55 AM | 0 comments | Read More

इस कोड से पता चलेगा कितना खतरनाक है आपका मोबाइल

    घंटों आप से चिपककर रहने वाला आपका मोबाइल हैंडसेट आपके लिए कहीं ‘साइलेंट किलर’ तो साबित नहीं हो रहा। चाइनीज समेत कई नामी ब्रांड के ऐसे मोबाइल हैंडसेट की बाजार में भरमार है जिनसे निकलने वाला रेडिएशन मानक से अधिक है। रेडिएशन जांचने के लिए *#07# डायल करें। यह नंबर डायल करते ही मोबाइल स्क्रीन पर रेडिएशन वैल्यू आ जाएगी।
     अंतर्राष्ट्रीय एवं भारतीय मानक के अनुसार मोबाइल फोन का रेडिएशन लेवल 1.6 वाट/किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। मगर प्रतिस्पर्धा के दौर में तमाम कंपनियां कम कीमत पर मोबाइल हैंडसेट बाजार में लाने के लिए मानक की अनदेखी कर रही हैं।
    सेल्युलर टेलीकम्यूनिकेशन एंड इंटरनेट एसोसिएशन के अनुसार सभी मोबाइल हैंडसेट पर रेडिएशन संबंधी जानकारी देनी जरूरी है। मगर तमाम कंपनियां इसे नजरअंदाज कर रही हैं।
    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी (निलेट) के सीनियर साइंटिस्ट निशांत त्रिपाठी के मुताबिक मानक से अधिक रेडिएशन वाले इन मोबाइल हैंडसेट से सुनने की क्षमता कम होने से लेकर मानसिक अवसाद समेत कई तरह की घातक बीमारियां होने की आशंका रहती है।
     इंडियाज नेशनल स्पेसिफिक एब्जॉर्बशन रेट लिमिट (आईएनएसएआरएल) के अनुसार भी मोबाइल के रेडिएशन का मानक अधिकतम 1.6 वाट प्रति किलोग्राम तक ही होना चाहिए।
विशेषज्ञ के सुझाव
- देर तक लगातार एक कान की तरफ से बात न करें
- चार्ज करने के लिए लगाकर मोबाइल पर बात न करें, इस दौरान रेडिएशन लेवल 10 गुना तक बढ़ जाता है।
- सिग्नल कमजोर हो या फिर बैट्री डिस्चार्ज होने पर भी बात करने से परहेज करें। इस दौरान रेडिएशन लेवल बढ़ जाता है।
- संभव हो तो ज्यादा से ज्यादा हेड फोन का इस्तेमाल करें।
10:53 AM | 0 comments | Read More

विदेशी जेलों में कैद 6,300 भारतीय

Written By News Today Time on Monday, March 23, 2015 | 9:19 PM

     नई दिल्ली।। दुनिया के 72 देशों के जेलों में 6 हजार 200 से अधिक भारतीय कैद हैं, सबसे अधिक 1,508 भारतीय कैदी सउसदी अरब के जेलों में बंद हैं। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा को जानकारी दी थी कि विदेशी जेलों में मछुआरों समेत 6,290 भारतीय नागरिक विभिन्न मामलों के अंतर्गत कैद किए गये हैं।
   उन्होंने बताया कि भारत ने देशों के साथ सजायाफ्ता कैदियों को स्थानान्तरित करने के लिए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया है एवं संधि के प्रावधानों के अंतर्गत विदेशी जेलों से 45 भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है। सिंह ने बताया कि सऊदी अरब के जेलों में सबसे अधिक 1,508 भारतीय कैद हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात में 785, नेपाल में 614, ब्रिटेन में 437 एवं पाकिस्तान में 352 भारतीयों को कैदी बनाया गया है। मंत्री द्वारा उपलब्ध कराए गये आंकड़ों के मुताबिक नौ खाड़ी देशों बहराइन, ईरान, ईराक, कुवैत, ओमान, कतर एवं यमन में कुल 2,909 भारतीय नागरिक कैद हैं। आस्ट्रेलिया, साइप्रस, इजिप्ट, जापान, डेनमार्क, फ्रांस, ग्रीस एवं मारीसस में भी कई भारतीय नागरिक जेलों में बंद हैं।
9:19 PM | 0 comments | Read More

काले धन पर लगेगा बाजार मूल्य के हिसाब से जुर्माना

     नई दिल्ली।। अगर आप विदेश में काले धन या अन्य मकान, दुकान के मालिक हैं और भारत सरकार को इस बात की जानकारी नहीं है तो आप सतर्क हो जाएं विदेश में जमा अघोषित आय और आस्ति का खुलासा करने वाले भारतीयों से उस संपत्ति के खरीद मूल्य नहीं बल्कि मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से कर व जुर्माना वसूल किया जाएगा।००केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये काला धन विधेयक में प्रावधान है। 
   हालांकि, कर व जुर्माना लगाते समय करदाता द्वारा संबंधित संपत्ति की खरीद पर किये गये आंशिक खुलासे को ध्यान में रखा जाएगा। अघोषित विदेशी आय और आस्ति (कर अधिरोपण) विधेयक, 2०15 कहता है कि विदेश संपत्ति पर कर देनदारी की गणना उसके मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से की जाएगी।
9:17 PM | 0 comments | Read More

'लापता राहुल गांधी की तलाश, इनाम का ऐलान'

     लखनऊ।। बुलंदशहर कोतवाली में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गुमशुदगी तहरीर के बाद रविवार को नगर के कई स्थानों पर 'लापता राहुल की तलाश ' के पोस्टर चस्पा कर दिए गए। पोस्टर में तलाश करने वालों को उचित इनाम देने का भी ऐलान किया गया है। अपने नेता के पोस्टर चस्पा होने से कांग्रेसियों में रोष है।
   पिछले दिनों भाजपाइयों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गुमशुदगी की तहरीर शहर कोतवाली में देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी। रविवार को कालाआम चौराहा, रेलवे स्टेशन व रोडवेज सहित सार्वजनिक स्थानों पर 'लापता राहुल की तलाश के पोस्टर चस्पा कर दिए। पोस्टर में आठ युवाओं के नाम लिखे हैं। हालांकि किसी संस्था या पार्टी का नाम नहीं है। लिखा है कि लापता राहुल को ढूंढने वालों को उचित इनाम दिया जाएगा। इससेे से कांग्रेसियों में खलबली मची है। कांग्रेस इसे भाजपा की करतूत बता रही है लेकिन भाजपा ने इससे इंकार किया है।
     जिलाध्यक्ष कांग्रेस सुभाष गांधी का कहना है कि इस तरह की करतूत भाजपा ही कर सकती है। भाजपा को राहुल गांधी की ङ्क्षचता की बजाय देश की ङ्क्षचता करनी चाहिए। भाजपा के इस कृत्य की जितनी भी ङ्क्षनदा की जाए कम है। एसपी सिटी राजेश कुमार ने कहा कि हमें तो कोई जानकारी नहीं है। शिकायत हुई तो कार्रवाई की जाएगी।


9:13 PM | 0 comments | Read More

आप विधायक गोयल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

2008 में दंगे भड़काने के आरोप में हाजिर नही होने पर कोर्ट की कार्रवाई
    नई दिल्ली।। आम आदमी पार्टी (आप) के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने मुश्किलें बढ़ा दी है। दिल्ली विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल के खिलाफ कोर्ट ने वर्ष 2008 में दंगे भड़काने के आरोप में गिरप:तारी का वारंट जारी किया है। इस मामले उन्हें कोर्ट में पेश होना था, लेकिन उनके कोर्ट में हाजिर नहीं होने की वजह से कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। 
    गोयल को कोर्ट ने 12 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने को कहा था। लेकिन वो कोर्ट में पेश नहीं हुए। दिल्ली पुलिस ने 21 अन्य लोगों के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में भाजपा के नेता हर्षवर्धन, जगदीश मुखी और आरती मेहरा भी शामिल हैं। हालांकि गोयल को 10000 का निजी मुचलका भरने पर जमानत मिल सकती है।
9:12 PM | 0 comments | Read More

‘लापता’ हुईं बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ, तलाश में जुटी जांच एजेंसियां!

   मुंबई।। बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ सोमवार सुबह से मिसिंग है! खबरों के मुताबिक, कैटरीना और उनके पीआर पर्सन को कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों के मोबाइल पहुंच से बाहर होने की वजह से इनसे कांटेक्ट नहीं हो पा रहा है।
    एक लीडिंग वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कैटरीना के करीबी सूत्र ने यह बताया है कि वे पिछले काफी दिनों से गूगल मैप्स में महाराष्ट्र के पास स्थित किसी जगह के बारे में जानकारी प्राप्त करने में लगी थीं। फिलहाल, यह पता नहीं चल पाया है कि कैट कहां गई हैं और कब तक लौटेंगी।
    जांच एजेंसियों ने भी कैट को ढूंढना शुरू कर दिया है। वे सेल ट्रैकर की मदद से कैटरीना की लोकेशन ढूंढने में लग गए हैं। इस बीच, कैट के फैन्स और शुभचिंतक उनके सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।
   #katrinamissing सोमवार सुबह से ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। ट्विटर पर कैटरीना को लेकर अलग-अलग तरह के ट्वीट्स किए जा रहे हैं। कुछ लोग कैट की वापसी की कामना कर रहे हैं, तो कुछ इसे पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए उनका मजाक उड़ा रहे हैं।
8:05 PM | 0 comments | Read More

केंद्रीय मंत्रियों की यात्राओं पर खर्च हुए 317 करोड़

    मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले साल में कुल 317 करोड़ रुपये यात्राओं पर खर्च किए। यह यूपीए-2 के कैबिनेट द्वारा पिछले साल यात्राओं पर खर्च की गई राशि 258 करोड़ रुपये से 59 करोड़ रुपये ज्यादा है। लेकिन यदि यूपीए सरकार के पिछले पांच सालों का औसत निकाला जाए, तो मोदी सरकार का यात्रा खर्च पिछली सरकार के लगभग बराबर ही है।
     नवभारत टाइम्‍स की खबर के अनुसार, इस राशि में कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा यात्रा पर किया गया खर्च और प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति द्वारा यात्रा के लिए इस्तेमाल किए गए विमानों की देखरेख का खर्च भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के पहले साल में अपने मंत्रियों से कहीं ज्यादा यात्रा की है। फिलहाल सरकार के यात्रा खर्चे में कोई कटौती होती नहीं दिख रही, क्योंकि 2015-16 के बजट में पहले ही इस मद के लिए 269 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा चुका है।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 65 सदस्यीय मंत्री परिषद के वेतन और अन्य भत्तों पर इस साल कुल मिलाकर 14 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो कि 75 सदस्यीय यूपीए कैबिनेट के लगभग बराबर है। हालांकि पीएमओ के खर्चे की बात करें तो यह यूपीए सरकार के आखिरी साल के 31 करोड़ रुपये के मुकाबले 2014-15 में बढ़कर करीब 40 करोड़ रुपये हो गया। पांच सालों के दौरान (2009-14) यूपीए-2 सरकार ने अपने मंत्रियों और अतिमहत्‍वपूर्ण व्‍यक्तियों की यात्रा पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए थे। यदि इसमें नौकरशाहों का यात्रा खर्च भी जोड़ लिया जाए, तो यह मंत्री परिषद द्वारा किए गए खर्च का लगभग दोगुना हो जाता है। उदाहरण के तौर 2011-12 में यूपीए के मंत्रियों और बाबुओं का यात्रा खर्च 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा था। इसमें मंत्रियों की यात्रा पर 679 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिसमें एयर इंडिया को पिछले सालों के बकाया भुगतानों का भी खर्च शामिल है।



6:31 PM | 0 comments | Read More

क्या मानव संसाधन मंत्रालय का नाम और नीति, दोनों बदलने की आवश्यकता है

     मानव संसाधन मंत्रालय ने सुझाव मांगे हैं कि उसकी भाषा-नीति क्या हो? मेरा सबसे पहला सुझाव यह है कि इस मंत्रालय का नाम बदलिए। इस मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय से बदलकर मानव-संसाधन मंत्रालय किसने रखा था? क्या आपको कुछ याद पड़ता है? यह नाम बदला था, राजीव गांधी की सरकार ने! बेचारे राजीव से यह आशा करना कि वे इस फर्क को समझ पाए होंगे, यह उनके साथ ज्यादती ही होगी। वे खुद सिर्फ मैट्रिक पास थे और उन्होंने हमारे एक साथी पत्रकार को दी भेंट-वार्ता में खुद स्वीकार किया था कि मेट्रिक पास करने के बाद उन्होंने एक भी किताब कभी नहीं पढ़ी थी। इस मंत्रालय का नाम भ्रष्ट करके इसका पहला मंत्री किसे बनाया गया था? पीवी नरसिंहराव को, जो सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे मंत्री थे। जब मैंने उनसे कहा कि आप इसका विरोध क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा यह हमारी (कांग्रेसी) संस्कृति के खिलाफ है। मनुष्य को साधन बनानेवाला मंत्रालय भारतीय तो हो ही नहीं सकता। भारत में तो मनुष्य साध्य है, साधन नहीं। 
   नरेंद्र मोदी तो राष्ट्रवाद का झंडा उठाए हुए हैं। अगर वे इसका नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा? सिर्फ नाम बदलने से भारत की शिक्षा-नीति पटरी पर नहीं आएगी। उसके लिए जरुरी है कि नीति भी बदली जाए। भाषा-नीति सबसे पहले बदलें। 
    देश के सभी बच्चों को मातृभाषा 1 वीं कक्षा तक अनिवार्य रुप से पढ़ाई जाए। सभी विषयों की पढ़ाई का माध्यम भी मातृभाषाएं ही हों। जो स्कूल विदेशी भाषा के माध्यम से पढ़ाएं, उनकी मान्यता समाप्त की जाए और उन्हें कठोर सजा दी जाए। 1 वीं कक्षा तक देश के सभी बच्चों को राष्ट्रभाषा (हिंदी) भी अनिवार्य रुप से पढ़ाई जाए। जिनकी मातृभाषा हिंदी है, उन बच्चों को कोई भी एक अन्य भारतीय भाषा भी अनिवार्य रुप से पढ़ाई जाए। 10 वीं कक्षा तक किसी भी बच्चे पर कोई भी विदेशी भाषा थोपी नहीं जाए। यह हुआ द्विभाषा-सूत्र! अब आता है, त्रिभाषा-सूत्र! 10  वीं के बाद छात्र-छात्राओं को विदेशी भाषाओं के पढ़ने की छूट होनी चाहिए। वे अपनी इच्छा से जो भी भाषा पढ़ना चाहें, पढ़ें। चीनी, रुसी, अंग्रेजी, जर्मन, फ्रांसीसी, हिस्पानी, जापानी आदि। कोई एक विदेशी भाषा को एक विषय के तौर पर पढ़ें। उसका पढ़ना भी अनिवार्य कतई नहीं होना चाहिए। जिसको जिस देश से व्यवहार करना हो, वह उसकी भाषा पढ़े। कोई एक विदेशी भाषा सभी छात्रों पर क्यों लादी जाए? यह तभी संभव है जबकि भारत के राज-काज और घर-द्वार-बाजार से अंग्रेजी हटे। यदि इन स्थानों पर से आप अंग्रेजी नहीं हटाएंगे तो शिक्षा में वह लदी रहेगी, जैसे कि वह पिछले 68 साल से लदी हुई है। और तब शिक्षा मंत्रालय मानव संसाधन मंत्रालय ही बना रहेगा।
6:26 PM | 0 comments | Read More

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