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डीएम के साथ सेल्फी पर युवक को जेल भेजने का मामला HOT

Written By News Today Time on Friday, February 5, 2016 | 9:00 PM

    प्रदेश के बुलंदशहर में एक युवक के बिना अनुमति के जिलाधिकारी बी. चंद्रकला के साथ सेल्फी पर जेल भेजे जाने का प्रकरण तूल पकड़ चुका है। इस मामले में बुलंदशहर की जिलाधिकारी बी. चंद्रकला के दावों की पोल खुल...जिस फराज को जेल में डाल दिया गया था, वह जिलाधिकारी बी. चंद्रकला से परिचित था। डीएम ने फराज के गांव कमालपुर को डीएम ने गोद लेने की घोषणा की थी। गांव में जिलाधिकारी ने खुद जाकर कई बार स्थलीय निरीक्षण भी किया था। इस मामले में उनकी प्रधान के साथ बात भी हो चुकी थी। गांव के प्रधान के साथ रहने वाला फराज भी डीएम से न सिर्फ कई बार मिला है, बल्कि डीएम के साथ उसकी कई फोटो भी हैं। इनमें से फोटो वायरल हो गया है और यह फोटो है। फोटो में फराज के साथ खड़ी डीएम मुस्कुरा रही हैं। अब दो सवाल उठ रहे हैं, पहला तो यह कि पूर्व परिचित के सेल्फी लेने से डीएम को कौन सा खतरा था और दूसरा यह कि फराज को बिना अनुमति जिलाधिकारी के साथ सेल्फी लेने की क्या जरूरत थी।



9:00 PM | 0 comments | Read More

ऐसी ज़िल्लत भरी ज़िन्दगी के बाद इनसे ईमानदारी की आस, जीते जी किसी आत्महत्या से कम नहीं

    इस फोटो को मैं कई सालों से इंटरनेट पर देख रहां हूँ, पुलिस को लेकर लोग बुरा भला कहते हैं, फिटनेस को लेकर मोटा गैंडा ठुल्ला कहते हैं, करप्शन को लेकर जमकर गालियाँ देते हैं। मैंने सोचा आप सबको तस्वीर के दूसरे रुख से परिचय कराऊँ।
    पुलिसवाला प्रतिदिन कम कम 12 घण्टे की ड्यूटी करता है, न कोई रविवार न कोई छुट्टी, जिस दिन राष्ट्रीय छुट्टी होती है उस दिन वह सुबह 4 बजे जगकर अपनी वर्दी दुरुस्त करता है, जूता बेल्ट चमकाता है और जनता के सामने एक आदर्श बनने की कोशिश करता है। भाई साहब कभी इनकी यूनिफार्म उतरवा कर देख लेना, 10 में से 4 कि बनियान फटी हुई होगी, मोज़े फटे हुए होंगे।
कोई भी सरकारी विभाग
रविवार : 52
द्वितीय शनिवार: 12
सरकारी छुट्टियां : 36
कुल मिलाकर एक साल में 100 छुट्टियाँ
   भाई साहब पुलिस वाला भी एक सरकारी कर्मचारी ही है, सैलरी भी किसी भी सरकारी कर्मचारी जितनी ही मिलती है।
फिर इन 100 दिनों में से एक भी दिन सिपाही को क्यों नहीं मिलता
    विभिन्न श्रम एक्ट और फैक्ट्रीज एक्ट 1948 के अनुसार किसी भी व्यक्ति से पूरे सप्ताह में 48 घण्टे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता, और एक दिन में अधिकतम 9 घण्टे, भाई साहब एक पुलिसवाला प्रतिदिन कम से कम 12 घण्टे की ड्यूटी करता है और सप्ताह में 84 घण्टे, दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर हालत है इनकी, अगर कोई दंगा फसाद हो जाये तो ड्यूटी कब ख़त्म होगी कोई पता नहीं।
    भाई साहब इनके भी बच्चे होते हैं, माँ होती है पत्नी, परिवार सब होता है, आप जरा सोचिये कि एक सिपाही को अपनी बेटी की फीस भरनी है, उसकी दिन की ड्यूटी है, कब भरेगा ?
   पूरी जिंदगी निकल जाती है, कोई भी त्यौहार घर पर नहीं मना पाते, क्यूंकि अगर ये सड़क पर न खडें हों तो कोई भी त्यौहार बिना फसाद पूरा नहीं होगा।
पूरी जिंदगी निकल जाती है ये ख्वाइश लिए कि कभी टीचर पेरेंट्स की मीटिंग में जा सकें
    पूरे देश में जाकर देखिये, 24 प्रतिशत से भी कम को सरकारी आवास मिला होता है, और ये आवास सिर्फ एक कमरे का होता है, एक बार सोच के देखिये कैसे रखते होंगे अपने माता पिता बच्चों को साथ लेकर घरों की हालत इतनी ख़राब कि कोई पता नहीं कब छत गिर जाये, न साफ़ पानी की व्यवस्था न शौचालय की और जो बैरक में रहते हैं उनकी स्थिति और ज्यादा ख़राब, पुलिस लाइन में सुबह 4 बजे से शौचालय के बाहर लाइन लगती है कि टाइम से फारिग हो जाएँ, शेविंग भी करना है, लाइन में लगकर नहाना भी है, और फिर लाइन में लगकर मेस में खाना भी खाना है क्युकी ड्यूटी सुबह 8 बजे शुरू हो जाएगी वहाँ अगर 5 मिनट भी लेट हो गए। तो गैरहाजिरी लिख जाएगी
    पूरे दिन जनता की उपेक्षा, अधिकारियों और पावरफुल लोगों की डाँट, बात बात पर वर्दी उतरवाने की धमकी के तनाव बाद जब रात में 9 बजे बैरक पहुँचता है तो उसके जहन में सिर्फ एक बात होती है कि सुबह चार बजे फिर से जागना है और टॉयलेट की लाइन में लगना है।
    भाई साहब मैंने इन सबकी जिंदगी को बहुत करीब से देखा है, 45 से ऊपर शायद ही कोई पुलिसवाला स्वस्थ होगा, चालीस पार करते करते अनेकों बीमारियां इनको घेर लेती हैं, लेकिन बच्चों को पालना है, मजबूरी है जिंदगी है तो काटनी है, कट ही जाएगी, शायद इसी को जिंदगी कहते हैं।


(Bhupendra Singh Rathore)
8:45 PM | 0 comments | Read More

मां बनने से 4 घंटे पहले तक वो करती रही डांस!


     ब्रिसबेन।। एक ऑस्ट्रेलियाई औरत जो गर्भावस्था के आखिरी घंटों में थी, उसने प्रसव से 4 घंटे पहले शानदार डांस किया, वो भी जस्टिन बीबर के हिट गाने 'सॉरी' पर। जिसके डांस स्टेप बेहद कड़े माने जाते हैं। पर कोर्ट्नी मैकलैडी नाम की महिला ने खुद के ही फिल्माए वीडियो में जो डांस किया है, वो हैरान करने वाला है। कोर्ट्नी मैकलैडी ने शाम के समय 5 बजे डांस का वीडियो फिल्माया, और कुछ ही घंटों बाद रात 9 बजे वो डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंच गई।
       उसके डांस स्टेप पूरी तरह से जस्टिन बीबर के गाने 'सॉरी' में किए गए स्टेप के बराबर ही हैं। दरअसल, जहां वो महिला डांस कर रही है, उसके पीछे ही टीवी स्क्रीन पर वो गाना चल रहा है। और वो शानदार तरीके से कदमताल कर रही होती है, वो भी उस समय, जब महिलाएं हिल भी नहीं पाती। ये वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद वायरल हो गया है। कोर्ट्नी मैकलैडी के फ्लो-लेस डांस के लोग दीवाने हो गए हैं।
     इस वीडियो को सोशल नेटवर्किंग साइट पर डाले जाने के कुछ ही समय में लाखों लोग इसे देख चुक हैं और तमाम टिप्पणियां कर कोर्ट्नी मैकलैडी का हौसला बढ़ा रहे हैं। कोर्ट्नी मैकलैडी(26) ऑस्ट्रेलियाई शहर ब्रिसबेन के उत्तरी हिस्से में रहती हैं। उन्होंने वीडियो अपलोड करते समय लिखा है कि 3 माह पहले शाम के 5 बजे मैंने ये डांस किया। और रात 9 बजे पानी की झिल्ली टूट गई। इसके बाद मैं अस्पताल पहुंच गई, जहां सुबह मैंने बच्चे को जन्म दिया।

8:31 PM | 0 comments | Read More

कुलधरा.......ब्रह्मिनो के क्रोध का प्रत्तिक जहा आज भी लोग जाने से डरते हे.

ब्राह्मण भाई जरूर शेयर करे
    राजस्थान के जैसलमेर शहर से 18 किमी दूर स्थित कुलधरा गाव सन 1820 की दर्द भरी कहानी है ये पहले 600 घरो और 85 गावो का पालीवाल ब्रह्मिनो का साम्राज्य ऐसा राज्य था जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती हे...
    रेगिस्तान के बंजर धोरो में पानी नहीं मिलता वहा पालीवाल ब्रह्मिनो ने ऐसा चमत्कार किया जो इंसानी दिमाग से बहुत परे थी.
    उन्होंने जमीन पर उपलब्ध पानी का प्रयोग नहीं किया,न बारिश के पानी को संग्रहित किया बल्कि रेगिस्तान के मिटटी में मोजूद पानी के कण को खोजा और अपना गाव जिप्सम की सतह के ऊपर बनाया,उन्होंने उस समय जिप्सम की जमीन खोजी ताकि बारिश का पानी जमीन सोखे नहीं.
   और आवाज के लिए गाव ऐसा बंसाया की दूर से अगर दुश्मन आये तो उसकी आवाज उससे 4 गुना पहले गाव के भीतर आ जाती थी. हर घर के बीच में आवाज का ऐसा मेल था जेसे आज के समय में टेलीफोन होते हे.
    जैसलमेर के दीवान और राजा को ये बात हजम नहीं हुई की ब्राह्मण इतने आधुनिक तरीके से खेती करके अपना जीवन यापन कर सकते हे तो उन्होंने खेती पर कर लगा दिया पर पालीवाल ब्रह्मिनो ने कर देने से मना कर दिया.
    उसके बाद दीवान सालम सिंह को गाव के मुख्या की बेटी पसंद आ गयी तो उसने कह दिया या तो बेटी दीवान को दे दो या सजा भुगतने के लिए तयार रहे.
   ब्रह्मिनो को अपने आत्मसम्मान से समझोता बिलकुल बर्दास्त नहीं था इसलिए रातो रात 85 गावो की एक महापंच्यात बेठी और निर्णय हुआ की रातो रात कुलधरा खाली करके वो चले जायेंगे.

रातो रात 85 गाव के ब्राह्मण कहा गए केसे गए और कब गए इस चीज का पता आजतक नहीं लगा.पर जाते जाते पालीवाल ब्राह्मण शाप दे गए की ये कुलधरा और हमारे 85 गाव हमेसा वीरान रहेंगे इस जमीन पे कोई फिर से आके नहीं बस पायेगा.

आज भी जैसलमेर में जो तापमान रहता हे गर्मी हो या सर्दी,कुलधरा गाव में आते ही तापमान में 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाती हे.विज्ञानिको की टीम जब पहुची तो उनके मशीनो में आवाज और तरगो की रिकॉर्डिंग हुई जिससे ये पता चलता हे की कुलधरा में आज भी कुछ शक्तिया मोजूद हे जो इस गाव में किसी को रहने नहीं देती.मशीनो में रिकॉर्ड तरंग ये बताती हे की वहा मोजूद शक्तिया कुछ संकेत देती हे.
आज भी कुलधरा गाव ब्राह्मण समाज के बलिदान का गावहा हैं!!!ब्राह्मण सम्मान का भूखा है सिर्फ
ब्राह्मण के क्रोध और आत्मसम्मान का प्रतीक हे कुलधरा.

आपका सदैव आभारी
बबलू शर्मा शांडिल्य
8:26 PM | 0 comments | Read More

इस देश का युवा इस सरकार से पूरी तरह हताश हो चुका है - सचिन पायलट

जयपुर।। राजनीति को सही दिशा देने के लिए अच्छे लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। युवाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिले और वे सकारात्मक सोच के साथ काम करेंगे तो देश की उन्नति में उनका योगदान ज्यादा से ज्यादा होगा। देश के नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभाते हुए श्रेष्ठ लोगों का चयन कर देश की बागडोर सौंपनी चाहिए।
उक्त विचार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने आज उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन समारोह में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि देश में आज नकारात्मक माहौल है, चारों ओर निराशा व अराजकता व्याप्त है, युवा बेरोजगारी के दंश से त्रस्त हैं, अपराध व मॅंहगाई से आम जनता का मनोबल गिरा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध नहीं है, इस वजह से वे परेशान है। देश के नौजवान सत्ताधारी पार्टी की वादाखिलाफी से अपने आपको छला हुआ महसूस कर रहे हैं। जनता को राहत देने के स्थान पर भाजपा सरकार द्वारा तरह-तरह के कर लगाकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है, भाजपा के मंत्री अनर्गल बयानबाजी कर भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं व बेरोजगारों के साथ हर स्तर पर अन्याय हो रहा है। भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। युवाओं को विश्वास दिलाते हुए श्री पायलट ने कहा कि कांग्रेस उनके भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हर मोर्चे पर उनका साथ देगी। 
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम से पहले पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री बलराम जाखड़ के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रृद्धांजलि दी गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर नेता प्रतिपक्ष श्री रामेश्वर डूडी, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र चैधरी, श्री उदयलाल आंजना, महासचिव श्री गजेन्द्रसिंह शक्तावत, एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष श्री राकेश मीणा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

8:07 PM | 0 comments | Read More

युवा सोच का कमाल, नदी पर बनाया तैरता पुल

   हरदा।। कहते हैं अगर हौसला हो तो मंजिल को पाने से कोई रोक नहीं सकता। इसी हौसले की मध्यप्रदेश के हरदा जिले के छीपानेर गांव में देखने को मिली है। जहां बिना किसी इंजीनियर की मदद से युवाओं ने एक अनोखा काम किया है।
    हरदा से 32 किलोमीटर दूर छीपानेर गांव से किसी दूसरे गांव में जाने के लिए नर्मदा नदी को पार करना पड़ता था। नदी को पार करने के लिए डीजल नाव ही सहारा था, लेकिन जब यहां के युवाओं ने देखा कि नाव चलने की वजह से नदी में प्रदूषण फैल रहा है तो उन्होंने इस पर पुल बनाने को ठानी।
3 महीने में पानी पर पुल तैयार
    गांव के युवा सोच ने नर्मदा नदी पर पुल बनाने की पहल की। 25 नौजवानों ने मिलकर सबसे पहले जनपद पंचायत से पुल बनाने की अनुमति ली। उसके बाद रकम इक्ट्ठा किया गया। बैंक से लोन और लोगों की मदद से 40 लाख रुपए का इंतजाम किया गया। फिर शुरू हुआ बिना इंजीनियर के पुल का निर्माण। तीन महीने में युवाओं ने मिलकर नर्मदा नदी पर नावों से नावों को जोड़कर बेहतरीन पुल का निर्माण कर दिया।
लोगों से लिया जाएगा पुल टैक्स
    गांव के लोग पुल बनने से खुश बेहद खुश है। इसके साथ ही वो पुल निर्माण में लगे लागत को निकालने के लिए पुल टैक्स भी देंगे। लोगों जब नाव पार करते थे तो एक तय रकम देते थे। उसी तरह अब पुल से गुजरने के लिए रकम देना होगा।
8:05 PM | 0 comments | Read More

बीजेपी में नेता पुत्रों के लिए रेड कार्पेट


    ग्वालियर।। वंशवाद के लिए कांग्रेस को कोसने वाली भारतीय जनता पार्टी में भी ये प्रथा बढ़ती जा रही है। पार्टी में बड़े कद वाले ग्वालियर के तीन नेता अपने पुत्रों का इस वर्ष राजनीतिक ‘तिलक’ करने की कवायद में जुटे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सांसद प्रभात झा और प्रदेश की काबीना मंत्री माया सिंह के बेटे इस साल सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनने वाले हैं। हालांकि, माया सिंह के बेटे पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
     तोमर के पुत्र रामू ने हाल ही में पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया है और पिता के करीबियों के साथ रहकर राजनीति सीख रहे हैं। नरेंद्र सिंह तोमर के प्रदेश संगठन में चल रहे एकछत्र राज के कारण रामू को पार्टी के लोग सिरमौर बनाए हुए हैं और उन्हें ही अगला नेता भी मान रहे हैं। वहीं प्रभात झा के पुत्र तुष्मुल पार्टी के कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आते। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इन तीनों नेता पुत्रों की सक्रिय राजनीति पार्टी के युवा मोर्चा या दूसरे बड़े मोर्चे से शुरू कराई जाएगी ताकि 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाया जा सके।
पार्टी में बढ़ रहा वंशवाद
 विश्वास सारंग: राज्यसभा सांसद कैलाश सारंग के पुत्र होने का लाभ मिला और युवा मोर्चा से राजनीति की शुरुआत करते हुए अब विधायक हैं।
दीपक जोशी- पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र होने के कारण पार्टी में पकड़ बनी और अब प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
सुरेंद्र पटवा- पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे के तौर पर पार्टी में पहले संगठन स्तर पर पद लिया। अब राज्य सरकार में मंत्री हैं।
अभिषेक भार्गव- प्रदेश सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव के पुत्र हैं और युवा मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष है।
सत्यपाल सिंह सिकरवार(नीटू)- पूर्व विधायक गजराज सिंह सिकरवार के पुत्र सुमावली से विधायक हैं और गजराज के बड़े पुत्र सतीश सिकरवार एवं बहू शोभा सिकरवार पार्षद हैं।
सेवा के लिए जमीनी कार्यकर्ता
     कार्यकर्ताओं को पार्टी का भगवान बताने वाली भाजपा के कार्यकर्ता, नेताओं की स्वार्थ भरी राजनीति से दुखी है। पिछले कई दशकों से मेहनत कर पार्टी को फर्श से अर्श तक ले जाने वाले कार्यकर्ता आज भी झंडे उठाने व नारे लगाने के काम आ रहे हैं। वहीं इस सवाल पर वरिष्ठ नेता बोलते हैं कि हर कोई ऊंचे पदों तक नहीं पहुंच सकता। जिनकी कार्यशैली सही नहीं, वे कैसे पार्टी की जिम्मेदारी में शामिल हो सकते हैं। वहीं जब नेतापुत्रों की बात आती है तो उनका जवाब सिद्धांतों को नहीं देखता।

6:53 PM | 0 comments | Read More

BJP नेता के घर से मिला बीफ, मुस्लिम समाज बहिष्कार की तैयारी में

  देवास। कई बार समाज में ऐसी चीजें होती हैं, जो हमारी सोच को बदलने पर मजबूर कर देती है। टुकड़ों में देशभर में कई बार ऐसी खबरें होती हैं कि मुस्लिम समुदाय ने गोवंश की रक्षा की जिम्मदारी ली है। कोई रोटी खिलाता है तो कोई गोशाला को चंदा देता है।
देवास जिले के टोंकखुर्द में अपने ही घर में गाय की हत्या करने वाले बीजेपी नेता की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद इस मामले के मुख्य आरोपी अनवर मेव को बीजेपी ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है, जबकि कलेक्टर ने उस पर रासुका के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
     स्थानीय मुस्लिम समाज अनवर व उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने की तैयारी में है। देवास के टोंकखुर्द में 27 जनवरी को सुबह उस समय विवाद की स्थिति बन गई थी, जब गांव के ही कुछ लोगों ने मनियारपुरा इलाके में रहने वाले पूर्व पार्षद गुड्डू मेव और बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व पदाधिकारी अनवर मेव के घर पर गोवंश की हत्या करते रंगे हाथों पकड़ लिया था।
     हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आये और पूरा टोंकखुर्द नगर बंद हो गया था। टोंकखुर्द पुलिस ने पूर्व पार्षद सहित उसके परिवार के 10 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
     पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी अनवर मेव व अन्य के खिलाफ के प्रकरण दर्ज किया गया है। इस मामले के मुख्य आरोपी अनवर उर्फ़ अन्ना मेव पर रासुका के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को उज्जैन जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के घर से बरामद मांस को टेस्ट के लिए मथुरा लेब में भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। हालांकि, शुरुआती पोस्टमार्टम में मृत पशु के गाय होने की पुष्टि की गई है।
6:51 PM | 0 comments | Read More

बीजेपी नेता की जीप से मंदिर पर हमला, सेवक की हत्या


   सिहोरा।। सिहोरा से 5 किमी कुर्रे पिपरिया गाँव के सिद्धन मंदिर में रात 8 बजे चार लोगों ने लूटपाट के उद्देश्य से मन्दिर के चौकीदार को गोली मार दी जिसकी मौके पर ही मौत हो गयी जबकि दूसरा कर्मचारी खुद को कमरे में बन्द कर अपनी जान बचाई।
    मंदिर में काम करने वाले हीरा लाल ठाकुर 52 वर्ष ने बताया की पहले दो लोग आये और उसके बाद दो लोग और आये जो राइफल लिए हुए थे। जिन्हें देख कर हीरा लाल आशंकित हो गया था ।लुटेरों ने हीरा लाल के मुंह में भी राइफल की बट मारी जो किसी तरह खुद को बचाने के लिए कमरे में बंद हो गया था। जिसके बाद लुटेरों ने भागचंद्र पटेल 43 वर्ष मडई निवासी से चाबी मांगी और नही दिए जाने पर मन्दिर परिसर के अंदर ही उसे गोली मार दी और लाश उठा कर मन्दिर से पंद्रह फ़ीट नीचे फेक दिया। कमरे के अंदर खुद को बन्द किये हीरा लाल ने पास के गाँव कुर्रे पिपरिया के लोगों को फोन कर सूचना दी तब तक आरोपी भाग निकले थे।
राइफल छोड़ भागे लुटेरे
     घटना के समय लुटेरों ने अपनी कार मंदिर की पहाड़ी के नीचे खड़ी करके गए थे जो वारदात को अंजाम देने के बाद बोलेरो से मडई छपरा के रास्ते भागे थे लेकिन छपरा रेलवे फाटक के पास बोलेरो क्रमांक MP17CA 2075 अनियंत्रित हो कर पलट गयी थी जिसके बाद लुटेरों ने बोलेरो और राइफल, कारतूस छोड़कर भाग गए ।फिलहाल पुलिस ने गाडी को कब्जे में ले लिया है।
थानेदार ने मोबाइल ही रिसीव नहीं किया
     सिहोरा और खितौला थाने की घटना स्थल से दूरी महज पाँच किमी है यदि पुलिस सक्रिय होती तो पकड़े जाते लुटेरे। घटना स्थल पर मौजूद हीरा लाल, सुदर्शन पांडे सहित पिपरिया गाँव के लोगों ने बताया की हम लोगों को जेसे ही आठ बजे घटना की जानकारी लगी तो सिहोरा और खितौला थाने में कई बार फोन लगाकर सूचना दिए थे लेकिन पुलिस दो घण्टे बाद पहुंची जिससे लुटेरे भाग निकले जबकि खितौला थाना प्रभारी ने फोन रेसिव करने के बजाय फोन काट दिये ।यदि पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया होता तो हो सकता है आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होते।
ग्रामीणों ने दिन में देखी थी बोलेरो
    घटना स्थल पर जमा लोगों ने बताया की कार को दोपहर तीन से चार बजे के बीच मंदिर की पहाड़ी के नीचे तलाब के पास गाडी देखि गयी थी जिसमे एक महिला और लड़की के साथ चार पांच लोग थे जिनमे एक लुटेरा हाथ से विकलांग है। जो घटना के समय भी कार में लगभग 40 वर्षीय महिला और 10 वर्ष बच्ची भी बोलेरो में देखे गए थे।
पकड़ी गई बोलेरो में भाजपा मंडल अध्यक्ष लिखा है
     वारदात में उपयोग की गयी बोलेरो की नंबर प्लेट में उपाध्यक्ष युवा मोर्चा मण्डल भाजपा लिखा है बोलेरो क्रमाँक MP 17CA 2075से भाग रहे थे तभी पिपरिया गाँव के लोगों ने पकड़ने का प्रयास लेकिन कार में सवार लुटेरों ने हवाई फायर कर लोगो को डरा कर भागने में सफल हो गए। जो छपरा पहरुआ के रेलवे फाटक के पास छोड़ कर भागे थे।कार से दो मोबाइल ,टोल पर्ची, कारतूस और राइफल बरामद हुयी है ।
इनका कहना
   मन्दिर के सेवादार की गोली मारकर हत्या की गयी है हत्या की मकसद क्या था जांच के बाद पता चलेगा।
डी एल तिवारी
एस डी ओ पी सिहोरा


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जिस बस ने ली बच्चे की जान, 4 साल से उसका रास्ता रोकती है गाय

  इन दिनों कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले की एक गाय का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह सड़क पर बस का रास्ता रोके खड़ी है। लोगों का कहना है कि 4 साल पहले एक एक्सीडेंट में इस बस से गाय के बछड़े की मौत हो गई थी। वह तब से लगातार इसका रास्ता रोकने की कोशिश करती है।
   बस के मालिक ने तंग आकर बस का रंग भी बदलवा लिया, लेकिन गाय ने फिर भी बस का रास्ता रोकना नहीं छोड़ा। ऐसा लगता मानो ये न्याय की मांग कर रही हो। बस के मालिक ने तंग आकर बस का कलर बदलवा दिया लेकिन गाय तब भी उस बस को पहचान लिया ।
6:48 PM | 0 comments | Read More

अकेला प्राचार्य खा गया 1 साल का मध्यान्ह भोजन

    ग्वालियर।। कलेक्टर के वाट्सएप पर शिकायत आई थी कि शासकीय प्राथमिक विद्यालय बिजकपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय मीणा पिछले एक वर्ष से स्कूल में न तो मिड-डे मील बनवा रहे हैं और न ही वे इसके लिए रसोइयों को पैसे का वितरण कर रहे हैं। इसके बावजूद इस मद से पैसा निकाला जा रहा है। इसके साथ ही छात्रों को दिए जाने वाले गणवेश का पैसा भी निकाला गया है, जबकि छात्रों को गणवेश वितरित ही नहीं की गई है। शिकायत सही पाए जाने पर सोमवार को प्रभारी प्रधानाध्यापक को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया।
     कलेक्टर ने वाट्सएप पर आई इस शिकायत की जांच जिला परियोजना समन्वयक से कराई। जांच में शिकायत सही निकली। जांच के दौरान मालूम चला कि प्रभारी प्रधानाध्यपक अजय मीणा द्वारा मिड-डे मील के लिए रसोइयों को पैसा वितरण करने के नाम पर 22 हजार रुपए निकाले गए। इसके साथ ही 9 छात्रों को गणवेश वितरित नहीं की गई, जबकि उनके नाम पर पैसा जारी हो गया। जांच में यह सभी तथ्य कलेक्टर की जानकारी में लाए गए। इसके बाद सोमवार को कलेक्टर ने इस मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया।
6:44 PM | 0 comments | Read More

यहा मुस्लिमों ने राम-मंदिर निर्माण के लिए ना केवल चंदा दिया अपितु श्रमदान भी किया

    मुरैना।। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर भले ही विवाद चल रहा है, लेकिन मुरैना के मुस्लिमों ने अनोखी मिसाल पेश की है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए न सिर्फ चंदा दिए हैं, बल्कि श्रमदान भी किया। उन्होंने अपने गांव में राम मंदिर का निर्माण करवाया है।
     गांव में बनने वाले एक मंदिर के लिए मुस्लिम समुदाय ने न केवल जमीन दी, बल्कि चंदा भी दिया। दरअसल, मुरैना से तकरीबन 60 किलोमीटर दूर कैलारस जनपद का गांव खेड़ाकला लोगों के लिए सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बन गया है। गांव में आपसी सहयोग से श्रीराम जानकी मंदिर निर्माण के लिए जगह की समस्या आई तो पूर्व में हिंदू समुदाय के लोग जो जमीन मुस्लिम समुदाय को बेंच चुके थे। वह जगह सभी गांव वालों को उपयुक्त लगी।
    इस बात की जानकारी जब मुस्लिम समुदाय के लोगों को लगी तो वह जमीन देने के लिए तैयार हो गये। गांव में रहने वाले सभी मुस्लिम परिवारों ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया। साथ ही श्रमदान भी किया। गांव के सरपंच संतकुमार सिंह का कहना है कि बहुत पहले यह जमीन उनके पूर्वजों की थी। जिसे मुस्लिम समुदाय के लोगों को बेच दिया था अब जब मंदिर निर्माण के लिए जगह की जरूरत पड़ी तो मुस्लिम समुदाय ने उन्हें यह जमीन दे दी।
      उस गांव में तकरीबन 80 परिवार मुस्लिम समुदाय के रहते हैं। जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए लगभग 50 हजार रुपए दिए हैं। मदिर निर्माण के पूरा होने पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। गांव के लोग कहते हैं कि हिंदू और मुस्लमान तो बाद में है पहले हम इंसान हैं और इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
    हम लोग इंसानियत को सर्वोपरि मानकर अपना काम करते हैं। साथ ही उनका कहना है कि देश में कुछ असमाजिक तत्व हिंदू-मुस्लिम में विवाद कराकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहे हैं, लेकिन हमारे गांव में ऐसा कुछ भी नहीं है। भले ही इस गांव में विभिन्न जाति और समाज के लोग रहते हो, लेकिन वह अपना हर त्योहार आपस में मिलजुलकर मनाते हैं। भले ही धर्म और सम्प्रदाय अलग है, लेकिन भाईचारा इन सब पर भारी है।
 
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विधायक वसीम अहमद के घर से बरामद हुई लापता किशोरी


     बक्सर।। छह साल की बच्ची दस साल पहले लापता हो गयी थी। उस समय पुलिस ने इनके लापता होने का मामला जर्द किया था। जब दो वर्ष तक पता नहीं चला तो केश अपहरण में तब्दील हो गया। आगे चलकर वह फाइल भी बंद कर दी गयी। अब दस साल बाद मनीषा नाम की वह लापता बच्ची मिल गयी है। उसकी बरामदगी उत्तर प्रदेश के सपा विधायक के घर से हुई है। उसकी बरामदगी का करण बना उस बच्ची का नाम। क्योंकि मनीषा एक मुस्लिम परिवार में पल बढ़ रही थी। पुलिस को फाइल फिर खोलनी पड़ी है। उसे पिछले शनिवार को न्यायालय में जज के सामने प्रस्तुत किया गया। पर वह बच्ची अचानक हुए इस बदलाव से हतप्रभ थी। पहले तो वह अपने माता-पिता के जाने को तैयार ही नहीं हो रही थी। पर जब उसने पूरी बात जानी तो घर जाने को तैयार हो गयी।
लापता हो गए थे भाई बहन
     छह साल की मनीषा अपने दस के भाई यश के साथ मामा गांव गयी थी। यह घटना 7 जुलाई 2006 को हुई। दोनों बच्चे अपने ननिहाल डुमरांव थाना के सिकठा से लापता हुए। इस लिए डुमरांव थाने में 9.7.2006 को सहना दर्ज हुआ।
सनहा बना अपहरण
   दो साल तक इन दोनों बच्चों का पता नहीं चला तो डुमरांव पुलिस ने 25 अगस्त 2008 को अपहरण का केश बना प्राथमिकी दर्ज की। मामला कुछ समय चला। फिर फाइल बंद कर दी गयी।
सहारनपुर के विधायक के यहां से हुई बरामद
      मनीषा की बरामदगी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के समाजवादी पार्टी के विधायक वसीम अहमद के यहां से हुई। वहां पहुंची डुमरांव पुलिस ने उसे बरामद कर 30 जनवरी को सीजेएम के न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां लड़की पहले तो एक बार अपने घर जाने को तैयार ही नहीं हुई। पर जब उसे पूरी बात पता चली तो वह अपने माता-पिता के साथ जाने को तैयार हुई।
सहारनपुर के लोगों ने पहुंचाई बात
       मनीषा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जहां रह रही थी। आस-पास की महिलाओं और बच्चों से उसका मिलना जुलना होता रहता था। लोग इस बात से हैरान होते कि मुस्लिम परिवार में मनीषा कहां से आ गयी। बातचीत के क्रम में उसने बताया कि उसे कुछ कुछ याद आता है। वह बक्सर जिले के अहिरौली की रहने वाली है। यह बात हिंदू परिवार की महिलाओं को पता चली तो उन लोगों ने पुरुष सदस्यों की मदद से यह बात अहिरौली पहुंचाई। जब परिवार वालों को पता चला तो उन लोगों ने पुलिस को संपर्क में लिया। तब जाकर उसकी बरामदगी हो सकी।
छह साल तक करती रही नौकरानी का काम
        मनीषा को जब कोर्ट में पेश किया तो उसने कई चौकाने वाली बातें कहीं। उसका भाई यश ही उसे यहां से ले गया था। वे लोग दिल्ली के शाहपुर इलाके में अपने मामा के यहां जाना चाहते थे। पर वे किसी बिल्लू मियां के हाथ लग गए। वह उन दोनों को अपने यहां ले गया। उनको एक महिला की देखरेख का जिम्मा दिया गया। कुछ माह बाद उसका भाई वहां से भाग गया। वह अकेली वहां पांच-छह साल तक रही। फिर उसे वहां से बिल्लू मियां ने सहारनपुर में वसीम अहमद के यहां भेज दिया। जहां अब वह परिवार के साथ घुलमिल गयी थी। उसे वहां बेटी की तरह रखा जा रहा था। उसे उन लोगों से कोई शिकायत नहीं है।
अभी भी लापता है बडा भाई, दिल्ली जाएगी पुलिस
     मनीषा के साथ उसका भाई यश भी गायब हुआ था। उसकी तलाश में डुमरांव पुलिस दिल्ली के शाहपुर जाएगी। पुलिस की माने तो वह इस घटना से पहले भी एक बार अपने घर से गायब हुआ था। तब उसे नई दिल्ली स्टेशन से चाइल्ड लाइन दिल्ली की टीम ने बरामद किया था। पुलिस उसका पला लगाने में जुटी है।

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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने गाय के दूध को बताया अमृत, कहा बीफ से होती हैं बीमारियां

Written By News Today Time on Thursday, February 4, 2016 | 7:41 PM

  मुस्लिम महिला राष्ट्रीय मंच ने वाराणसी के रविंद्रपुरी इलाके में काऊ मिल्क पार्टी का आयोजन कर इसे अमृत बताया. इस पार्टी में सभी धर्मों के लोगों ने शिरकत कर गौमांस खाने का विरोध किया.
     यहाँ उपस्थित सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि मुस्लिमों को गाय का गोश्त नहीं, बल्कि दूध पीना चाहिए. लोगों का मत था कि बीफ खाने से कई के बीमारियां होती हैं. यही वजह था कि मुगल सम्राट ने भी बीफ पर बैन लगाया था.
      पार्टी में बोलते हुए डॉ. हेमंत गुप्ता ने बताया कि गाय का दूध मां के दूध के समान गुणकारी है. प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि मुगल सम्राटों ने गौकशी पर प्रतिबंध हिंदुओं की भावनाओं का ख्याल करके लगाया था.
    मौलाना मकसूद अहमद ने कहा कि बीफ पार्टी करने वाले देश में नफरत फैलाने का काम करते हैं. इस पार्टी में यह प्राण भी लिया गया कि बीफ के सम्बन्ध में मुस्लिम महिलाओं को जागरूक किया जाएगा और उन्हें इसे बनाने से रोका जाएगा.
7:41 PM | 0 comments | Read More

पाक के 24 हजार मदरसों को पैसे भेजता है सउदी, आतंक फैलाने में हो रहा उपयोग- US सीनेटर:

      वाशिंगटन।। एक शीर्ष अमेरिकी सीनेटर ने कहा है कि सउदी अरब पाकिस्तान में करीब 24 हजार मदरसों को आर्थिक मदद मुहैया करा रहा है और वह असहिष्णुता फैलाने के लिए धन सुनामी भेज रहा है। सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि अमेरिका को सउदी अरब द्वारा कट्टरपंथी इस्लाम को प्रायोजित किए जाने पर अपनी प्रभावी मौन सहमति की स्थिति को समाप्त करने की आवश्यकता है।
घृणा और आतंक को बढ़ाने के लिये दिया जा रहा पैसा- मर्फी
    मर्फी ने कहा कि पाकिस्तान इस बात का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है जहां सउदी अरब से आ रहे धन का इस्तेमाल उन धार्मिक स्कूलों को मदद के लिए किया जा रहा है जो घृणा और आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस को संबोधित करते हुए कहा, 'पाकिस्तान में 24 हजार ऐसे मदरसे हैं जिनमें से हजारों को मिलने वाली आर्थिक मदद सउदी अरब से आती है।'
7:14 PM | 0 comments | Read More

ASI के घर चल रहा था सेक्स रैकेट ,पकडा गया आरोपी निकला भाजपा सांसद का PA

    भोपाल।। ASI के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पकड़ा गया युवक सांसद का पीए निकला। शनिवार को पकड़े जाने के बाद वह खुद की पहचान छिपा रहा था। पुलिस की फटकार के बाद आखिरकार उसने बताया कि वह खरगोन सांसद सुभाष पटेल का पीए है।
     टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया कि पुलिस को कबीटखेड़ी क्षेत्र में देह व्यापार की सूचना मिली थी। पुलिस ने स्कीम 136 स्थित मकान में छापा मारा तो तीन युवक, 2 युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिली। दो अन्य युवक भी वहां थे।
     गिरफ्तार युवकों के नाम राजा उर्फ राजेंद्र पिता राधेश्याम सिसौदिया निवासी बड़ी ग्वालटोली, मुकेश उर्फ बाला पिता तुलसीराम चौकसे निवासी कारसदेव नगर, अरुण पिता परसराम कलवा निवासी राऊ बायपास, चंदू उर्फ चंद्रशेखर पिता सीताराम कुशवाह व हिमांशु उर्फ विक्की पिता नानकराम पाटिल राजश्री वाटिका वंदना नगर हैं।
7:07 PM | 0 comments | Read More

यूपी के इस बच्‍चे की चिट्ठी पर मोदी ने लिया एक्‍शन

   आवाजाही में रेलवे ट्रैक की बाधा से परेशान शहर के 12 साल के बच्चे नयन सिन्हा ने सीधे प्रधानमंत्री की कुंडी खटखटा दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भी उसका भरोसा नहीं तोड़ा और उसकी चिट्ठी पर रेल विभाग को निर्देश जारी कर दिए।
     कुछ ही दिनों में बालक को रेलवे के डिवीजनल इंजीनियर की चिट्ठी मिली। इसमें उसकी समस्या के समाधान का भरोसा दिया गया है। बच्चे के इस प्रयास से मनोहर नगर के बाशिंदों को राहत की उम्मीद बंधी। वे नयन की तारीफ करते नहीं अघा रहे हैं।
     आवास विकास कालोनी के पीछे मोहल्ला मनोहर नगर के सामने ट्रैक है। इससे यहां लोगों को तो आवाजाही में दिक्कत होती ही थी, स्कूल आने-जाने में आशुतोष सिन्हा का पुत्र नयन(12) और उसके साथी भी दुश्वारी झेलते थे।
    एक बार ट्रैक पार करते समय ट्रेन आ जाने से नयन के दोस्त की तो जान पर ही बन आई। इस घटना ने नयन को भीतर तक झकझोरा। वह अक्सर अखबारों में प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय की सक्रियता की खबरें पढ़ता था।
    टीवी पर भी ऐसी न्यूज देखीं, जिसमें पीएमओ ने लोगों की पुकार सुनी। बस कक्षा सात में पढ़ने वाले नयन ने भी ठान ली कि इस समस्या पर प्रधानमंत्री की ड्योढ़ी पर दस्तक देगा।
    उसने 10 सितंबर 2015 को प्रधानमंत्री के नाम चिट्ठी भेजी। इसमें लिखा कि मोहल्ले में क्रासिंग नहीं होने से लोगों को डेढ़ किलोमीटर का चक्कर लगाकर राजेपुर क्रासिंग से आना-जाना पड़ता है। स्कूल जाने में दिक्कत होती है।
    उसकी चिट्ठी पर पीएमओ ने पूरी गंभीरता दिखाई। वहां से निर्देश मिलने पर रेल महकमे में भी हलचल मची और 28 जनवरी 2016 को रेलवे के डिवीजनल इंजीनियर रंजीत कुमार का पत्र नयन सिन्हा के घर पहुंच गया।
    पत्र में डीई ने कहा है कि उन्नाव-लखनऊ रेलमार्ग पर मनोहर नगर के सामने रेलवे ट्रैक के दोनों ओर मिट्टी डालकर और इंटर लॉक ब्रिक बिछाकर रास्ता समतल किया जाएगा।
    सीनियर डिवीजन कामर्शियल मैनेजर एके सिन्हा ने सर्वे भी करा लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मनोहर नगर के पास क्रासिंग बनने में कुछ अड़चन है, क्योंकि जिस स्थान पर क्रासिंग की मांग की है, वहां से 334 मीटर की दूरी पर ही राजेपुर रेलवे क्रासिंग है। फिर भी उच्चाधिकारियों को बता आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएम के चाहने से निकलेगा रास्ता
    नयन सिन्हा के स्कूल जाने की समस्या पीएम नहीं बल्कि सीएम के चाहने से दूर हो सकती है। उन्नाव का नयन सातवीं का वही छात्र है, जिसने बीते सितंबर में पीएम को पत्र लिखकर घर के पास स्थित ट्रैक से गुजरने का रास्ता बनाने की मांग की थी।
    इस संबंध में पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद लखनऊ डिवीजन के अफसरों ने सर्वे कराया तो पता चला कि यहां ओवरब्रिज या अंडर पास बनना तब तक संभव नहीं, जब तक राज्य सरकार इसमें हस्तक्षेप न करे।
    वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि नयन के घर के नजदीक रेलवे ट्रैक पर लेवल क्रॉसिंग बनवाना संभव नहीं। यदि राज्य सरकार की ओर से यहां ओवरब्रिज या अंडरब्रिज बनाने संबंधी प्रस्ताव आएगा, तो बोर्ड के स्तर पर कार्रवाई संभव है।
   नयन के घर के नजदीक अंडर ब्रिज बनाने में लगभग 5 करोड़ का खर्च आएगा, जबकि ओवरब्रिज बनाने में ज्यादा पैसा लगेगा। यह तभी संभव है जब राज्य सरकार इसके लिए रेल मंत्रालय को पत्र भेजे।
7:05 PM | 0 comments | Read More

डेढ़ करोड़ लेकर मायावती ने प्रत्याशी बनाया


टिकट कटने पर बोली संगीता
    निष्कासन के दूसरे दिन ही पलटवार करते हुए अतरौली की पूर्व प्रत्याशी संगीता चौधरी ने बसपा सुप्रीमो पर टिकट के एवज में पैसे लेने का आरोप लगाया।
     उन्होंने कहा कि उनके दिवंगत पति धर्मेंद्र चौधरी ने अतरौली से बसपा प्रत्याशी बनने से पहले पार्टी को डेढ़ करोड़ रुपये दिए थे। गौरतलब है कि मायावती के पांव छूने का फोटो वायरल होने के बाद संगीता चौधरी का बीती 10 जनवरी को टिकट काट दिया गया था और दो फरवरी को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
    इस संबंध में बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद आदित्य ने कहा है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस कार्रवाई पर पलटवार करते हुए संगीता चौधरी ने कहा कि पति की हत्या के बाद जब उन्हें प्रत्याशी बनाया गया तो उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी उनका साथ देगी। उन्होंने कहा कि पति धर्मेंद्र चौधरी द्वारा दिए गए डेढ़ करोड़ रुपये के अलावा खुद उन्होंने भी अभी हाल ही में जनवरी में हुए मायावती के जन्मदिन पर 15 लाख रुपये और इस बीच दो बार की मुलाकातों में दो-दो लाख रुपये अलग से दिए थे।
    अब पार्टी से निकाले जाने के बाद उनके कुल 1.69 करोड़ रुपये फंस गए हैं। क्या डेढ़ करोड़ रुपये स्वयं मायावती ने मांगे थे..? इसके जवाब में संगीता ने कहा कि बसपा सुप्रीमो किसी भी मामले में सीधे बात नहीं करती हैं। मेरे पति ने बसपा के बड़े नेताओं के जरिए पैसे पहुंचाए थे।
    उनकी हत्या के बाद मुझे टिकट दिया गया तो मुझसे कोई पैसा नहीं लिया गया। टिकट कटने और निष्कासन के बाद अब सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
7:02 PM | 0 comments | Read More

लम्बाई की वजह से इन्हे मिली पुलिस की नौकरी, हर 2 घंटे बाद इन्हें चाहिए खाना

   अंबाला शहर में गाड़ी चलाते वक़्त अगर आपको 7.4 फ़ीट का विशालकाय आदमी खाकी कपड़ों में दिख जाए तो घबराइएगा मत. इस शख़्स का नाम है राजेश कुमार जो कि हरियाणा ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल हैं.
    सुरक्षित ड्राइविंग और हेल्मेट पहनने का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए आज-कल राजेश कुमार लोगों को जागरूक कर रहे हैं. उनकी लंबाई की वजह से हरियाणा सरकार ने उन्हें पुलिस की नौकरी दी. कहा जा रहा है कि राजेश कुमार भारत के तीसरे सबसे लम्बे व्यक्ति हैं और पंजाब-हरियाणा में पहले नंबर पर हैं. इनको देख कर आपको ज़रूर खली की भी याद आती होगी. तो आपको बता दें कि खली की तरह राजेश भी 6 घंटे एक्सरसाइज़ करते हैं.
    ज़ाहिर सी बात है कि 155 किलोग्राम वाले राजेश की ख़ुराक भी विशालकाय है.
     इन्हें हर 2 घंटे बाद खाना चाहिए होता है. राजेश हर रोज़ 40 अंडे, 40 रोटियां, 4 किलो चिकन, 5 लीटर दूध और 4 किलो फल खाते हैं. इस ख़ुराक का खर्च वो अपनी सैलरी और ज़मीन से मिलने वाली आय से चुकाते हैं. अपनी लंबाई की वजह से राजेश आम लोगों के बीच बहुत मशहूर हैं. यही देखते हुए, हरियाणा पुलिस ने उन्हें ट्रैफिक के प्रति लोगों में जागरूकता लाने की ज़िम्मेदारी सौंपी है. राजेश बहुत ही सौम्यता और सहजता से लोगों तक ये संदेश पहुंचाते हैं. अगली बार राजेश आपको किसी चौराहे पर दिख जाएं तो उन्हें जादू की झप्पी ज़रूर दीजियेगा.
6:48 PM | 0 comments | Read More

यह है राठोड़ो का इतिहास


भूमि पर विख्यात राठौड़ो को कौन नही जानता।
एलौरा की गुफाओ के मन्दिर में राष्ट्रकूट नरेश दन्ति दुर्ग के लेख में लिखा हैः
नरेत्ति खल कः क्षितों प्रकट राषट्रकूटा न्वयम् ।।
अर्थात भूमि पर विख्यात राठौड़ो को कौन नही जानता।
     राठौड़ वंश रघुवंशी भगवान राम के द्वितीय पुत्र कुश का वंश है। इस वंश का प्राचीन नाम राष्ट्रकुट है। राष्ट्रकुट से विकृत होकर राठौड़, राउटड़, राठौढ़ या राठौर प्रसिद्ध हुआ। भगवान राम के पुत्र कुश के किसी वंशज ने दक्षिण में जाकर राज्य स्थापित किया था। वहां उनकी राजधानी मान्यखेट थी। वहां से इनकी एक शाखा मध्यभारत में आयी जिससे इनके राज्य को महाराष्ट्र कहा जाने लगा। यही से यह काठियावाड़, बदायुं और कन्नोज में फैल गए। बदायुं से राव सीहा पाली(राजस्थान) आये और वहां के पल्लीवाल ब्राह्मणों की सहायता से सन् 1243 में मारवाड़ राज्य की स्थापना की। राठौडो की वीरता विश्वप्रसिद्ध है।
बलहट बंकादेवड़ा, करतब बंका गौड।
हाडा बंका गाढ़ में, रणबंका राठौड़।।
    राव सीहा की मृत्यु के बाद राव आस्थान ने गोहिलो से खेडगढ राज्य छीनकर अपना राज्य बढाया। आस्थान की मृत्यु के बाद उसके पुत्र धुहड़ ने दक्षिण से राठौडों की कुल देवी चक्रवेश्वरी की मूर्ति लाकर नगाणा(बाडमेर) में स्थापित की। तबसे यह देवी राठौडों की कुल देवी मानी जाती है। धूहड़ के भाई पाबू जी लोकदेवता माने जाते है। धूहड़ के बाद क्रमशः रामपाल-कानपाल, जालणसी छाड़ा, तीड़ा, सलखा, खेड़गढ़ की गद्दी पर बैठै। सलखा के पुत्र राव मल्लीनाथ के नास से अभी तक यह प्रदेश मलानी कहलाता है। राव सलखा के वंशज क्रमशः वीरम्, चूण्डा, कान्हा, सत्ता, रणमल और जोधा जी हुए। राव जोधा जी ने जोधपुर बसाकर वहा अपनी राजधानी बसाई। तब से ही यह राज्य जोधपुर राज्य कहलाता है। जोधपुर राज्य की वंशावली इस प्रकार हैः-
राव जोधा
सातल
सूजा
गांगा
मालदेव
चन्द्रसेन
रामसिंह
उदयसिंह
किशन सिंह
सूरसिंह
गजसिंह
जसवंत सिंह
अजित सिंह
अभय सिंह
रामसिंह
बख्त सिंह
विजय सिंह
भीम सिंह
मान सिंह
तख्त सिंह
जसवंत सिंह
सरदार सिंह
सुमेर सिंह
उम्मेद सिंह
हनुमंत सिंह
गजसिंह
    राव जोधा के दूसरे पुत्र बीका ने सन् 1485 में बीकानेर राज्य स्थापित किया। जोधाजी के तीसरे पुत्र दूदा को मेड़ता की जागीर दी गई। दूदा के दूसरे पुत्र रत्न सिंह जिसे कुड़की की जागीर मिली थी, की पूत्री भक्तमति मीरा बाई थी। जोधपुर के राजा उदय सिंह के पुत्र किशन सिंह ने सन् 1609 में किशनगढ़ राज्य की स्थापना की। इस तरह राजस्थान में राठौडो की तीन रियासते है- जोधपुर, बीकानेर तथा किशनगढ़।
बीकानेर राज्य के राठौड़ शासकः-
राव बीका( राव जोधा के पुत्र)
राजवनराजी,
लूणकरण
जैतसी
कल्याण सिंह
रायसिंह
दलपत सिंह
सूरसिंह
कर्णसिंह
अनूप सिंह
स्वरूप सिंह
सुजान सिंह
जोरावर सिंह
गलसिंह
राजसिंह
सूरज सिंह
रतन सिंह
सरदार सिंह
डूंगर सिंह
गंगा सिंह
सार्दुल सिंह
कर्णी सिंह
किशनगढ़ के राठौड़ राजाः-
किशनसिंह(जोधपुर के राजा उदयसिंह के पुत्र)
सहसमल
जगमाल
हीरा सिंह
रूप सिंह
मानसिंह
राजसिंह
सामंत सिंह
सरदार सिंह
बहादूर सिंह
बिड़द सिंह
प्रताप सिंह
कल्याण सिंह
मोहकम सिंह
पृथ्वी सिंह
सार्दूल सिंह
मदन सिंह
सुमेर सिंह
जोधपुर के महाराजा उदयसिंह के प्रपौत्र रतन सिंह ने रतलाम राज्य की स्थापना की।
मेड़तिया राठौडों की उपशाखाएः-
रायमलोतः दूदा के पुत्र रायमल के वंशज
जयमलोतः वीरमदेव के पुत्र जयमल के वंशज
ईशरदासोतः वीरम देव के पुत्र ईशरदास से
जगमालोतः वीरमदेव के पुत्र जगमाल के वंशज
वीदावतः वीरमदेव के पुत्र चांदा के वंशज
गोपीनाथोतः वीरमदेव के पांचवे वंशधर गोपीनाथ के वंशज, घाणेराव ठिकाना।
मांडणोतः वीरमदेव के पुत्र मांडणा से
सुरताणोतः जयमल के पुत्र मांडण से
सादुलोतः जयमल के पुत्र सादुल से
केशवदासोतः जयमल के पुत्र केशवदास के वंशज
माधवदासोतः जयमल के पुत्र माधवदास से
मुकुंददासोतः जयमल के पुत्र मुकुंददास के वंशज
कल्याणदासोतः जयमल के वंशज कल्याण दास के वंशज
रामदासोतः जयमल के पुत्र रामदास के वंशज
गोविंदासोतः जयमल के पुत्र गोविंददास के वंशज
विट्ठलदासोतः जयमल के पुत्र विट्ठलदाल के वंशज
शामदासोतः जयमल के पुत्र श्यामदास के वंशज
द्वारकादासोतः जयमल के वंशज द्वारका दासोत के वंशज
अनोपसिंहोतः घाणेराव के शासक किशनसिह के पौत्र, गोपीनाथ के पुत्र अनोपसिंह के वंशज, ठिकाना चाणोद।
जगन्नाथोतः जयमल के पुत्र गोविंददास के पुत्र जगन्नाथ के वंशज, नागौर, मेड़ता व परबतसर के आसपास।

6:43 PM | 0 comments | Read More

इंसान की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं ..

   ब्रुनेई के सुलतान को महंगी कारों के कलेक्शन का जबरदस्त शौक है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सुल्तान के गैरेज की लंबाई-चौड़ाई पांच एयरक्राफ्ट हैंगर के बराबर है।
   सुल्तान के गैराज में 7,000 शानदार कारें मौजूद हैं। इनमें 604 राल्स रायस, 600 मर्सिडीज, 452 फरारी, 382 बेंटली, 209 बी.एम.डब्ल्यू, 179 जगुआर, 21 लैम्‍बोर्गिनी, 11 एस्टन मार्टिंस और अन्य ढेरों महंगी कारें शामिल हैं। इसके अलावा सुल्तान के पास एक गोल्ड प्लेटेड कार भी है। अनुमानित तौर पर इनकी कीमत 5 बिलियन डॉलर यानी 3 खरब रुपए से भी ज्यादा है।
     सुल्तान के पास खुद का बोइंग 747-400 विमान भी है। ये किसी महल से कम नहीं। विमान के अंदर एक लिविंग रूम, बेड रूम है। ये जेट पूरी तरह आधुनिक उपकरणों से लैस है। उनके पास बोइंग 767-200 भी है, इसके अलावा एक एयरबस ए340-200 भी है।

6:30 PM | 0 comments | Read More

गाय ने बदल दी इस गांव की तकदीर, रोज़गार से लेकर नशामुक्ति तक के लिए वरदान साबित हुई

     रायसेन।। गाय पालना और उसका ध्यान रखना एक गांव के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ है। गौ-पालन से इस गांव के लोगों की ज़िंदगी मे काफी बदलाव आ गया है। यहां के लोग गौ-धन के जरिये आय अर्जित कर रहे हैं। साथ ही वे गौ-धन से औषधि बनाना भी सीख रहे हैं। आसपास के गांव के लोग भी औषधि बनाने के तरीके को सीखने के लिए यहां आ रहे हैं।
      भोपाल के गायत्री पीठ द्वारा रायसेन जिले के इमलिया गौंडी गांव के जंगल में गौशाला स्थापित की गई है। जो की गांव के लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बन गया है। साथ ही गांव के जिस परिवार के पास गाय नहीं है, उन्हें गायत्री पीठ द्वारा नि:शुल्क गाय वितरित की गयी है। जिससे उन परिवारों को भी रोजगार मिला है. जिनके पास रोजगार उपलब्ध नहीं था।
22 एकड़ में फैली है गौशाला
     गौशाला का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे डॉ. शंकरलाल पाटीदार ने बताया की गौशाला मे अलग-अलग प्रजाति की 350 गाय है। यह गौशाला 22 एकड़ मे फैली हुई है। ग्रामीणों को गौशाला में 44 प्रकार की औषधि बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही गरीब किसानों को नि:शुल्क खाद और एक गाय भी दी जाती है। गाय ग्रामीणों को दूध देने के साथ-साथ उनके परिवार को आय का साधन उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण गोबर और गौमूत्र के अर्क से औषधीय बनाकर आय अर्जित कर रहे हैं। ग्रामीण जैविक खाद बनाकर अपना खेती भी करते हैं और उसे बेचते भी हैं।
    गौशाला द्वारा अब तक इस गांव में 150 गाय वितरित की जा चुकी है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रणव पाण्डेय का कहना है कि गौ-पालन, गौ-संवर्धन और गौ-रक्षण हमारा परम कर्तव्य है। जिसका पालन हम सभी को समान रूप से करना चाहिए।
नशा मुक्ति में सहयोग
     गौ-पालन से गांव के लोगों को सिर्फ रोजगार का जरिया ही नहीं मिला है, बल्कि गाय की सौगंध खाकर लोग नशा न करने का संकल्प भी ले रहे हैं। इसका असर इतना ज्यादा है की गांव के अधिकांश लोग इसका अनुसरण करने लगे हैं। आलम यह है की 95 प्रतिशत लोगों ने नशा करना छोड़ दिया है और गाय पालन कर कुछ पैसे कमाने में लग गए हैं।
    इस गांव में आते ही आपके आंखों के सामने ‘गौ-संवर्धन गांव’ की छवि उभरने लगेगी। भोपाल स्थित गायत्री शक्तिपीठ ने इस गांव के जंगल में गौशाला स्थापित की है। उनलोगों को गाय दिया जा रहा है, जिनके पास इतने पैसे नहीं है की वह कोई गाय खरीद सके। 2500 की आबादी वाले इस गांव में लगभग 450 घर है। जिसमें अब तक 150 लोगों को गौशाला की ओर गाय दी जा चुकी है।
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इसने तो गाय के गौबर से बना डाला वातानुकूलीत मकान

jkhhg   रोहतक।। वर्तमान में बन रहे मकान गर्मी में तपते हैं तो सर्दी में सिकुड़ने को मजबूर कर देते हैं। इसके पीछे कारण है कि मकान निर्माण में प्रयोग होने वाला लोहा, सीमेंट और पक्की ईंट ऊष्मा को अंदर आने से नहीं रोक पाते। इस समस्या से निजात पाने के लिए डॉ. शिव दर्शन मलिक ने गाय के गोबर एवं जिप्सम को मिलाकर एक मकान तैयार किया है। इस नई तकनीक में नींव से ऊपर एक दाना भी सीमेंट, रोड़ी, पक्की ईंट आदि का प्रयोग नहीं होगा। प्राकृतिक संसाधनों से बने इस भवन में वातानुकूलन की आवश्यकता नहीं। अपने इस अविष्कार को लेकर डॉ. मलिक ने मंगलवार को प्रेसवार्ता की।
     शहर के शीला बाईपास के निकट रहने वाले डॉ. मलिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल व अविष्कार में लगे हैं। इन्होंने पूर्व में कृषि कचरे से इंजन, आटा चक्की और ट्यूबवेल भी चलाये हैं। राष्ट्रीय कृषि मेले गंगानगर, राजस्थान में इनको सर्वश्रेष्ठ किसान के रूप में नवाजा जा चुका है। जिप्सम से बना विशेष प्लास्टर होता हो उपयोग इस भवन में 26, 20 और 4 इंच आकार के जिप्सम ब्लॉक लगे हैं। इनमें एक तरफ कट व दूसरी तरफ उभार है जिससे वे एक-दूसरे में फंस जाते हैं। इनके जोड़ों को भरने के लिए भी सीमेंट का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि जिप्सम से निर्मित एक विशेष प्लास्टर उपयोग में लिया जाता है। खास बात ये भी है कि दीवार फटाफट बनती है और बाद में तराई भी नहीं करनी पड़ती।
      उष्मा, ध्वनि और अग्नि रोधी जिप्सम उष्मा रोधी, ध्वनि रोधी होने के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ अग्नि रोधी पदार्थ है। यह आग लगने के चार घंटे तक नहीं जलता। अगर तब तक भी आग न बुझे तो यह क्रिस्टलीय जल छोड़ने लगता है और आग बुझाने में मदद करता है। जिप्सम गाय का गोबर मिलाने पर यह सोने में सुहागे जैसा काम करता है। गोबर के मिलाने से जिप्सम प्लास्टर की कमियां जैसे की भंगुरपन व पानी सोखना काफी हद तक दूर हो जाती हैं व इसकी मजबूती बढ़ती है। प्रतीकामत्क फोटो गौशालाओं की बढ़ेगी आमद डॉ. शिवदर्शन ने बताया कि वे अपने इस नए वैदिक प्लास्टर अविष्कार से गौशालाओं को जोड़ेंगे। इसके गोबर से वे ब्लॉक बनाकर लोगों को मकान बनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इससे लागत बहुत ही कम आती है और गौशालाओं की आमदनी भी बढ़ेगी, क्योंकि उनका गोबर खरीदा जाएगा। उष्मा रोधी भवन की मियाद भी ज्यादा है।

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केजरीवालजी पैसे भेज रहा हूँ जूते खरीद लीजिए, देश के सम्मान को ठेस ना पहुंचाए

     नई दिल्ली।। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल एक सामान्‍य आदमी की तरह खुद को दिखाने के लिए अपना पहनावा भी ऐसा ही रखते हैं, लेकिन विशाखापत्तनम के व्यापारी सुमित अग्रवाल को यह नागवार गुजरा और उन्‍होंने केजरीवाल को ओपन लेटर लिखते हुए उन्हें 364 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजा है। अपने पत्र में अग्रवाल ने केजरीवाल से आग्रह किया है कि डीडी द्वारा भेजी गई धनराशि से वह अपने लिए जूते खरीद लें ताकि आगे से होने वाले महत्वपूर्ण मौकों पर देश का सम्मान को ठेस न पहुंचे।
     आपको बता दें कि जनवरी में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में अरविंद केजरीवाल सैंडल पहनकर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद से मिले थे। इसी घटना को आधार बनाकर सुमित ने अपने पत्र में लिखा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की तनख्वाह 2 लाख रुपए मासिक होने के बाद भी वह खास मौकों पर सैंडल पहनकर चले जाते हैं। यह किसी खास दोस्त की निजी पार्टी नहीं थी, राष्ट्रपति भवन का डिनर था। जिसकी अपनी अहमियत है।
     सुमित आगे लिखते हैं कि शो ऑफ करना अच्छी बात नहीं, परन्तु सादगी का जरूरत से ज्यादा प्रदर्शन इससे भी बुरा है। उन्होंने आगे दिल्ली के सीएम को संबोधित करते हुए लिखा, "मेरे शहर में इस वीकेंड पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का आयोजन होगा। ऐसे मौके अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने और दूसरे देशों के साथ दोस्ती का संबंध बनाने के लिए होते हैं। इस मौके पर 60 देशों के प्रतिनिधि आएंगे। संभावना है कि आपको (केजरीवाल को) भी आमंत्रण मिले। बस इसी वजह से मैं आपको यह खत लिख रहा हूं।"
     सुमित ने लिखा, "सर, आपकी तरह मैं भी एक मकैनिकल इंजीनियर हूं। हालांकि आईआईटी या ऐसे ही किसी दूसरे प्रतिष्ठित से नहीं पढ़ा हूं। आपकी तरह मैं मारवाड़ी (बनिया) भी हूं। लेकिन आपकी तरह मेरे अंदर आम आदमी का वह नैचरल आकर्षण नहीं है, इसीलिए बहुत कोशिश करने के बाद भी मैं बस 364 रुपये जुटा पाया हूं। हालांकि इतने पैसे एक मुख्यमंत्री के लिए काफी नहीं हैं, लेकिन मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया इस छोटे से योगदान को स्वीकार करें और अपने लिए एक जोड़ी बढ़िया ब्लैक फॉर्मल शूज ले लें। अगर आपको और पैसों की जरूरत हो तो मुझे लिखें, जरूरत पड़ी तो मैं कुछ और पैसे जुटाने के लिए पूरे शहर का चक्कर लगा आऊंगा।"
     पत्र के आखिर में सुमित पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन का उदाहरण देते हुए लिखते हैं कि यदि केजरीवाल अपने तरीके में बदलाव नहीं लाते हैं तो राष्ट्रपति भवन अपना तरीका बदल कर वापस पुराने नियम को अपना सकता है।
 

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दूसरी औरत के साथ भाग रहा था पति, पत्‍नी ने कर दी धुनाई

     बरेली।। 11 साल का बेटा और 9 साल की बेटी लेकिन फिर भी बरेली के एक शख्स पर सवार था इश्क का भूत। पत्नी और बच्चों को घर से निकालकर पति दूसरी औरत के साथ रहने के लिए फरार होने वाला था लेकिन मुहल्लेवालों को जब ये बात पता चली तो बेवफा पति की शामत आ गई।
     बरेली के थाना इज्जतनगर के अलोक नगर में रेलवे कर्मचारी अशर्फी राय अपनी पत्नी और दो बच्चो को घर से बाहर निकालकर यहां से फरार हो गया था, जिसके बाद पत्नी सरिता बच्चो के साथ घर के बाहर बैठ थी। मुहल्ले के लोग बच्चों को खाना दे रहे थे। अशर्फी राय़ अपनी पत्नी और बच्चों से बचकर भागना चाहता था। वो अपने घर सिर्फ अपना जरूरी सामान लेने आया था लेकिन अब पत्नी और उसके ससुरालवालों का सब्र खत्म हो चुका था। महिला का पति अशर्फी राय बरेली के इज़्ज़तनगर रेलवे कारखाने में टैक्नीशियन के पद पर तैनात है। 
     जिस पत्नी ने कई सालों तक जुल्म सहा उसने अपने पति के खिलाफ जुबान खोली तो पूरा मुहल्ला उसके साथ खड़ा हो गया। दो बच्चों की मां सरिता ने अगर पहले ही अपने पति के करतूतों का खुलासा किया होता तो शायद अशर्फी राय पहले ही सुधर जाता। लोगो ने अशर्फी राय को चेतावनी देकर छोड़ दिया कि वो या तो अपनी पत्नी और बच्चों की देखभाल ठीक से करे वरना अगली बार जेल जाने को तैयार रहे।
(नीरज आनंद)
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नौकरानी के साथ संदिग्ध अवस्था में रंगे हाथों पकड़े गए पूर्व बीजेपी विधायक

   चिनहट।। बीजेपी के एक पूर्व विधायक नए मामले में फंस गए है। बलरामपुर के तुलसीपुर से बीजेपी के पूर्व विधायक योगी कौशलेंद्र नाथ को चिनहट स्थित अपने आवास पर नौकरानी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए। पति को देखकर हड़बड़ाई महिला ने कहा कि वह योगी कौशलेंद्र नाथ के पास अपने भाई के लिए नौकरी मांगने आई थी।पुलिस टीम योगी कौशलेंद्र नाथ के साथ महिला, उसके भाई व पति को बीबीडी पुलिस चौकी ले गई। महिला ने अपने पति पर शराब के नशे में गलत आरोप लगाने की बात कही। पति के सवाल दागने पर उसने कुबूला कि योगी कौशलेंद्र नाथ उसे कमरे में ले गए थे और भाई से गैलरी में इंतजार करने को कहा था। 
    हैरत की बात तो यह है कि उनको पकड़ा भी नौकरानी के पति ने ही। हुआ ये कि योगी कौशलेंद्र नाथ अपने घर में नौकरानी के साथ क्‍वालिटी टाइम बिता रहे थे। तभी अचानक नौकरानी का पति वहां आ पहुंच और उसने दोनों को रंगे होथों पकड़ लिया। बीवी के साथ पूर्व विधायक को देख आगबबूला हो गया।
योगी कौशलेंद्र नाथ के खिलाफ की पुलिस में शिकायत
     फिर पूर्व विधायक योगी कौशलेंद्र नाथ ने उसे बहुत समझाया लेकिन उसने एक नहीं सुनी और कोतवाली पहुंच गया। उसकी तहरीर पर पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ दूसरे की पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में शिकायत दर्ज की है। एसएचओ चिनहट सुरेंद्र यादव के मुताबिक साईं अपार्टमेंट में योगी कौशलेंद्र नाथ का आवास है। कठौता के पास रहने वाली महिला उनकी नौकरानी है। वह अपने भाई को लेकर दोपहर में कौशलेंद्र के पास नौकरी दिलाने गई थी। भाई को फ्लैट के बाहर रोककर वह भीतर गई और काफी देर तक नहीं निकली। इसी बीच उसका पति उसे तलाशता हुआ वहां पहुंच गया। साले को बाहर खड़ा देख पत्नी के बारे में पूछा तो वह बहाने बनाने लगा।
आपत्तिजनक हालत में देख वह आपे से बाहर हो गया
     इस पर पति धड़धड़ाता हुआ भीतर दाखिल हो गया। यहां पूर्व विधायक को पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख वह आपे से बाहर हो गया। पति के शोर-शराबा करने पर योगी कौशलेंद्र नाथ ने उससे काफी मानने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। वह वहां से बाहर निकला और सीधा कोतवाली पहुंच गया। यहां पुलिस ने पहले तो काफी देर तक टालमटोल करने की कोशिश की, लेकिन उसकी जिद देख अफसरों तक बात पहुंचने के डर से लिखा-पढ़ी में जुट गई। एसएचओ का कहना है कि पति के आरोप के आधार पर विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले की शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
विधायक पर रेप का आरोप भी लग चुका है
      पूर्व विधायक योगी कौशलेंद्र नाथ पर 10 महीने पहले एक दूसरी नौकरानी को बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगा था। पुलिस ने रेप की एफआईआर दर्ज की थी। एक बार फिर नौकरानी के साथ आपत्तिजनक स्थित में पकड़े गए पूर्व विधायक की खबर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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भारत की सबसे भयानक जगह है यह किला!

Written By News Today Time on Wednesday, February 3, 2016 | 9:38 PM


    जयपुर।। इस किले में प्रवेश करने वाले लोगों को पहले ही चेतावनी दे दी जाती है कि वे सूर्योदय के पूर्व और सूर्यास्त के पश्चात् इस इस किले के आस पास समूचे क्षेत्र में प्रवेश ना करें अन्यथा किले के अन्दर उनके साथ कुछ भी भयानक घट सकता है।
      ऐसा कहा जाता है कि इस किले में भूत प्रेत का बसेरा है,भारतीय पुरातत्व के द्वारा इस खंडहर को संरक्षित कर दिया गया है।गौर करने वाली बात है जहाँ पुरात्तव विभाग ने हर संरक्षित क्षेत्र में अपने ऑफिस बनवाये है वहीँ इस किले के संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग ने अपना ऑफिस भानगढ़ से किमी दूर बनाया है।
     जयपुर और अलबर के बीच स्थित राजस्थान के भानगढ़ के इस किले के बारे में वहां के स्थानीय लोग कहते हैं कि रात्रि के समय इस किले से तरह तरह की भयानक आवाजें आती हैं और साथ ही यह भी कहते हैं कि इस किले के अन्दर जो भी गया वह आज तक वापस नहीं आया है,लेकिन इसका राज क्या है आज तक कोई नहीं जान पाया।
     मिथकों के अनुसार भानगढ़ एक गुरु बालू नाथ द्वारा एक शापित स्थान है जिन्होंने इसके मूल निर्माण की मंज़ूरी दी थी लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि महल की ऊंचाई इतनी रखी जाये कि उसकी छाया उनके ध्यान स्थान से आगे ना निकले अन्यथा पूरा नगर ध्वस्त हो जायेगा लेकिन राजवंश के राजा अजब सिंह ने गुरु बालू नाथ की इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया और उस महल की ऊंचाई बढ़ा दी जिससे की महल की छाया ने गुरु बालू नाथ के ध्यान स्थान को ढंक लिया और तभी से यह महल शापित हो गया।
    एक अन्य कहानी के अनुसार राजकुमारी रत्नावती जिसकी खूबसूरती का राजस्थान में कोई सानी नहीं था। जब वह विवाह योग्य हो गई तो उसे जगह जगह से रिश्ते की बात आने लगी।
    एक दिन एक तांत्रिक की नज़र उस पर पड़ी तो वह उस पर कला जादू करने की योजना बना बैठा और राजकुमारी के बारे में जासूसी करने लगा।
    एक दिन उसने देखा कि राजकुमारी का नौकर राजकुमारी के लिए इत्र खरीद रहा है,तांत्रिक ने अपने काले जादू का मंत्र उस इत्र की बोतल में दाल दिया,लेकिन एक विश्वशनीय व्यक्ति ने राजकुमारी को इस राज के बारे में बता दिया।
     राजकुमारी ने वह इत्र की बोतल को चट्टान पर रखा और तांत्रिक को मारने के लिए एक पत्थर लुढ़का दिया,लेकिन मरने से पहले वह समूचे भानगढ़ को श्राप दे गया जिससे कि राजकुमारी सहित सारे भानगढ़ बासियों की म्रत्यु हो गई।
    इस तरह की और और भी कई कहानियां हैं जो भानगढ़ के रहस्य पर प्रकाश डालती हैं लेकिन हकीकत क्या है वह आज भी एक रहस्य है।
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मंदिर तोड़ने के विरोध में सड़क पर उतरे मुस्लिम

     वैशाली।। सांप्रदायिक सौहार्द्र की एक शानदार मिसाल बिहार के हाजीपुर में देखने को मिला है। धार्मिक आस्था से जुड़ा यह मामला हाजीपुर के बागमली की है। दरअसल, नगर परिषद् के कार्यपालक दंडाधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम हाईकोर्ट के निर्देश पर बागमली स्थित वासुदेव मंदिर को तोड़ने पहुंची थी।
अधिकारियों की टीम जेसीबी और भारी पुलिस बल के साथ जैसे ही मंदिर की तरफ बढ़ने लगे, वैसे ही लोग सड़क पर आ गए। मामला बढ़ता देख मुस्लिम समुदाय के लोग भी मंदिर तोड़ने के विरोध में आगे आ गए और अधिकारियों के सामने जमकर प्रदर्शन किए। साथ ही आक्रोशित लोगों ने हाजीपुर-लालगंज मुख्यमार्ग को जाम कर दिया।
     लोगों का कहना था कि यहां किसी को भी इस मंदिर से कोई परेशानी नहीं है। यह सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा प्रशासन को दी गई गलत जानकारी के आधार पर किया जा रहा है। वह व्यक्ति यहां का रहने वाला भी नहीं है। दो-तीन साल पहले उसने यहां जमीन खरीद कर मकान बनाया और रास्ते के लिए गलत जानकारी नगर परिषद को दी। जिसके बाद अफसरों ने भी यहीं गलत जानकारी कोर्ट को दी है। विरोध कर रहे लोग भी कोर्ट गए हुए है। लोगों का आरोप है कि नगरपरिषद के अधिकारी एक ब्यक्ति के स्वार्थपूर्ति के लिए स्थानीय लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिसके विरोध में स्थानीय हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोग बुधवार को सड़क पर उतरे हैं। वही मौके पर पहुंचे अधिकारी लगातार लोगों को समझाने में जुटे हुए हैं।
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वक्फ बोर्ड अध्यक्ष और विधायक ने लगाए बार बालाओं के संग ठुमकने

   वक्फ खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर चर्चा में आ गए। चैंपियन के सामने एक कार्यक्रम में महिला डांसरों के हर ठुमके पर जमकर नोट बरसे। यही नहीं, कई लोगों ने हवा में हथियार भी लहराए। वक्फ विकास परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष राव सज्जाद खान के स्वागत में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। मामला दरगाहों और मस्जिदों का सरंक्षण करने वाले वक्फ के अध्यक्ष से जुड़ा होने के कारण आयोजन विवादों में घिर गया। उलेमाओं समेत तमाम लोगों ने नाराजगी जताते हुए ताजपोशी पर ही सवाल उठाए हैं। प्रदेश में तमाम मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों का रखरखाव उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के जरिये किया जाता है। सरकार ने वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए पहली बार उत्तराखंड वक्फ विकास परिषद का गठन कर रुड़की के ढंढेरा निवासी राव सज्जाद को अध्यक्ष बनाया है। रविवार को राव सज्जाद के सम्मान समारोह में स्टेज पर महिला डांसरों ने फिल्मी गीतों पर जमकर ठुमके लगाए। स्टेज पर मौजूद अध्यक्ष राव सज्जाद के साथ कैबिनेट स्तर के दर्जाधारी मंत्री कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने भी इन बालाओं पर नोट बरसाए। कार्यक्रम में हवाई फायरिंग की गई। नाच गाने का मंत्री और समर्थकों ने खूब लुत्फ उठाया। मगर आयोजन पर भी सवाल भी खूब उठे। राव सज्जाद ने खुद भी स्टेज पर डांस के दौरान पिस्टल लहराया। इसके बाद चैंपियन को चांदी का मुकुट पहनाकर आभार भी जताया गया। बालाओें के डांस के दौरान मोबाइल से वीडियो बनाने वालों की धक्का मुक्की होती रही। सरकार को मुस्लिम संस्थाओं में जिम्मेदारी देने से पहले सोचना समझना चाहिए। उसका ये फर्ज बनता है कि ऐसे जिम्मेदार ओहदों पर जांच परखकर संजीदा लोगों को ही बैठाए। लड़कियों को नचाकर उन पर नोट लुटाने वाले कौम की हिफाजत क्या करेंगे। ये पूरी तरह गैर इस्लामी और गलत है।
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हैण्ड पम्प के पानी से नहाते ही गंजा हो गया पूरा परिवार!

    मधुबनी।। बिहार में मधुबनी जिले के लदनिया प्रखंड में हैंड़पम्प के पानी से नहाने के बाद पूरा परिवार गंजा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों को देखने के लिए गांव के लोग इकठ्ठा हो गए।
     मिली जानकारी के अनुसार, नाथपट्टी गांव में शनिवार दोपहर के समय घर के बाहर लगे एक हैंडपंप के पानी से मोहम्मद हासिम के अलावे उनके परिवार के अन्य तीन और सदस्यों ने स्नान किया। शाम होते-होते परिवार के सभी चारों सदस्य गंजे हो गए। प्रभावित सदस्यों में परिवार के मुखिया मोहम्मद हासिम, उनकी पत्नी जयमून खातून, बेटी अफसाना खातून व पुत्र मोहम्मद हफीजुल शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि स्नान करने के बाद ही सभी बाल आपस में चिपक गए और छूने के बाद हाथों में आ गए। शाम होते-होते सिर के पूरे बाल नीचे आ गए।
      लदनिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विमल कुमार व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक डॉ. विजय साह भी सोमवार को गांव पहुंच कर पीड़ित लोगों से पूछताछ की। बीडीओ ने बताया, “बाल गिरने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने जांच के लिए पानी का नमूना लेकर हैंडपंप को सील कर दिया है। पानी को जांच के लिए भेजा जा रहा है।” उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल सकेगा। बहरहाल, गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है।


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अगर भ्रष्टाचार पर लगाम न लगे तो मत भरो टैक्स - बॉम्बे हाईकोर्ट

Bombay High Court     मुंबई।। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका पर गंभीरता दिखाते हुए कहा है कि अगर सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में नाकाम है तो नागरिकों को टैक्स नहीं भरना चाहिए। एक अखबार की खबर के मुताबिक धोखाधड़ी के एक मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भ्रष्टाचार को ‘कई सिर वाला राक्षस’ करार दिया और कहा कि लोगों को इस मामले में साथ आकर आवाज उठानी चाहिए और टैक्स भरने से इनकार कर देना चाहिए।
    लोकशाहिर अनभउ साथे विकास महामंडल (LASVM) में 385 करोड़ के गबन के मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण चौधरी ने कहा, ‘अगर हर कोई मिलकर काम करे तो भ्रष्टाचार की दूषित हवा को मिटाया जा सकता है। अगर ये चलती रहे तो करदाताओं को असहयोग आंदोलन चलाकर टैक्स भरने से इनकार कर देना चाहिए।’
   कोर्ट ने कहा कि सरकार को करदाताओं के दर्द और गुस्से को समझना चाहिए. जज ने पाया कि प्रदेश में करदाता पिछले दो दशकों से परेशान हैं और सरकारी संगठनों में भ्रष्टाचार लगातार पैर पसारता ही जा रहा है।
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फिरोज से की थी लव मैरिज, अब फ़िरोज़ का चक्कर किसी और से, पत्नी की ज़िन्दगी हो गई नरक

भीड़ के सामने पत्नी ने की पति‍ के गर्लफ्रेंड की धुनाई
   लखनऊ।। राजधानी के नरही में सड़क पर पति, पत्नी और वो का जमकर ड्रामा देखने को मिला। सोनिया नाम की इस महिला की मानें तो उसने फिरोज से युवक से लव मैरिज शादी की थी। शादी के 13 साल से ज्‍यादा हो गए और 12 साल की उनकी एक बेटी भी है। आरोप है कि‍ श्रुति गुप्ता नाम की लड़की ने उसके पति पर डोरे डालने शुरू कर दिए। वह गर्लफेंड बनकर लि‍विंग रि‍लेशन में उसके साथ रहने भी लगी। पीड़ित महिला सोनिया की मानें उसकी जिंदगी इस लड़की ने नरक कर दिया। इस महि‍ला का कहना है कि‍ उसने थक-हार कर महिला थाने और 1090 पर शिकायत की। इंसाफ नहीं मि‍लने पर महिला ने बीच सड़क पर ही अपने पति के प्रेमिका की जमकर धुनाई कर दी। 
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यहां मिली थी पांडवों को पाप से मुक्ती

निष्कलंक महादेव – गुजरात – अरब सागर में स्तिथ शिव मंदिर
    गुजरात के भावनगर में कोलियाक तट (Koliyak Beach) से तीन किलोमीटर अंदर अरब सागर में स्तिथ है निष्कलंक महादेव। यहाँ पर अरब सागर की लहरें रोज़ शिवलिंगों का जलाभिषेक करती हैं। लोग पानी में पैदल चलकर ही इस मंदिर में दर्शन करने जाते है। इसके लिए उन्हें ज्वार (Tide) के उतरने का इंतज़ार करना पड़ता है। भारी ज्वार (Heavy Tide) के वक़्त केवल मंदिर की पताका और खम्भा ही नजर आता है। जिसे देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता की पानी की नीचे समुंद्र मैं महादेव का प्राचिन मंदीर स्तिथ हैं। यहाँ पर शिवजी के पांच स्वयंभू शिवलिंग हैं।


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तीन हजार महीना पाने वाले MCD के पार्षद कैसे चलते हैं ऑडी में ?

सतेंद्र जैन का आरोप MCD कर्मचारियों की हड़ताल को लीड कर रहे हैं BJP के पार्षद
     सेलरी को लेकर एमसीडी कर्मचारियों की Strike पर BJP और आम आदमी पार्टी में तकरार जारी है। दिल्‍ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सतेंद्र जैन से BJP नेताओं से सवाल किया है कि आखिर तीन हजार रुपए महीना पाने वाले उनके पार्षद लाखों रुपए की ऑडी कार में कैसे चलते हैं। सतेंद्र जैन का आरोप है कि BJP के इन्‍हीं नेताओं ने एमसीडी कर्मचारियों की सेलरी डकार ली है।
      एमसीडी स्ट्राइकको लेकर दिल्‍ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सतेंद्र जैन ने अपने घर पर MCD कमिश्‍नर की मीटिंग बुलाई थी। सतेंद्र जैन ने एमसीडी अफसरों से पूछा कि आखिर वो लोग काम क्‍यों नहीं कर रहे हैं जो MCD कांट्रेक्‍टर हैं। दरअसल दिल्‍ली में बड़े पैमाने पर MCD का काम कांट्रेक्‍ट बेसेस पर होता है। लेकिन, हड़ताल की आड़ में उन लोगों ने भी काम बंद कर रखा है। सतेंद्र जैन का कहना था कि दरअसल एमसीडी के कर्मचारी हड़ताल नहीं चाहते थे, लेकिन, BJP के नेताओं ने जबरन उन्‍हें हड़ताल में शामिल कराया। सतेंद्र जैन का कहना था कि दिल्‍ली सरकार पूरी तरह MCD के उन कर्मचारियों के साथ है जिन्‍हे सेलरी नहीं मिली है। हम भी ये जानना चाहते हैं कि आखिर एमसीडी की सेलरी का पैसा गया कहां। कौन डकार गया कर्मचारियों की सेलरी। दिल्‍ली सरकार लगातार ये कहती आ रही है कि उनसे पूरे साल भर की सेलरी का पैसा MCD को एडवांस में दे रखा है। फिर क्‍यों कर्मचारियों को पैसा नहीं दिया गया। इसकी जांच होनी चाहिए।
    सतेंद्र जैन का आरोप है कि BJP के तमाम पार्षद खुद MCDकर्मचारियों की इस हड़ताल को लीड कर रहे हैं और दिल्‍ली में गंदगी फैला रहे हैं। सतेंद्र जैन से BJP से सबसे बड़ा सवाल किया है कि आखिर तीन हजार रुपए महीने पाने वाले उनके पार्षद लग्‍जरी और महंगी गाडि़यों में कैसे चलते हैं। कहां से आता है उनके पास इतना पैसा। सतेंद्र जैन का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। अगर एमसीडी फंड को लेकर BJP ने कोई गड़बड़ी नहीं की है तो फिर वो खातों की जांच से क्‍यों भाग रही है। सतेंद्र जैन ने भी कहा है कि एमसीडी में बहुत बड़ा सेलरी घोटाला हुआ है।
    इससे पहले दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसौदिया भीMCD में सेलरी घोटाले का आरोप लगा चुके हैं। जबकि दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि उनकी सहानुभूति एमसीडी के कर्मचारियों के साथ है। उम्‍मीद है कि मंगलवार को कोर्ट में ये मसला सुलझ जाएगा। दरअसल फंड को लेकर MCD और दिल्‍ली सरकार का झगडा अदालत में भी पहुंच चुका है। मंगलवार को इस केस की सुनवाई भी है। जहां काफी कुछ स्थिति साफ हो सकती है। लेकिन, राजनैतिक और सामाजिक तौर पर तो सवाल यही उठ रहे हैं आखिर BJP MCD फंड की जांच से भाग क्‍यों रही है और कहां से आता है पार्षदों के पास इतना पैसा?
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पुरुष ने पुरुष की भर दी मांग, बना लिया बीवी

Written By News Today Time on Tuesday, February 2, 2016 | 8:32 PM


   इटावा।। अमर सिंह और घनश्याम दोनों पुरुष हैं पर अमर सिंह ने घनश्याम की मांग भर दी है और घनश्याम रोज सिंदूर लगाता है। दोनों पति-पत्नी के तौर पर रहते हैं। घनश्याम ने अपना नाम घनश्याम से बदल कर काजल रख लिया है। घनश्याम से काजल बने इस शख्स ने अब महिलाओं की तरह कपड़े पहनना शुरू कर दिया है और ऋंगार करना शुरू कर दिया है। वह अब हाथों में चूड़ियां और महिलाओं के दूसरे ऋंगार के सामान पहनता है और घनश्याम के बच्चों की देखभाल करता है।
     अमर सिंह की पहली पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। अब घनश्याम अमर सिंह के दोनों बच्चों के साथ ही रहता है। यूपी के मैनपुरी जिले के बिछवां के गांव कुबेरपुर निवासी घनश्याम (30 वर्ष) को नाच-गाने का शौक था। अक्सर वह डांस पार्टियों में जाता था।
    पांच माह पहले उसकी मुलाकात पड़ोसी गांव नगला ऊजीर निवासी अमर सिंह (35 वर्ष) से हुई। अमर सिंह की पत्नी की दो साल पहले मौत हो गई थी, तीनों बच्चों की परवरिश वही करता था। किसान अमर सिंह और घनश्याम में धीरे-धीरे घनिष्ठता बढ़ी, फिर दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे।
      कुछ दिनों बाद शादी कर घर बसाने की सोच ली। घनश्याम ने अमर सिंह के लिए अपना नाम बदलकर काजल कर लिया। दो माह पूर्व घनश्याम अमर सिंह के घर चला गया और उसकी पत्नी बनकर रहने लगा। घर वालों ने उसे खूब समझाया, लेकिन वह अमर सिंह को किसी भी सूरत में छोड़ने को तैयार नहीं हुआ।
      घनश्याम औरतों की तरह कपड़े पहनने लगा और चूड़ी-बिछिया के साथ ही अमर सिंह के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरने लगा। सोमवार को अमर सिंह के साथ घनश्याम अपने घर पहुंचा। उसे औरत के रूप में और कपड़ों में देख ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
     घनश्याम की मां ने उसे मना किया और अमर सिंह को छोड़ घर आने की बात कही। इससे काजल बना घनश्याम नाराज हो गया। उसने मां और गांव वालों के सामने साफ कहा कि वह किसी भी सूरत में अमर सिंह को नहीं छोड़ेगा और उसी के साथ पत्नी के रूप में रहेगा। उसकी मां, भाई और भाभी ने जब ज्यादा विरोध किया, तो वह उनसे झगड़ा कर अमर सिंह के साथ उसके घर लौट गया।

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तो इसलिए बढ़ रही है मोदी की प्रॉपर्टी की वैल्यू...

    नई दिल्ली।। नरेंद्र मोदी के पास भले ही महज 4700 रुपए कैश है, लेकिन उनकी कुल प्रॉपर्टी (मूवेबल-इमूवेबल) अब बढ़कर 1.41 करोड़ रुपए हो चुकी है। पीएमओ के ताजा आंकड़ों की मानें तो प्रधानमंत्री बनने के बाद 7 महीने (अगस्त, 2014 से मार्च 2015 के बीच) में मोदी की प्रॉपर्टी में 15 लाख से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
क्यों बढ़ रही है मोदी की प्रॉपर्टी की वैल्यू...
- पीएमओ ने 30 जनवरी, 2016 को मोदी की प्रॉपर्टी उजागर की है। जिसके मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2014-15 में पीएम के पास 4700 रुपए कैश था।
- 28 अगस्त, 2014 को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मोदी के पास सिर्फ 38,700 रुपए कैश था। जबकि कुल प्रॉपर्टी की वैल्यू 1,26,12,288 रुपए थी।
- हालांकि 31 मार्च, 2015 के आंकड़ों में मोदी की कुल प्रॉपर्टी 15 लाख रुपए बढ़कर 1,41,14,893 रुपए हो गई है।
- प्रॉपर्टी बढ़ने का कारण 25 अक्टूबर, 2002 को गांधीनगर में खरीदी गई एक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी बताई जा रही है, जिसकी कीमत 25 गुना तक बढ़ी है।
मोदी के पास और क्या-क्या?
व्हीकल- कोई नहीं
- 26 मई, 2014 को पीएम पद की शपथ लेने वाले मोदी के पास अपना कोई व्हीकल नहीं है।
बैंक लोन- कोई नहीं
- दिल्ली में उनके पास कोई बैंक अकाउंट नहीं है। सिर्फ एक अकाउंट गुजरात में और कोई लोन भी नहीं है।
सोना और चांदी- 4 अंगूठियां
- कुल 45 ग्राम सोने की चार अगूंठियां हैं, जिनकी कीमत अब 1.19 लाख रुपए है। पिछली बार से इनकी कीमत 20 हजार घटी है।
पॉलिसी/बॉन्ड- 41 लाख रुपए
- इन्वेस्टमेंट के तौर पर 20 हजार रुपए के L&T इंफ्रा बॉन्ड्स (टैक्स सेविंग), 5.45 लाख रुपए के नेशनल सेविंग सर्टिफि‍केट और 1.99 लाख रुपए की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है।
लैंड/घर- गांधीनगर में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी
- गुजरात के गांधीनगर में 3531.45 वर्ग फीट की रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी है। यह प्रॉपर्टी पुश्तैनी नहीं है।
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चंदे के लिए जबरन उगाही कर रहा था AAP विधायक, FIR हुई दर्ज!

    नई दिल्ली।। दिल्ली के करोलबाग से विधायक विशेष रवि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। रवि और उनके दो लोगों पर पार्टी चंदे के लिए जबरन उगाही का आरोप है। और इसके अलावा रंगदारी, धमकाने और आपराधिक साजिश का मामला भी जोड़ा गया है। इस मामले को ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया है।
     ट्रायल कोर्ट ने इस बारे में शुक्रवार को अपना फैसला दिया था। रवि पर दर्ज सभी धाराएं गैर जमानती हैं। पुलिस चाहेगी तो उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। कोऑपरेटिव अर्बन थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार शर्मा की शिकायत पर अदालत ने इसका संज्ञान लिया था। अदालत ने पुलिस को संबंधित धाराएं भी बताई थी।
ये है पूरा मामला :-
     राजकुमार शर्मा ने बताया कि उनके दो परिचित और आप कार्यकर्ता विजय चावला और वीरेंद्र अग्रवाल ने उनसे पार्टी को 10 लाख रुपए चंदा देने के लिए राजी किया था। बीते साल दिल्ली चुनाव के दौरान फरवरी 2015 में उन दोनों ने विशेष रवि के कहने पर ही ऐसा किया था।
    शर्मा ने दोनों को चेक से चंदा दिया। बाद में मन बदलने पर चंदा देने से मना कर दिया। वे दोनों फिर भी बैंक पहुंच गए। शर्मा ने बैंक को भी रकम नहीं देने कहा। इससे वे दोनों विशेष रवि के साथ मिलकर लगातार उन्हें तंग करने लगे।
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भारतीय मूल का ये अमीरीकी, साइकिल से बनाएगा बिजली, लाखों घरों के लिए फ्री में मिलेगी बिजली...

भारतीय मूल का ये अमीरीकी ले के आ रहा है भारत के लाखों घरों के लिए फ्री में बिजली... 
     ये हैं मनोज भार्गव, अमेरिका के रईस भारतीयों में इनकी गिनती होती है। साल 2010 से पहले कम लोग ही उन्हें जानते थे। 2012 में फोर्ब्स मैगजीन ने करोड़पतियों की लिस्ट में उनका नाम शामिल किया तब सबकी निगाहें उनकी तरफ गईं। मनोज भार्गव अपनी बिजली बनाने वाली साइकिल चलाते हुए।
      मनोज को उत्तराखंड से बेहद लगाव है अपना बिजनेस शुरू करने से पहले यहां के कई मठों में साधु की तरह रहे। वह दिल्ली के हंसलोक आश्रम में करीब 12 साल तक रहे। मनोज इन दिनों भारत के करीब 20 लाख लोगों को फ्री बिजली देने वाले प्रोजेक्ट पर काम कर कर रहे हैं। इसकी शुरुआत अगले साल से उत्तराखंड के 20 गांवों से होने जा रही है।
साइकिल से बनेगी बिजली
- मनोज द्वारा बनाई गई साइकिल में एक घंटे पैडल मारने से पूरे दिनभर घरेलू उपकरण चलाने लायक बिजली आसानी से मिल सकती है।
- जहां बिजली नहीं है, वहां लोग इससे 25 एलईडी बल्ब जला सकते हैं। सेलफोन चार्ज कर सकते हैं। छोटा पंखा चला सकते हैं।
- मनोज भार्गव की प्रयोगशाला ने 2015 में मेकैनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रीकल एनर्जी में बदलने पर काम शुरू किया है।
मेकैनिकल एनर्जी को बदला इलेक्ट्रीकल में
   साइकिल से बिजली बनने की तकनीक का उपयोग अभी तक सिर्फ साइकिल की लाइट जलाने तक ही सीमित रहा है। लेकिन मनोज ने इस तकनीक को विकसित करके भारत के उन घरों को रोशन करने का जिम्मा उठाया है जो आज भी बिजली से महरूम हैं।
     अमेरिका के एनर्जी ड्रिंक व्यापारी मनोज भार्गव ने साइकिल पर आधारित एक मशीन तैयार की है। इसे कसरत करने वाली साइकिल भी कहा जा सकता है। भार्गव की इस मशीन से साइकिल से बिजली पैदा की जा सकती है। मेकैनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रीकल एनर्जी में बदलने की एक मशीन से एनर्जी को इकट्ठा किया जा सकता है और पूरे 24 घंटे इससे घर में बिजली रह सकती है।
साधारण साइकिल की तरह
    भार्गव ने इस “फ्री इलेक्ट्रिक” बाइक का पेटेंट करवाया है। जल्द ही इसका बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू होने जा रहा है। भारत की कई बड़ी कंपनियां भार्गव के साथ काम करना चाहती हैं।
खास बात यह है कि इस साइकिल के 70 प्रतिशत पुर्जे सामान्य साइकिल जैसे ही हैं। भार्गव चाहते हैं कि मार्च 2016 में वे भारत में इसकी पहली उत्पादन इकाई स्थापित कर दें जहां रोजाना 1000 साइकिल बनाई जाएं।
क्यों है जरूरत
- अभी भारत के 32000 से ज्यादा गांवों में बिजली नहीं है। 10 लाख से ज्यादा परिवार अंधेरे में रहते हैं।
- एक साइकिल की कीमत 12,000 रुपए के करीब रहेगी।
- पहले चरण में उत्तराखंड में काम होगा।
लखनऊ में हुआ था जन्म
  मनोज भार्गव का जन्म 1952 में लखनऊ में हुआ। जब उनके पिता 1967 में अमेरिका में अपनी पीएचडी करने गए तो उन्हें साथ ले गए। वह पढऩे में तेज थे, लेकिन उन्होंने पढऩे से ज्यादा अपने सपनों को अपनी तरह साकार करना सही समझा।
    उन्होंने अमेरिका के मशहूर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में गणित में ग्रैजुएशन के लिए एडमिशन लिया, लेकिन पहले साल पढ़ाई करने के बाद यूनिवर्सिटी छोड़ दी।
5 Hour Energy ड्रिंक की खोज
    एक बार मनोज नई टेक्नालॉजी की खोज में किसी व्यापार मेले गए हुए थे। सुबह से लगातार कई मीटिंग करने के कारण वो काफी थक गए।
     जिन लोगों के साथ अगली मीटिंग थी उनसे मनोज ने कुछ पीने के लिए मांगा ताकि थोड़ी एनर्जी आ सके। उन्हें गिलास में कुछ पीने ले लिए दिया गया। इसे पीने के बाद वे अगले 7-8 घंटे तक तरोताजा रहे और बड़ी आसानी से अपना काम कर पाए।
    मनोज ने मन ही मन सोचा ये शानदार है, मैं इसे बेच सकता हूं। और फिर अगले 30 दिनों में उन्होंने अपने एनर्जी ड्रिंक का फार्मूला तैयार किया जिसका नाम, “5-hour Energy” रखा गया। बाजार में उनका एनर्जी ड्रिंक आते ही थोड़े दिनों बाद ही अमेरिका में सबसे ज्यादा बिकने वाला एनर्जी ड्रिंक बन गया।
5:40 PM | 0 comments | Read More

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