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यू टूटजाना कलम का _ पत्रकार अक्षय की मौत पर

Written By News Today Time on Monday, July 6, 2015 | 6:08 PM

     चलो माना की उस पत्रकार का काम था रिपोर्टिंग करना। इसलिए वो वहा गया था। चलो माना मंत्री बाबुलाजी गौर साहब जिसे आना है उस जाना भी है, तय है। फिर अक्षय को क्यों पहले ? चलो माना कांग्रेस के राहुल गांधी को चिंता है एक युवा पत्रकार की मौत पर, तो हाल ही में तो मरा था एक युवा पेड़ से लटक कर एक आम लोगो के लिए बनी पार्टी की रैली में, वहा क्यों नहीं गए तब।
    पर उस लकवा लगे पिता को कैसे मनाओगे की अब कभी नहीं आएगा उसका बेटा खबर करके, आज वो खुद एक ब्रेकिंग खबर जो बना हुआ है मरने के बाद। बहन क्या कहे किसी भी मुख्यमंत्री से की लाकर दो एक भाई अक्षय जैसा रक्षाबंधन से पहले पहल, किसी को तो राखी बांधनी ही है ना। मुख्यंत्री भैया।
    ये खबरों के लिए मरने जीने वाले जाबांज़ सोचिये कभी नहीं होते तो क्या कोई भी देश का घोटाला, दंगे, षड्यंत्र, राजनैतिक कुटिल चाले, ये देश को ही बेचते उसके अपने हुक्मरान की खबर कहा से आती किसी को। कितनो को इन खबर नवीसो ने बनाया, कितनो को इन्होने अपना आईना दिखाया। किसलिए। देश के लिए। ताकि बेनकाब चेहरों को देख कर आप जान ले किसे देश की बाग़ डोर देना है किसे नहीं। ऐसे ईमादार पत्रकारों के बिना जैसे एक गहरा शून्य है सच के सामने। देश के आगे।
    कोई बात नहीं ऐसे बहादुर अक्षय आएंगे और भी ,मरेंगे और भी पर जो आज इतना शोक प्रकट कर रहे है देश भर में। क्या कोई आया अभी तक सड़को पर यह कहने की आज ही फैसला कीजिये ईमानदार जांच होगी, तय कीजिये ईमानदार एजेंसी से होगी। मत दीजिये अक्षय को कुछ भी साधन, धन कोई परवाह नहीं एक पत्रकार, चित्रकार, सैनिक के घरो में अमूमन आदत होती है कमतरी में भी जीने की। सब जी ही लेंगे बाकि ज़िन्दगी भी।
    पर देश के आम लोगो, भारतीयों सुनो !! अब आप पर ज़िमेदारी है की उठिए अपनी अपनी जगहों से। सड़को पर आइये। एक साथ चिल्लाये की इंसाफ दो। तुरंत। नहीं तो जाओ कुर्सियों से अपनी अपनी। हम अपने होनहार बेटो को तुम्हारी सत्ता की पद लोलुपता के लिए अब नहीं खोने को तैयार। हमें सावधान रहना है ऐसे सभी घड़ियाली आंसू बहाने वालो से से भी जो अमूमन पत्रकारों को दलाल, कुत्ता, भ्रस्ट कहते कहते बूढ़ा भी गए है। क्या खोज रहा था अक्षय कोई ऐसा सूत्र न जिस से पता चले की फेल होने वाला भी कैसे रूपियो के दम पर बन जाता है इस देश में डाक्टर, कैसे जिन्हे चपरासी भी नहीं बनाने की योग्यता होती उन्हें बना दिया गया हेडमास्टर। इस सच की खोज का फायदा किसे होता। आपको और हम को ही ना। नुकसान किसे होता सत्ता के बईमान लोगो को। तो फिर खामोश क्यों है चलिए, आइये जोर से एक साथ आवाज़ करते है ताकि बहरे हो चुके सिस्टम को अक्षय की चिता से कुछ तो सिख मिले, की अब बस करिये, कितने और अक्षय की जान लेकर आप का बैंक अकाउंट बंद होगा, बताइये ना मंत्री महोदय।
   अक्षय मरा नहीं, मरने वाला भी नहीं कभी ये देश जान ले। अब ऐसे हज़ारो अक्षय उठ खड़े होंगे सत्ता शिखरों के सामने जिन्हे काले को काला, गोरे को गोरा कहना आता है। जान गवा कर भी। तुम अमर हो गए अक्षय अपने कर्तव्यपथ पर चलते चलते मित्र।

(लक्ष्मण पार्वती पटेल)
एक पत्रकार साथ अक्षय का
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सावधानः दूध पीने से अब हो सकता एड्स!


    नई दिल्ली।। अब तक हमने यही सुना है कि दूध सेहत के लिए फायदेमंद होता है लेकिन अब ये सामने आया है कि एक ऐसा दूध भी है जो इंसान के लिए खतरनाक हो सकता है।
   जी हां आपने सही सुना। ऑनलाइन बिक रहा इंसानी दूध नुकसानदेह हो सकता है। विशेष वेबसाइट और सोशल मीडिया समूह महिलाओं के स्तन से उतरे अतिरिक्त दूध को ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाते हैं।
    इस प्रोडक्ट का नाम ‘लिक्विड गोल्ड’ रखा गया है। लंदन की क्वीन मेरी यूनिवर्सिटी की टीम का दावा है कि ये दूध पाश्चरीकृत नहीं है इसलिए इसमें बैक्टीरिया के पनपने की आशंका होती है।
     इस दूध का कारोबार करने वालों का दावा है कि इससे इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है और रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। इस बारे में यूनिवर्सिटी टीम का कहना है कि ये दावा गुमराह करने वाला है और ये कैंसर रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है।
    दो पार्टियों के बीच आपसी सहमति से ख़रीदे जाने के कारण फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कि इंसानी दूध को बेचने की क्या प्रक्रिया है। बार्ट्स एंड द लंदन स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड डेंटिस्ट्री की डॉक्टर सारा स्टील ने बीबीसी को जानकारी दी कि इंसानी दूध का बाज़ार दुनिया भर में लगातार बढ़ रहा है।
   द रॉयल सोसाइटी ऑफ मेडीसिन की पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गलत तरीके से दूध निकालने और उसे इकट्ठा करने के कारण ऑनलाइन बेचे जाने वाले 93 फीसदी इंसानी दूध में बैक्टीरिया पाया गया है।इसलिए इस दूध से हेपिटाइटिस बी और सी, एचआईवी और सिफ़लिस जैसी बीमारियों के होने का अंदेशा होता है। जिन महिलाओं के स्तनों से पर्याप्त दूध नहीं उतरता उनके बच्चों के लिए दूध के इस कारोबार की शुरुआत की गई थी। बाद में इसके सेहत से जुड़े फ़ायदे को देखते हुए दूसरे लोग भी इसका इस्तेमाल करने लगे।

6:04 PM | 0 comments | Read More

दिल्ली सर्जरी कर डॉक्टरों ने एक लीवर से दिया 2 लोगों को जीवनदान

    नई दिल्ली।। दिल्ली में डॉक्टरों ने साइंस का नया चमत्कार पेश किया। डॉक्टरों मे ब्रेन डेड हो चुके 32 साल के एक मरीज का लीवर अलग कर एक-एक भाग दो ऐसे लोगों को दे दिया, जिन्हें लीवर प्रतिरोपण की सख्त जरुरत थी। इस सर्जरी से दो लोगों को नया जीवन दान मिला। इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के लीवर प्रतिरोपण सर्जरी विभाग में वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ। शालीन अग्रवाल ने कहा कि दानकर्ता को इस साल मई में दुबई में ब्रेन डेड हुआ था और उनका ऑपरेशन किया गया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में उन्हें भारत में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल लाया गया, जहां न्यूरो सर्जनों ने उन्हें यहां आने पर ''ब्रेन डेड" घोषित कर दिया। 
   उनके परिवार ने उनके अंगदान पर सहमति दे दी और डॉक्टरों ने उनके लीवर को अलग कर एक भाग जालंधर के रहने वाले 29 साल के एक व्यक्ति को दिया। जो क्रॉनिक एल्कोहलिक लीवर फेल्यर से जूझ रहा था और पांच महीने से प्रतिरोपण सूची में प्रतीक्षारत था। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर अगले दो -तीन महीनों में उसका ऑपरेशन नहीं होता तो वह जीवित नहीं रह पाता। लीवर का दूसरा भाग दिल्ली की ही रहने वाली 42 साल की एक महिला को दिया गया जो क्रॉनिक लीवर फेल्यर से जूझ रही थी और पिछले एक साल से प्रतिरोपण सूची में प्रतीक्षारत थी।
5:58 PM | 0 comments | Read More

सवा लाख से ज्यादा का केजरीवाल का बिजली बिल

    नई दिल्ली।। बिजली बिल मामले में एक नया मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर का जून महीने का बिजली बिल सवा लाख रूपए से ज्यादा का है। सिविल लाइंस इलाके के 6, फ्लैग स्टाफ रोड स्थित शासकीय आवास में केजरीवाल के आने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा बिल है। सरकार ने इस बारे में कहा है कि यह बिल सिर्फ उनके आवास का नहीं है बल्कि इसमें आवास स्थित उनका कार्यालय का बिल भी शामिल है। बिजली बिल को लेकर पिछले दिनों उपजे विवाद के बाद सरकार की ओर से बयान में कहा गया था कि केजरीवाल के सरकारी आवास पर बिजली के 2 मीटर लगे हुए हैं। जून में उनमें से एक मीटर (सीए नंबर 60019133598) का बिल 1,13,598.86 रुपये और दूसरे मीटर (सीए नंबर 60019133564) का बिल 22,689.56 रुपये आया है। एक मीटर में 11,637 यूनिट और दूसरे मीटर में 2510 यूनिट बिजली की खपत हुई है। आप सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने सवा लाख रुपये के बिजली बिल पर सफाई देते हुए कहा, हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि सीएम के घर के परिसर में कई दप:तर भी हैं। वहां एक जनता दरबार कार्यालय है। मुख्यमंत्री के निजी आवास का मीटर अलग है और कार्यालयों में बिजली कनेक्शन का मीटर अलग है। उन्होंने कहा है कि जितने भी बिल आए हैं, उन्हें नियमों के अनुसार अदा किया जाएगा।
    किराड़ी से कांग्रेसी कार्यकत्र्ता प्रत्यूष कंठ ने इस बिजली बिल मामले में सीएम को चिट्ठी लिखकर आपत्ति जताई है। उन्होने कहा है कि आम आदमी की तरह रहने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में 35 एसी लगे हैं। उन्होंने मीडिया में छपी उन खबरों का भी हवाला दिया है, जिनमें मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया था कि सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उनके सरकारी आवास में लगे सभी एसी हटा दिए जाएं।
5:55 PM | 0 comments | Read More

5 दिन तक पड़ोसी के शव के साथ सोता रहा

    बुलंदशहर।। पांच दिन से लापता एक वृद्ध का शव पड़ोसी के कमरे से सड़ी गली अवस्था में मिला है। पुलिस पूछताछ में शव को घर पर रखने वाले ने बताया कि वृद्ध छत से उसके अहाते में गिर गया था। मौके पर ही इसकी मौत होने से वह घबरा गया और खुद पर हत्या के आरोप लगने की आशंका से शव को कमरे में छिपा दिया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 
    मामला पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर का है। शनिवार सुबह 10.30 बजे सिकंदराबाद कोतवाली पहुंचे कायस्थबाड़ा के नगेन्द्र यादव ने प्रभारी कोतवाल को बताया कि उसके पड़ोसी 65 वर्षीय हरिप्रकाश गुप्ता मंगलवार रात नौ बजे दूसरी मंजिल से उसके मकान के आगे गिर गए थे, मौके पर उनकी मौत हो गई थी। खुद पर हत्या के आरोप की आशंका से बचने के लिए वह शव को कमरे में ले गया। चार दिन तक उसने किसी को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया। आरोपी युवक के बात की सत्यता जांचने कोतवाली प्रभारी केपी ङ्क्षसह मौके पर पहुंचे। अंदर शव से तीव्र दुर्गंध उठ रही थी। पुलिस नगेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हरिप्रकाश गुप्ता का मंगलवार रात से पता न चलने पर उनकी रिश्तेदार राजकुमारी ने गुरुवार को गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस को दी थी। शव मिलने पर रिश्तेदारों ने नगेंद्र पर हरिप्रकाश की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।
5:54 PM | 0 comments | Read More

सपा विधायक लक्ष्‍मी गौतम ने पति से मांगा तलाक, प्रेमी से करेंगी शादी!

    मुरादाबाद।। अपने पति दिलीप वार्ष्णेय से विवादों को लेकर चर्चा में रहीं उत्तर प्रदेश के चंदौसी से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक लक्ष्मी गौतम ने तलाक लेने के लिए परिवार अदालत में परिवाद दायर किया है. लक्ष्मी ने रविवार को बताया कि उन्होंने अपने पति दिलीप वार्ष्‍णेय से तलाक लेने के लिए 3 जुलाई को मुरादाबाद परिवार अदालत में परिवाद दायर किया है. उनका कहना है कि 10 साल के वैवाहिक जीवन में वार्ष्‍णेय का व्यवहार उनके साथ अच्छा नहीं रहा. 
    उन्होंने कहा कि इन्‍हीं पारिवारिक झगड़ों से तंग आकर वह पिछले दो साल से अपने पति से अलग रह रही हैं. अब उन्होंने तलाक लेकर अपनी राहें जुदा करने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि तलाक मिलने के बाद विधायक लक्ष्मी गौतम अपने कथित प्रेमी मुकुल अग्रवाल से शादी कर सकती हैं. गौरतलब है कि लक्ष्‍मी पर उनके पति ने मकान हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया था. जिसके बाद इससे गुस्‍साई विधायक ने सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया था.




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अब पत्रकार की मां से रेप में असफल दरोगा ने तेल डालकर जला दिया



    लखनऊ।। अभी शाहजहांपुर के पत्रकार जागेन्द्र को जलाकर मारने की घटना ठंडी भी नहीं पड़ी थी। तब तक बाराबंकी में एक दैनिक के पत्रकार संतोष त्रिवेदी की मां से थाने के भीतर बलात्कार की कोशिश की गई और कामयाबी नहीं मिली तो उहें पेट्रोल डालकर जला दिया गया। गंभीर हालत में लखनऊ में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। वह थाने में अपने पति को छुड़ाने के लिए गयी थी जिन्हें पूछताछ के नाम पर पुलिस ने बेवजह बैठा रखा था। छोडऩे के एवज में पहले उनसे एक लाख रुपये मांगे गये और फिर थानाध्यक्ष के कमरे में ले जाकर उनसे बलात्कार की कोशिश की गयी।
     बाराबंकी जनपद के कोठी थाने में रेप में नाकाम होने पर दारोगा और एसआई ने पीडि़त महिला के ऊपर पेट्रोल डालकर जला दिया, जिससे महिला गम्भीर रूप से झुलस गई। महिला को उपचार के लिये जिला अस्पताल बाराबंकी में भर्ती कराया गया। लेकिन हालत गम्भीर होने पर चिकित्सकों ने महिला को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जहां वह जिन्दगी और मौत से जंग लड़ रही है। इस मामले में एसपी बाराबंकी ने थानाध्यक्ष कोठी और एसआई को सस्पेंड कर दिया है।
    बाराबंकी जनपद के कोठी थाने पर सोमवार की सुबह पीडि़त महिला नीतू शर्मा अपने पति को छुड़ाने के लिये गई थी। नीतू का आरोप है कि एसओ राय सिंह यादव और एसआई अखिलेश ने उसे कमरे में बुलाया और रेप करने की कोशिश की। विरोध करने पर उस पर पेट्रोल उड़ेल दिया और आग लगा दी, जिससे वह गम्भीर रूप से जल गई। एसओ का कहना है कि चार जुलाई को थाना क्षेत्र में गंगा प्रसाद को गोली मारी गई थी, जिसमें नीतू का भाई नन्दु भी नामजद है। इस मामले में नीतू के पति को पुलिस पूछताछ के लिये थाने लाई थी, जहां नीतू छोडऩे का दबाव बना रही थी। पूछताछ के बाद छोडऩे की बात की गई तो उसने मिट्टी का तेल अपने ऊपर गिराकर स्वयं को आग लगा ली।
आईपी सिंह, प्रवक्ता भाजपा
    एक पत्रकार की मां को जलाने की घटना सरकार के ताबूत में आखिरी कील होगी। कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का इतना बुरा हाल हो जायेगा कि पत्रकार की मां तक से बलात्कार की कोशिश की जायेगी और कामयाबी न मिलने पर उसे जिंदा जला दिया जायेगा।

अमिताभ ठाकुर, आईजी
     यह बेहद शर्मनाक घटना है। तत्काल एफआईआर दर्ज करके दोषी पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जाना चाहिए। हैरानी की बात है कि बेकसूर लोगों को बेवजह थाने लाया जा रहा है और उनसे अवैध वसूली की जा रही है। अगर एसएसपी भी कुछ नहीं कर पा रहे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए
     मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि पत्रकारों के मामले बेहद संवदेनशील तरीके से देखें जाये। मगर पुलिस के बड़े अफसरों को इससे कोई मतलब नहीं है। बाराबंकी में एक दैनिक के पत्रकार की मां को खुलेआम जला दिया गया। हमने डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था के मोबाइल और लैंड लाइन नम्बरों पर कई बार कॉल की और बताया कि बाराबंकी में पत्रकार की मां जला दी गयी है। हम पुलिस का पक्ष जानना चाहते थे मगर हमसे कहा गया कि अपना नम्बर दे दीजिये साहब व्यस्त हैं। नम्बर देने के दो घंटे बाद भी किसी भी अफसर ने फोन करने की जहमत नहीं उठाई। बाराबंकी के एसपी अब्दुल हमीद अपने कारनामों से वैसे भी चर्चा में रहते हैं। बाराबंकी के दर्जनों मामले सामने आये हैं जहां अवैध हिरासत में लोगों को रखकर उनसे अवैध वसूली की गयी और शिकायत करने पर उन्हें गलत मुकदमों में जेल भेज दिया गया। बीते सप्ताह ही दारोगा यशवंत सिंह ने एक बेकसूर प्रभाकर शर्मा को जेल भेज दिया। सीओ ने कहा कि यशवंत सिंह यादव है हम कुछ नहीं कर सकते। एसपी अब्दुल हमीद को भी बताया गया मगर कुछ नहीं हुआ प्रभाकर का दोष था कि उसने पुलिस की अवैध वसूली की शिकायत मानव अधिकार आयोग से कर दी थी।
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व्यापमं घोटाले को उजागर करने की मिली सजा, RTI कार्यकर्ता की पत्‍नी का तबादला

    इंदौर/मध्य प्रदेश।।  व्यापमं मामले में चौतरफा हमले से घिरी शिवराज सिंह चौहान सरकार पर अब इस घोटाले को उजागर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है. आरोप है कि सरकार ने बदले की भावना से आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. आनंद राय की पत्नी का तबादला कर दिया.
    व्यापमं मामले को उजागर करने में आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. आनंद राय का अहम रोल रहा है. सरकार ने पहले उनको टारगेट किया और अब आरोप है कि उनकी पत्नी डॉ. गौरी राय को प्रताड़ित किया जा रहा है. डॉ. गौरी अभी इंदौर के नजदीक महू में पदस्थ थीं. अब उनका तबादला उज्जैन कर दिया गया हैं. डॉ. आनंद राय का आरोप है कि सरकार का यह कदम बदले की भावना से प्रेरित है.
     डॉ. राय के मुताबिक पहले उनकी पत्नी को गलत वजहों के आधार पर सस्पेंड किया गया. अब बहाल करने के बाद उन्हें करीब 60 किलोमीटर दूर उज्जैन ट्रांसफर कर दिया गया. डॉ. राय कहते है, 'व्यापमं से जुड़े लोगों की लगातार मौत हो रही है. खुद उनकी जान को खतरा बना हुआ है. ऐसे में पत्नी और दो साल के बच्चे को उनसे दूर करना सभी की जान को खतरे में डालना है.'
    व्यापमं मामले में व्हिसल ब्लोअर पिछले सात साल से एमपी सरकार से सीधी लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने सबसे पहले ड्रग ट्रायल मामले को उजागर किया था. इस खुलासे के बाद सरकार ने उन्हें मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त कर दिया था. डॉ. राय इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में गए. कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया. सरकार ने डॉ. राय को बहाल करने के बजाए सिंगल बैंच के इस फैसले को डबल बैंच में चुनौती दे दी.


4:43 PM | 0 comments | Read More

लोकायुक्त के बेटे की होगी गिरफ्तारी, 1करोड़ की रिश्वत का आरोप

     बेंगलुरू।। भारत के गरिमामय पदों में से एक लोकायुक्त, के बेटे पर रिश्वत लेने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। कर्नाटक के लोकायुक्त भास्कर राव के बेटे के खिलाफ कथित घूंस के मामले में एक एफआईआर दर्ज की गयी है। इस मुद्दे की गूंज विधानसभा तक पहुंच गई और लोकायुक्त के इस्तीफे की मांग बढ़ गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टींम का गठन किया है। वहीं राव ने कहा कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य एसआईटी जांच में दोषी पाया जाता है तो पद छोड़ देंगे। उप लोकायुक्त सुभाष आदि ने बताया कि एक अधिशासी अभियंता से छापेमारी से बचने के लिए एक करोड़ रुपये की घूंस देने की शिकायत पर एफआईआर दायर की गई है। यह पूछे जाने पर कि क्या लोकायुक्त के बेटे को गिरफ्तार किया जाएगा उन्होंने कहा कि यह संस्था की पुलिस अधीक्षक सोनिया नारंग पर निर्भर है जिन्होंने इस कथित घोटाले को उजागर किया है। 
     यह कथित घोटाला तब सामने आया जब नारंग ने लोकायुक्त रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखकर एक अधिशासी अभियंता से मिली शिकायत के बारे में उन्हें बताया। अधिशासी अभियंता ने पत्र लिखकर आरोप लगाया कि लोकायुक्त कार्यालय में से किसी ने छापेमारी से बचने के लिए उनसे एक करोड़ रूपए घूंस की मांग की है। राव के इस्तीपेस को लेकर दबाव बढ़ गया क्योंकि अधिवक्ताओं, कन्नड़ संगठनों और अन्य निकायों समेत विभिन्न संगठनों ने इस बात पर जोर देते हुए प्रदर्शन किया कि उनका पद पर बने रहना संस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में कहा, ''यह (लोकायुक्त) अधिनियम 1985 में बना, हम लोकायुक्त अधिनियम की धारा 15 उपधारा तीन के तहत इसे सीबीआई को नहीं सौंप सकते.
    उल्लेखनीय है कि विधानसभा का मानसून सत्र बेलगावी में चल रहा है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त द्वारा अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई अनुशंसा के मुताबिक एडीजीपी रैंक के एक अधिकारी कमल पंत की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का गठन किया गया है। पंत इससे पहले सीबीआई के लिए काम कर चुके हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि, ''एसआईटी रिपोर्ट आने तक हम इंतजार नहीं कर सकते. इस बीच, सरकार विधि विशेषज्ञों और अन्य लोगों से लोकायुक्त अधिनियम को सुदृढ़ बनाने पर राय लेगी। जब सरकार मामले को सीबीआई को सौंपने पर सहमत नहीं हुई तब भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया। यह मांग जद (एस) ने भी की।
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ललित मोदी बनाएंगे भ्रष्टाचार से लड़ने राजनीतिक पार्टी

     नई दिल्ली।। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी एक के बाद एक रोज नए-नए खुलासे करते जा रहे हैं। जिसके चलते भारतीय राजनीति में भूचाल आया हुआ है। अब ललित मोदी ने ट्विटर के जरिए अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर डाली। उन्होंने कहा कि वे एक ऐसी राजनीतिक पार्टी बनाएगें जिससे देश की राजनीति स्वच्छ होगी। भारतीय राजनीति में भूचाल लाने वाले आईपीएल के पूर्व कमिश्रर ललित मोदी ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। 
     मोदी ने ट्विटर पर अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि जो भारतीय राजनीति को स्वच्छ बनाना चाहता हैं वे उनकी पार्टी से जुड़ सकते हैं। इस संगठन के लिए उन्होंने एक जगह 'पार्टी' और एक जगह 'एनजीओ' शब्द का प्रयोग किया। ललित मोदी ने केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए कई ट्वीट किए। ट्विटर पर उन्होंने कई फोटो भी शेेयर किए जिसमें वो आम आदमी पार्टी वेेस संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरङ्क्षवद केजरीवाल को चिढ़ाते हुए हैं। फोटो में लिखा है कि मैं ऐसे ही खुलासे करता रहूंगा। मुझे किसी चीज का डर नहीं है। मैंने अपने देेश को आईपीएल और 47 हजार करोड़ रुपए दिए हैं।
4:04 PM | 0 comments | Read More

रेलवे का नया एप, चलती ट्रेन से होगी एफआईआर

    नई दिल्ली।। देश की राजधानी में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस एक नई पहल लेकर आई है। जिसके तहत दिल्ली के किसी भी रेलवे स्टेशन या मूङ्क्षवग ट्रेन में कोई अपराध होने पर आपको एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने आने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस रेलवे की मदद से चार डिजिट का एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने वाली है। साथ ही एक ऐप भी बनाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर भीम सेन बस्सी ने बताया कि यह हेल्पलाइन नंबर 1512 होगा। जिसे जल्द ही जारी किया जाएगा। इसका काम अंतिम चरण में है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े पुलिस और नॉर्दर्न रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों और चलती रेलगाडि़यों में होने वाले अपराधों में अधिकतर मामलों में पीडि़त मुकदमे दर्ज नहीं करा पाते हैं। इसकी बड़ी वजह उनके ट्रेन पकड़ने की जल्दी होती है। 
    कई मामलों में पीडि़त को ट्रेन में सफर करते हुए पता लगता है कि उनके साथ चोरी की या इसी तरह की कोई अन्य वारदात हो गई है। ऐसे में अधिकतर पीडि़त चाहते हुए भी दिल्ली के उस रेलवे स्टेशन से संबंधित पुलिस थाने नहीं आ पाते थे।इसी तरह की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह चार डिजिट का हेल्पलाइन नंबर को जारी किया जाएगा। ऐप के माध्यम से लोग मूङ्क्षवग ट्रेन से मोबाइल फोन से भी एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। सभी रेलवे पुलिस थानों को आदेश होगा कि इसमें कोई कोताही न बरती जाए। पीडि़त को तुरंत थाने आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर ही पीडि़त को बुलाया जाएगा।इस एप के जरिए देश के किसी भी कोने से दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
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नेत्रहीन प्रेमिका से शादी पर दूल्हे को घर से निकाला

    रांची/गिरिडीह।। विकलांग जनकल्याण संघ की मासिक बैठक में झारखंड के गिरिडीह जिला निवासी दिनेश ठाकुर को सम्मानित किया गया दिनेश ने पिछले दिनों झरियागादी की नेत्रहीन युवती से शादी रचा मिसाल कायम की थी। इसी वजह से संघ के सदस्यों ने उसे माला पहनाकर सम्मानित किया। 
   बताते चलें कि दिनेश ने अपनी नेत्रहीन प्रेमिका सावित्री से बीते 22 जून को शादी की थी। इसके बाद दिनेश के परिजनों ने उसे घर से निकल जाने की सजा दी थी। नेत्रहीन सावित्री से विवाह की बात दिनेश के परिवार वालों को नागवार गुजरी थी। दिनेश के निर्णय का घर वालों ने विरोध भी किया था। किसी ने समझाया तो किसी ने इस शादी के बाद होने वाली मुश्किलों से भी अवगत कराया। पर तमाम विरोध के बावजूद दिनेश ने निर्णय नहीं बदला।
3:35 PM | 0 comments | Read More

जीआरपी थाने मे चूहों के विरुद्ध बिल्ली संरक्षण

     खंडवा।। रेलवे स्टेशनों पर चूहों की समस्या नई नहीं है। कई बार स्टेशन परिसर के कुछ हिस्से और प्लेटफॉर्म तक चूहों की सेंध के कारण धंस जाते हैं। चूहों की समस्या से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन ने भले ही किसी तरह की पहल नहीं की हो, लेकिन जीआरपी को एक नया तरीका हाथ लग गया है। 
     यहां पदस्थ कुछ पुलिसकर्मियों की मानें तो करीब 15 दिन पहले दो बिल्लियां थाने में कहीं से आ गईं। इन्हें थाने से बाहर किया गया, लेकिन दूसरे दिन फिर आ गईं। तभी से थाना बिल्लियों का आसरा बन गया। इसके बाद से पुलिस जवानों ने महसूस किया कि थाने में चूहों की तादाद कम हो गई है। फिर बिल्लियों की परवरिश शुरू हो गई। 15 दिन से थाने में सुकून है । थाने में चूहे क्या खा रहे थे यह तो पता नहीं, लेकिन बिल्लियों के लिए दूध का इंतजाम जरूर किया जा रहा है।
3:31 PM | 0 comments | Read More

खूनी व्यापम : सब इंस्पेक्टर ने की खुदकुशी

और कितने लोगो की जान लेगा व्यापम घोटाला   
    सागर।। मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में एक और मौत हो गई है। व्यापम के जरिए भर्ती हुई अनामिका कुशवाहा नाम की एक सब इंस्पेक्टर तालाब में कूदकर जान दे दी। कुशवाहा इसी साल फरवरी में भर्ती हुई थीं। कुशवाहा ने सोमवार सुबह करीब 5 बजे अपनी जान दे दी। वह फिलहाल सागर की पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग ले रही थीं। यह व्यापम घोटाले से जुड़े 46वीं मौत है। तीसरे दिन लगातार तीसरी मौत से सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है।
     शनिवार को इंडिया टुडे ग्रूप के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। उसके बाद रविवार को दिल्ली के एक होटल में एक कॉलेज डीन का शव मिला जो व्यापम की जांच कर रहे थे।
    पिछले 24 घंटे से ‘खूनी व्यापम’ ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालांकि खुद को विसल ब्लोअर बताया है और सीबीआई जांच कराने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
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पुनर्जन्म से जुडी 10 सच्ची घटनाए

(10 Real Incident About Reincarnation)].....

पुनर्जन्म सच या भ्रम :
    जैसे भूत, प्रेत, आत्मा, से जुडी घटनाएं हमेशा से एक विवाद का विषय रही है वैसे हि पुनर्जन्म से जुड़ी घटनाय और कहानिया भी हमेशा से विवाद का विषय रही है। इन पर विश्वास और अविश्वास करने वाले, दोनो हि बड़ी संख्या मे है, जिनके पास अपने अपने तर्क है। यहुदी, ईसाईयत और इस्लाम तीनो धर्म पुनर्जन्म मे यकीन नहि करते है, इसके विपरीत हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म पुनर्जन्म मे यकीन करते है। हिंदू धर्म के अनुसार मनुष्य का केवल शरीर मरता है उसकी आत्मा नहीं। आत्मा एक शरीर का त्याग कर दूसरे शरीर में प्रवेश करती है, इसे ही पुनर्जन्म कहते हैं। हालांकि नया जन्म लेने के बाद पिछले जन्म कि याद बहुत हि कम लोगो को रह पाती है। इसलिए ऐसी घटनाएं कभी कभार ही सामने आती है। पुनर्जन्म की घटनाएं भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों मे सुनने को मिलती है।
पुनर्जन्म के ऊपर हुए शोध :
    पुनर्जन्म के ऊपर अब तक हुए शोधों मे दो शोध (रिसर्च) बहुत महत्त्वपूर्ण है। पहला अमेरिका की वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डॉ. इयान स्टीवेन्सन का। इन्होने 40 साल तक इस विषय पर शोध करने के बाद एक किताब "रिइंकार्नेशन एंड बायोलॉजी" लीखी जो कि पुनर्जन्म से सम्बन्धित सबसे महत्तवपूर्ण बुक मानी जाती है। दूसरा शोध बेंगलोर की नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसीजय में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत डॉ. सतवंत पसरिया द्वारा किया गया है। इन्होने भी एक बुक "श्क्लेम्स ऑफ रिइंकार्नेशनरू एम्पिरिकल स्टी ऑफ केसेज इन इंडिया" लिखी है। इसमें 1973 के बाद से भारत में हुई 500 पुनर्जन्म की घटनाओ का उल्लेख है।
   गीताप्रेस गोरखपुर ने भी अपनी एक किताब 'परलोक और पुनर्जन्मांक' में ऐसी कई घटनाओं का वर्णन किया है। हम उनमे से 10 कहानियां यहां पर आपके लिए प्रस्तुत कर रहे है।
पहली घटना -
    यह घटना सन 1950 अप्रैल की है। कोसीकलां गांव के निवासी भोलानाथ जैन के पुत्र निर्मल की मृत्यु चेचक के कारण हो गई थी। इस घटना के अगले साल यानी सन 1951 में छत्ता गांव के निवासी बी. एल. वाष्र्णेय के घर पुत्र का जन्म हुआ। उस बालक का नाम प्रकाश रखा गया। प्रकाश जब साढ़े चार साल का हुआ तो एक दिन वह अचानक बोलने लगा- मैं कोसीकलां में रहता हूं। मेरा नाम निर्मल है। मैं अपने पुराने घर जाना चाहता हूं। ऐसा वह कई दिनों तक कहता रहा।
    प्रकाश को समझाने के लिए एक दिन उसके चाचा उसे कोसीकलां ले गए। यह सन 1956 की बात है। कोसीकलां जाकर प्रकाश को पुरानी बातें याद आने लगी। संयोगवश उस दिन प्रकाशकी मुलाकात अपने पूर्व जन्म के पिता भोलानाथ जैन से नहीं हो पाई। प्रकाश के इस जन्म के परिजन चाहते थे कि वह पुरानी बातें भूल जाए। बहुत समझाने पर प्रकाश पुरानी बातें भूलने लगा लेकिन उसकी पूर्व जन्म की स्मृति पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पाई।
    सन 1961 में भोलनाथ जैन का छत्ता गांव जाना हुआ। वहां उन्हें पता चला कि यहां प्रकाश नामक का कोई लड़का उनके मृत पुत्र निर्मल के बारे में बातें करता है। यह सुनकर वे वाष्र्णेय परिवार में गए। प्रकाश ने फौरन उन्हें अपने पूर्व जन्म के पिता के रूप में पहचान लिया। उसने अपने पिता को कई ऐसी बातें बताई जो सिर्फ उनका बेटा निर्मल ही जानता था।
दूसरी घटना :
   यह घटना आगरा की है। यहां किसी समय पोस्ट मास्टर पी.एन. भार्गव रहा करते थे। उनकी एक पुत्री थी जिसका नाम मंजु था। मंजु ने ढाई साल की उम्र में ही यह कहना शुरु कर दिया कि उसके दो घर हैं। मंजु ने उस घर के बारे में अपने परिवार वालों को भी बताया। पहले तो किसी ने मंजु की उन बातों पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब कभी मंजु धुलियागंज, आगरा के एक विशेष मकान के सामने से निकलती तो कहा करती थी- यही मेरा घर है।
    एक दिन मंजु को उस घर में ले जाया गया। उस मकान के मालिक प्रतापसिंह चतुर्वेदी थे। वहां मंजु ने कई ऐसी बातें बताई जो उस घर में रहने वाले लोग ही जानते थे। बाद में भेद चला कि श्रीचतुर्वेदी की चाची (फिरोजाबाद स्थित चौबे का मुहल्ला निवासी श्रीविश्वेश्वरनाथ चतुर्वेदी की पत्नी) का निधन सन 1952 में हो गया था। अनुमान यह लगाया गया कि उन्हीं का पुनर्जन्म मंजु के रूप में हुआ है।
तीसरी घटना :
     सन 1960 में प्रवीणचंद्र शाह के यहां पुत्री का जन्म हुआ। इसका नाम राजूल रखा गया। राजूल जब 3 साल की हुई तो वह उसी जिले के जूनागढ़ में अपने पिछले जन्म की बातें बताने लगी। उसने बताया कि पिछले जन्म में मेरा नाम राजूल नहीं गीता था। पहले तो माता-पिता ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब राजूल के दादा वजुभाई शाह को इन बातों का पता चला तो उन्होंने इसकी जांच-पड़ताल की।
    जानकारी मिली कि जूनागढ़ के गोकुलदास ठक्कर की बेटी गीता की मृत्यु अक्टूबर 1559 में हुई थी। उस समय वह ढाई साल की थी। वजुभाई शाह 1965 में अपने कुछ रिश्तेदारों और राजूल को लेकर जूनागढ़ आए। यहां राजून ने अपने पूर्वजन्म के माता-पिता व अन्य रिश्तेदारों को पहचान लिया। राजूल ने अपना घर और वह मंदिर भी पहचान लिया जहां वह अपनी मां के साथ पूजा करने जाती थी।
चौथी घटना :
     मध्य प्रदेश के छत्रपुर जिले में एम. एल मिश्र रहते थे। उनकी एक लड़की थी, जिसका नाम स्वर्णलता था। बचपन से ही स्वर्णलता यह बताती थी कि उसका असली घर कटनी में है और उसके दो बेटे हैं। पहले तो घर वालों ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब वह बार-बार यही बात बोलने लगी तो घर वाले स्वर्णलता को कटनी ले गए। कटनी जाकर स्वर्णलता ने पूर्वजन्म के अपने दोनों बेटों को पहचान लिया। उसने दूसरे लोगों, जगहों, चीजों को भी पहचान लिया।
    छानबीन से पता चला कि उसी घर में 18 साल पहले बिंदियादेवी नामक महिला की मृत्यु दिल की धड़कने बंद हो जाने से मर गई थीं। स्वर्णलता ने यह तक बता दिया कि उसकी मृत्यु के बाद उस घर में क्या-क्या परिवर्तन किए गए हैं। बिंदियादेवी के घर वालों ने भी स्वर्णलता को अपना लिया और वही मान-सम्मान दिया जो बिंदियादेवी को मिलता था।
पांचवी घटना :
    सन 1956 की बात है। दिल्ली में रहने वाले गुप्ताजी के घर पुत्र का जन्म हुआ। उसका नाम गोपाल रखा गया। गोपाल जब थोड़ा बड़ा हुआ तो उसने बताया कि पूर्व जन्म में उसका नाम शक्तिपाल था और वह मथुरा में रहता था, मेरे तीन भाई थे उनमें से एक ने मुझे गोली मार दी थी। मथुरा में सुख संचारक कंपनी के नाम से मेरी एक दवाओं की दुकान भी थी।
    गोपाल के माता-पिता ने पहले तो उसकी बातों को कोरी बकवास समझा लेकिन बार-बार एक ही बात दोहराने पर गुप्ताजी ने अपने कुछ मित्रों से पूछताछ की। जानकारी निकालने पर पता कि मथुरा में सुख संचारक कंपनी के मालिक शक्तिपाल शर्मा की हत्या उनके भाई ने गोली मारकर कर दी थी। जब शक्तिपाल के परिवार को यह पता चला कि दिल्ली में एक लड़का पिछले जन्म में शक्तिपाल होने का दावा कर रहा है तो शक्तिपाल की पत्नी और भाभी दिल्ली आईं।
    गोपाल ने दोनों को पहचान लिया। इसके बाद गोपाल को मथुरा लाया गया। यहां उसने अपना घर, दुकान सभी को ठीक से पहचान लिया साथ ही अपने अपने बेटे और बेटी को भी पहचान लिया। शक्तिपाल के बेटे ने गोपाल के बयानों की तस्दीक की।
छठवी घटना :
   न्यूयार्क में रहने वाली क्यूबा निवासी 26 वर्षीया राचाले ग्राण्ड को यह अलौकिक अनुभूति हुआ करती थी कि वह अपने पूर्व जन्म में एक डांसर थीं और यूरोप में रहती थी। उसे अपने पहले जन्म के नाम की स्मृति थी। खोज करने पर पता चला कि यूरोप में आज से 60 वर्ष पूर्व स्पेन में उसके विवरण की एक डांसर रहती थी।
राचाले की कहानी में सबसे आश्चर्यजनक बात यह थी कि जिसमें उसने कहा था कि उसके वर्तमान जन्म में भी वह जन्मजात नर्तकी की है और उसने बिना किसी के मार्गदर्शन अथवा अभ्यास के हाव-भावयुक्त डांस सीख लिया था।
सातवी घटना :
    पुनर्जन्म की एक और घटना अमेरिका की है। यहां एक अमेरिकी महिला रोजनबर्ग बार-बार एक शब्द जैन बोला करती थी, जिसका अर्थ न तो वह स्वयं जानती थी और न उसके आस-पास के लोग। साथ ही वह आग से बहुत डरती थी। जन्म से ही उसकी अंगुलियों को देखकर यह लगता था कि जैसे वे कभी जली हों।
    एक बार जैन धर्म संबंधी एक गोष्ठी में, जहां वह उपस्थित थी, अचानक रोजनबर्ग को अपने पूर्व जन्म की बातें याद आने लगी। जिसके अनुसार वह भारत के एक जैन मंदिर में रहा करती थी और आग लग जाने की आकस्मिक घटना में उसकी मृत्यु हो गई थी।
आठवी घटना :
    जापान जैसे बौद्ध धर्म को मानने वाले देशों में पुनर्जन्म में विश्वास किया जाता है। 10 अक्टूबर 1815 को जापान के नकावो मूरा नाम के गांव के गेंजो किसान के यहां पुत्र हुआ। उसका नाम कटसूगोरो था। जब वह सात साल का हुआ तो उसने बताया कि पूर्वजन्म में उसका नाम टोजो था और उसके पिता का नाम क्यूबी, बहन का नाम फूसा था तथा मां का नाम शिड्जू था।
    6 साल की उम्र में उसकी मृत्यु चेचक से हो गई थी। उसने कई बार कहा कि वह अपने पूर्वजन्म के पिता की कब्र देखने होडोकूबो जाना चाहता है। उसकी दादी (ट्सूया) उसे होडोकूबो ले गई। वहां जाते समय उसने एक घर की ओर इशारा किया और बताया कि यही पूर्वजन्म में उसका घर था।
    पूछताछ करने पर यह बात सही निकली। कटसूगोरो ने यह भी बताया कि उस घर के आस-पास पहले तंबाकू की दुकानें नहीं थी। उसकी यह बात भी सही निकली। इस बात ये सिद्ध होता है कि कटसूगोरो ही पिछले जन्म में टोजो था।
नौवी घटना :
    थाईलैंड में स्याम नाम के स्थान पर रहने वाली एक लड़की को अपने पूर्वजन्म के बारे में ज्ञात होने का वर्णन मिलता है। एक दिन उस लड़की ने अपने परिवार वालों को बताया कि उसके पिछले जन्म के मां-बाप चीन में रहते हैं और वह उनके पास जाना चाहती है।
    उस लड़की को चीनी भाषा का अच्छा ज्ञान भी था। जब उस लड़की की पूर्वजन्म की मां को यह पता चला तो वह उस लड़की से मिलने के लिए स्याम आ गई। लड़की ने अपनी पूर्वजन्म की मां को देखते ही पहचान लिया। बाद में उस लड़की को उस जगह ले जाया गया, जहां वह पिछले जन्म में रहती थी।
    उससे पूर्वजन्म से जुड़े कई ऐसे सवाल पूछे गए। हर बार उस लड़की ने सही जवाब दिया। लड़की ने अपने पूर्व जन्म के पिता को भी पहचान लिया। पुनर्जन्म लेने वाले दूसरे व्यक्तियों की तरह इस लड़की को भी मृत्यु और पुनर्जन्म की अवस्थाओं के बीच की स्थिति की स्मृति थी।
दसवी घटना :
    सन 1963 में श्रीलंका के बाटापोला गांवमें रूबी कुसुमा पैदा हुई। उसके पिता का नाम सीमन सिल्वा था। रूबी जब बोलने लगी तो वह अपने पूवर्जन्म की बातें करने लगी। उसने बताया कि पूर्वजन्म में वह एक लड़का थी। उसका पुराना घर वहां से चार मील दूर अलूथवाला गांव में है। वह घर बहुत बड़ा है। उसने यह भी बताया कि पूर्वजन्म में उसकी मृत्यु कुएं में डुबने से हुई थी।
   रुबी के पुराने माता-पिता पुंचीनोना को ढूंढ निकालना मुश्किल नहीं था। उन्होंने बताया कि उनका बेटा करुणासेना 1956 में मरा था। उन्होंने उसके कुएं में डूब जाने की घटना और दूसरी बातें भी सच बताई और कहा कि लड़की की सारी बातें बिलकुल सच है।
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सत्ता की हनक में चल रहा था देहव्यापार पुलिस ने किया खुलासा...



     कानपुर।। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के ईको पार्क के पास से कथित सपा नेता दीपक गुप्ता के घर में संचलित हो रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भण्डाफोड़। दीपक अपने आप को सपा नेता व कानपुर ग्रामीण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन का महामंत्री तथा समपर्ण सेवा समिति एनजीओ का अध्यक्ष का बताता है। और इसी की आड़ में धड़ल्ले से अपने ही घर पर देह व्यापार का धन्धा चला रहा था।पुलिस ने सपा नेता समेत 9 लडकियां और 6 लडक़ो को गिरफ्तार किया है। थाने में पकड़ें गए लड़के लड़कियों से पूछताछ जारी है।

(नितिन केसरवानी)
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मोदी सरकार को ललकारा, दाऊद बकरी का बच्चा है, जो पकड़ लोगे

    नई दिल्ली।। माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सबसे विश्वस्थ सहयोगी छोटा शकील की अब भारत लौटने की कोई इच्छा नहीं है। शकील के अनुसार उनके प्रस्ताव को भारत सरकार ने 1993 के मुम्बई विस्फोट के बाद ठुकरा दिया था और अब भारत आने की उनकी कोई मंशा नहीं है। शकील ने यह बात एक अंग्रेजी अखबार को कराची से दिए फोन साक्षात्कार में कही है। शकील ने अखबार से कहाकि, जब हम लोग 1993 के बाद भारत आना चाहते थे तो तुम्हारी सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। भाई की राम जेठमलानी से इस बारे में बात भी हो गई थी लेकिन आडवाणी ने गेम खेला। पिछले साल सितम्बर में दाऊद इब्राहिम की हत्या करने की साजिश करने के बारे में पूछे जाने पर शकील उखड़ गया और उसने कहाकि, सवाल वो करो जिसका जवाब मैं आपकों दूं, वो ना करो जिसका जवाब नहीं दूं। 
    आज तक जितनी भी ऎसी जानकारी आई है एजेसिंज भी जानती हैं, ख्याली पुलाव है, सपने देखते हैं, इनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। अखबार के अनुसार शकील ने भारतीय एजेंसियों पर भेदभाव का आरोप लगाया और कहाकि सरकार छोटा राजन को वापिस लेने की बात क्यों नहीं करती। जब एजेंसियां राजन के खिलाफ योजना बनाने की मेरी बात सुन सकती हैं तो वे जानती है कि वह कहां है, वे उसे क्यों नहीं पकड़ते? क्या उसने लोगों को नहीं मारा? दाऊद और उसके साथियों को लाने के दावों पर शकील ने भारतीय अधिकारियों का मखौल भी उड़ाया, उसने कहाकि, जब भी नई सरकार आती वे पहला बयान हमारे बारे में ही देते हैं। उसको ले आएंगे, घुस के लाएंगे, क्या हलवा है? बकरी का बच्चा समझ के रखा है क्या? लाना है तो राजन को लाओ ना?


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सच होगा PM का सपना... और स्मार्ट होगी 'दिलवालों की दिल्ली'

    नई दिल्ली।। 1483 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली दिल्ली की आबादी तेज रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसे में यहां रहने वालों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने का एकमात्र विकल्प इसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना है।
     दिल्ली को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पहले से ही देश के स्मार्ट शहरों में शुमार दिल्ली अब और स्मार्ट बन जाएगी।
     दिल्ली में तीन जगहों पर स्मार्ट सिटी बसाने की योजना है। इसके अलावा और कहीं ऐसी स्थिति नहीं है जहां भौगोलिक, सामाजिक, प्रशासनिक स्थितियों का बेहतर तालमेल हो।1 कुल क्षेत्रफल में से 783 वर्ग किमी हिस्सा ग्रामीण और 700 वर्ग किमी भाग शहरी है।
     उत्तर-दक्षिण में दिल्ली अधिकतम 51.9 किमी चौड़ी है और पूर्व-पश्चिम में इसकी अधिकतम चौड़ाई 48.48 किमी है। विस्तार के आसार भी इसी हिस्से में हैं। केंद्र सरकार ने जिन तीन जगहों पर स्मार्ट सिटी बसाने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है उसमें द्वारका, रोहिणी और नरेला शामिल हैं।
     यह नए शहर तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। दिल्ली का हिस्सा होते हुए भी इन शहरों की पहचान दिल्ली से अलग होगी। स्मार्ट सिटी पर काम जल्दी से जल्दी शुरू हो, इसके लिए डीडीए ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है।
    इसी के साथ दिल्ली सरकार लैंड यूज बदलने को भी तैयार है। दिल्ली एक अतिविस्तृत क्षेत्र है। यह उत्तर में स्वरूप नगर से दक्षिण में रजोकरी तक फैला है। पश्चिमी छोर नजफगढ़ से पूर्व में यमुना नदी तक है। शाहदरा, भजनपुरा आदि इसके पूर्वतम छोर होने के साथ ही बड़े बाजारों में भी आते हैं।
 
 
(आशुतोष झा)
 




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ग्रामीण इलाकों में साक्षरता दर 71 और शहरों में 86 प्रतिशत: सर्वे

     नई दिल्ली।। एनएसएसओ के सर्वेक्षण के अनुसार सात साल की आयुवर्ग के बच्चों में पिछले साल साक्षरता दर ग्रामीण इलाकों में 71 प्रतिशत जबकि शहरी इलाकों में यह 86 प्रतिशत दर्ज की गई और बालिका साक्षरता दर से बाल साक्षरता दर अधिक है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक सात साल और उससे उपर की आयुवर्ग में बाल साक्षरता दर 83 प्रतिशत और इसी तरह बालिका साक्षरता दर 67 प्रतिशत दर्ज की गई।
   इसके अनुसार इसी तरह से ग्रामीण इलाकों में करीब 4.5 प्रतिशत पुरुषों और 2.2 प्रतिशत महिलाओं ने स्नातक और उससे ऊपर की शिक्षा पूरी की जबकि शहरी इलाकों में 17 प्रतिशत पुरुषों और 13 प्रतिशत महिलाओं ने इस स्तर की शिक्षा पूरी की। यह विस्तृत जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा जनवरी से जून 2014 तक आयोजित राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) के 71वें राउंड के दौरान 'सोशल कंजप्शन : एजुकेशन' सर्वेक्षण का हिस्सा है।
12:24 PM | 0 comments | Read More

OMG न्यूयार्क टाइम्स ने दिग्विजय-अमृता को बना दिया बाप-बेटी


  नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‪Selfiewithdaughter‬ अभियान का सबसे ज्यादा मजाक कांग्रेस ने ही उड़ाया है लेकिन उनका मजाक उस समय उन पर भारी पड़ गया जब विदेशी अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को उनकी प्रेमिका अमृता राय का पिता बना दिया।
    हालांकि यह न्यूयार्क टाइम्स की भयानक गलती है लेकिन इस गलती ने कांग्रेस की बोलती बंद कर दी और सोशल मीडिया पर लोगों को गासिंप करने का मौका दे दिया। दरअसल न्यूयार्क टाइम्स ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और टीवी एंकर पत्रकार अमृता राय की सेल्फी वाली तस्वीर Selfiewithdaughter के अंतरगत पब्लिश कर दी। फिलहाल गलती के पकड़ में आने के बाद न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह तस्वीर अपनी रिपोर्ट से हटा दी और माफी भी मांगी।
11:49 AM | 0 comments | Read More

लोकल हों या विशेष, सभी ट्रेनें चल रहीं विलंब से

    नई दिल्ली।। रेलवे की लेटलतीफी को लेकर प्रधानमंत्री भी चिंता जता चुके हैं, लेकिन ट्रेनों की चाल में कोई सुधार नहीं है। अभी भी अधिकांश ट्रेनें देरी से चल रही हैं तो कई रद हो रही हैं, जिससे आम यात्री परेशान है। शनिवार को भी दिल्ली से चलने वाली चार ट्रेनें रद रही। वहीं, लगभग एक दर्जन ट्रेनों के प्रस्थान समय में बदलाव करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दूसरे मंडलों से ट्रेनें लेट आती हैं, इसलिए इनके प्रस्थान समय में बदलाव करना पड़ रहा है।
-शनिवार को ये ट्रेनें नहीं पहुंचीं
   हजरत निजामुद्दीन से विशाखापतनम जाने वाली समता एक्सप्रेस तथा फिरोजपुर से सराय रोहिल्ला आने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस भी शनिवार को नहीं पहुंची। वहीं, दिल्ली-फरूखनगर पैसेंजर (51915/51916) तथा गाजियाबाद-हापुड़ पैसेंजर (54302) भी रद रही। जो ट्रेनें चल रही हैं, वह भी घंटो देरी से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच रही है।


11:47 AM | 0 comments | Read More

सलमान ने की एक दशक में 57 हत्या

     बरेली।। रोहिलखंड के चैमार गिरोह के गिरफ्तार कुख्यात डकैत सलमान ने बीते दशक में 57 लोगों की हत्या की बात स्वीकार की। उसने 16 साल की आयु में पहली हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा। कन्पेसशन के दौरान डकैती की 50 वारदातों को बयान करते वक्त सलमान के चेहरे पर अफसोस की छाया तक न थी। कोई डकैती बिना किसी कत्ल के पूरी नहीं होती, सलमान खान ने प्रदेश पुलिस से कुछ दिनों पहले यही कहा था। यहां तक कि उसके कन्पेसशन ने सख्त पुलिस अफसरों को भी चौंका दिया। 19वीं सदी के मशहूर ठग बेहराम सिंह जिसके बारे में कहा जाता है कि उसने 150 लोगों को मारा था, के बाद सलमान खान शायद दूसरे नंबर पर आते हैं। 
    बरेली के सर्किल इंस्पेक्टर असीत श्रीवास्तव ने बताया, रोहिलखंड के चैमार गिरोह के इस नेता से जब हमने पूछताछ शुरू की तो उसके कन्पेसशंस ने दङ्क्षरदगी का एक चैप्टर ही खोल कर रख दिया। आप इलाके के किसी भी जिले का नाम लें- बरेली, बदायूं, पीलीभीत, कन्नौज, शाहजहांपुर, कानपुर या हरदोई- वह आपको बताएगा कि बीते सालों में उसने कब-कब हत्याएं कीं। पुलिस अब सलमान के गैंग के काम करने के तरीके, पहनावे और बाकी चीजों पर एक बुकलेट तैयार कर रही है। सलमान जिस अंदाज से इत्मीनान के साथ कत्ल के मामलों को अंजाम देने का दावा कर रहा था, उससे पूछताछ करने वाले अधिकारी हैरान थे। इंस्पेक्टर श्रीवास्तव ने बताया, सलमान का गिरोह प्रत्यक्षदर्शियों को मार देता था और महंगी चीजों के लिए लूटे जाने वाले घर को छान मारता था। यही उसके काम करने का तरीका था।
11:24 AM | 0 comments | Read More

मध्यप्रदेश की दो सगी बहिनें एक साथ बनीं IAS

     भोपाल।। मध्य प्रदेश से सिविल सर्विस परिक्षा की एक एसी खबर आ रही है जिसे सुनकर आप भौंचक्के रह जायेंगे। संघ लोक सेवा आयोग ने शनिवार को सिविल सर्विस परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल की दो सगी बहनों ने एक साथ यह परीक्षा पास की है। ज्योति किरण नायडू और उनकी छोटी बहन निवेदिता नायडू ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। ज्योति किरण को 529 और निवदिता को 485 रैंक मिली है। दोनों बहनें मध्य प्रदेश सरकार में कार्यरत आईएएस बी राजगोपाल नायडू की बेटी हैं।
    दोनों बहनों ज्योति किरण और निवेदिता नायडू ने भोपाल के नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी से बीएएलएलबी किया है। पिता की तरह वे भी आईएएस बनना चाहती हैं। निवेदिता बताती हैं मैं 8 घंटे पढ़ती थी। सिर्फ किताब से पढ़ाई नहीं की, वीडियो-ऑडियो से भी पढ़ती रहती थी।
    निवेदिता नायडू ने पहली ही बार में परीक्षा पास कर ली है। उन्हें 485वीं रैंक मिली है। हालांकि इस रैंक से वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। वे कहती हैं, मुझे सिविल सर्विस में ही जाना है। इस बार मेरी जो रैंक आई है। उससे मुझे रेवेन्यू सर्विस में मौका मिलेगा। मैं रेवेन्यू सर्विस ज्वाइन करूंगी। लेकिन अगले साल फिर से सिविल सर्विस के लिए ट्राय करुंगी।
     निवेदिता की बड़ी बहन ज्योति किरण दो साल पहले ही रेवेन्यू सर्विस के लिए चयनित हुई थीं। वे अभी विशाखापट्‌टनम में कार्यरत हैं। आईएएस बनने के लिए उन्होंने फिर से परीक्षा दी थी, लेकिन 529 रैंक होने के कारण इस बार भी उन्हें रेवेन्यू सर्विस ही मिलेगी।
    निवेदिता बताती हैं पिता आईएएस हैं इसलिए उनके पास बहुत ज्यादा काम रहता है। वे बहुत ज्यादा समय हमें नहीं दे पाते। हम दोनों बहनों की पढ़ाई के लिए मां जमुना नायडू ने खूब मेहनत की है। मुझे उन्हीं से सीख मिली है कि लड़कियां बोझ नहीं होतीं। मैं आईएएस बनकर महिला सशक्तिकरण पर काम करना चाहती हूं। पिताजी अकसर ऑफिस से लौटकर मुझे वॉक पर ले जाते थे। उनके साथ बातचीत कर मैं रीफ्रेश हो जाती थी।
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किन्नरों के 'जेण्डर' निर्धारण हेतु कानून बनाने विचार कर रही सरकार

    नई दिल्ली।। किन्नरों को 'थर्ड जेण्डर' का दर्जा दिए जाने के बाद सरकार अब एक ऐसा प्रस्ताव लाए जाने के बारे में विचार कर रही है जिसके जरिए वो अपने 'जेण्डर' का निर्धारण करा सकने में समर्थ हो सकेंगे और इसके लिए वो सरकारी अस्पतालों में आपेरशन करा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार सरकार के लिए 'थर्ड जेण्डर' अब नीतिगत मुद्दा बन चुका है। अभी यह तय नहीं है कि आपरेशन पर आने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी या उन्हें सब्सिडी दी जाएगी। 
    जाहिर है सुप्रीम कोर्ट ने 'थर्ड जेण्डर' को अपनी अलग पहचान दी है। कोर्ट के निर्णय के पहले उन्हें मजबूरी में खुद को स्त्री या पुरुष लिखना पड़ता था। सूत्रों के अनुसार कानून मंत्रालय के एक पैनल ने किन्नरों की सर्जरी के लिए एक सूची भी तैयार कर ली है कि आपरेशन शरीर के किस हिस्से का और कितना किया जाए। प्रस्तावित कानून को संसद के इसी मानसून सत्र में लाए जाने की उम्मीद जताई गई है।
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रेप मामले में समझौते पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई आपत्ति

एक फैसले में कहा, महिला का शरीर मंदिर जैसा है
आरोपी और पीडि़ता के बीच समझौता महिला के सम्मान के खिलाफ
इन मुद्दों पर नरम रुख नहीं अपनाया जा सकता
    नई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि शादी का झांसा देकर रेप करने वाले मामलों में किसी भी प्रकार की मध्यस्थता और समझौता नहीं हो सकता। एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला का शरीर मंदिर जैसा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला मध्य प्रदेश में निचली अदालत द्वारा रेप के आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया। जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने कहा कि रेप के मामलों में आरोपी और पीडि़ता के बीच समझौता कराना महिला के सम्मान के खिलाफ है। इस प्रकार के समझौतों में जो लोग मध्यस्थता करते हैं उनमें संवेदनशीलता की कमी होती है। अदालत ने कहा कि इन मुद्दों पर नरम रुख नहीं अपनाया जा सकता। मद्रास हाईकोर्ट के जज ने नाबालिग से रेप के दोषी को दी थी बेल- हाल में एक चॢचत मामले में मद्रास हाईकोर्ट के जज ने नाबालिग से रेप के दोषी और सात साल की सजा पाए एक व्यक्ति को मध्यस्थता के जरिए समझौता करने के लिए उसे जमानत दी थी। 
    जस्टिस डी. देवदास ने कहा था कि वह पीडि़ता के नाम पर 1 लाख रुपए की एफडी भी करवाए। पीडि़ता के माता-पिता का निधन हो चुका है और वह रेप के बाद जन्मे बच्चे की मां है। उस व्यक्ति को निचली अदालत ने 2002 में सात साल की कैद और दो लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। समझौते से कर दिया था इनकार- तमिलनाडु के कुड्डालोर से 80 किलोमीटर दूर गांव में रह रही इस अनब्याही मां ने कहा था आरोपी को जमानत देते वक्त जज ने एक बार भी यह सोचा कि पिछले सात सालों के दौरान मैं किन हालात से गुजरी हूं? रेप के बाद आज मेरी छह साल की बच्ची है, जब वह बड़ी हो जाएगी तो मैं उसे बताऊंगी कि उसका बाप एक रेपिस्ट है। पीडि़ता ने यह भी मांग की थी कि यह ऑर्डर रद्द कर देना चाहिए। क्या था मामला- 2008 में जब पीडि़ता सिर्फ 14 साल की थी, तब गांव के ही एक आदमी वी. मोहन ने उसे कोल्ड ङ्क्षड्रक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और बाद में उसके साथ रेप किया। लड़की के पेरेंट्स पर उसका अबॉर्शन कराने के लिए काफी दबाव डाला गया, मारपीट भी की गई। साल 2014 में निचली अदालत ने आरोपी को सात साल की सजा और दो लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके खिलाफ दोषी ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जज ने समझौते का आदेश दिया था।
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पंचगांव बना देश का पहला वाई-फाई युक्त गांव

     नागपुर।। नागपुर का पंचगांव पहला ऐसा गांव बन गया है जो वाई-फाई की सुविधा से लैस है। यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है। गौरतलब है किप्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत इस गांव को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गोद लिया था। 
    शनिवार को इस गांव में विधिवत रूप से मुप:त वाई-फाई योजना को शुरू कर दिया गया। गडकरी ने इस गांव को देश का पहला वाई-फाई गांव बनने पर बधाई दी है।
11:03 AM | 0 comments | Read More

नकवी का कांग्रेस पर क्रिकेट की भाषा में पलटवार

    नई दिल्ली।। कांग्रेस ने आइपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी की कथित मदद के लिए सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे पर हमले जारी रखे हैं। इसका केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने क्रिकेट की भाषा में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस फिसलन भरी पिच पर है और उसे हिट एंड रन की रणनीति छोड़ देनी चाहिए।
    संसदीय मामलों के राज्य मंत्री नकवी ने कहा कि भ्रमित कांग्रेस हर घंटे नए आरोप लगा रही है और सरकार एवं लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि वह असल में चाहती क्या है। नकवी ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी जब सत्ता में थी तब हर दिन हिट विकेट आउट होती थी। अब जब वह विपक्ष में है तो नो बॉल डाल रही है। उन्हें समझना चाहिए कि जब पिच पर फिसलन हो तो रूककर इंतजार करना चाहिए और फिर खेलना चाहिए। उन्हें एक रचनात्मक एवं प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए नेट अभ्यास की जरूरत है।'
4-6 साल का नेट अभ्यास जरूरी
     नकवी से सुषमा और वसुंधरा द्वारा ललित मोदी की ब्रिटेन में यात्रा दस्तावेज हासिल करने में मदद करने के मामले को लेकर टिप्पणी करने के लिए कहा गया था। नकवी ने कहा कि कांग्रेस 4-6 साल के नेट अभ्यास के बाद सकारात्मक विपक्ष की भूमिका समझ जाएगी। उन्होंने कहा, 'एक दिन पार्टी कोई कागज लेकर आएगी और कहेगी यह एक महल से जुड़ा दस्तावेज है और अगले दिन दूसरा कागज लेकर आएगी एवं कहेगी कि यह [ललित मोदी] का है और फिर एक दूसरा कागज लाएगी। उन्हें निर्धारित करना चाहिए कि यह क्या है जिस पर वह सरकार को घेरना चाहती है। वह कोई आरोप लगा रहे हैं या यह चूंचू का मुरब्बा है, यह साफ नहीं है।'
असमंजस में है विपक्ष
      नकवी ने कहा, 'हमला करो, भागो और फिर कोई दूसरा मुद्दा उठाओ। जब विपक्ष खुद इतने असमंजस में है तो हम कैसे जवाब दें। जब भाजपा विपक्ष में थी तब उसने 2जी स्पेक्ट्रम मुद्दा, कोयला ब्लॉक आवंटन एवं राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले उठाए थे जो सीएजी की रिपोर्ट पर आधारित थे या अदालत के आदेशों पर सामने आए थे।'



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अब ललित मोदी को लपेटने की तैयारी शुरू

    सुना है ललित मोदी ने अरुण जेटली और श्रीनिवासन की ईमेल आईडी हैक करने के लिए एक इजरायली एजेंसी को हायर किया था और मात्र ईमेल हैक करने के बदले उस कम्पनी को 16 करोड़ रूपये दिए थे लेकिन श्रीनिवासन को इसकी भनक लग गयी उसने भी 1 मिलियन डॉलर में एक इजरायली एजेंसी को हायर किया और ललित का ईमेल हैक करवा लिया, उसी ईमेल हैकिंग का परिणाम है लंदन के न्यूज़पेपर में वो खबर लीक हुयी और ये सारा बवाल खड़ा हुआ
    वैसे अब ललित मोदी को लपेटने की तैयारी शुरू हो गयी है, अरुण जेटली प्लान तैयार कर रहे है, जल्द ही रेड कार्नर नोटिस जारी हो सकता है और अब ललित मोदी के ब्रिटेन में चाहने वाले उससे कन्नी काटने लगे है, ललित की पुराने दोस्तों में शुमार ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स भी उनसे बहुत नाराज है, अभी हाल ही में लन्दन में भारतीय लोगो के लिए चार्ल्स द्वारा आयोजित एक पार्टी में सबको बुलाया गया था लेकिन ललित मोदी का लिस्ट में नाम होने के बावजूद भी उसका नाम कटवा दिया गया चार्ल्स द्वारा ....,,
 
 
(Vimal J. Soni)
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200 साल से योग मुद्रा में बैठा ये शख्स है जिंदा

    बड़े बुजुर्गो के पैर छूने पर अक्सर यही आशीर्वाद सुनने को मिलता है 100 साल जियो। लेकिन आजकल के लाइफस्टाइल में 100 साल की उम्र पानी वाकई बहुत बड़ी बात है।
     ऐसे में अगर कोई आपसे कहे कि एक व्यक्ति 200 साल से योग की मुद्रा में बैठा है तो आप क्या कहेंगे। सूत्रों के अनुसार मंगोलिया के उलन बेटर नाम के सबसे बड़े शहर में ध्यान की मुद्रा में बैठा एक 200 साल पुराना व्यक्ति मिला है। वो एकदम ममी जैसा हो गया है।
     ध्यान की मुद्रा में बैठा यह व्यक्ति वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी पहेली बन चुका है। वैज्ञानिक भी यह पता नही कर पा रहे हैं कि यह जिंदा है या मृत। इस ममी को अध्ययन के लिए उलन के ही फॉरेंसिक एक्सपर्ट सेंटर में भेज दिया गया है।
    वहीं दूसरी तरफ मंगोलियन इंस्ट्टयूट ऑफ बुद्धस्टि आर्ट के फाउंडर गैंगोविन पुरेबात का कहना है कि जिस तरह से ये लामा बैठा हुआ है। वो मुद्रा बताती है कि लामा जिंदा है। वो कहते हैं कि लामा तुकदाम की मुद्रा में है। ये वो पोजिशन होती है जब कोई गहरे ध्यान या मुद्रा में चला जाता है। आपको बता दें कि डीप मेडिटेशन कहे जाने वाला ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भारत में कई साधु-बाबाओं को ऐसा कहा जाता है कि वो मरे नहीं हैं और जड़ होने के बाद भी जिंदा हैं।

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एसआईटी जांच और संसद में उठेगा अक्षय की मौत का मामला

Written By News Today Time on Sunday, July 5, 2015 | 9:00 PM

अचानक तबीयत खराब हो जाने के बाद उनकी मौत पर रहस्य बरकरार
     नई दिल्ली।। पत्रकार अक्षय ङ्क्षसह की मौत का मामला एसआईटी जांच और संसद में उनकी मौत का मामला उठाए जाने की बात की जा रही है। दिल्ली टेलीविजन समाचार रिपोर्टर अक्षय ङ्क्षसह की कल झाबुआ जिले में अचानक तबीयत हो जाने के बाद उनकी मौत पर रहस्य बरकरार है। व्यापमं घोटाले में नाम आए व्यक्ति के घर से पूछताछ करने के कुछ देर बाद ही अचानक उनकी मौत से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की एसआईटी से जांच कराई जाएगी। वहीं पोस्टमार्टम के बाद मप्र से अक्षय का शव दिल्ली लाया गया है। शव दिल्ली पहुंचने के बाद दोपहर दो बजे निगम बोध घाट पर आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
    अक्षय पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर जाकर व्यापम घोटाला कवर कर रहे थे। तीन लोगों की टीम इस घोटाले पर स्पेशल रिपोर्ट तैयार करने मेघनगर गई थी। अक्षय ने लडकी के अभिभावकों का साक्षात्कार पूरा किया था जिसका नाम घोटाले में सामने आया था और जिसका शव रेल की पटरियों के पास पाया गया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अक्षय ङ्क्षसह की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्विटर के जरिए संवेदना जताते हुए कहा कि युवा पत्रकार अक्षय ङ्क्षसह की असमय मौत से मैं दुखी हूं। गौरतलब है कि व्यापम घोटाले में अब तक आधिकारिक रूप से 25 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। ये सभी मौतें संदिग्ध परिस्थितियों में ही हुई हैं। पिछले महीने भी दो दिन के अंतराल में लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से एक आरोपी जेल में बंद था। वहीं इस मामले में कांग्रेस समेत दूसरी पाॢटयों का दावा है कि मौत का आंकड़ा 40 से भी ज्यादा है।
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यौन उत्पीड़न मामले में जज निलंबित

मुख्य न्यायमूर्ति ने दिए जांच का आदेश
     शिमला।। साथी महिला जज द्वारा यौन दुव्र्यवहार का आरोप लगाने पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य जस्टिस मंसूर अहमद मीर ने एक जज को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच का आदेश दिया है। जज पर 11 से 13 जून तक मनाली में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन के दौरान साथी महिला जज से यौन दुव्र्यवहार का इल्जाम है।
   महिला जज की शिकायत के मुताबिक, उसे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों के इस सम्मेलन की तैयारियां करने के लिए आठ जून को ही मनाली आने का आदेश मिला था। एक रिसॉर्ट में आरोपी जज ने उस पर दबाव डालने की कोशिश की और कथित तौर पर उसके साथ यौन दुव्र्यवहार किया।
8:36 PM | 0 comments | Read More

केंद्रीय मंत्री रिजिजू के लिए विमान से उतारे गए यात्री

     नई दिल्ली।। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू उस समय विवादों आ गए जब उनके और उनके सहयोगी की खातिर एयर इंडिया की प:लाइट संख्या ए/191 से तीन यात्रियों को उतार दिया गया जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इतना ही नहीं उनके कारण लेह से दिल्ली आने वाली एक उड़ान में करीब एक घंटे की देरी हुई। सूत्रों के अनुसार यह घटना 29 जून की है। उड़ान भरने के लिए विमान के दरवाजे बंद हो चुके थे लेकिन इसने तय समय पर उड़ान नहीं भरी क्योंकि रिजिजू और उनके पीए को सवार होना था। सूत्रों ने कहा कि जब वह पहुंचे तो तीन यात्रियों को कथित तौर पर विमान से नीचे उतार दिया गया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी गई है। जिन यात्रियों को केंद्रीय मंत्री रिजिजू को सीट देने के लिए टिकट होने के बावजूूद उतारा गया, वह एक आर्मी ऑफिसर का परिवार था। यह आर्मी ऑफिसर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ प्लेन में सवार थे। लेकिन गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू के लिए उन यात्रियों को आखिरी समय में उतार दिया गया। 
   बाद में इस घटना पर बवाल मचने के बाद रिजिजू ने माफी मांग ली। एयर इंडिया की ओर से जारी रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुुई है। रिपोर्ट के मुताबिक लेह से दिल्ली के लिए एयर इंडिया की फ़्लाईट संख्या ए/191 ने करीब 57 मिनट की देरी से उड़ान भरी। वहीं केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू का दावा है कि उड़ान में देरी नहीं हुई क्योंकि रवानगी के समय में तकनीकी कारणों से पहले से ही बदलाव किया गया था। रिजिजू ने कहा कि रवानगी 11:40 पर हुई। मैं नहीं जानता, हो सकता है कि समय में बदलाव का मुद्दा रहा हो। यह विलंब नहीं था। यह गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि वह ङ्क्षसधु दर्शन महोत्सव में भाग लेकर दिल्ली लौट रहे थे और उसी समय एयर इंडिया की उड़ान के 'समय में अचानक से बदलाव हुआ था। मंत्री ने कहा, मैं लेह से हेलीकॉप्टर के जरिए लौटने वाला था। परंतु मौसम खराब था और हेलीकॉप्टर श्रीनगर तक नहीं जा सकता था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने मुझसे कहा कि मैं एयर इंडिया की उड़ान पकड़ लूं।
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अब फ्री में नहीं हो पाएगी व्हाट्सएप कॉल, कंपनी को देना पड़ेगा पैसा

      अब तक व्हाट्सएप वॉइस कॉल आपके लिए फ्री था, लेकिन अब कंपनी को इसके लिए पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। इसमें इंटरनेशनल कॉल्स और मैसेजेस फ्री रहेंगे, लेकिन लोकल और नेशनल व्हाट्सएप कॉल्स के लिए कंपनी को पैसे देने होंगे। दूरसंचार विभाग द्वारा नेट न्यूट्रेलिटी के संबंध में गठित कमिटी ने इस संबंध में एक नया प्रस्ताव दिया है।
      दरअसल कमिटी ने ये सिफारिश की है कि व्हाट्सएप, वाइबर और स्काइप जैसी ओवर द टॉप (ओटीटी) एप्स इंटरनेशनल कॉल्स और मैसेजेस तो उपलब्ध करवा सकती है, लेकिन लोकल और नेशनल लॉन्ग डिस्टेंस (एनएलडी) कॉल्स के लिए इन कंपनियों को लाइसेंस लेना जरूरी होगा। हालांकि अब तक ये स्प्ष्ट नहीं है कि नेशनल और इंटरनेशनल कॉल्स को अलग कैसे किया जाएगा। कमिटी की ये रिपोर्ट पिछले महीने दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद को दे दी गई है।हालांकि अभी ये केवल प्रस्तावित है, इस मुद्दे पर चर्चा करने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। दरअसल टेलिकॉम कंपनियां इंटरनेशनल कॉल्स से 8 फीसदी, नेशनल लॉन्ग डिस्टेंस कॉल्स से 18 फीसदी और लोकल लोकल कॉल्स से 56 फीसदी कमाती है। 1 मिनट के कॉल के लिए टेलीकॉम कंपनियों को 40-50 पैसे मिलते हैं, लेकिन व्हाट्सएप वॉइस कॉल से उन्हें 1 मिनट के केवल 4 पैसे ही मिल पाते हैं।
     कमिटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वीओआईपी बेस्ड सर्विसेज जैसे व्हाट्सएप, स्काइप के लोकल और नेशनल कॉल्स के चार्ज टेलिकॉम कंपनियों के कॉल के बराबर ही रखे जाएं। इस पर विचार किया जा रहा है। जब व्हाट्सएप ने वॉइस कॉल शुरू किया था, तब ये मुद्दा उठा था। भारती एयरटेल के जीरो पैकेज का भी बहुत विरोध हुआ था। नेट न्यूट्रेलिटी के लिए कैंपेन चलाया गया। जबरदस्त विरोध को देखते हुए एयरटेल के जीरो पैकेज से जुड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपने हाथ पीछे खींच लिए थे और जीरो पैकेज से अलग हो गई थी।




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राहुल गांधी जमीनी हकीकत से दूर हैं: हंसराज भारद्वाज

     नई दिल्ली।। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कर्नाटक के राज्यपाल रह चुके कांग्रेस नेता हंसराज भारद्वाज ने अपनी पार्टी को निशाने पर लेते हुए लताड़ा है। उन्होंने कहाकि, भाजपा का सामना करने के लिए कांग्रेस बहुत कमजोर है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस्तीफा न देने पर संसद न चलने देने के कांग्रेस नेताओं के बयानों को भी उन्होंने कटघरे में खड़ा किया। भारद्वाज ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि, मेरे हिसाब से ऎसे निर्णय ठीक नहीं है। जिसने भी नियम तोड़ा है उसके लिए कानून अपना काम करेगा लेकिन संसद की कार्यवाही न चलने देना सही संसदीय प्रणाली नहीं है। लोगों से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए संसद सबसे बड़ा मंच है। 
     सुषमा और राजे के मामले में अगर कांग्रेस गंभीर है तो उन्हें इस मुद्दे पर संसद में बहस करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नरेन्द्र मोदी को रोकने के लिए कांग्रेस काबिल नहीं है। पार्टी उस हालत में नहीं है जो ऎसे ताकतवर नेता को रोक सके जिसके पास इतना ताकतवर कैडर है। आज कांग्रेस कहां है। जयराम रमेश तुच्छ मामलों पर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं, आईपीएल मामले का खुलासा हो गया है। अब कानूनी एजेंसियों को काम करने देना चाहिए। यूपी, बिहार में कांग्रेस की कोई मौजूदगी नहीं है, वे यहां पर कैसे जीतेेेगे।राहुल गांधी के बारे में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहाकि, राहुल भी जमीनी हकीकत से दूर हैं। राहुल युवा हैं और उन्हें युवाओं को नेतृत्व करना है। लेकिन वे वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में नहीं है और इसलिए वे संपर्क से दूर हैं। गौरतलब है कि हंसराज भारद्वाज 2009 में कैबिनेट से निकाले जाने के बाद से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। वे पहले भी कई बार पार्टी और वरिष्ठ नेताओं की आलोचना कर चुके हैं।
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ललित मोदी ने सोनिया, वरूण को भी लपेटा

      नई दिल्ली।। "ललितगेट" मामला दिनों दिन बड़ा ही होता जा रहा है। नेहरू परिवार के खिलाफ लगातार हमले करते हुए अब आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा सांसद वरूण गांधी को भी लपेटे में ले लिया है। मंगलवार देर रात ललित मोदी ने लड़ीवार कई ट्वीट किए और बड़े खुलासे भी।
     मोदी ने लिखा कि कुछ साल पहले वरूण गांधी लंदन में उनके घर आए और उन्होंने सोनिया गांधी की मदद से सब ठीक करने का आश्वासन भी दिया था। ललित मोदी ने लिखा, "वे चाहते थे कि मैं इटली में रह रही उनकी चाची की बहन से एक बार मिल लूं। जब एक कॉमन फ्रेंड के जरिए उनसे संपर्क किया गया तो सोनिया की बहन ने काम करने के बादले 60 मिलियन डॉलर यानी कि करीब 375 करोड़ रूपए की मांग की। इस पर मैंने कहा कि क्या पागलपन है।"
      ललित मोदी ने ट्वीट किया है कि क्या वरूण गांधी इस बात से इनकार कर सकते हैं? मोदी ने कहा, "वरूण चाहें तो इनकार कर सकते हैं, लेकिन मैंने हर मुलाकात का वीडियो रिकॉर्ड बना रखा है। जब वरूण लंदन के रिट्ज होटल में ठहरे हुए थे, तो क्या मुझसे मिलने मेरे घर नहीं आए थे? वरूण को बताना चाहिए कि उन्होंने अपनी चाची के बारे में क्या कहा था। एक विश्वविख्यात ज्योतिषी इसका गवाह है।" गौरतलब है कि ललित मोदी इससे पहले प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के साथ लंदन में अलग अलग मुलाकातों का खुलासा कर चुके हैं।

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RTI के तहत नहीं मिलेगी जजों के मेडिकल खर्चों की जानकारी: SC

    नई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट ने जजों व उनके परिवार वालों के मेडिकल खर्चों की जानकारी आरटीई के तहत देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस तरह की जानकारी आरटीआई के दायरे में नहीं आती है।मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि आज यदि वह इस याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर करती है तो कल से लोग आरटीआई के माध्यम से न्यायाधीशों द्वारा इस्तेमाल की गई दवाओं के ब्यौरे को लेकर याचिका दायर करने लगेंगे।
     आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल की ओर से दायर याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति दत्तू ने कहा की एक बार जब लोगों को इस्तेमाल की गई दवाओं के बारे में पता चल जाएगा तो वे यह पता करने में सफल रहेंगे कि संबंधित जज किस बीमारी से ग्रसित हैं। यह जजों के निजता के अधिकारों का हनन होगा।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अग्रवाल के वकील प्रशांत भूषण ने असहमति जाताई। भूषण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जनता में गलत संदेश जाएगा कि न्यायपालिका राजनीति और नौकरशाही में पारदर्शिता लाने के लिए अच्छे आदेश तो देती है, लेकिन जब न्यायाधीशों से संबंधित मामूली जानकारी की बात आती है तो वह मुकर जाती है।गौरतलब है कि याचिकाकर्ता ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी, जिसमें उसने कहा था कि न्यायाधीशों के चिकित्सा पर होने वाले खर्चों का ब्यौरा मांगना आरटीआई कानून के तहत नहीं आता है, क्योंकि इससे समाज को कोई फायदा नहीं होने वाला है।

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फर्जी डिग्री से बना अध्यापक, अब बनना चाह रहा माफिया

    गोंडा/यूपी।। यूँ तो फर्जी डिग्री धारी अनेकों विभागों में जांच के उपरान्त बेनकाब किये जा सकते और आये दिन आ रहे फर्जी डिग्री धारियों में एक नया नाम जुड़ा है कौशल किशोर मिश्रा पुत्र छोटे लाल मिश्र निवासी ग्रामसभा घमरईया पोस्ट बकसौला जिला गोंडा यूपी का रहने वाला है जिसने बी टी सी किया था और लाल बहादुर शास्त्री कालेज गोंडा जो की अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से सम्बंधित है से स्नातक द्वितीय वर्ष में संस्कृत विषय में सप्लीमेंट्री आई थी जिसमे इस कौशल किशोर ने खुद परीक्षा न देकर अपनी जगह दूसरे को बिठा कर परीक्षा दिलवाई थी और पास हो गया। किसी दूसरे का परीक्षा देना भी कोई मामूली विषय नहीं है, इस अकेले मामले से कालेज की मिली भगत भी साफ़ जो जाती है क्योकिं किसी एक के स्थान पर किसी दूसरे के द्वारा बैठकर परीक्षा देना बिना कालेज की मदद से संभव ही नहीं है। अब प्रश्न यह भी खड़ा होता है की जिसने खुद परीक्षा न दी हो और फर्जीवाड़ा करके अध्यापक बन कर प्राइमरी पाठशाला सालपुर पाठक, ग्रामसभा सालपुर पाठक व ग्रामसभा घमरईया प्राथमिक पाठशाला में जिन बच्चों और नैनिहालों को पढ़ा रहा होगा, उन बच्चों को क्या ज्ञान मिल रहा होगा और यह अध्यापक उन्हें क्या सिखाता होगा। यह एक बेहद गंभीर जांच का विषय है जिसमे देखना ये है की अब शासन प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करता है।
    ताजा मामला यह है की ये फर्जी डिग्रीधारी अध्यापक अब गुंडई पर उतारू होकर माफिया बनना चाह रहा है और अपने पड़ोस में रहने वाले बेहद गरीब और महाराष्ट्र में रहकर मजदूरी करने वाले बृजेन्द्र कुमार की जमीन को जबरन कब्जा करना चाहता है और बृजेन्द्र तो महारष्ट्र में रहकर मजदूरी करके अपने परिवार के रोटी कपडे के जुगाड़ में लगा रहता है पर घर में रहने वाले उसके नाबालिग बच्चे व महिलाओं को ये कौशल किशोर सभी तरह से पेरशान करने में लगा रहता है और बृजेन्द्र के भूमि पर जबरन कम्पोस्ट बना कर अतिक्रमण कर लिया है और चारो तरफ से बॉउंड्रीवाल करा कर रास्ता बंद करने की धमकी देता है और घर छोड़कर भाग जाने की बात कहता है और ऐसा न करने की स्तिथि में पेट्रोल छिड़क आग लगा कर जान से मारने की धमकी देता है। चूँकि पीड़ित बेहद गरीब और लाचार है इस वजह से उसकी कही पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है जिसपर शासन प्रशासन में पैंठ रखने वाले इस फर्जी डिग्रीधारी शिक्षक की रसूख का अंदाजा भी इस बात से लगाया जा सकता है की पीड़ित की कही सुनवाई नहीं हो रही है और शासन प्रशासन सिर्फ गुंडों और बदमाशों के मनोबल को बढ़ाने का हरसंभव मदद कर रही है। अब देखना यह है की पीड़ित के डाक द्वारा भेज कर गोंडा जिले के पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी व थानाध्यक्ष को लिखित पत्र भेजकर अपने व अपने परिवार की जानमाल की सुरक्षा की गुहार पर कोई ध्यान देता है अथवा नहीं वही यूपी के नवनियुक्त महानिदेशक जिन्होंने चार्ज लेती ही अपराधियों और गैरजिम्मेदार अधिकारीयों पर त्वरित कार्यवाहि कि बात कही है अब वह इस मामले में क्या कार्यवाही करते है।



(कुलदीप कुमार विश्वकर्मा)
5:58 PM | 0 comments | Read More

महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है

How Saudi funded Rs 1,700 crore for Wahabi influence in India
मदरसों को एक स्कूल के रूप में derecognize करने का महाराष्ट्र सरकार का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है.
इसे 15000 NGOs के FCRA लाइसेंस रद्द होने के फैसले से भी जोड़ कर देखा जाना चाहिए.
IB लम्बे समय से सऊदी और क़तर सरकार की भारत में चल रही गतिविधियों पे नज़र रखे हुए है.
IB के पास सूचना है की सऊदी और क़तर सरकारों ने पिछले 3 सालों में भारत में वहाबी इस्लाम के प्रसार के लिए 1700 करोड़ रु invest किये हैं .
वहाबी इस्लाम माने कट्टर militant इस्लाम जो सख्ती से शरई कानूनों के पालन की वकालत करता है . इसके अलावा सऊदी अरबिया भारत और भारतीय मुसलमान के ऊपर बढ़ते शीया इरान के प्रभाव और moderate इस्लाम के बढ़ते प्रभाव से चिंतित है .
पिछले कुछ सालों में भारतीय मुसलामानों का झुकाव अपेक्षाकृत अमन पसंद moderate इस्लाम की तरफ हुआ है . अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद अल कायदा और ISIS भारत में recruitment करने में नाकाम रहे हैं.
इस से चिंतित सऊदी अरबिया के वाहाबी इस्लाम के वाहकों ने पिछले 3 साल में 25000 से ज़्यादा वहाबी प्रचारकों को भारत में भेजा है . भारत सरकार और IB इनपे नज़र रखे हुए थी और इनकी एक एक गतिविधि को मॉनिटर किया गया . इनके द्वारा लाये गए एक एक पैसे का हिसाब माँगा गया . सबसे बड़ी समस्या हवाला चैनल से आती है जिसके कारण बाहर से आने वाले पैसे को मॉनिटर करना मुश्किल होता है ........
सबसे अच्छी बात ये हुई की देश की ज़्यादातर मस्जिदों के मैनेजमेंट ने इन वहाबी तत्वों को अपनी मस्जिदों से ऑपरेट करने से रोक दिया . इसलिए सऊदी अरबिया को अपनी खुद की वहाबी मस्जिदें बनानी पड़ रही हैं . IB केरल में बनने वाली ऐसी 40 मस्जिदों पे नज़र रखे है जो सऊदी पैसे से बन रही हैं और उनका वास्तु शिल्प भी भारतीय मस्जिदों से अलग है ...... वहाबी है ........
इसके अलावा वहाबी फण्ड से 800 करोड़ रु खर्च कर देश में 4 वहाबी universities भी बनायी जा रही हैं .........200 करोड़ रु मदरसे बनाने के लिए दिए गए हैं .......
भारतीय सुरक्षा एजेंसीज पहले ही भारत नेपाल और भारत बांग्लादेश सीमा पे कुकुरमुत्ते की तरह उगते मदरसों से परेशान है .........
ऐसे में महाराष्ट्र सरकार द्वारा मदरसों को स्कूल न माने का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुदा फैसला है ....... दुर्भाग्य से ऐसा कडा फैसला UPA न ले पायी औए न ही ले पायीं UP , बिहार , बंगाल , केरल तमिलनाडु की सरकारें ......... महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने ये फैसला लिया है . वहाबी जानते हैं की उनकी दाल सिर्फ वहीं गलेगी जहां गैर भाजपा सरकारें होंगी .......
देखना ये होगा कि भारत का media और विपक्ष, साथ साथ मुस्लिम लीडरशिप राष्ट्र hit और मुस्लिम हित के इस फैसले पे कितना साथ देते हैं .
इस फैसले के लिए महाराष्ट्र सरकार की जितनी प्रशंसा की जाए कम है. देखना ये है की क्या वो इसपे टिके रहेंगे या दब जायेंगे, टूट जायेंगे.


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तो क्या ‘डी कंपनी’ का पैसा लग रहा है इस अस्पताल में..


   गोरखपुर।। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आजकल एक अस्पताल चर्चा का विषय बना हुआ है। गोरखपुर शहर के अधिकांश अधिकारी, नेता, पत्रकार, कारोबारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर इस 300 बेड वाले निर्मित अस्पताल में किसका पैसा लग रहा है।
    शहर में इस अस्पताल को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। कोई कह रहा है कि इस अस्पताल में अखिलेश सरकार के एक मंत्री का ब्लैकमनी लग रहा है तो कोई बता रहा है कि जीडीए के कुछ अधिकारी इस अस्पताल में अपना ब्लैकमनी खपा रहे हैं। यह भी चर्चा है कि इस अस्पताल में ‘डी कंपनी’ का पैसा लग रहा है।
    अब यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस अस्पताल के निर्माण में ब्लैक मनी का इस्तेमाल हो रहा है। यदि हां तो किसका ब्लैकमनी लग रहा है इस अस्पताल में। ‘ख़बर अब तक’ की टीम ने इस पूरे मामले में गहराई से छानबीन की है। बहुत जल्द हम सबूतों के साथ आपके सामने ला रहे हैं “पैनेशिया का पूरा सच”।

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व्यापमं घोटाला: जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन की मौत

   नई दिल्ली।। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन और रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी अरूण शर्मा का शव दिल्ली के उप्पल होटल से मिला है। अरूण फर्जी मेडिकल एडमिशन मामले की जांच कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अरूण शर्मा अगरतला मेडिकल कॉलेज की जांच के लिए जा रहे थे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक होटल में उनकी मौत हो गई। रविवार सुबह जब उनके कमरे का दरवाजा खोला गया तो उनकी लाश पड़ी थी। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। डॉ. शर्मा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अगरतला स्थित मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के लिए जाने वाले थे। इसके लिए शनिवार दोपहर वे फ्लाइट से जबलपुर से दिल्ली पहुंचे। रविवार सुबह सात बजे अगरतला के लिए उनकी फ्लाइट थी। इसके चलते वे दिल्ली एयरपोर्ट के पास स्थित होटल आर्केड उप्पल में रूके थे। डॉ. शर्मा की मौत को व्यापमं मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि ठीक एक साल पहले 4 जुलाई 2014 को ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डीके साकल्ले की भी मौत हो गई थी। साकल्ले की लाश उनके घर में जली हुई अवस्था में मिली थी। अभी तक साकल्ले की मौत की असली वजह नहीं पता चल पाई है।
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मंहगाई, सब्सिडी और सांसदों की थाली

     नई दिल्ली।। जनता को बाजार दाम पर महंगी थाली का इंतजाम करना पड़ता है, वहीं उसके द्वारा लोकतंत्र के सर्वाेच्च मंदिर में भेजे गए माननीयों को लजीज थाली पर इतनी सब्सिडी मिलती है कि सुनकर पेट भर जाता है। यदि आरटीआई से मामला नहीं खुलता तो न जाने कब तक डकार भी नहीं लेते। आश्चर्य है कि मंहगाई और सब्सिडी पर मंथन करने वाली संसद के सदस्य ही अपने और लोक के बीच निवालों में ऐसा फर्क करते हैं। ऐसे में उनसे इंसाफ की उम्मीद कैसे की जा सकती है। यकीनन जो सच सामने आया है, वह बेहद कड़वा है। जहां आम आदमी महंगी दाल खाने को मजबूर है, वहीं सांसदों को माली मदद कहें या सरकारी इमदाद कि 13 रुपये 11 पैसे लागत वाली फ्राइड दाल केवल 4 रुपये में मिलती है। सब्जियां महज 5 रुपये में। मसाला डोसा 6 रुपये में। फ्राइड फिश और चिप्स 25 रुपये में। मटन कटलेट 18 रुपये में। मटन करी 20 रुपये में और 99.04 रुपये की नॉनवेज थाली सिर्फ 33 रुपये में। यदि सांसदों की थाली में सरकारी इमदाद का जोड़-घटाव किया जाए तो मदद का आंकड़ा कम से कम 63 प्रतिशत और अधिक से अधिक 75 प्रतिशत तक जा पहुंचता है। इस सच का दूसरा पहलू भी है। आम आदमी की जरूरत की गैस अब कोटा सिस्टम में चली गई है। सालभर में केवल 12 सरकारी इमदाद वाले सिलेंडर एक परिवार के लिए हैं। उस पर भी लोकलुभावन विज्ञापन, प्रधानमंत्री के प्रेरक उद्बोधन और सरकारी इमदाद यानी सब्सिडी छोड़ने की गुजारिश। यकीनन, यही हिन्दुस्तान की खासियत है कि अवाम इतनी भावुक और मेहरबान हुई कि एक झटके में साढ़े 5 लाख लोगों से ज्यादा ने गैस पर सब्सिडी छोड़ दी और इससे सरकार पर 102.3 करोड़ रुपये का बोझ कम हो गया। सब्सिडी छोड़ने की मुहिम चलनी भी चाहिए। समय के साथ यह अपरिहार्य है और देश के विकास के लिए जरूरी भी। 
     सवाल बस एक ही है कि जब हमारा सबसे बड़ा नुमाइंदा ही 100 रुपये का खाना 25 रुपये में खाने पर शर्मिदा नहीं है, जिसे पगार और दूसरे भत्तों के जरिए हर महीने डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी होती है, तो औसत आय वाले गैस उपभोक्ता, जिनमें दिहाड़ी मजदूर और झोपड़ पट्टों में रहने वाले गरीब भी हैं, सब्सिडी छोड़ने की अपील बेमानी नहीं लगती! आरटीआई से खुलासे के बाद जब इस पर बहस चली तो बात माननीयों के 'पेट पर लात मारनेÓ जैसी बात तक जा पहुंची। संसद की खाद्य मामलों की समिति के अध्यक्ष जितेंद्र रेड्डी ने सब्सिडी हटाने की संभावना को खारिज कर दिया और कहा, मेरी नानी कहती थी कि किसी के पेट पर लात नहीं मारनी चाहिए। ससंदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू को ये अच्छी बहस का विषय लगता है, लेकिन वह कहते हैं कि फैसला दो-चार लोगों के बस का नहीं है, मामला आया तो विचार भी होगा। कुछ सांसद भलमनसाहत में यह भी कह गए कि हम सब्सिडी छोड़ने को तैयार हैं। यहां यह भी गौर करना होगा कि इसी साल 2 मार्च को पहली बार एक प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने संसद की कैंटीन में केवल 29 रुपये में भोजन किया और विजिटर बुक में अन्नदाता सुखी भव लिखा था। हो सकता है, उन्हें खयाल न आया हो, वरना संसद की कैंटीन की सब्सिडी खत्म करने की बेहतर पहल उसी समय शुरू हो सकती थी। 
     संसद की कैंटीनों को वर्ष 2013-14 में 14 करोड़ 9 लाख रुपये, साल 2009-10 में 10.46 रुपये और 2011-12 में 12.52 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। इन कैंटीनों में सांसदों के अलावा करीब 4000 कर्मचारी भी खाते हैं, जिनमें 85 से 90 फीसदी आयकर दाता हैं। आरटीआई खुलासे के बाद अब यह गरमागरम बहस का मुद्दा जरूर बन गया है। 21 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में माननीयों की थाली जरूर बहस का मुद्दा बनेगी। बहस होनी भी चाहिए। सवाल बस इतना है कि क्या इस पर विचार होगा कि सरकारी इमदाद के लिए बिना भेदभाव नई और स्पष्ट लक्ष्मण रेखा बनाई जाए और देशभर में तमाम महकमों, संस्थाओं और इसके असली हकदार का सार्वजनिक तौर पर खुलासा हो और खजाने पर पड़ने वाले बोझ का फायदा केवल जरूरत मंदों को ही मिले। कहीं ऐसा न हो कि जनता की गाढ़ी कमाई सरकारी इमदाद के तौर पर माननीयों के लजीज खाने पर गुपचुप तरीके से खर्च हो, वह भी हर साल करोड़ों में।
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रोजाना 7 लाख टिकट बेचती है आईआरसीटीसी

    नई दिल्ली।। एक वक्त था जब 2002 में आईआरसीटीसी रोजाना महज 27 टिकट ही बेच पाती थी, अब ये आंकड़ा सैकड़ों और हजारों से बढ़कर 7 लाख तक पहुंच गया है। फिलहाल रेलवे के कुल टिकट का करीब 55 फीसदी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर ही बुक होता है। समय से साथ दबाव बढ़ा तो शिकायतों का दौर भी शुरू हुआ। स्पीड सबसे अहम समस्या के तौर पर नजर आई, लेकिन धीमी रप:तार की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए 5 और नए सर्वर अगले दस दिनों में साइट की स्पीड बेहतर बना देंगे। महीने भर पहले ही आईआरसीटीसी ने सर्वरों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 किया था। नतीजा पहले जहां हर मिनट 7200 टिकट बुक होते थे। दो नए सर्वरों के जुड़ने के बाद हर मिनट 15 हजार से ज्यादा टिकट बुक होने लगे। 
    आईआरसीटीसी के प्रवक्ता संदीप दत्ता ने बताया कि अभी फिलहाल एक वक्त में 1 लाख 80 हजार लोग एक साथ टिकट बुक कर सकते हैं या फिर वेबसाइट पर एक साथ अपना अलग-अलग काम आसानी से कर सकते हैं, लेकिन अब नए सर्वर लगने से ये तादाद 3 लाख लोगों तक पहुंच जाएगी। यानी एक वक्त में 3 लाख यूजर बिना किसी परेशानी के वेबसाइट पर अपना काम कर पाएंगे। 55 फीसदी रेलवे टिकट बुक करने वाली आईआरसीटीसी के करीब 3 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। जबकि रोजाना 15 हजार नए यूजर जुड़ते हैं और 20 लाख लोग लॉग इन करते हैं और रोजाना 2 से 3 करोड़ हिट होते हैं। ऐसे में शिकायतें दुरुस्त करने के लिहाज से आईआरसीटीसी एथिकल हैकर को अपनी टीम में शामिल कर रही है। वेबसाइट पर ट्रैफिक का बोझ ज्यादा ना रहे इसके चलते एक लॉग इन पर 5 एन्क्वायरी के बाद यूजर खुद ही लॉगआउट हो जाएगा और स्पीड में इजापेस के मद्देनजर 10 दिन के भीतर स्टोरेज की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
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श्रम कानूनों को मे बदलने की तैयारी

     नई दिल्ली।। नरेंद्र मोदी सरकार देश के श्रम कानून में बड़े बदलाव की तैयारी है। सरकार ने श्रमिकों की भर्ती और बर्खास्तगी के सख्त कानूनों में ढील देने, श्रमिक यूनियन बनाने के नियमों को अधिक कठिन बनाने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए छंटनी से जुड़े पैकेज को तिगुना करने प्रस्ताव किया है। इन बदलावों के लिए श्रमिक संगठनों से विमर्श जारी है। प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में इस मुद्दे के समाधान के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित कर दी है। अधिकांश ट्रेड यूनियन इन प्रस्तावों से नाखुश हैं और उन्होंने दो सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। इस योजना के तहत देश में कारोबार करना आसान बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए श्रम मंत्रालय ने एक विधेयक का मसौदा तैयार किया है। 
    इसमें ट्रेड यूनियन कानून, औद्योगिक विवाद कानून और औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) कानून को मिलाकर कर औद्योगिक संबंधों के लिए एक ही कानून बनाने का प्रस्ताव है। नए मसौदे में कंपनियों को 300 तक कामगारों को रखने और सरकार से बगैर किसी अनुमति के हटा देने की इजाजत होगी। फिलहाल यह सीमा 100 कामगारों तक है। किसी कामगार को हटाने के लिए या उस औद्योगिक इकाई को बंद करने के लिए संस्थान की ओर से तीन माह का नोटिस देना होगा। अभी एक माह के ही नोटिस का प्रावधान है। हटाए गए कर्मचारी को औसतन 45 दिनों का वेतन देना होगा। अभी यह 15 दिन के वेतन का प्रावधान है। कर्मचारी हटाने के तीन साल के अंदर आपत्ति दर्ज कर सकता है।
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आईटीआई परीक्षा के प्रवेश पत्र में कुत्ते की फोटो

     मिदनापुर।। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में आईटीआई की परीक्षा देने के लिए एक छात्र ने प्रवेश पत्र जब निकाला तो वह हैरान रह गया। उसमें कुत्ते की फोटो लगी थी। इस प्रवेश पत्र को आईटीआई की बेवसाइट से डाउनलोड किया था। सौम्यदीप महतो ने जब प्रवेश परीक्षा के लिए अपना कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें कुत्ते की फोटो लगा देखकर हैरान रह गया। 
   सौम्यदीप ने इसके बाद आईटीआई के परीक्षा विभाग के नोडल अधिकारी से इसकी शिकायत की। इसके बाद सौम्यदीप को परीक्षा में बैठने दिया गया। अब आईटीआई इस मुद्दे की जांच की बात कर रहा है हालांकि कुछ देर शाम ही प्रवेश पत्र से कुत्ते की फोटो को हटा दिया गया। इसके बाद सौम्यदीप पह्निश्चम बंगाल स्टेट काउंसिल के तहत होने वाले इस कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में शामिल हुआ।
5:36 PM | 0 comments | Read More

साथ-साथ करते थे जॉब प्यार हुआ कर ली शादी, सुहागरात पर खुली पोल, लड़के के उडे़ होश

    गाजियाबाद।। गाजियाबाद के मुरादनगर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में एक लड़का और लड़की जॉब करते हैं। दोनों के बीच अफेयर हुआ। पिछले सोमवार को दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली लेकिन सुहागरात को उसे पता लगा कि उसने जिसको लड़की समझकर शादी की है वह दरअसल, किन्नर है।
     इसके बाद लड़का और उसका परिवार भड़क गया। लड़की ने भी मान लिया कि वह किन्नर है। शुक्रवार को इस मामले में पंचायत बुलाई गई। लड़के ने पंचायत के समझाने के बाद भी लड़की को अपनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पंचायत ने आदेश दिया कि लड़के का परिवार लड़की को कुछ पैसे देगा और इसके बाद वह अलग-अलग रह सकेंगे।
   हालांकि लड़की का परिवार नहीं चाहता कि लड़का-लड़की अलग रहें लेकिन पंचायत के फैसले को उन्होंने बाद में मान लिया। हालांकि लड़की को कितने पैसे दिए जाएंगे इसका खुलासा नहीं हो पाया।
5:34 PM | 0 comments | Read More

RSS ने पहली बार आयोजित की इफ्तार पार्टी, 70 मुस्लिम देशों के राजदूतों ने की शिरकत

इफ्तार की दावत
     नई दिल्ली।। अपने कट्टर हिंदूवादी तेवर के चलते आलोचना झेलने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने रमजान के मौके पर पहली बार इफ्तार पार्टी का आयोजन करके सबको चौंका दिया है.
     RSS के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से शनिवार को आयोजित इफ्तार की दावत में 70 मुस्लिम देशों के राजदूतों के साथ ही बीजेपी के मंत्रियों और कांग्रेस के नेताओं को भी न्योता दिया गया.
     पार्लियामेंट एनेक्सी में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए संघ भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह मुस्लिमों को अपने करीब लाने की कोशिश में जुटा नजर आया. RSS के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुखिया इंद्रेश कुमार ने कहा, 'हिंदू संगठन की मुस्लिम विंग के जरिए लोगों के बीच ये संदेश दिया जा रहा है कि हमारे लिए सभी धर्म समान महत्व रखते हैं.'
'दूसरे धर्म की भावनाओं का सम्मान करें..'
     इंद्रेश कुमार कहा, 'किसी भी धर्म के लोगों को दूसरे के धर्म और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और अलगाववाद का रास्ता बिल्कुल नहीं अपनाना चाहिए.' कुमार ने कुरान में लिखे शांति और सद्भावना के संदेश को भी दोहराया. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के अलावा मिस्र समेत 70 मुस्लिम देशों मे राजदूतों ने शिरकत की.

(Warisali Warsi)
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इंटरनेट पर कुछ भी नहीं है प्राइवेट, वीडियो चैट पर रखें ध्यान

     नई दिल्ली।। इंटरनेट हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है और इंटरनेट चैटिंग एक बेहद सामान्य-सी बात है, लेकिन इंटरनेट पर की जाने वाली हमारी प्राइवेट चैट असल में कितनी प्राइवेट होती हैं? यह हम सभी जानते हैं कि अंजान लोगों के साथ चैट रूम में बैठकर वीडियो चैट करना सुरक्षित नहीं, लेकिन उन चैट्स और बातचीत का क्या, जो आप या हम अपने पार्टनर, दोस्त या उन लोगों के साथ करते हैं, जिनके साथ हम रिश्ते में हैं। क्या अपनों से की गई यह अंतरंग बातचीत भी असल में उतनी ही सुरक्षित है, जितना हम सोचते हैं...? यू-टयूब चैनल ने 22 जून को इंटरनेट पर ऐसा ही एक वीडियो अपलोड किया, उन लोगों को जागरूक करने के लिए, जो कई बार वीडियो चैट करते वक्त असावधानी बरत जाते हैं। 
    इस वीडियो का अंत हर किसी को चौंका सकता है या सदमा दे सकता है। इस वीडियो को अब तक 15 लाख लोग देख चुके हैं। लगभग साढ़े तीन मिनट के इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक युवती अपने पार्टनर के साथ वीडियो पर चैट कर रही है। बातों ही बातों में पता चलता कि लड़की का पुरुष पार्टनर उससे किसी बात पर नाराज़ है और उसे शांत करने के लिए वह कैमरे के सामने स्ट्रिपिंग, यानी कपड़े उतारने को तैयार हो जाती है। लड़की बार-बार यही कहती दिख रही है कि मैं ऐसा करते हुए सहज महसूस नहीं कर रही हूं, लेकिन पार्टनर की खुशी के लिए ऐसा करने को तैयार हो जाती है। 
    यह वीडियो देखने के साथ ही हम यह महसूस करते हैं कि असल में हम जितना सोचते हैं, हमारे प्राइवेट चैट्स उतने प्राइवेट नहीं होते। यह कड़वा सच किसी के लिए भी स्वीकार करना आसान नहीं है। वर्चुअल या आभासी दुनिया हमें हर किसी से जुड़ने का प्लेटफॉर्म तो जरूर देती है, लेकिन वह लोगों की जिंदगियां भी बर्बाद कर सकती है। भविष्य में जब आप भी किसी अपने के साथ निजी या अंतरंग बातचीत करें तो अपनी निजता को बचाकर रख सकें।
1:44 PM | 0 comments | Read More

अस्पताल में डॉक्टर ने महिला के बिस्तर पर लिखा 'इसे ऐड्स है'

     मथूरा।। लाला लाजपत राय अस्पताल से एक शर्मनाम मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर ने महिला के साथ गाली-गलौज ही नहीं की, बल्कि उसकी बीमारी के लिए उसे काफी प्रताडि़त भी किया, यहां तक कि डॉक्टर ने महिला के बिस्तर पर एक पर्चा चिपका दिया। बिस्तर पर डॉक्टर ने लिखवाया कि 'महिला ऐड्स से पीडि़त है और उससे दूर रहे। 
    मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद कोई भी डॉक्टर या अधिकारी मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मेरठ की मवाना तहसील की हसनपुर गांव की रेखा (काल्पनिक नाम) अस्पताल में भर्ती हुई। अस्पताल में महिला की सिजेरियन डिलेवरी हुई। रेखा का इलाज कर रही डॉ अभिलाषा गुप्ता को जब जांच में पता चला कि वो ऐड्स पॉजिटिव है तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए महिला की बीमारी को सार्वजनिक कर दिया।
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बच्चों को फेल करो, नहीं तो देंगे धरना

    रेवाड़ी।। हरियाणा के रेवाड़ी में पालकों ने अपने बच्चों को पेसल करने की गुहार लगाई है। पालकों ने कहा प्रशासन ने इनकी बात नहीं मानी तो वह सामूहिक धरने पर बैठेंगे। अभी तक मां-बाप बच्चों को पास कराने जुगाड़ लगाते थे किन्तु अब अपने ही बच्चों को पेसल करने के लिए धरने पर बैठने का जुगाड़ कर रहे हैं। जो बच्चे 10 वीं में पहुंच रहे हैं उन्हें हिंदी और अंग्रेजी पढ़ना-लिखना भी नहीं आता है। वहीं सरकारी स्कूल प्रत्येक छात्र को पास करके अगली क्लास में भेज रहे हैं। इससे पालकों में स्कूल की शिक्षा को लेकर असंतोष जाहिर किया है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का पूरा स्तर ही गड़बड़ाया हुआ है। राज्य के ग्रामीण इलाकों के अभिभावक, मास्टरों से गुहार लगा रहे हैं कि उनके बच्चों को पेसल कर दिया जाए क्योंकि उन्हें कुछ लिखना-पढ़ना नहीं आता है। धमकी भी दी जा रही है कि अगर एक हप:ते में उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो धरना शुरू कर देंगे। 
     राज्य के करीब 30 हजार से ज्यादा अभिभावकों ने हरियाणा में ऐसी ही शिकायतें दर्ज कराई हैं। राजकीय प्राथमिक संघ इन शिकायतों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उसे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक पहुंचाया जाएगा। 2009 के आरटीई कानून में प्रावधान है कि स्कूल में दाखिल ले चुके किसी भी बच्चे को पेसल नहीं किया जाएगा। भले ही वे स्कूल आएं या नहीं। इस एक्ट के चक्कर में राज्य में 10 वी और 12 वीं का इस बार रिजल्ट खराब हो गया है। बच्चों के माता पिता की नाराजगी की वजह भी यही है। वहीं स्कूल में जो शिक्षक पढ़ा रहे हैं। उन्हें भी शुद्ध हिंदी और अंग्रेजी भी लिखना नहीं आता है। पालकों ने अब शिक्षको और स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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