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देवेंद्र फडनवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर ली शपथ

Written By Bureau News on Friday, October 31, 2014 | 9:19 PM

   नई दिल्ली।। देवेंद्र फडनवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। फडनवीस के भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए और बीजेपी के कई बड़े नेता शामिल हुए।
   इस समारोह में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल होने पहुंचे। उनको समारोह में बुलाने और मनाने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने उन्हें फोन किया और बात की।
   दोनों नेताओं ने उद्धव ठाकरे को समारोह में शामिल होने का न्योता दिया। जिसके बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे समारोह में शामिल होने पहुंचे।
   महाराष्ट्र में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में वानखेडे स्टेडियम को खास अंदाज में सजाया गया। इसमें उद्योग जगत, खेल और बॉलीवुड से जुड़ी कई बड़ी हस्तियां भी शामिल होने पहुंची। फडनवीस के मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ ही उनकी सरकार में शामिल होने वाले मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। इसमें बीजेपी कोटे के ही मंत्रियों को शामिल किया गया है। फडनवीस के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में फिलहाल 10 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।
   मंत्री पद की शपथ लेने वालों में कैबिनेट मंत्री के तौर पर विनोद तावडे, एकनाथ खडसे, मुनगंटिवार, पंकजा मुंडे को शपथ दिलाई गई। इनके साथ-साथ चंद्रकांत पाटिल, प्रकाश मेहता और विष्णु सावरा को भी शपथ दिलाई गई।
   इनके अलावा 1995 में शिवसेना बीजेपी सरकार में राज्य मंत्री रहे दिलीप कांबले को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। कांबले को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई है। वो पुणे कैंट से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।
   विद्या ठाकुर को भी मंत्रीमंडल में जगह मिली है। विद्या बीएमसी की डिप्टी मेयर रह चुकी है। इसके साथ ही मुंबई के गोरेगांव सीट से विधायक चुनी गई हैं।
   इधर, सूत्रों के मुताबिक खबर आ रही है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर रहे हैं। दोनों के बीच शिवसेना के सरकार में शामिल होने पर आखिरी फैसला होने की संभावना है। संयुक्‍त राष्ट्र में मसौदे का समर्थन करने वाले देशों में एशिया से चीन, जापान, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया हैं, जबकि अफ्रीका से दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया शामिल हैं।
   भारत के पड़ोसी मुल्कों बंग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका ने भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया है। लैटिन अमेरिकी देशों में ब्राजील और अर्जेंटाइना ने भी समर्थन का वादा किया है।
   अमेरिका और कनाडा के समर्थन के बाद ये उम्मीद की जा रही है कि यूरोपीय यूनियन के सदस्य देश भी संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।


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पटेल को जिम्मा मिलता, तो जम्मू..कश्मीर में आतंकवाद नहीं पनपता - मंत्री

    इंदौर।। जम्मू..कश्मीर में आतंकवाद की समस्या पनपने के लिए देश के पहलेे प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने आज कहा कि अगर इस सरहदी सूबे को संगठित रखने का दायित्व तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल को सौंपा जाता, तो वहां आतंकवाद का वजूद नहीं होता। गहलोत ने पटेल की 139 वीं जयंती पर यहां आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' के दौरान जनसभा में कहा, 'नेहरू ने जम्मू..कश्मीर प्रांत की जिम्मेदारी पटेल को न सौंपकर अपने पास रखी थी, लेकिन नेहरू इस सरहदी सूबे को संगठित रख पाने में असफल रहे। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने कहा कि यदि जम्मू..कश्मीर प्रांत को संगठित रखने का कार्य तत्कालीन गृह मंत्री पटेल को सौंप दिया जाता, तो आज इस सरहदी सूबे में आतंकवाद का अस्तित्व नहीं होता। उन्होंने 'लौहपुरूष' को याद करते हुए कहा कि पटेल ने आजादी मिलने के बाद देश भर की 565 रियासतों को जोड़कर संगठित भारत की नींव रखी थी और राष्ट्रीय एकता की अद्भुत मिसाल पेश की थी। 
   गहलोत ने आरोप लगाया कि देश के प्रति पटेल के महान योगदान को भुलाने में कांग्रेस ने कोई कोर..कसर नहीं छोड़ी। केंद्रीय मंत्री ने नेहरू..गांधी परिवार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'इस देश को केवल नेहरू..गांधी परिवार ने आजाद नहीं कराया, बल्कि स्वतंत्रता के लिए कई महापुरूषों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। लेकिन इन महापुरूषों के बलिदान को भुला दिया गया। भाजपा के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि विजय नगर चौराहे से शुरू होकर बापट चौराहे पर खत्म हुई 'रन फॉर यूनिटी' में समाज के अलग..अलग तबकों के लगभग 13,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
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मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद विश्व में भारत की नेतृत्व क्षमता के प्रति विश्वास बढ़ा - शाह

    भोपाल।। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज यहां कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केवल देश ही नहीं बल्कि विश्व में भारत की नेतृत्व क्षमता के प्रति विश्वास बढ़ा है। शाह ने आज यहां प्रदेश भाजपा द्वारा नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर आयोजित कार्यकर्ता संकल्प अधिवेशन में कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश में नई शुरुआत हुई है और लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के दस साल के कार्यकाल के दौरान देश के भविष्य पर सवाल उठ खड़े हुए थे लेकिन मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के चार माह बाद ही लोगों को विश्वास हो गया है कि भारत में नेतृत्व की क्षमता है। उन्होंने कहा कि मोदी विश्व के जिन-जिन देशों में गए वहां देश को सम्मान मिला है। 
   उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव परिणाम ने भी दिखा दिया है कि मोदी का विश्वास जन-जन में बढा है। उन्होंने कहा कि म.प्र में भाजपा ने पिछले 11 सालों में पराजय को पीछे धकेल दिया है और अब देश में भी भाजपा की विजय की शुरुआत हो गई है और झारखंड एवं जम्मू कश्मीर में भी भाजपा सरकार बनाएगी। शाह ने कहा कि भाजपा को यह विजय अकारण नहीं मिली है बल्कि जहां-जहां भाजपा की सरकार बनी वहां-वहां उसने गरीबों के हितों एवं प्रदेश के विकास के लिए काम करके दिखाया है तभी वहां बार-बार भाजपा की सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसमें आंतरिक लोकतंत्र सुरक्षित है जबकि अन्य दलों में अध्यक्ष आजीवन अध्यक्ष बना रहता है। पार्टी में कल से शुरु होने वाले सदस्यता अभियान का जिक्र करते हुए शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चार गुना सदस्य बनाए जाने का लक्ष्य देते हुए कहा कि सदस्यता के लिए इस बार ई रजिस्ट्रेशन शुरु किया गया है। उन्होंने बताया कि एक टोल फ्री नंबर दिया जाएगा और उस पर डायल करने के बाद सदस्यों को एसएमएस के जरिए उनका सदस्यता नंबर पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल इस सदस्यता अभियान का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा कमजोर है वहां सदस्यता अभियान जोरों से करें और जहां भाजपा मजबूत है वहां मजबूती को स्थायित्व देने के लिए कार्य करें। मध्यप्रदेश के पार्टी संगठन की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि प्रदेश के पार्टी संगठन ने देश के सामने एक उदाहरण पेश किया है और कुशाभाउू ठाकरे एवं विजयराजे सिंधिया के आदर्शों को आगे बढ़ाया जिन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी कार्यों के लिए लगा दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा के यहां सत्ता में आने के पहले मध्य प्रदेश एक बीमारु राज्य के रुप में जाना जाता था लेकिन अब यह तेजी से विकास करने वाले राज्यों की श्रेणी में खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के दौरान कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। पूर्व में जहां सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती थी वहीं अब यह आंकड़ा 20 लाख हेक्टेयर से भी अधिक है। शाह ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में केवल विकास ही पैमाना नहीं होता है बल्कि अंतिम पंक्ति में खडे व्यक्ति का विकास हमारा लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कल्याणकारी राज्य की राह में बहुत आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने देश के समक्ष एक उदाहरण पेश किया है कि सत्ता और संगठन में समन्वय कर किस तरह जनता का कल्याण किया जा सकता है।
6:24 PM | 0 comments | Read More

असम बंद के दौरान बजरंग दल के 70 समर्थक गिरफ्तार

   गुवाहाटी।। असम में बजरंग दल द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद के चलते सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। पुलिस के मुताबिक, बजरंग दल के लगभग 70 समर्थक इस दौरान गिरफ्तार किए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर से बजरंग दल के लगभग 70 समर्थकों को बंद के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गुवाहाटी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश तिवारी ने पीटीआई भाषा को बताया कि बजरंग दल के 18 समर्थकों को शहर से गिरफ्तार किया गया। ए लोग बंद को जबरन लागू करवाने की कोशिश कर रहे थे। बजरंग दल ने एआईयूडीएफ और बांग्लादेश के जिहादियों के बीच कथित संबंधों के विरोध में बंद का आह्वान किया था। 
   उन्होंने कहा कि बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर टायर जलाकर यातायात बाधित करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें तत्काल वहां से हटाया और कार्यकर्ताओं को ले गई। भाजपा की राज्य इकाई ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। कामरूप जिले के रांगिया में बजरंग दल के 40 कार्यकर्ताओं को सुबह उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे रेलवे कर्मचारियों को उनका काम करने से रोक रहे थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बजरंग दल के समर्थकों ने सितारा में इंडो-भूटान मार्ग को कथित तौर पर टायर जलाकर बाधित करने की भी कोशिश की। लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और रास्ता खुलवाया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों ने शोणिनितपुर जिले के तेजपुर में यातायात बाधित करने और जबरन कुछ दुकानें बंद करवाने की कोशिश की तो पुलिस ने उनपर हल्का लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा, ''10 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया।
   हालांकि कई औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद थे लेकिन राजधानी में सरकारी कार्यालय खुले रहे। सड़कों पर कुछ ही वाहन नजर आए। इसी बीच एआईयूडीएफ के प्रमुख बद्रूद्दीन अजमल ने कथित संबंधों की मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया और इसे 'झूठी, आधारहीन और राजनीति से प्रेरित बताया है।
6:08 PM | 0 comments | Read More

कुंए में डूबने से बच्चे की मौत, सदमे में मां ने खुद को आग लगाई

   राजगढ़।। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा पुलिस थानांतर्गत मोतीपुरा गाँव में कल एक मासूम बच्चे की उसकी मां के सामने ही कुएं में डूबने से मौत हो गई, जिससे महिला सदमे में आ गई और उसने अपने घर पर जाकर खुद को आग लगा ली। देहात थाना प्रभारी मुकेश गौड़ ने आज बताया कि मोतीपुरा गाँव में कुंए के पास से निकलते समय दिलीप दांगी का पुत्र वैभव तीन वर्ष अचानक कुंए में गिर गया. पुत्र को बचाने के लिए उसकी मां संतोषबाई कुंए में उतरी, लेकिन पानी में डूबे बच्चे का पता नहीं चल सका, जिससे बच्चे की मौत हो गई। 
    उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद बच्चे की मां सदमे में चली गई और खुद को घर के एक कमरे में बंद करके आग लगा ली, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। आग से झुलसी संतोषबाई को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए भोपाल भेजा गया। गौड़ ने बताया कि बाद में कुंए में डूबे बच्चे के शव को गोताखोरों की मदद से निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौप दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जाँच चल रही है।
6:07 PM | 0 comments | Read More

''आ बैल मुझे मार'' किया है भाजपा ने

   संभवत: भारतीय जनता पार्टी को अपनी सरकार बनाने का भरोसा नहीं रहा होगा इसलिए उसने चुनाव प्रचार के दौरान खूब कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो सौ दिन में विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लायेगी। अब भाजपा इस मुद्दे पर इतनी ज्यादा घिरती जा रही है कि जवाब देना मुश्किल पड़ रहा है। लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी, बाबा रामदेव दोनों ने ही बड़ी दबंगी से कहा था कि कांग्रेस सरकार में इच्छाशक्ति नहीं है कि वह विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाये। जनता के सामने भाजपा ने विदेशी बैंकों के काले धन के मामले में ''आ बैल मुझे मार'' वाली कहावत चरितार्थ की है। 
    जब कांग्रेस कहती थी कि काले धन की वापसी द्विपक्षीय संधियों से बंधी हैं। इसलिए प्रयत्न करने के बाद भी काले धन को वापस नहीं ला सकी। विदेशों में भारतीयों के हजारों खाते हो सकते हैं परंतु आवश्यक नहीं कि वे काला धन जमा करने की जरिया हों। अगर खाताधारी उसका बराबर आयकर चुकाता है वह रकम काली नहीं होती। इसलिए अब भाजपा वही स्वर अलापने लगी है जो कांग्रेस अलापती रही।
6:06 PM | 0 comments | Read More

स्मृति ईरानी ने दिए शिक्षा में बदलाव पर सुझाव


    नई दिल्ली।। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए सरकार पर दबाव पडने की अटकलों के बीच मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरूवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं मुलाकात की। सरकार और संघ के बीच समन्वय के क्रम में स्मृति ईरानी की बारी थी।
    संघ पदाधिकारी कृष्ण गोपाल, दत्तात्रेय होसबले, भाजपा महासचिव रामलाल व जेपी नड्डा की मौजूदगी में शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अन्य संगठनों ने अपने सुझाव दिए। बताते हैैं कि सभी का मानना था कि शिक्षा में और खासकर इतिहास के पाठ्यक्रम में बदलाव की जरूरत है। शिक्षा ऎसी हो जिससे देश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति आगे बढ़े।
    खुद की सभ्यता और संस्कृति के प्रति गौरव का भाव उत्पन्न होना चाहिए। वहीं सिद्धांतों की बजाय प्रयोग पर केंद्रित शिक्षा दी जानी चाहिए। शिक्षा के व्यवसायीकरण पर भी सवाल उठा और सुझाव दिया गया कि ऎसी व्यवस्था होनी चाहिए कि शिक्षा हर किसी को उपलब्ध हो और गुणवत्ता भी अच्छी हो। बताते हैैं कि स्मृति ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हर पहलू को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाया जाएगा।



5:39 PM | 0 comments | Read More

मोदी ने दिखाई रन फॉर यूनिटी” को हरी झंडी, दौड में मोदी भी हुए शामिल

   नई दिल्ली।। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर केन्द्र सरकार की ओर से रन फॉर यूनिटी के नाम से एक खास दौड का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई।
विजय चौक से इंडिया गेट तक आयोजित इस दौड में खुद पीएम भी शामिल हुए। दौड में हिस्सा लेने बॉक्सर विजेंद्र कुमार और पहलवान सुशील कुमार भी राजपथ पहुंचे हैं। उम्मीद है कि इस दौड में 10 हजार से ज्यादा लोग हिस्सा ले रहे हैं। इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
     इससे पहले विजय चौक पर आयोजित समारोह में मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच अटूट रिश्ता था। गांधी जी ने दांडी यात्रा का जिम्मा सरदार पटेल को सौंपा था। ऎसा लगता था कि सरदार साहब के बिना गांधी जी भी अधूरे थे। मोदी ने कहा कि आज पटेल की जयंती का प्रेरक पर्व है। सरदार पटेल ने अंग्रेजों के सपने को धूल में मिला दिया था।
    पटेल का जीवन देश की एकता को समर्पित है। मोदी ने इस मौके पर एकता की शपथ दिलाई। मोदी ने पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरूण जेटली, शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित तमाम बीजेपी नेता मौजूद रहे।

3:51 PM | 0 comments | Read More

Blackmoney: सुब्रमण्यम स्वामी ने गिनाई सरकार की कमियां, पीएम को भेजा पत्र


    नई दिल्ली।। बीजेपी नेता सुब्रमण्यण स्वामी ने काले धन के मुद्दे पर सरकार की कमियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में स्वामी ने सरकार के मंत्रियों से विदेशी खाते पर हलफनामा देने की मांग की है। स्वामी उन लोगों में से हैं जो सभी विदेशी खाताधारकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे।
    स्वामी ने चिट्ठी में लिखा है, ‘जिस तरह सुप्रीम कोर्ट में काले धन को लेकर सरकार अपना पक्ष रख रही है उससे देश की जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं में निराशा है। सरकारा सुप्रीम कोर्ट में DTAT का हवाला दे रही है कि जो सरकार की पहली बड़ी गलती है। DTAT उन भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होता जो विदेशों में कमा रहे हैं और यहां टैक्स नहीं देते।’
   स्वामी ने ये भी कहा की जर्मनी और फ्रांस की सरकार ने उन सभी खाताधारकों की लिस्ट दी थी जिन्होंने HSBC और LGT बैंक में अपने खाते खुलवाए थे।
सुब्रमण्यण स्वामी के पीएम को 6 सुझाव–
- सरकार एक अध्यादेश लाए जिससे विदेशों में जमा काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया जाए। इससे देश में 120 लाख करोड़ आने का रास्ता साफ होगा।
- आरबीआई एक्सचेंज अर्नर फॉरेन करेंसी यानी EEFC नीति की समीक्षा करे ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि स्विट्जरलैंड, मॉरीशस, कैमेन आईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों तक EEFC के जरिए गलत तरीके से पैसा जमा न हो सके।
- पार्टिसिपेटरी नोट्स यानी पी नोट्स की स्कीम खत्म की जाए। भारतीय नागरिकों ने पी नोट्स के जरिए विदेशों में जो रकम जमा की है, उसे काला धन घोषित की जाए और मेरे पहले सुझाव के तहत इस काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित कर भारत लाया जाए।
- सीबीआई को निर्देश दें कि मैंने वित्त मंत्रालय को जो चिट्ठी लिखी थी, उसके मुताबिक सोनिया और राहुल गांधी के ज्यूरिख SARASIN और PICTET में खोले गए बैंक खातों की जांच करें।
- हसन अली और मोइन कुरैशी जैसे काले धन के कुबेरों की विशेष जांच होनी चाहिए।
- अपने सभी मंत्रियों को निर्देश दें कि वो हलफनामा देकर बताएं कि उनका या उनके परिवार में विदेशों में कोई गैरकानूनी बैंक खाता नहीं है।


3:44 PM | 0 comments | Read More

केन्द्र ने कहा- अविवाहित मां को बताना होगा, रेप तो नहीं हुआ

   मुंबई।। अपने बच्चे के लिए पासपोर्ट का आवेदन भरते वक्त अविवाहित मां को यह बताना होगा कि वह गर्भवती कैसे हुई। बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से पूछे गए एक सवाल पर केंद्र सरकार ने यह चौंकाने वाला जवाब दिया है।
   जस्टिस वी एम कनाडे और अनुजा प्रभुदेसाई की बेंच ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। दरअसल, पासपोर्ट अथॉरिटी ने उनके पासपोर्ट में सौतेले पिता का नाम लिखने से मना कर दिया था। इसके बाद जस्टिस कनाडे नेू पूछा 'हम यह जानना चाहते हैं कि अविवाहित मां के केस में क्या होता होगा।'
    विदेश मंत्रालय की तरफ से जवाब देते हुए वकील पूर्णिमा भाटिया ने कहा कि अविवाहित मां को हलफनामा दायर करना होगा, जिसमें उसे बताना होगा कि वह गर्भवती कैसे हुई। क्या उसके साथ बलात्कार हुआ और क्यों वह बच्चे के पिता का नाम शामिल नहीं करना चाहती है। पूर्णिमा ने बताया कि पासपोर्ट मैन्युअल में पूरी जानकारी दी गई है। सरकार के इस जवाब से दोनों जज भी हैरान थे।
   21 साल की सानिया अकरम (बदला हुआ नाम) ने हाई कोर्ट में रीजनल पासपोर्ट अधिकारी के फैसले को चुनौती दी थी। अधिकारी ने सानिया के सौतेले पिता के नाम के साथ उनका पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया था, जिनका नाम उनके स्कूल के रिकॉर्ड्स और सर्टिफिकेट्स में भी हैं। अधिकारी का कहना था कि वह सौतेले पिता को कोर्ट के आदेश के बाद ही अपना अभिभावक बना सकती हैं। पासपोर्ट अधिकारी ने विकल्प के तौर पर सानिया की मां का नाम भी शामिल करने से मना कर दिया।
   सानिया की याचिका में कहा गया है कि उसके बायलॉजिकल पिता ने उसके पैदा होने के बाद ही उसे छोड़ दिया था, लिहाजा वह अपने उस पिता के नाम को अपने लिए एक कलंक मानती है। सानिया के इस मुकदमे के साथ ही उसी से मिलते जुलते एक और केस का फैसला अब 12 नवंबर को होगा।
3:35 PM | 0 comments | Read More

दर्दनाक: मुकदमेबाजी, केस वापस लेने की धमकी से आहत गैंगरेप पीड़िता ने लगाई फांसी

    फैजाबाद।। गैंगरेप की शिकार एक किशोरी इंसाफ के लिए डेढ़ साल से अदालत की दहलीज नाप रही थी। आरोपियों की ओर से लगातार धमकी भी मिल रही थी। न्याय का इंतजार लंबा हो चला था।
   लगातार मुकदमेबाजी, केस वापस लेने की धमकी से वह हताश हो चुकी थी। इंसाफ के इंतजार से उसे मौत ज्यादा आसान लगी। आखिरकार बृहस्पतिवार को उसने खुदकुशी कर ली।
    मामला फैजाबाद का है। उसका शव सिंचाई कॉलोनी के एक कर्मचारी के आवास में फंदे से लटकता मिला। आर्थिक तंगी के चलते वह यहां काम करती थी और रहती भी थी।
    करीब डेढ़ साल पहले मंदिर जाते समय कैंट थाना क्षेत्र की किशोरी का घसियारी मंडी के अजीत और शक्ति सिंह ने अपहरण कर गैंगरेप किया था। लोगों के अनुसार इस मामले में विपक्षियों की ओर से मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। वह परेशान चल रही थी।
   इस मामले में मृतका के भाई का आरोप है कि उसकी बहन की हत्याकर वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
   इसमें विपक्षियों के साथ सिंचाई विभाग के कर्मचारी की भी मिलीभगत है। नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि उसे अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।


3:31 PM | 0 comments | Read More

6 साल की बच्ची को टीचर ने बनाया हैवानियत का शिकार

    बेंगलुरू।। हाल ही में बेंगलुरू में बलात्कार का एक मामला शांत भी नहीं हुआ था कि फिर इस घिनौने अपराध का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। यह दूसरा मामला 6 साल की बच्ची के साथ मंगलवार और बुधवार को दो बार घटा। और तो और मासूम के साथ ये घिनौना कृत्य करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसी के स्कूल का हिन्दी विषय का अध्यापक है। जानकारी के अनुसार 6 साल की बच्ची के साथ मंगलवार और बुधवार को प्राइवेट स्कूल के एक हिन्दी टीचर ने कैंपस में ही रेप किया। यह स्कूल ईस्ट बेंगलुरू में है। 37 साल के इस टीचर की पहचान जयशंकर नाम से हई है। गुरूवार को पुलिस इसे पूछताछ के लिए साथ ले गई है। ऎसा कहा जा रहा है कि इसने बॉयज टॉइलट में रेप किया। मंगलवार को जब क्लास वन की इस बच्ची ने प्राइवेट पार्ट में जलन की बात कही तो मां को लगा कि इन्फेक्शन है। बुधवार शाम को बच्ची ने एक बार फिर से दर्द की बात कही। इस शिकायत के बाद मां बच्ची को लेकर स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास पहुंचीं। डॉक्टर ने साफ कहा कि बच्ची पर यौन हमला हुआ है। डॉक्टर ने लिखित रूप में कुछ भी देने से इनकार कर दिया। इससे पुलिस को आगे की कार्रवाई करने में मदद मिलती लेकिन डॉक्टर ने कोई मदद नहीं की। गुरूवार को बच्ची को स्कूल भेज मां ने अपनी ऑफिस की सहकर्मी को पूरा वाकया बताया तो सहकर्मी ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर कॉल करने की कोशिश की लेकिन कई कॉल के बाद भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद इन्होंने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी से संपर्क साधा। महिला की कॉलिग एक एनजीओ वर्कर की संपर्क में भी थी जिसे वह पहले से जानती थी। उस एनजीओ वर्कर ने बच्ची को सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उस वक्त हॉस्पिटल में केवल एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर थी और एक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर। डॉक्टर ने कहा कि इन मामलों में फोरेंसिक एक्सपर्ट से मेडिकल जांच होती है। इसके बाद सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने जीवन बीमा नगर पुलिस से संपर्क साधा।
3:30 PM | 0 comments | Read More

रिटायर्ड़ एसडीएम से एटीएम कोड पूछ जालसाजों ने खाते से उड़ाई नगदी


आनलाईन खरीददारी का दिया हवाला हजारों का लगाया चूना
एसएसपी से मिले सेवानिव्रत एसडीएम कार्यवाही की मांग

   हरदोई।। एक सेवानिव्रत एसडीएम से उनके एटीएम कोड की जानकारी मांग कर जालसाजों ने उनके खाते से करीब पचास हजार की नगदी उड़ा दी।अधिकारी ने एसएसपी से कार्यवाही किए जाने की गुहार लगाई है।उन्होने शहर कोतवाली पुलिस पर कार्यवाही न करने का भी आरोप लगाया है।
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोविंद अग्रवाल के पास पहुंचे शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ऊंचा थोक निवासी सेवानिव्रत उपजिलाधिकारी हर्ष कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय केशव सिंह ने एक शिकायती पत्र देते हुये बताया की एसबीआई की शहर की शाखा मे उनका बचत खाता है। 19 अक्टूबर की शाम उनके मोबाइल पर एक फोन आया और उसने बताय की वह मुम्बई ब्रांच से बोल रहा है और आप का एटीएम कोड एक्टिवेट हो गया है क्योंकि उसमे काफी समय से लेन दें नहीं किया गया है।वह अपने एटीएम का कोड बताए।
    उन्होने कहा की पहले तो उन्होने विसवास नहीं किया परंतु उसने काफी समझाया जिसके बाद वह झांसे मे आ गए और उसको अपना नंबर बता दिया।नंबर बताने के एक मिनट के बाद ही उसने ग्यारह बार मे खरीददारी कर उनके खाते से 49 हजार 934 की धनराशि का गोलमाल कर दिया।उन्होने जैसे ही जानकारी लगी संबन्धित नंबर पर फोन किया परंतु कोई उत्तर नहीं मिला।उन्होने मामले की जानकारी तत्त्काल शहर कोतवाल को दी।उन्होने मामले की तहरीर शहर कोतवाली के एसएसआई को दी परंतु कार्यवाही नहीं की गयी। उन्होने एसएसपी से कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
 
(मनोज तिवारी) 
 
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राज्यसभा से ओझल हो जाएँगे अमर सिंह

   लखनऊ।। अमर सिंह की तमाम सियासी कोशिशों के बावजूद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपने परिवार और आजम खां की बात को ही तरजीह देकर अमर-प्रेम के आधिकारिक अंत के संकेत दे दिए हैं। इसी के साथ, जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह से शुरू हुई सियासी सरगर्मी पर भी पूर्ण विराम लग गया है।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही है कि मुलायम ने पार्टी से जुड़े जिन छह लोगों को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया है, उनमें आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा भी शामिल हैं। उन्हें सपा ने राज्यसभा भेजने का मन बनाया है।
   तंजीन फातिमा रहती भी रामपुर में ही हैं। यानी, अब आजम के साथ-साथ उनकी पत्नी भी सत्ता के गलियारों में नजर आएंगी। आजम भले ही संसद में न बैठे हों, लेकिन उनकी पत्नी जरूर संसद में देश की जानी-मानी अदाकाराओं के साथ नजर आएंगी।
    मुलायम ने दिल्ली में हुई एक अहम बैठक के बाद सभी छह राज्यसभा प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया। मुलायम ने अपने भाई रामगोपाल यादव के अलावा, जवाद अली खान, चंद्रपाल सिंह यादव, नीरज शेखर और रविप्रकाश वर्मा को राज्यसभा भेजने का मन बनाया है।






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सरकार द्वारा ही ठगी जाती है हमारे देश की जनता

    कर या टैक्स सरकार द्वारा जनता से लिया गया वो धन है जो सरकार जनता की भलाई में खर्च करती है यानि जनता का पैसा जनता के लिए हम भारत के लोग दुनिया के हाईयेस्ट टैक्स पेयर है अगर हम 10 लाख से ज्यादा कमाए साल भर में तो औसतन 3 लाख रूपये टेक्स देंना पड़ता है।
   इतनी हाई वोल्यूम का टेक्स देने के बाद हमे मिलता क्या है ? बिजली की कमी, होस्पिटल की कमी, बेहाल सडक, गड्ढे, गटर का समुचित प्रबंध नही, रिसाइक्लिंग का प्रबंध नही, अच्छे स्कुल नही (जो अच्छे है वो आम आदमी की सकल मासिक आय से ज्यादा महीने की फीस लेते है), स्थानीय रोजगार कमी जिसके वजह से देश के तमाम कोने से लोग 2 हजार किलोमीटर दूर महज 5 से 7 हजार कमाने जाते है।
   और ये समस्याए तब है जबकि हम हाइयस्ट टेक्स पेयर हैं। ऐसे में भारत के लोगो का टेक्स बचाने के लिए करचोरी करना या कालाधन जमा करना स्वाभाविक हो जाता है। कर प्रणाली जितनी सुगम होगी। टेक्स चोरी उतनी कम और कालाधन उतना ही कम होगा।
   क्या जब हमारे देश से जब लोग स्विस बैंक में ग्रीन मनी जमा कर रहे थे अपने काले धन के रूप में उस वक्त कोई कानून बना था कि विदेश में खाता खोलने के लिए आपको भारत सरकार को डिक्लेयरेशन देना पड़ेगा अगर ऐसा कोई कानून था तो इतने लोगो ने विदेश में एकाउंट कैसे खोल लिए और अगर यह कानून नही था तो विदेश में एकाउंट खोलना गैर कानूनी कैसे ?
   ऐसी तमाम चीजे है जो एक दुसरे से को रिलेट करती हैं बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कर प्रणाली, बेहतर रोजगार, बेहतर कानून ये सब एक दुसरे पे डीपेंड हैं। सफाई अभियान घर से शुरू होना चाहिए, "नो डाउट" मगर ये तमाम अभियान तभी सफल होगे जब वो लोग अपना काम नीट एंड क्लीन ढंग से करें जिन्हें इस काम पे नियुक्त किया गया है।
   भारत सरकार टेक्स रेट कम कर दे तो पहले की तुलना में ज्यादा रिवेन्यू आएगा और हर आदमी इनकम टेक्स फ़ाइल करेगा और इसका सीधा प्रभाव देश के बाहर जाने वाले काले धन पर पड़ेगा औए देश का पैसा देश में ही रहेगा।
    देश का पैसा देश में मतलब काले धन में कमी, काले धन में कमी मतलब ज्यादा रिवेन्यू, ज्यादा रिवेन्यू मतलब ज्यादा इन्फ्रास्ट्रक्चर, ज्यादा इन्फ्रास्ट्रक्चर मतलब ज्यादा रोजगार, ज्यादा रोजगार मतलब खुशहाली।
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इंदिरा गांधी थीं बुलंद शख्यिसत, इसीलिए कहलाती हैं आयरन लेडी ऑफ इंडिया

     इंदिरा गांधी एक अजीम शख्यियत थीं। उनके भीतर गजब की राजनीतिक दूरदर्शिता थी। इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी और ऎसे में सियासी उतार-चढाव को वे बखूबी समझती थीं। यही वजह रही कि उनके सामने न सिर्फ देश, बल्कि विदेश के नेता भी उन्नीस नजर आने लगते थे। लालबहादुर शास्त्री के बाद प्रधानमंत्री बनीं इंदिरा को शुरू में गूंगी गुडिया की उपाधि दी गई थी लेकिन 1966 से 1977 और 1980 से 1984 के दौरान प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा ने अपने साहसी फैसलों के कारण साबित कर दिया कि वे एक बुलंद शख्यिसत की मालिक हैं।
    इंदिरा गांधी ने परिणामों की परवाह किए बिना कई बार ऎसे साहसी फैसले लिए जिनका पूरे देश को लाभ मिला और उनके कुछ ऎसे भी निर्णय रहे जिनका उन्हें राजनीतिक खामियाजा भुगतना पडा लेकिन उनके प्रशंसक और विरोधी, सभी यह मानते हैं कि वे कभी फैसले लेने में पीछे नहीं रहती थीं। जनता की नब्ज समझने की उनमें विलक्षण क्षमता थी। प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की पुत्री इंदिरा का जन्म इलाहाबाद में 19 नवंबर 1917 को हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी वानर सेना बनाई और सेनानियों के साथ काम किया। जब वे लंदन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ रही थीं तो वहां आजादी समर्थक "इंडिया लीग" की सदस्य बनीं।
     भारत लौटने पर उनका विवाह फिरोज गांधी से हुआ। वर्ष 1959 में ही उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। नेहरू के निधन के बाद जब लालबहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने तो इंदिरा ने उनके अनुरोध पर चुनाव लडा और सूचना तथा प्रसारण मंत्री बनीं। उनके समकालीन नेताओं के अनुसार बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पूर्व रजवाडों के प्रिवी-पर्स समाप्त करना, कांग्रेस सिंडिकेट से विरोध मोल लेना, बांग्लादेश के गठन में मदद देना और अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को राजनयिक दांव-पेंच में मात देने जैसे तमाम कदम इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व में मौजूद निडरता के परिचायक थे। साथ ही आपातकाल की घोषणा, लोकनायक जयप्रकाश नारायण तथा प्रमुख विपक्षी नेताओं को जेल में डालना, ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसे कुछ निर्णयों के कारण उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पडा।
     उ़डीसा में एक जनसभा में गांधी पर भीड ने पथराव किया। एक पत्थर उनकी नाक पर लगा और खून बहने लगा। इस घटना के बावजूद इंदिरा गांधी का हौसला कम नहीं हुआ। वे वापस दिल्ली आईं। नाक का उपचार करवाया और तीन चार दिन बाद वे अपनी चोटिल नाक के साथ फिर चुनाव प्रचार के लिए उडीसा पहुंच गईं। उनके इस हौसलों के कारण कांग्रेस को उडीसा के चुनाव में काफी लाभ मिला। एक और वाकया 1973 का है। इंदिराजी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में भाग लेने इलाहाबाद आईं थीं। उनकी सभा के दौरान विपक्षी नेताओं ने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें काले झंडे दिखाए गए। लेकिन उस जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन से इंदिराजी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई। अपने संबोधन में विरोधियों को शांत करते हुए उन्होंने सबसे पहले कहा कि "मैं जानती हूं कि आप यहां इसलिए हैं क्योंकि जनता को कुछ तकलीफें हैं, लेकिन हमारी सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
    इंदिराजी खामियाजे की परवाह किए बगैर फैसले करती थीं। आपातकाल लगाने का काफी विरोध हुआ और उन्हें नुकसान उठाना पडा लेकिन चुनाव में वे फिर चुनकर आईं। ऎसा चमत्कार सिर्फ वे ही कर सकती थीं। इंदिरा की राजनीतिक छवि को आपातकाल की वजह से गहरा धक्का लगा। इसी का नतीजा रहा कि 1977 में देश की जनता ने उन्हें नकार दिया, हालांकि कुछ वषोंü बाद ही फिर से सत्ता में उनकी वापसी हुई। उनके लिए 1980 का दशक खालिस्तानी आतंकवाद के रूप में ब़डी चुनौती लेकर आया। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद वे सिख अलगाववादियों के निशाने पर थीं। 31 अक्टूबर 1984 को उनके दो सिख अंगरक्षकों ने ही उनकी हत्या कर दी। गरीबी मुक्त भारत इंदिरा का एक सपना था जो आज भी साकार नहीं हो पाया है।




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इस काम को अब बीजेपी ने हाइजैक कर लिया है

    नई दिल्ली।। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को 4 घंटे पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ वक्त बिताए। इस मुलाकात में राहुल ने पार्टी को फिर से खड़ा करने पर बात की। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी की मुलाकात गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी, मणिशंकर अय्यर और जयपाल रेड्डी से हुई। इस बातचीत में टीम राहुल के जयराम रमेश, मीनाक्षी नटराजन और सचिन पायलट भी थे।
   महाराष्ट्र और हरियाणा में बीजेपी से करारी हार के बाद कांग्रेस की यह शायद पहली बैठक थी। बैठक में मुख्य मुद्दा यही छाए रहा कि कांग्रेस को कैसे एक बार फिर से राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र में लाया जाए और सत्ताधारी बीजेपी से मिलने वाली चुनौतियों से कैसे निपटा जाए। इस बातचीत में कांग्रेस की हार की कुछ दिलचस्प वजहें बताई गईं। ज्यादातर लोगों ने सत्ता विरोधी लहर को सबसे बड़ा कारण बताया। आंतरिक विद्रोह और कुछ सीटों पर घटिया चुनावी कैंपेन को भी जिम्मेदार बताया गया।
    यूपीए सरकार के मंत्रियों ने राहुल को यह सलाह भी दी पार्टी की तरफ से मजबूत नेता को आगे करना चाहिए या पार्टी की रणनीति में कम से कम ऐसा प्रतीत होना चाहिए। यूपीए के एक पूर्व मंत्री ने इस बैठक में कहा कि लोग इस वक्त मजबूत नेता चाहते हैं। एक सीनियर नेता ने कहा कि कोई नेता क्या कर सकता है जब बूथ लेवल पर हमारे कार्यकर्ताओं को समर्थक ही नहीं मिले जो आकर वोट करते हैं। इस बैठक में ज्यादातर लोगों ने माना कि कांग्रेस केवल उन लोगों को आकर्षित करने में सफल रही जो पार्टी की मूल विचारधारा में भरोसा रखते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि लोग न केवल हमारी विचारधारा जानें बल्कि उसका मतलब भी समझें। इस मामले में एक नेता ने उदाहरण देते हुए समझाया कि हमारी पार्टी के लोग सेक्युलरिजम और समावेशी विकास की बात करते हैं लेकिन वे इसे समझाने में नाकाम रहते हैं।
    राहुल को नेताओं ने यह सलाह भी दी कि कांग्रेस को कैडर आधारित पार्टी की राह पर बढ़ना चाहिए और अपने सदस्यों को दुरुस्त ट्रेनिंग मिलनी चाहिए। कुछ सीनियर नेताओं ने जवाहर लाल नेहरू के वक्त की कांग्रेस के बारे में बताया कि तब पार्टी किस तरह से सामाजिक गतिविधियों में लगी रहती थी। इसमें मुफ्त में शिक्षा, सामुदायिक सेवा और साफ-सफाई मुख्य थे। पहले 2 अक्टूबर को कांग्रेस हरिजन बस्तियों में साफ-सफाई प्रोग्राम को चलाती थी। इसे एक किस्म का सोशल मेसेज जाता था कि हम छोटे से छोटे काम को भी करने में पीछे नहीं रहते। इस काम को अब बीजेपी ने हाइजैक कर लिया है। कांग्रेस के भीतर सांगठनिक स्तर पर ज्यादा नुमाइंदगी वाला चुनाव कराने की भी बात हुई ताकि संगठन में बिना कोई सगे संबंधी के लोग भी आ सकें।
 
 
(Vijyender Sharma 'Jouranlist')
11:59 AM | 0 comments | Read More

ईमाम बुखारी का नया पैंतरा

    ईमाम बुखारी खुद को शाही ईमाम कहते हैं इसलिए उनका अंदाज भी शाही है. किसी जमाने में ईमाम बुखारी को देश का मुसलमान इज्जत की नजरों से देखता था. वो दौर और था और वो ईमाम भी अलग थे. लेकिन वर्तमान के ईमाम का दिमाग खऱाब हो गया है. ये स्प्लिट पर्सनालिटी के शिकार हैं. उन्हें लगता है वो आज भी देश के मुसलमानों के सुप्रीम लीडर हैं. उन्हें ये कनफ्यूजन है कि वो ईरान के सवोर्च्च नेता अयातुल्लाह खुमैनी की तरह हैं. शाही ईमाम अपने बेटे का राजतिलक करने वाले है. उन्हें लगा कि जिस तरह नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण में दुनिया भर के नेता आए तो उनके बेटे के राजतिलक में भी नवाज शरीफ को बुलाया जाए. समस्या की वजह इनकी यह सोच है कि जामा मस्जिद का ईमाम देश के प्रधानमंत्री से कम नहीं होता.
    योजना बनी. मीडिया को इसके बारे में बताया गया और यह मुद्दा बन गया. कई मीडिया वालों को मौका मिल गया यह दिखाने का कि यह प्रधानमंत्री की बेइज्जती है. जबकि बात बहुत ही छोटी सी है. बुखारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को दावत दें या टिमबक्टू के .. देश की सरकार की इच्छा के बिना कोई विदेशी भारत में घुस नहीं सकता है. इतने बड़े मस्जिद के इतने बड़े ईमाम के छोटे से दिमाग में इतनी बात नहीं गई कि सरकार को नाराज करके पाकिस्तान के किसी नेता को वो भारत कैसे आमंत्रित कर सकते हैं. इन्हें भी समझ में नहीं आया कि नवाज शरीफ की दिमागी हालत ईमाम बुखारी की तरह नहीं है. वो वैसे भी नहीं आएंगे और अगर वो भारत आएं तो बिना मोदी से मिले वापस नहीं लौट सकते हैं. ये मामला प्रोटोकॉल का भी है.
    वैसे इस “शाही ईमाम” के बारे में मजेदार बात बताता हूं. पूरी दुनिया में जामा मस्जिद अकेली मस्जिद है जहां ईमामत वंश के आधारित यानि एक ही परिवार के पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है. जामा मस्जिद का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 1656 मे किया. उसने इस बेहतरीन मस्जिद के लायक ईमाम को ढूंढना शुरु किया. इस शानदार मस्जिद के लिए शाहजहां को पूरे हिंदुस्तान में एक भी ईमाम नहीं मिला. मुगल बादशाह का परिवार समरकंद के मूल निवासी थे. समरकंद के पास बुखारा शहर है जो उस वक्त दुनिया का एक महत्वपूर्ण इस्लामिक केंद्र था. आजकल ये उजबेकिस्तान में है. शाहजहां ने शाह-ए-बुखारा (बुखारा के बादशाह) को खत लिखा कि जामा मस्जिद की इमामत के लिए एक बेहतरीन ईमाम को भेजा जाए. इसके बाद शाह-ए-बुखारा ने अपने दामाद सैयद अब्दुल गफूर शाह बुखारी को दिल्ली भेजा. लेकिन उसने एक शर्त रख दी कि इस मस्जिद की ईमामियत हमेशा उनके परिवार के पास रहेगा. शाहजहां ने उनकी बात मान लिया. 24 जुलाई 1656 को शाहजहां, तमाम वजीर व रियायत नमाज के लिए जामा मस्जिद में एकत्र हुए और सैयद अब्दुल गफूर बुखारी ने पहली मर्तबा ईद-उल-फितर की नमाज पढ़ाई. इसके बाद उन्हें शाही इमाम का खिताब दिया गया. तभी से शाही इमाम की यह रवायत चली आ रही है.
     कई जानकारों का मानना है कि ये राजतिलक ही गैर-इस्लामी है. राजशाही के खत्म होते ही इस प्रथा को खत्म कर दिया जाना चाहिए था लेकिन यह जारी रहा. आजादी के बाद से कानूनन जामा मस्जिद वक्फ की प्रोपर्टी है. लेकिन वोट बैंक की राजनीति की वजह यह इस परिवार के पास ही रहा. पहले के शाही ईमामों को लोग इज्जत देते थे. लेकिन धीरे धीरे दलगत राजनीति में फंस कर यह मुगलिया-संस्था कलंकित हो गई. लेकिन वर्तमान ईमाम की हालत तो एक छुटभैया नेता की हो जो कभी कांग्रेस कभी बीजेपी तो कभी समाजवादी पार्टी के साथ हाबनाबिंग करते नजर आते हैं. कई मुस्लिम राजनेता इन्हें देखना नहीं चाहते और सार्वजनिक रूप से विरोध में बयान देते हैं. इसकी वजह ये है कि अब शाही ईमाम की अपील का असर दिल्ली के जामामस्जिद के चारदीवारी के बाहर भी कोई नहीं सुनता है. नई पीढ़ी के लिए इनकी बातें हंसी मजाक का हिस्सा बन गया है. इन्हें कोई भी सिरियसली नहीं लेता और इस ड्रामे के जरिए शाही ईमाम ने खुद ही अपनी हंसी उड़ाई है.
 
 
(Manish Kumar)
10:30 AM | 0 comments | Read More

आतंकियों का तो सिर कलम कर देना चाहिए - कुरैशी

    सम्भल।। उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा कि आतंकवाद का कोई जाति धर्म नहीं होता। इसका हम सभी को खुलकर मुकाबला करना चाहिए। खासकर मुस्लिम भाइयों को चाहिए कि अपने खून का आखिरी कतरा तक इससे निपटने में बहा दें। भारत की धरती पर आतंक फैलाने वालों का तो सिर कलम कर देना चाहिए।
     गुरुवार को एंचौड़ा कंबोह में कल्कि महोत्सव में आये उत्तराखंड के राज्यपाल श्री कुरैशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यज्ञ से आतंकवाद का खात्मा सम्भव नहीं है। इसके लिए तो लड़ाई लड़नी होगी। हर हिन्दुस्तानी को आगे आकर इसका डटकर मुकाबला करना होगा। मुसलमानों को तो आतंकवाद समाप्त करने में अपने खून का आखिरी कतरा भी बहा देना चाहिए। देश की एक इंच भूमि पर अगर आतंकवादी कदम रखें तो उनका सिर कलम कर देना चाहिए। अपनी भूमि पर आतंकवाद को पनाह देने व उसका विरोध न करने वाला सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जो इस्लाम के नाम पर गुमराह करता है वह इस्लाम विरोधी है। मासूम बच्चों को पैसा व धार्मिक भावना में बांधकर आतंक के मुंह में ढकेला जा रहा है। इसका खुलकर विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादी शक्तियां भारत को तोड़ना चाहती हैं लेकिन यह गलतफहमी वे अपने दिल से निकाल दें क्योंकि हम भारत माता की तरफ बुरी नजर से देखने वाले की आंख निकाल लेंगे और इस कार्य में मुसलमान सबसे आगे रहेगा। श्री कुरैशी ने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने और भारत को स्वच्छ बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से जो प्रयास किये जा रहे है वह सराहनीय हैं।


10:28 AM | 0 comments | Read More

आप को झटका, दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट अल्पमत सरकार के पक्ष में, 12 दिनों की मोहलत दी

   नई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट ने आप पार्टी को झटका देते हुए कहा कि दिल्ली में बाहरी समर्थन से अल्पमत की सरकार संभव है। सुप्रीम कोर्ट ने उपराज्यपाल को सरकार गठन की संभावनाओं को तलाशने के लिए कहा है। इसके लिए कोर्ट ने 12 दिनों का समय भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन पर दायर याचिका की सुनवाई पर यह बात कही।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार गठन पर उपराज्यपाल के प्रयासों की भी तारीफ की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पार्टियों को मशवरे के लिए आमंत्रित करना एक सराहनीय कदम है। इससे सभी पार्टियों को एक मौका मिलेगा। सर्वोच्चय न्यायालय ने कहा कि इससे पहले भी देश में अल्पमत की सरकारें बनी हैं।
   सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर उपराज्यपाल को लगता है कि दिल्ली में सरकार नहीं बन सकती, तो वे राष्ट्रपति को इस बारे में सूचित कर सकते हैं। इसके बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
   आम आदमी पार्टी की ओर से कोर्ट में पक्ष रखने वाले वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि अगर उपराज्यपाल सभी पार्टियों को बुलाते हैं तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन यह निर्धारित समय के अंदर होना चाहिए।





10:25 AM | 0 comments | Read More

मुस्लिम बच्चे गाते हैं,"लूट ले गया दिल जिगर, मोदी जादूगर"

Written By Bureau News on Thursday, October 30, 2014 | 8:10 PM

    मुम्बई।। देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकता एक स्कूल चलाते हैं, जिसका नाम बांद्रा हिन्दू स्कूल। स्कूल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों को प्रसारित करने का काम करता है। जगह-जगह मोदी के विचार लिखे हुए है और महाराणा प्रताप, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, लक्ष्मीबाई, स्वामी विवेकानन्द की तस्वीरें लगी हुई है। लेकिन सबसे बड़ा आश्चर्य है इस स्कूल में
    पढ़ने वाले स्कूल के 75 फीसदी बच्चे मुसलमान है। स्कूल का तीन-चौथाई स्टाफ आरएसएस कार्यकर्ता ही है। ये बच्चे बेहरामपाड़ा और बांद्रा के गरीब नगर झग्गियों से आते हैं। बच्चों के माता-पिता अनपढ़ है और मजदूरी करते हैं। गांधी जयंती के मौके पर स्कूल में क्रेयॉन ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की गई और इसमें मोदी का चित्र बनाने को कहा गया। स्कूल के सभी बच्चें के लिए इसमें शामिल होना आवश्यक है। इस प्रतियोगिता के विजेता रहे 10वीं के छात्र सौहेल शेख। इस मौके पर बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए कविता गाई। बच्चे गाते हैं, "लूट के ले गया दिल जिगर, मोदी जादूगर। इस स्कूल को 1992 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सदस्यों ने शुरू किया और बांद्रा हिन्दू एसोसिएशन इसे संचालित कर रहा है।
   स्कूल के बारे में एसोसिएशन के सचिव अजीत मान्याल ने बताया कि, मोदी एक ऋषि की तरह सोचते हैं और कॉर्पोरेट लीडर की तरह उस काम को करते हैं। भारतीय चरित्र के प्रति उनकी दृढ़ता और शिक्षा के प्रति प्रेम उन्हें स्वामी विवेकानन्द जैसा और नेहरू से बड़ा बनाती है। इन सभी गरीब बच्चों के लिए मोदी उपयुक्त आइकन है,क्योंकि मोदी ने भी गरीबी में अपना जीवन बताया सभी बच्चों को सोचना चाहिए कि बड़ा होकर हमें भी मोदी बनना है। स्कूल की दीवारों पर मोदी के प्रमुख वाक्य लिखे हुए हैं। मोदी के बारे में स्कूल के एक छात्र इरशाद शेख कहते हैं कि, मोदी देश के बारे में बात करते हैं। हम स्कूल में उनके भाषण में सुनते रहते हैं और वे काफी प्रेरणादायी हैं।

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आधुनिक पाठ्यक्रम में गुरुकुल व्यवस्था शामिल करें मोदी - रामदेव

    हरिद्वार।। कालाधन वापस लाने के लिए विराट जन आंदोलन कर चुके योगगुरु बाबा रामदेव ने अब राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने के लिए शंखनाद कर दिया है। बाबा रामदेव के अनुसार हमारी शिक्षा प्रणाली समग्र हो, जिसमें आधुनिक और भारतीय परंपरा सम्माहित हो। इसके लिए योगगुरु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक नया नेशनल स्कूल बोर्ड बनाने का प्रस्ताव दिया है।
    बाबा रामदेव ने बताया कि इस बोर्ड में शिक्षा प्रणाली को भारतीय परंपरा से जोड़ने पर फोकस होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बोर्ड से जुड़े स्कूल परपंरागत गुरुकुल व्यवस्था और आधुनिक पाठ्यक्रम को एकसाथ पेश कर सकेंगे। योगगुरु रामदेव ने इस बोर्ड को ‘भारतीय बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन’ यानी बीबीएसई(BBSE) नाम दिया है।
    रामदेव ने बताया कि प्रधानमंत्री की शपथ-ग्रहण समारोह के करीब डेढ़ महीने बाद मैंने यह मुद्दा मोदी जी के सामने उठाया था। बाबा ने कहा, “अभी मैं केवल इतना बता सकता हूँ कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने सत्ता का सुख लेने के लिए कुर्सी नहीं संभाली है। वह वर्तमान औपनिवेशिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं। मोदी चाहते हैं कि हमारी शिक्षा प्रणाली समग्र हो, इसमें आधुनिक और भारतीय परंपरा का मेल हो।”
    गौरतलब है कि योगगुरु बाबा रामदेव का राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में सुधार का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति ने पाठ्यक्रम में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है। शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति के संस्थापक दीनानाथ बत्रा का कहना है कि भारतीय मूल्यों का असर बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव जरूरी है। गुजरात राज्य ने पहले ही बत्रा की किताबों को स्कूल में अनिवार्य कर दिया है।
   बोर्ड के बारे में रामदेव ने बताया कि प्रस्तावित बोर्ड का पाठ्यक्रम पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष होगा और इसमें भारतीय विरासत, मूल्यों, अतीत के गौरव के साथ मौजूदा उपलब्धियों का मेल होगा। रामदेव ने कहा, “गणित में हम वैदिक गणित के कुछ अध्यायों को शामिल करेंगे, जिससे छात्र तुलनात्मक अध्ययन कर सकेंगे।” बाब ने कहा कि हमारे छात्रों को जो इतिहास पढ़ाया जाता है, वह हमारे औपनिवेशिक शासकों के नजरिए से लिखा गया है। जब हम हिटलर के बारे में पढ़ते हैं तो उसकी निर्दयता पर चर्चा होती है, जबकि अँग्रेज उससे कम निर्दयी नहीं थे।
    बाबा रामदेव ने उदाहरण देकर समझाते हुए कहा कि बदलाव से हम सोशल साइंसेज में क्या असर डाल सकते हैं, इसे इस तरह देखिए कि सोशल साइंस में हमें सिखाया जाता है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी (जानवर) है, लेकिन अगर हम कहें कि मनुष्य भगवान की देन है तो कहीं ज्यादा बेहतर होगा। मनुष्य भगवान की सबसे अच्छी कृति है। ऐसे में एक स्कूल मनुष्य को एक जानवर बताता है, जबकि दूसरा उसे दैवीय रचना की तरह देखता है। यह एक बहुत बड़ा अंतर है। यही शिक्षा भारतीय परंपरा के अनुसार देश को मिलना चाहिए।
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पुलिस कर्मी के घर चल रहा था जुआ, पांच जुआरी दबोचे


   डबवाली।। न्यू बस स्टैंड रोड़ पर स्थित बाबा रामदेव वाली गली में हरियाणा पुलिस के एक जवान के घर पर छापेमारी कर सीआईऐ डबवाली ने पीजी की आड़ में चल रहे जुआघर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जुआ खेल रहे पांच लोगों को गिरफ्तार करके 90 हजार 300 रूपये की राशि बरामद की है। पकड़े गए लोगों में संबंधित पुलिसकर्मी का भतीजा भी शामिल हैै। सीआईए प्रभारी राकेश कुमार के नेतृत्व में बुधवार शाम करीब 7 बजे बाबा रामदेव मंदिर वाली गली में रह रहे हवलदार बंसीलाल के घर छापा मारा। गेम फ्लैश पर जुआ खेल रहे पांच लोगों को काबू किया। पकड़े गए लोगों ने अपनी पहचान विनोद कुमार, पवन कुमार, राकेश कुमार निवासी डबवाली, रमेश कुमार निवासी किलियांवाली, राजकुमार निवासी सिरसा के रूप में करवाई है। रमेश कुमार शहर थाना पुलिस के हवलदार बंसीलाल का भतीजा है, जोकि पंजाब में लॉटरी का काम करता है। विनोद, पवन भी पंजाब में लॉटरी का धंधा करते है। राकेश कुमार आढ़ती की दुकान पर कार्यरत है। जबकि राजकुमार का सिरसा में मिठाई के डिब्बे बनाने का कारोबार है।
पुलिसकर्मी की भूमिका की होगी जांच
    डीएसपी सत्यप्रकाश यादव का कहना है कि पकड़ा गया आरोपी रमेश कुमार बंसीलाल का भतीजा है। उपरोक्त मकान किसके नाम पर है, कागजात देखने के बाद पता चलेगा। पुलिसकर्मी बंसीलाल की भूमिका की जांच होगी। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
 
 
 
(प्रैसवार्ता)
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सेक्स के लिए मजबूर श्रीलंकाई महिला क्रिकेटर

    कोलंबस।। फिल्मों की ही तरह अब क्रिकेट में भी कास्टिंग काउच का मामला सामने आया है और इस ताजा मामले में श्रीलंकाई महिला क्रिकेटरों ने यह कहकर खलबली पैदा कर दी है कि उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए चयनकर्ताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने जैसी मांगों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीलंकाई मीडिया में आई खबरों के अनुसार श्रीलंका महिला टीम की खिलाड़ियों ने टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के खिलाफ आरोप लगाया है कि उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने या अपनी जगह बनाए रखने के लिए अधिकारियों से लेकर चयनकर्ताओं तक को शारीरिक संबंध बनाने संबंधी मांगों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) ने इन टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के खिलाफ इन सभी गंभीर आरोपों की तुरंत प्रभाव से जांच कराने की घोषणा की है। श्रीलंकाई पुरुष टीम के मुख्य चयनकर्ता सनत जयसूर्या, एसएलसी सचिव निशांता रणतुंगा और सह सचिव हिरांता परेरा को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
   रिपोर्ट के अनुसार 4 सदस्यीय जांच दल मामले की जांच करेगा और सबूत जुटाने के लिए श्रीलंका महिला क्रिकेटरों और टीम मैनेजमेंट से भी इस बाबत बात करेगा। श्रीलंका के स्थानीय मीडिया के अनुसार इस मामले में एसएलसी को कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत नहीं की गई है, लेकिन श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम के मैनेजर और चयन समिति के मैनेजर को शुक्रवार को होने वाली बैठक में बुलाया गया है।
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यदि भारत को भारत को स्वच्छ बनाना है तो सफाई तो यहाँ करनी होगी

जनता को बेवकूफ बनाना बंद करना होगा
    अगर आप भारत को स्वच्छ बनाना चाहते हैं तो झाड़ू और भाषणो से नहीं अपने आदेशों से सफाई कीजिये।
सफाई कीजिये गुलामी की भाषा अंग्रेजी की जिससे 98% भारतीयों के साथ सरकार, कानून और मल्टीनेसनल कम्पनियों द्वारा भाषाई धोखाधड़ी करके की जा रही लूट रोकी जा सके ? अंग्रेजी रहित भारत के लिए लाइए देवनागरी हिंदी के साथ क्षेत्रिय भाषा में लिखने की बाध्यता।
   सफाई कीजिये न्यायपालिका की निरंकुशता और तारीख के लिए तारीख देने की जिससे 99.9 % बाधाकारी न्यायिक आदेश और तारीख लेने में अपना अकूत धन और समय बर्बाद करके भी कुछ नहीं पाकर ठगा महसूस करता हैं, जिसकी कोई अपील भी नहीं ? 
   सफाई कीजिये भ्रस्ट तंत्र की रिश्वतखोर अधिकारी/कर्मचारी को पकड़ने की प्रक्रिया को सरलीकरण करते हुए मात्र 6 माह में सुनवाई पूरी करके सेवा मुक्त के साथ आय से अधिक संपत्ति की न्यूनतम 10 गुना की वसूली जमा करने के बाद ही अपील जिसमे उच्च न्यायालय के फैसले तक कोई स्थगन नहीं ?
   सफाई कीजिये उन हरामखोर दबंगों की दबंगई की जो शांतिप्रिय भारतियों की रजिस्ट्री कराई हुई जमीन पर कर लेते हैं अवैद्य कब्जे और उठाते है भारतीय पुलिस, प्रशासन और कानून की भ्रष्ट नीति और अत्यधिक देरी और का भरपूर लाभ ?
  इसी तरह की विसंगतियां अनेकों है, जिनकी सफाई करते ही आपके प्रयास दिखेंगे और दिखेगी भारत की 98% जनता में आपके लिए असली आजादी के युग पुरुष की छवि, जिसके लिए भारत के इसी गरीब पीड़ित ने दी हैं, आपको निरंकुश प्रधानमंत्री की कुर्सी..जय हिन्द.

एडवोकेट अशोक सक्सेना
झाँसी & हाईकोर्ट शासकीय अधिवक्ता
(भारत सरकार)
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काला धन और अरुण जेटली की मुश्किलें

    काला धन 100 दिन में देश के अंदर वापस लाने का वादा पूरा करना तो दूर वित्त मंत्री अरुण जेटली की इस बात के लिए चौतरफ़ा निंदा हो रही है कि वो विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वालों के नाम चुनिंदा तरीक़े से क्यों उजागर कर रहे हैं. अरुण जेटली का ये तर्क क़ानूनी तौर पर सही है कि अगर वो सभी नाम बाहर लाएंगे तो ये कई देशों के साथ हुए समझौते के ख़िलाफ़ होगा.
   लेकिन विडंबना यह है कि यही तर्क यूपीए सरकार ने भी दिया था. उस समय भाजपा ने इसे एक बहाना कहकर ठुकरा दिया था. काले धन के मुद्दे पर अब जेटली भी कई देशों के साथ समझौता टूटने के तर्क़ का सहारा ले रहे हैं जिसके कारण उन्हें कांग्रेस की आलोचना झेलनी पड़ रही है.
   उन्हें ख़ुद संघ परिवार के उन धड़ों की तरफ़ से फटकार मिल रही है जो समझते हैं कि भाजपा देश में काला धन वापस लाने के लिए बाध्य है. हक़ीक़त तो ये है कि अरुण जेटली के इस क़दम से पांच महीने पुरानी भाजपा सरकार को पहली बार इतने कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है. वित्त मंत्री के पास काले धन से जुड़ी तीन
संस्थाओं की रिपोर्ट हैं. सूत्रों के अनुसार इन रिपोर्ट्स में इस बात को उजागर किया गया है कि इस काले धन की राशि जीडीपी के 45 से 70 प्रतिशत के बराबर है.
     यानी हर साल एक ख़रब डॉलर के करीब काला धन देश में बन रहा है. जेटली की मुश्किल काला धन वो राशि है जिसका हिसाब नहीं दिया जाता और जिस पर टैक्स अदा नहीं किया जाता. इन रिपोर्टों में 2008 से पहले तक की स्थिति का जायज़ा लिया गया है. विशेषज्ञ कहते हैं कि अरुण जेटली की मजबूरी ये है कि वो एक साथ सारे नाम बाहर नहीं कर सकते. ऐसा करने से कई देशों के साथ किए गए समझौतों का उल्लंघन करना होगा. सारे नाम एक साथ बाहर करने के लिए भारत को कई देशों के साथ नए समझौते करने पड़ेंगे. साथ ही अरुण जेटली को ये भी मालूम होगा कि काला धन अब भी तेज़ी से बन रहा है, जिसकी रोकथाम के लिए नए क़ानून बनाने की ज़रूरत पड़ेगी.
    देश में काला धन वापस लाने के भाजपा के वादे के बारे में विशेषज्ञ कहते हैं कि यह वादा अभी अरुण जेटली की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं हो सकता.


6:04 PM | 0 comments | Read More

वेश्यावृत्ति को वैध बनाने से संबंधित प्रस्ताव सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति के समक्ष पेश किया जाएगा

    नई दिल्ली।। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने बुधवार को कहा कि भारत में वेश्यावृत्ति को वैध बनाने से संबंधित एक प्रस्ताव आठ नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति के समक्ष पेश किया जाएगा. एनसीडब्ल्यू ने एक बयान में कहा, “सर्वोच्च न्यायालय की समिति वेश्यावृत्ति वैध बनाने से संबंधित इस प्रस्ताव को आठ नवंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय रायशुमारी में पेश करेगी.
     सर्वोच्च न्यायालय ने इस समिति का गठन वर्ष 2010 में यौनकर्मियों के पुनर्वास को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका के बाद किया है.न्यायालय ने 24 अगस्त, 2014 को अपने आदेश में एनसीडब्ल्यू को समिति की बैठकों में शामिल होने का निर्देश दिया था. कुमारमंगलम ने उस मीडिया रपट का खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने वेश्यावृत्ति को वैध बनाने से संबंधित प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में पेश करने की योजना बनाई है.
4:57 PM | 0 comments | Read More

कब तक होता रहेगा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला

   देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है। एक ऐसा स्तंभ, जो सरकार व सामाजिक विसंगतियों, अनियमितताओं सहित अन्य विडम्बनाओं पर तीखा प्रहार कर उन्हें ठीक करने का प्रयास करता है। यही एक ऐसा स्तंभ है, जो लोकतंत्र को बनाये रखने में आज भी कायम है। इसके बाद अब इसी चौथे स्तंभ पर हमले शुरू हो गये हैं। अभी कल ही पूर्वी दिल्ली में दंगों के बाद समाचार संकलन करने गये नवभारत टाईम्स के संवाददाता राजेश सरोहा के साथ पुलिस ने मारपीट की। दिल्ली के विवेक विहार के थाना प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मियों ने मीडियाकर्मी राजेश पर नहीं अपितु लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला किया है। यही हाल दक्षिण बस्तर के बीजापुर जिले का है।
    पिछले दिनों यहां एक डॉक्टर ने अपनी दबंगई दिखाने पत्रकार के साथ हाथापाई की। यह एक घटना या क्षेत्र विशेष की घटना नहीं, अपितु मीडिया अर्थात लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर प्रहार है। अब यदि इसी प्रकार मीडियाकर्मियों पर हमले होते रहे, तो समाज का क्या होगा, इस बात का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार को आईना दिखाना, समस्याओं को उजागर करना, भ्रष्टाचार को खत्म करने सहित अन्य विसंगतियों को जड़ से मिटाने में मीडिया का अहम योगदान है। वहीं फर्श से एक योग्य और काबिल व्यक्ति को अर्श तक भी मीडिया ने ही लाया। मीडिया पर हमला करने वाली पुलिस, वही है, जो किसी मामले का खुलासा करने के बाद अखबारों और टीव्ही पर अपनी तस्वीरें और नाम प्रकाशित—प्रसारित कराने मीडियाकर्मियों को बड़े अदब से आमंत्रित करती है। वही डॉक्टर हैं, जिनके उत्कृष्ठ कार्य को हम लोगों के सामने लेकर आते हैं। इसके बावजूद मीडिया पर हमला वाकई में चिंताजनक बात है।
   इसके लिये देश के हम सभी मीडियाकर्मियों को एकजुट होना पड़ेगा और ऐसे अधिकारियों व व्यक्तियों के खिलाफ मोर्चा खोलकर उनका बहिष्कार करना पड़ेगा। तभी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा को बरकरार रखा जा सकता है।

(ऋषि रघुवीर भटनागर)
पत्रकार
बस्तर संभागीय मुख्यालय
जगदलपुर छत्तीसगढ़
1:03 PM | 0 comments | Read More

क्या करें जब आपका ATM CARD समेत अपहरण हो जाए ?


   यदि कोई ATM CARD समेत आपका अपहरण कर ले तो विरोध मत कीजिए। अपहर्ता की इच्छानुसार ATM मशीन मेँ कार्ड डालिए। आपका कोड वर्ड रिवर्स मेँ डायल कीजिए। जैसे यदि आपका कोड 1234 की जगह 4321 डायल कीजिए। ऐसा करने पर ATM खतरे को भाँपकर पैसा तो निकालेगा लेकिन आधा ATM मशीन मेँ फँसा रह जायेगा।
   इसी बीच मेँ ATM मशीन खतरे को भाँपकर बैंक और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित कर देगा और साथ ... ही ATM का डोर ऑटो लॉक हो जाएगा। इस तरह बगैर अपहर्ता को भनक लगे आप सुरक्षित बच जाएँगे। ATM मेँ पहले से ही सिक्योरिटी मैकेनिजम है जिसकी जानकारी बहुत कम लोगोँ को है।

1:02 PM | 0 comments | Read More

ऐसे खुलता है SWISS बैंक में खाता, बगैर नाम बताए भी होता है लेन-देन

    नई दिल्ली।। देश में कालेधन को लेकर मचा बवाल स्विस बैंक के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है, जिसे देखते हुए यह सवाल उठना लाजमी है कि ऐसा क्या है, जिसकी वजह से सभी पैसे वाले लोग स्विस बैंक में ही खाता खोलते हैं। क्या केवल बड़े धन कुबेर ही स्विस बैंक में खाता खोल सकते है? यह सवाल उठना लाजमी है, लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी स्विस बैंक में अपना खाता खोल सकता है। आइए जानते हैं स्विस बैंक में कैसे खुलवाया जा सकता है खाता-
ऐसे खुलवा सकते हैं खाता
     आप स्विटजरलैंड में स्थित किसी भी बैंक में खाता खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए बैंक आपके पहचान संबंधी दस्तावेजों को कॉरेस्पोंडेंस के जरिए मंगाता है। इसे आप ई-मेल के जरिए भी भेज सकते हैं। केवल बिना नाम वाला खाता खोलने के लिए ही आपको स्विटजरलैंड जाना जरूरी होता है। आपके पहचान संबंधी दस्तावेजों का किसी सरकारी एजेंसी से प्रमाणित होना जरूरी है, जिसके आधार पर स्विटजरलैंड के बैंक में आप पर्सनल अकाउंट, सेविंग्स अकाउंट और इन्वेस्टमेंट अकाउंट सहित दूसरे खाते खुलवा सकते हैं।
बिना नाम के भी खुलते हैं खाते
     अपनी गोपनीयता की वजह से दुनिया भर में लोकप्रिय स्विस बैंक ग्राहकों को नंबर के आधार पर भी खाता खोलने का मौका देते हैं, यानी कि खाते पर आपका नाम नहीं होगा।
नंबर से ही होता है सारा लेन-देन
     सारा लेन-देन नंबर के आधार पर होगा, लेकिन इस तरह का खाता खोलने की प्रक्रिया काफी सख्त है। खाता खोलने वाले को खुद बैंक में जाकर अपनी पूरी जानकारी देनी पड़ती है। इसके अलावा यह खाता न्यूनतम 1 लाख डॉलर की पूंजी से खोला जा सकता है। खाता धारक के नाम की जानकारी केवल बैंक के कुछ चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों के पास होती है।
कोई भी वयस्क खोल सकता है खाता
     कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वह स्विस बैंक में अपना खाता खोल सकता है। भारतीय भी इसी कड़ी में अपना खाता खोल सकते हैं। हालांकि, खाता खोलने का अंतिम अधिकार दूसरे बैंकों की तरह स्विस बैंक के पास होता है। बैंक खाता खोलते वक्त खास तौर से पूंजी के स्रोत आदि पर कड़ी पड़ताल करता है, जिसमें राजनीतिक शख्सियत आदि का खाता खोलते वक्त खास पड़ताल की जाती है।
12:27 PM | 0 comments | Read More

बड़ा खुलासा: टिंबलो ने BJP को 9 बार, कांग्रेस को 3 बार चंदा दिया

   नई दिल्ली।। गैर-सरकारी संगठन नेशनल इलेक्शनवाच और एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स ने आज दावा किया कि विदेशी बैंकों में काला धन रखने के आरोपी गोवा के खनन व्यवसायी राधा एस टिंबलो से पिछले दस साल में भारतीय जनता पार्टी ने नौ बार और कांग्रेस ने तीन बार चंदा लिया है।
   संगठन ने गुजरात में राजकोट के सर्राफा व्यवसायी पंकज चिमनभाई लोढिया द्वारा भाजपा को 51000 रुपए
का चंदा दिए जाने का भी दावा किया है। संस्था ने इन सभी मौकों पर भाजपा और कांग्रेस को दी गई बैंक चैक का पूरा विवरण और चंदा राशि का खुलासा किया है। टिंबलो ने भाजपा को कुल नौ बार में एक करोड़ 18 लाख रुपए तथा कांग्रेस को वर्ष 2009-10 से 2011-12 के बीच तीन बार में 65 लाख रुपए दिए हैं। संगठन द्वारा जारी एक सूची के अनुसार टिंबलो ने टिंबलो प्राइवेट लिमिटेड, पांडुरंगा टिम्बलो इंडस्ट्रीज तथा दिलीप टिंबलो के अलग नामों से फेडरेल बैंक पणजी, एचडीएफसी बैंक मडगांव, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक पणजी, मडगांव अर्बन कोआपरेटिव बैंक के खातों से धन राशि दी है।
   पंकज लोढिया ने भी राजकोट में एक्सिस बैंक के खाते से चैक द्वारा 51 हजार रुपए का भुगतान किया है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दायर करके तीन लोगों के नाम बताए हैं जिनके विदेशी बैंकों में खातों में काला धन जमा है। इनमें टिंबलो और पंकज ढिया के अलावा डाबर समूह के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रदीप बर्मन के नाम शामिल है।
10:05 AM | 0 comments | Read More

सिपाहियों ने नाबालिग से उठवाया कटा हुआ सिर, दो पुलिसकर्मी सस्‍पेंड

   लखनऊ।। एक नाबालिग से कटा हुआ सिर उठावाने के मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्‍पेंड किया गया है। चारबाग रेलवे स्‍टेशन पर सोमवार को हुए हादसे में ट्रेन से कटकर एक व्‍यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। ट्रेन की चपेट में आकर रामानंद नाम के शख्‍स का सिर धड़ से अलग हो गया था। शव हटवाने के लिए जीआरपी के सिपाहियों ने स्टेशन पर यूं ही घूमने वाले एक युवक और एक नाबालिग लड़के को बुलाया। उन्‍हें कटा हुए सिर उठाने के लिए मजबूर किया गया।
    रामानंद बिहार के वैशाली का रहने वाला था। वह तमिलनाडु से छठ मनाने के लिए घर जा रहा था। उसका शव रेलवे ट्रैक पर काफी देर तक पड़ा रहा। इस बीच कुत्तों और चूहों ने शव को खाया। एक कुत्ता सिर को खींचकर दूर ले गया। इस दौरान पुलिस कहीं नहीं थी। वहां मौजूद यात्री जरूर पत्थर मारकर चूहों और कुत्तों को हटाने की कोशिश करते रहे।
   इस मामले में जब जीआरपी चारबाग के एसएचओ एसपी सोनकर से बातचीत की गई तो उन्‍होंने बच्चे से शव उठवाने की बात को नकार दिया। लेकिन, ऊपर लगी तस्‍वीर उनकी बात को साफ झुठला रही है।
   रेलवे के बड़े अधिकारियो के संज्ञान में मामला आने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) जावेद अहमद ने एक सब इंस्‍पेक्‍टर सहित दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच सीओ जीआरपी आरडी यादव कर रहे हैं।





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नपाअध्यक्ष प्रत्याशी के लिए खर्चे की लिमिट 10 लाख रूपए व पार्षद पर कोई लिमिट नही

Written By Bureau News on Wednesday, October 29, 2014 | 9:53 PM

    शिवपुरी।। नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार को 10 लाख रुपए तक की प्रचार की खर्च सीमा तय की गई है। इस लिमिट में ही अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को अपना चुनाव लडऩा होगा।
   अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार हर दो दिन में चुनावी खर्च का ब्यौरा भी स्थानीय निर्वाचन कार्यालय को देना होगा। पूर्व में नपाध्यक्ष के पद के प्रत्याशियों को डेढ़ लाख रुपए खर्च तक की लिमिट थी, इसे बढ़ाकर अब 10 लाख किया गया है।
   गौरतलब है कि अभी हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भी उम्मीदवारों के लिए चुनावी प्रचार पर राशि खर्च करने का बंधन था, जिसमें विधानसभा उम्मीदवार को 16 लाख रुपए और लोकसभा उम्मीदवार को 70 लाख रुपए खर्च की लिमिट थी।
   राज्यनिर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी खर्च को लेकर जो नियम बनाए गए हैं, उसमें पार्षद पद के लिए खड़े उम्मीदवार पर चुनावी खर्च पर कोई बंधन नहीं है। पार्षद उम्मीदवारों को खर्च की कोई लिमिट तय किए जाने के कारण यह उम्मीदवार अपने क्षेत्र और चुनाव के हिसाब से राशि खर्च कर सकते हैं, इसके अलावा इन उम्मीदवारों को अपने चुनाव के खर्च का ब्यौरा भी नहीं देना है।
जनसंख्या के हिसाब से कैटेगरी रखी गई है
    जिस तरह से विस लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार पर खर्च की लिमिट थी उसी प्रकार नगर पालिका नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर लडऩे वाले प्रत्याशियों के लिए रहेगी। नपा के लिए दस लाख की लिमिट है। इसमें जनसं या के हिसाब से कैटेगरी रखी गई है। नए दिशा- निर्देश गए हैं इनके बार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया जा रहा है।
चुनाव खर्च के नए नियम
आबादी खर्च की लिमिट

1 लाख से अधिक 10 लाख
50 हजार से एक लाख तक 6 लाख
50 हजार से कम 4 लाख
नगर परिषद के अध्यक्ष 3 लाख
9:53 PM | 0 comments | Read More

दबंगों से त्रस्त गुरु जी ने शुरू किया धरना

कहा सत्तापक्ष से जुड़े हैं दबंग
पुलिस महानिदेशक समेत कई अधिकारियों को भेजा था पत्र

    हरदोई।। दबंगों से त्रस्त एक सहायक अध्यापक अपने पुत्रों के साथ बुधवार को कलेक्ट्रेट मे धरने पर बैठ गए।उन्होने कहा है कि दबंग सत्तापक्ष से जुड़े हैं। इससे पूर्व उन्होने पुलिस महानिदेशक बीएसए व एसएसपी को पत्र देकर कार्यवाही किए जाने की मांग की थी।
    कलेक्ट्रेट मे धरने पर बैठे कासिमपुर थाना क्षेत्र के गौरी खालसा निवासी अली कम्बर ने कहा है कि वह गाँव के ही जूनियर हाई स्कूल मे सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है उसको गाँव के शमशाद हैदर पुत्र इस्माइल व उनके सालों के अन्य परिजनो के द्वारा आए दिन गाली गलौज करते हुये प्रताड़ित किया जाता है।पत्र मे कहा है कि उसने एक वर्ष पूर्व अपनी पुत्री जमर्रुद फातिमा का निकाह शमशाद के पुत्र औज अब्बास के साथ किया था जिसको दोनों ने दहेज के लिए मारपीट कर निकाल दिया था। और उसके स्कूल मे घुसकर गाली गलौज कर धमकी दी थी।जिसका मामला दर्ज कराया है जो चल रहा है।
   आरोप लगाया कि यह लोग मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं जिसके चलते वह जान बचाए घर से बेघर हो चुका है परंतु सत्ता पक्ष का दबाव होने के कारण पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है।जिससे यह लोग आए दिन घर पर चढ़ आते हैं।उसने कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट मे धरना शुरू कर दिया।
(मनोज तिवारी)





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राष्ट्रीय अखण्डता दिवस के रूप में मनाया जायेगा सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म दिवस

    शाहजहांपुर।। जिले में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस 31 अक्टूबर 2014 को राष्ट्रीय अखण्डता दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
    इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती राष्ट्रीय अखण्डता दिवस के रूप मनायी जायेगी। इस अवसर पर जनपद के समस्त शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे। उन्होने बताया कि जन्म दिवस 31 अक्टूबर को समस्त विभागों में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय अखण्डता पर बल देने हेतुु बैठके एवं गोष्ठियों का आयोजन किया जायेगा। शिक्षा विभाग द्वारा जिले में छात्र/छात्राओं की प्रभात फेरी एवं रैलियों का आयोजन तथा सूचना विभाग द्वारा राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता पर आधारित प्रदर्शनी एवं विचार गोष्ठी का आयोजन गाॅधी भवन में किया जायेगा। वही मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कुष्ठ आश्रम में फलों का वितरण किया जायेगा। जिलाधिकारी ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वह निर्देशानुसार कार्यक्रमों का आयोजन करना सुनिश्चित करें तथा कार्यक्रमोंपरान्त की विस्तृत रिपोर्ट सहायक निदेशक सूचना को उपलब्ध कराये।


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हरियाणा के बाद भाजपा का मिशन-पंजाब-2017


   मिशन-हरियाणा की सफलता के बाद भाजपा ने मिशन कश्मीर और मिशन महाराष्ट्र पर होमवर्क शुरू कर दिया है, जबकि मिशन दिल्ली-2015 तथा मिशन पंजाब-2017 की रणनीति की तैयारी कर दी है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले स्पष्ट बहुमत से उत्साहित भाजपा ने मिशन-पंजाब 2017 के लिए भाजपा के पूर्व सांसद एवं फायर ब्रांड नेता नवजोत सिधु को जिम्मेवारी सौंप दी है, जिसके चलते जल्द ही भाजपा पंजाब के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करके प्रदेशाध्यक्ष सिधू को बनाया जा सकता है। नंजाब में भाजपा अकाली दल की सहयोगी है और हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकाली दल के दिग्गज एवं पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने बेटे सुखबीर बादल उप मुख्यमंत्री पंजाब के साथ भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया था, जिस पर भाजपा अकाली दल को राजनीतिक पटकनी देने के मूड में नजर आ रही है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में नवजोत सिधू ने अकाली दल को आड़े हाथों लिया और अकाली नेताओं पर ताबड़-तोड़ प्रहार किए थे। शायद यही कारण रहा होगा कि पंजाब सरकार ने सिधू की सुरक्षा वापिस ले ली थी। भारी कर्ज में डूबे पंजाब को विकास कार्यों के लिए केंद्र से राहत पैकेज की जरूरत थी, मगर केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की राहत देने से इंकार करने पर राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से डांवाडोल हो गई है। दूसरी तरफ भाजपा का शीर्ष नेतृत्व साढ़े सात वर्ष के कार्यकाल में अकाली दल द्वारा सहयोगी भाजपा पर बनाया गया दवाब, अनदेखी का गहरा मंथन कर इस स्थिति पर पहुंच गया कि अकाली दल द्वारा भाजपा को दिए गए प्रेम पटोलो का ब्याज सहित भुगतना किया जाए। पंजाब में सुखबीर बादल के अकाली दल के प्रधान बनने उपरांत शहरी क्षेत्रों में टैक्सों के बोझ लादकर भाजपा के शहरी वोट बैंक को समाप्त करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं उपलब्ध करवाकर अकाली दल का जनाधार बढ़ाने के प्रयास से भाजपा को गहरा घाव दिया है, जिससे उभरने के प्रयास भाजपा शुरू कर चुकी है। भाजपा द्वारा पंजाब सरकार पर इस बात का दवाब बनाया जा रहा है कि वह कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली मुक्त बिजली बंद कर दी जाए। यदि ऐसा होता है, तो अकाली दल को सबसे बड़ा राजसी झटका लगेगा और ग्रामीण वोट खिसक जाएंगे। भले ही इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़े। मगर शहरी वोट में भाजपा जरूर फायदे में रहेगी, क्योंकि बिजली सबसिडी के लिए, जो पैसा शहरी लोगों पर भारी भरकम बिजली बिलों के कारण पड़ता था, उससे रात जरूर मिलेगी। पार्टी के पास इस समय अकाली पार्टी का मजबूती से सामना करने वाला कोई दिग्गज नहीं है, जो इस मामलों को तेजी और मजबूती से उठाकर बादल बधुंओं को कटघरे में खड़ा कर सके। इसके लिए भाजपा ने राष्ट्रीय नेतृत्व को भाजपा पंजाब के मौजूदा प्रधान कमल शर्मा से ज्यादा उम्मीद न होने का संकेत दे दिया है। दूसरी तरफ हरियाणा विधानसभा चुनाव में बादल बंधुओं के खिलाफ नवजोत सिधू द्वारा की गई ताबड़ तोड़ बैटिंग ने बादल बंधुओं की नींद उड़ा दी है और बादल बंधुओं का अस्तित्व की दाव पर लगा दिया। अब भाजपा नवजोत सिधू को बादल बंध्ुाओं के खिलाफ खुलकर बैटिंग करने पर विचार कर रही है, जिसके लिए किसी भी समय नवजोत सिधू को भाजपा-पंजाब की कमान सौंपी जा सकती है।
9:29 PM | 0 comments | Read More

रंगीन मिजाज चिकित्सक को लेकर सिविल अस्पताल में हुआ हंगामा

    सिरसा।। सिविल अस्पताल के एक रंगीन मिजाज चिकित्सक की वजह से मंगलवार रात्रि को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। चिकित्सक द्वारा अस्पताल परिसर की एक टे्रनी एएनएम को अपनी कोठी में बुलाकर रंगरलियां मनाए जाने पर विवाद भड़का। अस्पताल के चौकीदार द्वारा हंगामा किए जाने के बाद चिकित्सक के साथ उसकी हाथापाई की भी चर्चा है। मगर लोकलाज के चलते दोनों में से किसी भी पक्ष ने पुलिस में शिकायत नहीं की है।
    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में कार्यरत एक चिकित्सक को अस्पताल परिसर में ही कोठी अलाट है। बताया जाता है कि उक्त चिकित्सक रंगीन मिजाज रहा है और उसका अस्पताल परिसर में ही स्थित ट्रेनिंग सेंटर की एक छात्रा एएनएम से कई दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा है। बताया जाता है कि मंगलवार रात्रि को उक्त चिकित्सक टे्रनिंग सेंटर से एएनएम को अपनी कोठी पर ले आया। रात्रि में चिकित्सक की उक्त गतिविधियों को भांप कर चौकीदार ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर कई मरीज, डाक्टर व स्टाफ सदस्य वहां जुट गए। इस बीच बताया जाता है कि डाक्टर ने कोठी में आई ट्रेनी एएनएम को साथ लगती दूसरी कोठी में भेज दिया और मामले का भंडाफोड़ करने वाले चौकीदार से हाथापाई शुरु कर दी। रात्रि में दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ।
    बताया जाता है कि मामले में चिकित्सक के साथ-साथ ट्रेनिंग सेंटर और ट्रेनी छात्रा की इज्जत उडऩे से बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की गई। बताया तो यह भी जा रहा है कि मामले को किसी प्रकार एक बारगी दबा दिया गया है ताकि अस्पताल प्रशासन की अन्य खामियां भी उजागर न हो पाएं। मामले में किसी भी पक्ष द्वारा पुलिस में शिकायत नहीं की गई?है। जेजे कालोनी चौकी प्रभारी मंगलसिंह ने बताया कि उन्हें किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत नहीं मिली है। यदि लिखित शिकायत मिलेगी तो अवश्य ही कार्रवाई?अमल में लाई जाएगी।
 
 
(प्रैसवार्ता)
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देह व्‍यापार के दलदल में धंसती जा रही शहीदों की नगरी

Written By Bureau News on Tuesday, October 28, 2014 | 9:40 PM

गर्रा वाली बाट रही एड्स
   शाहजहाँपुर।। शहीदो की नगरी देह व्यापार के दलदल में धंसती जा रही है। अब सेक्स की मंडी में ग्राहकों की भीड़ केवल मौज मस्ती या शारीरिक सुख के लिए ही नहीं लगती। इस मंडी से खरीदा गया माल आफिस में तरक्की का मार्ग खोल देता है, चुनाव का टिकट दिला देता है, बड़े से बड़े टेंडर दिला देता है। यही कारण है कि अब सेक्स के बाजार में सिक्कों की चमक पहले से कहीं ज्यादा है और बड़ी तादाद में लड़कियां इस कारोबार की आ॓र आकर्षित हो रही हैं। शाम ढलते ही शहर के प्रमुख स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां भी शुरू हो जाती हैं। लेकिन फिर भी पुलिस इन पर रोकथाम लगाने में नाकाम दिखती है। धीरे-धीरे इस सामाजिक बुराई की जड़ शहर को जकड़ रही है। हालांकि समय-समय पर पुलिस कुछ कार्रवाई जरूर करती है, लेकिन वो नाकाफी नजर आती है। पिछले सात-आठ महीने में क्राइम ब्रांच की ओर से भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्र बताते हैं कि शहर इलाके गर्रा नदी के पास, जलालाबाद का एक मोहल्ला, तिलहर स्तिथ कुछ ढाबे, पुवायां तहसील के कुछ फॉर्म हाउस, खुटार तिकुनिया स्थित एक रेस्टोलरेंट और देहात के थाना क्षेत्र में ऎसे मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। कहीं किराए का मकान तो कहीं होटल-मसाज पार्लर की आड़ में यह धंधा चल रहा है।
बाहरी राज्यों से आती हैं लड़कियां
    शाहजहाँपुर अब सेक्स ट्यूरिज्म का हब बनता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि सेक्स वर्कर्स बाहरी राज्यों से शहर में मंगवाई जा रही हैं। पश्चिम बंगाल, दिल्ली, नेपाल से आने वाली ये वर्कर्स देह व्यापार को बढ़ावा दे रही हैं। एक हजार से बीस हजार रूपए तक इन लड़कियों की प्रतिदिन की कमाई हो जाती है। इंटरनेट ने इस धंधे को पंख लगा दिए हैं। साइबर क्राइम शाखा भी इंटरनेट के माध्यम से हो रही वेश्यावृत्ति को रोकाने में कोई खास योगदान नहीं दे रही है। ऎसे में बड़ा सवाल है कि पुलिस देह व्यापार के मामलों में बढ़ोत्तरी तो मान रहा है, फिर क्यों घट रहे पोटा के मामले।
(अमित प्रताप सिंह)





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जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी पर केरोसीन से हमला

   नई दिल्ली।। जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी पर एक शख्स ने केरोसीन फेंक दिया। घटना उस वक्त हुई, जब बुखारी शाम करीब 5:50 बजे जामा मस्जिद में मगरिब की नमाज पढ़ा रहे थे। नमाजियों और बुखारी के सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। उसका नाम कमालुद्दीन (32) है। वह पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला कि कमालुद्दीन ने जामा मस्जिद पहुंचकर बुखारी से मुलाकात की दो बार कोशिश की थी लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने इजाजत नहीं दी। शाम को उसने केरोसीन की बोतल बुखारी की ओर फेंक दी। 
   चश्मदीद के मुताबिक, कमालुद्दीन बुखारी से काफी दूर था। मिट्टी का तेल मस्जिद में अजान देने वाले मुअज्जिन पर गिरा। पुलिस कमालुद्दीन से पूछताछ कर रही है। सेंट्रल दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम हमलावर कमालुद्दीन से पूछताछ कर रही है। अभी तक हमले की ठोस वजह का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया है कि हमलावर मानसिक रूप से बीमार है। इसकी पुष्टि करने के लिए डॉक्टरों से कंसल्ट किया जा रहा है। इसके अलावा फरेंसिक एक्सपट्र्स को बुलाकर हमले में इस्तेमाल किए गए तेल की सत्यता जांची जा रही है। पुलिस ने इसके पास से सिगरेट लाइटर भी जब्त किया है।
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स्पष्ट नहीं है राहुल गांधी की राजनीति - सहाय

   नई दिल्ली।। झारखंड के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय का मानना है कि राहुल गांधी की रणनीति स्पष्ट नहीं है, पार्टी में उनकी भूमिका के बारे में भी असमंजस की स्थिति है। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए सोनिया गांधी को आगे आना चाहिए, वह कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता हैं। एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए सुबोध कांत सहाय ने राहुल गांधी ब्रैंड पॉलिटिक्स पर अपना रुख साफ करते कहा कि हमारे नेता राहुल सोशल ब्रिङ्क्षजग का काम कर रहे हैं। सहाय के मुताबिक कांग्रेस का गरीबों से रिश्ता टूट गया था, राहुल उसे जोड़ रहे है। सोनिया ने ही राजीव गांधी के सपने को पूरा करते हुए झारखंड बनाया है, पार्टी में उनकी छवि मां स्वरूप है। 
   राहुल गांधी की सियासत के घालमेल पर सहाय ने कहा कि वह अभी तक पॉलिटिकल ग्राउंड पर आए ही नहीं हैं। वह ईमानदार युवा नेता हैं। गरीबों के साथ रिश्ता जोड़ना, उनमें यकीन पैदा करने का काम राहुल कर रहे है मगर उनके रोल मिक्स हो रहे हैं। उन्हें या तो सामने आना चाहिए या फिर अपने सिद्धांत प्रतिपादित करना चाहिए। सहाय के मुताबिक राहुल गांधी दबंग नेता नहीं हैं, गरीबों की आवाज है किंतु पार्टी और देश में उनका साफ प्रोजेक्शन नहीं हो रहा है। सहाय ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने जो सियासी प्रयोग किए हैं, उनका कोई सानी नहीं है।
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अशक्त व्यक्ति को सात साल की सजा

    नई दिल्ली।। दिल्ली की एक अदालत ने एक कंबल को लेकर हुए झगड़े में एक व्यक्ति की पीट पीट कर हत्या कर देने के मामले में मानसिक एवं शारीरिक रूप से अशक्त एक व्यक्ति को सात साल की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार गोयल ने दिल्ली के एक निवासी को यह सजा सुनाई, जो शिजोफ्रेनिया :एक प्रकार की मानसिक अस्थिरता: से ग्रस्त है और उसके पैर भी कटे हुए हैं। अदालत ने कहा कि यह साबित नहीं हो सका कि घटना के समय उसे यह नहीं मालूम था कि उसका कृत्य गलत है या कानून के खिलाफ है। अदालत ने कहा हालांकि आरोपी घटना के पहले और बाद में खास मानसिक अस्थिरता से ग्रसित था लेकिन इस आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अपराध के समय आरोपी को अपने कृत्य की प्रकृति के बारे में नहीं मालूम था कि यह गलत है या कानून के खिलाफ है। अदालत ने अभियुक्त पर दो हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि पीडि़त संजय की मौत जनवरी 2012 में उसके तथा अभियुक्त के बीच ''अचानक'' हुई लड़ाई के बाद हुई। 
   अभियोजन के अनुसार एक जनवरी 2012 को दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक मंदिर के बाहर अभियुक्त और पीडि़त के बीच एक कंबल को लेकर झगड़ा हुआ। दोनों वहीं भीख मांगते थे। अभियुक्त के खिलाफ आरोप था कि वह संजय का सिर उस समय तक फुटपाथ से पटकता रहा जबतक कि उसकी मौत नहीं हो गई। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया। अदालत ने हालांकि आरोपों को नरम कर दिया और उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग एक :गैर इरादतन हत्या: के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि यह ''पूर्व नियोजित'' नहीं था। अदालत ने कहा कि रिकार्ड से यह पता नहीं लगता कि उन दोनों के बीच पहले से कोई दुश्मनी थी। अदालत ने अभियुक्त की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति को देखते हुए जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसकी नियमित रूप से मेडिकल जांच कराई जाए। अदालत ने यह भी कहा कि अभियुक्त को व्हीलचेयर या कृत्रिम पैर मुहैया कराए जाएं। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से इंकार किया और कहा कि घटना के समय वह शिजोफ्रेनिया से पीडि़त था। अभियोजन ने हालांकि कहा कि घटना के समय आरोपी बीमारी से ग्रस्त नहीं था।
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शादी करते वक्त राजा, गुजारा देने में रंक - कोर्ट

   नई दिल्ली।। एक मर्द शादी करते वक्त तो खुद को 'राजा' की तरह दिखाता है, लेकिन जब अपनी तलाकशुदा पत्नी को गुजारा देने की बात आती है, तो खुद को 'रंक' के रूप में तब्दील कर लेता है। दिल्ली के एक लोकल कोर्ट ने एक केस में सुनवाई करते हुए यह दिलचस्प टिप्पणी की। अदालत ने इस मामले में एक शख्स की पत्नी और स्कूल जाने वाले तीन बच्चों के लिए गुजारे की रकम को 3 हजार रुपए महीने से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने का आदेश जारी करते हुए यह बात कही। अडिशनल सेशन जज मनोज जैन ने कहा कि यह एक कड़वी सचाई है कि एक सक्षम शख्स जब शादी रचाने जाता है, उस वक्त तो वह खुद को प्रिंस की तरह प्रॉजेक्ट करता है, लेकिन जब उसी शख्स की अपनी पत्नी को मेंटनेंस के लिए पैसे देने की बात आती है, तो वह खुद को दरिद्रजैसा दिखाने लगता है। जज ने यह फैसला महिला द्वारा मैजिस्ट्रेट की कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनाया है।
   मैजिस्ट्रेट की अदालत ने आदेश दिया था कि महिला के महज तीनों बच्चों की परवरिश के लिए उसे 3 हजार रुपए महीने गुजारा भत्ता पति से मिलेगा। महिला ने इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दायर की और कहा कि बच्चों के साथ-साथ उसे भी पति से गुजारे भत्ते की रकम दिलवाई जाए। जबकि मैजिस्ट्रेट की कोर्ट ने इसके लिए इस आधार पर इनकार कर दिया था कि वह खुद एक कामकाजी महिला है और उसके पति केवल इतना कमा पाते हैं कि केवल उन्हीं का गुजारा हो पाए। सेशन कोर्ट ने अपने आदेश में महिला के पति को पत्नी और तीनों बच्चों के गुजारे के लिए रकम को बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति महीने करने का आदेश दिया और कहा दिल्ली जैसे मेट्रोपॉलिटन शहर में रहन-सहन का खर्च काफी बढ़ गया है। कोर्ट ने साथ ही इस पहलू पर भी गौर किया कि जून में मैजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बावजूद इस शख्स ने अपने तीनों बच्चों के लिए अब तक गुजारे के लिए कोई रकम नहीं दी है।
   जज ने कहा कि यह इस शख्स का कानूनी के साथ-साथ नैतिक दायित्व भी है कि वह सुनिश्चित करे कि उसके तीनों बच्चे स्कूल जाएं और उनकी अच्छी तरह परवरिश हो। उसे केवल इस आधार पर इस जिम्मेदारी से छूट नहीं दी जा सकती कि उसकी पत्री खुद अपने साथ-साथ अपने बच्चों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रही है। सेशन कोर्ट ने यह भी कहा कि इस व्यक्ति ने न तो अपने बैंक अकाउंट के डिटेल्स दिए हैं और न ही अपने एम्प्लॉॅयर से कथित तौर पर लिए गए लोन के बारे में जानकारी दी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पुरुषों में अपनी वास्तविक आमदमी को कम करके दिखाने या छुपाने की प्रवृत्ति बेहद ज्यादा देखी गई है।
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केजरीवाल ने भाजपा की मुख्य चुनाव अधिकारी से की शिकायत

    नई दिल्ली।। राजधानी में जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरङ्क्षवद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से भाजपा की शिकायत की। शिकायत में केजरीवाल ने भाजपा पर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने फिलहाल सीइओ को इस बाबत कोई सबूत पेश नहीं किया है। दूसरी ओर भाजपा ने इसे केजरीवाल का सुर्खियां बटोरने का नया तरीका करार दिया। गौरतलब है कि केजरीवाल भाजपा पर दिल्ली में अनैतिक तरीके से सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते रहे हैं। 
   शनिवार सुबह उन्होंने ट्वीट कर भाजपा नेताओं पर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनवाने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि यह काम भाजपा के बड़े नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है और इसके लिए कार्यकर्ताओं को पैसे भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्येक फर्जी वोट के लिए 15 सौ रुपये तथा एक आप समर्थक का नाम मतदाता सूची से कटवाने के लिए दो सौ रुपये दिए जा रहे हैं।
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नर्सरी के बाद केजी और फस्र्ट में भी रूल लागू

   नई दिल्ली।। प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल की सभी क्लासों (3-6 साल की उम्र के बच्चों के ऐडमिशन) में कॉमन गाइडलाइंस लागू होंगी। पिछले साल नर्सरी के लिए तो सभी स्कूलों में कॉमन ऐडमिशन फॉम्र्युला लागू हुआ था। केजी और फस्र्ट क्लास में काफी स्कूलों ने अपने रूल लागू किए थे। पैरंट्स असोसिएशन ने शिक्षा निदेशालय से कंप्लेंंट भी की थी। शिक्षा निदेशक पद्मिनी सिंघला का कहना है कि नर्सरी ऐडमिशन की जो गाइडलाइंस जारी की जाएंगी, उनके आधार पर ही एंट्री लेवल की दूसरी क्लासों केजी और फस्र्ट में ऐडमिशन होंगे। इसके लिए स्कूलों को जरूरी दिशा- निर्देश जारी किए जाएंगे। जिन स्कूलों में नर्सरी के अलावा केजी और फस्र्ट क्लास में भी कुछ सीटों पर ऐडमिशन होते हैं, वहां पर इन तीनों क्लासों के लिए कॉमन रूल होंगे। ज्यादातर स्कूलों में नर्सरी में ऐडमिशन होते हैं। उसके बाद ऐसे स्कूल आते हैं, जहां पर एंट्री लेवल केजी होता है। 
   जानकारी के मुताबिक इस बार नर्सरी में ऐडमिशन के लिए अपर एज लिमिट 4 साल होने जा रही है। अगर ऐसा होता है तो फिर केजी में भी अपर एज लिमिट तय होगी और केजी में अपर एज 5 साल होगी। नर्सरी में मिनिमम एज 3 प्लस है। केजी में 4 प्लस और फस्र्ट क्लास में 5 प्लस है। तीनों क्लासेज में ऐडमिशन के लिए 31 मार्च 2015 को एज देखी जाएगी। वहीं सूत्रों के मुताबिक 29 अक्टूबर के बाद कभी भी नर्सरी ऐडमिशन की गाइडलाइंस आ सकती हैं। निदेशालय की प्लानिंग है कि नवंबर में ही ऐडमिशन प्रोसेस शुरू हो जाए। हालांकि नर्सरी ऐडमिशन का मामला कोर्ट में भी चल रहा है और कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी काफी कुछ निर्भर करता है। ऐडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के चेयरमैन सुमित वोहरा का कहना है कि शिक्षा निदेशालय को गाइडलाइंस में यह स्पष्ट करना होगा कि एंट्री लेवल की सभी क्लासेज के लिए कॉमन नियम हैं। वह कहते हैं कि पिछले साल स्कूलों ने मनमानी की थी। नर्सरी में तो मैनेजमेंट कोटे को खत्म कर दिया था लेकिन कुछ स्कूलों ने केजी क्लास में मैनेजमेंट कोटे की सीट तय की थी। वोहरा का कहना है कि कुछ स्कूलों ने केजी के लिए अपने नियम बनाए और बच्चों के इंटरव्यू भी किए। 
   हालांकि ऐसे स्कूल भी थे, जिन्होंने तीनों क्लासेज के लिए कॉमन रूल लागू किए। वह कहते हैं कि शिक्षा निदेशालय को गाइडलाइंस में हर इशू को क्लियर करना चाहिए ताकि स्कूल अपने नियम- कायदे न बना सकें। एजुकेशन हेल्प डॉट इन के डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह का कहना है कि शिक्षा निदेशालय जो नियम- कायदे बनाए, उसी के आधार पर ही हर स्कूल में ऐडमिशन होने चाहिए। पिछले साल पैरंट्स की जो भी शिकायतें थी, उनके बारे में सरकार को पता है। उन शिकायतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए और ऐसा ऐडमिशन फॉम्र्युला तय होना चाहिए, जिसमें ऐडमिशन प्रोसेस में पारदर्शिता हो। उनका कहना है कि ऐडमिशन गाइडलाइंस जल्द जारी होनी चाहिए ताकि उस हिसाब से पैरंट्स अपनी तैयारी कर सकें।
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राष्ट्रीय औसत से कम है कुवैत में रहने वाले भारतीयों की जीवन प्रत्याशा

   दुबई।। कुवैत में पिछले आठ महीने में कुल 416 भारतीयों की मौत हुई है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा मौतें दिल का दौरा पडऩे से हुई हैं। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, कुवैत में मरने वाले भारतीयों की औसत जीवन प्रत्याशा महज 44.4 वर्ष है। इसमें भी घरेलू क्षेत्र में काम करने वालों की जीवन प्रत्याशा 41.6 वर्ष जबकि निजी क्षेत्र में काम करने वालों की 45.1 वर्ष है। जीवन प्रत्याशा व्यक्तिों के जीवित रहने की संभावित आयु मानी जाती है। पुरूषों में मौत की औसत उम्र 44 साल है जबकि महिलाओं में यह 46.7 वर्ष है। कुवैत में रहने वाले करीब 7,50,000 भारतीयों की जीवन प्रत्याशा भारत के राष्ट्रीय औसत जीवन प्रत्याशा से काफी कम है।
    भारत में पुरूषों की जीवन प्रत्याशा 67 साल है जबकि महिलाओंं की 70 वर्ष। दूतावास के मुताबिक, कुवैत में भारतीयों की मौत की सबसे बड़ी वजह दिल का दौरा पडऩा है। दूतावास ने कहा, ''कुल 416 मौतों मेंं से, 177 या करीब 42.5 प्रतिशत दिल का दौरा पडऩे से हुई हंै। घरेलू क्षेत्र की तुलना में निजी क्षेत्र में पुरूषों में दिल का दौरा पडऩे की दर अधिक थी। हालांकि कुवैत में हुई भारतीयों की कुल मौतों में से एक तिहाई प्राकृतिक कारणों से हुई हैं। इस अवधि में सामने आई 130 स्वाभाविक मौतों में विभिन्न बीमारियों जैसे कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारियों से हुई मौतें भी शामिल हैं। इस आंकड़े में दिल का दौरा पडऩे से हुई मौतें शामिल नहीं हैं। सड़क हादसे में कुल 40 लोग मारे गए हैं।
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गंगा की सफाई को बनेगी हर जिले में गंगा वाहिनी

   नई दिल्ली।। केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा है कि गंगा में प्रदूषणकारी गतिविधियों की मानीटरिंग के लिए हर जिले में गंगा वाहिनी बनेगी। इसके अध्‍यक्ष जिलाधिकारी होंगे। उन्‍होंने आज नई दिल्‍ली में राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आज घोषणा की कि गंगा नदी की सफाई का काम 45 दिन के अंदर शुरू हो जाएगा और 140 नालों से गंदगी की नदी में निकासी पर रोक और तटों पर हरियाली लगाने से यह काम प्रारंभ किया जाएगा।
    प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री भारती ने बताया कि सबसे पहला फोकस 140 नालों और उन छोटी नदियों पर होगा, जो नालों में तब्दील हो गयी हैं। इसी समय नदी तटों पर हरियाली लगाने का काम भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री से गंगा सागर तक औद्योगिक एवं रासायनिक कचरे एवं सीवर लाइनों का प्रवाह गंगा में पूरी तरह से निषिद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा में प्रदूषण रोकने के लिये दो चरणीय निगरानी व्यवस्था कायम की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन नालों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके निकले पानी को भी नदी में नहीं जाये बल्कि उसका अन्य कार्यों में उपयोग किया जाए। सुश्री भारती ने बताया कि गंगा के प्रवाह वाले राज्यों के सहयोग से गंगा स्वच्छता के तात्कालिक एवं मध्यम कालिक उपायों का क्रियान्वयन 45 दिन के अंदर शुरू हो जाएगा।
   इस मौके पर बिहार के जल ससंधानमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्‍य सरकार की स्‍वच्‍छता के लिए वचनबद्ध है। इस दिशा में केंद्र सरकार की सभी कार्ययोजनाओं में राज्‍य सरकार पूरा सहयोग करेगी बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के सिंचाई मंत्री शामिल हुए। जबकि केन्द्र सरकार की ओर से सडक, नौवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री नितिन गडकरी, वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विज्ञान एवं तकनीकी राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह भी मौजूद थे।
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जम्मू-कश्मीर में चुनाव पूर्व कोई गठबंधन नहीं, सभी 87 सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा

    जम्मू।। जम्मू-कश्मीर में किसी भी चुनाव पूर्व गठबंधन से इनकार करतेे हुए भाजपा ने आज कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 87 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा सांसद और जम्मू-कश्मीर के पार्टी प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा, ''हम किसी भी राजनीतिक दल के साथ किसी तरह का चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं करेंगे क्योंकि हम राज्य के सभी 87 विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे हैं। पार्टी के हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर में दोहराने का विश्वास जताते हुए खन्ना ने कहा कि पार्टी को 44 से अधिक सीटें जीतने का भरोसा है। खन्ना ने यहां पार्टी कार्यालय में एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, ''हमें 44 से अधिक सीटें मिलेंगी और हम जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार बनाएंगे। चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित कर दी है। 
    भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा करेगी। खन्ना ने कहा, ''उन उम्मीदवारों पर ध्यान दिया जाएगा जो जीतने मेें सक्षम है, जिनकी छवि साफ है और जो काम कर सकते हैं। पार्टी की चुनाव समिति उम्मीदवारों के नाम पर फैसला करने के लिए आज एक बैठक करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहती है और उसका मुख्य चुनावी मुद्दा लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार उपलब्ध कराना होगा। खन्ना ने कहा, ''हमारा घोषणा पत्र स्पष्ट है, हम जम्मू-कश्मीर के लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त, भय मुक्त एवं वंशवाद मुक्त शासन उपलब्ध कराएंगे। हम राज्य के लोगों से अपने लिए एक मौका चाहते हैं और अगर हम असफल साबित हुए तो वे हमें छह साल बाद सत्ता से बाहर कर दें। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता बहुत बढ़ गई है, विशेषकर वहां की मुस्लिम आबादी राज्य में भाजपा को एक मौका देना चाहती है। भाजपा नेता ने कहा, ''कश्मीर के लोग विशेषकर मुस्लिम आबादी भाजपा के करीब आई है। घाटी के लोगों ने विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने में प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की है। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे, खन्ना ने कहा कि राज्य के लोग मोदी को प्रचार करते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''राज्य की आम जनता चाहती है कि प्रधानमंत्री मोदी आएं और राज्य में चुनाव रैलियां करें और हमें उम्मीद है कि वह उनकी इच्छा पूरी करेंगे।
    राज्य में विधानसभा चुनाव के समय का विरोध करने के लिए नेशनल कांफें्रस और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमला बोलते हुए खन्ना ने कहा, ''वह :उमर: काम करने में असफल रहे और परीक्षा में अपने अनुत्तीर्ण होने की बात जानने वाले और उसका सामना करने को लेकर भयभीत छात्र की तरह उमर अब्दुल्ला भी जानते हैं कि वह हारेंगे और इसलिए उन्होंने चुनाव का विरोध किया। भाजपा नेता ने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी पश्चिम पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से आए शरणार्थियों के लंबे समय से जारी मुद्दों का हल करेगी।
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