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बीजेपी कांग्रेस और बीएसपी के नेताओं ने थामी झाड़ू

Written By Bureau News on Thursday, November 27, 2014 | 8:48 PM

    नई दिल्ली।। दिल्ली में विधानसभा चुनावों से पहले तीनों प्रमुख पाटियों में नेताओं की आवाजाही शुरू हो गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को बीजेपी, कांग्रेस और बीएसपी के कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी जॉइन की। आप नेता संजय सिंह और आशुतोष ने इन लोगों को पार्टी की टोपी पहना कर इनकी अगवानी की। आप जॉइन करने वालों में सबसे प्रमुख नाम साउथ एमसीडी की स्टैंडिंग कमिटी के पूर्व सदस्य और भाटी वार्ड से दो बार बीजेपी के पार्षद रह चुके करतार सिंह तंवर का है। उन्होंने अपने कई समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें छतरपुर से चुनाव मैदान में उतार सकती है। तंवर ने स्वच्छ राजनीति के लिए काम करने के साथ-साथ एमसीडी में फैले करप्शन और 7 सालों से एमसीडी की सत्ता पर काबिज बीजेपी के कारनामों को एक्सपोज करने का भी दावा किया। नरेला विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले नॉर्थ एमसीडी के बख्तावरपुर वार्ड की पार्षद रीता चौहान ने भी आप जॉइन कर ली।
    उन्होंने वैसे तो बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर एमसीडी का चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में उन्होंने बीएसपी छोड़ दी थी। इन दिनों वह निर्दलीय पार्षद के रूप में काम कर रही हैं। रीता चौहान के साथ ही नरेला इलाके के बीएसपी लीडर शरद कुमार चौहान ने भी आप जॉइन कर ली। उन्होंने 2008 में नरेला सीटा से विधानसभा का चुनाव लड़ा था और वह केवल 800 वोट से हार गए थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केवल आम आदमी पार्टी ही गरीबों और निचले तबके के लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए लड़ रही है। इसके अलावा बीजेपी के यूथ लीडर रह चुके विजय बंसल ने भी झाड़ू थाम ली। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा की दिल्ली यूनिट के स्टेट सेक्रेटरी रह चुके हैं। मुंडका से कांग्रेस के लीडर धरमपाल लाकड़ा भी आप में शामिल हो गए हैं। वह एफसीआई और जिला कांग्रेस कमिटी के सदस्य भी रह चुके हैं। इस मौके पर आप नेताओं ने कहा कि दूसरी पाटियों के ऐसे तमाम नेता जिनकी छवि साफ-सुथरी है और जो स्वच्छ राजनीति के लिए काम करना चाहते हैं, उनके लिए आम आदमी पार्टी के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।
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कांग्रेस चुनाव समिति में शामिल होना शीला को मंजूर नहीं

    नई दिल्ली।। दिल्ली में जल्द चुनाव किए हो सकते हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश चुनाव समिति, घोषणा पत्र समिति समेत चुनाव संबंधी चार समितियों का गठन किया। प्रदेश चुनाव समिति में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी शामिल किया है लेकिन शीला दीक्षित को यह मंजूर नहीं है। शीला ने कहा कि उन्हें समिति में शामिल की जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि मेरे नाम की सिफारिश किसने की। मुझे इसके बारे में अगले दिन अखबार से पता चला। मैं किसी भी कमिटी का हिस्सा नहीं बनना चाहती। मैंने अपने फैसले की जानकारी पहले ही दे दी थी। ना ही मैं चुनाव लड़ना चाहती हूं और ना ही कोई पद। मेरे फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। 
    यह पहला मौका नहीं है जब शीला दीक्षित ने सक्रिय राजनीति में आने से इनकार किया हो। केरल के गर्वनर पद से इस्तीफा देने के बाद शीला दीक्षित कई बार सार्वजनिक तौर पर दिल्ली की राजनीति में नहीं लौटने की बात कह चुकी हैं। हालांकि कांग्रेस नेताओं को इसमें कुछ भी गलत नजर नहीं आ रहा। पार्टी एक नेता ने बताया कि ऐसी समितियों में सदस्य के चयन के लिए किसी की सिफारिश की जरूरत नहीं होती। पार्टी के वरिष्ठ नेता इसपर फैसला करते हैं। इस समिति में कई पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को शामिल किया गया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति में कुल 24 सदस्यों को रखा गया है, जिसमें बतौर अध्यक्ष अरङ्क्षवदर ङ्क्षसह लवली सबसे ऊपर हैं। घोषणा पत्र समिति में भी 24 सदस्यों को जगह दी गई है और इसके अध्यक्ष एके वालिया हैं। हारून युसूफ को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अनुशासन समिति के लिए अभिजीत ङ्क्षसह गुलाटी को अध्यक्ष घोषित किया गया है।
   प्रचार समिति में भी 24 सदस्य हैं, जबकि अनुशासन समिति में 6 लोगों को जगह दी गई है। प्रदेश चुनाव समिति के सदस्य: -अरङ्क्षवदर ङ्क्षसह लवली (अध्यक्ष), हारून युसूफ, जर्नादन द्विवेदी, अजय माकन, आरके धवन, करण ङ्क्षसह, परवेज हाशमी, शीला दीक्षित, सुभाष चोपड़ा, जेपी अग्रवाल, प्रेम ङ्क्षसह, मनीष चतार्थ, नसीब ङ्क्षसह, मुकेश शर्मा, रमेश कुमार, महाबल मिश्रा, जय किशन, हसन अहमद, देवेन्द्र यादव, सुरेंद्र कुमार, कुंवर करण ङ्क्षसह, फरहाद सुरी, महमूद जिया, दिल्ली प्रंसटल ऑर्गेनाइजेशन के सभी हैं।
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नवजोत सिंह सिद्धू की श्री अकाल तख्त को शिकायत

बठिण्डा।। भाजपाई दिग्गज एवं पूर्व सांसद नवजोत सिधु से निपटने के लिए शिरोमणी अकाली दल और उनके समर्थक संगठनों ने कमर कस ली है। उनके हाथ गुरबाणी की एक तुक को तोड़-मरोड़कर पेश करने का मुद्दा आ गया है, जिसको लेकर अकाली दल समर्थक संगठनों ने श्री अकाल तख्त तक शिकायत पहुंचाई है। सिधु को श्री अकाल तख्त पर तलब करना आसान दिखाई नहीं देता, जबकि जत्थेदार निरंकारियों की तरह हुकमनामा जारी करके सिख समुदाय को सिधु के साथ संबंध न रखने का निर्देश जारी कर दे। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नवजोत सिधु के राजनीतिक हमलों और टिप्पणी पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक दस्तक दी थी, मगर उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की, बल्कि सिधु को जम्मू-कश्मीर, झारखंड और दिल्ली का चुनाव प्रमुख बनाकर अकाली दल के जख्मों पर नमक छिड़क दिया। सिधु द्वारा गुरबाणी के तुक को तोड़ मरोड़ करने की शिकायत पर श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने पांच सिंह साहिबानों की बैठक में विचार का आश्वासन शिकायतकर्ताओं को दिया है। सूत्रों के मुताबिक श्री अकाल तख्त पर केवल संपूर्ण सिख को ही तलब किया जा सकता है, जबकि सिधु पतित सिख है। श्री अकाल तख्त द्वारा सिखों को निर्देश दिया जा सकता है कि सिधु के साथ संबंध न रखें।
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अब बस से 30 घंटे में दिल्ली से काठमांडू

    नई दिल्ली।। दिल्ली से नेपाल की राजधानी काठमांडू के लिए बस सर्विस मंगलवार से शुरू हो गई। केंद्र सरकार ने दिल्ली-लाहौर बस सर्विस की तर्ज पर दिल्ली-काठमांडू बस सर्विस को ऑपरेट करने का जिम्मा डीटीसी को सौंपा है। आंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल से रोज सुबह 10 बजे काठमांडू के लिए बस चलेगी। यह 30 घंटे में लगभग 1250 किमी की दूरी तय करके अगले दिन शाम 5 बजे काठमांडू पहुंचेगी। इसके लिए डीटीसी ने वोल्वो और मर्सडीज की 3 लग्जरी एयर कंडीशंड सेमी स£ीपर बसें खरीदी हैं। बस का टिकट 2300 रुपये का है। डीटीसी के अधिकारियों ने बताया कि पहली बस के लिए 15 लोगों ने टिकट कटाए।
   हालांकि, बस में केंद्र व दिल्ली सरकार के अलावा नेपाल एंबेसी के अधिकारी और सुरक्षा के लिए एसएसबी के कुछ जवान भी साथ गए। इसके अलावा, 6 जवान जीप से बस के आगे और पीछे भी सुरक्षा घेरा बनाकर चलेंगे। बस में 40 पैसेंजर्स सफर कर सकते हैं। जिस समय दिल्ली से काठमांडू के लिए बस निकल रही थी, ठीक उसी समय नेपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काठमांडू से दिल्ली आने वाली पहली बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे।मंगलवार शाम केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल से काठमांडू जाने वाली पहली बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी सार्क देशों के साथ डायरेक्ट बस और ट्रेन सर्विस शुरू करना चाहते हैं। इस दिशा में उठाया गया यह पहला कदम है। 
   इससे भारत और नेपाल के रिश्ते और मजबूत होंगे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया, जो डेढ़ दशक पहले इसी बस टर्मिनल से लाहौर जाने वाली बस में खुद सवार होकर पाकिस्तान गए थे। बस से नेपाल जा रहे नरेंद्र खनाल ने बताया कि वह नेपाल के रहने वाले हैं, लेकिन गुड़गांव में ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उनका कहना था कि नेपाल जाने के लिए फ£ाइट के अलावा और कोई डायरेक्ट कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से काफी दिक्कत होती थी। इस डायरेक्ट बस सर्विस से लोगों को काफी फायदा होगा और इससे दोनों देशों में टूरिज्म भी बढ़ेगा। पैसेंजर धनबहादुर प्रधान ने बताया कि इस बस से नेपाल जाने के लिए वह मनाली से खासतौर पर दिल्ली आए हैं। पहले उन्हें टुकड़ों में सफर करना पड़ता था और उसमें करीब 4 हजार रुपये खर्च हो जाते थे, लेकिन अब 2300 रुपये में वह डायरेक्ट नेपाल जा सकेंगे। बस के ड्राइवर जसवीर सिंह ने बताया कि वह इससे पहले दिल्ली-लाहौर बस को चला चुके हैं। लोगों ने बताया कि आनंद विहार बस अड्डे से सनौली बॉर्डर तक बसें चलती हैं, जिनका किराया 800 रुपये है। सनौली से आगे नेपाल के इलाके से दूसरी बस लेकर काठमांडू तक जाना पड़ता है, जिसमें 250 रुपये और लगते हैं।
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बच्चे की मौत के बाद मचा बवाल, तोडफोड़ और लगाई आग

    सिरसा।। माडल संस्कृति स्कूल के पास वीरवार सुबह हुए सड़क हादसे ने हिंसा का रूप धारण कर लिया। मृतक के परिजनों ने जहां धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आग के हवाले कर दिया, वहीं इन लोगों ने दमकल की गाडिय़ों को भी तोड़ डाला। दरअसल ये झगड़ा साडों की लड़ाई के कारण हुआ, मगर लोगों का गुस्सा देख पुलिस को भी घटनास्थल को सील करना पड़ा। यह हादसा उस समय हुआ, जब एक बच्चा अपने चाचा के साथ बाइक पर सवार होकर स्कूल जा रहा था। हादसे में ट्रैक्टर ट्राली के पहिए तले कुचले जाने के बाद बच्चे की मौत हो गई और उसका चाचा घायल हो गया। इसके करीब आधे घंटे बाद मामला उग्र रूप धारण कर गया।
ऐसे हुआ हादसा
    शहर के वार्ड 22 में रहने वाला अजय महाराजा बैंड कंपनी में काम करता है। उसका 6 साल का बेटा रेहान जीआरजी स्कूल में पहली कक्षा का छात्र था। वीरवार सुबह वह अपने चाचा के साथ बाइक पर सवार होकर स्कूल जा रहा था। बताया गया है कि जैसे ही ये दोनो माडल संस्कृति स्कूल के पास पहुंचे, तो एकाएक उनका बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गया और बाइक से संतुलन बिगडऩे के कारण सन्नी व रेहान नीचे गिर गए। ट्राली का पहिया रेहान के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ट्रैक्टर चालक ने अपने साथ दो ट्रॉलिया जोड़ी हुई थी और दोनों में धान लदी हुई थी। बाइक सवार ने जैसे ही इन ट्रालियों को क्रास किया, तो सामने सांड़ों की लड़ाई हो ही थी। इस कारण सन्नी से अपना बाइक साइड में करने का प्रयास किया, तो टक्कर लगने से बाइक फिसल गया और रेहान पहियों तले आ गया।
फिर क्या हुआ
    हादसे की खबर परिजनों को मिली। परिजन व मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए। बच्चे का शव देखकर उनका खून खौल उठा और फिर यह हादसा हिंसा में तब्दील होता चला गया। हालांकि हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक अपनी ट्रॉलिया व ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया और इन गुस्साएं लोगों ने पहले ट्रैक्टर को क्षतिग्रस्त किया और फिर आग लगा दी। आग की लपटों से ट्रैक्टर और धान से लदी दोनो ट्रालियां धूं धूं कर जलने लगी। आग की सूचना मिलने के बाद दमकल गाडिय़ा मौके पर पहुंची, तो लोगों ने इन दमकल गाडिय़ों को भी निशाने पर ले लिया और गाडिय़ों को तोड़ डाला। बताया गया है कि चालक के साथ भी हाथपाई की। शहर थाना प्रभारी दलबल सहित मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया, मगर इससे पूर्व एक युवक की भी जमकर धुनाई की, क्योंकि यह युवक मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की वीडियो बना रहा था। लोगों ने उसे इतना पीटा कि उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने जैसे तैसे मामला शांत किया और शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल भिजवाया।
इकलौता था रेहान
    मालूम हुआ है कि बैंड कंपनी में काम करने वाले अजय कुमार के दो बच्चे थे, इनमें रेहान बड़ा था और तीन साल की छोटी बेटी है। इस हादसे के बाद से क्षेत्र के लोगों में न केवल गुस्सा है, बल्कि सदमा भी है।
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घर पर ही ट्रीटमेंट देगी ऐंबुलेंस

    नई दिल्ली।। दिल्ली सरकार ने इमर्जेंसी की स्थिति में मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट देने के लिए टेलिमेडिसिन और होम टू हॉस्पिटल केयर ऐंबुलेंस की सेवा शुरु करने की प्लानिंग की है। इस प्लान के तहत 110 आधुनिक तकनीक से लैस ऐंबुलेंस खरीदी जा रही हैं और टेलिमेडिसिन के लिए जीबी पंत अस्पताल को सेंटर बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार के हेल्थ सेक्रेट्री एस.सी.एल. दास ने मंगलवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि पहले फेज में जीबी पंत के साथ चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय और जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को शामिल किया जा रहा है। 
   दास ने बताया कि हमारा मकसद है लोगों को घर पर ही बेहतर ट्रीटमेंट की सुविधा मिले, जिसे हम होम टू हॉस्पिटल केयर का नाम दिया है। सभी ऐंबुलेंस को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिसमें इमरजेंसी की स्थिति में न केवल मरीज को ऐंबुलेंस में इलाज मिलेगा बल्कि उसे सही हॉस्पिटल तक भी पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए पीसीआर की तरह सिस्टम डिवेलप करके मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, ताकि कॉल करने वाले की पहचान आसानी से किया जा सके। यही नहीं अगर किसी को घबराहट है या चेस्ट पेन हो रहा है, हेड या स्पाइनल की चोट है या फिर रेप का मामला है, तो ऐंबुलेंस मरीज को उसी हॉस्पिटल में लेकर जाएगी जहां पर उसका पूरा इलाज होता है।
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दिल्ली में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें

    नई दिल्ली।। दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने, प्रदूषण कम करने, ई-रिक्शों की समस्याएं सुलझाने और वल्र्ड क्रास ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने के लिए केंद्र ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। एयरपोर्ट की तर्ज पर बसपोर्ट दिल्ली-काठमांडू बस सर्विस की शुरुआत के मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उपराज्यपाल नजीब जंग से कहा कि केंद्र एयरपोर्ट की तर्ज पर दिल्ली में बसपोर्ट बनवाना चाहता है। इसके लिए दिल्ली प्रशासन ऐसे बस अड्डों और डिपो की पहचान करके केंद्र को बताए, जिनके मॉडर्नाइजेशन की जरूरत है। 
   गडकरी ने कहा कि केंद्र ने 4750 करोड़ की लागत से बनने वाले रिंग रोड प्रोजेक्ट का टेंडर भी मंगलवार को जारी कर दिया है और एक महीने में इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। एनवायरमेंट की भी चिंता उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले वह लंदन गए थे, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिक बस में सफर किया था। उसी को देखते हुए अब केंद्र डीटीसी की पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों के रूप में कन्वर्ट करने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने स्वीडन में चल रहीं बायोफ्यूल बसों का हवाला देते हुए दिल्ली में भी ऐसी बसें चलाने का इरादा जताया। यमुना में चलेगी बोट यमुना की सफाई के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार यमुना में वॉटर ट्रांसपोर्ट शुरू करने की योजना बना रही है। इस संबंध में ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी ने प्रेजेंटेशन भी दिया है, जिसके अनुसार यमुना में 70 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हाईस्पीड बोट चलाई जा सकती है और हर 4-5 किमी पर टर्मिनल बन सकेंगे।
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रात के अंधेरे में हाती है पैसेंजर टैक्स की चोरी

    सिरसा।। आबकारी व कराधान विभाग के भ्रष्ट तंत्र की बदौलत हरियाणा सरकार को प्रतिदिन यात्री टैक्स की लाखों रूपयों की चपत लग रही है। ''प्रैसवार्ता" को मिली जानकारी के अनुसार सिरसा से दिल्ली के बीच अनेकों प्राईवेट बसें प्रतिदिन आना-जाना करती है। इन बसों में सवारियां चढ़ाई जाती है, मगर ज्यादातर ऐसी बसों में यात्री टैक्स नहीं दिया जाता। सरकारी नियमानुसार प्राईवेट बसों को लगभग 20 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति सवारी टैक्स अदा करना होता है। इसी संदर्भ में आबकारी व कराधान विभाग संदेह के घेरे से अछूता नहीं है। केवल इतना ही नहीं इन प्राईवेट बस संचालकों ने बकायदा बुकिंग सैंटर बनाए हुए है, जहां यात्रियों को एडवांस बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होती है। इन प्राईवेट बसों में व्यापारी लोग सामान इत्यादि भी लाते है, जिनका टैक्स अदा नहीं किया जाता, जिसकी सही स्थान पर पहुंचाने की जिम्मेवारी भी बस चालक लेते है। सिरसा से होकर दिल्ली जाने वाली ऐसी बसों की कमी नहीं है, जो श्री गंगानगर, अबोहर, हनुमानगढ़ इत्यादि से आती है।
8:12 PM | 0 comments | Read More

खट्टर सरकार ने कम की रिटायरमेंट की उम्र

   चंडीगढ़।। हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 60से घटाकर 58साल करने के साथ ही पूर्ववर्ती भूङ्क्षपदर ङ्क्षसह हुड्डा सरकार द्वारा लिए गए कई फैसलों को पलट दिया है। जिस पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया मिली है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कांग्रेस सरकार के समय में लिए गए फैसलों पर चर्चा की और फिर उनमें बदलाव करने के फैसले लिए गए। अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों म हुड्डा ने कई ऐसे फैसले किए, जो काफी विवादों में रहे थे। इनमें से कुछ को मंगलवार को भाजपा सरकार ने बदल दिया। 
   चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की बैठक में भाजपा सरकार ने सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से घटाकर 58 साल करने और डीजल पर वर्तमान वैट 9.24 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.07 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। साथ ही ग्रुप-डी और विकलांगो को रिटायरमेंट की उम्र में छूट देने, अध्यापक शिक्षा भर्ती बोर्ड को भंगकर नई व्यवस्था लागू करने, हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमेटी रद्द करने, वैट नीति में संशोधन, नई नौकरियां लिखित परीक्षा के आधार पर कराने, नए बहाल हुए पटवारियों की ट्रेङ्क्षनग जल्द कराने और छह राजमार्गों से टोल टैक्स हटाने का भी निर्णय लिया।
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इनकम टैक्स विभाग का फर्जी असिस्टेंट कमिशनर अरेस्ट

   नई दिल्ली।। क्राइम ब्रांच और दादरा नगर हवेली पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में दिल्ली से इनकम टैक्स विभाग के फर्जी असिस्टेंट कमिशनर को अरेस्ट किया। आरोपी की पहचान रोहित कुमार (24) के रूप में हुई। उस पर दादरा और नगर हेवली में भी मामला दर्ज है। जॉइंट सीपी रवींद्र यादव ने बताया कि दादरा नगर हेवली पुलिस ने क्राइम ब्रांच से संपर्क कर रोहित कुमार को अरेस्ट करने में मदद मांगी थी। वह लोगों को धमकी देता था कि वह इनकम टैक्स में असिस्टेंट कमिश्रर है और इस समय उसकी पोस्टिंग हैदराबाद में चल रही है। वह धमकी देकर लोगों पर इंश्योरेंस पॉलिसी में पैसा इन्वेस्ट करने के लिए दबाव डालता था। 
   बात न मानने पर वह इनकम टैक्स की रेड ड़ालने की भी धमकी देता था। जाइंट ऑपरेशन में आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया। पूछताछ से पता चला कि वह शाहजहांपुर के कॉलेज से ग्रेजुएट है। साल 2012 में वह दिल्ली आया था। यहां आकर उसने नोएडा में इंश्योरेंस कंपनियों के लिए काम करने वाले कई कॉल सेंटरों में काम किया। इसी दौरान उसने इंश्योरेंस कंपनी की पॉलिसी का टारगेट पूरा करने के लिए लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।
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हिसार में पत्रकारों पर हमले का मामला: उच्चतम न्यायालय में सोमवार को होगी सुनवाई

    नई दिल्ली।। उच्चतम न्यायालय पत्रकारों के एक समूह द्वारा दायर उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने के लिए आज सहमत हो गया जिसमें हिसार के बरवाला में 'स्वयंभू' धर्मगुरू रामपाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अभियान के दौरान मीडियाकर्मियों पर कथित हमले की न्यायिक जांच कराने के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया गया है। प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर तथा न्यायमूर्ति एके सिकरी की पीठ ने कहा, ''इसे सोमवार के लिए सूचीबद्ध कीजिए। जैसे ही पत्रकारों की ओर से पेश अधिवक्ता राजीव धवन ने यह तर्क देना शुरू किया कि हाल में हरियाणा में हमले का मामला पत्रकारों से संबंधित है, न्यायालय ने अपना आदेश दिया। मीडियाकर्मियों के एक समूह द्वारा दायर इस याचिका में ''चेतावनी दिए बिना और बिना ख्याल रखे" लाठीचार्ज करने के लिए ''दोषी पुलिसकर्मियों" को दंडित करने का आग्रह किया गया है। 
   याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकारी अधिकारियों द्वारा ''प्रेस को कुचलने" की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसमें प्रभावित पत्रकारों को ''उचित मुआवजा दिए जाने" और ऐसे निर्देश तय किए जाने का भी आग्रह किया गया है जिससे मीडिया का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से काम करना सुनिश्चित हो सके। याचिका में कहा गया है कि हिसार में पुलिस और रामपाल के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान बिना उकसावे के लाठीचार्ज के शिकार मीडियाकर्मी संविधान की धारा 19 :।: :ए: और प्रेस की स्वतंत्रता के तहत दिए गए मौलिक अधिकार के उल्लंघन पर न्याय मांगने के लिए रिट याचिका दायर कर रहे हैं। याचिका में हिसार के अतिरिक्त अन्य जगहों पर हाल में हुई ऐसी घटनाओं का भी जिक्र किया गया जिनमें मीडियाकर्मियों पर हमला किया गया। इसमें कहा गया कि यह आश्चर्यजनक है कि अपने चैनलों और स्थानीय अधिकारियों से उचित मंजूरी होने के बावजूद पुलिस द्वारा बरवाला में सतलोक आश्रम के नजदीक मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया गया। याचिका में कहा गया कि एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने पहले तो उन्हें वहां जाने की अनुमति दे दी, लेकिन बाद में लाठीचार्ज कर दिया गया।

6:28 PM | 0 comments | Read More

'काली भेडों' के चेहरे स्पष्ट : कांग्रेस करेगी कार्रवाई : तंवर

    सिरसा।। आपसी कलह के चलते हरियाणा में कांग्रेस की लुटिया डुबोने वाली 'काली भेड़ों' पर कार्रवाई करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने तैयारी शुरू कर ली है, जिन पर 29 नवंबर को होने वाली जींद बैठक पर निर्णय लिया जा सकता है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर द्वारा दिए गए संकेत से कांग्रेस की ''काली भेडे" अगल-बगल में झांकने लग गई है। 29 नवंबर को जींद में होने वाली कांग्रेस की बैठक में कांग्रेस के सभी विधायक व संगठन से जुड़े कांग्रेसीजन भाग लेंगे। डॉ. तंवर के अनुसार इस बैठक में पार्टी की आगे रणनीति बनाने, कांग्रेस की काली भेड़ों पर कार्रवाई तथा पार्टी में रह गई कमियों को दूर करके आगे का रोड़ मैप तैयार करने पर विचार विमर्श किया जाएगा। जींद की इस बैठक उपरांत पार्टी हर जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन करेगी तथा सरकार की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। कांग्रेस नई भाजपा सरकार को कुछ समय देने की सोच रखती है, ताकि भाजपा किए गए वायदों पर खरा उतर सके। यदि भाजपा सरकार जनता से किए गए वायदों पर खरा नहीं उतरेगी, तो कांग्रेस को आंदोलन व संघर्ष की राह पकडऩी होगी। कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर स्वीकार चुके है कि कांग्रेस की पराजय के साथ-साथ कांग्रेस की ''काली भेडों" के चेहरे सामने आ चुके है और पार्टी ऐसी ''काली भेडों" पर किसी भी क्षण कार्रवाई कर सकती है। तंवर दावा करते है कि संगठन की मजबूती के लिए ''काली भेडों" से छुटकारा पाना मुश्किल है।
5:29 PM | 0 comments | Read More

3 सालों में 30 एयरक्राफ्ट हुए दुर्घटना के शिकार - पारिकर

     नई दिल्ली।। रक्षा मंत्री मनोहर  पारिकर ने बताया है कि पिछले तीन सालों में भारतीय वायुसेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस दौरान 30 फाइटर एयरक्राफ्ट हादसों का शिकार हुए हैं। इनमें पायलट्स समेत कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। पॢरकर ने राज्यसभा में दिए लिखित बयान में कहा कि हर हादसे या घटना की बारीकी से जांच होती है ताकि असली वजह का पता लगाया जा सके। इन घटनाओं के पीछे अब तक जो वजहें सामने आई हैं, उनमें मानवीय भूल और तकनीकी खामियां प्रमुख हैं। पारिकर ने बताया कि साल 2011-12 में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हुई और हमने 13 एयरक्राफ्ट खोए। 
   2012-13 और 2013-14 में 6-6 एयरक्राफ्ट हादसों का शिकार हुए। इसके साथ ही जारी वित्त वर्ष में अभी तक 5 एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इन हादसों के अलावा 2011-12 और 2013-14 में एयर फोर्स के दो हेलिकॉप्टर्स बचाव और राहत कार्यों के दौरान नष्ट हो गए। उन्होंने बताया कि इन हादसों की वजह से पिछले 3 साल में देश को 1,161. 50 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।
4:17 PM | 0 comments | Read More

सुप्रीम कोर्ट करेगा मीडियाकर्मियों पर लाठी चार्ज मामले की सुनवाई

    नई दिल्ली।। हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम से रामपाल की गिरप:तारी से जुड़ी पुलिसिया कार्रवाई में मीडियाकर्मियों पर लाठी चार्ज मामले में हरियाणा सरकार की परेशानियां बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दाखिल याचिका की सुनवाई के लिए तैयार है। इस मामले पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। उल्लेखनीय है कि सतलोक आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी से जुड़ी पुलिसिया कार्रवाई में पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें कई पत्रकार घायल हो गए थे। 
   बिना किसी वजह के पुलिस ने मीडियाकर्मियों  पर लाठी चार्ज किया। उनके कई कैमरे और कीमती सामान तोड़ दिए। इस घटना में घायल पत्रकारों ने घटना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। पत्रकारों ने मामले की जांच कराने और मुआवजे देने के लिए यह अपील की थी।
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क्या विपक्ष को भी कालेधन पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है ?

    कालेधन के मुद्दे पर संसद में ज्यादातर पार्टियों ने वाकआउट किया. यह देख कर लगता है कि सचमुच भारत बदल गया है. अगर बदला नहीं तो यह कैसे संभव है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस स्कैम पार्टी कालेधन को लेकर इतनी चिंतित दिखाई दे रही है. उनकी चिंता तो लिस्ट में शामिल नामों से होना चाहिए. कालेधन की आड़ में सरकार को घरने में सबसे आगे वो पार्टियां रहीं जिसे देश की जनता “ईमानदार” मानती है. कालेधन पर चिंतित पार्टियों में लालू यादव की राष्ट्रीय जनता चारा दल, मुलायम सिंह की समाजवादी डीए पार्टी और मायावती की बहुजन समाज ताज कोरिडोर पार्टी और तो और संसद की नई छाता पार्टी यानि ममता दीदी वाली तृणमूल शारदा पार्टी शामिल है. सबसे मजेदार बात यह है कि इन सब पार्टियों की एक रेनबो यानि इंद्रधनुषी गठजोड़ बनाने की कोशिश है जो कालेधन पर सरकार पर मिलजुल कर हमला करना चाहती है. लेकिन जलेबी की तरह गोल गोल दलील देने वाले अरुण जेटली ने अपने जवाब को इतना टेक्निकल बना दिया कि उनकी बातें किसी के पल्ले नहीं पड़ी. शायद वाकआउट की असल वजह यही रही होगी. कई लोगों ने चैनल भी बदल दिया.
   संसद में देश के "ईमानदार" नेता यही पूछ रहे हैं कि कालाधन वापस कब आएगा. इन पार्टियों का आरोप है कि कालेधन के मामले पर बीजेपी ने लोगों को धोखा देकर जनता से वोट लिए इसलिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस पार्टी की यह नासमझी है कि उन्हें लगता है कि सिर्फ कालेधन के मुद्दे की वजह से पार्टी लोकसभा चुनाव हारी है. इन दलों को अब तक साधारण सी बात समझ में नहीं आई है कि इनकी राजनीति, इनके भाषण, इनकी विचारधारा और इनके तरीके से भारत लोग उब चुके हैं. ये लोग जनता की नजरों को खटकते हैं. लोग इन्हें देखना नहीं चाहते हैं. लेकिन ये राजनीतिक दल है और चुनाव जीत कर संसद में आएं हैं. इसलिए सरकार पर हमला करना उनका अधिकार है.
   लेकिन अब ये समझ में नहीं आ रहा है कि ये लोग चुनाव में हार का बदला लेने के लिए सरकार को घेर रहे हैं या फिर सचमुच कालेधन को लेकर चिंतित हैं. इनकी बातों से यही जाहिर होता है कि इन राजनीतिक दलों की चिंता कालेधन को वापस लाने की नहीं है बल्कि राजनीति से प्रेरित है. वो अपने अस्तित्व को लेकर चिंतित हैं. एक के बाद एक चुनाव हो रहे हैं. विधानसभा चुनावों में एक के बाद एक राज्य बीजेपी के खाते में जा रहा है. इन स्कैम, चारा, डीए ताज और शारदा वाली पार्टियां इस बात से परेशान है कि लोकसभा तो गया सो गया अब राज्यसभा में भी इनकी ताकत खत्म हो रही है और सबसे परेशानी वाली बात यह कि वो अपने ही गृह राज्यों में हाशिये पर जाने लगे हैं. गैर-बीजेपी पार्टियां इस बात पर एकमत है कि अगर मोदी को नहीं रोका गया तो एक एक करके सब खत्म हो जाएंगे. यही वजह है कि हर मुद्दे पर सारा विपक्ष एक साथ नजर आ रहा है.. और आगे एक साथ नजर आते रहेंगे.
    अब सवाल यह है कि क्या विपक्ष के हमले का कोई वैचारिक और सैद्धांतिक आधार है. चाहे वो मसला कालेधन का हो.. इंशोरेंस बिल का हो.. एफडीआई का हो.. विदेश नीति का हो.. या फिर कोई और हो.. क्या विपक्षी पार्टियों के पास कोई विकल्प या सुझाव है या फिर सिर्फ विरोध करने के लिए ये पार्टियां विरोध कर रही हैं. दरअसल, बीजेपी का विरोध सिर्फ और सिर्फ नव-उदारवाद के विरोध के जरिए ही संभव है. लेकिन नव-उदारवाद को भारत में लाने वाली पार्टी तो कांग्रेस है.. निजीकरण की शुरुआत करने वाली भी कांग्रेस ही है.. नव-उदारवाद को फैलाने वालों में ये सारी पार्टियां शामिल है. निजीकरण की नीतियों को यही टायर्ड एंड रिटायर्ड नेताओं ने समय समय पर मंत्री व मुख्यमंत्री बनकर पाला पोसा है. इसलिए आज इनके पास विरोध करने का नैतिक आधार भी नहीं है. इन राजनीतिक दलों को लोगों का फिर से विश्वास जीतने के लिए और खासकर के युवाओं का समर्थन लेने के लिए अपना चाल चरित्र और चेहरा बदलाना होगा.
    जहां तक बात सरकार की है तो यह बात सही है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने चुनाव के दौरान सौ दिनों में कालेधन को वापस लाने का आश्वासन दिया था. ये बात भी सही है कि इस तरह का आश्वासन बीजेपी के अलावा किसी और पार्टी ने नहीं दिया था. भारतीय जनता पार्टी पर यह आरोप भी सही है कि उन्होंने वादा करके पूरा नहीं किया. समझने वाली बात यह है कि देश की जनता बीजेपी के इस वादे से वाकिफ है. मीडिया में बहस के जरिए देश की जनता पूरे मामले की जानकारी भी है. इसलिए इस बात का फैसला भी जनता ही करेगी कि भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार की नीयत क्या है? क्या सचमुच सरकार कालेधन को लाने की कोशिश कर रही है? या कालेधन को छिपाना चाहती है?
    केंद्र सरकार के कामकाज पर जनता का फैसला तो पांच साल बाद आएगा लेकिन जहां तक बात विपक्ष में बैठी कुंठित राजनीति दलों की है तो दो राज्यों में चुनाव हो रहे हैं.. देखना ये है कि कालेधन को मुद्दा बना कर सरकार को घेरने वाली पार्टियों को जनता कितने सीटें देती है. प्रजातंत्र में जनता ही सुप्रीम होती है.. जनता का फैसला ही आखरी फैसला है.
 
 
(Manish Kumar)
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राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या में 8 प्रतिशत की वृद्घि

    जयपुर।। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार पर्यटन सत्र की शुरूआत में ही राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्घि देखी गई है। पर्यटन विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने आज बताया कि नवीनतम आंकड़ों के अनुसार - जनवरी से सितम्बर 2014 तक घरेलू पर्यटकों की संख्या में विशेष वृद्घि दर्ज की गई है। उन्होने बताया कि इस अवधि के दौरान गत वर्ष आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या 246.40 लाख थी, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 266.13 लाख हो गई है। सिंह ने कहा कि नवीनतम आंकड़े के अनुसार 8.01 प्रतिशत वृद्घि हुई है। इस अवधि के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी 8.69 फीसदी वृद्घि दर्ज की गई है। गत वर्ष इस अवधि में राज्य में आने वाले विदशी पर्यटकों की संख्या 9.38 लाख थी, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 10.20 लाख हो गई है। सिंह ने बताया कि यदि केवल सिंतम्बर माह के आंकडें देखे जाएं तो इस माह में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी स्पष्ट वृद्घि हुई है। 
   उन्होंने बताया कि गत वर्ष सितम्बर माह में राजस्थान आए 68.04 लाख घरेलू पर्यटकों की तुलना में सिंतम्बर 2014 में 73.15 लाख घरेलू पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है। यह 7.52 फीसदी वृद्घि दर्शाता है। पर्यटन निदेशक के अनुसार राज्य में गत वर्ष सिंतम्बर में आए 84.72 हजार विदेशी पर्यटकों की तुलना में सिंतम्बर 2014 में 90.87 हजार विदेशी पर्यटक अधिक आए है। यह 7.26 फीसदी वृद्घि दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पर्यटन उद्योग को बढावा देने और पर्यटकों को सुविधाए बढाने के लिए नई पर्यटन नीति बनाई जा रही है जिससे राज्य में पर्यटन को और प्रोत्साहन मिलेगा।
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अदालत ने एमसीडी को लगाई फटकार, कहा: ऐसे स्वच्छ भारत अभियान सफल नहीं होने जा रहा

   नई दिल्ली।। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज दिल्ली नगर निगम को अपना काम ठीक से नहीं करने के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरीके से स्वच्छ भारत अभियान सफल नहीं होने जा रहा है। न्यायमूर्ति बदर दुर्रेज अहमद और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की पीठ ने डिपार्टमेंट ऑफ एन्वायरनमेंट मैनेजमेंट सर्विसेज :डीईएमएस: के निदेशक को निर्देश दिया कि वह 8 दिसंबर को अदालत में उपस्थित हों और सफाई कर्मचारियों की स्थिति के बारे में सूचित करें। पीठ ने कहा, ''नगर निगम अपना काम नहीं कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों को जो काम सौंपा गया है उन्हें उसे करना चाहिए और राजनैतिक एजेंट नहीं बनना चाहिए। अगर वे अपना काम नहीं कर रहे हैं तो उन्हें क्यों नियुक्त किया गया है।
    पीठ ने कहा, ''अगर हरेक नगर क्षेत्र में सफाई कर्मचारी पदस्थापित हैं तो सफाई क्यों नहीं है। इस तरह से स्वच्छ भारत अभियान सफल नहीं होने जा रहा है। सुनवाई के दौरान नगर निगम के वकील ने स्थिति रिपोर्ट सौंपी जिसमें संकेत दिया गया कि प्रत्एक निगमों में 50 हजार से अधिक सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं। उन्होंने अदालत को यह भी सूचित किया कि बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था है ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि वे ड्यूटी पर मौजूद हैं। पीठ ने कहा, ''सफाई कर्मचारी इसे नौ से पांच का काम समझते हैं। अगर आप किसी निजी संगठन में होते तो कर्मचारियों को प्रत्एक समय सफाई में तैनात रहना पड़ता है। नगर मजिस्ट्रेट से अपेक्षा की जाती है कि वे कर्मचारियों द्वारा की गई सफाई की जांच करें और उसकी निगरानी करें। निगम की दलीलों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को सुनवाई की अगली तारीख पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
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बच्चों के खिलाफ अपराध बिल्कुल बर्दाश्त नहीं - अदालत

    नई दिल्ली।। एक स्थानीय अदालत ने एक किशोर से अप्राकृतिक यौनाचार की कोशिश के बाद उसकी गला घोंट कर हत्या किए जाने के मामले में दो लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने बच्चों से यौन उत्पीडऩ किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका का रूख ऐसे अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने का है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लॉउ ने 14 वर्षीय किशोर से अप्राकृतिक यौनचार की कोशिश करने और उसकी हत्या करने के सिलसिले में दिल्ली निवासी सुनील :25: और फहीम :22: को उम्र कैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने कहा, ''बच्चों के साथ गलत काम करने वाले जान लें कि भारत में न्याय प्रणाली इसके प्रति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने का रूख रखती है और पागलपन का सिर्फ एक लम्हा उन्हें आजीवन सलाखों के पीछे धकेल सकता है।
    उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के यौन उत्पीडऩ के देर से दर्ज होने वाले मामले बढ़ रहे हैं जिनमें अप्राकृतिक यौनचार भी शामिल है। चाहे लड़का हो या लड़की, वे एक जैसी ही मानसिक पीड़ा का सामना करते हैं। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक...एक लाख रूपए का जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिया कि पीडि़त के पिता को मुआवजे के रूप में यह रकम अदा की जाए। अदालत ने सुनील और फहीम को दोषी ठहराते हुए कहा कि दोषियों का मकसद किशोर से अप्राकृतिक यौनाचार करना था लेकिन उसके सख्त प्रतिरोध के कारण जब उनकी कोशिश नाकाम हो गई तो उन्होंने उसे मार डाला। न्यायाधीश ने इस बात का जिक्र किया कि ए दोनों लोग किशोर के मित्र थे। ''दुर्भाग्य से यह अपराध उन्होंने किया जो बच्चे के करीबी थे और उसके परिचित थे। किशोर जहांगीरपुरी इलाके का रहने वाला था और घटना सात नवंबर 2012 की है।
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धोखाधड़ी मामले में ट्रैवल एजेंट को तीन साल की जेल

    नई दिल्ली।। एक अदालत ने करीब 18 साल पहले काम के सिलसिले में विदेश भेजने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाने वाले एक ट्रैवल एजेंट की तीन साल जेल की सजा बरकरार रखी है। निचली अदालत का आदेश बरकरार रखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश इना मल्होत्रा ने दोषी ठहराए गए बलबीर सिंह की अपील खारिज कर दी। बलबीर सिंह अपने दो सहयोगियों के साथ दक्षिण दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके में एक ट्रैवल एजेंसी चलाता था। न्यायाधीश ने कहा, ''......एक अन्य आरोपी के यहां से दस्तावेज (पासपोर्ट और यात्रा से जुड़े कागजात) बरामद होने भर से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि लोगों को धोखा देने की साजिश में वह :बलबीर: शामिल नहीं था। दरअसल इस पूरे मामले में उसकी मुख्य भूमिका लगती है।
    न्यायाधीश ने यह भी कहा कि दोषी के दफ्तर से जिन लोगों के पासपोर्ट बरामद किए गए हैं उन्होंने भी अदालत में गवाही दी है कि बलबीर और सह-आरोपी कुलवंत तथा बलवंत ने उनसे धोखाधड़ी की। कुलवंत और बलवंत की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। राजनारायण नाम के एक शख्स की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एक अखबार में छपे एजेंसी के एक विज्ञापन को देखने के बाद राजनारायण ने बलबीर से संपर्क साधा था। अपनी मेडिकल जांच सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राज ने बलबीर के इस वादे पर 35,000 रूपए का भुगतान किया कि उसे नौकरी के लिए कुवैत या दुबई भेजा जाएगा। राज जब अपने काम में हुई प्रगति का पता लगाने के लिए एजेंसी के दफ्तर गया तो उसने पाया कि उससे धोखाधड़ी की गई है और तीनों एजेंट उसके पैसे लेकर भाग गए हैं।
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गुजारा...भत्ता पर फैसला देते समय पर आय के सबूत पर भी विचार करें - अदालत

    नई दिल्ली।। सत्र न्यायालय ने यहां की एक निचली अदालत से कहा है कि गुजारा भत्ता के मामले में अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। अदालत ने कहा कि इस व्यक्ति की आय के साक्ष्य पर विचार किए बगैर ही उसे पूर्व पत्नी और बच्चे को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ नवल किशोर की अपील पर यह आदेश दिया। निचली अदालत ने नवल किशोर को आदेश दिया था कि वह अपनी पूर्व पत्नी रेखा को 2500 रूपए प्रति महीने और अपने बेटे को एक हजार रूपए प्रति महीने का भुगतान करे। 
   न्यायाधीश ने कहा, ''निचली अदालत को आदेश दिया जाता है कि याचिकाकर्ता की आय पर हलफनामा लेने के बाद गुजारा भत्ता की राशि तय की जाए और पक्षों की आय के सिलसिले में तर्क पर गौर किया जाए। किशोर ने अपील में दावा किया था कि निचली अदालत ने आय के हलफनामे पर और उनकी तरफ से दिए गए संबंधित दस्तावेजों पर गौर नहीं किया। उसका कहना था कि उसकी कुल आय प्रति महीने 3500 रूपए से कम है और रेखा तथा बच्चे को इतना गुजारा...भता देना असंभव है। किशोर ने अदालत से कहा कि रेखा ने अलग होने के करीब सात वर्ष बाद 2013 में गुजारा भत्ता के लिए आवेदन दिया था।
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बच्चों को बार-बार लगती है नजर तो कर सकते हैं ये 5 आसान उपाय

    हमारे समाज में नजर लगने की मान्यता काफी पुरानी है। ऐसा माना जाता है कि जब किसी को नजर लगती है वह असहज हो जाता है जैसे यदि किसी बच्चे को नजर लगती है वह रोने लगता है, उसका बदन तपने लगता है, वह चिड़चिड़ा हो जाता आदि। जानिए क्यों व कैसे लगती है किसी की नजर-
जानिए क्यों लगती है नजर:-
    नजर लगना। हम यह शब्द बचपन से सुनते आ रहे हैं। नजर लगना सिर्फ मन की भ्रांति नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक क्रिया है। विज्ञान के अनुसार शरीर में विद्युत तरंगें होती है। इन विद्युत तरंगों से किसी प्रकार से बाधित होने पर शरीर लकवे का शिकार हो जाता है अत: शरीर की विद्युतीय तरंगता से नजर लगने का सीधा संबंध है।
    बड़ों की तुलना में बच्चों को अधिक नजर लगती है क्योंकि बच्चों का शरीर कोमल होता है तथा उनके शरीर में विद्युतीय क्षमता बड़ों की तुलना में कम होती है। यदि कोई बच्चों को एकटक देखता रहता है तो उसकी नजरों की ऊर्जा बच्चे की ऊर्जा को प्रभावित करती है। जिसके कारण बच्चा अनमना या बीमार हो जाता है। बुरी नजर से बचने के लिए ही बच्चों को काला टीका लगाया जाता है या काला धागा पहनाया जाता है।
   इसका भी वैज्ञानिक कारण है। विज्ञान भी यह मानता है कि काला रंग ऊष्मा का अवशोषक है। अत: जब बच्चे को काला टीका या काला धागा बांधा जाता है तो वह किसी भी प्रकार की ऊष्मा (बुरी नजर) को बच्चों में प्रवेश नहीं करने देता तथा स्वयं ही अवशोषित कर लेता है। इसी वजह से बच्चों को नजर नहीं लगती।
ये हैं नजर उतारने के उपाय :
1- नजर लगे व्यक्ति को लिटाकर फिटकरी का टुकड़ा सिर से पांव तक सात बार उतारें। ध्यान रखें हर बार सिर से पांव तक ले जाकर तलवे छुआकर फिर सिर से घुमाना शुरु करें। इस फिटकरी के टुकड़े को कंडे (गोबर के उपले) की आग पर डाल दें।
2- यदि बच्चे को नजर लगी हो और वह दूध नहीं पी रहा हो तो थोड़ा दूध एक कटोरी में लेकर बच्चे के ऊपर से सात बार उतार कर काले कुत्ते को पिला दें। बच्चा दूध पीने लगेगा।
3- राई के कुछ दाने, नमक की सात डली और सात साबुत डंठल वाली लाल सूखी मिर्च बाएं हाथ की मुट्‌ठी में लेकर नजर लगे व्यक्ति को लिटाकर सिर से पांव तक सात बार उतारा करें और जलते हुए चूल्हे में झोंक दें। यह टोटका अनटोका करें। यह कार्य मंगलवार व शनिवार के दिन करें तो बेहतर रहता है।
4- एक रोटी बनाएं और इसे एक तरफ से ही सेकें, दूसरी तरफ से कच्ची छोड़ दें। इसके सेकें हुए भाग पर तेल या घी लगाकर नजर लगे व्यक्ति के ऊपर से सात बार उतार कर किसी चौराहे पर रख आएं।
5- एक साफ रुमाल पर हनुमानजी के पांव का सिंदूर लगाएं और इस रुमाल पर दस ग्राम काले तिल, दस ग्राम काले उड़द, एक लोहे की कील, तीन साबूत लाल मिर्च लेकर उसकी पोटली बना लें। जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सिरहाने यह पोटली रख दें। चौबीस घंटे के बाद यह पोटली किसी नदी या बहते हुए जल में बहा दें। यह बहुत ही प्रभावशाली टोटका है।

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दुनिया का दूसरा सबसे लंबा बिजली पारेषण टावर पश्चिम बंगाल में

   हल्दिया/पश्चिम बंगाल।। दुनिया का दूसरा सबसे लंबा बिजली पारेषण टावर पश्चिम बंगाल में हल्दिया एनर्जी लिमिटेड (एचईएल) ने स्थापित किया है।
    ए 236 मीटर लंबे दो टावर एचईएल के हल्दिया संयंत्र तथा हुगली नदी के दूसरी और राइछक में स्थापित किए गए हैं। ए देश में सबसे उूंचे टावर हैं। इन टावरों का वजन।,800 टन है। दुनिया का सबसे उूंचा पारेषण टावर (370 मीटर) माउंट दामाओशान (चीन) में है।

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भारत ने चीन की कंपनियों से विनिर्माण इकाइयां लगाने को कहा

    नई दिल्ली।। भारत ने चीन की कंपनियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए उनसे यहां विनिर्माण इकाइयां लगाने को कहा है। इससे दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को कम किया जा सकेगा, जो 2013-14 में 36 अरब डालर पर पहुंच गया है।
    औद्योगिक नीति एवं संवद्र्धन विभाग :डीआईपीपी: में सचिव अमिताभ कांत ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता जताते हुए कहा कि चीन की कंपनियों के लिए भारत में अपनी विनिर्माण इकाइयां लाने के लिए काफी संभावनाएं हैं।
    कांत ने कहा, ''यह महत्वपूर्ण है कि चीन की कंपनियां यहां निवेश करने आएं, क्योंकि व्यापार असंतुलन को दीर्घावधि में झेला नहीं जा सकता। इस कारोबार को करना तब तक मुश्किल होगा जब तक कि चीन की कंपनियां अपनी विनिर्माण इकाइयों को यहां नहीं लाती हैं और भारत से वैश्विक बाजार में नहीं पहुंचती हैं। वह फिक्की की भारत-चीन व्यापार सहयोग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कामर्स कंपनी अलीबाबा के संस्थापक जैक मा भी इस मौके पर मौजूद थे।
    भारत चीन व्यापार 2013-14 में 65.85 अरब डालर रहा है। चीन से भारत का आयात जहां 51.03 अरब डालर रहा, वहीं भारत से चीन को निर्यात 14.82 अरब डालर रहा। कांत ने कहा कि भारत सरकार ने कारोबारी माहौल को सुधारने तथा व्यापार में सुगमता के लिए कई कदम उठाए हैं।
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एशिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय बाजार बना भारत, 1.4 अरब डालर हुआ एफआईआई निवेश: एचएसबीसी

   नई दिल्ली।। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी एचएसबीसी की एक रपट के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने नवंबर में एशियाई इक्विटी बाजार के प्रति भरोसा जताते हुए इस क्षेत्र में अब तक 5.3 अरब डालर का निवेश किया जिसमें से भारत में 1.4 अरब डालर का निवेश किया गया।
    वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी, एचएसबीसी के मुताबिक लगातार दो महीने की बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई शेयर बाजारों के प्रति अपना भरोसा जताया और सभी बाजारों में नवंबर के दौरान पूंजी प्रवाह हुआ।
    एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में चीन सबसे लोकप्रिय बाजार के तौर पर शीर्ष पर रहा और भारत दूसरे जबकि थाइलैंड तीसरे स्थान पर रहा।
    एचएसबीसी ने कहा कि 24 नवंबर तक इस क्षेत्र में कुल 5.3 अरब डालर का निवेश हुआ। हालांकि सभी बाजारों में सकारात्मक प्रवाह हुआ लेकिन सबसे अधिक ताइवान और भारत में सबसे अधिक क्रमश: 2.3 अरब डालर और 1.4 अरब डालर का पूंजी प्रवाह हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल अब एशियाई शेयर बाजारों में 38.7 अरब डालर का निवेश किया है।
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सरकार काला धन वापस लाने का वादा पूरा करे या माफी मांगे - विपक्ष

    नई दिल्ली।। काले धन के मुद्दे पर आज विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर हमला बोला वहीं कांग्रेस ने कहा कि सरकार को इस बारे में चुनाव के पहले किए गए वादों को पूरा करना चाहिए या लोगों से माफी मांगनी चाहिए। विदेशों में काला धन वापस लाने के मुद्दे पर उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा की शुरूआत करते हुए कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भाजपा नीत सरकार पर आरोप लगाया कि जब वह विपक्ष में थी तो उसने चुनाव के दौरान देश में काला धन वापस लाने के संदर्भ में किए गए लंबे चौड़े वायदे किए और 100 दिनों के भीतर कालाधन वापस लाने का वादा कर लोगों को गुमराह किया। शर्मा ने चुनाव से पूर्व के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषणों का हवाला दिया जब मोदी भाजपा के चुनावी अभियान की अगुवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा, '' अपने चुनावी भाषणों में मोदी ने कहा था कि विदेशी में काला धन करीब 85 लाख करोड़ रूपया है। उन्होंने कहा था कि विदेशों में जमा काला धन पांच केन्द्रीय बजट के बराबर है जिससे हर भारतीय के बैंक खातों में 15 .. 15 लाख रूपए जमा कराए जा सकते हैं।
    उन्होंने कहा कि लेकिन अब सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री का रूख बदल गया है और अब काले धन की मात्रा के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार का रूख एकदम उलट गया है। भाजपा के चुनावी नारे पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि 'अच्छे दिन' आ गए हैं और लोग अपने बैंक खातों में 15 लाख डाले जाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि अगर वे सत्ता में आए जो 100 दिनों के भीतर काले धन को देश में वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की वजह से बैंकों की गैर निष्पादक आस्तियां :एनपीए: बढ़ी हैं उन्हें ही और कर्ज दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार हरकत में आए और अपने किए वायदों को पूरा करे और अगर नहीं कर सकते तो लोगों को इस बारे में बताएं।
    भाजपा के विजय गोयल ने कहा कि कांग्रेस कालाधन के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर रही है जबकि उसने इस मुद्दे पर खुद कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे पर राजग सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें जानना चाहिए कि इस सरकार को सत्ता में आए महज छह महीने हुए हैं और लोगों को किए गए वायदों को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस से जानना चाहा कि कैसे ए काला धन विदेशों में जमा हुआ जबकि ज्यादातर समय वही सत्ता में थी। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा कहे जाने के बावजूद संप्रग सरकार ने कालाधन पर विशेष जांच दल :एसआईटी: का गठन नहीं किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही इस एसआईटी को गठित कर देश को यह संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। 
   सपा के रामगोपाल यादव ने जानना चाहा कि क्या सरकार को पता है कि विदेशी बैंकों में कितना काला धन जमा है। उन्होंने कहा कि काला धन देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहा है और सरकार को विगत छह महीने में इस संबंध में क्या किया है वह बताए। उन्होंने कहा कि राजग अब सरकार में है और उसे लोगों से किए अपने वादे को पूरा करना चाहिए और ऐसा नहीं करने का नतीजा सुखद नहीं होगा। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने भाजपा पर अरबों डॉलर का चुनाव प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार का काले धन को वापस लाने का कोई इरादा नहीं है।

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मोदी की लोकसभा सीट पर 3 लाख फर्जी वोटर मिले

     नई दिल्ली।। प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी की लोकसभा सीट वराणसी में 3 लाख से अधिक फर्जी वोटर पकड़ाए गे हैं। संसदीय सीट से पीएम मोदी ने 371784 वोटों से जीत हासिल की है, वहां 311057 फर्जी मतदाता मिले हैं। इसकी गिनती अभी चल रही है और जिला प्रशासन का अनुमान है कि फर्जी वोटरों की संख्या 647085 जा सकती है। फर्जी वोटरों की इतनी बड़ी संख्या पहली बार बनारस में पता चली है। इन बड़ी तादाद में फर्जी वोटरों का पता तब चला जब चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण अभियान शुरू किया। 
   जिले के सभी पोङ्क्षलग केंद्रों पर तैनात किए गए बूथ लेवल ऑफिसरों से हर घर जाकर वोटरों का सत्यापन करवाने के बाद इन फर्जी वोटरों का खुलासा हुआ। बनारस सीट पर हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आम आदमी पार्टी के अरङ्क्षवद केजरीवाल को 371784 वोटों के अंतर से हराया था। इस खुलासे पर आम आदमी पार्टी ने नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लेते हुए तीखी आलोचना की है।
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43 देशों के लिए ईवीजा सुविधा की शुरूआत आज से

    नई दिल्ली।। इस्राइल, फलस्तीन, जर्मनी और अमेरिका सहित 40 देशों से आने वाले आगंतुक कल से बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रानिक वीजा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। पर्यटन मंत्रालय के एक अधिकारी ने आज बताया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा कल यहां आईटीडीसी संचालित होटल अशोक में 43 देशों के लिए ईवीजा सुविधा की शुरूआत करेंगे। पहले चरण में रूस, ब्राजील, थाईलैंड, यूएई, यूक्रेन, जार्डन, नार्वे और मॉरिशस सहित अन्य देशों के लिए ईवीजा सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही वर्तमान समय में आगमन पर वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले देशों दक्षिण कोरिया, जापान, फिनलैंड, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया, म्यांमार, वियतनाम और लाओस भी ईवीजा सुविधा के दायरे में आ जाएंगे। 
   अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान, सूडान, अफगानिस्तान, ईरान, इराक, नाइजीरिया, श्रीलंका और सोमालिया जैसे कुछ देशों को छोड़कर सभी देशों को चरणबद्ध तरीके से ईवीजा सुविधा में शामिल किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, ''मैक्सिको, केन्या और फिजी को भी यह सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है...हम भारत को 365 दिन के गंतव्य के रूप में प्रोत्साहित कर रहे हैं। कई देशों में इस संबंध में अतुल्य भारत रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। ईवीजा पाने के लिए लोगों को तय शुल्क के साथ निर्धारित वेबसाइट पर आवेदन करना होगा और उन्हें 96 घंटों के अंदर इलेक्ट्रानिक वीजा मिल जाएगा।
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जाने क्या है स्तंभन दोष ? (Erectile Dysfunction)

   स्तंभन दोष या नपुंसकता एक प्रकार का यौन अपविकास है। यह संभोग के दौरान शिश्न के उत्तेजित न होने या उसे बनाए न रख सकने के कारण पैदा हुई यौन निष्क्रियता की स्थिति है। इसके मुख्य जैविक कारणों में हृदय और तंत्रिकातंत्र संबंधी बिमारियाँ, मधुमेह, संवेदनामंदक पदार्थों के दुष्प्रभाव आदि शामिल हैं। मानसिक नपुंसकता शारीरिक कमियों की वजह से नहीं बल्कि मानसिक विचारों और अनुभवों के कारण पैदा होती है।
लक्षण
स्तंभन दोष के लक्षण को कई प्रकार से परखा जा सकता है :
   कुछ अवसरों पर पूर्ण स्तंभन का प्राप्त होना, जैसे सोने के समय (जब व्यक्ति की मानसिक या मनोवैज्ञानिक समस्याएँ अपेक्षाकृत अनुपस्थित होती हैं), दर्शाता है कि व्यक्ति की शारीरिक संरचनाएँ सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं। यह संकेत है कि समस्या शारीरिक से अधिक मानसिक है।
   व्यक्ति में बहुमूत्र की शिकायत भी एक कारक है जो स्तंभन में बाधा उत्पन्न करती है। मधुमेह के कारण बहुमूत्र व्यक्ति में तंत्रिकाविकृति उत्पन्न कर सकती
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जनता के फेसले पर खरा उतरने का करेंगे प्रयास-सभापती रतन खत्री

   बालोतरा।। बालोतरा नगरपरिषद में आज सभापती के पद के लिये चुनाव का आयोजन हुआ। चुनाव में भाजपा से एक ओर कांग्रेस से दो प्रत्याशियो ने पर्चे दाखिल किये थे। चुनाव में कांग्रेस के रतन खत्री ने 18 पार्षदो के मत हासिल कर भाजपा के सभापती पद के प्रत्याशी मदन चोपड़ा को एक मत से हराया। रतन खत्री दो बार पार्षद व विगत बोर्ड में प्रतिपक्ष नेता रह चुके है। रतन खत्री के नगरपरिषद के सभापती बनने से कांग्रेस के खेमे में खुशी की लहर फेल गई। नवनिर्वाचित सभापती रतनखत्री ने बताया कि शहर की मूल भूत समस्याओ का निवारण प्राथमिकता से करवाना उनका उद्देश्य रहेगा। उन्होने बताया उनको नगरपरिषद में काम करने का लंबा अनुभव है, उस अनुभव ओर साथी पार्षदो के साथ मिलकर वे बालोतरा की समस्याओ के हल निकालने में तत्पर रहेगे। रतनखत्री ने बताया कि बालोतरा की जनता ने 20 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद मे कांग्रेस पर विष्वाश जताया है वे जनता के उस विश्वाश पर खरा उतरने के प्रयास करेगे। वही कांग्रेस की चुनावी बागडोर संभालने वाले पुर्व विधाये मदन प्रतापत ने बताया कि 20 वर्षो के बाद कांग्रेस की नगरपरिषद में जीत आम आवाम की जीत है।



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झुग्गियां गिराने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला

    नई दिल्ली।। दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज में झुग्गियां गिराए जाने से नाराज कांग्रेस ने आज भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि इन झुग्गियों को गिराने के पीछे उसी :भाजपा: का हाथ है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली में वसंत कुंज के रंगपुरी हिल्स इलाके में वन विभाग ने हाल ही में कई झुग्गियां गिराई हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने यहां कहा, ''भाजपा के कहने पर वन विभाग ने इन झुग्गियों को गिराया है। ए पिछले 25 साल से यहां थीं। एक ओर तो भाजपा अवैध कालोनियों को नियमित करने और झुग्गी-बस्ती वालों को राहत देने की बात करती है लेकिन दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी में जेजे क्लस्टर गिराए जा रहे हैं।
    इस मामले में भाजपा की आलोचना करते हुए शर्मा ने यह भी कहा, ''जब भी भगवा पार्टी दिल्ली में सत्ता में आती है, गरीबों को निशाना बनाया जाता है, वे विस्थापन के शिकार बनते हैं। पार्टी ने धमकी दी है, यदि झुग्गी-बस्ती वालों को वैकल्पिक स्थान दिए बगैर वहां से हटाया गया तो कांग्रेस राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने से नहीं शर्माएगी। इसबीच कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने राज निवास के बाहर झुग्गी-बस्ती वालों के साथ मिलकर आज प्रदर्शन किया। सज्जन कुमार ने कहा, ''यदि झुग्गी-बस्ती वालों को अपनी वर्तमान जगह पर नहीं रहने दिया गया तो लाखों की संख्या में झुग्गीवासी भाजपा नेताओं के आवासों का घेराव करेंगे और दिल्ली प्रशासन इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
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भाजपा सरकार ने एक भी वायदा पूरा नहीं किया - अखिलेश

    प्रतापगढ।। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज आरोप लगाया कि केन्द्र में भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए एक भी वायदे को पूरा नहीं किया। विधायक नागेन्दर सिंह मुन्ना यादव के दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करने आए अखिलेश ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विदेशी बैंकों में जमा कालेधन को भाजपा सरकार द्वारा वापस लाए जाने में संदेह है। 
   उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और बिजली व्यवस्था में भी काफी सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था 2016 तक पूरी तरह दुरूस्त हो जाएगी। उन्होंने प्रतापगढ में एक ट्रामा सेंटर बनाने की घोषणा भी की।
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मनरेगा कानून के साथ छेड़छाड़ करना चाह रही है सरकार - जोशी

    जालंधर।। वरिष्ठ कांगे्रसी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आज यहां कहा है कि गरीबों को कम से कम 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित कराने वाले मनरेगा कानून के साथ सरकार छेडछाड करना चाह रही है। यहां मनरेगा कर्मियों के एक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी ने संवादददाताओं से कहा, ''केंद्र में जब कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग की सरकार थी तो 2005 में गरीबों को रोजगार की गारंटी दिलाने के लिए मनरेगा कानून बनाया गया। इस कानून के तहत साल में कम से कम 100 दिनों का रोजगार गरीबों को मिल रहा है। जोशी ने कहा, ''मौजूदा सरकार गरीब विरोधी है। आमजन के खिलाफ काम कर रही है। यह केवल उद्योगों और उद्योगपतियों को फायदा पहुचाना चाहती है और इसी दिशा में काम कर रही है। नरेंद्र मोदी सरकार की मंशा अमीरों को और अमीर तथा गरीबों को और गरीब बनाने की है और यही कारण है कि सरकार इस कानून के साथ छेडछाड करना चाह रही है ताकि गरीबों को 100 दिन का रोजगार न मिल सके।
    वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा, ''देश में ताकतवर को और ताकतवर तथा कमजोर को और कमजोर बनाने की सरकारी मंशा देश की तरक्की के लिए न केवल नुकसानदायक है बल्कि खतरनाक भी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जोशी ने आरोप लगाया, ''मौजूदा सरकार के आते ही मनरेगा कर्मियों को अब उनके पैसे नहीं मिल रहे हैं। कर्मियों का आरोप है कि समय से अब कभी पेमेंट नहीं होता है। सरकार की ओर से श्रमिकों का न्यूनतम भत्ता निश्चित तौर पर समय पर जारी कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया, ''पंजाब की व्यवस्था और बदतर है। यहां तो लोगों को काम ही नहीं मिल रहा है और अगर कुछ काम करते हैं तो उनका भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। राज्य सरकार को इसे पूरी तरह से प्रदेश में लागू करना चाहिए और लोगों को रोजगार देना चाहिए।
    कांग्रेस नेता ने बताया कि मनरेगा कानून गरीबों और वंचितों को रोजगार देने और उनकी जरूरतों को उनके घर में ही पूरा करने के उद्देश्य से बनाया गया था ताकि उनको उनका हक मिल सके। जब उनसे यह पूछा गया कि आप मंत्री भी रह चुके हैं और आपके अपने निर्वाचन क्षेत्र भीलवाडा से हर साल लगभग 150 या उससे अधिक परिवार 'भोजन, पानी और काम' के अभाव में विस्थापित होकर जीविका के लिए जालंधर आते हैं और फ्लाई ओवर के नीचे अपना गुजारा करते हैं, तो जोशी ने कहा, ''मैं आपको पहले भी कह चुका हूं कि आप इस बारे में भीलवाडा के कलेक्टर से पूछिए। एक साल पहले भी आपने इस बारे में मुझसे पूछा था और तब भी मैंने यही कहा था फिर आप दोबारा यह प्रश्न आप क्यों कर रहे हैं। इससे पहले मनरेगाकर्मियों ने सम्मेलन में जोशी ने केंद्र सरकार से 100 दिन के बदले 250 दिन रोजगार दिए जाने की मांग की।
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पेट्रोल पंप के मालिक से ‘D’ कंपनी ने मांगी 2 करोड़ की फिरौती


   नई दिल्ली।। कॉल आने पर किसी मोबाइल की रिंगटोन एक जैसी आवाज में बजती है, लेकिन कभी-कभी यही कॉल फोन रिसीव करने वाले का होश उड़ा देती है। ऐसी ही एक कॉल ने पेट्रोल पंप के मालिक भवेश यादव के चेहरे का रंग गायब कर दिया। कॉलर ने बताया कि वह ‘D’ कंपनी से ‘भाई’ बोल रहा है। दो करोड़ का इंतजाम किया जाए वरना गोली मार देंगे। बिजनसमैन भवेश यादव ने फौरन शालीमार बाग पुलिस को इत्तला दी। तफ्तीश कर रही पुलिस के मुताबिक कॉलर पहाड़गंज इलाके का है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है।
   19 नवंबर की रात दी गई तहरीर में भवेश ने कहा है कि उनकी रिहाइश शालीमार बाग में है। वह आजादपुर में एक पेट्रोल पंप चलाते हैं, जबकि सोनीपत में स्कूल और कॉलेज हैं। वह रात तकरीबन 8 बजे काम से घर लौटे थे, तभी उनके फोन की घंटी बज उठी। कॉलर ने दो हफ्ते के भीतर दो करोड़ रुपयों का इंतजाम करने के लिए कहा। भवेश के मुताबिक कॉलर बिल्कुल मुंबइया अंदाज में बोल रहा था, लिहाजा डरकर उन्होंने फोन काट दिया।
   इसके बाद कॉलर ने बैक टु बैक कई कॉल की। फोन उठाने पर उसने फिर अंडरवर्ल्ड डॉन के लहजे में कहा, ‘अबे! D कंपनी से बोल रहा हूं, समझा D कंपनी। अब ज्यादा दिमाग मत चला और 2 करोड़ का इंतजाम कर।’ सवाल पूछने पर कॉलर ने कहा कि वह D कंपनी से ‘भाई’ बोल रहा है।
   तफ्तीश में जुटी पुलिस ने कहा है कि फिरौती मांगने के बाद से ही कॉलर ने फोन बंद कर दिया है। कॉलर की आखिरी लोकेशन पहाड़गंज दर्ज की गई है। इसके बाद से उसने दोबारा फोन ऑन नहीं किया। पुलिस ने बताया कि कॉलर के फोन में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड दीपा आर्य नाम की महिला के नाम पर जारी करवाया गया है। चूंकि मुलजिम ने फोन बंद कर रखा है लिहाजा उस तक पहुंचने के लिए दूसरे तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। पुलिस दीपा आर्य तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है, ताकि फिरौती मांगने वाले का पता लगाया जा सके।

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पाकिस्तान में मामूली कहासुनी होने पर पत्नी को तेजाब पिलाया

   लाहौर, 26 नवंबर :भाषा: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में किसी मामूली बात पर कहासुनी होने के बाद एक महिला को उसके पति ने तेजाब पिला दिया जिसके बाद महिला की हालत नाजुक है। घटना कल मुजफ्फरगढ़ जिले की कोट अद्दू तहसील में हुई। यह जगह यहां से करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर है।
     पुलिस ने बताया कि पीडि़त गुलनाज के पति फहीम अहमद ने किसी घरेलू बात पर कहासुनी होने के बाद पहले अपने पिता के साथ मिलकर पहले तो उसकी पिटाई की और फिर उसे जबरदस्ती तेजाब पिला दिया। घटना के बाद गुलनाज को मुलतान के एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत बहुत नाजुक बताई जा रही है।
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब्दुल रहमान असीम ने बताया कि गुलनाज और फहीम की शादी कुछ ही महीने पहले हुई थी और दंपति में अकसर कहासुनी होती थी, जो झगड़े का रूप ले लेती थी। उन्होंने कहा, ''हमने फहीम और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। पंजाब प्रांत में इस साल तेजाब हमले के कम से कम 43 मामले सामने आए हैं।
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पाकिस्तान में आतंकवादियों ने चार पोलियो कार्यकर्ताओं की हत्या की

    इस्लामाबाद।। पाकिस्तान के अशांत दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत में आज आतंकवादियों के एक हमले में तीन महिलाओं सहित कम से कम चार पोलियो कार्यकर्ता मारे गए। कार्यकर्ताओं की हत्या क्वेटा शहर के पूर्वी बाइपास इलाके के नजदीक उस समय की गई जब वे एक स्वास्थ्य केन्द्र से अपने घर की ओर जा रहे थे।  जियो टीवी ने खबर दी है कि जिस समय उन पर हमला किया गया उस समय उनके पास कोई सुरक्षा नहीं थी।
खबर ने बताया गया है कि तीन महिला और एक पुरूष इस हमले में मारे गए जबकि दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं। पुलिस ने इस हमले की पुष्टि की है।
    इस महीने के शुरू में ब्लूचिस्तान के 11 जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पोलियो टीकाकरण का अभियान शुरू किया गया था। ब्लूचिस्तान के गृह सचिव अकबर दुर्रानी ने प्रांत में पोलियो अभियान रोक दिया था। अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। विश्व के लिए खतरा बन गए पोलियो वायरस का उन्मूलन नहीं कर पाने के लिए पाकिस्तान सरकार को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है।
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गोपेन्द्र भट्ट को मिला के. आर.नारायणन राष्ट्रीय सम्मान प्रशंसा पत्र

  नई दिल्ली।। राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क सेवा के वरिष्ठतम अधिकारी श्री गोपेन्द्र नाथ भट्ट को सूचना एवं जनसंपर्क, दलित साहित्य, समाज सेवा, कला एवं सांस्कृतिक सेवा और दलितोत्थान कार्यों आदि क्षेत्रों मंर उत्कृष्ट कार्य सेवाओं के लिए “के.आर.नारायणन राष्ट्रीय सम्मान” प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
   ‘कांस्टीट्यूशन-डे’ की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बाबू जगजीवन राम कला, संस्कृति तथा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित समारोह में केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री श्री विजय रूपला की उपस्थिति में पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
   समारोह में नेशनल ह्यूमेन राईट कमीशन के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति श्री के.जी. बालाकृष्णन, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, डॉ. संजय पासवान, समाजसेवी श्री संजय जोशी अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एन.एस. खोवा के साथ अन्य कई गणमान्य मौजूद थे।
आचार्य महाश्रमण ने भी किया सम्मानित
   इससे पूर्व तेरापंथ के आचार्य श्री महाश्रमण ने श्री भट्ट को सूचना एवं जनसंपर्क क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिंह भेंट कर सम्मानित किया। सादे समारोह में वरिष्ठ पत्रकार श्री अजीत मंडोला और श्री नीरज पांडे को भी सम्मानित किया गया।
   उल्लेखनीय है कि श्री महाश्रमण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चातुर्मास के पश्चात् फरीदाबाद होते हुए नेपाल, भूटान आदि देशों की दस हजार कि.मी. लम्बी पदयात्रा पर रवाना हुए हैं।


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अदालत ने रिश्वत मामले में एमसीडी के पूर्व पार्षद को जमानत दी

Written By Bureau News on Wednesday, November 26, 2014 | 9:10 PM

    नई दिल्ली।। दिल्ली उच्च न्यायालय ने रिश्वत मामले में पांच साल की सजा काट रहे दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व पार्षद हीरेन टोकस की जमानत आज मंजूर कर ली। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर की पीठ ने टोकस का जमानत का अनुरोध स्वीकार किया। टोकस ने अपनी याचिका में कहा कि उनके बुजुर्ग माता पिता की देखभाल करने के लिए उनके परिवार में कोई नहीं है। हालांकि अदालत ने टोकस के दिल्ली से बाहर जाने पर रोक लगा दी और उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। 
   न्यायाधीश ने कहा, ''टोकस को दी गई, कारावास की सजा अपील लंबित रहने तक निलंबित रहेगी। वह :टोकस: अपना पासपोर्ट जमा करेंगे और शहर से बाहर जाने से पहले अदालत को सूचित करेंगे। अदालत ने कहा कि दोषी 50 हजार रूपए का निजी मुचलका तथा 50 हजार रूपए का एक जमानती देगा। हालांकि सीबीआई ने टोकस की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि उसने अंतरिम जमानत मांगते हुए भी इसी तरह की दलीलें दी थीं।
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आतंकवाद: सरकार और देश पर इसकी जिम्मेवारी छोडने से कुछ नहीं होने वाला


     आज देश मुंबई हमले की बरसी पर नम आंखों से देश उन वीर जवानों के साथ उन बेगुनाह लोगों को याद कर रह रहा जो वर्ष 2008 में मुम्बई में आंतकवादियों की गोली का शिकार बने। देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने भी आतंकी हमले की छठी बरसी पर आतंकवाद से लडऩे और 'समाज से इसे उखाड़ फेंकने' की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया को दोहराते हुए ट्वीट किया है कि हम 2008 में आज के दिन हुए भयावह आतंकी हमलों को याद करते हैं तथा जान गंवाने वाले निर्दोष स्त्री-पुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। आज कुछ गम्भीर बिन्दू है जिस पर चर्चा कर उससे लागू किया जाना बेहद जरूरी है। आंतकवाद से हमारे देश के साथ विश्व के अन्य देश भी पिडित है, आंतकवाद की पृष्ठभुमि नस्लीय, जातीय, धार्मिक, आर्थिक उत्पीडन का बिगडा स्वरूप है जिससे स्वार्थी राजनीतिक ताकतें अपने तुच्छ स्वार्थ के लिए आंतकी रूप में पेश कर देती है। जिसे कभी भी स्वीकार नहीं जा सकता। बेरोजगारी,अनपढता व अन्य समाजिक बुराईयों की गन्दगी पर भी आंतकवाद कुकरमुत्तों की तरह उपज जाता है। आंतकवादी एक से दूसरे देश के कानूनों का लाभ लेते हुए सरंक्षण प्राप्त करते रहते है। समय-समय पर विश्व के पटल पर ऐसी कोशिशें भी जनवादी समुहों की रही है जिससे आंतकवाद के खिलाफ सांझा मोर्चा बना इसके खात्मा का भागीरथी प्रयास किया जा सके। पर ये तो तय है विभिन्न मंचों पर यही निष्कर्ष निकलता है कि आंतकवाद हमारी विकृत समाजिक संरचनाओं की मवाद में पैदा होने वाला राक्षस है। जिसका खात्मा अन्य बुराईयों के खत्म होने के साथ ही तय है। जिस दिशा में समस्त मानवता को एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है। अकेली एक सरकार एक देश पर इसकी जिम्मेवारी छोडने से कुछ होने वाला नहीं है। 
(नवल सिंह)
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जिहाद को रोकने के लिए मुसलमानों को नई वैश्विक व्यवस्था की जरूरत - अकबर

     टोरंटो।। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट की अतिवादी विचारधारा से खुद को बचाने और संरक्षित रखने के लिए मुस्लिम जगत को 'आधुनिकता' पर आधारित एक नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनानी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता एमजे अकबर ने कल यहां कहा कि जब तक मुस्लिम जगत आधुनिकता का पालन करने के लिए वैश्विक रणनीति विकसित नहीं करता तब तक जिहादी आंदोलन मुस्लिम समुदाय का नाश करता रहेगा। आधुनिकता में चार सिद्धांत...लोकतंत्र, आस्था की स्वतंत्रता, लैंगिक समानता और आर्थिक समानता...शामिल हैं। 
    भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में अकबर ने कहा कि इस्लामी सिद्धांत में जिहाद की बुनियादी जरूरत यह है कि इसका ऐलान सिर्फ राज्य कर सकता है। काफी संख्या में सामुदायिक नेता, पाकिस्तान सहित दक्षिण एशियाई देशों से राजनीतिक नेता और राजनयिक उन लोगों में शामिल हैं जो इस कार्यक्रम में शरीक हुए। गौरतलब है कि आईएसआईएस या आईएस ने इराक और सीरिया में काफी बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया है। हेलीफेक्स में छठे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच की बैठक में शरीक होने के लिए अकबर कनाडा में हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उत्तर औपनिवेशिक काल में उन आतंकवादियों के लिए एक पनाहगाह बन गया जो लोकप्रियता हासिल करने के लिए जिहाद का झंडा उठाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और उत्तर अफ्रीका के बीच स्थित अद्र्ध वृत्ताकार क्षेत्र अशांत बना हुआ है जहां अधिकतर सरकारें अलग थलग रहती हैं जबकि देश के हालात नियंत्रण से बाहर होते हैं।
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काम के दौरान 'बाबुओं' के लिए सदाचार नियमावली

    नई दिल्ली।। शासकीय सेवकों को अब अपना आचरण साफ-स्वच्छ रखना होगा। वे ऐसा कोई व्यवहार नहीं कर सकेंगे, जो उनके कामकाज में आड़े आता हो। प्रधानमंत्री कार्यालय ने आदेश दिया है कि सिविल सर्वेन्ट (जनसेवकों) के लिए फिर वे नियामक हों, निगरानी करने वाले हों, के लिए कारपोरेट की तर्ज पर सदाचार नियमावली तैयार की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके निजी हित सरकारी कामकाज प्रभावित न कर सकें। 
    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबुओं से यह वादा किया है कि यदि ईमानदारी से काम करते समय कोई परेशानी पेश आयेगी तो वे हमेशा उनकी मदद करेंगे। संभवत: इसी परिप्रेक्ष्य में उक्त कदम उठाया जा रहा है। लेकिन सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि भिन्न कारणों से उनके निर्णय प्रभावित न हो पाएं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट सचिवालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से कहा है कि वह कंपनी एक्ट के हितों की टकराहट को रोकने वाले प्रावधानों की तर्ज पर एक कानून बनाये।
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इलेक्ट्रानिक टोल प्रणाली से सालाना 86,000 करोड़ रू तक की बचत संभव

     नई दिल्ली।। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज कहा कि इस साल दिसंबर तक देश भर में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण (ईटीसी) प्रणाली के परिचालन में आने से देश को कम से कम 86,000 करोड़ रूपए सालाना की बचत होने की उम्मीद है।
   गडकरी यहां उद्योग मंडल फिक्की तथा अन्य संगठनों की ओर से आयोजित मिलेनियम अलायंस अवाड्र्स कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
   उन्होंने कहा, 'इलेक्ट्रानिक टोल संग्रहण प्रणाली की स्थापना से हमें सालाना 86,000 करोड़ रूपए की बचत होगी क्योंकि आईआईएम कोलकाता के एक अध्ययन में संकेत दिया गया है कि टोल प्लाजा पर देरी के कारण ईंधन के रूप में 60,000 करोड़ रूपए का नुकसान होता है जबकि ट्रक परिचालकों को 26,000 करोड़ रूपए का नुकसान होता है।
   उन्होंने कहा कि 123 प्लाजा पर ईटीसी प्रणाली पहले ही लगा दी गई है जबकि दिसंबर के आखिर तक यह 350 टोल प्लाजा पर काम करने लगेगी। इस समय वाहनों के लिए हर टोल प्लाजा पर औसत प्रतीक्षा समय 10 मिनट है जबकि ईटीसी के तहत यह प्रतीक्षा समय समाप्त हो जाएगा।
   इस अवसर पर उन्होंने विजेताओं को अवार्ड प्रदान किए। मंत्री ने इसके साथ ही कहा कि नवोन्मेष व उद्यमशीलता मिलकर भारत का चेहरा बदल सकते हैं।
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पड़ोसियों से संबंध सुधारना हमारी प्राथमिकता - मोदी

    नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18वं सार्क सम्मेलन में भाग लेने जाने से पहले कहा कि केन्द्र सरकार की अपने पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण सम्बंधों को विकसित करना पहली प्राथमिकता है। मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा से दक्षिणी एशिया क्षेत्र में सामाजिक आॢथक विकास के लिए सभी स्तरों पर हमेशा से घनिष्ठ क्षेत्रीय एकीकरण की महत्ता पर जोर दिया है। हमने इस सम्बंध में द्विपक्षीय, उपक्षेत्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर कई कदम उठाए हैं इन्हें आगे भी हम जारी रखेंगे। 
   प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि शिखर सम्मेलन से ठोस परिणाम सामने आएंगे जिसमें विशेष तौर पर संपर्क बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों पर लम्बे समय से चल रहा विचार-विमर्श शामिल है। मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस दौरान संपर्क एवं विकास सहयोग के कुछ ठोस समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएंगा। गौरतलब है कि मोदी 26-27 नवंबर को आयोजित होनवाले 18वें दक्षेस शिखर सम्मेलन के दौरान अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मङ्क्षहदा राजपक्षे समेत कई अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
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गुमशुदा बच्चों को लेकर सरकार बेफिक्र - सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली।। गुमशुदा बच्चों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे गुमशुदा बच्चों को लेकर ङ्क्षचतित नहीं है। अदालत ने कहा गरीब लोगो के बच्चें गुम हुए है इसलिए राज्य सरकार और मुख्य सचिव परेशान नही है। कोर्ट ने ये भी कहा की कागजी करवाई से उदेश्य पूरा नहीं होगा। गौरतलब है कि इससे पहले, गुमशुदा बच्चों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार और छत्तीसगढ़ सरकार को जमकर फटकार लगाई थी।
    बच्चों की गुमशुदगी के सभी मामलों में तुरंत एफआईआर न दर्ज करने पर बिहार को आड़े हाथों लिया था तो छत्तीसगढ़ की ओर से संसद और सुप्रीम कोर्ट में पेश आंकड़ों में अंतर पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने दोनों राज्यों के हलफनामों पर असंतोष जताते हुए उन्हें बेहतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
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पर्दाफाश रैली से कांग्रेस गदगद

    नई दिल्ली।। दिल्ली में कांग्रेस की पर्दा फास रैली में जिस प्रकार जनता का कांग्रेस को समर्थन मिला है उससे दिल्ली में कांग्रेसी कार्यकर्ता काफी गदगद है। और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस प्रकार जनता में पुन: कांग्रेस के प्रति जो विश्वास बढ़ा है। उस विश्वास को पाने के लिए वह जमकर मेहनत करेंगे। ताकि दिल्ली में कांग्रेस को पुन: सरकार बनाने का मौका मिल सके। पर्दा फाश रैली में कांग्रेस के दिगग्ज नेता सज्जन कुमार (पूर्व सांसद) दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली पूर्व विधायक मुकेश शर्मा की पर्दा फाश रैली में जनता के सामने कांग्रेसी नेताओं ने जो भाजपा और आप पार्टी की जो जनविरोधी नीतियों को उजागर किया है। 
   उससे जनता में कांग्रेस के प्रति थोड़ी उम्मीद जगी है। कि अब कांग्रेस दिल्ली में साफ सुथरी राजनीति करने के लिए मेहनत कर रही है। मुकेश शर्मा ने कहा कि भाजपा और आप पार्टी के नेता आपस में मिले हुए है इसलिए वह जनता को गुमराह कर रहे है। अगर मौका मिला तो कांग्रेस जनता से किए गए वादों को हर हाल में पूरा करेगी।
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विशेष अदालत ने सीबीआई से पूछा - मनमोहन से पूछताछ क्यों नहीं की ?

    नई दिल्ली।। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कोयला घोटाला के लिए गठित विशेष अदालत ने सीबीआई से पूछा है कि क्या उसने कुमार मंगलम बिरला और अन्य की संलिप्तता वाले कोयला घोटाले मामले में तत्कालीन कोयला मंत्री से पूछताछ की थी? उल्लेखनीय है कि इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन ङ्क्षसह के पास ही कोयला मंत्रालय था। अदालत ने सीबीआई से पूछा है कि क्या आपको नहीं लगता कि इस मामले में तत्कालीन कोयला मंत्री से पूछताछ करना जरूरी था। अदालत ने सीबीआई से यह सवाल भी किया कि क्या उसने मामले की जांच के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय के तत्कालीन अधिकारियों से पूछताछ की थी। अदालत ने सीबीआई से मामले के केस डायरी की मांग करते हुए इसे सीलबंद लिफापेस में प्रस्तुत करने को कहा।
    इस दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने अदालत से कहा कि उन्हें तत्कालीन कोयला मंत्री से पूछताछ की अनुमति नहीं दी गई थी। इस मामले में इसके पहले सीबीआई ने अपनी जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट लगाई थी जिससे कोर्ट संतुष्ट नहीं था। सीबीआई ने साफ कहा था कि उसे जांच में कुछ नहीं मिला। वहीं, इस मामले में नियुक्त सुप्रीम कोर्ट के विशेष वकील आर एस चीमा ने कोर्ट में कहा था कि मामले में जांच के लिए पर्याप्त सबूत हैं लेकिन सीबीआई ने चीमा के बयान को उनकी निजी राय बताया था।
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कांग्रेस में शीला दीक्षित को अहम भूमिका मिल सकती है

    नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित दिल्ली की राजनीति में अहम भूमिका निभाएगी। सूत्रों के अनुसार शीला दीक्षित को लेकर आलाकमान सकारात्मक रवैया अपनाये हुए है। इसलिए शीला दीक्षित की भूमिका दिल्ली विधानसभा चुनाव में नजर आएगी। शीला दीक्षित की मांग को लेकर कांग्रेस के ज्यादातर विधायक पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मांग कर चुके है कि अगर शीला दीक्षित को कांग्रेस में अहम भूमिका दी जाए तो कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो सकती है। 
   क्योंकि शीला दीक्षित के शासन काल में दिल्ली में विकास हुआ है। जिसको लेकर दिल्ली की जनता में उनके प्रति अब कोई नाराजगी नहीं है। जो नाराजगी थी। उसको पिछले चुनाव में जनता ने उन्हें हराकर दूर कर दी है। इसलिए अब बदले हालात में शीला दीक्षित के भूमिका अहम हो सकती है। मौका मिला तो शीला दीक्षित वहीं पुरानी वाली स्थिति में नजर आएगी। अगर शीला दीक्षित आती है। तो जरूर कांग्रेस अब मजबूत स्थिति में आएगी।
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काले धन को लेकर विपक्ष ने काले छाते लेकर किया हंगामा

    नई दिल्ली।। संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई काले धन पर विपक्ष के हंगामे की वजह से बाधित हुई। स्पीकर ने विपक्ष के शोर-शराबे और प्रदर्शन के कारण लोकसभा की कार्यवाही को 40 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। मंगलवार को संसद का कामकाज शुरु होते ही कालेधन के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद, संसद के गेट पर ही धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद उनका साथ देने के लिए सपा प्रमुख मुलायम ङ्क्षसह यादव और जदयू प्रमुख शरद यादव भी धरने स्थल पर पहुंच गए। यहांं सभी सांसद अपने हाथ में काला छाता लिए हुए थे, जिन पर बड़े-बड़े अक्षरों में काला धन वापस लाने की बात लिखी गई थी। स्पीकर सुमित्रा महाजन ने काले छाते लेकर संसद में आने पर नाराजगी जताई वहीं सरकार की ओर से इस मामले में कहा गया कि काले धन को लेकर सरकार कानून के हिसाब से काम कर रही है।
    बर्धमान ब्लास्ट और शारदा चिटपंसड घोटाले को लेकर तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार में पहले से ही ठनी हुई है। ऐसें में तृणमूल कांग्रेस कालेधन को लेकर सरकार को घेरना चाहती है। उल्लेखनीय है कि शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक चलना है। जिसमें 22 बैठकें होंगी। इस दौरान सरकार की कोशिश बीमा संशोधन विधेयक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक, लोकपाल एवं लोकायुक्त संशोधन विधेयक जैसे कई अहम विधेयक पारित कराने की होगी। लेकिन कुछ विपक्षी दलों के कड़े तेवर को देखते हुए लगता है कि सरकार के लिए यह सत्र आसान नहीं होने वाला है। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले आज बीजेपी सांसदों की बैठक भी हुई जिसमें कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
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वकील के आचरण के लिए शिकायतकर्ता को कष्ट नहीं होना चाहिए - अदालत

    नई दिल्ली।। दिल्ली की एक सत्र अदालत ने एक व्यक्ति की उस शिकायत पर फिर से विचार करने का आदेश दिया है, जिसे उसके उपस्थित नहीं होने के कारण निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा कि वकील में तत्परता का अभाव इसके लिए जिम्मेदार था और शिकायतकर्ता को इसके लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इना मल्होत्रा ने निचली अदालत का आदेश निरस्त करते हुए दक्षिण दिल्ली निवासी सुधीर सब्बरवाल की शिकायत को ''उसके मूल चरण और संख्या" में बहाल करने का निर्देश दिया। न्यायाधीश का निर्देश सब्बरवाल की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर आया। सब्बरवाल के वकील ने माना कि वह व्यस्तता के कारण निचली अदालत के समक्ष उपस्थित होने में अक्षम थे। 
   आदेश में मामले से संबंधित विवरण नहीं दिया गया था। न्यायाधीश ने पुनरीक्षण याचिका को मंजूर करते हुए कहा, ''ऐसा लगता है कि वकील या शिकायतकर्ता का पेश नहीं होना वकील की अपनी तत्परता के अभाव के कारण था। पुनरीक्षण की मांग करने वाले (सब्बरवाल) को उसके वकील की लापरवाही के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने हालांकि कहा, ''यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट किया जाता है कि पुनरीक्षण की मांग करने वाले को अब आगे और रियायत नहीं दी जाएगी। अदालत ने गौर किया कि जब अदालत ने इस साल मई में अपना आदेश दिया था तो मामला सम्मन से पूर्व का साक्ष्य दर्ज करने के चरण में था और सब्बरवाल की तरफ से कोई भी उपस्थित नहीं था। उसके बाद उन्होंने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी जिसमें उपस्थित नहीं होने पर उनकी शिकायत खारिज कर दी गई थी।
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2013-14 में देश के एनजीओ को 3784 करोड़ रूपयों का मिला विदेशी चंदा

    नई दिल्ली।। भारत में 2013-14 के दौरान विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को 3784 करोड़ रूपए विदेशी चंदा मिला। गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। 
   इसमें सबसे अधिक 546 करोड़ रूपए तमिलनाडु के 1344 एनजीओ को, 480 करोड़ रूपए आंध्रप्रदेश के 1022 एनजीओ को मिले। केरल के 951 एनजीओ को 385 करोड़, महाराष्ट्र के 734 एनजीओ को 378 करोड़ रूपए मिले।
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बिना इजाजत जमा योजनाएं चलाने वाली फर्मों के खिलाफ सरकारें कर रही है कार्रवाई - आरबीआई

    चेन्नई।। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने कहा है कि कर्ई ऐसी वित्तीय कंपनियों की पहचान की जा चुकी है जो केंद्रीय बैंक की अनुमति के बिना जनता से जमा राशियां स्वीकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें ऐसी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
   उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ''बैंक के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ ऐसी वित्तीय कंपनियां हैं जो बैंक की अनुमति के बिना जनता से जमा राशियां स्वीकार कर रही हैं।
   गांधी ने कहा कि उनकी पहचान की जा चुकी है। संबद्ध राज्य सरकारें उनके विरूद्ध राज्य जमाकर्ता हित संरक्षण कानून के तहत समुचित कार्रवाई करने की प्रक्रिया में हैं।
    उन्होंने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियांं :एनबीएफसी: मुख्य रूप से डिबेंचर :रिण पत्र: और बैंक कर्ज से धन जुटाती है। रिजब बैंक ने हाल में पाय कि ऐसी कंपनियों द्वारा निजी स्तर पर जारी किए जाने वाले डिबेंचरों में अचानक उछाल आ गया था। मौके पर जांच से पता चला कि ए डिबेंचर कंपनियों द्वारा स्वीकार किए जा रहे थे और आफिस में आने वाले ग्राहकों को जारी किए जा रहे थे।
   रिजर्व बैंक ने यह देखते हुए एनबीएफसी थोक में धन जुटा रही हैं, उनके डिबेंचर में खुदरा निवेशकों की भागीदारी रोकने के कदम उठाए और उनमें एक न्यूनतम निवेश की सीमा लगा दी। इसके अलावा एनबीएफसी को अपने ही डिबेंचर की धरोहर पर कर्ज देने से रोक दिया। आर गांधी ने कहा कि डिबेंचर के नियमों को कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी कानून के तहत पंजीकरण कराए बिना और रातों रात चंपत होने वाली फर्मों के जनता से जमाएं जुटाने के खतरे निपटने में रिजर्व बैंक के सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने तथा विभिन्न विनियामकीय संस्थाओं के बीच समन्वय बढाने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में मुख्य सचिवों की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय समन्वय समितियों को मजबूत किया गया है। इनकी बैठकों की संख्या बढा दी गई है और कुछ राज्य सरकारें वित्तीय क्षेत्र के विनिमयमन में रूचि दिखा रही हैं।
   गांधी ने बताया कि इस समय भारत में 12,029 एनबीएफसी काम कर रही है और पिछले कुछ वर्षों में इनका कारोबार तेजी से बढा है। इनकी परिसम्पत्ति मार्च 2014 के अंत में 14.41 लाख करोड़ रूपए थी जो पांच साल पहले 5.62 लाख रूपए थी। पिछले साल इनकी परिसम्पत्ति में 13.36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई जबकि बैंकिंग क्षेत्र की सम्पत्ति में वृद्धि 5.36 प्रतिशत रही।
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जनधन योजना के तहत बैंक खातों में 6,000 करोड़ रूपए अधिक जमा

    नई दिल्ली।। बैंकों ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 7.9 करोड़ खाते खोलकर 6,000 करोड़ रूपए से अधिक राशि संग्रह की है। वित्त मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज यह जानकारी दी।
   वित्तीय सेवाओं के विभाग की अतिरिक्त सचिव स्नेहलता श्रीवास्तव ने कहा, ''प्रधानमंत्री जनधन योजना लोगों के लिए.. खासतौर पर महिलाओं के लिए है और इसका उद्देश्य लोगों को वित्तीय दुनिया में लाना है। '' देश के लोगों ने जनधन योजना के तहत 6,000 करोड़ रूपए जमा किए हैं।
   उन्होंने कारपोरेशन बैंक द्वारा मंगलोर में आयोजित एक वृहद शिविर में कहा कि लोगों द्वारा जमा किए गए धन को बैंक विभिन्न कार्यों व कारोबारों के लिए उपलब्ध कराता है जिससे देश का विकास होता हैं
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अनचाहे फोन काल्स से निजात दिलाएगा निंबज का होला ऐप

    नई दिल्ली।। न्यू कॉल टेलीकाम के मोबाइल प्रौद्योगिकी ब्रांड निंबज ने आज एक नया कॉल मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म 'होला' पेश किया जिसके जरिए लोग स्पैमर्स या अनचाहे कॉल्स को रोक सकते हैं।
   न्यू कॉल टेलीकॉम के सीईओ नाइजेल ईस्टवुड ने यहां पीटीआई भाषा को बताया कि इस एप्लीकेशन को 13 युवा पेशेवरों की एक टीम द्वारा पूरी तरह से भारत में ही विकसित किया गया है। होला एक बहुआयामी कॉल मैनेजमेंट प्लेटफार्म है जो कॉल करने वाले व्यक्ति की फोटो और स्थान आदि का भी ब्यौरा देता है।
    उन्होंने बताया कि यह ऐप उपभोक्ताओं को लोगों के फोन नंबरों के आधार पर उनके नाम खोजने की भी सहूलियत देता है। साथ ही यह उपभोक्ता को फेसबुक व गूगल खातों के साथ तालमेल बिठाकर उसके फोन बुक को समृद्ध करता है।
    निंबज इंडिया के सीईओ विकास सक्सेना ने कहा,'' होला को विकसित करने वाली टीम के सदस्यों में ऐसे पेशेवर शामिल हैं जिन्होंने दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियों में ऐप डिजाइन करने में अहम भूमिका निभाई है। इनमें ज्यादातर भारतीय मूल के पेशेवर हैं। सक्सेना ने कहा कि यह ऐप मोबाइल में बहुत ही कम जगह लेता है।
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मंजूबाला पुरोहित ने किया डामोर को तेरह मतों से पराजित, बनी बांसवाड़ा नगर परिषद की सभापति

    बांसवाड़ा।। बांसवाड़ा नगर परिषद आम चुनाव 2014 के अंतर्गत बुधवार को बांसवाड़ा नगर परिषद सभापति के हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती मंजूबाला पुरोहित निर्वाचित घोषित किए गए।
    बुधवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में प्रातः दस बजे बांसवाड़ा नगर परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बांसवाड़ा नगर परिषद सभापति पद सामान्य महिला के चुनाव हेतु भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती मंजूबाल पुरोहित ने तथा इण्डियन नेशनल कांग्रेस की ओर से श्रीमती सीता डामोर ने रिटर्निग अधिकारी श्रीमती रूकमणी रियाड़ के समक्ष अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए और साढ़े ग्यारह बजे पूर्वान्ह उक्त स्थल पर ही प्राप्त दोनों ही नामांकन पत्रों की संवीक्षा की गई जिसमें दोनों ही नामांकन पत्र वैध पाए गए।
   दोपहर 2 बजे तक उक्त किसी भी अभ्यर्थी ने अपने नामांकन पत्र वापस नहीं लिए जाने से अपराह्न ढ़ाई बजे से सभापति पद के लिए मतदान प्रक्रिया प्रारंभ हुई, जिसमें करीब सवा तीन बजे भाजपा के सभी 27 पार्षद गण एवं दो निर्दलीय पार्षदों ने एक साथ मतदान हेतु पंण्दीनदयाल सभागार पहुंच कर बारी-बारी से अपना मतदान किया। इसके बाद कांग्रेस के 16 पार्षदगणों ने भी अपराह्न करीब तीन बज कर बावन मिनट पर मतगणना स्थल पहुंच कर अपने.अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
   निर्धारित समयावधि से सांय पांच बजे से पूर्व पूर्ण मतदान समाप्ति होने से सांय चार बजे बाद मतगणना का कार्य प्रारंभ किया गया। 
   रिटर्निग अधिकारी श्रीमती रूकमणी रियाड़ के निर्देशन में अपराह्न चार बजकर दस मिनट पर बांसवाड़ा सभापति पद के लिए हुई मतों की गणना में भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती मंजूबाला पुरोहित को तेरह मतों से विजयी निर्वाचित होने की घोषणा की गई। 
   रिटर्निग अधिकारी श्रीमती रियाड़ ने बांसवाड़ा नगर परिषद सभापति के परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती मंजूबाला पुरोहित को 29 मत मिले जबकि कांग्रेस की उम्मीदवार श्रीमती सीता डामोर को 16 मत मिले।
महिला सभापति होने का गौरव श्रीमती पुरोहित
   बांसवाड़ा नगर परिषद में पहली महिला सभापति के पद पर भाजपा की श्रीमती मंजूबाला पुरोहित ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की उम्मीदवार श्रीमती सीता डामोर को 13 मतों से पराजित कर पहली बार बांसवाड़ा नगर परिषद की महिला सभापति होने का गौरव अर्जित किया।
  बांसवाड़ा नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबन्ध सुनिश्चित किए गए।
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आखिर कब तक जिस्म बेचती रहेंगी हिन्दुस्तानी महिलाएं ?

    वेश्यावृत्ति एक ऐसा विषय है जिसपर लोग खुलकर बात करने से संकुचाते हैं जबकि यह आदिकाल से सभ्यता और संस्कृति के विकास के साथ-साथ तेजी से पनपी एक बुराई है जो आज भी सारे विश्व में जारी है। हाँ यह बात अलग है कि आधुनिक समाज में वेश्यावृत्ति को अलग-अलग नामों और रूपों में जाना जाता रहा है। यह विश्व के बहुत ही प्राचीनतम धंधों में से एक है। इंडिया में पहले इन्हें गणिका के नाम से पुकारा जाता था। हमारे प्राचीन भारतीय साहित्य में इसका विस्तृत वर्णन भी देखा जा सकता है। हमारे यहाँ मौजूद देवदासी प्रथा और सामंती युग में गुलामों के रूप में खरीद-फरोख़्त तक वेश्यावृति का प्रचलन रहा था। एक युग में वेश्याओं को संपदा और शक्ति का प्रतीक माना जाने लगा था। यह वह दौर था जब नारी को विलासिता की वस्तु मानकर और कामुकता की कठपुतली समझकर अपनी अंगुलियों से जब जैसे चाहा नचाया, रस निचोड़ा और झूठन समझकर फेंक दिया। अंग्रेजों के भारत में आगमन के बाद तो इस कुप्रथा ने धंधे का स्वरूप धारण किया और वेश्यालय बनने लगे। आज कच्चे कोठों से निकल कर देह व्यापार मसाज पार्लरों, इन्टरनेट के माध्यम से एस्कार्ट सर्विस तक खूब फल-फूल रहा है। गरीब देशों, जिनमें थाइलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश आदि देश तो सेक्स पर्यटन के लिए खुल्लेतौर पर जाने जाते हैं। पर भारत भी इस मामले में कुछ कम नही है। कोई शक नही कि आज अनेक देशों की युवतियां वेश्यावृत्ति के जरिए कमाई करने के लिए भारत की ओर रूख कर रही हैं। बड़े दुःख की बात है कि गुरुओं पीर पैगम्बरों के मुल्क भारत के कई हिस्सों में वेश्यावृति को खानदानी पेशा तक माना जाता है। एक एनजीओ की अध्ययन रिपोर्ट की मानें तो मध्यप्रदेश और राजस्थान के एक क्षेत्र में एक अति निर्धन जाति के लगभग 200 से ज्यादा गांवो में लड़की को उसके जवान होने से पहले ही खुद उसके मां बाप की तरफ से ही वेश्यावृत्ति के लिए प्रेरित किया जाता है। उनकी जिस्मफरोशी के लिए दिन रात और हफ्तों हफ्तों के लिये बोली लगती है। और इस प्रकार लगभग हर लड़की इस दलदल में फंसकर रह जाती है। विकास के लाखों दावे ठोकने वाले गुजरात के सराणिया समुदाय के लोग लड़की के जवान होने पर भी स्वयं उसके परिजन ही वेश्यावृति करवाते हैं। कहा जाता है कि रजवाड़ों के समय सराणिया युवतियां युद्ध में सैनिकों और सेनापतियों के लिए मनोरंजन का माध्यम हुआ करती थीं। नाच-गाने के अतिरिक्त सेनापतियों और मुख्य सैनिकों की हवस को शांत करने के लिए वे स्वयं को प्रस्तुत करती थी। बहुत ही आश्चर्य है कि आज न रजवाड़े रहे और न ही अराजकता लेकिन यह समुदाय इस दलदल से निकल नहीं सका है। बताया जाता है कि देश की आजादी के बाद सरकार ने इन्हें भूमि उपलब्ध करायी ताकि वे खेती आदि करके अपना जीवन यापन कर सके लेकिन आसानी से पैसा कमाने की प्रवृत्ति कुछ लोगों में घर कर गई उसी का परिणाम है कि यह कुप्रथा आज भी जारी है। हाँ सरकार और कुछ सामाजिक संस्थाओं की सजगता के कारण अब यह सब खुलेआम नहीं होता। ऐसे भी केस देखने में आए हैं जिसमें झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और उत्तरांचल में 12 से 15 वर्ष की कम उम्र की लड़कियों को भी वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से सटे जिले के एक गांव में तो वेश्यावृत्ति को जिंदगी का हिस्सा माना जाता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि वहां के लोग इसे कोई बदनामी नहीं मानते। उनके अनुसार यह सब उनकी जीवनशैली का हिस्सा है और उन्हें इस पर कोई शर्मिन्दगी नहीं है। तर्क हैं कि यहाँ पुरे गावं की अर्थव्यवस्था इसी धंधें पर टिकी है।
     भारतीय कानून भी इस मामले दोगला सा प्रतीत हो रहा है। पिछले दिनों एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने अपनी एक तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं की तस्करी और सेक्स व्यापार पर लगाम लगाने में अक्षम हैं तो इसे क़ानूनी मान्यता क्यों नहीं दे देती। हालांकि इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ओलेगा तेलिस बनाम बंबई नगर निगम मामले (1985 एसएससी-3ए 535) में फैसला सुना चुका है कि कोई भी व्यक्ति जीविका के साधन के रूप में जुआ या वेश्यावृत्ति जैसे अवैध व अनैतिक पेशे का सहारा नहीं ले सकता। कानून की बड़ी बड़ी किताबों के अनुसार भारत में अनैतिक व्यापार निषेध कानून 1956 में आया। इसके मुताबिक़ वेश्यावृत्ति का मतलब अपने व्यावसायिक धंधे के लिए लोगों का यौन शोषण है। एक परिभाषा के अनुसार ‘किसी नारी द्वारा किराया लेकर, चाहे वह पैसे के रूप में लिया गया हो या मूल्यवान वस्तु के रूप में और चाहे फौरन वसूला गया हो या किसी अवधि के बाद, हवस की आग बुझाने यानि यौन-संबंध के लिए किसी भी पुरूष को अपना शरीर सौंपना ‘वेश्यावृत्ति’ है और ऐसा करने वाली महिला को वेश्या कहा जाएगा।
    अन्य शब्दों में कहे तो ‘अर्थलाभ के लिए स्थापित यौनसंबंध वेश्यावृत्ति कहलाता है। इसमें उस भावनात्मक तत्व का अभाव होता है जो अधिकांश यौन संबंधों का एक प्रमुख अंग है।’
    वेश्यालय चलाने वाले, सहायता करने वाले व्यक्ति को पहले अपराध पर एक से तीन वर्ष तो, दूसरे अपराध पर 2 वर्ष से 5 वर्ष तक की सजा व 2 से 5 हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। वेश्यावृति कार्यों के लिए मकान किराये पर या किसी और तरीके से देने वाले को भी दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। दूसरी बार यही अपराध करने पर पांच साल तक की सजा व जुर्माना है। किसी व्यक्ति को वेश्यावृत्ति के लिए खरीदना, लाना, लालच देना और उसको वेश्यावृत्ति के लिए ले जाना अपराध है और इसकी सजा 3 से 7 वर्ष है तो किसी को वेश्यावृत्ति में जबरन धकेलने पर आजीवन कारावास का प्रावधान है। 16 साल से कम बच्चे को खरीद-बहलाकर लाने तथा वेश्यावृत्ति की सजा भी आजीवन कारावास तक है। नाबालिग जो 16 से 18 वर्ष के बीच की आयु का है तो उसके बारे में कम से कम सात वर्ष तथा ज्यादा से ज्यादा 14 वर्ष की सजा है। वेश्यावृत्ति के लिए आम जगहों पर ग्राहकों को तलाशना, फुसलाना, प्रदर्शन करना भी अपराध है, जिसकी सजा 6 महीने तक तथा जुर्माना 500 रुपये तक है या दोनों है।
     कानून बनाने और कानून का उल्लंघन करने वालों को सजा देना ही काफी नहीं है। हमारी सरकार और समाज को गम्भीरता से सोचना होगा कि घोर निर्धनता तथा सामाजिक सरोकार और सुरक्षा का न होना ही दलालों को यह अवसर प्रदान करता है कि वे छोटे-छोटे लड़के-लड़कियों को शारीरिक दुरुपयोग में धकेल देते हैं। इन्हें रोक पाने पर ही लोगों का शोषण, क्रूरता बंद होगी और वे एक सही और उचित जिंदगी जी पाएंगे। कोई नहीं चाहता कि अपरिपक्व शरीर रोज तिल-तिल कर मरे और परिपक्व शरीर अपना अत्यधिक शोषण करवा कर अकाल ही काल का ग्रास बने। सचमुच इन लोगों की जिंदगी बड़ी छोटी और दुखदायी होती है। यह बार-बार के शोध अध्ययनों से सिद्ध हो चुका है कि गरीबी और घरेलू हिंसा का शिकार बच्चे और स्त्रियां आसानी से इस दलदल में फंस जाते हैं। बहुत ही कड़वा सच है कि हिन्दुस्तान के कुछ गांवों में घर का खर्च चलाने के लिए बच्चों और स्त्रियों को स्वेच्छा से वेश्यावृत्ति करते पाया गया है। ज्यादातर भीख मांगते दिखते हैं लेकिन मौका लगते ही चुपके-चुपके शरीर भी बेचने की कोशिश करते हैं। कुछ सरेआम कहते देखे गये हैं कि इस काम को करने में कोई बुराई नहीं है। वे अपनी मजबूरी को ढकना चाहते हैं।
   राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एक अध्ययन के मुताबिक भारत में 68 प्रतिशत लड़कियों को रोजगार के झांसे में फंसाकर वेश्यालयों के दलालों तक पहुंचाया जाता है। लगभग 17 प्रतिशत शादी के वायदे में फंसकर आती हैं।
    जहाँ तक व्यवस्था की क्षमता का प्रश्न है, कानून वेश्यावृत्ति को मिटाने के प्रयास नहीं करता, बल्कि सिर्फ वेश्यालय चलाने या उसके लिए घर किराए पर देने या वेश्या के लिए दलाली करने को जुर्म की संज्ञा दे देता है। फलस्वरूप, कोई भी कानून न तो स्वेच्छा से या अकेले वेश्यावृत्ति करने पर कोई पाबंदी लगा पाता था और न ही इस व्यापार की जड़ यानी खरीददार पर। मुंबई पुलिस के एक प्रकोष्ठ शाखा के सूत्रों के अनुसार पिछले वर्षों में 469 वेश्यालयों के मालिक पकड़े गए, पर उनमें से कुल दो दंडित हुए। इनमें से एक भी दलाल या गृहस्वामी नहीं था। दूसरी तरफ इसी दौरान पकड़ी गई 4140 वेश्याओं को वेश्यावृत्ति निरोधक कानून के खंड 8(बी) के अंतर्गत हर एक को दंडित किया गया। अनैतिक गतिविधियां या संगठित देह व्यापार अपराध है लेकिन इसके लिए लगाई जाने वाली कानूनी धाराओं में कई छेद हैं और अधिकतर धाराएं जमानती है।
मुझे नहीं लगता कि कोई भी नारी स्वेच्छा से इस धंधे में कदम रखती है। उसे कुछ लोग वेश्यावृत्ति करने को मजबूर करते हैं। यह तथ्य निर्विवाद है कि एक बार इस घिनौनी दुनिया में कदम रखने के बाद इससे बाहर निकलने के सभी रास्ते लगभग बंद नज़र आते हैं। इसके लिए हम और हमारा समाज जिम्मेदार नहीं तो कौन जिम्मेवार है? शायद यही वजह है कि ये सेक्स-वर्कर इसी नर्क में रहते हुए एडस जैसे भयंकर रोग का शिकार बनने को अभिशप्त है। वे यह भी जानती हैं कि आयु के ढलने के बाद उन्हें पूछने वाला कोई नहीं होगा। ढ़लती उम्र और फिर उस पर रोग उन्हें जीते जी मौत सी यातनाएं झेलने के लिए विवश करता है। अगर इस धंधे में फंसी औरतों को जीविका के वैकल्पिक संसाधन उपलब्ध कराये जाए और उनके बच्चों की परवरिश और शिक्षा की व्यवस्था की जाए तो बहुत हद तक संभव है कुछ सुधार की आस जगे। आज जरूरत है कि हम नारी को केवल भोग विलास की वस्तु मानने की अपनी घटिया सोच को हमेशा के लिए तिलांजलि देकर समाज से इस बुराई को मिटाने में अपना योगदान दें। जिस्मफरोशी के कलंक को धोने के लिए भी एक राष्ट्रीय अभियान चलाना ही होगा।
 
 
(त्रिदेव दुग्गल मुंढालिया, युवा साहित्यकार, भिवानी)
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अल्लाह को लेकर आपत्तिजनक बातें, वीना मलिक को मिली 26 साल की सजा, 13 लाख जुर्माना

   लाहौर।। भारतीय टेलिविजन धारावाहिकों से सुर्खियों में आई वीना मलिक को पाकिस्तान में 26 वर्ष की कैद और 13 लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस सजा में उनके पति और पाकिस्तान के प्रमुख चैनल जियो टीवी के मालिक मीर शकील उर रहमान भी भागीदार होंगे। दोनों को चैनल पर एक आपत्तिजनक कार्यक्रम प्रसारित करने को लेकर आरोपी बनाया गया था। दरअसल पाकिस्तान के एंटी टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने दोनों पर इस तरह के धारावाहिक के प्रसारण में भागीदारी करने का मुकदमा चला। जिसमें अल्लाह को लेकर आपत्तिजनक बातें की गई थीं। जीयो टीवी पर पिछले मई माह के दौरान एक कार्यक्रम प्रसारित किया गया था। जिसमें वीना मलिक और बशीर नामक कलाकार की काल्पनिक शादी का प्रसारण किया गया था।
    इस कार्यक्रम में शादी के दौरान एक धार्मिक गीत फिल्मांकित किया गया था। जिसे लेकर लोगों ने न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय में जज 1शाहबाज खान ने फैसला सुनाते हुए दोनों को 26 वर्ष की कैद और 13 लाख रूपए के जुर्माने की सजा भी सुनाई। मामले में कार्यक्रम की होस्ट शैष्टा को भी दोषी ठहराते हुए 26 वर्ष की सजा सुनाई गई। हालांकि कोर्ट का यह फैसला आरोपियों पर मान्य नहीं होगा। दरअसल जिस क्षेत्र के न्यायालय ने यह फैसला दिया वह गिलगित - बालतिस्तान से संबंधित है। गिलगित बालतिस्तान को पाकिस्तान के पूर्ण प्रांत का दर्जा हासिल नहीं है। जिस कारण यहां के न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पाकिस्तान के अन्य प्रांतों में लागू नहीं होते हैं।
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सांसद के बयान पर भड़की हेमसा ने बजाया संघर्ष का बिगुल

सैनी ने कहा था-पंजाब के समान वेतनमान चाहिए तो नौकरी छोड़कर चले जाएं पंजाब
    अम्बाला।। पंजाब के समान वेतनमान चाहिए तो नौकरी छोड़कर कर्मचारी पंजाब चले जाएं। कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के इस बयान ने बवाल खड़ा कर दिया है। एक साल 8 दिन के संघर्ष (भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन)के बाद पंजाब के समान वेतनमान की जिस मांग को हुड्डा सरकार ने पूरी करने का ऐलान किया था, भाजपा सरकार के आते ही कर्मचारियों की यह मांग अब अधर में लटक गई है। लिहाजा कर्मचारियों ने फिर से संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। बाकायदा 9 दिसम्बर से कर्मचारी शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से इसकी शुरुआत करेंगे। इस दिन कर्मचारी डीईओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन देने के बाद पंजाब के समान वेतनमान के लिए डीईओ को ज्ञापन सौंपेंगे।
     हेमसा संबंधित सर्वकर्मचारी संघ नारायणगढ़ की खंड स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही मनोहर लाल खट्टर सरकार ने हुड्डा सरकार की हाल ही में की गई सभी घोषणाओं की समीक्षा करने की बात कही थी। इनमें पंजाब के समान वेतनमान दिए जाने की बात भी शामिल है। मनोहर सरकार की समीक्षा की बात कहे जाने के बाद से अब तक कर्मचारी चुप थे लेकिन सांसद राजकुमार के बयान से अब कर्मचारियों में रोष है। लिहाजा हेमसा ने संघर्ष का बिगुल बजाने का ऐलान कर दिया है।
    इस दौरान अम्बाला जिले के कर्मचारियों के एसीपी के लंबित मामलों का मुद्दा भी उठाया गया, यूनियन के सदस्यों ने देरी के लिए प्रशासन की जमकर आलोचना की। साथ ही सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी हुई तो वे कोई बड़ा कदम उठाने से कतई पीछे नहीं हटेंगे।

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