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ऑनलाइन मिलती है टीवी एंकर्स से लेकर वर्जिन लड़कियां, देशभर में होती है सप्लाई

Written By Bureau News on Saturday, November 22, 2014 | 9:44 PM

    अहमदाबाद।। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में एक बड़े और हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद के एक होटेल में सेक्स रैकेट चल रहा था। इस रैकेट में लड़कियों की बुकिंग ऑनलाइन तरीके से होती थी। यहां से लड़कियों की सप्लाई देशभर में होती थी। इतना ही नहीं रैकेट चलाने वाले गिरोह ये दावा करती थी कि
    यहां मुहैया कराई जाने वाली लड़कियां मेडिकली सेफ है। इतनी ही नहीं इस रैकेट में वर्जिन्स, कॉलेज गर्ल, अल्ट्रा मॉडर्न हाउस वाइफ, टीवी एंकर्स, मॉडल्स और सिलेब्रिटीज तक पेश किए जाते थे। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यहां लड़कियों की सप्लाई पैसे के हिसाब से होता है। अहमदाबाद मिरर ने छानबीन के मुताबिक ग्राहक को वॉट्सऐप के जरिए लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती हैं। इस रैकेट ने तो अपना वेबसाइट बना रखा था। इस वेबसाइट पर स्मार्ट, यंग के साथ पढ़ी-लिखी लड़कियों को पेश करने का दावा किया जाता था। इन सब के अलावा वेबसाइट पर कॉल गर्ल और जिगोलो के लिए भी ऑफर है।
    लड़कियों की कीमत 1 रात के लिए 15 हजार से लेकर 80 हजार की होती थी। इस सेक्स रैकेट की वेबसाइट खोलने पर इसे भरूच बेस्ड होने का दावा किया जाता है। बेवसाइट के मुताबिक उनके पास 22 साल से 38 साल तक की सेक्स वर्कर उनके पास मौजूद है। वेबसाइट ने अपने ग्राहकों के सामने ये दावा रखा है कि उनके यहां की लड़कियां मेडिकल तौर पर सेफ है। वेबसाइट का कहना है कि बिना कॉन्डम के भी आप सेक्स कर सकते हैं।
   वेबसाइट ने अपनी साइट पर नंबर भी दे रखा है। रैकेट चलाने वाले लोग बुकिंग के बाद 50 पर्सेंट अमाउंट अपने बैंक अकाउंट में अडवांस लेते है। रैकेट चलाने वाले लोग लड़कियों की सप्लाई देशभर में करते हैं। उनके मुताबिक वो पटना, कोलकाता, जमशेदपुर, भागलपुर, बेलगाम, रांची, ईटानगर, रायपुर, लखनऊ, कोलकाता, कानपुर, दिल्ली, मुंबई, समेत देश के कई शहरों सर्विस करते हैं।
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नगर परिषद चुनाव मतदाताओं में दिखा उत्साह, औसत 69.02 प्रतिशत मतदान का अनुमान

नगर परिषद आम चुनाव 2014
मतदाताओं ने उत्साह के साथ किया मतदान
आरंभिक आंकड़ोें के अनुसार  औसत 69.02 प्रतिशत मतदान
       बांसवाड़ा।। नगर परिषद आम चुनाव 2014 के अंतर्गत बांसवाड़ा नगर परिषद के 45 पार्षद पदों के चुनाव हेतु शनिवार को मतदान का कार्य शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो गया।
       चुनाव नियंत्रण कक्ष से प्राप्त  आरंभिक आंकड़ों के अनुसार नगर परिषद चुनाव में औसत 69.02 प्रतिशत मतदान हुआ। प्राप्त सूचना के अनुसार सबसे अधिक वार्ड संख्या 32 में 81.93 प्रतिशत एवं वार्ड संख्या 17 में 81.83 प्रतिशत तथा सबसे कम वार्ड संख्या 39 में 46.74 प्रतिशत मतदान रहा।
       शनिवार प्रातः सात बजे से शुरू हुए मतदान में  बांसवाड़ा नगर परिषद  क्षेत्र के पार्षद चुनाव हेतु बनाए गए 65 मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सवेरे से ही मतदान केन्द्राें की ओर मतदाताओं का आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया और मतदाता अपने मत डालने हेतु अपने.अपने मतदान केन्द्रों पर पहुंचे। प्रातः से ही मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई जो अपराह्न तक जारी रही। वहीं मतदान के अंतिम समय में भी कुछेक मतदान केन्द्रों पर भीड़ पाई गई।
       मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बनाये गए अपने.अपने फोटो पहचान पत्र लेकर मतदान केन्द्रों पर पहुंचे। कई मतदान केन्द्रों पर फोटो पहचान पत्र के अभाव में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 17 वैकल्पिक दस्तावेजों को लेकर मतदान करने हेतु मतदान केन्द्रों पर पंक्तिबद्ध खड़े नज़र आए। मतदान के दौरान युवा मतदाताओं में विशेष उत्साह दिखा।
       नगर परिषद बांसवाड़ा के वार्ड संख्या 17 के मतदान केन्द्र संख्या 24 पर प्रातः से ही मतदाताओं के मतदान हेतु भारी उत्साह देखा गया और इस मतदान केन्द्र पर पुरूष एवं महिला मतदाताओं की लम्बी कतार देखी गई। इस मतदान केन्द्र पर प्रातः नौ बज कर चालीस मिनट तक कुल 1199 मतदाताओं में से 267 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया ।
       आरंभिक आंकड़ों के अनुसार वार्ड संख्या एक में 65.67, वार्ड संख्या दो में 57.32, वार्ड संख्या तीन में 67.44, वार्ड संख्या चार में 66.34, वार्ड संख्या पांच में 59.10, वार्ड संख्या छः में 62.81, वार्ड संख्या सात में 56.89, वार्ड संख्या आठ में 69.08, वार्ड संख्या नौ में 73.67, वार्ड संख्या दस में 73.50, वार्ड संख्या11 में 80.73, वार्ड संख्या12 में 67.85, वार्ड संख्या13 में 66.70, वार्ड संख्या 14 में 71.49, वार्ड संख्या 15 में 65.74, वार्ड संख्या 16 में 76.84, वार्ड संख्या 17 में 81.83, वार्ड संख्या 18 में 80.27, वार्ड संख्या 19 में 74.76, वार्ड संख्या20 में 72.38, वार्ड संख्या21 में 72.29, वार्ड संख्या 22 में 70.03, वार्ड संख्या23 में 78.30, वार्ड संख्या24 में 66.16, वार्ड संख्या 25 में 67.46, वार्ड संख्या 26 में 73.85, वार्ड संख्या 27 में 72.49, वार्ड संख्या 28 में 77.47, वार्ड संख्या29 में 62.37, वार्ड संख्या 30 में 76.50, वार्ड संख्या31 में 69.30, वार्ड संख्या32 में 81.93, वार्ड संख्या33में 74.39, वार्ड संख्या34 में 70.36, वार्ड संख्या35 में 59.11, वार्ड संख्या 36 में 62.79, वार्ड संख्या37 में 62.54, वार्ड संख्या38 में 76.97, वार्ड संख्या39 में 46.74, वार्ड संख्या40 में 63.10, वार्ड संख्या41 में 78.14, वार्ड संख्या 42 में 72.87, वार्ड संख्या 43 में 66.69, वार्ड संख्या 44 में 72.97 तथा वार्ड संख्या 45 में 64.61 प्रतिशत मतदान रहा।

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इस तरह ढोंगी बाबा हमारी देश की एकता के लिए खतरा

    सिरसा।। शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की स्मृति में कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में छत्रपति सम्मान एनडीटीवी इंडिया के कार्यकारी संपादक रवीश कुमार को जबकि शहीद छत्रपति पत्रकारिता पुरस्कार 'खबरें अभी तक' के प्रधान संपादक उमेश जोशी को दिया गया। सम्मान में दोनों वरिष्ठ पत्रकारों को प्रशस्त्रि पत्र एवं स्मृति चिन्ह दिया गया एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साहित्य एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित संस्था संवाद एवं हरियाणा जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जनमत की राजनीति विषय पर बतौर मुख्य वक्ता एनडीटीवी इंडिया के कार्यकारी संपादक रवीश कुमार ने अपनी बात तार्किक अंदाज में तथ्यों के संग रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय बङ्क्षठडा के प्रो. चमन लाल एवं बार एसोसिएशन, सिरसा के प्रधान रमेश मेहता ने की। मंच संचालन संयुक्त रूप से प्रो. हरभगवान चावला एवं संवाद के सचिव परमानंद शास्त्री ने किया। रवीश कुमार ने जनमत की राजनीति पर गहरी पैठ से प्रकाश डालते हुए कहा कि अभिव्यक्ति का खतरा उस जमाने में भी था जब संचार और सूचना तंत्र के साधन नहीं थे।
     उन्होंने कहा कि आज जनमत बन नहीं रहा है, बल्कि जनमत का एक तरह से उत्पादन हो रहा है। नेटवर्क का दायरा बहुत व्यापक हो गया है। सोशल मीडिया अब सोशल नहीं रहा है और यहां पर एंटी सोशल एलीमेंट्स हावी हुए जा रहे हैं। न्यूज चैनलों पर दिखाई जा रही डिबेट को उन्होंने फायदेमंद की बजाय नुक्सानदाक बताते हुए कहा कि जनमत की फैक्ट्रियां बनीं इन डिबेट को सतर्कता से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक तरह से ट्रेन किए हुए दलों के प्रवक्ता सवालों का जवाब एक ही स्टाइल में देते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में दर्शक भी इनोसेंट नहीं रहा है। जनता का धुव्रीकरण हुआ है। जनमत अब विचार न होकर डिब्बा बन गया है जो एक पैकेज में परोसा जा रहा है। उन्होंने छत्रपति सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि ये जितने भी अवार्ड हंै एक तरह से जमीर के पहरेदार बन गए हैं। इससे अपनी जिम्मेदारी का दायित्वबोध होता है और ये अवार्ड चुनौती भी बनते हैं। 'खबरें अभी तक' के प्रधान संपादक उमेश जोशी ने अपने संक्षिप्त लेकिन सटीक वाचन में कहा कि व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई के लिए अदम्य साहस की जरूरत रहती है। जगह, स्थान और पद इस दायरे में नहीं आते। बल्कि छोटी जगह पर भी छोटे समाचार पत्रों में बहुत से पत्रकार इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और छत्रपति इसकी मिसाल हैं। 
   कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. चमन लाल ने देश-प्रदेश में फैले पाखंड व ढोंगी बाबाओं पर जमकर कटाक्ष किए और इसे देश की एकता व अखंडता के लिए खतरा बताया। उन्होंने डेरा सच्चा सौदा की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाए और छत्रपति को लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी बताया। इससे पहले हरियाणा जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन की ओर से अमित तिवाड़ी ने उमेश जोशी के प्रशस्ति पत्र का जबकि संवाद की ओर से वीरेंद्र भाटिया ने रवीश कुमार के प्रशस्ति पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम के शुरूआती दौर में गायिका तरन्नुम भारती ने गीत जबकि राज वर्मा ने हरभजन ङ्क्षसह रेणू की गजल प्रस्तुत की। तदोपरांत अतिथियों ने साहित्यकार हरभगवान चावला के कहानी संग्रह 'हमकूं मिल्या जियावनहारा' का लोकार्पण किया। एडवोकेट लेखराज ढोट ने छत्रपति के जीवन से परिचित करवाया और वर्तमान दौर में व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इस अवसर पर संवाद के सचिव हरविंद्र सिंह, एचजेए के सचिव हितेष चतुर्वेदी, प्रवक्ता मनमोहित ग्रोवर, नवदीप सेतिया, संजीव शर्मा सहित दोनों संस्थाओं के सदस्य एवं क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संस्थाओं के सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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बांसवाड़ा में बीजेपी पर फर्जी मतदान का आरोप, आक्रोश के चलते निर्दलीय और कांग्रेस ने किया कड़ा विरोध


वार्ड ३ से बीजेपी की उमीदवार अरुणा जोशी के पति बीजेपी पूर्व नेता प्रतिपक्ष दीपक जोशी पर चैयरमैन पद को हासिल करने के लिए फ़र्ज़ी मतदान कराया - भुनेश्वरी मलोत, निर्दलीय उमीदवार 
सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी फ़र्ज़ी वोट डलवाने पर उतरी - भावना कुंवर 
हार के डर से लगाए जा रहे है मुझ पर फ़र्ज़ी आरोप - दीपक जोशी नेता प्रतिपक्ष 
स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्क़त
 बांसवाड़ा।। बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव वार्ड संख्या 3 में आज फर्जी को लेकर कांग्रेस की भावना कुंवर औंर निर्दलिय उम्मिदवार भुनेश्वरी मालोत ने आरोप लगाते हुए बताया कि पोलिंग बूथ के बीएलओ दिलिप बैरवा एवं मूलचन्द कलाल ने देश की सत्तारूढ पार्टी बीजेपी से मिलिभगत कर एवं उनके दबाव में अनेकों फर्जी मतदान करवायें है।
   भुनेश्वरी मालोत के पोलिंग बूथ एजेंट आर. के. मालोत व महेन्द्र मेहता सहित क्षेत्र के कई लोगा ने आरोप लगाते हुए बताया कि कई लोगो को बिना किसी आई डी कार्ड के एवं जिनके नाम वार्ड की सूची में से हटा दियें गये है ऐसे लोगो को जिनका क्षेत्र विशेष में अस्तित्व हीं नहीं है उनका फर्जी मतदान करवाया जा रहा है। मालोत ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के द्वारा रात को दारू पिलाकर लोगो से फर्जी वोट डलवायें जा रहे है। उन्होंने प्रशासन एवं सरकारी कर्मचारियों पर भी आरोप लगाया कि वे भी सत्ता के दबाव में फर्जी मतदान करवा रहें है। साथ मालोत ने वार्ड में प्रशासन से निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की है, जिससे लोग भय और आक्रान्त से मतदान न करें।
   मौंके पर हो रहीं फर्जी मतदान की सूचना पाकर पूर्व विधायक बांसवाड़ा अर्जुन बामनिया भी स्थिति का जायजा लेने पहुचे और उपस्थित प्रशासनिक अधिकारीयों से चर्चा की व निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की।
    उधर बीजेपी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिपक जोशी का कहना है कि मुझ पर लगाये गये आरोप निराधार है व हार के ड़र से निर्दलिय एवं कांग्रेस उम्मिदवार बोखला कर मुझ पर निराधार आरोप लगा रहें है। साथ पोलिंग बूथ की शांति व्यवस्था की मांग को लेकर प्रशासन से आर. के. मालोत की गिरफतारी की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी के विधायक धनसिंह रावत, जिला अध्यक्ष मनोहर पटेल एवं पूर्व जिला अध्यक्ष भगवत पूरी भी मौंका जायजा लेकर एवं अपने कार्यकताओं से चर्चा कर निकल गयें।
                     

 


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नरेन्द्र मोदी ने चांद-तारे दिखाकर सत्ता हथियाई, झारखंड की जनता जवाब देगी - कांग्रेस

Written By Bureau News on Friday, November 21, 2014 | 8:37 PM

      रांची।। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ऑस्कर फर्नांडीस और सुबोधकांत सहाय ने आज यहां दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता को चांद-तारे दिखाकर और अपनी मार्केटिंग स्किल की बदौलत ही राष्ट्र्रीय सत्ता और कई राज्यों में भी सत्ता हासिल की है लेकिन झारखंड की जनता विधानसभा चुनावों में इसका जवाब देगी। ऑस्कर फर्नांडीस और सुबोधकांत सहाय ने आज यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप लगाया और कहा कि नरेन्द्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं के दावों की पोल अब खुल गई है और देश की जनता उनकी असलीयत जान गई है। 
   सुबोधकांत सहाय ने दावा किया कि झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनावों में राज्य की जनता कांग्रेस के नेतृत्व में ही सरकार बनाएगी और भाजपा और उसके नेताओं को उनके झूठे वादों के लिए सबक सिखाएगी। एक सवाल के जवाब में सुबोधकांत सहाय ने कहा कि नरेन्द्र मोदी और भाजपा को लोकसभा चुनावों, महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में सिर्फ बड़बोलेपन का लाभ मिला है लेकिन अब इसका वक्त खत्म हो गया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और मोदी को जितना उूंचा जाना था वह जा चुके और उनका ग्राफ अब नीचे गिरना तय है जबकि कांग्रेस का ग्राफ चढऩा तय है। उन्होंने दावा किया कि 25 नवंबर को झारखंड में प्रथम चरण में जिन 13 विधानसभा सीटों पर मतदान होने जा रहे हैं उनमें से भाजपा को एक-दो सीटें भी मिल जाएं तो बहुत है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण की अधिकतर सीटों पर कांग्रेस का ही कब्जा होगा।

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ट्रेफिक पुलिस की बदसलूकी के खिलाफ पत्रकारों ने दिया धरना

    अमृतसर।। अमृतसर में वीरवार को स्थानीय पत्रकारों की तरफ से हाल गेट के बाहर धरना लगा कर ट्रैफि़क पुलिस की धकेशाही के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई। दरअसल जब पत्रकार अवदेश गुप्ता हाल गेट चौंक में कवरेज करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने अपना स्कूटर सड़क के बिल्कुल किनारे पर लगा दिया, जहां दो महिला कांस्टेबल आईं और पत्रकार को कहने लगी कि तूमने गलत पार्किंग की है तो पत्रकार ने कहा कर पार्किंग बिल्कुल सही है तो उक्त कांस्टेबल ने कागज़ दिखाने का रोब डाला तो पत्रकार ने कहा आपके पास कागज़ चैक करने का अधिकार नहीं है आप अपने किसी सीनियर अफ़सर को बुला ले मैं कागज़ दिखा देता हूं। तो महिला कांस्टेबलें भड़क उठी और कहने लगी कि अब तू हमें सिखाएगा कि हमारे क्या अधिकार हैं। हम तुम्हें बताते हैं कि पुलिस क्या कर सकती है। उसी समय ए इस आई सुभेग सिंह आ गया और कहा कि यह शहर के पुराने पत्रकार हैं तो उक्त महिला कांस्टेबलो ने कहा कर तू थानेदार को रिश्वत दे रहा है। पीडित पत्रकार के मुताबिक मौका पर पहुंचे सर्कल इंचार्ज इंस्पेक्टर अमोलक सिंह ने भी दोनों पक्ष की बात सुने बिना ही रोब झाडऩा शुरू कर दिया और महिला कांस्टेबलो को गाड़ी में बिठा कर चला गया। जिस पर समूह पत्रकारों ने रोष जाहर करते हुए हाल गेट जाम कर दिया और करीब 3 घंटे हाल गेट जाम ही रहा। कुछ समय बाद उच्च अधिकारी घटना वाली जगह पहुंचे और मामले को सुलझाने की कोशिश की परन्तु पत्रकार महिला कांस्टेबल को सस्पैंड करने और इंस्पेक्टर अमोलक सिंह को लाईन हाजिर करने की मांग पर अड़े हुए थे।



(बिक्रम गिल)
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सहायक लोक अभियोजक रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

    राजगढ़/मप्र।। लोकायुक्त पुलिस ने जिले के तहसील मुख्यालय नरसिंहगढ़ में कल शाम न्यायालय परिसर में सहायक लोक अभियोजक :एजीपी: दिनेश शर्मा को पांच हजार रुपया रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। लोकायुक्त पुलिस भोपाल के उप पुलिस अधीक्षक जयराम रघुवंशी ने बताया कि बोडा करबा निवासी धापूबाई ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल को शिकायत की थी कि उसके पुत्र के खिलाफ दुष्कृत्य का मामला नरसिंहगढ़ के न्यायालय में चल रहा है। 
    इसे लेकर सहायक लोक अभियोजन (एजीपी) उससे लगातार रुपए लेते आ रहे हैं लेकिन मामले का निपटारा नही हो पा रहा था। परेशान होकर धापूबाई ने लोकायुक्त भोपाल को इसकी शिकायत कर दी। लोकायुक्त पुलिस ने शर्मा को गिरफ्तार करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने के बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया।
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लापरवाही के कारण रामपाल को जॉब से निकाला

   नई दिल्ली।। वर्ष 2010 में कंपनी में जुनियर इंजीनियर के पद पर काम कर रहे एक शख्स को इसलिए नौकरी से निकाला जाता है, क्योंकि वह लापरवाही से काम करता था। आज उसी इंसान के पास 100 करोड़ का डेरा और आज सभी उसे संत रामपाल के नाम से जानते है। 62 साल के इस बाबा के पास से लेकर मॢसडीज हर तरह की लग्जरी गाडि़या हैं और ये हरियाणा के बरवाला में स्थित 12 एकड़ के एक आश्रम में रहते हैं।
बाबा के इस आश्रम में खास भक्तों के लिए एयर-
    एयर कंडिशन वाले रूम और लेक्चर देने के लिए हॉल भी है जहां पर बड़े-बड़े एलईडी स्क्रिन्स लगे हैं। सोशल साइट से लेकर खुद की बेवसाइट-रामपाल की अपनी बेवसाइट भी है जिस पर उनके नियम लिखे हैं। इस बेवसाइट पर रामपाल के संत्संग को लाइव भी दिखाया जाता है। बाबा के पास अपना पेससबुक और यू-टयूब अकाउंट भी है। 
   पिछले एक दिन में बाबा के लगभग 2000 नए लाइक्स बढ़े हैं। बाबा ने कहा कि यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश पंजाब और दिल्ली में करीब 25 लाख फॉलोवर्स हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली में रामपाल की अपनी प्रॉपर्टी भी है।
किसान परिवार में जन्में रामपाल-
    रामपाल का जन्म वर्ष 1951 में हरियाणा के ही गांव सोनपत में एक किसान परिवार में हुआ था। रामपाल पढ़ाई पूरी करने के बाद हरियाणा सरकार के ङ्क्षसचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर थे। इसी दौरान उनकी भेंट 107 साल के कबीरपंथी संत स्वामी रामदेवानंद महाराज से हुई। रामपाल उनके शिष्य बन गये। इसके बाद 1995 में उन्होंने 18 साल लंबी अपनी नौकरी छोड दी और सत्संग करने लगे। वर्ष 1999 में उन्होंने सतलोक आश्रम की नींव रखी। संत रामपाल जी महाराज किसी भगवान को नहीं मानते, किसी भी देवी देवता की पूजा के सख्त खिलाफ हैं संत रामपाल, लेकिन कबीरपंथी रामपाल खुद को परमेश्वर बताते हैं। पिछले 14 दिनों से चल रहे ड्रामे के बाद रामपाल को पुलिस ने उनके आश्रम से गिरफ्तार कर लिया। 
   रामपाल को गिरफ्तार करने में पुलिस का खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस और रामपाल के समर्थकों के बीच झड़पें भी हुईं जिसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई। आश्रम का दावा है कि इन लोगों की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने गोली नहीं चलाई। नशीले पदार्थों के सेवन का विरोध -संत रामपाल अपने अनुयायइयों को हुक्का, शराब, बीयर, तम्बाखु, बीड़ी, सिगरेट, हुलास सुंघना, गुटखा, मांस, अण्डा, सुल्फा, अफीम, गांजा और अन्य नशीली चीजों का सेवन तो दूर रहने की बात कहते हैं। 
तीर्थ स्थानों पर जाना निषेध -
   संत रामपाल किसी भी तरह के व्रत, पूजा पाठ को नहीं मानते। साथी ही गंगा स्नान, मंदिरों में जाने को भी बुरा मानते है। जन्म-मरण के बाद होने वाले किसी भी तरह के पूजा पाठ का विरोध करते हैं। साथ ही पितरों के पूजा का भी विरोध करते हैं। मांसाहारी भोजन और समाज में छूआछूत का विरोध करते है। किसी भी अवसर पर किए जाने वाले नाच-गान को अश्लील मानते हैं और उसका पूर्ण रूप से विरोध करते है। विवाह के मौके पर दिए जाने वाले किसी भी तरह के दहेज के लेन देन के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि दहेज लेना व देना कुरीति है तथा मानव मात्र की अशांति का कारण है। 
क्या है विवाद? 
   वर्ष 2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर संत रामपाल ने एक टिप्पणी की, आर्यसमाज को ये टिप्पणी बेहद नागवार गुजरी और दोनों के समर्थकों कें ङ्क्षहसक झडप हुइ। घटना में एक शख्स की मौत भी हो गई। घटना के बाद एसडीएम ने 13 जुलाई 2006 को आश्रम को कब्जे में ले लिया। रामपाल और उनके 24 समर्थकों को गिरप:तार कर लिया गया। वर्ष 2006 में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था जिसमें उन्हें 21 महीने जेल में रहना पड़ा था। तब से रामपाल जमानत पर हैं। पिछले चार सालों में रामपाल 43 बार कोर्ट के आदेश का अवहेलना कर चुके हैं।
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अनुच्छेद 370 पर अलग अलग राग अलाप रही है भाजपा - उमर

    बीरवाह/जम्मू कश्मीर।। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी राज्य के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग राग अलाप रही है। उमर ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में बीरवाह विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र भरने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, ''भाजपा स्वयं अलग अलग सुर अलाप रही है। जम्मू में वे अनुच्छेद 370 को समाप्त करने की बात करते हैं और घाटी में वे कहते हैं कि यदि लोग चाहेंगे हैं तो यह (संविधान में) रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कश्मीर आएंगे इस मुद्दे पर चीजें स्पष्ट हो पाएंगी। ''मैं आश्वस्त हूं कि जब प्रधानमंत्री यहां आएंगे तो चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। चुनाव के पश्चात नेशनल कांफ्रेंस के भाजपा से हाथ मिलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उमर ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव इसलिए लड़ रहे हैं ताकि अपने बूते पर जनादेश पा सकें। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि राज्य के जम्मू एवं लद्दाख क्षेत्रों में मोदी का कुछ प्रभाव है लेकिन उन्हें कश्मीर में अभी तक ऐसा कुछ नहीं दिखा। 
   उमर ने पीडीपी के इस दावे को बकवास करार दिया कि उन्होंने प्रधानमंत्री की शह पर स्वच्छ भारत अभियान में हिस्सा लिया है ताकि उन्हें प्रसन्न किया जा सके। उन्होंने कहा, '' काश वह सही होते। वे इसी तरह के दुष्प्रचार पर पल रहे हैं। मुझे ट्विटर पर सलमान खान :बालीवुड अभिनेता: ने मनोनीत किया था। सलमान खान के ट्विटर पर बहुत से फालोवर हैं। लिहाजा उनके आग्रह पर मैंने झाड़ू उठाई। उमर ने कहा कि यदि सड़कों पर झाडू लगाना चुनावी सफलता की गारंटी है तो पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को भी झाडू उठानी चाहिए थी, क्योंकि उन्होंने महबूबा को स्वच्छता अभियान के तहत ट्विटर पर मनोनीत किया था।
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फर्जी चेक देने वाले को एक साल का कठोर कारावास

      छतरपुर/म.प्र।। एक स्थानीय अदालत ने बैंक में खाता बंद होने के बावजूद दो लाख रुपए का चेक जारी करने के आरोपी को एक साल के कठोर कारावास और ढ़ाई लाख रुपए जुर्माने के रुप में देने का आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार छतरपुर निवासी श्रीमती चंचल नायक ने आरोपी जमना कोरी को दो लाख रुपए उधार दिए थे। जमना ने यह रकम वापस अदा करने के लिए चंचल नायक को जिला सहकारी केद्रीय बैंक शाखा छतरपुर के खाते 29 दिसंबर 12 का चेक दिया था। चंचल ने यह चेक जब अपने खाते में जमा किया तो बैंक ने जमना का खाता बंद होने के कारण चेक का भुगतान करने से मना कर दिया। खाता बंद होने की जानकारी होने के बाद भी जमना ने चंचल को चेक दिया। 
   इस धोखाधड़ी पर चंचल ने अदालत में मामला पेश किया। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी प्रदीप दूबे की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी जमना कोरी को धोखाधड़ी के अपराध का दोषी करार देते हुए एक साल के कठोर कारावास के साथ ढ़़ाई लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
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पूर्व कोयला सचिव, अन्य के खिलाफ आगे जांच करे सीबीआई - अदालत

     नई दिल्ली।। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आज कहा कि पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता व दो अन्य सरकारी अधिकारियों का व्यवहार प्रथम दृष्टया आपराधिक कदाचार के दायरे में आता है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह कोयला खान आवंटन घोटाले से जुड़े उस मामले में आगे जांच करे जिसमें नागपुर एक निजी कंपनी घिरी है। इस मामले की फाइल बंद करने की सिफारिश के साथ सीबीआई ने क्लोजर रपट दाखिल कर दी थी। अदालत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि कोयला मंत्रालय के अधिकायों या यूं कहें तो स्क्रीनिंग (जांच) समिति के अधिकरियों ने इस तरीके से काम किया जो कि जनहित के लिए 'हानिकारक' था तथा उन्होंने जैस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड पावर लिमिटेड (अब जैस इन्फ्रास्ट्रक्चर कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड-जेआईसीपीएल) को देश के राष्ट्रीयकृत प्राकृतिक संसाधनों (कोयला आदि) का गबन करने की 'छूट' दी। अदालत ने कहा है,'प्रथम दृष्टया यह भी स्पष्ट है कि कोयला मंत्रालय में सचिव और जांच समिति के अध्यक्ष एच सी गुप्ता, तत्कालीन संयुक्त कोयला सचिव व सदस्य समन्वयक के एस करोफा व तत्कालीन निदेशक के सी समारिया वे लोग हैं जिन पर सार्वजनिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी उपाय करने का दायित्व था ऐसे में उनके खिलाफ मामला आगे बढय़ा जाना चाहिए।
   मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश भारत पराशर ने 45 पन्नों के अपने आदेश में कहा,' उनका व्यवहार स्पष्ट रूप से आपराधिक कदाचार की श्रेणी में आता है जैसा कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (1)(सी) तथा 13 (1)(डी)(तीन) में परिभाषित है। इसके अलावा इनका व्यवहार भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रपट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और मामले में आगे जांच का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को प्रगति रपट 19 दिसंबर को दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि महुआगढ़ी कोयला ब्लाक (झारखंड) के आवंटन के लिए आवेदन करने वाली जेआईसीपीएल के साथ साथ 'इसके निदेशक मनोज कुमार जायसवाल के खिलाफ भी प्रथम दृष्टया अभियोग आगे चलना चाहिए क्योंकि उनकी मंशा से ही गलत सूचना दी गई या गलत तथ्य पेश किए गए।
    यह मामला नागपुर के कारोबारी मनोज जायसवाल, जैस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड पावर लिमिटेड, अभिषेक जायसवाल और आनंद जायसवाल के खिलाफ कोयला ब्लाक हासिल करने के लिए कथित रूप से अनियिमितता बरतने के आरोप से जुड़ा है। सीबीआई ने इसमें प्राथमिकी दर्ज थी पर बाद में क्लोजर रपट लगा दी। न्यायाधीश ने कहा कि उनके विचार में मामले को बंदर करने के सीबीआई के निष्कर्ष को 'स्वीकार नहीं किया जा सकता। विशेष सरकारी वकील आर एस चीमा ने इस मामले की फाइल बंद करने की सीबीआई की रपट पर 27 अक्तूबर को आपत्ति उठाई। उन्होंने कहा कि अदालत को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रखना चाहिए।
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लूट के बाद युवती को चलती ट्रेन से नीचे फेंका

     भोपाल।। मध्य प्रदेश में करोदा रेलवे स्टेशन पर एक 29 वर्षीय युवती से दो लोगों ने कथित तौर पर लूटपाट कर उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। युवती इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई है। पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया है। युवती की मां मिथ्या त्रिपाठी ने आज यहां बताया कि उनकी 29 वर्षीय बेटी रति त्रिपाठी उज्जैन स्थित महाकाल के दर्शन के लिए आ रही थी जबकि वे लोग अपने गृह नगर कानपुर से पहले ही कल सुबह दूसरी गाडी से उज्जैन पहुंच गए थे। रति दिल्ली में एक निजी कंपनी में मैनेजर है। उन्होंने घटना के गवाह मालवा एक्सप्रेस के यात्रियों के हवाले से बताया कि झांसी के आगे ललितपुर रेलवे स्टेशन से दो लड़के ट्रेन में सवार हुए। उन्होंने खुद को टी.सी को रेलवे का स्टॉफ बताया उन्होने बताया कि करोदा रेलवे स्टेशन के पास इन लोगों ने रति के साथ लूटपाट की और उसका मोबाइल, पर्स, गले की चेन और कान के बूंदे लूट लिए और उसे ट्रेन से नीचे फेंक दिया। 
    उन्होंने कहा कि यात्रियों ने जीआरपी : राजकीय रेलवे पुलिस : एवं टी.सी को सूचना भी दी लेकिन किसी ने ट्रेन नहीं रोकी। उन्होंने बताया कि कल सुबह जब मालवा एक्सप्रेस उज्जैन पहुंची तो उसमें एस-7 बोगी में रति नहीं मिली। उन्होंने यात्रियों से पूछताछ की तो उन लोगों ने बताया कि बीना के पहले करोद रेलवे स्टेशन पर दो बदमाशों ने एक लडकी को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था। मिथ्या त्रिपाठी ने बताया कि इस सूचना के बाद वह अपने पुत्र आध्यात्मिक के साथ बीना रवाना हो गई, जहां उन्हें पता चला कि करोद रेलवे स्टेशन के पास से बरामद लड़की को गंभीर अवस्था में बीना में उपचार के बाद भोपाल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस सूचना के बाद वे भोपाल के हमीदिया अस्पताल गईं जहां से उन्हें रति के भोपाल के बंसल अस्पताल में होने की सूचना मिली। अस्पताल में रति की हालत स्थिर बनी हुई है और सिर तथा चेहरे पर चोट आई है।
    फिलहाल उसके बेहोश होने के कारण पुलिस बयान दर्ज नहीं कर सकी है। घटना की सूचना मिलने पर गृह मंत्री बाबूलाल गौर आज सुबह अस्पताल पहुंचे और वहां चिकित्सकों से चर्चा कर उन्होंने रति के स्वास्थ्य की जानकारी ली। गौर ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर पुलिस महानिदेशक :रेलवे: मैथिलीशरण गुप्ता ने दोनों बदमाशों पर 10-10 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा करते हुए एक बदमाश का स्कैच भी जारी किया है। उन्होंने बताया कि रेलवे पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है और लड़की के होश में आने के बाद उसके बयान लिए जाएंगे। बीना रेलवे पुलिस ने बताया कि रेलवे पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी मामले की तहकीकात के लिए आज ही बीना पहुंच रहे हैं। वे करोद स्टेशन भी जाएंगे, जहां पर यह घटना हुई है।
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दो साल में 15 अरब डालर का होगा भारतीय ई कामर्स बाजार - गूगल

     नई दिल्ली।। प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने आज कहा कि इंटनेट के बढते इस्तेमाल तथा आनलाइन शापिंग के प्रति बढते मोह के चलते भारत में इंटरनेट के जरिए होने वाला कारोबार (ई कामर्स) 2016 तक बढ़कर 15 अरब डालर हो जाएगा। कंपनी का कहना है कि आनलाइन खरीदारी करने वालों की संख्या अगले दो साल में बढ़कर 10 करोड़ हो जाएगी। कंपनी ने एक सर्वेक्षण में निष्कर्ष निकाला है कि 2012 में 80 लाख लोग आनलाइन खरीदारी कर रहे थे जबकि फिलहाल यह संख्या बढ कर 3.5 करोड़ हो गई है। ग्राहक आनलाइन स्टोरों से परिधानों से लेकर इलेक्ट्रानिक सामान व कास्मेटिक तक विभिन्न तरह के उत्पाद खरीदते हैं। यह संख्या अगले दो साल में बढ़कर दस करोड़ होने का अनुमान हैं अनुमान है कि भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या दिसंबर 2014 के आखिर तक बढ़कर 30.2 करोड़ हो जाएगी और आनलाइन उपयोक्ताओं की संख्या के लिहाज से वह अमेरिका को पछाड़ते हुए दूसरे स्थान पर आ जाएगा। गूगल इंडिया के प्रबंध निदेशक राजन आनंदन ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा,'आनलाइन खरीदारों की संख्या 2016 तक तीन गुना बढेगा और महानगरों से पांच करोड़ से अधिक नए ग्राहक जुड़ेंगे।
    उन्होंने कहा कि आनलाइन खरीदारी को लेकर लोगों का भरोसा काफी उूंचा है। उन्होंने कहा कि भारत का आनलाइन खुदरा कारोबाार बाजार 2016 के आखिर तक 15 अरब डालर का हो जाएगा। विश्लेषकों का कहना हे कि भारत में ईकामर्स बाजार इस समय तीन अरब डालर मूल्य का है। अगले दो साल में आनलाइन खरीदारों की संख्या 10 करोड़ होगी जिनमें से लगभग चार करोड़ महिला ग्राहक होने का अनुमान है। फोरेस्टर कंसलटिंग द्वारा किए गए अनुसंधान के अनुसार लोग सुविधा व अधिक वैरायटी उपलब्ध होने के कारण आनलाइन खरीदारी को वरीयता देते हैं।
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रामपाल के आश्रम में मिले कंडोम, महिला टॉयलेट में लगे कैमरे

    हिसार/चंड़ीगढ़।। करीब 60 घंटे की घेराबंदी और 45 हजार जवानों की ताकत भिड़ाने के बाद सतलोक आश्रम के बाबा रामपाल को गिरप:तार करने के बाद पुलिस आश्रम में सर्च अभियान में दौरान कई चौकाने वाली चीजें देखने को मिली। आश्रम में अब भी हजारों भक्त है और उनके लिये लगातार लंगर चल रहा है। हत्या के मामले में पेशी के पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश से लगातार इनकार करने वाले बाबा के बरवाला (हिसार, हरियाणा) स्थित आश्रम से कई चौंकाने वाली चीजें मिली हैं। बाबा रामपाल से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आए हैं। 
मिले कंडोम और महिला शौचालयों में कैमरे 
    सतलोक आश्रम में तलाशी के दौरान पुलिस को कंडोम, महिला शौचालयों में खुफिया कैमरे, नशीली दवाएं, बेहोशी की हालत में पहुंचाने वाली गैस, अश्लील साहित्य समेत काफी आपत्तिजनक सामग्री मिली है। आश्रम में महिलाओं पर कैमरे से नजर रखी जाती थी। आश्रम के मुख्य द्वार के साथ बने महिला शौचालय के बाहर लगे कैमरे का मुंह भी अंदर की तरफ किया गया था। शौचालय में पुलिस को कंडोम भी मिले हैं। आश्रम के अंदर नाइट्रोजन गैस की बदबू आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे खतरनाक बताते हुए नशीली गैस बता रहे हैं। 
बलात्कार का आरोप
    आश्रम से बुधवार को बाहर आने पर महिलाओं ने भी चौंकाने वाले कई खुलासे किये। उनके अनुसार, निजी कमांडो उन्हें बंधक बनाकर बलात्कार तक करते थे। विरोध करने पर कई दिनों तक पहनने को कपड़े तक नहीं दिये थे। ऐसी जगह रखते थे कि किसी तक उनकी आवाज नहीं पहुंच सकती थी।
    इस मामले की पुष्टि पुलिस ने भी की है। उनके अनुसार, महिलाएं यहां दवाई लेने भी आती थीं, लेकिन उनके साथ बलात्कार किया जाता था। आश्रम से बाहर आई एक महिला की माने तो पिछले कई दिनों से उससे बलात्कार किया जा रहा था। वह अपने पति और बच्चे के साथ यहां आई थी। 7 दिनों से वह आश्रम में ही थी। 5 दिनों से उसका पति से संपर्क नहीं हो पा रहा था। 
दूध से नहाता रामपाल, बनती खीर
    आश्रम में सतसंग के लिए आए एक अनुयायी ने बताया कि ध्यानमग्न रामपाल को दूध से नहलाया जाता था और बाद में उसी दूध की खीर बनाकर प्रसाद के तौर पर बांट दिया जाता था।अनुयायियों को कहा जाता है कि यही खीर उनकी ङ्क्षजदगी में मिठास लाएगी।
 ट्रेंड कमांडो थे सुरक्षा में 
   हरियाणा पुलिस अपनी जांच कर रही है कि बाबा रामपाल के कम से कम 300 सुरक्षाकॢमयों को आर्मी और पुलिस से रिटायर लोगों ने ट्रेंड किया है। ट्रेङ्क्षनग देने वालों में नेशनल सिक्युरिटी गाड्र्स (एनएसजी) और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के लोग शामिल हैं। इंटेलिजेंस से जुड़े सूत्र कहते हैं कि रामपाल की फौज में 25 से 35 वर्ष के लोग भर्ती किए गए हैं। इनके पास प्वाइंट 315 बोर की राइफल, प्वाइंट 32 बोर की राइफल और पिस्टल हैं। 
आश्रम में बनवा रखी थी सुरंग 
    रोहतक स्थिति करौंथा आश्रम में रामपाल ने सुरंग बनवा रखी है। वह अक्सर उसी सुरंग में लगी सूची के माध्यम से प्रकट होता था। यहां सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। आश्रम में छापामारी के दौरान यहां 30 किलो सोने के जेवरात मिले। इनमें ज्यादातर महिलाओं के मंगलसूत्र और हार हैं। यहां नोटों से भरी कई बोरियां और सिक्कों से भरी 17 बोरियां मिली हैं। इसके साथ ही विदेशी शराब की कई बोतलें और अय्याशी के कई और सामान भी बरामद हुए।
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नागमणि ने बनाई नई पार्टी

   नई दिल्ली।। दिल्ली की आबादी में 30 प्रतिशत की भागीदारी रखने वाले पूर्वांचल के लोगों के वोट को ध्यान में रखते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि ने आज यहां एक नई राजनीतिक पार्टी गठित की। नागमणि इससे पहले कई पार्टियां बदल चुके हैं। चतरा के पूर्व सांसद नागमणि ने आज समरस समाज पार्टी शुरू की। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी पूर्वाचलियों एवं प्रवासियों के उत्थान के लिए काम करेगी जो उनके अनुसार दिल्ली की आबादी का 80 प्रतिशत हिस्सा है। 
   उन्होंने यह आंकड़ा अपने ''आतंरिक सर्वेक्षण" के आधार पर उदृधत किए। उन्होंने कहा, ''लोग हम पर क्षेत्रवाद का आरोप लगा सकते हैं लेकिन 80 प्रतिशत लोगों के लिए काम करना राष्ट्रवाद है। हम दृढ़ता से उनके लिए काम करेंगे क्योंकि उनकी बरसों से अनदेखी की गई है। गौरतलब है कि नागमणि अभी तक कम से कम 11 बार पाला बदल चुके हैं।
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सिद्धू के बयान पर भाजपा रूख स्पष्ट करे - बाजवा

    जालंधर।। पंजाब की गठबंधन सरकार के बारे में घटक दल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नवजोत सिद्धू के विवादस्पद बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि इस पर पार्टी अपना रूख स्पष्ट करें, क्योंकि जिस सरकार पर वह भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, उस कैबिनेट में उनकी पार्टी के कई नेता शामिल हैं। पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, ''पंजाब में अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन सरकार है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नवजोत सिद्धू ने कथित तौर पर हाल ही में सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इससे आम आदमी भ्रम में हैं।
    बाजवा ने कहा, ''भारतीय जनता पार्टी को सिद्धू के बयान पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए क्योंकि आवाम भाजपा के जवाब के इंतजार में हैं। सिद्धू जिस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं उसमें उनकी पार्टी न केवल मुख्य घटक है बल्कि कैबिनेट में पार्टी के चार सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा, ''इतना ही नहीं, पार्टी के कई विधायक इस सरकार में मुख्य संसदीय सचिव भी हैं और इसमें नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर भी शामिल हैं। गौरतलब है कि सिद्धू ने हाल ही में कथित रूप से कहा था कि राज्य सरकार दस फीसदी सेवा कर रही है और 90 फीसदी मेवा खा रही है। बाजवा से इस बारे में पूछा गया था। इसके बाद उनका यह बयान आया है।
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निजी चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग मेहरबान

    डबवाली।। स्थानीय सिविल अस्पताल में पिछले डेढ़ वर्ष से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने के चलते स्वास्थय विभाग द्वारा शहर के तीन निजी चिकित्सकों से गठजोड़ किया गया है, जिन्हें डिलीवरी होने उपरांत बच्चे की जांच के लिए सिविल अस्पताल में बुलाकर एक हजार रूपये दिये जाने का प्रावधान है। अगर बच्चा गंभीर हो और सिविल अस्पताल मेें इलाज संभव न हो, तो निजी चिकित्सक बच्चे को अपने अस्पताल में ले जाते है, जिसका खर्च बच्चे के परिवारजनों को भुगतना पड़ता है। ''प्रैसवार्ता" को मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थय विभाग प्रतिमास इन चिकित्सकों पर 50 से 60 हजार रूपये प्रतिमास खर्च करता है, जबकि हरियाणा में बाल रोग विशेषज्ञ का वेतन प्रतिमास लगभग चालीस हजार रूपये है। केवल इतना ही नहीं, यदि बच्चे के परिवारजन निजी चिकित्सक की सेवाएं लेने में असमर्थ हो या न लेना चाहें, तो सिविल अस्पताल से बच्चे को 60 किलोमीटर दूर सिरसा के सामान्य अस्पताल में बने न्यू बोर्न केयर यूनिट के लिए रैफर कर दिया जाता है। सिविल अस्पताल में प्रति मास सौ से ज्यादा डिलीवरी होती है, मगर अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चों को होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ ने नौकरी छोड़कर प्राईवेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है, मगर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक रिक्त पद को नहीं भरा। प्रदेश के तत्कालीन सरकार ने स्थानीय सिविल अस्पताल में डिलीवरी का अच्छा आंकड़ा देखते हुए वार्मर, फोटो थरेपी जैसे सामान उपलब्ध करवाया, ताकि जन्म के बाद बच्चों को होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाया जा सके, मगर बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण जरूरी सामान अस्पताल के स्टोर रूम में धूल फांक रहा है।
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धुंध में लोको पायलट को सतर्क करने के लिए पटाखों का इस्तमाल करेगा रेलवे

    जयपुर।। उत्तर पश्चिम रेलवे ने धुंध से निपटने के लिए पटाखों का उपयोग करेगा और कोहरे से निपटने के लिए कई अन्य उपाय भी किए गए हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन ने बताया कि सर्दियों मेेंं गाडिय़ों के संचालन में होने वाली कठिनाईयों से निपटने एवंं सुरक्षा के लिए बिजली से चमकने वालेेे संकेतक लगाए गए है। पटरियों की सुरक्षा के लिए गश्त तेज की गई है तथा अधिक धुंध होने की स्थिति में पटाखे का उपयोग किया जाएगा। 
   उन्होंने बताया धुंध की अधिकता के दौरान स्टेशनों, लोको पायलट, गार्ड, समपार फाटक, ट्रैकमेन को पर्याप्त मात्रा में पटाखों (रेल लाइन पर बांधा जाने वाला पटाखा, जो रेलगाडी के पहियों से दबने के बाद तेज आवाज करता है) की आपूर्ति की जाती है, जो आवश्यकता पर उपयोग किए जा सके। इन पटाखों को रोक सिगनल से पर्याप्त दूरी पर रेल पटरी पर लगाया जाता है, जो रेल इंजन से दबाव के कारण तेज आवाज कर चालक को आगामी सिगनल के आने की जानकारी देता है। 
   जैन ने कहा कि कोहरे की अधिकता वाले रेल खण्ड में सर्दियों के शुरू होते ही रेल संकेतक लगा दिए जाते है जिससे चालक को दूर से ही दिखाई दे। संकेत को जलने-बुझने वाली एलईडी लाइट का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि लोको पायलट द्वारा 'एन्टीफोग डिवाइस' लोकोमोटिव में लगाई जाती है, जो आगे आने वाले पांच किलोमीटर की दूरी तक सिगनल, समपार फाटक एवं स्टेशनों की जानकारी 'डिसप्ले एवं ऑडियो' द्वारा लोको पायलट को देता है।
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हेलीकॉप्टर सौदा : प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन मामले में दाखिल किया आरोपपत्र

    नई दिल्ली।। प्रवर्तन निदेशालय ने 3,600 करोड़ रूपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में धन शोधन की जांच के सिलसिले में आज उद्योगपति गौतम खेतान तथा दो इतालवी नागरिकों सहित अन्य के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपपत्र जिला न्यायाधीश आई एस मेहता के समक्ष दाखिल किया गया जिन्होंने फाइल विशेष न्यायाधीश वी के गुप्ता की अदालत में भेज दी। मामले की सुनवाई अब 24 नवंबर को होगी। प्रवर्तन निदेशालय के अभियोजक के अनुसार, एजेंसी ने 80 पृष्ठ के आरोपपत्र में बतौर आरोपी खेतान की पत्नी रितु, चंडीगढ़ की कंपनी एयरोमैट्रिक्स तथा दो इतालवी बिचौलियों....कार्लो गेरोसा तथा गुइदो हैश्के का नाम भी शामिल किया है। 
   सूत्रों ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ धन शोधन निवारण कानून के प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने पिछले कुछ साल में खेतान और उनकी पत्नी द्वारा किए गए धन के लेन देन का ब्यौरा तथा एयरोमैट्रिक्स के साथ खेतान के कारोबारी जुड़ाव के बारे में भी जानकारी दी है। खेतान पहले एयरोमैट्रिक्स के निदेशक थे। सूत्रों ने यह भी बताया कि मामले में जांच जारी है और अदालत में पूरक आरोपपत्र बाद में दाखिल किया जाएगा। हेलीकॉप्टर सौदा मामले में इस साल सितंबर में खेतान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले व्यक्ति थे। इस मामले में सीबीआई भी समानांतर जांच कर रही है। खेतान फिलहाल तिहाड़ जेल में 28 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में बंद हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कल उनकी जमानत संबंधी अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में आरोप लगाया था कि खेतान अपराध संबंधी अवैध लेनदेन में ''सक्रिय तौर पर लिप्त" थे और वह पूरे सौदे के लाभार्थियों में से एक थे। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच कर रहा है जिसमें करीब 360 करोड़ रूपए की कथित तौर पर दलाली दी गई थी।
   पूर्व में जांच एजेंसी ने कहा था कि खेतान चंडीगढ़ की कंपनी एयरोमैट्रिक्स के बोर्ड में शामिल थे और यह कंपनी हेलीकॉप्टर सौदे में वित्त संबंधी सौदे करने में कथित तौर पर अग्रणी थी। इस साल जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय ने खेतान, पूर्व आईएएफ प्रमुख एस पी त्यागी और 19 अन्य के खिलाफ वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में एक मामला दर्ज किया था। पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय ने कहा था कि जब पुलिस ने हेलीकॉप्टर सौदे की जांच शुरू की तो एयरोमैट्रिक्स के निदेशकों में से एक खेतान ने इस्तीफा दे दिया। ईडी ने यह भी कहा कि बताया जाता है कि खेतान का संदर्भ इतालवी अभियोजक की वहां दाखिल रिपोर्ट में भी दिया गया है। इस मामले में सीबीआई खेतान से पूछताछ कर चुकी है। करीब एक साल से भी पहले सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने हेलीकॉप्टर सौदा मामले में धन शोधन निरोधक कानून के तहत एक मामला दर्ज किया था।
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रामपाल के खिलाफ मामलों की जांच करेगी एसआईटी

    बरवाला।। हरियाणा पुलिस ने बरवाला में रामपाल के सतलोक आश्रम में दो सप्ताह तक रही तनाव और गतिरोध की स्थिति के मद्देनजर दर्ज कुछ मामलों की जांच करने के लिए आज एक विशेष जांच दल :एसआईटी: का गठन करने का आदेश दिया। पुलिस महानिरीक्षक :हिसार रेंज: ए के राव ने कहा, ''हिसार के पुलिस अधीक्षक (सतेंद्र कुमार गुप्ता) की अगुवाई में एक विशेष जांच दल कुछ मामलों में तफ्तीश करेगा। एसआईटी में दो डीएसपी और चार इंसपेक्टरों के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल होंगे। 63 वर्षीय रामपाल और उसके करीबी समर्थकों के खिलाफ देशद्रोह समेत 35 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं। कल रात रामपाल को उसके आश्रम से गिरफ्तार करने के साथ समाप्त हुए गतिरोध के सिलसिले में अभी तक कुल 460 लोगों को अनेक आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। 
   आज सुरक्षाकर्मी आश्रम में गए और मीडियाकर्मियों को भी अंदर जाने की इजाजत दी गई। आश्रम का मुख्य दरवाजा आज दोपहर बाद खोल दिया गया और आश्रम के अंदर मौजूद रहे अधिकतर अनुयाई बाहर निकल गए हैं। राव ने कहा, ''हमें अब अदालत से तलाशी वारंट मिल गया है और पूरी तरह तथा उचित जांच की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आश्रम में अब भी मौजूद कुछ लोग बाहर निकल जाएंगे और अधिकारी उन्हें उनके गंंतव्यों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। राव ने कहा, ''हमारा मुख्य उद्देश्य रामपाल के खिलाफ उच्च न्यायालय के गैर-जमानती वारंट को अमल में लाना था और बेगुनाह लोगों की हिफाजत एवं सुरक्षा का ध्यान रखना था। राव ने कहा कि पुलिस पूरी तरह आश्रम परिसर की तलाशी लेेगी। पुलिस को ऐसे कुछ संदिग्धों की तस्वीरें मिली हैं जिन्होंने मंगलवार को समस्या पैदा की थी। 12 एकड़ में फैले आश्रम में अब भी मौजूद कुछ समर्थकों को देखकर पता लगाया जाएगा कि उनमें संदिग्ध तो मौजूद नहीं हैं। आश्रम में मीडियाकर्मियों को जाने की इजाजत दी गई और अब भी अंदर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि रामपाल के कट्टर समर्थक और निजी कमांडों उन पर आश्रम से नहीं जाने के लिए दबाव बना रहे थे। विशालकाय आश्रम परिसर में हजारों समर्थकों के ठहरने के लिए व्यापक बंदोबस्त देखे जा सकते हैं। आश्रम के भीतर खाद्य सामग्री का भंडार और पानी की बोतलों के अलावा काफी अन्य सामग्री बिखरी हुई देखी जा सकती है। 
    सर्दी के मद्देनजर बड़ी संख्या में समर्थकों के आराम से सोने की भी व्यवस्था की गई थी। सतलोक आश्रम के भीतर एक बड़ा स्वीमिंग पूल है। इसके अलावा रामपाल तथा उसके करीबियों के विलासिता के साथ रहने के कई इंतजाम भी देखे गए। रामपाल के कट्टर समर्थकों में पूर्व सैनिक और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी शामिल हैं। समर्थकों की जांच करने के लिए आश्रम में कई जगहों पर मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आश्रम में हथियार और गोलाबारूद समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री की तलाशी के लिए अभियान शुरू करने से पहले पुलिस ने कहा कि वे चाहते हैं कि सभी बेगुनाह समर्थक बाहर आ जाएं ताकि अब भी आश्रम में छिपा हुआ कोई कमांडो या अन्य आरोपी अलग दिखाई दे सके। पिछले कुछ दिन में आश्रम में गतिरोध की स्थिति के बीच रहस्यमई परिस्थति में चार महिलाओं की मृत्यु हो गई। इस बीच हिसार के एक अस्पताल में एक युवती की मौत हो गई और कल डेढ़ साल के एक बच्चे को भी अस्पताल में मृत घोषित किया गया। हरियाणा पुलिस और अद्र्धसैनिक बलों ने आश्रम परिसर को चारों तरफ से घेर लिया है और कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि अंदर छिपा कोई भी आरोपी बचकर निकल न पाए।
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अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ धन शोधन मामले में संपत्ति कुर्क

    नई दिल्ली।। प्रवर्तन निदेशालय ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ धन शोधन मामले के सिलसिले में आज पंजाब में एक मकान कुर्क किया, जिसका मूल्य एक करोड़ 65 लाख रूपए है। एजेंसी ने बताया कि उसने धन शोधन निवारण कानून के आपराधिक प्रावधानों के तहत अमृतसर में एक आवासीय मकान कुर्क किया जो 'आरोपी' गगनदीप एवं परमदीप से संंबंधित है। यह कार्रवाई आस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ रैकेट अपराध के बारे में चल रही जांच के तहत की गई। 
   निदेशालय ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ धन शोधन नेटवर्क का भंडाफोड करने के लिए पहली बार आस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस से हाथ मिलाया है। दोनों ही एजेंसियों ने अपने अपने देशों में पिछले सितंबर में आरोपियों के खिलाफ एकसाथ छापे मारे थे। सूत्रों ने बताया कि कुर्की की कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि एजेंसी को यह पता चला कि यह मकान गैरकानूनी मादक पदार्थ नेटवर्क के अपराध की कमाई है। उन्होंने बताया कि मकान का अनुमानित मूल्य 1.65 करोड़ रूपए है। एजेंसी ने छापों के बाद सितंबर में तीन कथित हवाला कारोबारियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें दो भाई गगनदीप एवं परमदीप शामिल थे और उनके पास से 78 लाख रूपए की नकदी बरामद की गई थी।
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'खादी' भी करेगा ई-कॉमर्स में प्रवेश

    नई दिल्ली।। दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय भारतीय व्यापार मेले में इस बार खादी का पंडाल सभी का ध्यान खींच रहा है। वैसे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो पर खादी पहहने की अपील के बाद लोगों का खादी की ओर रूझान बढ़ा है और अब जल्दी ही लोगों को खादी के उत्पादों को ऑनलाइन खरीदने की सुविधा मिलने वाली है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने अपने वाराणसी दौरे के समय कहा था कि देश में प्रचलित ई-कॉमर्स का फायदा खादी के उत्पादकों को भी मिलना चाहिए और इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली का खादी ग्रामोद्योग भवन खादी उत्पादों को ऑनलाइन लाने की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। रीगल बिल्डिंग स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन के सहायक निदेशक डी. एस. भाटी ने बताया, ''खादी ग्रामोद्योग आयोग ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में जाने के लिए पहले से ही वेबसाइट इत्यादि बना ली है। बस कुछ सरकारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद हम बहुत जल्दी ही इसे ई-कॉमर्स मार्केट में लांच करने वाले हैं।
    उन्होंने बताया कि इस कार्य को लेकर सारी प्रारंभिक औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं। मेले में आए कई ग्राहकों से जब खादी के ई-कॉमर्स मार्केट में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे एक अच्छा कदम बताया और इसकी सराहना की। मेले में खरीददारी करने आईं दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा शिल्पा जैन ने बताया, ''अभी खादी के कुछ सौंदर्य प्रसाधन से जुड़े उत्पाद ही ऑनलाइन मार्केट में मिल पाते हैं अ।ैर उनके असली खादी उत्पाद होने पर भी संदेह रहता है। ऐसे में यदि 'खादी' अपने उत्पादों को ऑनलाइन लाएगा तो बहुत आसानी होगी और स्वयं खादी की वेबसाइट पर सामान मिलने से उसकी गुणवत्ता पर कोई संदेह भी नहीं रहेगा। ऑनलाइन मार्केट की बड़ी कंपनियों जैसे कि फिल्पकार्ट और अमेजन को खादी उत्पाद ऑनलाइन बेचने की अनुमति पर भाटी ने बताया, ''हमारी कुछ नियम और शर्तें होती हैं और उनके आधार पर वे खादी के उत्पादों को ई-कॉमर्स के जरिए बेच सकते हैं। 
   इन शर्तों के बारे में भाटी बताते हैं कि खादी उत्पादों का बाजार में कोई प्रतियोगी नहीं है। ऐसे में खादी के मूल उद्देश्य 'ज्यादा से ज्यादा हाथ को काम' का पालन करते हुए कंपनियां उनकी निर्धारित शर्ताें पर खादी के उत्पाद बेच सकती हैं। यदि निजी कंपनियों को इस क्षेत्र में पैसा लगाकर मुनाफा कमाने का मौका नहीं मिलेगा तो वह क्यों निवेश करेंगी के जवाब में भाटी बताते हैं कि हर काम मुनाफा कमाने के लिए ही नहीं किया जाता है। कुछ काम सामाजिक उद्देश्य के लिए भी किए जाते हैं और इसी सामाजिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए कई निजी ई-कॉमर्स कंपनियां खादी के उत्पाद बेचने को लालायित हैं और कुछ कंपनियों ने इस संदर्भ में उनसे संपर्क भी किया है। प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में खादी पहहने को लेकर की गई अपील से खादी की बिक्री में इजाफा होने की बात को भाटी ने स्वीकार किया।
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जानिए नशा छुड़ाने के तरीके…

   नशे के आदी लोगों को यह कोर्स कम से कम दस दिन तक लगातार करना होता है. हर किसी को जड़ीबूटियों से बना एक मिश्रण पीना पड़ता है, इसे पीने से तुरंत ही उल्टी हो जाती है. यहां से निकलने से पहले उन्हें वादा करना होता है कि वे थामक्राबोक मठ में नशे की लत से छुटकारा पाने के इच्छुक लोग बौद्ध भिक्षुओं के बीच रहते हैं. वे सीखते हैं कि शरीर को हानिकारक तत्वों से कैसे मुक्त किया जाए. इस कार्यक्रम में शारीरिक और मानसिक परेशानियों को आध्यात्मिक तरीके से ठीक करने का दावा किया जाता है नशे के आदी लोगों को यह कोर्स कम से कम दस दिन तक लगातार करना होता है. हर किसी को जड़ीबूटियों से बना एक मिश्रण पीना पड़ता है, इसे पीने से तुरंत ही उल्टी हो जाती है. यहां से निकलने से पहले उन्हें वादा करना होता है कि वे अब कभी दोबारा नशा नहीं करेंगे पेरू में नशे के इलाज के लिए हर साल सैकड़ों लोग अयाउआस्का केंद्र जाते हैं. मरीजों को प्राकृतिक दवाएं दी जाती हैं. लेकिन पश्चिमी डॉक्टर कहते हैं कि उनकी इन दवाओं से वमन, अति पसीना आना, पेट खराब होना और डरावनी चीजें दिखने जैसी शिकायतें हो सकती है. यहां तक कि इनसे मरीज की मौत भी हो सकती है.
     कई देशों में यह प्रतिबंधित है रियो दे जनेरो में यह पुनर्सुधार ग्रह आध्यात्मिक तरीकों पर आधारित है. केंद्र के बाहर ये लोग सुबह की प्रार्थना के लिए इकट्ठा हुए हैं. इन सभी को चर्च के पास ही रहने की भी जगह दी गई है अमानुल्लाह की नशे की लत छुड़ाने के लिए उन्हें मजार के पास जंजीरों से 40 दिनों तक बांध कर रखा जाएगा. पूर्वी अफगानिस्तान में जलालाबाद के लोगों का मानना है कि नशे के लती, मानसिक रोगी और जिन पर आत्माओं का साया हो, उनका यही इलाज है. इन मरीजों को पानी, रोटी और काली मिर्च खाने को मिलती है. स्थानीय लोगों का मानना है कि जंजीरों से इन्हें बांध कर रखने पर मीर अली बाबा उनकी मदद करेंगे. उन्हीं के नाम पर यह मजार बनाई गई थी. इस तरह की धारणाएं अफगानिस्तान ही नहीं दुनिया के कई देशों में आम हैं. कई जगह तो ऐसे मरीजों को नशा करने पर जान से मार दिया जाता है अगर आप चीन में रहकर नशे के लती हैं तो आपको जेल भेजकर पुनर्सुधार कार्यक्रम लागू किया जा सकता है. कोकेन, हेरोइन या गांजे के साथ पकड़े जाने पर उसे इन सुधारगृहों में भेज दिया जाता है. चीन के गांसू प्रांत में ये मरीज ऐसे ही सुधारगृह में कसरत कर रहे हैं. कई मानव अधिकार संगठनों का कहना है कि चीन इन मरीजों से काम करवाकर उनका शोषण कर रहा है. कई बड़ी हस्तियां नशे से मुक्ति के लिए महंगे इलाज अपनाते हैं. 
   अमेरिका का बेहद मशहूर बेटी फोर्ड क्लीनिक जहां पीट डोहेर्टी (तस्वीर में) और अन्य बड़े संगीतकार और अभिनेता अक्सर आते हैं. यहां मरीजों को सहूलियतों के बीच ऐसा एहसास होता है जैसे वे किसी महंगे होटल में ठहरे हुए हैं. दुनिया भर में ऐसे लोगों की बड़ी तादाद है जिन्हें नशे की लत छुड़ाने के लिए इलाज ही मयस्सर नहीं. एक रिसर्च के मुताबिक अमेरिका में इस तरह के इलाज के जरूरतमंद लोगों में से मात्र 10.4 फीसदी को ही इलाज मिल पाता है. गरीब देशों में यह संख्या और भी कम है.
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लैंगिक समानता को अंतरराष्ट्रीय जन आंदोलन बनाया जाए - मेनका

    नई दिल्ली।। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लैंगिक समानता को अंतराष्ट्रीय जन आंदोलन बनाने की वकालत करते हुए कहा कि यह महज एक नारा नहीं रहना चाहिए बल्कि इससे आगे जाना चाहिए। मेनका ने 19-20 नवंबर को बैंकॉक में 'एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग द्वारा 'लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण बीजिंग प्लस 20 समीक्षा' विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उक्त विचार रखे। महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा आज जारी बयान में मेनका के हवाले से बताया गया है, ''दुनिया को एक आंदोलन की जरूरत है जो समानता के लिए संघर्ष के लिहाज से सदियों तक चले। इसलिए लैंगिक समानता का विषय महज एक नारे से अधिक महत्व वाला होना चाहिए। यह सम्मेलन 1995 में बीजिंग में स्थापित 'प्लेटफॉर्म फॉर एक्शन' की उपलब्धियों की 20 साल बाद समीक्षा से जुड़ा है।
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मप्र में नकली घी के कारोबार से जुड़े पिता..पुत्र पर लगा एनएसए

    इंंदौर।। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में प्रतिबंधित पदार्थों की मिलावट से बड़े पैमाने पर नकली घी बनाकर खुदरा बाजार में इसकी आपूर्ति के आरोप में कारोबारी पिता..पुत्र पर प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है।
    मामले की जांच से जुड़े खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने आज 'भाषाÓ को बताया, 'दिनेश कुमार साहू तथा उसके बेटे चेतन साहू के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित कारखाने में कथित तौर पर वनस्पति, सोयाबीन तेल और प्रतिबंधित एसेंस को हानिकारक अनुपात में मिलाकर नकली घी बनाया जा रहा था। यह मिलावट इतने करीने से की जा रही थी कि फैक्टरी का बनाया नकली घी पहली नजर में देखने पर असली घी की तरह ही दिखाई देता है।
    उन्होंने बताया कि दिनेश की फैक्टरी में एक किलोग्राम नकली घी बनाने में 70 से 100 रूपए की अनुमानित लागत आ रही थी, जबकि इसे खुदरा बाजार में असली घी के नाम पर लगभग 350 रूपए प्रति किलोग्राम की उूंची दर पर बेचा जा रहा था और ग्राहकों से धोखाधड़ी की जा रही थी।
    जिलाधिकारी आकाश त्रिपाठी ने नकली घी के इस गोरखधंधे के खुलासे के बाद दिनेश और उसके बेटे चेतन पर एनएसए लगाने के आदेश जारी किए हैं। दिनेश को गिरफ्तार करके रीवा के केन्द्रीय जेल भेजने के आदेश दिए गए हैं, जबकि चेतन को गिरफ्तारी के बाद सतना स्थित जेल में कैद रखने को कहा गया है। सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि पुलिस, खाद्य विभाग और अन्य महकमों के संयुक्त दल ने दिनेश की फैक्टरी पर 2 अक्तूबर को छापा मारकर बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी बरामद किया था। इस घी को अलग..अलग ब्रांड नामों से पैक करके खुदरा बाजार में पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी।
     विज्ञप्ति के मुताबिक छापे में बरामद घी के नमूनों की जांच में यह खाद्य पदार्थ मिलावटी और घटिया गुणवत्ता का पाया गया। इस जांच में यह भी पाया गया कि घी में कुछ प्रतिबंधित अखाद्य पदार्थ मिलाए गए हैंं।
विज्ञप्ति में बताया गया कि दिनेश ने प्रशासन को गुमराह करने के लिए दीपक टांक नामक व्यक्ति को अपनी फैक्टरी का मालिक बना रखा था, जबकि इस संंयंत्र का असली मालिक दिनेश ही है। विज्ञप्ति के मुताबिक दिनेश के खिलाफ मिलावटी घी बनाने के 14 मामले पहले से दर्ज हैं। इनमेेंं से कुछ मामलों में उसे अलग..अलग अदालतों ने दोषी करार देकर कारावास एवं जुर्माने की सजा भी सुनाई है। दिनेश के बेटे चेतन के खिलाफ भी इसी तरह के कुछ मामले अदालतों में विचाराधीन हैं।
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विश्व कप बोली में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाली को मिल रही धमकियां

    लंदन।। कतर को विश्व कप फुटबाल 2022 की मेजबानी मिलने के पीछे भ्रष्टाचार के सबूत देने वाली मुखबिर ने कहा कि उसे और उसके बच्चों को मिल रही धमकियों के मद्देनजर उसे एफबीआई से संरक्षण की पेशकश की गई है।
    कतर 2022 की बोली लगाने वाली टीम के लिए काम कर चुकी फेड्रा अलमजीद ने 2018 और 2022 विश्व कप की बोलियों में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी जांचकर्ता माइकल गार्शिया को दी थी।
    अलमजीद ने स्काय स्पोट्र्स न्यूज से कहा,'' क्या मुझे मुखबिर होने का खेद है। इससे निजी तौर पर और जज्बाती तौर पर मुझे नुकसान हुआ है। मुझे पूरी जिंदगी संभलकर रहना होगा।
    उसने कहा,'' इससे मेरे बच्चों और मेरी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। लेकिन मैने कुछ देखा जो मुझे बताना ही था।
    उसने कहा,'' मैने कई साइबर हमले झेले जिनमें से अधिकांश मेरे बच्चों को निशाना बनाकर किए गए थे। मेरा मानना है कि यह कतर के ही कुछ लोगों ने किए हैं। उन्हें मेरे बारे में बहुत कुछ पता है और फीफा को ना तो पता होगा और ना ही उसकी रूचि होगी। मैं कतर के उन लोगों के लिए बड़ा खतरा थी, फीफा के लिए नहीं।
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हिमाचल में पचास रुपये महंगा बिक रहा सीमेंट

    शिमला।। हिमाचल में सीमेंट कंपनियों की मनमानी की शिकायत लेकर जिला ऊना संयुक्त सीमेंट विक्रेता एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिला। कहा गया कि सूबे में 50 रुपये तक सीमेंट महंगा मिल रहा है।
    हिमाचल में सीमेंट के दाम 320 रुपये हैं जबकि सीमावर्ती पंजाब क्षेत्र में इसी सीमेंट के दाम 260 से 270 रुपये हैं। ऐसे में उपभोक्ता हिमाचल से सीमेंट खरीदने के बजाए पंजाब का रुख कर रहे हैं। इससे इनका कारोबार तो ठप हो ही रहा है, प्रदेश सरकार को भी राजस्व का चूना लग रहा है।
   प्रतिनिधिमंडल में विजय आंगरा, अजय अग्रवाल, विजय गगरेट, कमल कुमार बरनोह, राजीव कुमार बहडाला, संजीव कुमार टाहलीवाल, राजपाल सैंसोवाल, सुरेंद्र नाथ चड्डा लालूवाल आदि शामिल थे।
   अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार हिमाचलियों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है और किसी को भी जनता के साथ दोहरा मापदंड अपनाने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या को जल्द ही सुलझा दिया जाएगा।


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मेरीकाम को मुक्केबाजी अकादमी के लिए पांच लाख रूपए मिले

    मुंबई।। भारत की स्टार महिला मुक्केबाज एम सी मेरीकाम को उनके राज्य मणिपुर मुक्केबाजी अकादमी स्थापित करने के लिए आज एक निजी बीमा कंपनी ने पांच लाख रूपए दिए।
    लंदन ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता ने चेक ग्रहण करने के बाद एडेलवीस टोकियो लाइफ इन्स्योरेन्स का उनके करियर के शुरू से उनका सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया।
    पांच बार की विश्व चैंपियन ने कहा, ''पदक हासिल करने और चैंपियन तैयार करने के लिए प्रायोजकों का सहयोग बेहद जरूरी होता है। अपनी अकादमी के जरिए मैं मणिपुर से ही नहीं बल्कि पूरे भारत से मुक्केबाज तैयार करने की कोशिश करूंगी।
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केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहते हुए दंगे कम हुए

   नई दिल्ली।। अर्श से फर्श पर पहुंच चुकी कांग्रेस पार्टी के लिए आखिरकार एक अच्छी खबर आई है. येल यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहते हुए दंगे कम हुए हैं.
    इस रिसर्च के मुताबिक 1962 से 2000 के बीच विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के ज्यादा विधायकों की जीत की वजह से हिंदू-मुस्लिम हिंसा में कमी देखी गई.
    इस रिसर्च में “Do parties matter for ethnic violence? Evidence from India” टाइटल से लिखे गए एक लेख में लिखा गया है कि एक अनुमान के मुताबिक एक अकेले कांग्रेस के विधायक के जीतने पर उस विधानसभा क्षेत्र में दंगों की संभावना में 32 प्रतिशत तक की कमी देखी गई. जब कांग्रेस को सभी चुनावों में हार का सामना करना पड़ा उस वक्त दंगों में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई. यानी 998 दंगों की तुलना में देश में 1,118 दंगे हुए.
   जबकि दंगों में मरने वालों की संख्या में 46 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई. 30,000 की जगह 43,000 लोगों ने दंगो में अपनी जान गंवाई.
   इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए येल के शोधकर्ताओं ने हिंदू-मुस्लिम दंगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया. 1962 से 2000 के बीच 17 प्रदेशों के विधानसभा परिणाम और 315 जिलों के डेमोग्राफिक डाटा का यूज किया. इसी से पता चला कि कांग्रेस पार्टी के विधायक के सत्ता में रहते हुए सांप्रदायिक दंगों में कमी आई.
   ताजा जनगणना के मुताबिक भारत की कुल आबादी में लगभग 80 प्रतिशत हिंदू हैं, जबकि देश में सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिमों की आबादी लगभग 13 प्रतिशत है.
   कांग्रेस के राज में कम सांप्रदायिक हिंसा के लिए इस रिसर्च में मुख्य तौर पर तीन कारणों को दर्शाया है-
   कांग्रेस ने बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटों को कम से कम सुरक्षित कर लिया है. मुस्लिम समुदाय के समर्थन के लिए भी कांग्रेस चुनावी प्रेरक का काम करती है.  कांग्रेस पार्टी केंद्र और राज्य दोनों में सालों तक सत्ता में रही है. शायद धार्मिक दंगों के प्रभाव के चलते ही कांग्रेस की गवर्नेंस साख कम भी हुई है.
   हिंदू कैंडिडेट के ज्यादा सपोर्ट की वजह से भी हिंदू-मुस्लिम संघर्ष बढ़ सकता है और शायद इस वजह से भी कांग्रेस पार्टी के वोट आधार में कमी हुई है. इस रिसर्च में आगे लिखा गया है कि आंकड़ों से पता चलता है कि सत्ता मे रहते हुए कांग्रेस पार्टी के नेताओं को हिंदू-मुस्लिम हिंसा रोकने के लिए दोनों तरफ से बराबर दवाब झेलना पड़ सकता है.
   हालांकि शोधकर्ता का कहना है कि ये आंकड़े कुछ लोगों को खासकर कांग्रेस को चौंका सकते हैं क्योंकि लगातार कांग्रेस को देश में कई दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है, खासकर 1984 के सिक्ख दंगों के लिए.
   इस रिसर्च की शुरुआत शोधकर्ताओं ने हिंदू-मुस्लिम संघर्ष का पर्दा उठा कर की है और ‘कांग्रेस पार्टी की सत्ता विरोधी लहर के औसत प्रभाव’ का विश्लेषण भी किया है. इस अध्ययन में सिर्फ विधायकों का विश्लेषण किया है क्योंकि विधायक स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक नेटवर्क में नोडल स्थिति में होते हैं.
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चीन में सैन्य अस्पताल में छह नर्सों सहित सात लोगों की हत्या

    बीजिंग।। चीन के उत्तरपूर्वी समुद्र तटीय रिसोर्ट शहर स्थित एक सैन्य अस्पताल में एक नृशंस घटना के तहत एक नाराज कर्मचारी ने छह नर्सों और एक सहायक की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इसी रिसोर्ट शहर में देश की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अनौपचारक बैठकों के लिए सालाना तौर पर मिलते हैं। सरकारी रेडियो इंटरनेशनल की खबर के मुताबिक बीदायहे शहर स्थित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी 281 हॉस्पिटल के आवासीय परिसर में चाकू से हमले की यह घटना आज सुबह हुई। यह अस्पताल बीजिंग मिलिट्री कमान के तहत है और बीजिंग के 300 किलोमीटर उत्तर में है। अस्पताल की कैंटीन में काम करने वाले ली शिआओलोंग (27) को कथित तौर पर इस हमले को अंजाम देने को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया है।
    आधिकारिक मीडिया की खबर के मुताबिक ली मानसिक रूप से बीमार रह चुका है और साल 2006 में तांगशान तथा बीजिंग में उसका इलाज कराया गया था। चीन में हाल के वर्षों में मेडिकल प्रफेशनल्स पर ऐसे लोगों ने कई हमले किए हैं, जो अपने रिश्तेदारों की मौत के लिए डाक्टरों और नर्सों को जिम्मेदार मानते हैं। हांगकांग आधारित साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि ली अस्पताल की डोरमिट्री के पहले तल पर रहता था, जबकि उसने जिन लोगों पर हमला किया वह तीसरे तल पर रहते थे। ली घटना को अंजाम देने के बाद भागने की बजाय अपने रहने के स्थान पर चला गया। यह हमला देश के विभिन्न भागों में हुई उन घटनाओं जैसा ही है, जिनमें चाकू से लैस हमलावर उन्माद की हालत में बच्चों तथा लोगों पर सड़क या मॉल में हमले करने लगते हैं। इस महीने इस तरह की यह तीसरी घटना है। खबरों के मुताबिक आज की घटना में ली और मारे गए लोगों के बीच किसी तरह का बैर होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ली के गृह शहर में उसके गांव में रहने वाले पड़ोसियों ने बताया कि वह एक अंत:मुखी व्यक्ति है जो भीड़भाड़ से दूर रहता है। ग्राम अधिकारियों ने बताया कि ली पिछले छह साल से घर से दूर रह कर काम कर रहा है और अपने माता पिता से मिलने के लिए कभी कभार आया करता था।
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पाकिस्तान में तेजाब हमले में मां, बेटियां झुलसी

    लाहौर।। यहां एक तेजाब हमले में एक महिला और उसकी दो बेटियां झुलस गईं हैं। महिला के पूर्व पति ने सुलह करने से इनकार किए जाने पर कथित तौर पर उन पर तेजाब फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि नोरीन बीबी अपनी बेटियों अस्मा (8) और अफिया (6) को उनके स्कूल छोडऩे के लिए जा रही थी, तभी अजीम बेग ने लाहौर में शेरकोट इलाके में स्कूल के गेट पर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि बेग ने नोरीन पर अपने साथ अपने घर चलने के लिए दबाव डाला पर उसके इनकार किए जाने पर बेग ने उस पर और अपनी बेटियों पर तेजाब फेंक दिया तथा भाग गया। घायल मां बेटियों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है जहां नोरीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। 
   पुलिस के मुताबिक बेग ने नोरीन से करीब 13 साल पहले शादी की थी और उनकी तीन बेटियां हैं। दंपती के बीच तीन महीने पहले तलाक हो गया था। अब वह उससे सुलह की कोशिश कर रहा है लेकिन महिला की इसमेंं रूचि नहीं है। पुलिस ने बेग को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। पाकिस्तान में हर साल सैकड़ों तेजाब हमले होते हैं।
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जद यू विधायक ने पूछा ‘मोदी जवाब दें रुपया क्यों गिर रहा है’?

लोकसभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी सभाओं में पूछा करते थे रुपया क्यों गिर रहा है, लेकिन अब यही सवाल जदयू एमएलए सुमित सिंह ने पूछा है कि पीएम बन गये तो मोदी जी बतायें कि अब रुपया क्यों गिर रहा है?
सुमित कुमार सिंह: जदयू एमएलए

    चकाई।। चकाई के जदयू विधायक सुमित कुमार सिंह कहा है कि भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी जी लगातार बिहार सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछ रहे हैं. मुझे भी उनसे चंद प्रश्न के जवाब चाहिए! आखिर उनकी पार्टी केंद्र में सरकार है, फिर रुपया गिर कर कैसे नौ महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है?
    इस मुद्दे पर आप खामोश हैं, इनके नेता नरेंद्र मोदी कहते थे कि रूपया और कांग्रेस के बीच गिरने की प्रतिस्पर्घा चल रही है, कौन ज्यादा नीचे गिर सकता है! फिर, आज उनकी पार्टी सत्ता शीर्ष पर पूरी ताकत के साथ विराजमान हैं, फिर रूपया यूपीए सरकार के समय से नीचे कैसे चला गया, इनके वाचाल प्रवक्ता और खुद यह दावा करते हैं कि देश इनकी पार्टी के नेतृत्व में तरक्की कर रहा है?
    अब, यही बताएं कि हमारा रूपया क्यों गिर रहा? इनके नेता ही अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री से कुछ यूँ सवाल करते थे,’ देश जानना चाहता है कि रूपया क्यों गिर रहा है, आपको जबाव देना होगा, इसमें कोई न कोई हेराफेरी है, कोई न कोई षड्यंत्र है! प्रंधानमंत्री जी मैं आप से पूछना चाहता हूँ कि न पाकिस्तान, न बांग्लादेश की करेंसी गिर रही, तो फिर रूपया क्यों पतला होता जा रहा है ?’ अब, जबाव देने की बारी इनकी है, इनको जबाव देना होगा!
दूसरा सवाल
   दूसरा सवाल है कि यह बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, केंद्र और हरियाणा में इनकी सरकार है. फिर, वहाँ एक तथाकथित धर्मगुरु रामपाल की गिरफ्तारी के लिए चालीस हज़ार अर्ध सैनिक बल और हरियाणा पुलिस के हज़ारों जवान जमे रहे, फिर भी चार दिन तक रामपाल के गुंडों की खुलेआम गुंडागर्दी चलती रही, आखिरकार कोर्ट की फटकार के बाद इनकी सरकार जगी. आधा दर्जन लोगों की मौत के बाद रामपाल कब्जे में आये. तब सुशील कुमार मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से इस्तीफा क्यों नहीं माँगा?
तीसरा सवाल
   तीसरा सवाल इनकी पार्टी के शासन वाले राज्य छत्तीसगढ़ में दवा में घोटाले के कारण डेढ़ दर्जन महिलाओं की नसबंदी के दौरान मौत हो गयी. तब इनकी अंतरात्मा क्यों नहीं जगी, इन्होने वहाँ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से इस्तीफा क्यों नहीं माँगा? बिहार में दवा घोटाले का आरोप लगा सुशील कुमार मोदी सीबीआई जांच की मांग करते हैं. छत्तीसगढ़ में ऐसा क्यों नहीं हुआ.
   आखिर में सुमित कुमार सिंह कहते हैं ऐसे में इनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है तो यह मौनव्रत धारण कर राजनीति से सन्यास ले लें!


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अमेरिका के 50 लाख अवैध प्रवासियों को ओबामा ने दिया वैध दर्जा

   वाशिंगटन।। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कांग्रेस को दरकिनार करते हुए आज व्यापक आव्रजन सुधारों की घोषणा की, जो कि 50 लाख अवैध कामगारों को निर्वासन से बचाएंगे. इन सुधारों से उन हजारों भारतीय तकनीकविदों को भी लाभ मिल सकता है, जो कानूनी तरीके से स्थायी दर्जा हासिल करने के इच्छुक हैं.
    ओबामा ने इसका विरोध करने वाले पक्षों द्वारा लगाए जा रहे उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वह बिना वैध दस्तावेज वाले प्रवासियों को आसानी से बच निकलने दे रहे हैं. उन्होंने प्राइम-टाईम में प्रसारित होने वाले संबोधन में चेतावनी दी कि वह सीमा सुरक्षा को मजबूत करेंगे और अनाधिकृत बाहरी लोगों के अमेरिका में प्रवेश को और भी मुश्किल बना देंगे.
    ऐसा माना जा रहा है कि ओबामा द्वारा उनकी कार्यकारी शक्तियों के इस्तेमाल के जरिए उठाया गया यह कदम आव्रजन के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा उठाए गए बडे कदमों में से एक है. ऐसी भी उम्मीद है कि इससे पर्याप्त संख्या में उन भारतीय तकनीकविदों को मदद मिलेगी, जिन्हें वैध स्थायी दर्जा (एलपीआर) या ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए एच-1बी वीजा की परेशानी भरी और दुखदायी प्रक्रिया से गुजरना पडता है.
   ओबामा ने अपने इस एकपक्षीय कदम को ‘सामान्य समझ, बीच के रास्ते वाला रुख’ बताया, जो कि कानून का उल्लंघन कर रहे प्रवासियों को ‘बाहर आने और कानून के अनुरुप चलने’ में मदद करेगा.


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चुनावी फंडिंग पर आयोग सख्त, दिशा निर्देशों को न मानने पर हो सकती है पार्टी की मान्यता खत्म

Written By Bureau News on Thursday, November 20, 2014 | 9:20 PM

   नई दिल्ली।। चुनावी कोषों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों पर राजनीतिक दलों के रूख को खारिज करते हुए आयोग ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वे निर्देश ‘बाध्यकारी’ हैं। इसके साथ ही आयोग ने आगाह किया कि दिशानिर्देशों का उल्लंघन होने पर उनकी मान्यता वापस ली जा सकती है।
   आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को सख्त लहजे में दो पृष्ठों का एक पत्र भेजा है। इसमें आयोग ने कहा कि दिशानिर्देश आवश्यक हैं क्योंकि हाल में चुनाव प्रचार के दौरान काले धन का ज्यादा इस्तेमाल होने का पता लगा है और इससे चारों तरफ गंभीर चिंता है। कई पार्टियों ने उन दिशानिर्देशों को वापस लिए जाने की मांग की थी और उन्हें ‘कानूनी रूप से नहीं टिकने वाला तथा अस्पष्ट’ बताया था। दिशानिर्देश एक अक्तूबर को प्रभाव में आया।
   आयोग ने कहा कि सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के साथ मशविरा करने के बाद दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं। इस प्रकार आयोग द्वारा जारी कानूनी दिशानिर्देश अनुच्छेद 324 के तहत सभी राजनीतिक दलों के लिए बाध्यकारी हैं और उनके उल्लंघन से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बाधित होगी। चुनाव आयोग ने कहा कि उसका प्रयास रहा है कि सभी राजनीतिक दलों और सभी उम्मीदवारों को चुनावों में बराबरी का अवसर मिले।
   उसने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी पार्टियों को आयोग द्वारा जारी पारदर्शिता दिशानिर्देश का पालन करने की आवश्यकता है तथा आयोग के वैध निर्देशों का उल्लंघन करने पर चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैरा 16ए के तहत कार्रवाई हो सकती है।
पार्टियों की दलील खारिज
   आयोग ने राजनीतिक दलों की दलील को खारिज करते हुए कहा कि दिशा-निर्देश का उद्देश्य जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत प्रतिबंधित माध्यमों से चंदा लेने पर रोक लगाना सुनिश्चित करना है। चुनावी चंदे पर जारी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश एक अक्टूबर से प्रभाव में हैं। कांग्रेस, माकपा, जदयू जैसे राजनीतिक दलों का मानना है कि आयोग द्वारा जारी निर्देश कानूनन टिकाऊ नहीं हैं।
क्या हैं प्रावधान
   नए प्रावधानों के तहत राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले व्यक्तियों या कंपनियों के नाम-पते के साथ खातों का वार्षिक विवरण देने का निर्देश दिया गया है। चुनाव आयोग ने 20 हजार रुपये से ज्यादा का भुगतान चेक या ड्राफ्ट से ही करने का प्रावधान किया है। हालांकि, चुनावी रैली या जनसभा के जरिये इकट्ठा चंदे को इससे छूट प्रदान की गई है।
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सरकार ने राशन आपूर्ति में इंसपेक्टर राज प्रणाली खत्म की

    नई दिल्ली।। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दिल्ली सरकार ने आज चार दशक से भी अधिक पुरानी इंसपेक्टर राज प्रणाली को खत्म कर दिया। इंसपेक्टर राज प्रणाली में एफपीएस लाइसेंसधारक को राशन पहुंचने के बारे में खाद्य आपूर्ति अधिकारी कार्यालय को सूचित करने की जरूरत पड़ती थी जो राशन सामग्री के पहुंचने का सत्यापन करने के लिए एक इंसपेक्टर को एफपीएस पर भेजता था और फिर बिक्री शुरू करने का आदेश देता था। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के सचिव सह आयुक्त सज्जन सिंह यादव ने कहा, ''सरकार ने लाभार्थियों को राशन बेचे जाने से पहले विभाग के इंसपेक्टरों द्वारा हर राशन दुकान में बिक्री शुरू करने का आदेश देने वाली प्रणाली खत्म कर दी है। 
   यादव ने कहा कि पुरानी व्यवस्था के कारण राशनकार्डधारकों को इंसपेक्टर द्वारा बिक्री शुरू करने की घोषणा किए जाने तक इंतजार करना पड़ता था। राष्ट्रीय राजधानी में फिलहाल 2400 सरकारी राशन दुकानें हैं और 17 लाख लोगों के पास राशन कार्ड हैं। यादव ने कहा, ''पुरानी व्यवस्था की वजह से देरी होती थी, कार्ड धारकों को राशन के लिए बार बार एफपीएस के चक्कर लगाने पड़ते थे, पीएफएस लाइसेंस धारक उन्हें परेशान करते थे और कदाचार की अन्य शिकायते भी थीं।  उन्होंने बताया कि विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि हर महीने का राशन महीना शुरू होने से पहले ही पीएफएस पहुंच जाए। इसके साथ ही लाइसेंस धारकों को राशन पहुंचने की सूचना अब खाद्य आपूर्ति अधिकारी कार्यालय को नहीं देनी होगी।
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रामपाल की नौटंकी: अस्पताल में छाती पकड़ के बैठा, डॉक्टर ने कहा FIT

    चंडीगढ़।। हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम की घेरेबंदी के करीब 60 घंटे बाद पुलिस ने बुधवार रात 9:21 बजे रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे वहां से एंबुलेंस में लेकर पंचकूला के सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल पहुंची। यहां पर उसका मेडिकल कराया गया। रामपाल के लिए हाईकोर्ट में बार-बार मेडिकल दिए जा रहे थे लेकिन उसका झूठ सामने आ गया। उसे पंचकूला के डॉक्टरों ने चलने-फिरने के लिए फिट बताया। रामपाल को जब पंचकूला सेक्टर-6 के अस्पताल लाई तो कुल 90 मीटर तक खुद आराम से चलकर रामपाल डॉक्टरों तक गए। करीब 15 मिनट मेडिकल के दौरान खड़े रहे। फिर करीब 180 मीटर तक रामपाल खुद अस्पताल के बीच चले। इस दौरान न उनकी सांस फूली और न ही उनके पैरों ने जवाब दिया।
    इससे पहले रामपाल के समर्थक बार-बार कहते आ रहे थे कि बाबा अस्वस्थ है और हिल भी नहीं सकते हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा था कि वह इलाज कराने के लिए बाहर गए हुए हैं। रामपाल के समर्थकों का यह भी कहना था कि रामपाल को अगर जबरिया ले जाया गया तो कुछ भी अनहोनी हो सकती है। मेडिकल के बाद रामपाल से खाने को पूछा तो उसने इंकार कर दिया। कहा-रास्ते में खा लिया था।
अस्पताल में फिर की बहानेबाजी
    रामपाल पकड़े जाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। रामपाल को जब डॉक्टरों के सामने लाया गया,तो बाबा के साथ आया उसका प्रवक्ता राजकुमार कहने लगा कि उसे पुलिस ने बेहद पीटा है,इसलिए मेडिकल अलग से करें। जबकि बाबा डॉक्टरों के सामने अपनी छाती को लेकर बैठ गया। कहा कि उसकी छाती में दर्द है। असलियत कुछ ही समय में सामने आ गई। रामपाल का ईसीजी हुआ,जिसमें कुछ गलत सामने नहीं आया। डॉक्टरों ने रामपाल को अंडर ऑब्जरवेशन भर्ती कर लिया है।
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सप्ताह में एक दिन संघ की शाखा में जा रहा मंत्रियों का निजी स्टाफ

    नई दिल्ली।। केंद्रीय मंत्रियों के सभी निजी स्टाफ को सप्ताह में एक दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा में शामिल होने को कहा गया है। हाल ही में संघ के कुछ पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच मुलाकात हुई थी। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे अपने निजी स्टाफ को रविवार को संघ की शाखा में जरूर भेजें। 
   संघ के इस प्रस्ताव पर मंत्रियों ने भी फौरन हामी भर दी। इसके बाद से ही यह पहल की गई है। मंत्रियों के निजी स्टाफ को रविवार सुबह तय वक्त पर पहुंचना होता है। इसके लिए उन्हें मोबाइल से भी जानकारी दे दी जाती है। मंत्रियों के जिन निजी स्टाफ को शाखा में आना है, वे गैरसरकारी हैं इसके बावजूद विपक्ष को इस पर आपत्ति हो सकती है क्योंकि वह पहले से ही मोदी सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह आरएसएस के एजेंडे के मुताबिक चल रही है।
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एक बेहतरीन सुझाव आपको बना सकता है राष्ट्रपति भवन में मेहमान !

    नई दिल्ली।। अगर आपके पास देश को तरक्की की राह पर ले जाने के लिए एक बेहतरीन सुझाव है तो आपको राष्ट्रपति भवन के भीतर पहुंचने का मौका मिल सकता है। दरअसल, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक पहल की है। इसके मुताबिक लोगों को देश की तरक्की को लेकर बेहतरीन आइडिया देना है। इसके तहत देश का कोई भी लेखक, कलाकार, इनोवेशन स्कॉलर आवेदन कर सकता है।
    इसमें बताया गया है कि एक विचार किस तरह देश के विकास में योगदान कर सकता है और आम लोगों की खुशहाली में सहायक बन सकता है। इसी सोच के तहत स्कीम लाई गई है। जिस शख्स का इनोवेटिव आइडिया पैनल को पसंद आएगा, वह 7 मार्च, 2015 से लेकर 27 मार्च, 2015 तक, पूरे 20 दिन तक राष्ट्रपति का मेहमान बनकर रहेगा।
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दिल्ली विस चुनाव के लिए शाह का मंत्र-'बूथ जीतो, चुनाव जीतो'

    नई दिल्ली।। महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए जीत की रणनीति तैयार करना आरंभ कर दिया है। इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय मुख्यालय में स्थानीय नेताओं के साथ बैठक की। इसमें शाह ने पार्टी नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' का मंत्र दिया है। पार्टी की कोशिश है कि दिल्ली में रहने वाले प्रत्येक वर्ग, धर्म, जाति व क्षेत्र के लोगों से संपर्क कर उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित किया जाए। शाह ने दिल्ली के सभी नेताओं को एक आम कार्यकर्ता की तरह एकजुट होकर बूथ स्तर तक आक्रामक चुनाव प्रचार करने की नसीहत दी। इसके लिए देशभर के 335 सांसद व 50 केंद्रीय मंत्री भी दिल्ली में चुनावी बैठक व नुक्कड़ सभाएं करेंगे। 
    उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता खुद को विपक्ष में समझकर चुनाव लड़ें। बैठक में अमित शाह ने चुनाव प्रबंधन की बारीकियां भी समझाई। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा व महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान यह बात सीखने को मिली है कि चुनाव जीतने के लिए बूथ जीतना जरूरी है। पूरी दिल्ली के लिए एक जैसी रणनीति बनाने के बजाए बूथ स्तर पर रणनीति बनाने की जरूरत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव की इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसके बाद अगले वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव होना है। इसलिए यहां की जीत से बिहार के कार्यकर्ता भी प्रेरित होंगे। उन्होंने प्रत्येक नेता से 15 फरवरी तक एक आम कार्यकर्ता की तरह चुनाव प्रचार में अपना योगदान देने का आह्वान किया। शाह ने चुनाव प्रचार को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए 100 नेताओं व कार्यकर्ताओं की टीम बनाई है। टीम की देखरेख में 20 से 30 नवंबर तक खंडस्तरीय बैठकें आयोजित होंगी। इसके बाद एक से 20 दिसंबर तक नुक्कड़ सभाएं करने की योजना है। इसके साथ-साथ जनसंपर्क अभियान चलाकर दिल्लीवासियों से भाजपा को समर्थन देने की अपील की जाएगी। बैठक को प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय व प्रदेश प्रभारी प्रभात झा ने भी संबोधित किया।
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मुख्यमंत्री जी क्या ऐसे ही चलेगी यूपी में सपा सरकार?

शाहजहाँपुर में कानून की धज्जिया उड़वा रहे एएसपी सिटी
गिरफ्तार करने की जगह खूब बतियाते रहे 307 के अभयुक्तो से

   शाहजहाँपुर।। सूबे के मुखिया अखिलेश यादव पत्रकारों के लिए अनेक योजनाओ को लागू कर उन्हें सौगात रहे है तो वहीं शाहजहाँपुर पुलिस कागज के नोटों के खातिर उनकी कोशिशो पर बदनुमा धब्बा लगाने में तुले हुए। इसका उदहारण इस घटना से लगाया जा सकता है जिसमे पुलिस ने पहले व्यापारियों से सांठ-गाठ कर एक ईमानदार पत्रकार के खिलाफ शहर भर में उन्हें वांटेड बताकर होर्डिंग्स लगवा दिए। जब पत्रकार ने रिपोर्ट दर्ज करने को कहा तो पुलिस ने आनाकानी की भला हो डीएम शुभ्रा सक्सेना का, जिन्होंने तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। तब जाकर पुलिस ने अपने चहेते व्यापारियों के खिलाफ रूखे मन से रिपोर्ट दर्ज की। आठ दिन से ज्यादा समय बीत चूका है, मगर आज तक दोनों व्यापारी सचिन बाथम और सुरेन्द्र सेठ को पुलिस गिरफ्तार नही किया जा सका है। 
   पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते 307 जैसी संगीन धाराओ के अभियुक्त सचिन बाथम और सुरेन्द्र सेठ लगातार एसपी ऑफिस और थाने में अपनी धमक जमाये है। हद तो तब हो गई जब आज दोनों व्यापारी खुद को बेगुनाह बताने के लिए मुट्ठी भर व्यापारी के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी सिटी अष्टभुजा प्रसाद से मिले। एसपी सिटी के सामने 307 के आरोपी थे मगर उन्होंने दोनों को गिरफ्तार नही किया। पुलिस कार्य जनता और नेताओ के नजरो में है। जनता में पुलिस को लेकर तमाम तरह की चर्चा हो रही है। लोग तो यहाँ तक कह रहे है कि दोनों व्यापारियों की गिरफ़्तारी न होने का कारण, पुलिस ने दोनों से मोटी डील की है। तभी तो दोनों पुलिस की गोद में बैठकर कानून को ठेंगा दिखाते घूम रहे है। शायद पुलिस को इन्हे पकड़ने के लिए किसी बड़ी घटना का इंतजार है।


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तलाक का एकतरफा आदेश हासिल करना क्रूरता है - अदालत

   नई दिल्ली।। दिल्ली की एक अदालत ने उस व्यक्ति को कोई भी राहत देने से इंकार कर दिया जिसने अपनी पत्नी से तलाक का एकतरफा आदेश लिया था। अदालत ने कहा कि उसका कृत्य महिला के प्रति ''मानसिक क्रूरता और प्रताडऩा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजी) विकास ढल ने उस व्यक्ति की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी जिसमें निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। उस अदालत ने घरेलू हिंसा के मामले में पत्नी के साथ क्रूरता करने के लिए उस व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय किए थे। अदालत ने कहा था, ''क्रूरता सतत चलने वाला अपराध है। न्यायाधीश ने कहा, ''तलाक का एकतरफा आदेश लेना मानसिक क्रूरता और प्रताडऩा है। उसके बाद तलाक के आदेश को निरस्त कराने के लिए उच्च न्यायालय में अपील कर मुकदमा लडऩा भी शिकायतकर्ता :महिला: के लिए मानसिक यंत्रणा है।
    न्यायाधीश ने कहा, ''निचली अदालत ने पुनरीक्षण की मांग करने वाले :व्यक्ति: के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए के तहत आरोप तय करने में कोई गलती नहीं की। एएसजे ने हालांकि आईपीसी की धारा 406 :आपराधिक विश्वास हनन: के तहत तय किए गए आरोपों को निरस्त कर दिया। एएसजे ने कहा कि तीन वर्षों की मियाद समाप्त हो जाने के बाद अपराध का संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए था। वह अपराध के लिए अधिकतम सजा है। निचली अदालत के समक्ष दायर शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति दहेज की मांग के लिए उसके साथ क्रूरता करता था और साल 2006 से दोनों एकसाथ नहीं रह रहे हैं। उसने आरोप लगाया था कि उसके पति ने धोखे से मई 2006 में एकतरफा तलाक का आदेश हासिल किया और अब उसने एकतरफा आदेश को निरस्त करवाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
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आईसीआईसीआई बैंक को देना होगा 60,000 रूपए का मुआवजा

    नई दिल्ली।। नई दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निपटान मंच ने आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह ग्राहक से गलत वसूली के संबंध में अपने एक उपभोक्ता राजीव रस्तोगी को करीब 60,000 रूपए का भुगतान करे, जिनके क्रेडिट कार्ड पर किसी और ने धोखे से खरीदारी की। सी. के. चतुर्वेेदी की अध्यक्षता वाले उपभोक्ता विवाद निपटान मंच ने बैंक से कहा कि वह ग्राहक को 59,500 रूपए का भुगतान करे। रस्तोगी ने अपनी शिकायत में कहा कि जनवरी 2011 में किसी ने धोखाधड़ी कर उनके क्रेडिट कार्ड से 44,500 रूपए का लैपटाप खरीदा, इस बारे में उनके मोबाइल पर एक संदेश आया। 
   उन्होंने अगले ही दिन इस गड़बड़ी के बारे में बैंक को जानकारी दे दी थी। हालांकि, राशि वापस कर दी गई और बैंक ने संशोधित स्टेटमेंट भी जारी कर दी लेकिन जब कार्ड की मासिक स्टेटमेंट जारी की गई तो उसमें फिर से 44,500 रूपए की निकासी दिखाई गई। उन्होंने कानूनी नोटिस भेजा लेकिन कुछ हुआ नहीं। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता मंच का दरवाजा खटखटाया और उनका आरोप था कि बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से यह धोखाधड़ी हुई।
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सतलोक से जेललोक में पहुंचे बाबा रामपाल

अगली सुनवाई 28 नवंबर को
   चंडीगढ़।। दो दिनों की मशक्कत के बाद गिरफ्त में आए स्वयंभू संत रामपाल को पुलिस ने अदालत की अवमानना के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पेश कर दिया है। हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई शुरू करते हुए पुलिस से रामपाल के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन और उनकी ओर से किए गए प्रतिरोध पर रिपोर्ट मांगी। अदालत ने डेरों में गैर-कानूनी हथियारों की मौजूदगी पर गंभीर चिंता जताई। इस मामले में अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी। हाई कोर्ट हत्या के मामले में उनकी जमानत सुबह ही रद्द कर चुका है।
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परिषद चुनाव में भी मतदाता नोटा बटन का उपयोग कर सकेगें

नगर परिषद आम चुनाव 2014
   बांसवाड़ा।। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगर निकायों के चुनाव में भी मतदाता को नोटा बटन का उपयोग करने का मौका मिल सकेगा।
    जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि विधानसभा एवं लोकसभा आम चुनाव की तर्ज पर निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनावों के अंतर्गत बांसवाड़ा नगर परिषद आम चुनाव 2014 में भी ईवीएम में निर्धारित उम्मीदवारों के बाद नोटा बटन रहेगा। इस बटन का उपयोग मतदाता अपने वार्ड के चुनाव लडने वाले अभ्यर्थी यदि उसके पसंद के न हो तो वह नोटा बटन का उपयोग कर अपनी नापसंदगी का इजहार कर सकेगा।
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इन्हें दिखाकर किया जा सकगा मतदान

नगर परिषद आम चुनाव 2014
मतदाता की पहचान कायम करने के ये दस्तावेज हैं
     बांसवाड़ा।। बांसवाड़ा नगर परिषद के लिए 22 नवंबर, शनिवार को होने जा रहे आम चुनाव में मतदान करने के लिए मतदाताओं को पहचान पत्र प्रस्तुत करने होंगे। इनके अभाव में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के निर्धारित दस्तावेजों का निर्धारण चुनाव आयोग ने किया है। इन्हें प्रस्तुत किया जाकर भी मतदाता अपना मतदान कर सकते हैं लेकिन मतदाता सूची में मतदाता का नाम होना अनिवार्य है।
    जिला निर्वाचन अधिकारी जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि नगर निकाय क्षेत्रों में चुनाव के लिए मतदान 22 नवम्बर 2014 को सम्पन्न होगा। नगर परिषद क्षेत्रों के निर्वाचक ‘निर्वाचक पहचान.पत्र’ जारी किये गये हैं जब वे मतदान केन्द्र पर मतदान के लिये आयेंगे तब उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पहचान पत्र प्रस्तुत करने होंगे। यह उपाय प्रतिरूपण फर्जी मतदान को रोकने एवं असली निर्वाचकों के मताधिकार को और अधिक प्रभावी बनाये जाने के लिए किये गये हैं।
    आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई दस्तावेज, परिवार के मुखिया के नाम जारी हुआ है तो अन्य सदस्यों की पहचान के लिए उन्हें संयुक्त रूप से आना होगा। मुखिया की पहचान स्पष्ट होने के बाद उनके सत्यापन के आधार पर परिवार के अन्य मतदाता वोट दे पायेंगे।
    अति सतर्कता के रूप में जो निर्वाचक निर्वाचक फोटो पहचान पत्र अपने साथ नहीं लाते हैं उन्हें मतदान की अनुमति होगीए बशर्ते कि उनकी पहचान पीठासीन अधिकारी अथवा अन्य मतदान अधिकारी जिसे पीठासीन अधिकारी ने इस निमित्त प्राधिकृत किया है, उक्त उद्देश्य के लिए मतदाता को अपनी पहचान साबित करने के लिये आयोग ने विभिन्न सत्रह वैकल्पिक दस्तावेज निर्धारित किये हैं जो उनकी पहचान सिद्ध करने में सहायक होंगे। इनमें निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त राशन कार्ड,  निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व सक्षम अधिकारी द्वारा जारी गरीबी रेखा से नीचे के फोटोयुक्त फेमिली कार्ड,  निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी फोटो युक्त एन.आर.ई.जी.ए. नरेगा, पारिवारिक नौकरी प्रमाण पत्र कार्ड, फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड श्रम योजना मंत्रालय द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी, स्वतंत्रता सेनानी फोटो युक्त पहचान-पत्र, ड्राइविगं लाइसेन्स, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक पेंशन अदायगी आदेश भूतपूर्व सैनिक विधवा आश्रित प्रमाण-पत्र वृद्धावस्था पेंशन आदेश विधवा, पेंशन आदेश निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी,  निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त जाति प्रमाण पत्र का उपयोग किया जा सकता है।
    इसी प्रकार मतदाता द्वारा अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त मूल निवास प्रमाण पत्र, निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारियों द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी फोटो युक्त शारीरिक विकलांगता प्रमाण-पत्र फोटोयुक्त संपत्ति दस्तावेज जैसे पट्टे, रजिस्टर्ड डीड आदि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकाें डाकघर द्वारा जारी फोटो युक्त पासबुक और किसान पासबुक निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व खोला गया खाता, पासपोर्ट,  राज्य केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किए जाने वाले फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्रए आयकर पहचान-पत्र पी.ए.एन. और निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी फोटो युक्त शस्त्र लाइसेंस भी प्रस्तुत कर सकता है। इन्हें दिखाये जाने पर मतदाता को मतदान करने दिया जाएगा।
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जानिए मां के गर्भ में क्या सोचता है शिशु, क्यों होता है उसे कष्ट ?


गरुड़ पुराण:
    किसी भी स्त्री के लिए वह क्षण बहुत गर्व का होता है जब वह मां बनती है। माता के गर्भ में नौ महीनों तक शिशु का पालन-पोषण होता है। मेडिकल साइंस के अनुसार गर्भावस्था के दौरान माता जो भी सेवन करती है, उसी का अंश गर्भस्थ शिशु को भी मिलता है। यही बात हिंदू धर्म ग्रंथों में भी बताई गई है। गरुड़ पुराण में शिशु के माता के गर्भ में आने से लेकर जन्म लेने तक का स्पष्ट विवरण दिया गया है।
   गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने अपने परम भक्त और वाहन गरुड़ को जीवन-मृत्यु, स्वर्ग, नरक, पाप-पुण्य, मोक्ष पाने के उपाय आदि के बारे में विस्तार से बताया है। गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है कि शिशु को माता के गर्भ में क्या-क्या कष्ट भोगने पड़ते हैं और वह किस प्रकार भगवान का स्मरण करता है। गर्भस्थ शिशु के मन में क्या-क्या विचार आते हैं, ये भी गरुड़ पुराण में बताया गया है। आज हम गरुड़ पुराण में लिखी यही बातें आपको बता रहे हैं, जो इस प्रकार है-
- गरुड़ पुराण के अनुसार स्त्रियों में ऋतु काल आने से संतान की उत्पत्ति होती है, इस कारण तीन दिन स्त्रियां अपवित्र रहती हैं। ऋतु काल में पहले दिन स्त्री चांडाली, दूसरे दिन ब्रह्मघातिनी के समान तथा तीसरे दिन धोबिन के समय रहती हैं। इन तीन दिनों में नरक से आए हुए जीव उत्पन्न होते हैं।
- ईश्वर से प्रेरित हुए कर्मों से शरीर धारण करने के लिए पुरुष के वीर्य विंदु के माध्यम से स्त्री के गर्भ में जीव प्रवेश करता है। एक रात्रि का जीव कोद (सूक्ष्म कण), पांच रात्रि का जीव बुदबुद (बुलबुले) के समान तथा दस दिन का जीव बदरीफल (बेर) के समान होता है। इसके बाद वह एक मांस के पिण्ड का आकार लेता हुआ अंडे के समान हो जाता है।
- एक महीने में मस्तक, दूसरे महीने में हाथ आदि अंगों की रचना होती है। तीसरे महीने में नाखून, रोम, हड्डी, लिंग, नाक, कान, मुंह आदि अंग बन जाते हैं। चौथे महीने में त्वचा, मांस, रक्त, मेद, मज्जा का निर्माण होता है। पांचवे महीने में शिशु को भूख-प्यास लगने लगती है। छठे महीने में शिशु गर्भ की झिल्ली से ढंककर माता के गर्भ में घूमने लगता है।
- माता द्वारा खाए गए अन्न आदि से बढ़ता हुआ वह शिशु विष्ठा (गंदगी), मूत्र आदि का स्थान तथा जहां अनेक जीवों की उत्पत्ति होती है, ऐसे स्थान पर सोता है। वहां कृमि जीव के काटने से उसके सभी अंग कष्ट पाते हैं, जिसके कारण वह बार-बार बेहोश भी होता है। माता जो भी कड़वा, तीखा, रूखा, कसैला आदि भोजन करती है, उसके स्पर्श होने से शिशु के कोमल अंगों को बहुत कष्ट होता है।
- इसके बाद शिशु का मस्तक नीचे की ओर तथा पैर ऊपर की ओर हो जाते हैं, वह इधर-उधर हिल नहीं सकता। जिस प्रकार से पिंजरे में रूका हुआ पक्षी रहता है, उसी प्रकार शिशु माता के गर्भ में दु:ख से रहता है। यहां शिशु सात धातुओं से बंधा हुआ भयभीत होकर हाथ जोड़ ईश्वर की (जिसने उसे गर्भ में स्थापित किया है) स्तुति करने लगता है।
- सातवे महीने में उसे ज्ञान की प्राप्ति होती है और वह सोचता है- मैं इस गर्भ से बाहर जाऊंगा तो ईश्वर को भूल जाऊंगा। ऐसा सोचकर वह दु:खी होता है और इधर-उधर घूमने लगता है। सातवे महीने में शिशु अत्यंत दु:ख से वैराग्ययुक्त हो ईश्वर की स्तुति इस प्रकार करता है- लक्ष्मी के पति, जगदाधार, संसार को पालने वाले और जो तेरी शरण आए उनका पालन करने वाले भगवान विष्णु का मैं शरणागत होता हूं।
- गर्भस्थ शिशु भगवान विष्णु का स्मरण करता हुआ सोचता है कि हे भगवन। तुम्हारी माया से मैं मोहित देह आदि में और यह मेरे ऐसा अभिमान कर जन्म मरण को प्राप्त होता हूं। मैंने परिवार के लिए शुभ काम किए, वे लोग तो खा-पीकर चले गए। मैं अकेला दु:ख भोग रहा हूं। हे भगवन। इस योनि से अलग हो तुम्हारे चरणों का स्मरण कर फिर ऐसे उपाय करुंगा, जिससे मैं मुक्ति को प्राप्त कर सकूं।
- फिर गर्भस्थ शिशु सोचता है मैं दु:खी विष्ठा व मूत्र के कुएं में हूं और भूख से व्याकुल इस गर्भ से अलग होने की इच्छा करता हूं, हे भगवन। मुझे कब बाहर निकालोगे? सभी पर दया करने वाले ईश्वर ने मुझे ये ज्ञान दिया है, उस ईश्वर की मैं शरण में जाता हूं, इसलिए मेरा पुन: जन्म-मरण होना उचित नहीं है।
- गरुड़ पुराण के अनुसार फिर माता के गर्भ में पल रहा शिशु भगवान से कहता है कि मैं इस गर्भ से अलग होने की इच्छा नहीं करता क्योंकि बाहर जाने से पापकर्म करने पड़ते हैं, जिससे नरक आदि प्राप्त होते हैं। इस कारण बड़े दु:ख से व्याप्त हूं फिर भी दु:ख रहित हो आपके चरण का आश्रय लेकर मैं आत्मा का संसार से उद्धार करुंगा।
- इस प्रकार गर्भ में बुद्धि विचार कर शिशु दस महीने तक स्तुति करता हुआ नीचे मुख से प्रसूति के समय वायु से तत्काल बाहर निकलता है। प्रसूति की हवा से उसी समय शिशु श्वास लेने लगता है तथा अब उसे किसी बात का ज्ञान भी नहीं रहता। गर्भ से अलग होकर वह ज्ञान रहित हो जाता है, इसी कारण जन्म के समय वह रोता है।
- गरुड़ पुराण के अनुसार जिस प्रकार बुद्धि गर्भ में, रोग आदि में, श्मशान में, पुराण आदि सुनने में रहती है, वैसी बुद्धि सदा रहे तब इस संसार के बंधन से कौन हीं छूट सकता। जिस समय शिशु कर्म योग द्वारा गर्भ से बाहर आता है, उस समय भगवान विष्णु की माया से वह मोहित हो जाता है। माया से मोहित तथा विनाश वह कुछ भी नहीं बोल सकता और बाल्यावस्था के दु:ख भी भोगता है।


(ANIK KAUSHAL)



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