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8 महिलाओं समेत 10 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

Written By News Today Time on Wednesday, June 29, 2016 | 5:42:00 PM

महिला नक्सलियों के साथ लीडरों द्वारा शारीरिक शोषण का खुलासा होने पर आज बस्तर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया 
   जगदलपुर।। एक लाख की ईनामी महिला नक्सली समेत 8 महिला एवं 2 पुरूष नक्सलियों ने आन्ध्रप्रदेश के नक्सली कमांडरों द्वारा छत्तीसगढ़ के आदिवासी सदस्यों के साथ बरते जा रहे भेदभाव, पुलिस द्वारा लगातार दबाव बनाये जाने, परिवारिक जीवन यापन करने के उदे्श्य तथा पूर्व समर्पित महिला नक्सलियों के साथ लीडरों द्वारा शारीरिक शोषण का खुलासा होने पर आज बस्तर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बस्तर एएसपी विजय पांडेय ने बताया कि एलजीएस सदस्य महिला असंती कश्यप, केएएमएस सदस्य मनीषा मरकाम, रेखा मडक़ामी, सोनादयी यादव, कु. आयते मडक़ामी, जब्बो पोडिय़ामी, हिड़मे पोडिय़ामी, सनको पोडिय़ामी तथा दो पुरूष नक्सली भीमा मडक़ामी व हड़मा मडक़ामी ने आज बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी, कलेक्टर अमिट कटारिया एवं एसपी आरएन दाश के समक्ष सरेंडर किया है। उन्होंने बताया कि समर्पित नक्सली विभिन्न नक्सली वारदातों में संलिप्त रहे हैं। समर्पित नक्सलियों को दस-दस हजार की सहायता राशि के साथ ही शासन की पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं मुहैया करवायी जाएंगी।




5:42:00 PM | 0 comments | Read More

पैसे नहीं थे इसलिए इस किसान ने खटिया से जोत दिया खेत

  जलगांव। जिले के खडकी बुद्रूक गांव के रहने वाले एक किसान के पास हल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए उसने खटिया से ही पूरा खेत जोत डाला। बता दें कि यह किसान इस जमीन का मालिक नहीं है, माहिल कोई और है। किसान ने इस खेत को बटाई पर लिया था।
       किसान का नाम विठोबा मांडोले है। जिले में कई साल से सूखा पड़ रहा है। कुछ सालों से वे गांव के आस-पास के खेतों में मजदूरी करते थे, उन्हें लगा कि मजदूरी करके उनकी तरक्की नहीं होगी। इसलिए उन्होंने एक खेत बटाई पर ले लिया पर उनके पास खेत जोतने के लिए न तो पैसे थे ना बैल और न ही कोई औजार।
      इसके बाद किसान ने खेत जोतने की एक तरकीब निकाली। उन्होंने अपनी खटिया को हल बनाया और उस पर बड़े बोल्डर रख खुद खींचकर तीन एकड़ खेत जोत दिया। खेत जोतते हुए उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
5:25:00 PM | 0 comments | Read More

ना घी ना तेल, 5 साल से इस मंदिर में जल रहा है पानी का दीपक

     शाजापुर।। धर्म और आस्था के नाम पर लोग लाखों खर्च कर देते है। ऐसे कुछ निकले ना निकले, लेकिन भगवान के नाम पर हजारों खर्च निकाल देते है। भगवान से जुड़ा कोई चमत्कार हो जाए तो लोगों की आस्था और भी जुड़ जाती है। हम एक ऐसे ही चमत्कार की बात कर रहे है जिससे लोगों की आस्था और बढ़ जाएगी। मंदिर में दीपक जलाने के लिए तेल या घी का इस्तेमाल करते है, लेकिन एक मंदिर ऐसा है जहां पानी से दीपक जलता है।
5 साल से लगातार जल रहा दीपक
     आप यकीन ना करें लेकिन ऐसा ही चमत्कार मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कालीसिंध नदी के किनारे स्थित गडिय़ाघाट वाली माताजी के मंदिर में देखने को मिलता है। कहते हैं। मंदिर में पिछले 5 सालों से एक दीपक लगातार जलता आ रहा है। आश्चर्य की बात ये है कि दीपक घी-तेल से नहीं बल्कि पानी से जलता है।
इस नदी के पानी से दीपक जलता है
     मंदिर के पुजारी का कहना है कि मंदिर में जो दीपक जल रहा है, वो सिर्फ पानी से जलता है। दीपक में कालीसिंध नदी का पानी डाला जाता है। जब दीपक में पानी डाला जाता है, तो वह चिपचिपा तरल हो जाता है, जिससे दीपक जल उठता है।
चमत्कार से बढ़ी आस्था
     मंदिर में होने वाले इस चमत्कार को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। जब वे अपनी आंखों के सामने पानी से दीपक जलता हुआ देखते हैं, तो उनका मंदिर और देवी के प्रति विश्वास बढ़ जाता है।
5:22:00 PM | 0 comments | Read More

चाहे कितनी भी आफतें टूटें मैं मोदी के साथ हूं. मैं उनके हौसले की दाद देता हूं - सुब्रहमण्यम स्वामी

सुब्रहमण्यम स्वामी ने कहा, प्रचार के पीछे नहीं भागते बल्कि प्रचार उनके पीछे भागता है बेतहाशा
     बीजेपी सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी ने कहा कि वह प्रचार के पीछे नहीं भागते बल्कि प्रचार उनके पीछे बेतहाशा भागता है.
    सुर्खियों में रहने वाले राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यन स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'फटकार' के एक ही दिन बाद 'गीता के उपदेशों' की शरण ले ली थी लेकिन बुधवार को उनके ट्वीट के कुछ और मायने निकल रहे हैं.
      बीजेपी के सांसद सुब्रमणियम स्वामी ने कहा कि वह प्रचार के पीछे नहीं भागते बल्कि प्रचार उनके पीछे बेतहाशा भागता है और इस संदर्भ में उन्होंने अपने दरवाजे के बाहर खडे बहुत से मीडियाकर्मियों का हवाला दिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी की कुछ टिप्पणियों को खारिज करते हुए इसे प्रचार पाने का हथकंडा बताया था.
    उन्होंने कहा कि वह मोदी के समर्थक हैं और उनके हौसले की दाद देते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने उन्हें उकसाने के लिए जान बूझकर झूठी खबरें छापने के लिए मीडिया को भी आडे हाथों लिया.
    स्वामी ने ट्वीट किया, ‘‘नई समस्या! जब प्रचार लगातार एक राजनीतिज्ञ के पीछे भागता है. 30 ओवी आपके घर के बाहर हैं. चैनलों और पैपराजी के 200 मिस काल्स. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘प्रेस्टीट्यूट्स हर रोज जानबूझकर झूठी कहानियां बनाते हैं और यह उम्मीद करते हैं कि मैं उनके उकसावे में आकर जवाब दूंगा. हां.. उन्हें ऐसी उम्मीद है.
       स्वामी ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी कहा है और फिर कहता हूं. चाहे कितनी भी आफतें टूटें मैं मोदी के साथ हूं. मैं उनके हौसले की दाद देता हूं. कोई विदेशी ताकत उनको झुका नहीं सकती.
      राज्यसभा के सदस्य स्वामी आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन पर लगाकर शब्दों के बाण चलाते रहे और इसी झोंक में उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी अपने निशाने पर ले लिया, लेकिन उनका यह दॉव भारी पडा और पार्टी आलाकमान ने इसपर अपनी नाखुशी जताई और मोदी ने अप्रत्यक्ष रुप से उनके आचरण को खारिज कर दिया.

5:17:00 PM | 0 comments | Read More

गिर की गायों के यूरीन में मिला सोना, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि

     गाय दूध ही नहीं सोना भी दे रही है यकीन नहीं होता लेकिन वैज्ञानिकों को गाय के पेशाब में सोना मौजूद होने का प्रमाण मिला है.
     गुजरात में गीर की गायों के मूत्र में सोना मिला है. चार साल की लम्‍बी रिसर्च के बाद, जूनागढ़ एग्रीकल्‍चरल यूनिवर्सिटी के साइंटिस्‍ट्स ने गीर की गायों के मूत्र में सोने का पता लगाया है.
    यूनिवर्सिटी की फूड टेस्टिंग लैब में गीर की 400 गायों के मूत्र के नमूनों की जांच में एक लिटर मूत्र में 3 मिलीग्राम से लेकर 10 मिलीग्राम तक सोना पाया गया है.
    मूत्र में सोना आयनों के रूप में पाया गया है जो कि पानी में घुले स्‍वर्ण लवण हैं. यूनिवर्सिटी के बायोटेक्‍नोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. बीए गोलकिया के नेतृत्‍व में रिसर्चर्स की टीम ने गैस क्रिप्‍टाग्राफी-मास स्‍पेक्‍ट्रोमेट्री (GS-MS) का प्रयोग गोमूत्र के परीक्षण के लिए किया.
     इसका मतलब ये है कि एक स्वस्थ्य गाय के मूत्र से एक दिन में कम से कम 3000 हजार रुपए कीमत का एक ग्राम सोना और एक महीने में लगभग एक लाख रुपये की कीमत का तीन तोला सोना निकाला जा सकता है.
   इस तरह वैज्ञानिकों की मानें तो हिंदुस्तानी नस्ल की ये गाय किसी भी व्यक्ति को लखपति बना सकती है. गीर गाय में सोना पाए जाने का शोध डॉक्टर बीए गोलकिया के नेतृ्त्व में किया गया है. ये परीक्षण 400 गीर गायों पर किया गया और सभी के परिणाम एक जैसे निकले.
    इसके आलावा 388 ऐसे औषधीय तत्व होते हैं जिनसे गंभीर रोगों का उपचार संभव है. इसलिए कहा जाता है कि गाय का दूध पीने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है. दीमाग तेज होता है, बीमारियां नहीं होती है. अब ये वैज्ञानिक भारतीय नस्ल की अन्य गायों पर भी परीक्षण कर रहे हैं. उनका मकसद यह जानना है कि क्या भारतीय नस्ल की सभी गायों के मूत्र में सोना पाया जाता है.


5:16:00 PM | 0 comments | Read More

जम्मू-कश्मीर मसले के लिए शाह ने नेहरू की ऐतिहासिक गलती को बताया जिम्मेदार



     भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने दिवंगत जवाहरलाल नेहरू पर कश्मीर के मुद्दे पर ‘ऐतिहासिक भूल’ करने का आरोप लगाया और देश के विभाजन के लिए तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की.
     शाह ने वर्ष 1948 में उस संघर्षविराम की घोषणा का हवाला दिया, जब पाकिस्तान के कबाइली हमलावरों को कश्मीर से खदेड़ा जा रहा था. शाह ने कहा कि यदि यह फैसला ना किया गया होता तो जम्मू-कश्मीर की समस्या आज होती ही नहीं.
      नेहरू स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आयोजित एक समारोह के दौरान शाह ने कहा, ‘‘अचानक ही. बिना किसी कारण के..और वह कारण आज तक ज्ञात नहीं है.. संघर्षविराम की घोषणा कर दी गई. देश के किसी भी नेता ने ऐसी ऐतिहासिक भूल नहीं की होगी. यदि जवाहरलाल जी ने उस समय संघर्षविराम की घोषणा न की होती तो कश्मीर का मुद्दा आज होता ही नहीं.’’
      शाह ने दावा किया कि यह फैसला ‘‘अपनी (नेहरू की) ‘छवि’’ सुधारने के लिए किया गया था. उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि इस फैसले की वजह से आज कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के पास है.
      नई दिल्ली में समारोह का आयोजन भारतीय जन संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद में किया गया था. यहां त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने एक व्याख्यान दिया.
     अपने व्याख्यान में रॉय ने वर्ष 1953 में कश्मीर में मुखर्जी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए. तब मुखर्जी एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए वहां गए थे. उन्होंने घटनाओं से निपटने के नेहरू के तौर तरीकों और मुखर्जी की मौत के कारणों की जांच न करने के नेहरू के फैसले पर सवाल उठाए.
     शाह ने कहा कि एक ‘बड़ा तबका’ मानता है कि मुखर्जी की मौत दरअसल ‘हत्या’ थी और यदि इसकी जांच की गई होती तो सच सामने आ सकता था. जन संघ के संस्थापक की भूमिका की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने बंगाल में हिंदुओं से जुड़ी चिंताएं उठाने में एक अहम भूमिका निभाई थी और ‘‘यदि कोलकाता भारत का हिस्सा है तो इसका श्रेय एक व्यक्ति को जाता है और वह व्यक्ति हैं श्यामा प्रसाद मुखर्जी.’’
    शाह ने दावा किया कि यदि आजादी के समय कांग्रेस नेतृत्व ने जल्दबाजी न की होती तो भारत का विभाजन रोका जा सकता था. शाह ने कहा, ‘‘आजादी के समय पूरा कांग्रेस नेतृत्व आजाद होने के लिए बेचैन था. वे सब बूढ़े हो रहे थे. इसमें देरी से भी उन्हें चिंता हो रही थी. लेकिन उस समय एक युवा नेता ने सोचा कि गलती नहीं होनी चाहिए और बंगाल को बचा लिया गया था.’’


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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की WhatsApp पर बैन लगाने की याचिका....

     सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप पर बैन लगाने से संबंधित याचिका बुधवार को खारिज कर दी. अदालत ने साफ किया कि यह याचिका सुनवाई के लायक नहीं है. ऐसे में यदि याचिकाकर्ता को जरूरी लगता है तो वह केंद्र सरकार या टेलीकॉम डिस्प्युट्स सेटलमेंट एंड एपीलेट ट्रिब्यूनल (टीडीएसएटी) के पास जाए.
      हरियाणा के सुधीर यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मांग की थी कि व्हाट्सएप, वाइबर, टेलीग्राम, हाइक और सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप में एनक्रिप्शन सिस्टम लागू होने के बाद देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है. इससे आतंकवादियों और अपराधियों को मदद मिलती है. ऐसे में इन मैसेजिंग एप पर पाबंदी लगाने की जरूरत है.
      सुधीर यादव का कहना है कि सुपर कंप्यूटर भी इन एनक्रिप्शन मैसेज को इंटरसेप्ट नहीं कर सकता है. 256 बाइट के इनक्रिप्टेड मैसेज को जानने में सैकड़ों साल लग जाते हैं. यहां तक कि सुरक्षा एजेंसियां भी इन मैसेज को डिकोड नहीं कर सकतीं. अगर खुद व्हाट्सएप भी चाहे तो वह भी इन संदेशों को उपलब्ध नहीं कर सकता है.
     वहीं, व्हाट्सएप का कहना है कि एनक्रिप्शन मैसेज के बाद किसी के लिए भी यह संभव नहीं है कि वह दो लोगों के बीच अथवा ग्रुप के बीच की गई बात को जान सके.



5:02:00 PM | 0 comments | Read More

टॉपर स्कैम : नई लिस्ट जारी, 2 मुस्लिम छात्राओ ने बाजीमारी

   बिहार इंटरमीडिएट टॉपर रूबी राय के गिरफ़्तारी के बाद टॉपरों की नई लिस्ट के टाॅप 4 में 2 मुस्लिम छात्रा। 
1-कीर्ति भर्ती
2-खुशबु कुमारी
3-तय्यबा परवीन
4-तसनीम जहाँ
     सभी छात्राएं काबिले तारीफ हैं परंतु तय्यबा परवीन के लिए ये उपलब्धि खास इसलिए है कि वो एक टेलर की सुपुत्री हैं और काफी जद्दोजहद से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है , बिहार के सहरसा ज़िले की रहने वाली तय्यबा परवीन के लिए उस वक़्त ख़ुशी का मौक़ा आया जब उन्होंने इंटरमीडिएट इम्तेहान में चौथा स्थान हासिल किया था परंतु टाॅपर के गिरफ़्तारी के बाद टॉपरों की लिस्ट में वो तीसरे स्थान पर आ गई है, वो एक टेलर की बेटी हैं और आईएएस बनना चाहती हैं . 28 मई को जारी हुए बिहार बोर्ड के नतीजे आने के बाद से ही उनके गाँव बस्ती में एक जश्न का माहौल है. तय्यबा की माँ की ख़ुशी का जहां कोई ठिकाना नहीं है वहीँ उनके पिता काम के सिलसिले में बाहर हैं.
    गाँव के सारे लोग उनको बधाई देने आ रहे हैं और वो चाहती हैं कि उनको आईएएस की उपाधि मिले. उनके स्कूल DC कॉलेज के प्रिंसिपल ने उन्हें बधाई दी.
   तय्यबा बहन को हमारी तरफ से ढेर सारी बधाइयाँ और उनकी उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।
1:13:00 PM | 0 comments | Read More

क्या आपको कभी मिले है 100 में 525 अंक, लेकिन यह कारनामा कर दिखाया है एम. पी. के रीवा विश्वविद्यालय ने


दुनिया में ऐसी मार्कशीट देखी है कहीं
     रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्व विधालय का कमाल देखिये जो वर्ल्ड कॉर्ड की ओर अग्रसर है। कमाल यह है कि BA 1st Sem की छात्रा शिखा त्रिपाठी को Economics में 100 में 525 अंक मिले हैं। जहाँ योग में भी 450 में 727 अंक दिए गए हैं।
    अब आप ही बताएं कि छात्रा को कितने में से कितने अंक और कितना प्रतिशत मिलने चाहिये।
     आप देख सकते हैं कि कैसे छात्रा को मार्कसीट में योग से ज्यादा अंक दे दिए गए हैं और पास बताया जा रहा है। मार्कशीट देखकर छात्रा खुद हैरान परेशान है कि वह पास है या फेल। तय करना किसी के लिए मुश्किल ही नहीं ना-मुमकिन है।
  यह लड़की (छात्रा) सतना जिले के रामपुर बाघेलन की रहने वाली है जो कि ए.पी.एस. विश्वविद्यालय रीवा में पढ़ती है। 
1:04:00 PM | 0 comments | Read More

हिन्दू बच्चे का जबरदस्ती खतना, माँ के साथ किया रेप

Written By News Today Time on Tuesday, June 28, 2016 | 9:02:00 PM




    गोरखपुर।। कुशीनगर जनपद के हाटा कोतवाली क्षेत्र के पैकौली लाला निवासी अरविन्द साहनी जो विदेशमे कमाते है, उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र की ग्राम प्रधान मुस्लिम महिला ने पहले अपने झोला छाप डॉक्टर पुत्र से धर्म परिवर्तन हेतु खतना करवाकर अल्पसंख्यक बनाने की साजिस किया। फिर उसकी माँ का mms बनाकर रेप करता रहा। लगातार दो साल के शारीरिक , मानसिक उत्पीड़न के बाद अब महिला मुखर होकर अपने और पुत्र को न्याय दिलाने के लिए मण्डल पर बैठे पुलिस उच्चाधिकारियों से इंसाफ मांगने निकल पड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
     सुकरौली क्षेत्र के पैकौली लाला निवासी त्रिलोक प्रसाद के पुत्र अरविन्द साहनी की पत्नी है। उसका पति सऊदी अरब में रह कर कमाता है। जिससे वह घर पर अपनी सास,डेढ़ वर्षीय पुत्र के साथ रहकर उनकी सेवा करती रहती है। लगभग दो वर्ष पूर्व एक दिन जब उसका पुत्र घर के बरामदे में खेल रहा था, उसी वक्त ग्राम प्रधान फातिमा का झोला छाप डॉक्टर पुत्र बख्तर उसके बच्चे को खिलाने के बहाने अपने घर ले जाकर उसका खतना कर दिया। कुछ देर बाद घर आये पुत्र ने जब दर्द से रोना शुरू किया तो उसकी नेकर निकल कर देखने पर उसके प्राइवेट पार्ट पर हल्दी लगी देख उसने इस बात की जब पूछताछ की तो जवाब सुनकर उसके होश ही उड़ गए। इसकी शिकायत करने पर सम्बंधित बख्तर ने इलाज कराने की बात कर मामला शांत करना चाहा। इसी के तहत बच्चे का इलाज़ करने के लिए आरोपी उसको और बच्चे को अपनी बोलेरो से कुशीनगर ले जाने के लिए बैठाया और रस्ते में पानी पिलाने के बहाने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिससे वह अपनी चेतना खो बैठी। इसके बाद आरोपियों ने उसका एमएमएस बना लिया और लगभग दो घण्टे बाद नशे की हालत में उसके घर छोड़ कर चले गए।
     बाद में जब फिर से उसने मामले को पुलिस में ले जाना चाहा तो आरोपियों ने उसे सम्बंधित एम एम एस दिखाकर मुह बन्द रखने की धमकी दिया और यही से शुरू हो गया उसका शारीरिक शोषण।बख्तर और उसके चचेरे भाई ने वीडियो की बदौलत आये दिन उसके साथ बलात्कार करते रहे। इसी बीच जब किसी तरह से उसने छुटकारा पाया तो किसी तरह कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक से जाकर अपना दुखड़ा सुनाया तो उन्होंने कहा जाइये मैंने हाटा कोतवाली में फोन कर दिया है, रिपोर्ट दर्ज हो जायेगी। किन्तु जब वह थाना पर पहुँची तो पुलिसकर्मियों ने उसे दुत्कार कर भगा दिया। इसके बाद से ही वह लगातार न्याय की आश में भटकने को मजबूर हो गयी। इसी क्रम में उसने जब 11 जून को न्याय की फरियाद के लिए गोरखपुर डी आई जी के यहाँ आना चाहा तो आरोपियों ने उसे सुकरौली के पास टैम्पो से खिंच कर छेड़छाड़ करते हुए निर्वस्त्र करना चाहा,जिसका विरोध करने पर मारा पीटा। और हत्या करने के इरादे से ट्रक के आगे धकेल दिया,किन्तु मौजूद भीड़ ने किसी तरह बचा लिया। आज इसी प्रकरण में उसने गोरखपुर आकर डी आई जी व आई जी के दरबार में न्याय की गुहार लगाई है।
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'गॉडलेस' तबाह कर देगा आपका ऐंड्रॉयड फोन, बचना है तो ये करें



    ऐंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए बुरी खबर है। गूगल ने चेतावनी जारी की है मालवेयर ऐप्स की एक फैमिली जिसे 'गॉडलेस' नाम दिया गया है, लगभग 90 प्रतिशत ऐंड्रॉयड फोन्स में दाखिल हो चुका है। ये मालवेयर आपके फोन में इस्तेमाल किए जा रहे लगभग सभी ऐप्स को अपनी चपेट में ले सकता है।
क्या है मामला : 
    ऐंड्रॉयड फोन्स को नुकसान पहुंचाने वाला मालवेयर 'गॉडलेस' धीरे-धीरे सभी फोन्स में दाखिल होता जा रहा है और भारत के लगभग 90 प्रतिशत फोन्स इसकी जद में है। ये क्लोन ऐप्स के रूप में गूगल प्ले स्टोर पर भी मौजूद हैं और इन्हें पहचानना लगभग नामुमकिन है। गूगल प्ले स्टोर के एक अनुमान के मुताबिक इन ऐप्स को अभी तक 8 लाख 50 हजार डिवाइसेज में डाउनलोड किया जा चुका है। इन डिवाइसेज में ज्यादातर थाइलैंड, इंडोनेशिया और भारत में हैं। अमेरिका में भी इसके करीब 17,000 डाउनलोड्स हुए हैं।
क्या है नुकसान : 
    ये मालवेयर काफी खतरनाक साबित हो सकता है. पहली बात तो ये कि इसे पहचानना बिलकुल नामुमकिन जैसा है। डाउनलोड होने के बाद ये और भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो जाता है और यूजर की नज़र से बचकर बाकि मालवेयर भी डाउनलोड करने लगता है। ये ऐप्स सबसे पहले स्मार्टफोन का रूट ऐक्सेस हासिल कर लेते हैं, जिसके बाद इन्हें कुछ भी करने की आजादी मिल जाती है। जब ये फोन में पूरी तरह स्टेबल हो जाता है तो कोई भी हैकर इसकी मदद से आपके फोन का पर्सनल डाटा हासिल कर सकता है।
कैसे बचे इससे :
    फिलहाल जिनके स्मार्टफोन में ऐंड्रॉयड मार्शमैलो (6.0) नहीं हैं, वो इसकी चपेट में आ सकते है। गौरतलब है कि अभी कुल ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में से सिर्फ 10 फीसदी में ही लेटेस्ट ऐंड्रॉयड OS मार्शमैलो है। फिलहाल ये कौन से ऐप्स हैं और इनसे कैसे निपटा जाए गूगल प्ले स्टोर भी इसपर काम ही कर रहा है।
    यूजर्स को बेवकूफ बनाने के लिए इन ऐप्स ने हैक किए हुए डिवाइसेज की मदद से आर्टिफिशली अपनी रैंकिंग बढ़ा दी है, ताकि और ज्यादा यूजर्स अच्छी रैकिंग देखकर इन्हें डाउनलोड करें। इसलिए किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से पहले पूरी जानकारी जुटा लें। गूगल जल्दी ही ऐसे ऐप्स की एक लिस्ट भी जारी करने वाला है।




8:08:00 PM | 0 comments | Read More

MRM का फैसला, पाक उच्चायुक्त बासित को नहीं बुलाएगा इफ्तार पार्टी में

      कश्मीर के पंपोर में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमलों को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) ने दो जुलाई को होने वाली इफ्तार पार्टी में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को न बुलाने का निर्णय लिया है।
     बताया जाता है कि पंपोर हमले पर पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने बेतुका बयान दिया था, जिससे आरएसएस नाराज है।
     बासित ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा था कि यह रमजान का महीना है, अभी इफ्तार की पार्टी है। उस पर बात करें, पार्टी का आनंद लें।
     एमआरएम ने अपनी इफ्तार पार्टी में पाकिस्तान जैसे मुस्लिम राष्ट्रों समेत कई देशों के राजदूतों को निमंत्रण दिया गया था।
     गौरतलब है कि पंपोर में 25 जून को आतंकी हमले में सीआरपीएफ के आठ जवान शहीद हो गए थे जबकि जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तन के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।



7:46:00 PM | 0 comments | Read More

आम आदमी तो छोड़ो अब डी आई जी से मांगी 20 लाख रंगदारी, पुलिस को मिला सुराग

     सिमरी बख्तियारपुर/सहरसा।। बिहार में बेलगाम हो चूके अपराधियों का कहर अब पुलिस के आलाधिकारी के चौखट तक पहुंच चुका है. बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर जहां कारोबारी से लेकर जज,डॉक्टर, इंजीनियर, नेता, तक खौफ के साए में जी रहे थे. वहीं अब अपराधियों का कहर सुरक्षा देने वालो के पास तक पहुंच चुका है. ताजा मामला बिहार के सहरसा का है. बेखौफ अपराधियों ने कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चन्द्रिका प्रसाद से 20 लाख की रंगदारी मांगी है. रंगदारी की मांग उनके मोबाइल पर धमकी भरे फ़ोन के जरिए किया गया.
हेल्लो-हेल्लो डी आई जी चन्द्रिका प्रसाद बोल रहे हो 20 लाख रंगदारी दो नही तो बम से उड़ा देंगे
       साथ ही रंगदारी की रकम नहीं देने पर उनकी और उनके परिवार की हत्या करने की धमकी भी दी गई है. इस तरह की धमकी भरी कॉल मिलने के बाद डीआईजी चन्द्रिका प्रसाद ने सहरसा एसपी अश्वनी कुमार,दरभंगा प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) पटना को मामले की जानकारी दी. मामले की जानकारी मिलते ही एसपी के निर्देश पर सदर थाना सहरसा में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जून के दिन ही रंगदारी की मांग की गयी थी.
काला चश्मा वाला ब्रह्मदेव का बेटा गाँधी जी बोल रहा हूं –
     कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चन्द्रिका प्रसाद ने अपने आवेदन के जरिए कहा कि गत 24 जून के दोपहर करीब 2 बजे के आस-पास उनके निजी न० पर एक कॉल आया. यह कॉल 8826757488 नंबर से आया था. फोन करने वालों ने अपना नाम यु०पी से आजम खान बताते हुए मेरे निजी जीवन के बारे में चर्चा करने लगा. साथ ही धमकी देने वाले ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए 20 लाख रूपए की मांग की और नही देने पर बम से उड़ा देने की बात कहते हुए फ़ोन रख दिया.
कभी आजम तो कभी गाँधी बन कर मांगी रंगदारीरंगदारी-
    बिहार के बदले निजाम में जिनके जिम्मे अपराधियों को दबोचने की कमान है,अपराधी अब उनसे ही रंगदारी मांगने लगे हैं . सदर थाने में पुलिस काण्ड अंकित कर,इस मामले का अनुसंधान प्रारम्भ किया गया . लेकिन इस मामले की भनक किसी को नहीं लगी . पुलिस ने अभी तक जो जानकारी इकट्ठी की है यह बताना लाजमी नही है.
ना आजम ना गाँधी, सीडीआर के मुताबिक़ ये है दिल्ली का शेष यादव-
      सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है वह यह है की सीडीआर के मुताबिक़ दिल्ली के शेष नारायण यादव नाम के अपराधी ने डीआईजी से रंगदारी की मांग की है. अब बड़ा सवाल यह है की जब पुलिस के पास साक्ष्य उपलब्ध हैं तो फिर पुलिस शेष नारायण को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है.



7:30:00 PM | 0 comments | Read More

छह एकड़ जमीन के बदले टॉपर बनाने का सौदा, रूबी के पिता-बच्चा व लालकेश्वर के बीच हुई थी डील

टॉपर की कहानी हमारी ज़ुबानी
     पटना।। अपनी जमीन दे दो, हम तुम्हारी बेटी को टॉपर बना देंगे. उस जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोलना है. जमीन के बदले पैसा नहीं देंगे, रूबी राय को इंटर आर्ट्स का टॉपर बना देंगे. यह सौदा रूबी राय के पिता अवधेश कुमार राय का वीआर काॅलेज वैशाली के प्राचार्य बच्चा राय और बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के बीच हुआ था. अवधेश राय के छह एकड़ जमीन पर बच्चा राय मेडिकल कॉलेज खोलना चाह रहा था.
      इसके लिए बच्चा राय ने रूबी राय को टॉपर बनाने का प्रलोभन दिया. इस एक साल पहले हुए इस सौदा की जानकारी रूबी राय को नहीं थी. पिता अवधेश कुमार राय द्वारा किया गया पैतृक जमीन के बदले टॉपर बनाने के सौदे का शिकार रूबी राय हो गयी है. रूबी राय को यह सौदा इतना महंगा पड़ा कि आज वो जेल तक पहुंच गयी.
जमीन की हिस्सेदारी में बच्चा राय के साथ लालकेश्वर प्रसाद का हुआ था झगड़ा : 
     रूबी राय के टॉपर बनाने के बदले जमीन के सौदे में पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद भी शामिल थे. इसको लेकर बच्चा राय और लालकेश्वर प्रसाद के बीच झगड़ा भी हुआ था. समिति कर्मचारी ने बताया कि लालकेश्वर प्रसाद जमीन में आधे का हिस्सा चाहते थे. लेकिन बच्चा राय उन्हें जमीन का एक हिस्सा ही देना चाहता था. इस पर लालकेश्वर प्रसाद ने टाॅपर बनाने से इंकार कर दिया था. लेकिन बीच में उषा सिन्हाके आने के बाद दोनों का सुलह हुआ था. यह सारा प्रकरण बोर्ड ऑफिस में ही इंटर की परीक्षा के बाद मार्च में हुआ था.
11वीं में बस पास मार्क्स थे रूबी राय के :
     रूबी राय 11वीं में थर्ड डिवीजन से भी पास नहीं हो पायी थी. बिहार बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार रूबी राय को 11वीं में बस पास कर पायी थी.
    रूबी राय पढ़ने में अौसत से भी कम थी. जैसे तैसे वो 11वीं में की परीक्षा में पास कर पायी थी. रूबी राय के 11वीं के रिजल्ट को भी बदला गया था. वीआर कॉलेज के रिकार्ड में रूबी राय 11वीं में बस पास कर पायी थी. लेकिन बिहार बोर्ड के पास जो 11वीं का रिजल्ट भेजा गया उसमें रूबी राय को प्रथम श्रेणी में पास दिखाया गया है. इसके बाद रिजल्ट का प्रलोभन बच्चा राय ने देना शुरू किया.
रूबी राय के बाल अधिकार का हो रहा हनन, नाबालिग रूबी राय को भेजा गया जेल
     रूबी राय अभी नाबालिग है और उसके बाल अधिकार का हनन हो रहा है. जिस तरह से पिछले तीन दिनों रूबी राय के साथ पुलिस द्वारा व्यवहार किया गया है, वह गलत है. उसको गिरफ्तार कर और जेल भेजने के विरोध में प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर सामने आया है.
     सेंटर के स्टेट प्रोग्राम डायरेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि रूबी राय की उम्र साढ़े 17 साल ही है. जुवेनाइल जस्टिस एक्स 2015 के अनुसार रूबी राय का केस किशोर पुलिस के पास जाना चाहिए था. मौर्या लोक स्थित सेंटर के कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सुरेश कुमार ने बताया कि रूबी राय को बेऊर जेल नहीं बल्कि बाल गृह में भेजा जाना चाहिए था.
    इसको लेकर हम लोग हाइकोर्ट में रिट दायर करेंगे. इस मामले में जुवेनाइल एड सेंटर अब राष्ट्रीय बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग को पूरी जानकारी देगी. सुरेश कुमार ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे जब कोई गंभीर अपराध करेगें, तभी उन्हें सजा दी जायेगी. रूबी राय ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है. ऐसे में उसे जेल भेजना बाल अधिकार का हनन है. इस मौके पर सेंटर के मेंबर और वकील केडी मिश्रा ने बताया कि रूबी राय से जन्म प्रमाण पत्र पेश करने के लिए समय भी नहीं दिया गया.
घरवालों ने नहीं किया रूबी के नाबालिग होने का दावा, इसलिए भेजी गयी बेऊर जेल
      बिहार बोर्ड की इंटर आर्ट्स टॉपर रूबी राय के बालिग या नाबालिग होने के मामले में एसआइटी प्रभारी मनु महाराज ने सफाई दी है. उनका कहना है कि एसआइटी को रूबी या उसके परिवार के द्वारा दावा नहीं किया गया कि वह नाबालिग है. न ही कोई प्रमाण प्रस्तुत किया गया. इस कारण से उसे कोर्ट ने जेल भेज दिया. अब भी उनके परिवार का कोई सदस्य कोर्ट में कागज प्रस्तुत करेगा, तो नाबालिग साबित होने पर उसे रिमांड रूम भेजा जायेगा. इसके बाद जुबनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई होगी.
क्लर्क से सीधे जुड़े थे पूर्व सचिव, सेक्शन ऑफिसर व उपसचिव को किया नजरअंदाज
      इंटर और मैट्रिक परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिका का टेंडर, मूल्यांकन प्रक्रिया और रिजल्ट की तैयारी के प्रोसेसर आदि संबंधित हर संचिका को पूर्व सचिव अपने स्तर से ही तैयार करवाते थे. इन सारे कामों के लिए पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा से सीधे स्टोरकीपर और क्लर्क विकास कुमार जुड़ाव था. संचिका सीधे पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद और पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा के पास आता था. इस बीच में क्लर्क विकास कुमार था जो लालकेश्वर प्रसाद और हरिहर नाथ झा के बीच कड़ी का काम कर रहा था. इस पूरी प्रक्रिया को करने में बोर्ड के सेक्शन ऑफिसर और उप सचिव को भी नजरअंदाज किया गया. मामूल हो कि किसी तरह का टेंडर निकालने की प्रक्रिया सेक्शन ऑफिसर से शुरू होता है.
      सेक्शन ऑफिसर के पास ही संचिका तैयार की जाती है. किस चीज के लिए टेंडर निकाला जाना है. उसका क्या प्रोसेस होगा, इन तमाम जानकारी को सेक्शन ऑफिसर तैयार कर संचिका को उप सचिव के पास भेजता है. उप सचिव उसे देखकर उस एप्रूव करते है. इसके बाद ही संचिका सचिव के पास जाता है. सचिव के हस्ताक्षर करने के बाद फाइनल अध्यक्ष के पास भेजा जाता है. लेकिन इस बार इंटर और मैट्रिक के उत्तर पुस्तिका के टेंडर में सीधे पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा और पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के बीच सारी प्रक्रिया पूरी कर दी गयी.
समीक्षा के बाद जारी होगी नयी टॉपर लिस्ट
      बिहार विद्यालय परीक्षा समिति इंटर साइंस और आर्ट्स के टॉपर लिस्ट की समीक्षा समिति द्वारा करवायेगी. इसमें जो भी छात्र शामिल हैं, उनके रिजल्ट का गहन जांच की जायेगी. जांच के बाद ही नयी मेरिट लिस्ट जारी की जायेगी. कमिटी सचिव अनूप सिन्हा की अध्यक्षता में है.
      इसमें हसन वारिस और बोर्ड के उप सचिव कामेश्वर प्रसाद गुप्ता है. पूर्व में जारी टाॅपर लिस्ट में और भी बदलाव के आसार हैं. टॉपर्स लिस्ट से पहले ही चार टॉपर बाहर हो चुके हैं. इसके बाद भी टॉपर लिस्ट में बदलाव हो सकता है. बोर्ड अध्यक्ष अानंद किशोर ने बताया कि नयी टॉपर लिस्ट जारी अभी नहीं की गयी है. टॉपर लिस्ट की समीक्षा के बाद ही फाइनल लिस्ट जारी होगी.
लालकेश्वर के आधा दर्जन दलालों की पहचान, नालंदा में दबिश जारी
      बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के आधा दर्जन और दलालों की पहचान हुई है. इसमें ज्यादा लोग नालंदा के हैं. उनके नाम-पता का खुलासा होने के बाद एसआइटी नालंदा में डेरा डाले हुई है. बहुत जल्द पुलिस ऐसे लोगों को गिरफ्तार करेगी. इससे पहले नालंदा में ही प्रफ्ल्ल पटेल के घर छापेमारी हो चुकी है. उस पर बोर्ड अध्यक्ष के साथ मिलकर दलाली करने का आरोप है.
      पुलिस उनकी तलाश कर रही है. इसके अलावा फरार चल रहे टॉपर और उनके अभिभावकों को भी गिफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. बोर्ड के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा की गिरफ्तारी के बाद उप सचिव भी जांच के लपेटे में आ गये हैं. एसआइटी उनसे से भी पूछताछ करेगी. इसके अलावा और लोगाें से भी पूछताछ होनी है. हालांकि एसएसपी मनु महाराज ने किसी के हिरासत में लिये जाने की पुष्टि नहीं की है. इतना जरूर स्पष्ट किया है कि कुछ और लोगों से पूछताछ की जानी है.
हरिहर को चौकी-बिस्तर देने का मामला गरमाया
      तीन दिन से हिरासत में रखे गये बोर्ड के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा को कोतवाली में बाकायदा बिस्तर-चौकी उपलब्ध कराने के संबंध में सवाल खड़े हो गये हैं. प्रभात खबर के 27 जून के अंक में इसकी तसवीर प्रकाशित होने के बाद महकमे मेें हलचल है. पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने इंस्पेक्टर को खरी-खोटी सुनाया है. इस पर इंस्पेक्टर ने कोतवाली के ओडी अफसर को फटकार लगायी है. इंस्पेक्टर ओडी अफसर की क्लास इसलिए लगा रहे हैं कि मीडिया का फोटो करने से क्यों नहीं रोका गया. लेकिन यह नहीं बता रहे हैं कि पुलिस के किस पदाधिकारी के आदेश से पूर्व सचिव को थाने में यह  सुविधा दी गयी. सवाल यह भी है कि यह सुविधा इंस्पेक्टर ने खुद से दिलवाया या सही मेें किसी पदाधिकारी ने फोनकिया था.
परीक्षा दिये बिना ही संस्कृत शिक्षा बोर्ड से मिल जाता है मध्यमा का सर्टिफिकेट
        ना पढ़ने की जरूरत, ना ही नामांकन लेने की आवश्यकता, ना ही परीक्षा की तैयारी करना और ना ही परीक्षा देने की जरूरत, बस बोर्ड को पैसे दीजिए और रिजल्ट लीजिए. भले बिहार बोर्ड का टॉपर घोटाला अभी सभी की नजर पर हो, लेकिन संस्कृत शिक्षा बोर्ड भी कम पीछे नहीं है.
     कई बार ऐसा हुआ है जब टाॅपर ही बिना मध्यमा परीक्षा के बन गये है. 2010 में ऐसा ही मामला तात्कालिन अध्यक्ष सिद्धेश्वर प्रसाद के सामने आया था. सिद्धेश्वर प्रसाद अध्यक्ष बने थे. जब खुद अध्यक्ष ने रिजल्ट की समीक्षा की, तो पता चला कि जिनको टॉपर बनाया गया है, उन्होंने परीक्षा ही नहीं दी है. ऐसे छात्र का रिजल्ट अध्यक्ष ने कैंसिल किया और दुबारा रिजल्ट घोषित किया गया.
फर्जी सर्टिफिकेट देकर माेटी कमाई, 567 को सर्टिफिकेट
     संस्कृत स्कूल, आनंदपुर, दरभंगा में लगातार कई सालों तक माध्यमा की फर्जी सर्टिफिकेट देता जाता रहा. जब 2010 और 2011 में हाई काेर्ट के आदेश पर प्रदेश भर के संस्कृत स्कूलों का ऑन स्पॉट जांच हुई तो ऐसे कई संस्कृत स्कूल पकड़ में आयें. इसके अलावा कई संस्कृत स्कूल ऐसे में सामने आयें जो बिना परीक्षा दिये ही 567 छात्रों को सर्टिफिकेट उपलब्ध करवा दिये थे. इसमें संस्कृत स्कूल, आनंदपुर, दरभंगा का नाम आया था. इसकी जानकारी उस समय शिक्षा विभाग को भी भेजा गया था.
कागज पर स्कूल
     प्रदेश भर में कई ऐसे संस्कृत स्कूल है जो बस केवल कागज पर ही चलते है. बोर्ड की ओर से इन स्कूलों को पूरा संरक्षण साल भर दिया जाता है. इन स्कूलों में नामांकन से अधिक छात्र का रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है. इन छात्रों का कोई रिकार्ड बोर्ड के पास नहीं होता है. लेकिन रिजल्ट छात्रों को मिल जाता है. इसके लिए मोटी रकम ली जाती है. 2009 में आये एक मामले को लेकर पूर्व अध्यक्ष सिद्धेश्वर प्रसाद ने बताया कि दरभंगा और मधुबनी जिले के कई ऐसे संस्कृत स्कूल है जो बस कागजों पर चलते है.
कदाचार जांच समिति को क्लीन चिट
        बिहार बोर्ड की कदाचार जांच समिति को एसआइटी ने प्रथम दृष्टया अनुसंधान में क्लीन चिट दे दी है. समिति पर रिपोर्ट को दबाने का आरोप लगाया गया था. दरअसल यह रिपोर्ट पूर्व बोर्ड अध्यक्ष और सचिव को समिति ने सौंप दी थी. लेकिन, इसे दोनों ने दबा कर रख ली थी.
      एसआइटी प्रभारी मनु महाराज ने इसकी पुष्टि की है. इसके बाद कदाचार जांच समिति को बड़ी राहत मिली है. लालकेश्वर प्रसाद ने पूछताछ में बच्चा यादव के सामने इसका संकेत किया था कि 2015 की परीक्षा में वीआर कॉलेज में नकल करायी गयी थी. उन्होंने परीक्षा केंद्र से आयी 222 कॉपियों का जिक्र किया था, जो एक जैसी लिखी गयी थी.
     लालकेश्वर का कहना था कि इसकी जांच उन्होंने कदाचार जांच समिति को दी थी, लेकिन रिपोर्ट नहीं आयी थी. इस आरोप के बाद समिति शक के दायरे में आ गयी थी. एसआइटी ने पिछले सात दिनों तक इसकी जांच की और पाया कि रिपोर्ट जांच समिति ने अध्यक्ष व सचिव को सौंप दी थी. समिति ने नकल की पुष्टि की थी और रिजल्ट रोकने की अनुशंसा की थी, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया. यहां बता दें कि कदाचार जांच समिति में बाल्मिकी प्रसाद अध्यक्ष हैं और गोविंद झा, राजाराम प्रसाद सदस्य हैं.
टॉपर हटा रहे बायोडाटा से बिहार टॉपर का टैग, 2009 के इंटर साइंस टॉपर अमन राज ने हटाया टॉपर का टैग
      टॉपर बनना किसी भी छात्र के लिए गर्व की बात होती है. टॉपर बनना के अच्छे छात्र की पहचान देती है, जिसे वह मौका मिलने पर दूसरों के सामने रखते है. लेकिन बिहार के छात्रों के लिए टॉपर बनना एक मुसीबत हो गया है. 2016 के इंटर साइंस और आर्ट्स टाॅपर घोटाले का असर अब दूसरे टॉपर पर भी होने लगा है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पिछले कुछ सालों में बने इंटर साइंस के टॉपर इसके लिए शर्म महसूस कर रहे है.
     भविष्य में उन्हें बिहार टॉपर बनने को लेकर फर्जी शब्द सुनना ना पड़े, इसके लिए अपने बायोडाटा से ही टॉपर बनने का टैग हटा लिया है. 2009 के इंटर साइंस टॉपर अमन राज ने अपने बायोडाटा से स्टेट टॉपर होने का टैग इसलिए हटा लिया कि इंटरव्यू में उसे कहीं एक्सपर्ट छांट ना ले. वहीं 2010 की इंटर साइंस की टाॅपर श्वेता रजनी को इंटरव्यू क दौरान स्टेट टॉपर के बनने की कहानी की पूछा गया. बीट्स पिलानी से चार साल का इंजीनियरिंग का कोर्स करने के बाद अमन राज का कैंपस सेलेक्शन सोबोको प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई के लिए हुआ था.
    इन दिनों अमन राज मेटर डॉट कॉम, गुड़गांव में कार्यरत है. अमन राज ने बताया कि मुझे टॉपर बनने का अफसोस हो रहा है. इस कारण भविष्य में कहीं इंटरव्यू देने में मुझे दिक्कतें ना हो, इसके लिए मैने बायोडाटा से टॉपर शब्द को हटा दिया है.
टॉपर्स घोटाले का असर कैरियर पर भी पड़ने लगा
स्क्रूटनी के बाद बना टॉपर, अब नहीं चाहिए यह तमगा : अभिनव

     वहीं 2014 का टॉपर अभिवन सुमन भी अब टॉपर शब्द से खुद को अलग करना चाहता है. इंटर बॉयाेलॉजी स्ट्रीम से टॉपर बना अभिवन सुमन मेडिकल की तैयारी जयपुर में कर रहे है.
     अभिनव सुमन को 2014 का इंटर साइंस का टॉपर घोषित किया गया था. मालूम हो कि 2014 में रविश कुमार इंटर साइंस का टॉपर घोषित किया गया था. लेकिन 10 दिनों के बाद स्क्रूटनी के माध्यम से अभिनव सुमन को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने टॉपर घोषित किया था. इसके लिए अभिनव सुमन ने काफी मेहनत किया था. लेकिन अब अभिनव सुमन टॉपर बनाये जाने पर अफसोस कर रहा है. अभिनव सुमन ने बताया कि टॉपर हूं, यह बात किसी को नहीं बताते है. इस कारण बायोडाटा से टॉपर शब्द को हटा दिया है.
इंटरव्यू में पूछा, बिहार स्टेट की टॉपर हैं
    बंग्लोर में एक कंपनी में कैंपस के माध्यम से चुनी गयी 2010 की टॉपर श्वेता रजनी ने भी टॉपर शब्द को बायोडाटा से हटा दिया है. बीट्स पिलानी में भले श्वेता रजनी का नामांकन स्टेट टॉपर के रूप में हुआ हो, लेकिन अब वहीं स्टेट टाॅपर बनना इन टॉपर्स के लिए मुश्किल पैदा कर रहा है.
     श्वेता रजनी ने बताया कि दस दिन पहले एक इंटरव्यू में जाना हुआ. इंटरव्यू में सबसे पहले यहीं पूछा गया कि बिहार स्टेट के टॉपर है आप. सब्जेक्ट से अधिक इसी मैटर पर कई प्रश्न पूछे गये. इससे मुझे काफी शर्म महसूस हो रहा था. मेरा सेलेक्शन नहीं हुआ. इसके बाद मैने बायोडाटा से टॉपर शब्द को हटा दिया है.


7:22:00 PM | 0 comments | Read More

मोदी सरकार द्वारा बहुत ही सराहनीय कदम....हो सके तो शेयर जरूर करें

   अब अगर आप सड़क पर चल रहे किसी भी वाहन के मालिक का नाम जानना चाहते हैं, आपको टाइप करना है VAHAN स्पेस गाड़ी का नंबर और भेजना है 9166391836 पर, कुछ ही देर में आपको रिटर्न मेसेज प्राप्त होगी जिसमें वाहन स्वामी का नाम, वाहन किस क्षेत्र का है और गाड़ी के माड्ल का नाम प्राप्त हो जाएगा.........
इससे आपको...... ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों और एक्सीडेंट करने वाले या जिस वाहन का एक्सीडेंट हुआ है उनकी कम्पलेंट करने या शिनाख्त करने में मदद मिलेगी। 
    जैसे VAHAN MH12GFXXXX बहुत अच्छा संदेश है, कृपया इस नम्बर को मोबाइल मे सेव करें एवं अन्य लोगों तक भी पहुंचाए........ अपनी गाड़ी का नंबर भी ट्राई करें..A digital India begining यही तो है अच्छे दिन।
7:15:00 PM | 0 comments | Read More

नीतीश के राज में मुर्दों की भी बल्ले-बल्ले, उन्हें भी दिया जा रहा है यह लाभ



    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ‘बीमारू राज्य’ का दर्जा प्राप्त कर चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जहां कुछ अच्छे कामों को करने के बाद सुशासन बाबु का तमगा मिला है तो वहीं इनके गृह जिलें में होने वाले पेंशन घपलाबाजी ने इनकी साख पर फिर से एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. बता दें कि इस राज्य में अभी भी कई ऐसे गरीब हैं ऐसे जिन्हें सरकार से मिलने वाली पेंशन नसीब नहीं होती है, लेकिन नालंदा के बेले पंचायत में सरकार के सगिर्दो द्वारा मरे हुए लोगों को भी पेंशन दिया जा रहा है.
      बताया जा हर रहा है कि बेले पंचायत में करीब 200 मृत व्यक्तियों के नाम पर भी पेंशन उठाने का काम किया जा रहा है. इस घपले का खुलासा समाज कल्याण विभाग के बेवसाइट के माध्यम से हुआ है. दरअसल इस पंचायत के राकेश नामक एक युवक की माँ को काफी महीनों से पेंशन नहीं दिया जा रहा था. इसके बाद राकेश ने इस बात का कारण अपने गाँव के मुखिया और संबंधित अधिकारीयों से भी जानना चाहा लेकिन इन लोगों उसे जवाब नहीं मिला.
      तब उसने समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट से अपने गांव के उन तमाम लोगों की लिस्ट निकाली जिन्हें मौजूदा समय में पेंशन मिल रहा है. उसने पाया इस सूचि में उन लोगों के भी नाम है जो मर चुकें हैं. ऐसे लोगों की संख्या 200 के आस पास है जो अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन अभी भी उसके नाम पर पेंशन उठाया जा रहा है. फिर भी उसने सभी लोगों के बारे में जानने के लिए इस लिस्ट के जरिये पुरे गांव का सर्वे किया. हैरानी की बात तो यह है कि राकेश को इसे सर्वे में यह पता चला कि गांव में इन मरे हुए लोगों का एक भी रिश्तेदार नहीं है, इनके बारे में कोई जानता तक नहीं.
      जिसके बाद राकेश भी दंग रह गया और उसे यह समझ आ गया कि इन सारे मरे हुए लोगों के पेंशन का पैसा उसके गांव के मुखिया जी के पास ही रह जाता है. राकेश इतने पर ही नहीं रुका इस बात की शिकायत उसने लोकायुक्त कार्यालय और शिकायत निवारण कार्यालय से भी कर दी है. वो इस मामले की जानकारी समाज कल्याण मंत्री के कार्यालय को दे चूका है लेकिन अभी तक उसे मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली हैं.




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इस किसान ने पत्थरों के बीच उगाया ‘सोना’ : कमाते है हर साल 80 लाख रूपये

मध्य प्रदेश के एक किसान ने कर दिखाया कमाल
      अक्सर किस्से कहानियों में सुनते हैं कि खेती की जमीन सोना उगल सकती है। एक फिल्म गाने के बोल भी है – मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती, मेरे देश की धरती। ये बात मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के एक किसान रविंद्र चौधरी ने सच साबित कर दी है। 
पत्थरों के बीच उगाया ‘सोना’
     अगर आप समझते हैं कि, बंजर भूमि भला किसकी क्या किस्मत चमका पाएगी, तो अपनी सोच बदल लीजिए! हम आपको एक ऐसे किसान की कहानी बता रहे हैं जिसने पथरीली जमीन पर खेती कर हर साल 80 लाख रुपए कमाने की शुरुआत कर दी है। छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्ना निवासी रविन्द्र चौधरी और इनके सहयोगी मनीष डोंगरे एवं लखन डोंगरे ने चार साल पहले ग्राम भटेवाड़ी के पास एक पथरीला खेत लिया। एक साल तक उन्होंने खेत को तैयार किया। दो साल पहले इस बारह एकड़ खेत में अनार के 4017 पौधे लगाए। बीते 22 महीनों में ड्रीप एरिगेशन से सिंचाई करते हुए अनुभवी किसानों के मार्गदर्शन में चौधरी परिवार ने खेती-किसानी के क्षेत्र में एक नई मिसाल खड़ी कर दी। आठ हफ्ते बाद इस खेत से अनार की पहली फसल मिलेगी। अनुमान है कि पहले साल इस बागान से करीब 80 लाख रूपए की फसल आएगी, यही नहीं अगले दस से बारह साल तक हर साल इतनी ही रकम की आमदनी होती रहेगी।
शिर्डी से लौटते समय मिली प्रेरणा
      खेती में नए आयाम छूने वाले कृषक रविन्द्र चौधरी बताते है कि तीन साल पहले वे शिर्डी गए थे। लौटते समय उन्होंने वहां एक अनार का बागान देखा। वहां एक साधारण किसान ने अनार की खेती कर सवा करोड़ से अधिक की फसल बेची थी। उसकी खेती और सफलता देखकर चौधरी परिवार को खेती में कुछ नया करने की प्रेरणा मिली। अब रविन्द्र चौधरी अपने ही खेत में अनार की कलम भी तैयार करते है। इसके अलावा वे किसानों को नि:शुल्क मार्गदर्शन भी दे रहे हैं।
उपयुक्त है पांढुरना की जमीन
     कृषक रविन्द्र चौधरी ने बताया कि उन्होंने मुरमनुमा मिट्टी का सैंपल लैब में भेजा। लैब से आई रिपोर्ट में पता चला कि इस पथरिली जमीन में काली जमीन की अपेक्षा अधिक घटक तत्व है। यदि सिंचाई और खाद की व्यापक व्यवस्था हो तो यहां अनार की अच्छी खेती हो सकती है। इसके साथ एक पक्ष भी यह भी है कि अन्य फसलों में एक अरसे बाद रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसलिए उद्यानिकी के क्षेत्र में भी फसलचक्र का पालन करना चाहिए।
     मेहनत तारीफ के काबिल दोनों के प्रयोग को सरकारी विभाग भी सराह रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के किशोर गजभिये कहते हैं कि में प्रयोगों को हमेंषा सफलता मिलती रही है। फसलचक्र का पालन करना चाहिए। इन किसान परिवार की मेहनत तारीफ के काबिल है। किसानों को इस तरह की खेती देखकर प्रेरणा लेनी चाहिए।
5:00:00 PM | 0 comments | Read More

6 साल के इस बच्चे ने फेसबुक से कमाए 1 लाख 35 हजार रुपये

   6 साल की उम्र में जहां बच्चे सही से अपनी बात तक नहीं कहना सीख पाते हैं, वहीं इस उम्र में एक बच्चे ने वो कर दिखाया जिसकी कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता है। केरल के कोच्चि में रहने वाले निहाल ने अपनी नन्ही उम्र में ही फेसबुक से 1 लाख 35 हजार रुपये कमा लिए हैं। दरअसल ये 6 वर्षीय बच्चा कुक है, जिसने 4 साल की उम्र में ही इस काम की शुरूआत कर दी थी। निहाल ने कुकिंग की कला अपनी मां से सीखी है। जब निहाल की मां रसोई में खाना बनाती थी तब निहाल वहीं किसी कोने में खड़े होकर देखते थे।
    कुछ बच्चों को पढ़ाई या फिर खेलना पसंद होता है। तो निहाल को इस उम्र में किचन में मां के साथ वक्त बिताना अच्छा लगता था, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वो अपनी इस कला को इस मुकाम तक ले जाएंगे। निहाल के पिता राजगोपाल का कहना है कि एक दिन निहाल का खाना बनाते हुए वाला वीडियो मजाक में फेसबुक पर अपलोड कर दिया था। जिसके चलते दोस्तों और लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोगों ने राजगोपाल को सुझाव दिया कि निहाल का यूट्यूब पर चैनल बनाना चाहिए।
    फेसबुक के लिए इश्तेहार बनाने वाली एक कंपनी ने जब निहाल का मैंगो आइसक्रीम बनाने वाला वीडियो देखा तो उन्हें खूब भाया। इस वीडियो को हासिल करने के लिए उन्हें 2000 डॉलर यानि 1 लाख 35 हजार रुपये दिए गए। इस परिवार ने इस राशि का कुछ हिस्सा केरल में दान कर दिया। निहाल के आइसक्रीम बनाने वाले वीडियो को देख कर आप भी हैरान हो जाएंगे।
        
4:48:00 PM | 0 comments | Read More

बिहार के इस मंदिर में हिन्दू ही नहीं मुस्लिम भी करते हैं पूजा

     धर्म को देश की एकता से ऊपर ही बताया जाता है, पर यह भी सच है कि धर्म जाति को लेकर अक्सर विवाद भी होते हैं, लेकिन इन सब के बीच यथार्थ यह भी है कि बहुत से इस प्रकार के भी स्थान अपने देश में हैं जहां आप हिन्दू को अपनी उपासना और मुस्लिम को अपनी इबादत साथ में करते देख सकते हैं। यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि धर्म व्यक्ति के लिए बना है न कि व्यक्ति धर्म के लिए। जहां तक इंसानियत की बात है तो इस प्रकार के स्थान सारे मानव समाज के लिए एक प्रकाश स्तंभ हैं जहां हिन्दू या मुस्लिम या फिर अन्य सभी धर्मों से जुड़े लोग एक साथ बैठ कर अपनी उपासना या इबादत कर सकते हों। आज हम आपको अपने देश के बिहार प्रांत के ऐसे ही मंदिर से रू-ब-रू करा रहे हैं जहां पर हिन्दू और मुस्लिम लोग अपने-अपने तरीके से अपनी उपासना साथ मिल कर करते हैं।
      इस मंदिर का नाम है बाबा खुदिनेश्वर धाम। यह मंदिर बिहार के समस्तीपुर में स्थित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें एक ओर जहां शिव मंदिर है, वहीं पास में ही बीबी खुदनी की मजार भी स्थित है। यही कारण है कि यहां पर दोनों ही धर्मो के लोग अपनी उपासना या इबादत को एक साथ करते हैं।
    ऐसा कहा जाता है कि बीबी खुदनी एक शिव भक्त थीं। यहां लगा शिवलिंग 13वीं या 14वीं शताब्दी का बताया जाता है। पहले यह झोपड़ीनुमा मंदिर था इसलिए यहां अधिक लोग नहीं आते थे। बीबी खुदनी ने यहां उपासना की और एक सुन्दर मंदिर बनवाया। उनकी मृत्यु के बाद में बीबी खुदनी को इस मंदिर में ही दफ़न कर दिया गया था। वर्तमान में जो भी व्यक्ति यहां आता है वो शिव उपासना के बाद बीबी खुदनी की मजार पर भी सिर झुकाता है। यदि अपने देश में ऐसे ही कुछ लोग और हो जाएं तो अपना देश विश्व में धार्मिक सौहार्द का प्रतीक बन सकता है।
4:46:00 PM | 0 comments | Read More

यह है हिनुस्तान का "Power Boy" हजारों वोल्ट का करंट भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता

    देश में कई अजीबो गरीब किस्से सुनने को मिलते है। बिजली का हल्का सा झटका भी हमारे शरीर को हिला कर रख देता है। इसलिए सभी लोग बिजली का काम करते समय बड़े ही एहतियात को बरतते है। आपको बता दें कि सोनीपत में एक ऐसा लड़का है जो बिजली की तारों को आसानी से छू लेता है और उसे करंट भी नहीं लगता। इस लड़के की स्थिति के बारे में जो भी सुनता है वो हैरान रह जाता है और इस लड़के से मिलने के लिए पहुंच जाता है। आस पास के सभी गांवों के लिए यह लड़का एक अजूबा बन गया है।
कौन है यह और कैसे बना इलैक्ट्रिक ब्वॉय
      सोनिपत के एक छोटे से गांव में रहने वाले इस लड़के का नाम दीपक जांगड़ा है। इस लड़के को 11000 वोल्ट का पावरफुल करंट भी कुछ नहीं कर पाता है। दीपक अपने घर में बिजली के तारों के साथ ऐसा खेलता है जैसे मानों वो उसकी दोस्त हो। एक बार दीपक अपने घर में ही हीटर को ठीक कर रहा था। इस दौरान उसने चालू हालत में तार को पकड़ लिया लेकिन उसे करंट नहीं लगा। सोहल वार्षिय दीपक इस बात को समझ नहीं पाया कि आखिर उसको करंट क्यों नहीं लगा। दीपक ने एक बार फिर से जांच करने के लिए करंट वाले तार को पकड़ा उसे दोबारा भी करंट नहीं लगा। इसके बाद दीपक ने बिजली को अपना दोस्त बना लिया। गांव की कोई भी बिजली की लाइन को वह अपने हाथों से चालू स्थिति में ही जोड़ देता है। 11000 वोल्ट की हाईटेशन की तारों से बिजली शहरों में वितरित की जाती है। इन तारों में इतना करंट फ्लो होता है जिससे की यह तार पांच मीटर दूर की चीज को भी अपनी ओर खींच लेती है।
2700 वोल्ट में व्यक्ति की हो जाती है मृत्यु
      जानकारों ने बताया कि एक सामान्य मनुष्य 2700 वोल्ट की बिजली के करंट को सहन नहीं कर पाता है। इतनी बिजली से किसी भी व्यक्ति की आसानी से मृत्यु हो सकती है। लेकिन दीपक को 11000 वोल्ट पर भी करंट न महसूस होना एक अचंभे की बात है।
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दूल्हा ले रहा था सात फेरे, पहुंच गई पत्नी और मंडप बना अखाड़ा....और फिर हुई धुनाई

Munna Kumar's photo.   पहली पत्नी के रहते हुए पति ने दूसरी शादी रचाने की तैयारी की। वह मंडप में फेरे ले ही रहा था कि पत्नी पहुंच गई और मंडप पर ही उसने दुल्हे की जमकर धुनाई कर दी। 
      पहली पत्नी से छुपकर दूसरी शादी रचा रहे दुल्हे की उसकी पहली पत्नी ने शादी के मंडप में ही जमकर धुनाई कर दी। पिटाई के बाद दुल्हा अपनी होने वाली दुल्हन को मंडप में ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ। घटना शंभूगंज थाना क्षेत्र की है।
     जानकारी के अनुसार खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र अन्तर्गत सलारपुर गांव निवासी शंभू यादव के पुत्र सूरज यादव ने गांव में एक वर्ष पूर्व देवानंद ठाकुर की पुत्री संध्या कुमारी को प्रेम प्रसंग में फंसाकर कोर्ट मैरेज कर लिया था। शादी के बाद दोनों पति पत्नी के रूप में घर पर रहने लगे। शादी के सात माह बाद संध्या गर्भवती हो गयी।
      यह शादी लड़के के पिता को नागवार था और शुरू से ही वह इस शादी का विरोध करते थे। उसके बाद दो दिन पूर्व ही सूरज यादव अपने आप को कुंवारा बताकर शादी करने के लिये शंभूगंज थाना क्षेत्र के वारसावाद गांव पहुंचा।
      इसकी भनक उसकी पहली पत्नी संध्या देवी को लग गयी। पहले तो वो अपनी मां के साथ न्याय की गुहार लगाने शंभूगंज थाना पहुंची और शंभूगंज थाना पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। शंभूगंज पुलिस प्रमुख के चुनाव के कारण व्यस्त थी।
     पुलिसिया कार्रवाई में विलंब होता देख संध्या देवी अपनी मां के साथ पति को खोजने वारसावाद ही पहुंच गई। वहां अपने पति सूरज यादव को मंडप में शादी करते देख उसकी पहली पत्नी संध्या देवी की क्रोध का ठिकाना न रहा। यहां उसने लोगों को जानकारी देते हुए पति की धुनाई शुरू कर दी।
    सभी लोगों को सही बात की जानकारी देते हुए संध्या ने अपने पति सूरज यादव को अपने चप्पल से पीटना शुरू कर दिया। दुल्हा अपने आप को घिरता देख मंडप से भाग खड़ा हुआ।

4:33:00 PM | 0 comments | Read More

रिजल्ट घोटाला : फर्जी आर्ट्स टॉपर रूबी राय गई जेल, कीर्ति होगी असली टॉपर

इंटर आर्ट्स की नकली टॉपर रूबी राय जेल में हैं अब परीक्षा की टॉपर लिस्ट में बदलाव होगा। टॉपर्स लिस्ट में दूसरे स्थान पर रहने वाली कीर्ति को अब टॉपर घोषित किया जा सकता है।
     पटना।। बिहार बोर्ड के रिजल्ट घोटाला के बाद अब इंटरमीडिएट परीक्षा की टॉपर लिस्ट में बदलाव की बारी है। आर्ट्स की टॉपर रूबी राय का रिजल्ट रद हो गया है। दूसरे स्थान पर रहने वाली कीर्ति अब टॉपर घोषित की जाएगी।
       लेकिन, बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर का कहना है कि पूरी समीक्षा के बाद ही नई टॉपर लिस्ट जारी होगी। इसके लिए बिहार बोर्ड ने सचिव के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी है।
      किशोर ने कहा कि बोर्ड टॉपरों के रिजल्ट की समीक्षा कराएगा। कमेटी में बिहार बोर्ड के सचिव अनूप कुमार सिन्हा, उप सचिव कामेश्वर प्रसाद गुप्ता एवं बोर्ड के पूर्व सचिव हसन वारिस को शामिल किया गया है। इंटर कला टॉपर रूबी राय, विज्ञान टॉपर सौरभ श्रेष्ठ तथा राहुल कुमार के रिजल्ट रद करने के बाद टॉपरों की सूची बदलना तय है लेकिन समीक्षा के बाद नई सूची जारी होगी।
कीर्ति का दावा, उसे मिलेगा हक
      उधर, पुरानी टॉपर लिस्ट में नंबर दो पर रही खगडिय़ा की कीर्ति भारती को पूरा भरोसा है कि वह नई टॉपर होगी। वह शारदा गिरधारी महाविद्यालय महेशखूंट, खगडिय़ा की छात्रा है। आट्र्स की परीक्षा में 408 अंकों के साथ वह दूसरे स्थान पर थी।
विक्षिप्त जैसी हरकतें कर रही थी रूबी, पहले रोई फिर लगाए ठहाके
      उसका कहना है कि उसने अपना हक पा ही लिया। वह सोचती थी कि रूबी जरूर पढ़ाई में उससे अधिक मेधावी होगी। इस कारण उसने सूबे में टॉप किया है। लेकिन, मेधा घोटाले की खबर आने के बाद लगा कि उसे ही टॉपर होना चाहिए था।
     कीर्ति कहती है, उसे काफी गुस्सा आता था। कहती है, सिस्टम गलत था, तभी तो ऐसा हुआ। व्यवस्था में और सुधार की जरूरत है। रिव्यू टेस्ट का नाम सुन कर उसे डर लगा था। टेस्ट के नाम पर वह थोड़ी सी नर्वस भी थी। लेकिन, उसने हिम्मत जुटाई और एक बार फिर से पूरी सिलेबस का रिवीजन किया। इस कारण उसने रिव्यू टेस्ट में सभी सवालों के जवाब दे दिए। अब उसके रिजल्ट का इंतजार है।




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वैज्ञानिकों का दावा गो-मूत्र से निकाला जा सकता है सोना

    गुजरात के जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर डॉ. बीए गोलकिया ने गोमूत्र से सोना निकालने का दावा किया है। चार सालों की रिसर्च के बाद डॉ. बीए गोलकिया ने गुजरात में पायी जाने वाली प्रसिद्ध गिर नस्ल की गायों के मूत्र से सोना निकालने का दावा किया है।
     टाइम्स आॅफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलाजी विभाग के अध्यक्ष डाॅ.गोलकिया ने अपने चार सालों की रिसर्च के दौरान गिर नस्ल की 400 से अधिक गायों के मूत्र की लगातार जांच करने के बाद उन्होंने एक लीटर गोमूत्र से 3 मिलीग्राम से 10 मिलीग्राम तक सोना निकालने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह धातु आयन के रूप में पाया गया और यह पानी में घुलनशील है।
      गोमूत्र परीक्षण के लिए डाॅ.गोलकिया और उनकी टीम ने क्रोमैटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री विधि का इस्तेमाल किया था। डॉ. गोलकिया ने कहा ‘अभी तक हम प्राचीन ग्रंथों में ही गो-मूत्र में स्वर्ण पाए जाने की बात सुनते थे, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं था। हम लोगों ने इस पर शोध करने का फैसला किया। हमने गिर नस्ल की 400 गायों के मूत्र का परीक्षण किया और हमने उसमें सोने को खोज निकाला।’
     उन्होंने कहा कि गोमूत्र से सोना सिर्फ रसायनिक प्रक्रिया के जरिए ही निकाला जा सकता है। डाॅ. गोलकिया ने कहा कि शोध के दौरान हमने गाय के अलावा, भैंस, ऊंट, भेड़ों के मूत्र का भी परीक्षण किया था लेकिन किसी में सोना नहीं मिला। इसके अलावा शोध में यह भी पाया गया है कि गो-मूत्र में 388 ऐसे औषधीय गुण होते है जिससे कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। डॉ. गोलकिया की टीम अब भारत में पाए जाने वाली अन्य देसी गायों के गो-मूत्र पर शोध करेगी।
4:28:00 PM | 0 comments | Read More

मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था का 35वां सदस्य बना भारत

     भारत 27 जून 2016 को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल हो गया। भारत ने कहा है कि इस समूह में उसका प्रवेश वैश्विक अप्रसार शर्तों को बढ़ाने के लिए परस्पर फायदेमंद होगा।किसी बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण समूह में पहली बार भारत को मिले प्रवेश को रेखांकित करते हुए विदेश सचिव एस जयशंकर ने फ्रांस के राजदूत एलेग्जेंडर जीगलर, नीदरलैंड के राजदूत एल्फोनस स्टोलिंगा और लग्जमबर्ग के प्रभारी (चार्ज डी एफेयर्स) लॉरे हुबर्टी की मौजूदगी में सदस्यता पत्र पर हस्ताक्षर किए।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भारत एमटीसीआर में शामिल हो गया। इस समूह के 35वें सदस्य के रूप में भारत का प्रवेश अंतरराष्ट्रीय अप्रसार के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में परस्पर लाभकारी होगा।एमटीसीआर में भारत को प्रवेश मिलने से कुछ ही दिन पहले चीन और कुछ अन्य देशों के कड़े विरोध के चलते उसे एनएसजी की सदस्यता नहीं मिल पाई थी।
     महत्वपूर्ण बात यह है कि हाल ही में सोल में संपन्न बैठक के दौरान 48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश पर बाधाएं पैदा करने वाला चीन एमटीसीआर का सदस्य नहीं है। अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु संधि के बाद से ही भारत एनएसजी, एमटीसीआर, द ऑस्ट्रेलिया ग्रुप और वासेनार अरेंजमेंट जैसे निर्यात नियंत्रण समूहों में प्रवेश की कोशिश करता रहा है। ये समूह पारंपरिक, परमाणु, जैविक एवं रासायनिक हथियारों और प्रौद्योगिकियों का नियमन करते हैं। एमटीसीआर की सदस्यता अब भारत को उच्च स्तरीय मिसाइल प्रौद्योगिकी खरीदने और रूस के साथ अपने साझा उपक्रमों को बढ़ाने का अवसर देगी।एमटीसीआर का उद्देश्य मिसाइलों, पूर्ण रॉकेट तंत्रों, मानवरहित वायुयानों और कम से कम 300 किलोमीटर तक 500 किलो वजन का पेलोड ले जा सकने वाली प्रणालियों के प्रसार को रोकना है। इसके साथ ही इसका उद्देश्य सामूहिक जनसंहार के हथियारों की आपूर्ति के लिए बनी प्रणालियों को रोकना भी है। एमटीसीआर में प्रवेश के भारत के प्रयासों को तब प्रोत्साहन मिला जब उसने इस महीने की शुरूआत में हेग आचार संहिता का हिस्सा बनने पर सहमति जताई। हेग आचार संहिता बैलिस्टिक मिसाइल की अप्रसार व्यवस्था से संबंधित है। एमटीसीआर की सदस्यता से भारत उच्चस्तरीय मिसाइल प्रौद्योगिकी की खरीद करने में सक्षम होगा और रूस के साथ इसके संयुक्त उपक्रम को भी बढ़ावा मिलेगा।
3:49:00 PM | 0 comments | Read More

चुनाव से पहले सपा करवा सकती है दंगे - अफजाल अंसारी

अफजाल अंसारी का सपा पर हमला, कहा- यूपी में चुनाव से पहले दंगा करवाने की हो रही है तैयारी
     यूपी में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी में मचा घमासान जहां एक ओर शांत होने पर है, वहीं विलय रद्द होने के बाद कौमी एकता दल का पारा चढ़ गया है. पार्टी प्रमुख अफजाल अंसारी ने सपा पर धोखा देने का आरोप लगाया है. साथ ही आरोप लगाया कि चुनाव से पहले यूपी में दंगा करवाने की तैयारी चल रही है.
      उन्होंने कहा, 'प्रदेश में अपराधी बेलगाम हैं और यूपी के सीएम हजारों-करोड़ों खर्च करके अपनी इमेज चमकाने में लगे हैं. बीजेपी के लोग यूपी के इस माहौल को अपने फेवर में बनाने में लगे हैं.' कौमी एकता दल के अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में सपा और बीजेपी दोनों मिलकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने में लगे हैं. चुनाव से पहले दंगे करवाने की तैयारी है.
      अफजाल ने आगे कहा, 'कौमी एकता दल के सपा में विलय की शुरुआत पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने की और उसे आगे बढ़ाया बलराम यादव ने. 10 जून को हमारी मीटिंग शि‍वपाल यादव और 11 जून को हमारी मीटिंग नेताजी मुलायम सिंह यादव से हुई. नेताजी ने कहा कि आप अपने दल का मर्जर सपा में कर दीजिए.'
     अफजाल ने मुलायम और अखि‍लेश पर एक साथ निशाना साधते हुए कहा, 'मुलायम को न तो अखि‍लेश के सिद्धां‍तों की परवाह है और न ही अखि‍लेश को अपने पिता के निर्णयों का सम्मान करने की ही फिक्र है.' उन्होंने आगे कहा कि पूर्वांचल में उनकी पार्टी सपा को औकात दिखा देगी.


3:25:00 PM | 0 comments | Read More

एक मुस्लिम ने गरीब मां को नौकरी का झांसा देकर उसकी पुत्री से दुष्कर्म किया

मुशहरी थाना क्षेत्र के एक गांव में मां को नौकरी का झांसा देकर पुत्री से दुष्कर्म किया गया।
    मुजफ्फरपुर।। मुशहरी थाना क्षेत्र के एक गांव में मां को नौकरी का झांसा देकर पुत्री से दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने महिला थाने में बयान दिया जिसके आधार पर मुशहरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को वैशाली जिले के बलिगांव थाने के चकअब्दुल इस्लाम खजुली गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
      महिला थाने में दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि शुक्रवार को घर पर एक 55 वर्षीय अधेड़ आदमी आया तथा बोला कि आपकी मां को आंगनबाड़ी में रसोइया की नौकरी दिला दूंगा। इसलिए कल कच्ची-पक्की अपनी मां के साथ आ जाना। उसने मेरा मोबाइल नंबर भी लिया। शनिवार की सुबह आठ बजे उसने मोबाइल पर फोन कर कहा कि अपनी मां के साथ कच्ची-पक्की आ जाओ। उसके द्वारा बताए स्थान कच्ची पक्की स्थित हनुमान मंदिर अपनी मां के साथ 10 बजे पहुंची। वहां से वह मुझे एवं मां को उत्तर तरफ एक स्कूल में ले गया। वहां मुझे बैठाकर मेरी मम्मी को दूसरी जगह ले गया। करीब आधा घंटा बाद मेरे पास आकर बोला कि चलो तुम्हें मम्मी के पास ले चलते हैं। मोटर साइकिल पर बैठाकर दिन भर वह मुझे इधर-उधर घुमाता रहा, लेकिन मां से नहीं मिलवाया। उसके बाद दो-तीन सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया। जब शाम हुई, तब वह एक सुनसान जगह पर ले गया जहां चिमनी भट्ठा तथा आसपास खर-पतवार था। अंधेरा होने पर घबरा गई और अपनी मां के पास जाने की जिद करने लगी, तब उसने मुझे जबरन बैठा लिया और बाइक से पॉलीथीन निकाल छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए दुष्कर्म किया। फिर मोटर साइकिल पर बैठा कर वहां से कहीं और ले जाने लगा। इसी बीच वह एक जगह रुका जहां तीन लाख में बेचने की बात कहने लगा। यह सुनकर वह बहुत डर गई और हल्ला करते हुए गांव की तरफ भागी। ग्रामीणों को आपबीती सुनाई। इसी बीच आरोपी कहीं भाग गया। ग्रामीणों ने उसके रिश्तेदारों को खबर कर घर भेजवाया। सूचना मिलने पर मुशहरी पुलिस ने आनन फानन में टीम गठित किया। आरोपी संजय कुमार पिता सहदेव राय को बलिगांव थाने के चकअब्दुल इस्लाम खजुली स्थित उसके घर से देर रात गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष कंचन भास्कर ने बताया कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। सोमवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पीड़िता का कोर्ट में 164 का बयान कराया गया। उसकी मेडिकल जांच मंगलवार को कराई जाएगी। उसके बाद टीआइ परेड कराई जाएगी।
3:23:00 PM | 0 comments | Read More

कैराना : इस "लौंडियाबाज" ने दी साम्प्रदायिक मुस्लिम गुंडों को क्लीन चिट



    सड़क पर सरेआम झूमकर नाचती नर्तकी को मस्त होकर फूल फेंक फेंक कर मारने वाले को हमारे यूपी में वैसे तो "लौंडियाबाज" या फिर "शोहदा" ही कहा जाता है.
    लेकिन इस चित्र में ऐसी ही हरकत करता नज़र आ रहा दढ़ियल खुद को साधू संत और आचार्य कहता है. पिछले दिनों समाजवादी पार्टी का ठेकेदार बनकर यह साधू उर्फ़ "शोहदा" कैराना गया था.
      कैराना से लौटकर इसने वहाँ के कटटरपंथी साम्प्रदायिक मुस्लिम गुंडों को क्लीन चिट दे दी और उनके डर से अपना घर-बार, जमीन जायदाद, दुकान-मकान छोड़कर भागे हिन्दुओं को झूठा और उनकी पीड़ा/समस्या को झूठी और अफवाह घोषित कर दिया है.
     NOTE : यह चित्र किसी धार्मिक आयोजन का नहीं बल्कि तब का है जब यह साधू उर्फ़ "शोहदा" कांग्रेस के टिकट पर सम्भल से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. तब बम्बई से इसके प्रचार के लिए आई यह "नाचनेवाली" नाच-नाच कर इस साधू उर्फ़ "शोहदे" के लिए वोट मांग रही थी और यह मस्त होकर उसपर फूल लुटा रहा था. हालांकि इसके बावजूद चुनाव में इसकी जमानत जब्त हो गयी थी. इस साधू उर्फ़ हिन्दूद्रोही "शोहदे" का सच सोशल मीडिया के हर सदस्य को अवश्य बताएं.


(Madan Mohan Tiwari)


3:16:00 PM | 0 comments | Read More

बिहार में एक और रोड रेज का मामला, साइड देने में हुई देरी तो मारी गोली

     गया रोडरेज की घटना ने पुरे देश को हिला कर रख दिया था. सरकार ने भी उस मामले में तुरंत कार्रवाई की थी. लेकिन इस तरह की घटनाये लगातार देखी जा रही है. एक और ताजा घटना सामने आयी है. गोपालगंज में साइड नहीं देने से नाराज बाइक सवार युवकों ने वृद्ध को दिनदहाड़े गोली मार दी. गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल वृद्ध को इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है. घटना सोमवार को उचकागांव थाना के साखे गांव में घटित हुई है.
     घायल वृद्ध का नाम मोइनुल हक़ है, जो उचकागांव थाने के नौतन -हरैया गांव के रहने वाले हैं. पीड़ित मोइनुल हक़ के मुताबिक वे आज सुबह अपने गांव से बाइक से अपने बेटी के ससुराल बड़हरिया थाने के हरपुर जा रहे थे तभी उचकागांव के साखे गांव के समीप साइड नहीं देने को लेकर एक बाइक पर सवार दो नवयुवकों ने वृद्ध की गाडी जबरन रोक दी. गाड़ी रोकने के बाद वृद्ध जबतक कुछ समझ पाते उससे पहले दोनों ने वृद्ध पर ताबड़तोड़ गोलियो की बौछार कर दी.
      गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल मोइनुल हक़ को गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पटना के लिए रेफर कर दिया. पीड़ित के परिजनों ने बाइक सवार दो अज्ञात लोगों के खिलाफ अपना बयान दर्ज कराया है. बहरहाल इस मामले में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है. मालूम हो कि इससे पहले बिहार के ही गया और मुजफ्फरपुर में रोडरेज की घटनाएं घट चुकी है जिसमें फायरिंग भी हुआ था.



12:31:00 PM | 0 comments | Read More

आप विधायक दिनेश मोहनिया की जमानत अर्जी खारिज


     दिल्ली में कथित दुर्व्‍यवहार के मामले में गिरफ्तार किये गए आप विधायक दिनेश मोहनिया की जमानत अर्जी एक स्थानीय अदालत ने खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
     मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट भावना कालिया ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों की परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के 25 जून के आदेश में हस्तक्षेप किया जाए. आरोपी की यह दूसरी जमानत अर्जी खारिज की जाती है.’’
    ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने गत शनिवार को मोहनिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था और उन्हें दो दिनों अर्थात सोमवार तक के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था.
     विधायक के खिलाफ गत 23 जून को कथित तौर महिलाओं के उस समूह के साथ दुर्व्‍यवहार करने के लिए मामला दर्ज किया गया था जिसने पूर्ववती रात में अपने क्षेत्र में जलसंकट की शिकायत को लेकर उनसे सम्पर्क किया था. दक्षिणी दिल्ली के नेब सराय पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
     मोहनिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 506, 509, 354, 354ए, 354 बी और 354 सी के तहत गिरफ्तार किया गया था.
    जमानत अर्जी का विरोध करते हुए पुलिस ने अदालत में कहा कि यदि कोई राहत दी गई तो मोहनिया जांच को प्रभावित कर सकते हैं जो अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ अब भी जारी है.
   चैंबर में सुनवायी के दौरान मोहनिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का पेश हुए. फुल्का ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने में 11 घंटे की देरी हुई और कथित अपराध जमानती हैं. उन्होंने साथ ही अदालत से कहा कि महिला का बयान शिकायत दर्ज होने के दो दिन बाद दर्ज किया गया और उस पर विचार करने का कोई आधार नहीं है.
    अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाये गए आरोप झूठे हैं क्योंकि दो दिन के अंतराल ने पुलिस को राजनीतिज्ञ को फंसाने का पर्याप्त समय दिया. फुल्का ने साथ ही कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 नहीं लगायी जा सकती क्योंकि मोहनिया का कथित पीड़ितों से छेड़छाड़ करने या कपड़े फाड़ने का कोई इरादा नहीं था.

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हम 60 साल से अपने बच्‍चों को नफरत ही सिखा रहे हैं, जंग से नहीं जीत सकते कश्‍मीर - पूर्व विदेश मंत्री पाकिस्तान

Written By News Today Time on Monday, June 27, 2016 | 5:11:00 PM

      पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खान का कहना है कि पाकिस्‍तान लड़ाई के जरिए कश्‍मीर पर नियंत्रण नहीं कर सकता। उन्‍होंने कहा कि भारत के साथ आपसी विश्‍वास के माहौल से ही इस मसले पर बात आगे बढ़ सकती है। जियो न्यूज को दिए इंटरव्‍यू में हिना ने कहा, ”मेरा मानना है कि पाकिस्‍तान जंग के जरिए कश्‍मीर का हक नहीं पा सकता है। यदि हम ऐसा नहीं कर सकते तो फिर बातचीत का विकल्प ही शेष बचता है। आपसी संवाद ऐसा एकमात्र जरिया है जिससे आप अपने रिश्‍तों को सामान्य बना सकते हैं और आपसी विश्‍वास बरकरार रख सकते हैं।” हिना रब्‍बानी खार 2011-13 तक विदेशी मंत्री रही थीं।
       हिना ने दावा किया कि गठबंधन की विवशता के बावजूद पूर्ववर्ती पाकिस्‍तान पीपुल्‍स पार्टी (पीपीपी) सरकार ने वीजा नियमों को लचीला बनाकर और व्यापारिक संबंधों को सामान्य कर भारत के साथ संबंध सुधारने की पुरजोर कोशिश की। पाकिस्‍तान की विदेश नीति में सेना के प्रभाव के सवाल पर हिना रब्बानी ने कहा कि डिप्लोमेट्स का काम विभिन्न मसलों पर सेना के दृष्टिकोण को उस समय आगे बढ़ाना होता है जब सेना भी इनमें संबद्ध पक्ष होती है। कुछ लोगों का मानना है कि यह मामला तब ही सुलझ सकता है जब भारत में भाजपा सरकार सत्ता में रहे और पाकिस्‍तान में सैन्‍य सरकार। खार के अनुसार, परवेज मुशर्रफ ने अपने कार्यकाल के दौरान कश्‍मीर मुद्दे पर भारत को काफी रियायतें दीं।
       अमेरिका के भारत से दोस्‍ती बढ़ाने के सवाल पर उन्‍होंने कहा, ”क्‍या अमेरिका भारत के परमाणु संपन्‍न होने या फिर सैन्‍य ताकत होने के कारण करीब जा रहा है। नहीं, यह लोगों की ताकत है और उनकी लोकतांत्रिक परंपराएं है जिसके कारण ऐसा हो रहा है। यदि हमें प्रतिस्‍पर्धा करनी है तो इस आधार पर करनी चाहिए।” उन्‍होंने साथ ही कहा कि अफगान जिहाद में पाकिस्‍तान का शामिल होना गलती था। हिना ने कहा, ”60 सालों में हमने हमारे बच्‍चों को सिखाया कि किसी से घृणा करना ही हमारी राष्‍ट्रीय पहचान है। और हम पड़ोस के देशों के साथ ऐसा कर रहे हैं। पहले हमने भारत के साथ ऐसा किया और अब अफगानिस्‍तान के साथ ऐसा कर रहे हैं।”


5:11:00 PM | 0 comments | Read More

होटल में सप्लाई होती हैं महिला कांस्टेबल

     लखनऊ।। उत्तर प्रदेश में यदि सपा की सरकार हो और बात पुलिस की, की जाये तो मन मे रक्षक की कम, गुंडा पुलिस की छवि ज्यादा बनती है, और बने भी क्यों न क्योकि पुलिस है भी ऐसी ही, ऐसा ही वाक्या शनिवार को डीआईजी के कार्यालय मे देखने को मिला।
     लखनऊ के पारा इलाके की गैंगरेप पीड़िता ने शनिवार दोपहर डीआईजी रेंज आरकेएस राठौर के सामने पारा थाना के निलंबित एसओ अशोक यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पूर्व एसओ महिलाओं के प्रति ओछी सोच रखता था।
     गिरफ्तारी के वक्त पीड़िता ने सिपाही भर्ती परीक्षा और अपने कॅरिअर का हवाला देते हुए हाथ-पैर जोड़े तो एसओ ने कहा, ‘महिला कांस्टेबल लिपस्टिक लगाकर होटल में सप्लाई होती हैं...।’ पीड़िता के मुंह से यह बात सुनकर डीआईजी सन्न रह गए।
     पीड़िता ने डीआईजी को यह बातें लिखित में भी दिया। डीआईजी ने एस. एस. पी. मंजिल सैनी को पीड़िता का प्रार्थनापत्र एफआईआर में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
     एडवा की प्रदेश सचिव मधु गर्ग के साथ डी आई जी से मिलने पहुंची पीड़िता ने जब बोलना शुरू किया । तो कमरे में सन्नाटा छा गया। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि पूर्व एसओ ने उसके व परिवार के सदस्यों के साथ जैसा व्यवहार किया उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
जमानत के बाद भी पुलिस ने की घिनौनी हरकत
     जमानत पर जेल से बाहर आने पर भी उसकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। पुलिस खुद पूरे इलाके में घूम-घूमकर उसका चरित्र हनन करती थी । थाने ले जाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने मौसेरे भाई से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘ ऐसी लड़कियों के साथ कोई कुछ भी कर सकता है, ये इसी लायक हैं।’
     पीड़िता और उसकी बहन पर वेश्यावृत्ति का भी आरोप लगाते हुए जेल में डालने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा कही गई इन बातों के आधार पर मधु गर्ग ने डीआईजी को ज्ञापन देकर मांग की है। कि निलंबित एसओ अशोक यादव और एफआईआर की विवेचना करने वाले एसएसआई सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाए।
     इन पुलिसकर्मियों की वजह से न केवल पीड़िता को नर्क भोगना पड़ा है, बल्कि पुलिस की छवि को नुकसान हुआ है और आम आदमी पुलिस से डरने लगा है।
पूरी घटना।
      राजधानी के पारा थाने की पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता हाईस्कूल की छात्रा और उसके परिवारीजनों सहित छह लोगों को लूट के फर्जी मामले में जेल भेज दिया था। पीड़िता की शिकायत पर डीजीपी ने जांच कराई तो पुलिस के इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एसएसपी मंजिल सैनी ने पारा एसओ अशोक यादव सहित सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड क‌िया। साथ ही आई. जी. जोन ए. सतीश गणेश से सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल गैर जनपद रवाना करने की संस्तुति की। बीती 23 मार्च को होली के दिन पीड़िता का चचेरा भाई अपने दोस्त के साथ इनोवा कार लेकर घर आया था। सभी होली खेल रहे थे कि शिवकुमार व मॉडल सिटी निवासी उसका साझेदार दीपक यादव व तीन-चार अन्य लोग कार से वहां आ गए और जबरन पीड़िता व उसकी बहन को रंग लगाने लगे। विरोध करने पर अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ की। मोहल्ले के लोग एकत्र हुए तो दबंगों ने हवाई फायर करते हुए पुलिस बुला ली। पारा पुलिस गैंगरेप पीड़िता, उसकी मां, बड़ी बहन, चचेरे भाई व चचेरे भाई के दोस्त को पकड़कर थाना ले गई और शिवकुमार की तरफ से लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।
     पीड़िता का चचेरा भाई इनोवा कार का ड्राइवर था । पुलिस ने कार जब्त कर ली तो कार की मालकिन थाने पहुंची। पुलिस ने लूट के मुकदमे में उसका नाम भी शामिल कर लिया। सभी छह लोगों को जेल भेज दिया गया।
4:17:00 PM | 0 comments | Read More

शहीद को मुश्किल से नसीब हुई दो गज जमीन, सामने आया जातिवाद का खौफनाक चेहरा

        आगरा।। देश की सरहद पर शहीद होने वाले सैनिक का जहां पूरे देश में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है वहीं उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में सेना के एक जवान की शहादत के बाद अपमान का मामला सामने आया है। अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को गांव में सार्वजनिक जमीन के इस्तेमाल के लिए कड़ी मशक्कत इसलिए करनी पड़ गई क्योंकि वह दलित समुदाय से संबंध रखता था।
      फिरोजादाब के वीर सिंह के गांव नगला केवल में कुछ सवर्ण लोगों ने गांव की सार्वजनिक जमीन के इस्तेमाल का इसलिए विरोध किया क्योंकि शहीद जवान दलित समुदाय से संबंध रखता था। शहीद कांस्टेबल नट समुदाय से था जिसकी वजह से कुछ लोग अंतिम संस्कार के लिए जमीन देने का विरोध कर रहे थे। इस घटना के बाद जब जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप किया तब जाकर ऊंची जाति के लोग जवान के अंतिम संस्कार के लिए दस वर्गमीटर की जमीन देने को तैयार हुए।
      जानकारी के मुताबिक, शहीद के परिजन एक सार्वजनिक जमीन पर शहीद का अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे और उसके सम्मान में एक प्रतिमा स्थापित करवाना चाहते थे लेकिन गांव के सवर्णों ने इसपर ऐतराज जता दिया। आपको बता दें कि गांव की इसी सार्वजनिक जमीन पर प्रत्येक साल मेला लगता है।
      ग्राम प्रधान विजय सिंह ने बताया, कुछ ग्रामीणों को शहीद का अंतिम संस्कार सार्वजनिक जमीन पर किए जाने और वहां शहीद की प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर आपत्ति थी लेकिन बाद में जब एसडीएम ने ग्रामीणों से बातचीत की तो लोग शहीद के परिवार की मांग का सम्मान करने के लिए राजी हो गए।
     पंपोर हमले में शहीद हुए 52 वर्षीय वीर सिंह अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। वीर सिंह 1981 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे।
4:15:00 PM | 0 comments | Read More

कर्नाटक के मुख्यमंत्री को महिला ने सबके सामने चूमा

     कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया रविवार को उस वक्त असहज नजर आए जब बेंगलुरू में एक जनसभा के दौरान एक महिला ने सार्वजनिक रूप से उनके गाल को चूम लिया. यह घटना कर्नाटक प्रदेश कुरूबा संघ द्वारा बेंगलुरू के पैलेस ग्राउंड पर आयोजित जिल पंचायतों तथा तालुक पंचायतों के नवनिर्वाचित सदस्यों को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में हुई.
     समूह तस्वीर के लिए मुख्यमंत्री के बगल में खड़ी गिरिजा श्रीनिवास ने अचानक ज्यादा जोश में आकर मुख्यमंत्री का गाल चूम लिया और फिर चली गईं. गिरिजा चिकमंगलूर जिले के अमृतापुरा से तारिकेरे तालुक पंचायत की सदस्य हैं. घटना से असहज नजर आए सिद्धारमैया ने चेहरे पर बड़ी मुस्कान के साथ गाल पोंछा.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुरूबा समुदाय से आते हैं. एक टीवी चैनल से बात करते हुए महिला ने कहा कि वह खुश है कि मुख्यमंत्री भी कुरूबा समुदाय के हैं और उन्हें ’समुदाय का शेर’ कहा.
     महिला ने कहा- 'मैं इस तथ्य से बहुत खुश थी कि मैं उनके साथ खड़ी हूं. मेरे परिवार और मैंने हमेशा उन्हें ‘अप्पाजी’ (पिता) कहा है.' उन्होंने यह भी साफ किया कि सिद्धारमैया को चूमने की उन्होंने पहले से कोई योजना नहीं बनाई थी. गिरिजा मैसूर जिले के वरुणा से आती हैं, जो सिद्धारमैया की विधानसभा सीट है. उनकी चिकमंगलूर में शादी हुई है. संवाददाताओं से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा- 'वह लड़की मेरी बेटी की तरह है.' ।
10:56:00 AM | 0 comments | Read More

इस डीएम ने एक माँ के कहने पर डोनेट कर दिया अपना खून

     शाहजहांपुर।। जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम विजय किरन आनंद को जब एक गरीब बेबस मां ने बताया कि उनकी बेटी की जान खून न मिल पाने की वजह से जाने वाली है, तो डीएम साहब निरीक्षण छोड़ स्ट्रेचर पर लेट गए और मरीज को ब्लड डोनेट कर दिया। संयोग से डीएम का ब्लड ग्रुप एबी निगेटिव ही था, जिसकी मरीज को जरूरत थी।
      इतना ही नहीं, डीएम ने ब्लड बैंक के कर्मियों को मरीज को ब्लड उपलब्ध न कराने को लेकर जमकर झाड़ भी लगाई। दरअसल सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला पक्का तालाब की रहने वाली 23 वर्षीय रीना बेहद गरीब परिवार से हैं। इस महिला का पति नीरज मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है। महिला की किडनी में दर्द की शिकायत के बाद शनिवार को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
     डॉक्टरों ने महिला के शरीर में खून की कमी बताकर 4 यूनिट ब्लड का इंतजाम करने के लिए कहा लेकिन रीना के गरीब होने की वजह से खून का इंतजाम नहीं हो पा रहा था, जिससे उसकी जान खतरे में थी। रीना के भाई राहुल की मानें तो ब्लड के लिए वह कई बार ब्लड बैंक के अधिकारियों के चक्कर लगाकर हार चुका था, लेकिन उसको ब्लड नही मिल पा रहा था। राहुल की मानें तो अधिकारी कहते थे कि तुम्हारी बहन रीना को एबी निगेटिव ब्लड चाहिए, जो उनके पास नहीं है।
      तभी अचानक शाहजहांपुर के डीएम विजय किरन आनन्द निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम ने पहले तो ट्रामा सेंटर पहुंचकर लोगों से बात की, वहां पर सब ठीक-ठाक मिला तो उसके बाद वे अस्पताल में मरीजों से मिलकर उनकी दिक्कतें पूछने लगे। उसके बाद डीएम विजय किरन आनन्द ने ब्लड बैंक की ओर रूख किया।
      उन्होंने ब्लड बैंक के रजिस्टरों को चेक किया और स्टॉक के बारे में जानकारी ली। डीएम ब्लड बैंक से बाहर आ ही रहे थे कि तभी अस्पताल में भर्ती रीना की मां डीएम के पास पहुंच गई और हाथ जोड़कर उनसे अपनी बेटी के लिए मदद मांगने लगी।
      यह देखकर ब्लड बैंक की अधिकारियों में हडंकप मच गया। डीएम ने उस महिला से बात की और उसकी दिक्कत के बारे में जाना तो उन्होंने ब्लड बैंक के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि किसी महिला की जान जा रही है और आप लोगों को ब्लड के बदले ब्लड चाहिए। डीएम ने तुरंत अपना खून निकालने का आदेश दिया। डीएम ने एक यूनिट खून दिया और स्टॉक में रखा एक यूनिट खून भी उस महिला को दिलवाया, जिसके बाद रीना की जान बचाई जा सकी।
     डॉक्टरों ने कहा है कि उसकी किडनी में प्रॉब्लम है जिसका इलाज यहां नहीं हो सकता। डॉक्टरों ने उसे लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया है। अब रीना की मां ने एक बार फिर डीएम विजय किरन आनन्द से मदद की गुहार लगाई है कि ताकि रीना की जान बचाई जा सके। सीएमएस केशव स्वामी ने बताया कि बीते शनिवार को रीना को अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसकी किडनी फेल हो रही है। साथ ही उसके हार्ट में भी प्रॉब्लम है।
10:21:00 AM | 0 comments | Read More

बॉयफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए लड़कियों ने चुराई 25 लाख की तिजोरी

    लखनऊ।। अभी तक आपने लड़कों को अपनी गर्लफ्रेंड के लिए लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात सुनी होगी, लेकिन लखनऊ में लड़कियों ने अपने ब्वॉयफ्रेंड के लिए उनके साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दे डाला.
      विभूतिखंड पुलिस ने ऐसी ही दो छात्राओं को उनके एक ब्वॉयफ्रेंड के साथ गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 25 लाख की बड़ी चोरी की. इनके पैसों से दोनों ने अपने लिए स्कूटी और ड्रेस खरीदे, अपने ब्वॉयफ्रेंड को बाइक दिलवाई. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मीनाक्षी लखनऊ के बीबीडी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जबकि दूसरी आरोपी अंकिता सफेदाबाद के एक कॉलेज की छात्रा है. दोनों ने पिछले दिनों विभूतिखंड इलाके में आरपीएफ कमांडेंट के घर 25 लाख रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था.
     ये दोनों छात्राएं आरपीएफ कमांडेंट के घर पर किराए पर रहती थी. कमांडेंट लखनऊ से बाहर दूसरी जगह पोस्टेड है. मीनाक्षी को मकान मालिक की तिजोरी में काफी रकम होने की जानकारी थी. अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने चोरी का प्लान बनाया. इसके बाद मौका मिलते ही अपनी सहेली और ब्वॉयफ्रेंड की मदद से चोरी की. पुलिस ने मीनाक्षी और अंकिता को श्रीधर नाम के लड़के के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि अंकिता का ब्वॉयफ्रेंड शांतनु अभी फरार है. पुलिस ने इनके पास से चोरी के 25 लाख में से 16 लाख 50 हजार रुपये, दो बाइक, दो स्कूटी समेत चोरी का बाकी सामान भी बरामद किया है. एसएसपी लखनऊ मंजिल सैनी ने बताया कि थाना विभुतिखंड का मामला है. 20 तारीख को यहां चोरी हुई थी. दोनों लड़कियों और लड़के से पूछताछ की जा रही है. पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.
10:20:00 AM | 0 comments | Read More

ऐसा भिखारीपन तो चोर-उचक्कों में भी नहीं, रिश्वत के पैसों के लिए लड़ते दागदार खाकी वाले

घूस की कमाई के लिए यूपी पुलिस के सिपाहियों ने सरेआम मचाया तांडव
   लखनऊ: वैसे तो किसी भी राज्य की पुलिस क्यों न हो घूसखोरी और रिश्वत की कमाई के लिए उसकी छवि खराब ही रहती है। लेकिन बात करें यूपी पुलिस की तो एक वीडियो सामने आया है जिसमें यूपी पुलिस के सिपाही अवैध वसूली के लिए एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए।
      दरसअल, मामला लखनऊ के इंटौजा थाना क्षेत्र का है जहां अवैध वसूली को लेकर यूपी पुलिस के सिपाही और होमगार्ड बीच सड़क पर ही आपस में भिड़ गए। इस बीच वहां पर जनता तमाशबीन बनी रही और खाकी बीच सड़क पर तांडव मचाती रही। इंटौजा थाना क्षेत्र के हाईवे पर ट्रकों से अवैध वसूली को लेकर यूपी पुलिस के सिपाही और होमगार्ड अनुज का आपस में झगड़ा हो गया और दोनों में मारपीट होने लगी। इस दौरान और भी सिपाही वहां बीच बचाव के लिए आ गए और सभी पुलिस वाले और होमगार्ड वर्दी में थे। सिपाही और होमगार्ड की ये करतूत कैमरे भी कैद हो गई। 
10:11:00 AM | 0 comments | Read More

पत्नी मायके से नहीं लौटी तो पति ने बजरंग बली की मूर्ति तोड़ दी, गिरफ्तार

     इंदौर।। प्राचीन मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने के बाद मध्यप्रदेश में इंदौर के पालदा क्षेत्र में फैले तनाव के बीच पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया.
     पुलिस का दावा है कि मानसिक रूप से परेशान इस व्यक्ति ने कथित तौर पर इसलिये गुस्से में मूर्ति तोड़ दी, क्योंकि बजरंग बली से प्रार्थना किये जाने के बावजूद उसकी बीवी मायके से नहीं लौटी.
     शहर पुलिस अधीक्षक शशिकांत कनकने ने बताया कि पालदा क्षेत्र के प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति तोड़ने के आरोप में मनोज बंजारा (37) को गिरफ्तार किया गया है.
     कनकने ने कहा, ‘बंजारा मानसिक रूप से थोड़ा परेशान है. उसकी पत्नी किसी बात पर उससे रूठकर करीब चार महीने पहले मायके चली गयी थी.
     बंजारा का कहना है कि जब तमाम प्रयासों के बाद भी वह अपनी पत्नी को घर लौटने के लिये मना नहीं सका तो वह बजरंग बली की शरण में गया. उसने बजरंग बली से प्रार्थना की कि वह कोई चमत्कार दिखाकर उसकी पत्नी को मायके से घर भिजवा दें.
    कनकने ने कहा, ‘बंजारा के मुताबिक जब इस प्रार्थना के बावजूद उसकी पत्नी घर नहीं लौटी तो उसने गुस्से में आकर कल रात बजरंग बली की मूर्ति तोड़ दी. मामले में विस्तृत जांच की जा रही है.’
     बहरहाल, इस मामले में पुलिस का दावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गले नहीं उतर रहा है. संघ के धर्म जागरण विभाग की एक स्थानीय इकाई के संयोजक विनोद मिश्रा ने कहा, ‘हमें संदेह है कि पुलिस ने इस मामले में अपनी खाल बचाने के लिये कहानी गढ़कर बंजारा को गिरफ्तार किया है. हमारी मांग है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाये.’
     प्राचीन मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने के बाद पालदा क्षेत्र में आज सुबह तनाव की स्थिति बन गयी और इसके मद्देनजर वहां एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया.
    इस घटना से आक्रोशित कई श्रद्धालु हिंदू संगठनों के नेताओं के साथ मंदिर पहुंचे और चेतावनी दी कि बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने के मामले का अगर जल्द खुलासा नहीं किया गया, तो वे पुलिस के खिलाफ आंदोलन करेंगे.




10:03:00 AM | 0 comments | Read More

गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा,केजरीवाल काम करें, ड्रामा नहीं




     गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया के 52 विधायकों के साथ पीएम निवास के बाहर सरेंडर करने को ड्रामा करार दिया है.
    देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम पर गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा है कि दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को जनादेश दिया कि उनकी सरकार जनता के लिए काम करे, वे इसकी जगह ड्रामा कर रहे हैं. अगर हम भी अरविंद केजरीवाल की कही हर बात पर प्रतिक्रिया देंगे तो देश की जनता के लिए कौन काम करेगा?
     रिजिजू ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया के 52 विधायकों के साथ पीएम निवास के बाहर सरेंडर करने को ड्रामा करार दिया है.
     वहीं 52 विधायकों को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अहतियातन विधायकों को हिरासत में लिया गया. दिनेश मोहनिया को कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है. मोहनिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे.
     आप के विधायक आज सुबह सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की जिसके बाद वे मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास की तरफ मार्च के लिए कूच कर गए. आप विधायकों के इस प्रदर्शन को देखते हुए 7 RCR के पास धारा 144 लागू कर दिया गया और विधायकों को तुगलक रोड के नजदीक रोक दिया गया. इन विधायकों को तुगलक रोड थाने ने हिरासत में ले लिया है.
    पार्टी का कहना है कि पीएमओ के इशारे पर फर्जी मामलों में पुलिस द्वारा विधायकों को परेशान किया जा रहा है.
    गौरतलब है कि अभी संगम विहार क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक दिनेश मोहनिया का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ गाजीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. सिसोदिया पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारियों को धमकाया है. फिलहाल सिसोदिया के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ है.




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