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दो पेड़ काटने की सजा, 500 पेड़ लगाने होंगे

Written By News Today Time on Saturday, May 28, 2016 | 6:16 PM

    हांसी।। पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी के किनारे ढाणा कलां में आंधी के कारण गिरे दो पेड़ों को काटकर बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को कुरुक्षेत्र की विशेष पर्यावरण अदालत ने 500 पेड़ लगाने की सजा सुनाई है। आरोपी को यह काम तीन महीने के अंदर पूरा करना होगा। अन्यथा उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
     जानकारी के मुताबिक हांसी रेंज के अंतर्गत आने वाले गांव ढाणा कलां निवासी सुरेंद्र ने जनवरी 2014 में पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी के किनारे आंधी के कारण गिरे कीकर और शीशम के दो सरकारी पेड़ों को अपनी मर्जी से काटकर बेच दिया था। दरअसल, जिस जगह पर वे पेड़ गिरे हुए थे, उसके नजदीक आरोपी सुरेंद्र का खेत है। इसलिए उसने पेड़ों को अपना बताकर बेच दिया था। जिसके बाद वन विभाग ने उसके पास इसका हर्जाना भरने के संबंध में दो बार नोटिस भेजे थे। लेकिन आरोपी ने नोटिस को हल्के में लेते हुए उसका कोई जवाब नहीं दिया।
      इसके बाद हांसी रेंज ऑफिसर रमेश यादव ने उसके खिलाफ केस बनाकर विशेष पर्यावरण कोर्ट कुरुक्षेत्र में अपील कर दी थी। उसी मामले में पर्यावरण अदालत ने आरोपित सुरेंद को तीन महीने की मोहलत देते हुए दस हजार के मुचलके पर छोड़ा है और आदेश दिया है कि उसे गांव में पीपल, नीम और वट के 500 पेड़ लगाने होंगे। उनकी पूरी देखभाल भी करनी होगी।
सरपंच और रेंजर करेंगे निगरानी
    अदालत ने दिए फैसले में ये भी आदेश दिए हैं कि सुरेंद्र द्वारा जितने भी पेड़ लगाए जाएंगे, वह सभी दो-तीन फुट से लंबे होने चाहिए। इस दौरान ग्राम सरपंच, नंबरदार और वन विभाग के रेंज ऑफिसर की अपनी नजर बनाए रखेंगे।
    हांसी रेंज अंतर्गत आने वाले गढ़ी, लोहारी, चैनत, भाटला, मोठ, बास, उमरा, सुल्तानपुर और सुलचानी समेत दर्जनों गांवों के 450 लोगों से अधिक ऐसे आरोपी हैं, जिनके ऊपर सरकारी पेड़ों को काटने या फिर पशुओं को द्वारा चराए जाने के नोटिस दिए जा चुके हैं। इनमें से 60 प्रतिशत लोगों ने जुर्माना राशि भर दी है, लेकिन अभी भी ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्होंने नोटिसों के जवाब भी नहीं दिए।
    कुरुक्षेत्र की विशेष पर्यावरण कोर्ट द्वारा सुनाए गए आदेश की कॉपी हमारे पास आई है। जिसका सख्ती के सात पालन किया जाएगा। इस तरह के फैसले से अनैतिक तरीके से पेड़ों को नष्ट करने वालों को कड़ा सबक मिलेगा।

6:16 PM | 0 comments | Read More

आग को फैलने से रोकने में कारगर होगा जीजेयू का शोध

     हिसार।। जीजेयू के रसायन विभाग ने आग की लपटों की तीव्रता को रोकने का तरीका ढूंढ़ निकाला है। एक शोध के जरिये आग को फैलने से रोकने में काफी हद तक कामयाबी भी मिली है। रसायन विभाग पिछले कई बरसों से इस पर शोध कर रहा है। जीजेयू ने केमिकली, कोटिंग और पॉली-मरीन विधि के जरिये आग की लपटों पर काबू पाने, हीट और आग लगने के दौरान निकलने वाली गैस की मात्रा को कम करने के लिए शोध किया है। इसमें शुरुआती परीक्षण में सफलता भी मिल चुकी है। शोध के जर्नल भी प्रकाशित हो चुके हैं। रसायन विभाग के अध्यक्ष जेबी दहिया ने 8 से 10 साल के लंबे समय तक शोध करके यह परिणाम प्राप्त किया है। परीक्षण में पाया गया है कि तीनों विधियों से तैयार किए गए उत्पादों में आग लगती है तो आग फैलने की गति को अन्य स्थिति की तुलना में 15 से 20 सेंकेंड तक लेट किया जा सकता है। एेसा होने पर हॉस्पिटल, ट्रेन, एरोप्लेन, थियेटर, स्कूल जैसी जगहों पर आग लगने की स्थिति में शोध द्वारा तैयार किए उत्पादों में अाग लगने पर भी नुकसान बहुत कम होगा।
आग से ज्यादा नुकसान दायक होती है लपटें और गैस
      प्रो. दहिया ने बताया कि आग लगने पर आग टूटती है अौर अलग अलग तत्वों में विभाजित हो जाती है। इस दौरान इसमें से लीवोग्लूकोजन, टार गैस निकलती है। इस स्थिति में आग में फंसा व्यक्ति अन कॉन्सियश हो जाता है और निर्णय लेने की क्षमता खो देता है और आग में बेहोश होकर गिर जाता है। वहीं लपटें भी इसी तरह से हानिकारक है। शोध में इन्हीं स्थितियों पर काबू पाने का काम किया जा रहा है। अभी शोध का नहीं हुआ है, लेकिन कुछ परीक्षण होने के बाद यह काम किया जा सकेगा। डेवलेपमेंट ऑफ फ्लेम रिटार्टिड कॉटन फाइबर शोध के माध्यम से आग जैसी आपदा के खतरे को कम किया जा सकेगा, यह बड़ी बात है। जीजेयू में शोध विधि द्वारा तैयार किया गया कपड़ा जिस पर आग लगाई गई लेकिन आग फैली नहीं।
      उत्पाद बनाते समय केमिकल ऐसा प्रयोग किया जाता है ताकि वह उत्पाद आग जल्दी से पकड़े, कोटिंग करने से किसी भी वस्तु की बाहरी परत को कोटिंग से ढंक दिया जाता है और आग अंदर तक नहीं पहुंचती, वहीं पॉली मरीन फिल्म एेसी विधि है जिसमें आग रोधक फिल्म से उत्पादों को लेमिनेटेड कर दिया जाता है। ट्रेन, बस, हवाई जहाज में लगे उत्पादों में आग कम गति से फैलेगी, जिन जगहों पर पहुंचना मुश्किल होता है वहां यह विधि बहुत फायदेमंद साबित होगी। प्रो. दहिया ने बताया कि लैब में पॉलीपरोपलीन, नाइलोन और कॉटन पर परीक्षण किया जाता है और इनसे बनने वाली हर चीज को ऐसी विधि से तैयार किया जा रहा है जिससे आग कम फैले।
      प्रो. दहिया ने बताया कि घर या अन्य जगहों पर प्रयाेग किए जाने वाला फर्नीचर या टैक्सटाइल ज्यादातर आग फैलने के अनुकूल होता है। इन चीजों को बनाए जाने के वक्त अगर रसायन विभाग द्वारा सुझाई गई विधि केमिकली, कोटिंग और पाॅलमरीन फिल्म विधि का प्रयोग किया जाए तो आग की लपटों पर काबू पाना आसान हो सकता है। मगर जरूरी यह है कि चीजों के निर्माण करते समय उनकी बेसिक प्रॉपर्टी नहीं बदलनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर एक शीशे को मजबूत तो बना लें अगर उसकी पारदर्शिता ही रहे तो उसकी प्रोपर्टी बदल जाती है। इन विधि का प्रयोग करके उत्पाद बनाए जाएं तो आग लगने पर पर्दा, कारपेट, फर्नीचर जलेगा लेकिन लपटें नहीं निकलेंगी, पास में रखी चीजों तक आग नहीं पहुंचेगी।
6:08 PM | 0 comments | Read More

बीए पास चला रहा नशा मुक्ति केंद्र, मरीजोंं को मारता था 50-50 डंडे

   मूनक/करनाल।। बीए पास युवक बगैर डॉक्टर और मनोविशेषज्ञ के छह महीने से नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था। स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग की टीम ने जब शुक्रवार को छापा मारा तो सहारा केंद्र में 22 मरीज भर्ती थे। केंद्र संचालक रोहित मल्होत्रा समेत लगभग पांच लोगों के खिलाफ मधुबन थाने में मामला दर्ज करा दिया है।
     केंद्र में नशा पीड़ितों को प्रताड़ित करने की सूचना के बाद यह छापामारी हुई। सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा व डीएसपी राजेश लोहान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि यहां भर्ती मरीजों के तलवों पर दिन में 50-50 डंडे मारे जाते हैं। मरीजों से रोटियां बनवाने से लेकर शौचालयों साफ कराने तक का काम लिया जाता। अगर ये लोग करने से मना करें तो इन्हें पूरी-पूरी रात घेरा बनाकर खड़े रहने की सजा दी जाती। एक मरीज ने अपने पिता से यहां तक कह दिया कि पापा मुझे जहर देकर मार डालो, परंतु यहां से ले जाओ। हालांकि मरीजों के परिजनों से केंद्र में तमाम सुविधाएं दिलाने के नाम पर हर महीने 5 से 15 हजार रुपए तक लिए जा रहे थे। केंद्र में रह रहे कुछ अन्य मरीजों ने टीम में बताया कि उन्होंने पिछले एक महीने से सूर्य के दर्शन तक नहीं किए।




5:57 PM | 0 comments | Read More

आत्मरक्षा में अगर किसी की जान ले ली जाए तो अपराध नहीं - DGP

मां-बहन की इज्जत पर हाथ डालने वालों की जान लेना अपराध नहीं
   चंडीगढ़।। मां-बहन की इज्जत पर हाथ डालने वालों को मार डालने वाले बयान के संबंध में डीजीपी डॉ. केपी सिंह ने शुक्रवार को फिर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनकी बात को सही संदर्भ में नहीं लिया गया। बल्कि गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 100 और 103 में आम आदमी को भी यह अधिकार दिया गया है कि यदि आत्मरक्षा करने में या किसी की मदद करते समय अगर अपराधी उसके हाथों मारा भी जाए तो भी वह अपराध नहीं है। कानून की यह धारा आम आदमी को सुरक्षा प्रदान करती है।
      पंचकूला में जुवेनाइल वेवर सिस्टम पर आयोजित सेमिनार में डीजीपी सिंह ने बताया कि जींद में वे गुरुवार को पुलिस और पंच-सरपंचों के तालमेल सम्मेलन में यही कानूनी प्रावधान समझाए थे। उन्होंने पंच-सरपंचों को सामान्य भाषा में समझाते हुए कहा था कि अगर उनके सामने कहीं कोई अपराध हो रहा है तो वे पुलिस का इंतजार न करें, बल्कि खुद भी कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उदाहरण स्वरूप अगर कहीं कोई व्यक्ति किसी महिला से बलात्कार की कोशिश कर रहा है, या एसिड डालकर भाग रहा है तो ऐसे में पहले पीड़ित महिला की मदद करने की जरूरत है, न कि पुलिस को ढूंढने की। इस दौरान अपने निजी बचाव में यदि अपराधी की मृत्यु भी हो जाए तो उसमें घबराने की जरूरत नहीं है।




5:54 PM | 0 comments | Read More

प्रधानमंत्री मोदी से मिलना है तो दें 20 सवालों के जवाब

सरकार चला रही ऑनलाइन क्विज
    आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैन हैं और उनसे मिलना चाहते हैं तो आपकी यह विश पूरी हो सकती है। बस इसके लिए आपको 5 मिनट में 20 सवालों के जवाब देने होंगे। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको मोदी के सिग्नेचर वाला एक सर्टिफिकेट मिलेगा और प्रधानमंत्री से मिलने का मौका भी। प्रधानमंत्री मोदी सरकार के दो साल पूरा होने के मौके पर एक ऑनलाइन क्विज शुरू की गई है। इसके जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि लोगों को गवर्नमेंट स्कीम्स के बारे में कितनी जानकारी है। ऑनलाइन सर्वे भी शुरू किया गया है।
- ऑनलाइन क्विज quiz.mygov.in वेबसाइट पर अपलोड की गई है।
- इसके अलावा सरकार ने अपने कामकाज को लेकर 'रेट माय गवर्नमेंट' नाम से एक ऑनलाइन सर्वे भी शुरू किया है।
- इसमें सरकार ने 30 प्वाॅइंट लोगों के सामने रखे हैं। इनमें सरकार के प्रोजेक्ट को 1 से 5 के बीच नंबर देने को कहा गया है।
- इसके साथ ही सरकार यह भी जानना चाहती है कि वे जन-धन योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और स्वच्छ भारत जैसी स्कीम्स की मुख्य बातों को जानते हैं या नहीं। इन सवालों के हां या न में जवाब देना है।
- खास बात यह है कि पूछे जाने वाले सवाल हर बार बदल जाएंगे।
- वेबसाइट पर पूछे जाने सवालों के साथ ऑप्शन भी दिए गए हैं।
ऐसे होंगे पूछे जाने वाले सवाल
- भारत में सबसे पहले किस रेलवे स्टेशन पर फ्री वाई-फाई सेवा सर्विस शुरू की गई थी?
- सभी के लिए ब्रॉडबैंड लाने के प्रोजेक्ट के तहत कितने गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाना है?
- पब्लिक सेक्टर की कंपनियों ने मार्च 2016 तक कितनी कीमत के टेंडर जारी किए हैं?
- AT KEARNEY FDI INDEX के एडीआई कॉन्फिडेंस इन्डेक्स 2016 में भारत किस स्थान पर है?
- साल 2014-15 में देश में सोलर एनर्जी की क्षमता कितनी बढ़ी है?
- इंद्रधनुष प्रोजेक्ट के तहत पहली बार कितने बच्चों का टीकाकरण किया गया?
- फाइनेंशियल एयर 2015-16 में कितने इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन भरे गए?
- ग्रामोदय से भारत उदय प्रोजेक्ट की शुरुआत कहां से की गई थी?
3:50 PM | 0 comments | Read More

भड़क उठे कलेक्टर, बोले - अफसर नाचें मंच पर, जनता बजाएगी ताली

    बिलासपुर।। सुराज अभियान के दौरान अफसरों की लापरवाही और रवैए को लेकर कलक्टर ने टीएल (टाइम लिमिट) की बैठक में जमकर फटकार लगाई। कई शिविरों में फजीहत से झल्लाए कलक्टर अंबलगन पी. ने मातहत अफसरों से कहा कि सीनियर अफसर अपने जूनियर को जवाब देने के लिए मंच पर भेजते हैं। वे जनता के बीच हंसी के पात्र बन जाते हैं और लोगों को तालियां बजाने का मौका मिलता है। नाराज कलक्टर ने यहां तक कह दिया, कि अगली बार भीड़ जुटाने के लिए नाचा दल बुलाने पर पैसे खर्च न करें, बल्कि अफसर मंच पर जाकर तमाशा दिखाएंगे और जनता ताली बजाएगी।
     कलक्टर ने शुक्रवार को मंथन सभाकक्ष में टीएल की बैठक ली। लोक सुराज अभियान समाप्त होने के बाद शुक्रवार को यह पहली टीएल बैठक थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएएचई, आरईएस, पशु चिकित्सा विभाग, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, जिला पंचायत, शिक्षा विभाग, वन विभाग, राजस्व सहित अन्य विभागों के सीनियर अफसर उपस्थित थे।
    इस बैठक में हाल में ही संपन्न हुए सुराज अभियान और शिविर में विभागों की फजीहत प्रमुख मुद्दा बना। शिविर में मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध न करा पाना, योजनाओं व उनके क्रियान्वयन के बारे में ठीक से नहीं बता पाना और काम में लापरवाही को लेकर मिली सैकड़ों शिकायतों को लेकर कलक्टर जमकर बरसे। समीक्षा बैठक ढाई घंटे तक चली।
बडे़ अफसर हैं तो जूनियर को क्यों सामने किया
    कलक्टर ने सीनियर अफसरों से कहा कि आप अपने-अपने विभाग के प्रमुख और बडे़ अफसर बनते हैं। जब विभाग की जानकारी देने की बारी आती है, तब जूनियर को सामने खड़ा करके खुद दाएं-बाएं हो जाते हैं।
ये हुआ था शिविर में
     बिल्हा विकासखंड के ग्राम पौंसरी में जिले के प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर के सामने विभागों के सीनियर अफसरों ने मंच पर भारी फजीहत कराई थी। शिविर में उपस्थित लोगों ने अफसरों की इस नाकामी पर जमकर ठहाके लगाए थे। इसके अलावा अन्य शिविरों में भी यही हाल रहा। इसे लेकर कलक्टर तक को मंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी थी।
    बिलासपुर कलेक्टर अंबलगन पी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का वहन नहीं करने पर डांटना पड़ा। विभाग प्रमुखों को अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हटना चाहिए। टीएल की बैठक में उनको यह समझाया गया।
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इस भारतीय ने बनाया 3D जेब्रा क्रॉसिंग; देखकर आप भी रह जायेंगे हैरान

Written By News Today Time on Friday, May 27, 2016 | 8:57 PM

     26 साल के शिवराम कृष्णा यूं तो मेकेनिकल इन्जीनियर हैं, लेकिन आजकल चर्चा में हैं, अपनी डिजायनिंग की वजह से। जी हां, शिवराम ने ऐसे थ्रीडी डिजायन्स बनाए हैं, जिसे देखकर आप दांतों तले अंगुली दबा लेंगे।
    डेली मेल की इस रिपोर्ट के मुताबिक, अपने थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग वाले डिजायन से शिवराम इन दिनों वाहवाही बटोर रहे हैं।
ये रहा थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग।

    पिछले दिनों भारत सरकार ने कहा था कि देश में सड़कों पर हो रही दुर्घटनाओं पर रोकथाम के लिए थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग बनाने पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पारंपरिक स्पीड ब्रेकर्स की तुलना में थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग से दुर्घटनाएं कम होंगी।

    थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग के अलावा भी शिवराम ने थ्रीडी स्विमिंग पूल, थ्रीडी सीढि़यां बनाकर लोगों को ध्यान अपनी तरफ खींचा है।

ये रहे शिवराम द्वारा बनाए गए कुछ अन्य थ्रीडी डिजायन्स।

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सीएम रावत ने पीएम मोदी को चेताया, कहा- चींटी भी कभी-कभी हाथी को परेशान कर देती है

Written By News Today Time on Wednesday, May 25, 2016 | 7:54 PM

    नई दिल्ली।। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को निशाना बनाते हुए मंगलवार को कहा कि कभी-कभी चींटी भी हाथी को धूल चटा देती है। रावत ने यह बात स्टिंग सीडी मामले में सीबीआई के समक्ष उपस्थित होने के कुछ घंटे बाद कही।
     रावत ने यहां अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम यहां प्रधानमंत्री मोदी जी या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ लड़ने के लिए नहीं हैं लेकिन अगर वे हमें परेशान करते रहे तो उन्हें इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि चींटी भी हाथी को परेशान कर सकती है।’ रावत ने इस बात पर जोर दिया कि वह केंद्र के साथ टकराव नहीं चाहते हैं क्योंकि वह अपने राज्य के विकास को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उनके खिलाफ सीबीआई जांच कराकर उस चीज को हासिल करने का प्रयास कर रही है जो वह ऐसे हासिल नहीं कर पा रही है।




7:54 PM | 0 comments | Read More

पहले पोस्ट में लिखा, ISIS का समर्थन करता हूं, फिर कोर्ट में लगाई गुहार, ये तो मजाक था



    मेलबर्न।। इस्लामिक स्टेट के समर्थन में फेसबुक पर संदेश डालने के लिए पिछले साल गिरफ्तार किए गए भारतीय मूल के व्यक्ति ने अदालत को बताया है कि उसकी टिप्पणियां ‘‘व्यंग्यात्मक’’ थीं। यह व्यक्ति उड्डयन क्षेत्र का कर्मचारी रहा है।
    ‘फेयर वर्क कमीशन’ के समक्ष पेश होकर निर्मल सिंह ने अपने पूर्व नियोक्ता एयरोकेयर द्वारा की गई अपनी बर्खास्तगी को ‘अनुचित’ करार दिया और बर्खास्तगी के चलते हुए सात हजार डॉलर के नुकसान की भरपाई की मांग की।
हम सब ISIS का समर्थन करते हैं
    आयोग को पता चला कि सिंह ने एचटी (हिज्ब उत-तहरीर) ऑस्ट्रेलिया द्वारा साझा की गई एक पोस्ट के ऊपर लिखा था ‘हम सब आईएसआईएस का समर्थन करते हैं’। यह पोस्ट इस्लामी चरमपंथी युवक फरहाद खलील मोहम्मद जबर द्वारा पुलिसकर्मी कुर्टिस चेंग को सिडनी में गोली मारने के बारे में थी।

गुप्त समूह से बात कर रहा था
     कुल मिलाकर पांच ऐसी पोस्ट थीं, जिन्होंने एयरोकेयर को चिंता में डाल दिया। इनमें से दो में प्रधानमंत्री मैलकॉम टर्नबुल की तस्वीरें भी शामिल थीं। एयरोकेयर के सॉलिसिटर स्टीफन ह्यूग्स द्वारा की गई जिरह में सिंह ने कहा उसने एक अलग नाम से फेसबुक पर पोस्ट डाले थे और उसे लगा था कि वह एक ‘गुप्त समूह’ के साथ बात कर रहा था।




3:53 PM | 0 comments | Read More

आयकर समेत 30 टैक्स को खत्म करेंगी मोदी सरकार

      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते अपने सीनियर सचिवों के साथ टैक्स सिस्टम में बदलाव संबंधी एक प्रेजेंटेशन देखा। प्रेजेंटेशन आय कर और अन्य 30 टैक्स को खत्म करने के विषय पर थी। पुणे की आर्थिक रिसर्च कंपनी अर्थक्रांति ने प्रेजेंटेशन का निर्माण किया था जिसमें वर्तमान टैक्स सिस्टम को खत्म करके बैंक की प्रत्येक लेन-देन पर 2 प्रतिशत कर लगाने का सुझाव दिया, साथ ही इंपोर्ट ड्यूटी पहले के समान ही रखने का सुझाव दिया। अर्थक्रांति ने ऐसे समय में यह प्रपोजल सरकार के सामने रखा है जब सरकार पिछले काफी समय से संसद में गुड एंड सर्विस टैक्स बिल को पास कराने का प्रयास कर रही है।
      इस मीटिंग में शामिल एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि टैक्स सिस्टम में अधारभूत-परिवर्तन का सुझाव देने वाले यह प्रपोजल आने वाले बजट के लिए विचाराधीन नहीं है। इस प्रपोजल का लक्ष्य ऐसा टैक्स सिस्टम बनाना है जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में कमी लाई जा सके साथ ही टैक्सपेयर के समय और पैसे की भी बजत हो।
     इससे पूर्व 2014 के लोकसभा चुनाव के समय जब योग गुरु बाबा राम देव ने आयकर खत्म करने का मुद्दा उठाया था तब भी अर्थक्रांति ने पूर्व बीजेपी अध्यक्ष नीतिन गड़करी को इस संबंध में एक प्रपोजल दिया था। तब नीतिन गड़करी उस कमेटी के अध्यक्ष थे जिस पर पुलिस, प्रशासन, टैक्स सिस्टम, शिक्षा और जूडिशियरी में सुधार संबंधी विजन डॉक्यूमेंट बनाने की जिम्मेदारी थी। प्रपोजल में बताया गया कि अगर सरकार टैक्स इक्ट्ठा करने के लिए सरकारी विभागों की जगह बैंकिग चैनल का प्रयोग करती है तो सरकार के आय में वृद्धि होगी। टैक्स चुराने और बचाने में कमी आयेगी। अगर बैंक के प्रत्येक लेन-देन पर दो 2 प्रतिशत टैक्स लगता है तो सरकार को 40,00,000 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में प्राप्त होंगे। कुछ समय पूर्व अर्थशास्त्री और फिक्की के जनरल-सक्रेटी रहे राजीव कुमार ने भी इस तरह का दावा किया था उनके अनुसार अगर सरकार 2 प्रतिशत टैक्स प्रत्येक लेन-देन में लगाती है तो सरकार को 14,00,000 की सालाना आय होगी। साल 2014-15 में वर्तमान टैक्स सिस्टम के हिसाब से सरकार की कुल टैक्स आय 9,084,63 करोड़ थी।
     हालांकि सरकार को इस तरह का प्रपोजल पहली बार नहीं दिया गया है इससे पहले भी पूर्व की कई सरकारें ऐसे प्रस्ताव नकार चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार सचिवों के समूह ने अर्थक्रांति द्वारा पेश किये गये प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय को भेजने का सुझाव दिया है साथ ही उन्होंने कहा कि हमें नहीं लगता प्रधानमंत्री जी इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ना चाहिए जब तक कोई विकसित देश इस तरह के किसी प्रस्ताव को नहीं स्वीकारता।
3:45 PM | 0 comments | Read More

राष्ट्रगान के लिए खड़े नहीं होने पर सेना के कार्यक्रम से पत्रकारों को बाहर किया गया

    श्रीनगर।। सेना के एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान गाए जाने के समय खड़े नहीं होने के लिए दो स्थानीय पत्रकारों को सेना के एक अधिकारी ने मंगलवार को कार्यक्रम से बाहर जाने को कहा। ये पत्रकार कार्यक्रम का कवरेज करने आए थे।
     दैनिक अखबार कश्मीर रीडर और राइजिंग कश्मीर में काम करने वाले इन पत्रकारों को शहर से दूर रंगरेथ में जम्मू-कश्मीर लाइट इनफैंट्री रेजिमेंटल सेंटर में 'पासिंग आउट परेड' के कार्यक्रम से बाहर 'जाने' को कहा गया।
      कश्मीर रीडर के संवाददाता जुनैद नबी बजाज ने बताया, 'सेना ने हमें इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए बुलाया था, न कि हमसें हिस्सा लेने। जब राष्ट्रगान बजाया गया तो मैं अपनी खबर के लिए चीजें लिख रहा था। राष्ट्रगान खत्म होने पर कर्नल बर्न हमारे पास आए और हमें कार्यक्रम से जाने को कहा।'
पत्रकार ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
     बजाज का आरोप है कि कर्नल बर्न ने उनके साथ 'दुर्व्‍यवहार' किया। 'उन्होंने हमारे साथ दुर्व्‍यवहार किया। उन्होंने कहा कि यहां आपको छोड़कर सभी लोग राष्ट्रगान के लिए खड़े हुए। हमें आप जैसे लोगों की जरूरत नहीं है, इसलिए कृपया यहां से चले जाइए।'
    इस घटना की पुष्टि करते हुए श्रीनगर स्थित रक्षा प्रवक्ता कर्लन एन.एन. जोशी ने कहा कि उन्होंने देखा कि ये दो पत्रकार राष्ट्रगान बजाए जाते समय खड़े नहीं हुए।
    कर्नल जोशी ने कहा, 'जब मैं उनसे बात कर रहा था तो अधिकारी (कर्नल बर्न) आए और स्वाभाविक तौर पर यह उनकी भावना ही थी जो इससे आहत हुई और उन्होंने उन पत्रकारों को जाने को कहा।' बजाज ने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद कर्नल जोशी ने 'बर्न के व्यवहार' के लिए खेद जताया।




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मजबूर किसान की व्यथा, 952 किलो प्याज बेचकर कमाया बस 1 रुपया

    पुणे।। प्याज की गिरती कीमतों से परेशान एक किसान ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा है कि जिला कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) में लगभग एक टन प्याज बेचकर वह बस एक रुपया ही कमा सका है।
प्याज की गिरती कीमतों से किसान परेशान
     देवीदास परभाने (48 साल) नाम के इस किसान का कहना है कि प्याज की कीमतों में गिरावट का असर उस जैसे कई किसानों पर पहले ही दिख रहा है। दूसरे किसानों ने भी इस साल बंपर फसल के बावजूद 'औने पौने दाम' वाले सौदे किए हैं। परभाने ने कहा, 'हर दिन हम सूखा प्रभावित इलाकों में किसानों द्वारा आत्महत्या के समाचार सुन रहे हैं। हालांकि, प्याज की कीमतों के इस निचले स्तर तक आने के बाद मेरे जैसे किसानों का भी यही हश्र हो सकता है।'
किसान ने बताया पूरा गणित
     परभाने पूरा गणित समझाते हुए कहते हैं कि उसने दो एकड़ जमीन में 80,000 रुपये खर्च करके प्याज उगाया। उन्होंने कहा, '10 मई को मैंने 952 किलो प्याज एक ट्रक में लादकर पुणे स्थित एपीएमसी पहुंचाया। प्रति दस किलो प्याज के लिए मुझे 16 रुपये मिले। यानी एक रुपया साठ पैसे प्रति किलो का भाव मिला।' उन्होंने कहा, 'प्याज की कुल कीमत 1523.20 रुपये मिली, इसमें से बिचौलिये ने 91.35 रुपये कमीशन लिया, श्रमिक शुल्क 59 रुपये रहा। इसके अलावा 18.55 रुपये और 33.30 रुपये विशिष्ट शुल्क के रूप में दिए गए। इसके अलावा 1320 रुपये ट्रक ड्राइवर ने लिए जो प्याज लेकर एपीएमसी गया था। इस प्रकार कुल मिलाकर 1522.20 रुपये खर्च हो गए।'
      किसान ने कहा कि सभी कटौतियों के बाद उसके पास केवल एक रुपया ही बचा। उसने कहा, 'मैं कम से कम तीन रपपये प्रति किलो की उम्मीद कर रहा था। लेकिन इस तरह के सौदे से वह निराश है।' एपीएमसी से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी। स्थानीय मीडिया ने इस सौदे में प्याज खरीदने वाले व्यापारी के हवाले से कहा है कि प्याज छोटे आकार का था और गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी।
प्याज किसानों और व्यापारियों ने सीएम फडणवीस से मांगी मदद
     इस बीच प्याज व्यापारियों व एपीएमसी लासलगांव के सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिला तथा प्याज की गिरती कीमतों के मुद्दे में हस्तक्षेप का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह अधिक प्याज के निर्यात की इजाजत दे। प्याज उत्पादकों को मुआवजा दिया जाए और किसानों को होने वाले भारी नुकसान से बचाने के लिये सरकार अतिरिक्त प्याज की खरीदारी करे।
    लासलगांव की कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) के चेयरमैन जायदाता ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल 13.88 लाख टन प्याज का अतिरिक्त उत्पादन हुआ है। महाराष्ट्र में 203.15 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ, जिसमें से 42.80 लाख टन प्याज एपीएमसी को बिक्री के लिए भेजा गया। पिछले साल केवल 35 लाख टन ही भेजा गया था। इससे पता चलता है कि इस साल प्याज का उत्पादन अधिक हुआ है।




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दूसरों की कार धोकर गुजारा करने पर मजबूर है यह विश्व स्तरीय खिलाड़ी

    इस अंतर्राष्ट्रीय तैराक को पाकिस्तान ने मदद की पेशकश की थी, लेकिन भारत कुमार नामक इस एथलीट ने कहा था कि भारत में पैदा हुआ हूं यहीं मरूंगा आप बस दुआ करो। आजादी के इतने सालों बाद भी भारत बोल्ट या फेल्प्स जैसा खिलाड़ी पैदा नहीं कर पाया। सौ करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले देश भारत को ओलम्पिक खेलों में एक मेडल जीतने के लिए नाको चने चबाने पड़ते हैं। ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ी उंगलियों पर गिने जा सकते हैं।
    ऐसा नहीं है कि भारत में प्रतिभा की कमी है। गौर किया जाए तो जंगलों में शिकार करने वाले आदिवासियों से अच्छा तीरंदाज और तालाबों में तैरने वाले बच्चों से अच्छा तैराक शायद ही दुनिया में मिलें, लेकिन जिस देश के लिए ये खिलाड़ी खेलते हैं, वही उनकी मदद न करे तो वह क्या करें।
     ऐसे ही एक तैराक हैं भारत कुमार। एक ही हाथ के साथ हरियाणा के झज्जर में जन्मे भारत कुमार का मन बचपन से ही खेलने-कूदने में लगता था। भारत कुमार ने तालाबों में भैंस की पूंछ पकड़कर तैरना सीखा, लेकिन जब वह पूल में तैरने उतरे तो अच्छे-अच्छे तैराकों को पानी पिला दिया। स्वभाव से हंसमुख भारत अपने एक हाथ से ही वह काम कर गए, जो भारत के दो हाथो वाले खिलाड़ी नहीं कर पाए। 27 साल के भारत ने विश्व स्तर पर आयोजित तैराकी में गोल्ड मेडल जीता है।
     दिव्यांग भारत ने पैराओलम्पिक खेलों में भी हिस्सा लिया है और देश के लिए 50 से ज्यादा मेडल जीते हैं। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि देश-विदेश की प्रतियोगिताओं में अब तक 50 से ज्यादा मेडल जीत चुके, भारत पैसों की कमी के चलते खेल की प्रैक्टिस छोड़ दी है।
वह कहते हैंः
    ”मैं देश के लिए खेला मैंने कई मेडल जीते, लेकिन उससे मुझे कुछ नहीं मिला। मैनें भारत सरकार से अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ट्वीट किया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं से मिलने की कोशिश की। बॉलीवुड अभिनेताओं से भी मिला लेकिन दिलासा के अलावा किसी से कुछ नहीं मिला।”
    दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रह रहे भारत ने बताया कि कभी-कभी उनका मन करता है कि वह अपने मेडल बेच डालें।
भारत कुमार कहते हैंः
    “क्या फायदा हुआ देश के लिए खेलने का दाने-दाने को मोहताज हूं दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं, कोई सरकार कोई नेता मदद नहीं कर रहा है, क्या फायदा ऐसे मेडल्स का। अभी और खेलना चाहता हूं लेकिन अपना घर चलाऊं या खेलूं। मंदिरों, गुरुद्वारों में खाना खाकर खेलता रहा, मेडल भी जीते, पैराओलम्पिक और एशियन गेम्स में भी खेला, लेकिन इसका कोई अर्थ नहीं निकला। मेरी दशा तब भी वैसी थी आज भी वैसी है। मुझे अपना घर चलाने के लिए दूसरों की कार धोनी पड़ रही है।”
    भारत बताते हैं कि उन्हें पाकिस्तान से भी मदद की पेशकश हुई थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसी तरह कई देशों ने उन्हें अपने यहां बसने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने ठुकरा दी। वह कहते हैंः “मेरा नाम ही भारत है। कैसा लगेगा कि भारत की मदद पाकिस्तान करे। मुझे विश्वास है मेरा देश मेरी मदद जरूर करेगा।”
     भारत कहते हैं कि वह अभी 4 साल और देश के लिए खेलना चाहते हैं, अगर सरकार उन्हें कोई नौकरी दे तो वह सम्मान के साथ अपने घर का खर्चा भी चलाकर और देश के लिए खेलना जारी रख सकेंगे। अगर आप भारत कुमार की मदद करना चाहते हैं तो उन्हें मोबाइल नं. 9891285679 पर संपर्क कर सकते हैं।
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भारत का अनोखा गाँव मुस्लिम बोलते हैं संस्कृत

     कर्नाटक का मत्तूरु भारत का अनोखा गांव है। चाहे हिंदू हो या मुसलमान, इस गांव में रहने वाले सभी लोग संस्कृत में ही बातें करते हैं। यूं तो आसपास के गांवों में लोग कन्नड़ भाषा बोलते हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं है।
     तुंग नदी के किनारे बसा ये गांव बेंगलुरु से 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव में संस्कृत प्राचीन काल से ही बोली जाती है। हालांकि, बाद में यहां के लोग भी कन्नड़ भाषा बोलने लगे थे, 1981-82 तक यहाँ कन्नड़ ही बोली जाती थी।
      लेकिन 33 साल पहले पेजावर मठ के स्वामी ने इसे संस्कृत भाषी गांव बनाने का आह्वान किया था। और मात्र 10 दिनों तक 2 घंटे के अभ्यास से पूरा गाँव संस्कृत में बात करने लगा था। इसके बाद से सारे लोग आपस में संस्कृत में बातें करने लगे।
     मत्तूरु गांव में 500 से ज्यादा परिवार रहते हैं, जिनकी संख्या तकरीबन 3500 के आसपास है। वर्तमान में यहाँ के सभी निवासी संस्कृत समझते है और अधिकांश निवासी संस्कृत में ही बात करते है।
     इस गाँव में संस्कृत भाषा के क्रेज़ का अनुमान आप इसी बात से लगा सकते है की वर्तमान में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में से लगभग आधे प्रथम भाषा के रूप में संस्कृत पढ़ रहे है।
    संस्कृतभाषी इस गांव के युवा बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं। कुछ साफ्टवेयर इंजीनियर हैं तो कुछ बड़े शिक्षा संस्थानों व विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ा रहे हैं। इतना ही नहीं, विदेशों से भी कई लोग संस्कृत सीखने के लिए इस गांव में आते हैं। इस गाँव से जुडी एक रोचक बात यह भी है की इस गाँव में आज तक कोई भूमि विवाद नहीं हुआ है।
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सभी निजी मेडिकल कॉलेज होंगे नीट के दायरे में - नड्डा

   नई दिल्ली।। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) के सबंध में लाए गए अध्यादेश के तहत केवल राज्यों को एक साल की छूट दी गई है जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों को कोई रियायत नहीं दी गई है। उन पर नीट के प्रावधान पूरी तरह लागू रहेंगे।
     राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से नीट को एक साल तक टालने से सबंधित अध्यादेश पर आज हस्ताक्षर किए जाने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में श्री नड्डा ने कहा की मीडिया के कुछ हलकों में यह गलत अफवाह फैलाई गई है कि सरकार नीट को खत्म करने के लिए अध्यादेश लेकर आई है जबकि हकीकत यह है कि नीट एक मई से लागू हो गया है।
      अध्यादेश के जरिए इसमें बस इतना बदलाव किया गया है कि जो राज्य चाहें वे इसमें शामिल हो सकते हैं और जाे नहीं चाहते उन्हें अगले साल तक के लिए छूट दी गई है लेकिन अगले शिक्षा सत्र से इसे देशभर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इसे अनिवार्य रुप से लागू कर दिया जायेगा। निजी कॉलेजों में यह एक मई से लागू हो चुकी है। श्री नड्डा ने कहा कि बिहार समेत सात राज्यों ने नीट के तहत आने का फैसला किया है। दिल्ली में अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। वह आना चाहे तो आ सकता है। कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश ने इससे बाहर रहने का विकल्प चुना है। उन्होंनें कहा कि अध्यादेश लागू होने पर सरकारी मेडिकल कॉलेज स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 2016-17 के शैक्षणिक सत्र में अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं ले सकेंगे लेकिन इस साल दिसंबर से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सभी परीक्षाएं नीट के तहत ही होंगी। इस बीच नीट के अध्यादेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक और गैर कानूनी बताते हुए कहा है कि इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।


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मोदी की रैली के लिए एक मुस्लिम मोदी भक्त ने कटवा दी अपने गन्ने की खड़ी फसल

   सहारनपुर।। जिले में पीएम मोदी की रैली को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मुसलमानों में भी ख़ासा उत्साह देखा जा रहा है। दरअसल दिल्ली रोड़ पर 26 मई को पीएम मोदी की रैली के लिए 265 बीगा जमीन में मंच और पंडाल लगना है। सभा स्थल के पास रहीश अहमद की आठ बीघा जमीन है, जिसमे उसने गन्ना लगाया हुआ है। मोदी के सहारनपुर आने पर रहीश अहमद ने अपनी खड़ी फसल कटवाकर मोदी की रैली को जमीन देने का फ़ैसला लिया।
     हालांकि बीजेपी नेता उसे उसकी फसल की एवज में मुवावजे की पेशकश करते रहे लेकिन उसने हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे के लिए मुआवजा लेने से इंकार कर दिया। रहीश अहमद ने पीएम मोदी की रैली के लिए अपनी आठ बीगा जमीन देकर साम्प्रदायिक ताकतों के मुंह पर तमाचा मार एक मिसाल कायम की है। उधर रहीश अहमद के बिना मुआवजे की जमीन देने से बीजेपी नेता भी उनकी तारीफ कर रहे हैं।
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सोनोवाल के शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही बीजेपी ने कांग्रेस विरोधी गुट का किया गठन

   गुवाहाटी।। असम में सर्बानंद सोनोवाल के शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए बीजेपी ने कांग्रेस विरोधी दलों का गुट बनाया। भाजपा ने ‘पूर्वोत्तर जनतांत्रिक गठबंधन’ नाम नए मंच का गठन किया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक ट्वीट के जरिये इसकी सूचना दी।
    पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इसका गठन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में किया गया। बैठक में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के अलावा अरूणाचल प्रदेश, मेघालय और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि असम सरकार के मंत्री हिमंत बिस्व शर्मा को गठबंधन का संयोजक नियुक्त किया गया है। उधर, पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि केन्द्र सरकार अपनी ‘पूर्व में काम करो की नीति’ के हिस्से के तौर पर असम और दूसरे पूर्वोत्तर राज्यों का तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिये सभी तरह की मदद देगी।
पीएम ने दिया विकास का भरोसा
     असम में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास में असम केन्द्र बिंदु के रूप में उभरेगा। यह क्षेत्र हमारी पूर्व में काम करो नीति के एक हिस्से के तौर पर देश का मजबूत विकसित हिस्सा बनेगा।
    पीएम ने कहा, देश के सभी हिस्सों में चौतरफा और संतुलित विकास करने के बारे में हमारे पास सोच है। हम शांत होकर चुपचाप नहीं बैठ सकते हैं यदि देश का केवल पश्चिमी हिस्सा प्रगति करता है और पूर्वी हिस्सा पीछे रह जाता है। हम असम, बंगाल, बिहार, ओडिशा और समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास करने को प्रतिबद्ध हैं।
प्रगति और विकास के रास्ते पर लाया जाए
     प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार प्रतिस्पर्धी और सहयोगात्मक संघवाद में विश्वास करती है। ‘‘जो राज्य प्रगति करना चाहते हैं उन्हें हम ज्यादा से ज्यादा अधिकार देते हैं जबकि जो राज्य ज्यादा मजबूत नहीं हैं हम उन्हें सहारा देते हैं और इस बात का ध्यान रखते हैं कि उन्हें भी प्रगति और विकास के रास्ते पर लाया जाए।
ये हमारे लिए अष्टलक्ष्मी
     उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को पहले ‘सात बहनें’ कहा जाता रहा है। ‘‘लेकिन हमारे लिये ये अष्टलक्ष्मी (सिक्किम सहित) हैं और हम क्षेत्र के चौतरफा संतुलित विकास के लिये प्रतिबद्ध हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से सभी सरकारों ने देश के लिये कुछ न कुछ बेहतर किया है। ‘‘हमें भी इस परिपाटी को आगे बढ़ाना है और मौजूदा विसंगतियों को दूर करना है।


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Ex Minister के धरने में चाय वाली से भिड़े कांग्रेसी, जमकर चले थप्पड़ और घूंसे

   यमुनानगर।। यमुनानगर के लघु सचिवालय के बाहर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और चाय की दुकान चलाने वाली दो महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के धरना प्रदर्शन में जुटे थे, जोकि सरकार द्वारा गन्ने का बकाया पैसा नहीं देने के विरोध में किया जा रहा था। जानें, क्यों हुआ विवाद…
– गौरतलब है कि कुमारी शैलजा यमुनानगर में गन्ना किसानों के पक्ष में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने पहुंची थीं।
– सरकार ने अभी तक 12 हजार गन्ना किसानों का 46 करोड़ रुपए नहीं दिए हैं।
– लघु सचिवालय के बाहर हो रहे इस धरना प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान जुटे।
– चाय की दुकान चलाने वाली महिला सरला का कहना है कि कुछ कांग्रेसियों ने उससे चाय पी ली और पैसे नहीं दिए, जबकि कुछ उसकी दुकान को हिला रहे थे। बार-बार मना करने पर भी वे नहीं माने तो विवाद हो गया।
– विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और कुछ लोगों में मारपीट हो गई। जमकर थप्पड़ और मुक्के चले।
– इसे देख कुछ लोगों ने कुर्सियां भी तोड़ दी। घटना के बाद मारपीट करने वाले कार्यकर्ता फरार हो गए। इस मामले पर कुमारी शैलजा का कहना है कि यह सब बीजेपी की चाल है।
– महिला के साथ झगड़ा करने वाले बीजेपी के लोग थे।
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पीएम मोदी की सफल रणनीति :- चाबहार से किनारे लग जाएगा पाकिस्तान......

    भारत जब भी किसी पड़ोसी देश या क्षेत्रीय ताकत से दोस्तना संबंध बनाता है या रणनीतिक सहयोग करता है, तो यह पाकिस्तान को प्रभावित करता है. दोनों, भारत और पाकिस्तान इस क्षेत्र में मज़बूत प्रतिद्वंद्वी हैं.
     भारत और ईरान के लिए चाबहार परियोजना का बहुत महत्व है. उधर पाकिस्तान को लगता है कि अगर यह परियोजना सफल हुई तो वो अलग-थलग पड़ सकता है.
     इसकी दो-तीन वजहें हैं. पहली वजह यह है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद इस इरानी बंदरगाह के ज़रिए भारत को अफ़ग़ानिस्तान तक सामान पहुँचाने का सीधा रास्ता मिलेगा.अब तक भारतीय चीजें पाकिस्तान के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान तक पहुंचती हैं. इसी परियोजना के ज़रिए भारतीय सामान सेंट्रल एशिया और पूर्वी यूरोप तक सामान भेज सकता है. ऐसे में यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा रणनीतिक नुक़सान है.अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटने के बाद बन रहे नए ईरान से हुआ यह समझौता एक बुनियाद है.
    पाकिस्तान के लिए ख़तरा यह है कि व्यापार में भारत-ईरान-अफ़ग़ानिस्तान का सहयोग, रणनीति और अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ेगा और इसके पाकिस्तान के लिए नकारात्मक नतीजे निकलेंगे.
    जैसे कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत-ईरान मानते रहे हैं कि उस इलाक़े में जो कुछ भी हो रहा है, उसमें आईसआईएस की भूमिका रहती है.ऐसे में भारत और उसके नए महत्तवपूर्ण सहयोगी साथ मिलकर इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा सकते हैं. उससे पाकिस्तान पर रणनीतिक और राजनीतिक दबाव बनेगा.
    तीसरी वजह यह है कि भारत जब ऐसी चाल चलता है तो पाकिस्तान ओआईसी या फिर अरब जगत के ज़रिए उसे अलग-थलग करने की कोशिश करता है.
    ईरान जैसी सांस्कृतिक, राजनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक शक्ति के साथ भारत के अच्छे संबंध पाकिस्तान को कैसे भा सकते हैं. पाकिस्तान इस्लामिक जगत में ख़ुद को बड़ी ताक़त के रूप में पेश करना चाहता है. परमाणु शक्ति बनने के बाद वह इस मकसद में कुछ हद तक क़ामयाब भी रहा है. ईरान उस लिहाज़ से उसका प्रतिद्वंद्वी भी है. अब भारत यदि पूरी तरह ईरान के साथ हो ले तो स्वभाविक है कि ये पाकिस्तान के लिए बुरी ख़बर है.
    चाबहार परियोजना भारत के लिए एक रणनीतिक कारक है. चीन-पाकिस्तान के आर्थिक संबंधों को देखते हुए भारत-ईरान की चाहबार परियोजना को पाकिस्तान बड़े रणनीतिक कदम की तरह देखेगा और कभी पसंद नहीं करेगा.
    ग्वादर परियोजना में जैसी चीन की भूमिका है, वैसी ही भूमिका आर्थिक परिप्रेक्ष्य में भारत की भी है.भारत ने चाबहार में करीब 10 करोड़ डॉलर का निवेश किया है और मोदी जी 50 करोड़ डॉलर के और निवेश का वादा किया है. पाकिस्तान को लग रहा था कि उसने ग्वादर परियोजना से रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन चाबहर पर हुए समझौते से पाकिस्तान को झटका लगा है.


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स्मार्टफोन से डिलीट होगये डेटा को कैसे वापस लाया जाय....



      स्मार्टफोन ने हमारी ज़िन्दगी को बहुत हद तक आसान बना दिया और साथ ही इसपर निर्भरता भी काफी बढ़ गई है। कई बार भूल से या जान बुझ कर फ़ोन से कुछ डेटा डीलीट हो जाता है। कई बार तो मैमोरी को क्लिन करने के चक्कर में भी कई जरूरत चीजें डीलीट कर देते हैं, जिसकी बाद में जरुरत पड़ने पर हम सिवाए अफ़सोस के कुछ नहीं कर सकते। लेकिन हम आपको बताएंगे के कैसे मोबाइल से डिलीट हुए डेटा को वापस फ़ोन में लाया जा सकता है।
रिकूवा
     एंडरॉयड स्मार्टफोन में डिलीट डाटा को रिकवर करने के लिए आप रिकूवा सॉफ्टवेयर का सहरा ले सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह कही जा सकती है कि यह सॉफ्टवेयर बिना रूट किए एंडरॉयड स्मार्टफोन के साथ भी कार्य करता है। हालांकि याद रहे कि यदि आपको एंडरॉयड फोन आईसक्रीम सैंडविच संस्करण से ज्यादा पुराना है तो यह कार्य नहीं करेगा। एंडरॉयउ के नए आॅपरेटिंग सिस्टम के साथ यह बेहतर तरीके से कार्य करता है। यह एंडरॉयड फोन के इंटरनल मैमोरी के साथ यूएसबी और फ्लैश ड्राइव से डिलीट फाइल को रिकवर करने में सक्षम है।
कैसे करें डेटा रिकवर
     इसके लिए सबसे पहले आपको अपने विंडोज पीसी या मैक कंप्यूटर में रिकूवा सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करना है। इंस्टॉल होन के बाद यह रिकवरी विजार्ड के रूप में कार्य करता है। आप इसमें सेट कर सकते हैं कि पिक्चर, वीडियो और डॉक्यूमेंट सहित किन फाइलों को रिकवर करना चाहते हैं। रिकवर फाइल को यह उसी फोल्डर में सेव करता है जहां आपने रखा था। एक बार जब रिकवर हो जाए तो आप अपने फाइल का फोल्डर लोकेशन बदल दें तो बेहतर होगा।
एंडराॅयड डाटा रिकवरी
     एंडरॉयड डाटा रिकवरी भी एक ऐसा ही एप्लिकेशन है। आप अपने पीसी में डाउनलोउ कर इसे इंस्टाॅल करेंगे तो यह फोन को कनेक्ट करने के लिए कहेगा। यूएसबी के माध्यम से आप फोन को कनेक्ट करें। यहां आपको अपने फोन का फुल ऐक्सेस देना होगा।
     इसके लिए डेवलपर्स आॅप्शन में जाकर फोन में डीबगिंग को आॅन करना होगा। अब आप जब फोन को कनेक्ट करेंगे तो फोन ऐक्सेस से सम्बंधित कुछ मैसेज आएगा उसे ओके कर दें। इसके साथ ही आपका फोन एप्लिकेशन के साथ कनेक्ट हो जाएगा। कनेक्ट होने के बाद आपसे पूछा जाएगा कि कौन-कौन से डाॅक्यूमेंट का आप रिकवर चाहते हैं। उन्हें सलेक्ट कर जैसे ही क्लिक करेंगे एप्लिकेशन अपना काम शुरू कर देगा।
    रिकवरी की इस प्रक्रिया में लगभग एक घंटा या इससे ज्यादा का भी समय लग सकता है और उस दौरान आपको फोन को पीसी से कनेक्ट करके ही रखना होगा। डिसकनेक्ट करने के साथ ही रिकवरी बंद हो जाएगा। हालांकि रिकवरी के दौरान एप्लिकेशन यह दावा नहीं करता कि आपके फोन का सभी डाटा रिकवर कर पाएगा। परंतु हाल में डीलीट की गई फाइलें रिकवर की जा सकती हैं।
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ट्रेनों में खत्म होगी वेटिंग लिस्ट? 1 जुलाई से बदल जाएंगे रेलवे के कई नियम

Written By News Today Time on Tuesday, May 24, 2016 | 2:52 PM

   नई दिल्ली।। अगर आप 1 जुलाई के बाद रेल जर्नी की प्लानिंग कर रहे हैं तो रेलवे के नए नियम जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 जुलाई से इंडियन रेलवे अपने रूल्स और फैसिलिटी में कई बदलाव करने जा रही है। ये बदलाव पैसेंजर्स के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग और कन्फर्म बर्थ से जुड़े हैं। खत्म होगा वेटिंग लिस्ट का झंझट...
तत्काल टिकट
- 1 जुलाई से तत्काल टिकट बुक कराने वाले पैसेंजर्स को टिकट कैंसल कराने पर 50% रिफंड मिलेगा। यानी अब पूरे पैसों का नुकसान नहीं उठाना पड़ेेगा।
- अब तक रेलवे तत्काल टिकट के कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं देती थी।
- इसी तरह तत्काल टिकट की बुंकिग टाइमिंग में भी बदलाव किया गया है। 1 जुलाई से एसी कोच के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए विंडो सुबह 10 बजे से 11 बजे तक खुलेगी।
- स्लीपर कोच के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग टाइमिंग अब सुबह 11 बजे से 12 बजे तक रहेगी।
सुविधा ट्रेन
- 1 जुलाई से सुविधा ट्रेनें भी चलाई जाएंगी जिससे ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट खत्म हो जाएगी। वेटिंग लिस्ट होने पर पैसेंजर्स को सुविधा ट्रेन का ऑप्शन मिलेगा।
- राजधानी और शताब्दी ट्रेनों की तरह ही सुविधा ट्रेनों के भी स्टॉपेज बेहद कम होंगे। इस ट्रेन में सिर्फ कन्फर्म टिकट ही मिलेगा।
- ट्रेनों में अब वेटिंग लिस्ट का कोई प्रॉविजन नहीं होगा। कन्फर्म और आरएसी टिकट वालों को ही ट्रेन में जगह मिलेगी।
- सुविधा ट्रेन में भी टिकट कैंसिलेशन पर पैसेंजर्स हाफ रिफंड पा सकेंगे।
- सुविधा ट्रेनों के टिकट को कैंसल कराने पर कोच के हिसाब से चार्ज होगा। इसमें अलग-अलग क्लास के लिए काटे जाने वाले चार्जेज अलग-अलग होंगे।
- इसमें एसी फर्स्ट और सेकंड एसी (2 टियर) का टिकट कैंसल कराने पर 100 रुपए काटे जाएंगे। इसी तरह एसी थर्ड (3 टियर एसी) के लिए 90 रुपए और स्लीपर
क्लास का टिकट कैंसल कराने पर 60 रुपए काटे जाएंगे।
राजधानी और शताब्दी
- राजधानी और शताब्दी ट्रेन में पेपरलेस टिकटिंग होगी। अब इन ट्रेनों में मोबाइल टिकट ही वैलिड होंगे।
- इन ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिससे ज्यादा पैसेंजर्स सफर कर सकेंगे।
प्रीमियम ट्रेन
- रेलवे 1 जुलाई से प्रीमियम ट्रेनों को बंद कर देगा।
यह सुविधाएं भी मिलेंगीं
- रेलवे अब अपने यूनिवर्सल नंबर 139 के जरिए ट्रेनों में वेकअप कॉल और डेस्टिनेशन अलर्ट की सुविधा भी देगा।
- अब इंग्लिश के अलावा 1 जुलाई से पैसेंजर्स कई रीजनल लैंग्वेज में भी टिकट बुक करा सकेंगे।




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गर्मी से हुआ परेशान तो सूर्य भगवान के खिलाफ लिखाई रिपोर्ट

Written By News Today Time on Monday, May 23, 2016 | 6:11 PM


    भोपाल।। गर्मी और तपन से कोई किस हद तक परेशान हो सकता है इस बात का अंदाजा नीचे वाली तस्वीर को देखकर लगाया जा सकता है। ये एक पत्र है जिसमें भगवान सूर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें सूरज की तपन से पीड़ित व्यक्ति ने अपनी व्यथा लिखित रूप में प्रकट की है।
    शिवपालसिंह नाम के इस शख्स ने मध्यप्रदेश के शाजापुर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए रिपोर्ट में लिखा है कि मैं विगत एक सप्ताह से आसमान से बरसती आग के कारण मानसिक एवं शारीरिक रूप से कष्ट सह रहा हूं। इसके जिम्मेदार श्रीमान सूर्नारायण निवासी ब्रह्मांड पर भारतीय संविधान अनुसार आवश्यक कानूनी धाराओं में कार्यवाही कर मुझे एवं जनमानस को राहत प्रदान करने का कष्ट करें।


      शिवपालसिंह ने आगे लिखा है कि विगत एक सप्ताह से श्रीमान सूर्यनारायण अपनी हदें तोड़कर प्रत्येक जीव का जीना दुश्वार कर रहे हैं। मुकबधीर पशु, पक्षी की दयनीय एवं पेड़-पौधों की जल जाने जैसी हालत साक्ष्य के रूप में आपके सामने है। प्रार्थी के आवेदन पर सद्भावना पूर्वक विचार कर दंड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 154 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करने का कष्ट करें। यह रिपोर्ट 20 मई का है जिसमें शाजापुर पुलिस कोतवाली का स्टैंप लगा हुआ है। 
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कांग्रेस और निर्दलियों को 10 भाजपा को मिली पांच सीटें

   नारायणगढ़।। नगरपालिका चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा को करारा झटका देते हुए विपक्षी कांग्रेस और निर्दलियों ने 10 सीटों पर कब्जा जमाया है। भाजपा को 15 में से केवल 5 सीटें ही मिल सकी हैं। जबकि भाजपा ने लगभग सभी वार्डों से अपने प्रत्याक्षी मैदान में उतारे थे। नारायणगढ़ नगरापालिका चेयरमैन की कुर्सी अब की बार अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है और चार सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व हैं। अब देखना यह है कि किसके सिर चेयरमैन का ताज रखा जाएगा।
     नगरपालिका चुनावों में भाजपा अपनी साख नहीं बचा पाई है। वार्ड नंबर 1 से पूर्व में पांच बार पार्षद रहे भाजपा समर्थित उम्मीदवार बैकुंठ नाथ को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। आजाद उम्मीदवार वीना चानना ने 181 वाेटों से बैकुंठ नाथ को हराया है, जबकि एक प्रत्याक्षी को पहले ही बैकुंठ नाथ के पक्ष में बिठाया गया था। वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस की सुधा शर्मा ने शानदार जीत हासिल की है।
     उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी भाजपा समर्थित अनुपमा शर्मा को 400 वोटों से हराया। वार्ड नंबर 3 में भाजपा अपना वर्चस्व बचाने में कामयाब रही, भाजपा की मनिका अग्रवाल ने पूर्व पार्षद अनीता चौधरी को 430 वोटों से हराया। वार्ड 4 में कांग्रेस के रत्ती राम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और भाजपा के प्रवीन धीमान को करारी मात दी है।
     वार्ड नंबर 5 से पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस समर्थित श्रवण कुमार ने कांता देवी को पराजित किया। वार्ड नंबर 6 में पहले ही निर्विरोध चुनाव हो चुका है और प्रवीन नामदेव ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। वार्ड नंबर 7 में भाजपा के उम्मीदवार जय प्रकाश ने सीधे मुकाबले में अपने प्रतिद्वंदी अरुण वालिया को 40 वोटों से हराया। जबकि इस वार्ड में राज्यमंत्री नायब सैनी ने जय प्रकाश के पक्ष में तीन बार वार्ड में चुनाव प्रचार किया था। वार्ड नंबर 8 से मंजू बाला ने सीधे मुकाबले में वीना अग्रवाल को हराया है। वार्ड 9 से राखी देवी ने सुदेश अंटवाल को हराया। वार्ड नंबर 10 से जगदीप कौर ने जीत हासिल की है। वार्ड नंबर 11 से भाजपा के उम्मीदवार भीमसेन गैरा चुनाव जीत गए हैं, उन्होंने कांग्रेस के श्याम लाल को हराया। वार्ड 12 से परविंद्र कौर ने पूर्व चेयरमैन सतनाम कौर को हराया है। वार्ड 13 में कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेश धीमान ने भाजपा के समर्थित उम्मीदवार महेंद्र सैनी को हराया है। वार्ड नंबर 14 में भी कांग्रेस ने अपना वर्चस्व कायम रखते हुए नीलम वालिया ने अशोक कुमार को 340 वोटों से हराया है। वार्ड नंबर 15 में भाजपा की उम्मीदवार प्रीतपाल कौर मक्कड़ ने कांग्रेस के जयपाल चौधरी को 347 वोटों से हराया।




3:52 PM | 0 comments | Read More

आईपीएल की तर्ज पर तीन राज्यों में होगी डब्ल्यू-डब्ल्यू ई फाइट : ग्रेट खली

     कुरुक्षेत्र विश्व प्रसिद्घ वर्ल्ड रेसलर दलीप सिंह ग्रेट खली ने कहा कि दिल्ली, मुम्बई, उत्तर प्रदेश में आईपीएल की तर्ज पर डब्ल्यू-डब्ल्यू ई की फाइट कराने की योजना बना रहे हैं।
     हरियाणा में शीघ्र ही रेसलिंग सहित अन्य खेलों की अकादमी भी खोली जाएगी। ग्रेट खली रविवार देर सायं पिपली रेस्ट हाउस में खेल प्रेमियों से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ग्रेट खली दिल्ली से राजीव गांधी ग्लोबल अवार्ड लेने के बाद पिपली पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना प्रत्येक खिलाड़ी का सपना होता है। इसलिए देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ी को अपने पर गर्व होना चाहिए। वे चाहते हैं कि रियो ओलंपिक में जाने वाले खिलाडिय़ों को उत्साह के साथ खेलें और देश के लिए मेडल हासिल करके ही अपने देश वापस आएं। इसके लिए सभी खिलाड़ियों को जमकर अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद डब्ल्यू-डब्ल्यू ई फाइट से दुनिया में शोहरत मिली है। कहा कि युवाओं को नशे आदि से दूर रहकर अपने आप को तैयार करना चाहिए। पहले खेलों से कुछ हासिल नहीं होता था लेकिन अब सरकार की तरफ से अच्छी नौकरी व शोहरत दी जाती है।
फाइट के लिए मौसम का इंतजार
     दलीप सिंह ने कहा कि हरियाणा में अकादमी खोलने से पहले दिल्ली, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र में डब्ल्यू-डब्ल्यू ई फाइट कराने जा रहे हैं। इस फाइट के लिए मौसम अनुकूल होने का इंतजार किया जा रहा है। इन फाइट में वे स्वयं भी भाग लेंगे। अब तक वे स्वयं 3 हजार फाइट कर चुके हैं। उनका पूरा ध्यान अकादमी में खेल रहे खिलाडिय़ों पर रहता है। उनकी अकादमी से कई खिलाड़ी नया मुकाम हासिल कर चुके है। सिया के राम सीरियल में हनुमान व घटोत्कच का रोल भी उनके शिष्य कर रहे है। इस मौके पर उनके दोस्त बलवान सिंह ने स्वागत किया।

3:50 PM | 0 comments | Read More

असम में बंगलादेशी घुसपैठियों की समस्या कांग्रेस की देंन है - अजमल

   नई दिल्ली।। AIUDF के मुखिया और इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर निशाना लगाते हुयें कहा है कि असम में बंगलादेशी घुसपैठियों को प्रवास देने में कांग्रेस का हाथ है.
    उन्होंने कहा कि वो बॉर्डर को सील करने के हक़ में थे. 11 साल से बार्डर को सील करने की हम मांग का रहे है. हमारी ये भी मांग थी कि 1971 के बाद आये बंगलादेशी को देश से बाहर निकाल दिया जाए.
    उन्होंने कहा कि अगर कोई गैरकानूनी तरीके से देश में कहीं रह रहा है तो उसकी निशानदेही होनी चाहियें लेकिन ये सब केवल मुस्लिम पर हो तो ये गलत होगा.
    उन्होंने असं गण परिषद् द्वारा बंगलादेशी घुसपैठियों पर दोहरी सोच को गलत बताया. हाल ही में हुयें राज्य के चुनाव में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी की बुरी हार हुई है वो खुद भी चुनाव हार गयें है.
10:24 AM | 0 comments | Read More

वसुंधरा राजे की सरकार में बेटियों के साथ हो रहा अन्याय

Written By News Today Time on Sunday, May 22, 2016 | 9:31 PM

इस बेटी को पीएम मोदी अंकल क्या इंसाफ दिलाएंगे ?
    नई दिल्ली।। जयपुर में रहने वाले एक भाई ने अपनी बहन की इज्जत लूटने वालो को जेल भिजवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिखी है. 16 वर्षीय इस बालक ने अपनी चिठ्ठी में लिखा है की मोदी अंकल आप तो 'बेटी बचाओं' मुहिम चला रहे हो. लेकिन आपकी इस मुहिम का आपकी ही सरकार मजाक उड़ा रही है. इसलिए उसकी 12 वर्षीय नन्ही बहन की इज्जत लूटने वाले अपराधियों को अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद भी पुलिस ने जेल नहीं भेजा है. अब आप ही मेरी मदद कीजिये. 
अंकल मेरी कोई सुनता नहीं
    अपनी 12 वर्षीय बहन के साथ हुए सामूहिक दुराचार को लेकर इंसाफ के लिए भटक रहे भाई ने पीएम से अपनी चिठ्ठी में कहा है कि अंकल बालोतरा ( भीमकुंआ ) पुलिस मेरी बहन के साथ गन्दी हरकत करने वालों को संरक्षण दे रही है. जिसके चलते उनकी गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है. पीएम को भेजी गई चिठ्ठी में 16 वर्षीय पीड़ता के भाई ने पीएम से मदद की गुहार लगाते हुए अपनी बहन के दोषियों माल सिंह, मालम सिंह, शैतान सिंह, नरपत सिंह और नारायण सिंह जिला बाड़मेर को तत्काल जेल भिजवाएं जाने की प्रार्थना की है. इसके साथ लिखा है ताकि मुझे और मेरी बहन को इंसाफ मिल सके. मोदी को भेजी गई चिठ्ठी में यह भी लिखा है कि हम दोनों जिलाप्रशाशन से लेकर पुलिस के आलाअफसरों तक की चौखट पर जाकर इंसाफ की गुहार लगा चुके हैं. लेकिन हम लोगों की गरीबी का मजाक उड़ाकर हम भाई-बहन को भगा दिया जा रहा है. हमारी कोई सुन नहीं रहा है.
पुलिस ने भेजा झूठे केस में पिता को जेल
     पीएम मोदी को लिखी गई चिठ्ठी में पीड़ित बिटिया के भाई ने यह भी लिखा है कि घटना से पहले पुलिस ने उनके पिता को झूठे केस में जेल भेज दिया और उनकी माँ का देहांत हो चुका है. वह जैसे-तैसे अपना और अपनी बहन का भरम पोषण कर रहा है. बताया जाता है कि चार महीने पहले पीड़ित लड़की के साथ 5 लोगों ने सामूहिक दुराचार किया. जब इस बात कि शिकायत लेकर लड़की का भाई थाना बालोतरा पहुंचा तो उसकी FIR ही नहीं दर्ज की गई. इस मामले की रिपोर्ट सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस थाना झोटवाड़ा पुलिस ने दर्ज की. पीड़िता के मुताबिक अदालत में पीड़ित लड़की का 164 का बयान जज साहब के सामने देने के बाद उसके साथ गलत काम करने वालों पर पोक्सो कानून लगते हुए जेल भेजे जाने के आदेश सुनाए गए. बावजूद इसके अपराधी खुलेआम घूम रहे है.
बीजेपी की सरकार ही मजाक उड़ा रही है बेटियों की
    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ जहां बेटी बचाओ अभियान चलकर देश की महिलाओं को सम्मान देने की बात कर रहे हैं. वही राजस्थान में उनकी पार्टी वसुंधरा राजे की सरकार बेटियों के साथ हो रहे अन्याय को नजरंदाज कर रही है. बहरहाल अब देखना यह है कि देश की इस बेटी को पीएम मोदी अंकल क्या इंसाफ दिलाएंगे या फिर और लोगों की तरह वह भी इस बेटी को दर-दर की ठोकरे खाने के लिए सड़क पर ऐसे ही छोड़ देंगे।



9:31 PM | 0 comments | Read More

भाजपा सांसद मनोज तिवारी समेत 5 के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

    भदोही।। उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पारस नाथ यादव और भाजपा सांसद मनोज तिवारी समेत 5 लोगों के विरुद् भदोही के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गैर-ज़मानती वारंट जारी कर पुलिस अधीक्षक को इन सभी को 14 जून तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिये हैं।
     अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला 2009 के लोकसभा चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में दर्ज किये गए मुक़दमे का है। आरोप है कि साल 2009 में चुनाव प्रचार के दौरान शहर के अज़ीम उल्लाह चौराहा पर प्रशासन की इजाजत के बगैर सभा का आयोजन किया गया था जिसमें सपा के तत्कालीन स्टार प्रचारक मनोज तिवारी भी शरीक हुए थे। इस मामले में मौजूदा काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पारस नाथ यादव, मौजूदा विधायक विजय मिश्रा और उनकी पत्नी रामलली समेत कुल 14 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
     इस मामले में विधायक विजय मिश्रा और उनकी पत्नी समेत नौ लोग अदालत में हाजिर हुए थे लेकिन कई बार नोटिस जारी किये जाने के बावजूद बाकी पांच आरोपियों में से कोई भी निर्धारित तिथि तक अदालत में हाजिर नहीं हुआ। अभियोजन पक्ष के मुताबिक हालांकि सरकार ने इस दौरान मुकदमा वापस लेने को कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर सत्यवान सिंह ने शनिवार को सभी पांच आरोपियों वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पारस नाथ यादव, सपा के तत्कालीन स्टार प्रचारक और इस समय भाजपा के सांसद मनोज तिवारी, सपा विधायक ज़ाहिद बेग और सपा जिलाध्यक्ष आरिफ सिद्दीकी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर पुलिस अधीक्षक को इन सभी को 14 जून तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिये हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने शनिवार देर शाम अदालत के आदेश की सुपुर्दगी ले ली है

9:29 PM | 0 comments | Read More

जिगर ज्यादा था या दिमाग कम, जो भूखे शेर के सामने खुद को परोस दिया

   कोई भी जिंदा इंसान कैसे अपने आप को मौत के हवाले कर देता है ये उस वक्त उसके दिमाग में चले रहे तूफान से ही समझा जा सकता है। लोग आत्महत्या करने के लिए अभी तक फांसी लगाते थे, जहर पी लेते थे, ट्रेन के ट्रैक पर कूद जाते थे। लेकिन इस बार आत्महत्या का ऐसा प्रयास किया गया जिसे सुन कर आपकी रूह कांप जाएगी। आप तस्वीर में देख सकते हैं कि किस तरह एक इंसान शेर के पंजे में जकड़ा हुआ है।
     ये घटना अमेरिका के सैनटियागो के चिड़ियाघर की है, जहां एक शख्स आत्महत्या करने के लिए शेर के सामने नंगे बदन हो कर कूद पड़ा। शख्स के कूदते ही भूखे शेर उस पर टूट पड़े। वैसे तो शेर कभी भी जिंदों को नहीं खाते क्योंकि पहले वो उसकी जान निकाल देती है फिर उसे अपना भोजन बनाता है।
     शेर के इस प्रक्रिया के दौरान ही चिड़ियाघर के अधिकारियों को इस घटना की खबर मिली और वो फौरन वहां पहुंच गए। शेर जब तक उस शख्स को मारता अधिकारियों ने गोली चाल दी। इस दौरान दो शेर की मौत हो गई।
    कूदने वाले शख्स का नाम फ्रैंको लुईस फेर्राडा है और उसकी उम्र 20 साल बताई जा रही है। ये भी बताया जा रहा है कि उसके पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है साथ ही कहा जा रहा है कि जब वो शेर के बाड़े में कूद रहा था तब वो धार्मिक नारे भी लगा रहा था। इस घटना को इंटरनेशल मीडिया में ‘सुसाइड ब्वॉय लायन’ बताया जा रहा है। इस घटना के बाद लड़के को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
    जब चिड़ियाघर के अधिकारियों से पूछा गया कि आपने गोली क्यों चलाई तो अधिकारी ने जबाव दिया कि ‘चिड़ियाघर प्रोटोकॉल के मुताबिक किसी भी इंसान की जान शेर की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।’
    चिड़ियाघर के डायरेक्टर ने कहा कि ‘कूदने वाला शख्स लुईस फेर्राडा जू में विजिटर बन कर आया था। उसने जू देखने के लिए टिकट भी खरीदा था। लेकिन हमारे दो शेर इस घटना में मारे गए जिससे मुझे बहुत दुख है।’
9:00 PM | 0 comments | Read More

आप हमें एक शब्द में 'प्रेस्टीट्यूट' कह देते हैं और यह जानना भी नहीं चाहते कि ...


     सी एम एक सोच-भारत में पत्रकारों को सबसे ज्यादा खतरा नेताओं से है। पिछले 25 साल में सबसे ज्यादा उन पत्रकारों की हत्या हुई है जो राजनीतिक बीट कवर करते थे। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पिछले 25 सालों में जिन पत्रकारों की हत्या हुई है, उनमें 47 फीसदी राजनीति और 21 फीसदी बिजनेस कवर करते थे। ये आंकड़े साबित करते हैं कि देश में पत्रकारों के खिलाफ नेताओं और उद्योगपतियों का एक गठजोड़ काम कर रहा है।
      दैनिक समाचारपत्र 'हिंदुस्तान' के सिवान ज़िले के ब्यूरो प्रमुख राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या की गई। हमलावरों ने माथे पर बंदूक रखकर गोली मारी। राजदेव सजीव और निर्भीक पत्रकार थे और वे उस क्षेत्र के बाहुबली गुर्गों के खिलाफ लिखते थे। आप हमें एक शब्द में परिभाषित करते हुए 'प्रेस्टीट्यूट' कह देते हैं और यह जानना भी नहीं चाहते कि हमने सुबह का नाश्ता भी किया है या नहीं। यहां भी सही और गलत दोनों तरह के लोग हैं जैसे हर क्षेत्र में होते हैं पर आप बड़ी ही आसानी से हमें प्रमाणपत्र बांट देते हैं। घटना की खबर मिलते ही पुलिस पहुंचती है और पुलिस से पहले या बाद में पत्रकार पहुंचते हैं। उन्हें माइक या नोटपैड और रिकॉर्डर के साथ देखकर आप ख्याली पुलाव पकाने लगते हैं। कभी पूछिएगा किसी पत्रकार से (उन गिने-चुने नामों को यहां न शामिल करें) कि आखिरी बार कब छुट्टी ली थी। कभी जानने की कोशिश कीजिएगा कि उसकी 15-20 हज़ार की सैलरी में आखिरी बार कब वृद्धि हुई थी। कभी समझने की कोशिश कीजिएगा कि वो अपने 8 घंटे की शिफ्ट के बाद क्या करता है? तो आपको पता चलेगा कि हर 8 घंटे के बाद और 4 घंटे की शिफ्ट होती है। उतनी ही तनख्वाह में अपना पूरा दिन झोंक देते हैं वो, उनकी कोई पर्सनल लाइफ नहीं होती। साप्ताहिक छुट्टी होती है पर उसका मिलना ज़रूरी नहीं। परिवार अलग-थलग महसूस करता है। कमरे का किराया भरने के बाद बच्चे की फीस देने में पसीने छूट जाते हैं। कोई पुलिसवाला मारा जाता है तो शहीद कहलाता है। सामान्य नागरिक मरते हैं तो मुआवज़े पर राजनीति होती है पर जब तमाम परेशानियों के बावजूद भी अगर ये अपनी कलम की स्याही को किसी का मोहताज नहीं बनने देते तो मुफ्त में मारे जाते हैं। वो कभी शहीद नहीं होते, उनके परिजनों से कोई नेता मिलने नहीं जाता। उस कम्पनी के आका भी नहीं जाते जहां काम करते-करते वह मर गया। यहां मैं पुलिस को कमतर नहीं कह रही पर पत्रकार कैसे जीता है कभी उससे बैठकर सुनें। हर साल गाजर-मूली की तरह पत्रकारों की मार-काट चल रही है। आपको कितने नाम याद हैं? इसके बाद भी उनसे उम्मीद की जाती है कि वे सहिष्णु बने रहें। उतनी ही तनख्वाह में आदर्शवादी बने रहें और उनमें आदर्शवाद भी इतना ही हो जिससे उनके ऑर्गेनाइज़ेशन को कोई नुकसान न हो। आप ने प्रेस्टीट्यूट कह दिया.. आप में से कितने लोग किसी निर्भीक पत्रकार को शाबाशी देने जाते हैं? आप में से कितने लोग पत्रकारों की ईमानदारी को समझते हैं और उनकी तकलीफ़ों पर भी वैसे ही सवाल उठाते हैं जैसे एक आम इंसान के लिए करते हों? आपको पत्रकार किसी तीसरी दुनिया से आए लोग लगते हैं क्योंकि आपकी तमाम परेशानियों पर अपनी आवाज़ बुलंद रखने के बावजूद हम अपने हक की लड़ाई नहीं लड़ते।
दूसरों के हक की बात करना
और अपने हक पर चुप हो जाना।
जाने कब नौकरी छिन जाए
इस चिंता में डूबे रहना।
मालिक को खुश रखकर
ऐसे ठेकेदारी पर काम करना।
मुझे डर लगने लगा है मां।
क्योंकि मीडिया लोकतंत्र की उपज है
पर स्वयं लोकतांत्रिक नहीं।
क्योंकि मीडिया की रोटी
बड़े घरों में पकती है
चूल्हे की आंच पर
उनका ही नियंत्रण होता है
ज़रा भी खिसके तो
हाथ भी जलता है और रोटी भी।
संपादक नियाज़ हुसैन हिंदुस्तान की ज़िद अख़बार व Hkz news चैनल 08090479432


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सुराज संकल्प का मज़ा लेते हुए बीजेपी विधायक की अंतरंग तस्वीर हुई सोशल मीडिया पर वायरल

vijay bansal fake photoसामने आई बीजेपी विधायक की अंतरंगी तस्वीर
     इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अंतरंगी तस्वीर वायरल हो रही है जिसको राजस्थान के भरतपुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक विजय बंसल की बताई जा रही है. जब बीजेपी विधायक विजय बंसल को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने उस फोटो में खुद के होने से इनकार किया और साथ उस फोटो के माध्यम से उन्हें बदनाम करने वाले के खिलाफ सख्त कार्यवाई करने की मांग की. 
    विधायक ने इस तस्वीर को एडिटेड बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस फोटो में दिखाई दे रहा व्यक्ति भाजपा विधायक ही है या उसका कोई हमशक्ल।
     विधायक विजय बंसल ने कहा कि ये तस्वीर एडिटेड है और उनको फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैंने इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी है और आरोपी भी अरेस्ट हो जाएंगे। विधायक विजय बंसल ने कहा कि साहिल गेरा ने ये फ़ोटो वायरल की है। साहिल गेरा, संजय गेरा का बेटा है और संजय गेरा ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। बंसल ने बताया कि ये राजनीतिक षड्यंत्र है। विधायक ने पूरी तरह से नकारा कि ये मेरी तस्वीर नहीं है और पुलिस ने पूरी कार्रवाई कर ली है। जल्द ही आरोपी गिरफ़्तार कर लिए जाएंगे।
7:53 PM | 0 comments | Read More

पत्नी ने पति की आँखों में फेवीकॉल डाल लिया बदला

     पति पत्नी के बीच मतभेद तो आम बात होती है, लेकिन विजय लक्ष्मी नाम की एक महिला ने पति संतोष से लड़ाई करने के बाद, उसे सबक सिखाने के लिए किया कुछ ऐसा जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। दरअसल महिला और पति के बीच कहासुनी होने के बाद जब पति सोने चला गया, तो पति को सोता हुआ पाकर, पत्नी ने उसकी आंखों में फेवीक्विक डाल दिया। यह घटना रीवा शहर की है।
     दरअसल विजय लक्ष्मी की संतोष से कहासुनी के पीछे बस यह कारण था कि संतोष उस रात घर थोड़ा देर से आए था। जिस कारण गुस्से में पहले तो दोनों के बीच कहासुनी हुई, फिर संतोष के सोने पर लक्ष्मी ने उनकी आंखों में फेवीक्विक डाल दिया।
     इस घटना का पता चलते ही स्थानीय निवासियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और संतोष को सीधे नजदीकी अस्पताल ले गए। इस घटना ने सभी को चैंकाकर रख दिया। आंखों में फेवीक्विक डालने के बाद संतोष की आंखें खुल नहीं रही थी। डॉक्टर ने घंटों उपचार कर उन्हें बचाया। अब संतोष पहले से बेहतर हो गए हैं, लेकिन पत्नी की इस हरकत पर नाराज संतोष काफी गुस्से में है।
5:32 PM | 0 comments | Read More

भीख से मिले पैसों से बनवाया तालाब

     गर्मी के इस बढ़ते कहर के कारण भारत के कई राज्यों में पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है, जिस कारण वहां के निवासियों को सूखे का सामना करना पड़ रहा है। रांची के समीप एक गांव के कुष्ठ रोग से ग्रस्त लोगों ने भी सूखे की समस्यां का समाधान निकालने के लिए भीख मांगकर पैसे इकट्ठा किए और फिर तालाब बनवाने का फैसला लिया।
     कुष्ठ रोग से ग्रस्त रोगियों ने सूखे की परेशानी से निजात पाने का हल खुद ही निकाला। बता दें कि इनमें से एक दम्पति जोड़ा, लॉरेंस की आंखों की रोशनी कई सालों से गायब है, लेकिन उनकी पत्नी का साथ उन्हें जीवन के हर कदम पर मदद करता है। इस दंपती जोड़े का कहना है, “कूदरत ने काया नहीं दिया, ठहरे अनपढ़ और भीख मांगे जतन नहीं करते, तो फिर बड़ी विपदा से हमें कौन बचाता”
       उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण हमने भीख में मिले पैसों से तालाब बनवाने का फैसला ले लिया। गांव के हर परिवार की आंखों में यही चिंता है कि तालाब में कब खूब सारा पानी इकट्ठा हो। पानी गांव के हर परिवार के लिए पूरा हो जाए, इसके लिए तालाब को गहरा और चौड़ा बनवाया जा रहा है।
      इस गांव के प्रधान, मुरारी गोस्वामी का कहना है कि चैत के महीने में तालाब जब सूख गया, तो गांव के सभी लोगों की बेबसी बढ़ती रही। गांव में एक दो कुएं और हैं, लेकिन उनसे गांव की कुल आबादी की प्यास नहीं भूझ सकती हैं। इस विषय पर सोचकर हमारी कमेटी ने एक बैठक बुलवाई और तय किया कि हर परिवार को तालाब बनवाने के लिए 200 रुपए देने होंगे। जिस पर हर परिवार ने हामी भी भर दी और जल्द से जल्द इस अभियान को चलाया गया और पैसे जुटा लिए।
5:28 PM | 0 comments | Read More

चमत्कार- इस नलकूप का पानी पीने से आपकी सारी बीमारियां हो जाती है दूर

    जैसा की आप जानते ही हो कि भारत मान्यताओं और आस्था का देश है। यही इसकी खूबसूरती भी है और यही कारण भी है कि इस देश में अपने से बाहर से आये सभी धर्मो में आस्था रखना सिखाया जाता है और उन सबको इस देश में अपने यहां पनाह भी दी। अपने देश की संस्कृति में प्रकृति को माता-पिता जैसा ही दर्जा दिया गया है इसलिए ही हम उस पर श्रद्धा रखते हैं और कई बार अपनी आंखें बंद करके उस पर विश्वास कर लेते हैं जो की सही नहीं है। आज हम आपको एक ऐसी ही कुछ बात बताने जा रहें हैं।
     यह मामला है पंजाब प्रान्त के फतेहगढ़ जिले का, यहां की राजधानी चंडीगढ़ से मात्र 70 किमी दूरी पर स्थित एक गांव में आजकल काफी चहल-पहल दिखाई दे रही है।असल में यहां के लोगों का कहना है की इस जगह पर एक चमत्कारी जल कूप पाया गया है जो की आपके सारे कष्टों और आपके शरीर की सारी बीमारियों को ख़त्म कर देता है। लोगों का मनना है की इसका जल बहुत ही चमत्कारी है जो की आपकी बिमारीयों को दूर करने की समर्थ रखता है। वर्तमान समय तक कोई भी सामाजिक संगठन अभी सामने नहीं आया है जो की इस नलकूप पर अपना दावा कर सकें। लोगों में जैसे ही इस नलकूप के चमत्कारी जल की खबर फैली, तो लोगों की भीड़ यहां इस नलकूप पर जुटने लग गई और जल्द ही भीड़ इतनी बढ़ गई की उसको संभालना पुलिस प्रशासन के लिए बहुत भारी पड़ रहा था।
कैसे फैली अफवाह –
     स्थानीय लोगों के अनुसार यहां इस नलकूप के पास से एक व्यक्ति जा रहा था, उसके पैर में दर्द था। उस व्यक्ति ने नलकूप पर रुक कर इस नलकूप का पानी पिया, जिसके तुरंत बाद ही उसके पैर का दर्द ख़त्म हो गया। यह बात आग की तरह शहर में फ़ैल गई। यहां के स्थानीय लोग नलकूप का पानी बोतलों में भर कर उसको पैसो में बेच रहें हैं और अपनी आमदनी कर रहें है और कुछ लोगों ने भीड़ को देखते हुए यहां खाने-पीने की दुकानें भी लगा रखी हैं।
5:23 PM | 0 comments | Read More

डायबिटीज के मरीजों के लिए यह जानना है ज़रूरी

     डायबिटीज के मरीजों को हर कोई यही सलाह देता है कि उन्हें क्या खाना चाहिये और क्या नहीं खाना चाहिये लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर चर्चा करते हैं कि उन्हें कितना पानी पीना चाहिये, जबकि यह डायबिटीज के मरीजों के लिये जानना बहुत ज़रूरी है की उनके लिये पानी की उचित मात्रा कितनी है। अगर आप मधुमेह से पीड़ित है तो आपको शुगर युक्त फ्रूट जूस या कोला के सेवन से तो पूरी तरह परहेज करना चाहिये क्योंकि ये हेल्दी ड्रिंक्स की केटेगरी में ही नहीं आते हैं। वास्तव में ऐसे डायबिटीज मरीज जिन्हें किसी भी तरह की कोई और दूसरी बीमारी नहीं है वे जितना चाहे उतना पानी पी सकते हैं। ध्यान रहे ज्यादा पानी पीने से आपके दूसरे कैलोरी ड्रिंक्स और कोला को पीने की मात्रा में भी काफी कमी आती है, जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
      हाल ही किये एक शोध से यह बात पता चली कि दूसरे पेय पदार्थ जैसे कि चाय, कॉफ़ी आदि की तुलना में सिर्फ पानी पीने से ही आपके ब्लड शुगर का लेवल काफी हद तक नियंत्रित रहता है। जबकि जो लोग रोजाना आधे लीटर से भी कम पानी पीते हैं उनके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिये बहुत ज्यादा उपचार और देखभाल की ज़रूरत पड़ती है।
डायबिटीज के मरीजों को पानी पीते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिये
     प्रति कैलोरी के हिसाब से 1 एमएल पानी का सेवन करना चाहिये, इसका मतलब यह है कि अगर आपने 2000 कैलोरी का सेवन किया है तो आपको 2000 एमएल यानि 2 लीटर पानी पीना चाहिये। अगर आप 3 लीटर से ज्यादा भी पानी पी लेते हैं तो भी कोई नुकसान नहीं है बशर्ते आपको किसी तरह की किडनी से जुड़ी कोई बीमारी न हो।
     अगर आप किन्ही कारणों से डाइरेटिक दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो अपने पानी पीने की मात्रा को 8 से 10 गिलास तक ही सीमित रखें अन्यथा आपको हर घंटे रेस्टरूम जाना पड़ सकता है।
     ऐसे डायबिटीज के मरीज जिन्हें किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं उन्हें 1000 एमएल प्रतिदिन के हिसाब से पानी पीना चाहिये। अधिक पानी पीने से उन्हें वाटर रिटेंशन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
    प्रख्यात आयुष चिकित्सक डॉ. वी के वर्मा बताते हैं कि, डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिये यह उसके व्यक्तिगत ज़रूरतों और उसके अपने स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, इसके लिये अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। वैसे आमतौर पर देखा जाये तो पानी पीना हमारे शरीर को हाइड्रेटेड रखने का सबसे आसान तरीका है। पानी की बजाय किसी अन्य कैलोरी और शुगर युक्त पेय पदार्थों से परहेज करें।




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15 साल के "लिव-इन रिलेशन" के बाद 70 की उम्र में ये बुजुर्ग हुए "पति-पत्नी"

बड़ी दिलचस्प हैं ये "प्रेम कहानी"
    कहानी फ़िल्मी है लेकिन रियल है. यहां दो लोगों की मुलाकात ठीक फ़िल्मी स्टाइल में रेलवे स्टेशन पर हुई. स्टेशन की ये दोस्ती प्यार में तब्दील हुई और फिर 15 साल के लिव-इन रिलेशन के बाद दोनों शादी के बंधन में बंध गए. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यह कहानी किसी मेट्रो सिटी में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के छोटे से जिले ललितपुर की है. और दूल्हा-दुल्हन भी अद्भुत हैं.
      बुंदेलखंड के ललितपुर में एक अनोखी शादी रचाई गई. इस शादी में 70 साल के दूल्हे ने अपनी 65 साल की दुल्हन से शादी रचाई. शनिवार को इस बुजुर्ग कपल की धूमधाम से हुई शादी के गवाह बना पूरा गाँव. एक दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने शादी से पहले 15 साल लिव-इन में गुजारे.
      इनकी प्रेम कहानी भी काफी रोचक है. बुजुर्ग बीजू जो आज 70 साल के हैं वे कुंवारे थे जब उनकी मुलाकात गोली से हुई. उस दौरान कुंवारे बीजू एक शादी विवाह घर में काम करते हैं. बीजू ने अपनी प्रेम कहानी कुछ यूं बयां की. “बात 15 साल पहले की है, जब वह ललितपुर स्‍टेशन गए थे. उनकी नजर स्‍टेशन पर बैठी एक महिला पर पड़ी, वह कुछ परेशान दिख रही थी. वह उसके पास गए और पूछा, कहां से आई हो? महिला ने अपना नाम गोली (65) बताया. वह उड़ीसा से आई थी गोली ने बीजू से मदद मांगी और वह उसे अपने साथ ले आये. इसके बाद से हम दोनों साथ में रह रहे थे,
     लेकिन इसके बाद लोगों ने दोनों को समझाया की ऐसे बिना शादी के साथ रहन उचित नहीं इसलिए उन्हें शादी कर लेनी चाहिए. गाँव वालों की बात मानकर दोनों ने मटक भंवर विवाह रचा लिया. आप सोच रहे होंगे मटक भंवर विवाह क्या बला है?
      दरअसल बुंदेलखंडी परंपरा के अनुसार जब लड़का कुंवारा हो और लड़की पहले से ही शादीशुदा हो, तो वो एक साथ सात फेरे नहीं ले सकते. इसके लिए एक रिवाज है. जिसमें एक मटके को सजाया जाता है, जिसमे मंगलसूत्र, सिंदूर और फूल-माला रख दी जाती है. उसके बाद दूल्हा उस मटके को लेकर साथ फेरे लेता है और उसका विवाह संपन्न हो जाता है.
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क्या वास्तव में आरओ का पानी शुद्ध हैं ?

      चिलचिलाती गर्मी में कुछ मिले ना मिले पर शरीर को पानी जरूर मिलना चाहिए। और अगर पानी आरओ का हो तो क्या बात है। परंतु क्या वास्तव में हम आरओ के पानी को शुद्ध पानी मान सकते हैं। जवाब आता है बिल्कुल नहीं और यह जवाब किसी साधारण या किसी कम अनुभव वाले व्यक्ति का नही बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से दिया गया है।
     विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि इसके लगातार सेवन से हृदय संबंधी विकार, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, सरदर्द आदि दुष्प्रभाव पाए गए हैं। यह कई शोधों के बाद पता चला है कि इसकी वजह से कैल्शियम मैग्नीशियम पानी से पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। जो कि शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
      वैज्ञानिकों के अनुसार मानव शरीर 500 टी.डी.एस. तक सहन करने की छमता रखता है परंतु आरओ में 18 से 25 टी.डी.एस. तक पानी को शुद्व करने की क्षमता होती है, जो कि नुकसान दायक है। इसके विकल्प में क्लोरीन को रखा जा सकता है। जिसमें लागत भी कम होती है एवं आवश्यक तत्व भी सुरक्षित रहते हैं जिससे मानव शारीरिक विकास अवरूद्ध नहीं होता।
     जहां एक तरफ एशिया और यूरोप के कई देश आरओ पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। वहीं भारत में इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है और कई विदेशी कंपनियों ने यहां पर अपना बड़ा बाजार भी बना लिया है।




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मशीनों से पहले, इस महिला को पता चल जाता है कहां आया भूकंप, जानें कैसे?

      क्या आपने कभी किसी ऐसी महिला के बारे में सुना है, जिसे सबसे पहले भूकंप आने की जानकारी मिलती हो, चाहे वो दुनिया के किसी भी हिस्से में आए? नहीं सुना तो बता दें कि स्पेन की रहने वाली 30 साल की मून रिबास ऐसी ही एक महिला हैं। दुनिया के किसी भी हिस्से में भूकंप आए, इन्हें सबसे पहले उसकी जानकारी हो जाती है।
     मून रिबास को प्रलय की जानकारी एक सिसमिक कम्प्यूटर चिप के जरिए होती है, जिसे उनके हाथ में ट्रांसप्लांट किया गया है। ऐसे में अगर दुनिया के किसी भी हिस्से में भूकंप आता है तो ये चिप वाइब्रेट करने लगता है। इस कारण से मून को ‘सायबर्ग वुमन’ के नाम से भी बुलाया जाने लगा है। संकेत मिलते ही मून आईफोन के एप्लिकेशन पर प्रलय के केंद्र और उसकी तीव्रता के आंकड़े को ढूंढ लेती हैं।
     बता दें कि मून पेशे से डांसर हैं और प्रलय आने के बाद अपने डांस मूव्स के जरिए ही वे लोगों को इसके बारे में बताती हैं। मून पिछले साल नेपाल में प्रलय आने के साथ ही आधी रात को उठ कर बैठ गई थीं। ऐसे में कहा जा सकता है कि मून को भूकंप आने की जानकारी टीवी चैनल्स और रेडियो से भी पहले मिल जाती है।



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देश का सबसे ऊंचा तिरंगा रातोरात 'गायब', खाली पोल की PHOTOS वायरल

     रायपुर।। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव पर 23 दिन पहले फहराया गया दुनिया का सबसे ऊंचा तिरंगा आज सुबह से ही गायब है। आस-पास के लोगों ने सुबह जब पोल पर लगा तिरंगा नहीं देखा तो इसकी फोटो वाट्स ऐप पर शेयर की। गौरतलब है कि कल रात एक बजे तक तिरंगा लगा हुआ देखा गया था। फटने के कारण हटाया गया...
- नगर निगम सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पोल से लगने वाले हुक के पास झंडा फट गया था।
- कल शाम आई आंधी में फटा हुआ हिस्सा ज्यादा बढ़ गया तो उसे देर रात उतारा गया है।
पांच दिन पहले ही बदला था झंडा
- 30 अप्रैल को बहुत ही तामझाम के साथ राजधानी में दुनिया का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया था।
- लोकार्पण के समय 82 मीटर ऊंचे पोल पर 105 बाय 70 फूट साइज का तिरंगा लगाया गया था।
- उसके सोलह दिन बाद उसका 16 मई को कुछ तकनीकी कारणों से उसे उतार लिया गया।
- लेकिन, दोबारा जो झंडा लगाया गया वह 90 बाय 60 फीट साइज का था।
नए झंडे में लगेगा समय
- नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक झंडे का मेंटेनेंस करने वाली कंपनी के पास दो ही झंडे हैं।
- तीसरे झंडा तैयार होकर आने और लगने में वक्त लगेगा।
- तीसरे और उसके बाद के झंडों का खर्च भी सीधा निगम वहन करेगा क्योंकि मेंटेनेंस कंपनी के पास दो ही झंडे तक का कॉन्ट्रैक्ट है।

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कभी 'नंगा'' कर हंटर से मारती थी ये लेडी डॉन, अब पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रही




     इंदौर।। छत्तसीगढ़ के अफसर का अपहरण करने वाली दसवीं पास लेडी डॉन बेहद शातिर दिमाग है। वह सारा दोष अपने साथियों के सिर मढ़ रही है। यहां से फरार होने के बाद वह इंटरनेट पर अखबार पढ़कर इंदौर पुलिस की हर गतिविधि और खबरों पर नजर रखती थी। लेडी डॉन बनकर सुर्खियां बनी सपना साहू अब एरोड्रम थाने में पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रही है।
     महज 10वीं पास सपना अपहरण में खुद के शामिल होने से इंकार करते हुए साथी युवराज रघुवंशी उर्फ दद्दू को मुख्य आरोपी बता रही है। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद साथियों ने उससे किनारा कर लिया है। सपना ने साथियों के साथ एरोड्रम क्षेत्र के बिग बोस रिसोर्ट में छत्तीसगढ के अफसर श्रीनिवास और उसके साथी को बंधक बनाकर रखा था और जमकर मारपीट की थी। रिसोर्ट पर छापा पड़ने के बाद वह साथी दद्दू की मदद से शहर छोड़कर भाग गई थी।
इंटरनेट पर शहर के अखबार पढ़कर पुलिस की हर गतिविधि पर नजर 
      आरोपी दद्दू लेडी डॉन को शाजापुर तक छोड़कर आया था। इसके बाद वह ट्रेन और बस में सफर करती रही। यहां से भागने के बाद वह इंटरनेट पर शहर के अखबार पढ़कर पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखती थी। सपना का पूर्व पति भी 420 के मामले में जेल जा चुका है। हालांकि वह उससे कोई संबंध होने से इंकार करती है, जबकि मौजूदा पति विनोद साहू के खिलाफ वह मारपीट की एफआईआर दर्ज करा चुकी है।
लेडी डॉन ने रिसोर्ट में प्रेमी युगल के लिए 12 कमरे भी बनाए थे
      पुलिस ने छापे के बाद बिग बोस रिसोर्ट सील कर दिया था। हाल ही में एएसपी रूपेश द्विवेदी, सीएसपी मल्हारगंज आर.एस. घुरैया और प्रभारी टीआई बलजीत ने दलबल के साथ छापा मारकर तलाशी ली। तलाशी में हथियार तलवार, गुप्ती, बेसबॉल का बल्ला, शराब की बोतलें और आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं। पुलिस ने यहां लगे कैमरों का डीवीआर और कम्प्यूटर सीपीयू और लैपटॉप जांच में लिया है। बिग बोस रिसोर्ट जंगल में है। सपना ने इसे यादव नामक व्यक्ति से 70 हजार रुपए महीने पर किराए से लिया था।
गोदाम खाली कराने के लिए फायरिंग
     सपना ने बताया, अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उसने ही गोलीकांड कराया था। इसके पीछे विनोद साहू के गोडाउन का विवाद था। मथुरादास 10 हजार रुपए प्रतिमाह किराया दे रहा था, जबकि दूसरा व्यक्ति 35 हजार रुपए देने को तैयार था। मथुरादास गोदाम खाली नहीं कर रहा था, इसलिए उसके घर पर धमकाने के लिए फायर कराए थे।
गाड़ी के बहाने अफसर से परिचय
     सपना ने बताया, छत्तीसगढ़ के अफसर श्रीनिवास से उसका परिचय वहां प्रोटोकॉल में फॉरच्यूनर गाड़ी लगाने को लेकर हुआ था। श्री निवास ने उससे पहले 5 लाख और फिर 2 लाख रुपए ले लिए, पर लौटाने में आनाकानी कर रहा था। इस पर दोनों में विवाद हुआ था।




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पानी की बोतल खरीदने से पहले रखे इन बातों का ध्यान

    अक्सर लोग बोतल से पानी पी लेते हैं तो कुछ लोग प्लास्टिक के गिलास में पानी पीते हैं. बोतल और गिलास में बहुत वैराइटी आती है. आज हम आपको बताएंगे कि कौन सी बोतल पानी पीने के लिए हेल्दी हैं.
     बिसफेनोल ए (BPA) एक खतरनाक रसायन है जो कि पानी के साथ मिलकर काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए जब भी आप प्लास्टिक की बोतल खरीदें तो इस बात का ध्यान रखें की आपकी बोतल BPA मुक्त हो.
     कांच की बोतल को नैचुरल चीजों जैसे लाइम और रेत से बनाया जाता है. इसलिए कांच की बोतल का इस्तेमाल ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है.      
     कांच की बोतल में पानी कितने ही दिन तक रखें लेकिन पानी का स्वाद नहीं बदलता जबकि प्लास्टिक की बोतल में पानी का स्वाद बदल जाता है.
     सूरज की किरणों से प्लास्टिक की बोतल में मौजूद BPA रसायन काफी जल्दी पानी में मिल जाता है. ऐसे में प्‍लास्टिक की बोतल में पानी है तो उसे धूप से बचाएं.
     यदि आप स्वादिष्ट पानी पीना चाहते हैं तो कांच की बोतल का ही इस्तेमाल करें क्योंकि प्लास्टिक नींबू और अन्य खट्टे फलों में से निकलने वाले रसायन के साथ मिलकर उसका स्वाद बदल देता है.
    प्लास्टिक की बोतल को यदि ठीक से साफ ना किया जाए तो उसमें जीवाणु पैदा हो जाते हैं. वैसे भी प्लास्टिक से ज्यादा कांच की बोतल साफ करना ज्यादा आसान होता है.
    छोटे बच्चों को भी कांच की बोतल से ही दूध पिलाना बेहतर होता है. यूं तो कांच की बोतल टूटने का डर बरकरार रहता है. ऐसे में आप ऐसी कांच की बोतल लें जिस पर सिलिकॉन की एक परत चढ़ी हो जो कांच को जल्दी टूटने से बचाती हैं.
     प्लास्टिक की बोतल को साफ करने के लिए कड़े क्लीनर्स का इस्तेमाल ना करें. खासतौर पर उन बोतलों को जिनमें पॉलीकार्बोनेट हो क्योंकि इससे पॉलीकार्बोनेट जल्दी टूटता हैं.
     गर्मपानी या तरल पदार्थों को प्लास्टिक की बोतलों में ना रखें क्योंकि प्लास्टिक की बोतल में मौजूद रसायन इनमें मिक्स हो जाता है जिससे तरल पदार्थ खराब होने की आशंका रहती है.
     हर तरह की प्लास्टिक की बोतल को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. जैसे कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल, मिनरल पानी की बोतल. यदि आप गौर करेंगे तो इन बोतलों के नीरे सिरे पर एक त्रि‍कोण बना होता है जिस पर 1 लिखा होता है. इसका मतलब है कि इस बोतल का इस्तेमाल सिर्फ एक बार हो सकता है. इन बोतलों का दोबारा इस्तेमाल करने से आप बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं और carcinogenic नामक पदार्थ पानी में मिलकर पानी को खतरनाक बना देता है. अगली बार आप अपनी बोतल का चुनाव करने से पहले इन बातों का ध्यान रखकर ही बोतल का चुनाव करें.




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