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औरंगाबाद में ट्रक ने सोए हुए कांवड़ियों को कुचला, 12 की मौत 18 घायल

Written By Bureau News on Tuesday, July 29, 2014 | 8:30 PM

  औरंगाबाद।। बिहार के औरंगाबाद जिले में नई दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने कम से कम 12 कांवड़ियों को कुचल दिया। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। हादसे में 22 अन्य लोग घायल हो गए।
   पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि भारी वाहन नियंत्रण खो बैठा और सड़क के किनारे सो रहे कांवड़ियों पर चढ़ गया।
   सो रहे कांवड़ियों को रौंदने के बाद कंटेनर एक खड़ी बस से जा टकराया, जिसमें कुछ अन्य कांवड़िए आराम कर रहे थे। शर्मा ने बताया कि 12 कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई ।ये तीर्थयात्री झारखंड के देवघर मंदिर से लौटने के दौरान रास्ते में आराम कर रहे थे।
   यह हादसा औरंगाबाद शहर से करीब दस किलोमीटर दूर और राजधानी पटना से 160 किलोमीटर दूर मुफसिल पुलिस थाना इलाके में हुआ।
   घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ कांवड़ियों को गया में मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये लोग भगवान शिव को जल चढ़ाने के बाद देवगढ़ से रोहतास जिले के डेहरी उपमंडल में अपने घरों को लौट रहे थे।
   हादसा उस वक्त हुआ जब कांवड़ियों का जत्था बस को खड़ा करके सड़क के किनारे सोया हुआ था। पीछे से आए एक अनियंत्रित ट्रॉले ने कांवड़ियों की बस को टक्कर मार दी और सोते हुए कांवड़ियों को रौंद दिया। हादसे में दस कांवड़ियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 13 अन्य घायल हो गए। मृतकों में पांच महिलाएं व पांच पुरुष हैं। घायलों में चार को गंभीर हालत में मगध मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी कांवड़िए रोहतास के डिहरी ऑन-सोन, अकोढ़ीगोला, तेतराधी और आसपास के क्षेत्रों के हैं।


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सब्सिडी बैंक खातों में, भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश

   नई दिल्ली।। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार पिछली यूपीए सरकार की कई योजनाओं को चालू रखते हुए उसे सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगी। यह सरकार भी आधार के जरिये नगद, खाद्य सब्सिडी देने की पिछली सरकार की योजना को पटरी पर लाने की सोच रही है। कांग्रेस नीत यूपीए सरकार भी दो परियोजनाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) यानी नकद सब्सिडी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे लेकिन मोदी सरकार ने उसे हरी झंडी दे दी है। अभी तक देश के 18 करोड़ परिवारों के लिए खाद्य सब्सिडी मद में एक लाख 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है जिसमें हमेशा भारी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं। परन्तु अगर लाभार्थियों के बैंक खातों में यह रकम सीधे पहुंचेगी तो भ्रष्टाचार की संभावना कम रहेगी। गौरतलब है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस- के तहत नगद सब्सिडी पर अच्छी खासी बहस चली है क्योंकि इसमें अनाज के बजाय नगदी गरीबों को दी जाएगी।
   माना जा रहा है कि सरकार रसोई गैस, पेंशन आदि में नगद सब्सिडी लागू करेगी लेकिन खाद्यान के मामले में इसे नकार सकती है। इसके बजाय राशन कार्ड को डिजिटल प्रारूप में लाकर आधार से जोड़ा जा सकता है ताकि पीडीएस का खाद्यान्न खुले बाजार में न बेचा जा सके। संभावना है कि प्रधानमंत्री आगामी स्वतंत्रता दिवस पर डीबीटी के अगले रास्ते का संकेत कर सकते हैं। अभी तक डीबीटी रसोई गैस, पेंशन, छात्रवृत्ति में ही लागू हुई है परन्तु पीडीएस और मनरेगा को भी इस योजना में लाया जा रहा है।
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कप्तान सिंह सोलंकी की राज्यसभा सीट के दावेदार कौन..?

   भोपाल।। कप्तान सिंह सोलंकी को हरियाणा का राज्यपाल बनाये जाने के बाद उनके द्वारा खाली की गई राज्यसभा की सीट के तमाम दावेदार प्रदेश के बड़े नेताओं से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं परन्तु अभी तक किसी को कोई आश्वासन नहीं मिला है। राज्यसभा के लिए सबसे ज्यादा चर्चा मेघराज जैन की है क्योंकि इसके पहले वे केवल नौ महीनों के लिए राज्यसभा भेजे गये थे। मेघराज जैन को संघ के खेमे का माना जाता है। 
   कांग्रेस से भाजपा में आये चौधरी राकेश सिंह का नाम भी आया है लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है। ज्ञात हुआ है कि सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संगठन महामंत्री अरविंद मेनन के बीच लंबी चर्चा चली जिसमें प्रदेशाध्यक्ष सहित राज्यसभा सदस्य के लिए संभावित नामों पर चर्चा हुई है और शीघ्र ही इस विषय पर भाजपा हाईकमान तथा संघ नेताओं से चर्चा की जाएगी उसके बाद ही कोई नाम फाइनल हो पाएगा। ऐसा माना जाता है कि यह सीट संघ के खाते की है, क्योंकि इस पर संघ के नेता कप्तान सिंह सोलंकी काविज थे। इसलिए राज्यसभा सीट के लिए संघ की पसंद को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि अभी तक किसी नाम पर कोई सहमति बन जाना जल्दबाजी होगी। परन्तु माना यही जा रही है कि तमाम नामों में मेघराज जैन को प्राथमिकता मिलेगी।
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जेएनयू के दो छात्रों के खिलाफ यौन उत्पीडऩ की शिकायत दर्ज

   नई दिल्ली।। प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यायल :जेएनयू: की लैंगिक संवेदनशीलता समिति में विश्वविद्यालय छात्र संघ में पदों पर आसीन दो छात्रों के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का एक मामला दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के जेंडर सेंसटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैराशमेंट में जेएनयूएसयू अध्यक्ष अकबर चौधरी और संयुक्त सचिव सरफराज अहमद के खिलाफ 24 जुलाई को एक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला कल उस समय प्रकाश में आया जब विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए पोस्टरों में दो छात्र नेताओं ने यौन उत्पीडऩ के आरोपों का खंडन किया। 
  चौधरी और हामिद द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है ''हम लोग अपने खिलाफ जीएससीएएसएच में दायर एक शिकायत के बारे में छात्र समुदाय को सूचना देना चाहते हैं। हम लोगों को इस शिकायत के बारे में 24 जुलाई को सूचना दी गई और इससे हम लोग चौंक गए। उन्होंने कहा है ''अगर जीएससीएएसएच शिकायत पर जांच करती है तो हम लोग जेएनयूएसयू और अपने संगठन में अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इस बीच जीएससीएएसएच के सदस्यों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि जीएससीएएसएच के एक सदस्य ने बताया कि इस मामले को देखने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। सदस्य ने बताया कि इस सप्ताह शिकायत जांच कमेटी की बैठक होगी और बाद में मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
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राजस्थान में गो हत्या पर 10 साल तक की सजा

   जयपुर।। राजस्थान में गो हत्या पर अब तीन से 10 साल तक की सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकेगा। गो संरक्षण के लिए गो पालन आयोग बनाने के साथ ही इनके लिए अनुदान भी बढ़ाया जाएगा।
   गोवंश के संरक्षण हेतु राजस्थान सरकार गोवंशीय पशु अधिनियम, 1995 में संशोधन किया जाएगा। सरकार यह तय कर रही है कि गोवंश परिवहन प्रमाणित वाहनों से ही हो सके, जिससे की तस्करी पर रोक लग सके।
   पिछले कुछ सालों में राजस्थान से पड़ोसी राज्यों में गो तस्करी की घटनाएं बढ़ी है। प्रदेश सरकार इस मामले में शीघ्र ही केंद्र सरकार से भी आग्रह करेगी कि गोवंश की तस्करी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय स्तर पर सभी राज्यों के निर्देश जारी किए जाएं।
  मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सत्ता में आते ही गो तस्करी रोकने के लिए कड़े नियम बनाने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। गायों के संरक्षण के लिए अलग से गो सेवा आयोग एवं गो पालन विभाग बनाया गया। राज्य प्रशासनिक सेवा स्तर के अधिकारियों को इनमें तैनात किया गया है।


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शहरी क्षेत्रों में शीघ्र शुरू होगी वाई-फाई सेवाएं

   नई दिल्ली।। मोबाइल सुविधा को अधिक आसान बनाने तथा लोगों की समस्या को आईटी युक्त सरकारी कार्यालयों द्वारा निपटाने के उद्देश्य से नरेंद्र मोदी की सरकार शहरी क्षेत्रों तथा विश्वविद्यालयों में वाई फाई सेवाएं उपलब्ध कराएगी। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों तथा नगरीय निकायों को वाई फाई सेवाओं की लांचिंग के लिए सहयोग करने हेतु निर्धारित किया है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस में तेजी लाने के लिए वाई फाई की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। ई-गवर्नेंस भारतीय जनता पार्टी के चुनावी एजेंडा में शामिल था इसलिए सरकार इसे प्राथमिकता से शुरू करेगी। 
   सूत्रों के मुताबिक दूर संचार विभाग से संबंधित प्रस्ताव प्रधानमंत्री को सामने प्रस्तुत कर दिया है तथा अगले मार्च तक सक्षम प्राधिकारियों इस प्रोजेक्ट को अनुमोदित कर दिया जाएगा। हिमालय से लगे हुए राज्यों के गांव जहां पर मोबाइल फोन सेवा नहीं है ऐसे क्षेत्रों में मोबाइल सेवा उपलब्ध कराने के लिए दूर संचार विभाग कैबिनेट से अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजने की योजना बना रहा है। इसके अलावा नक्सल प्रभावित जिलों में 500 मोबाइल टावर लगाए जाने की योजना है। इस वर्ष 50 हजार पंचायतों को राष्ट्रीय आप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है।
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फिर गठबंधन की राजनीति करना चाहती है कांग्रेस

   नई दिल्ली।। लोकसभा चुनाव में हारने के बाद कांग्रेस एक बार फिर पारंपरिक गठबंधन की राजनीति के रास्ते पर है। सत्ता विरोधी लहर से जूझ रही यह पार्टी दूसरे दलों से सहयोग की बैसाखी के सहारे विधानसभा चुनावों की जंग लड़ने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के एकला चलो प्रयोग से तौबा कर चुकी पार्टी जल्दी ही कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में अन्य दलों को साथ लेकर भाजपा से मुकाबला करना चाहती है। हालांकि गठबंधन की राजनीति को लेकर राहुल के नकारात्मक रवैये और संभावित सहयोगियों के साथ उनके असहज रिश्तों को देखते हुए अन्य दलों को साधने का दायित्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने कंधों पर ले लिया है। रविवार को सोनिया गांधी की तरफ से दी गई इप:तार पार्टी में उपस्थित लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने भाजपा के खिलाफ बिहार में एक महागठबंधन की नींव रखी। बिहार में राजनीतिक और जातीय समीकरणों के हिसाब से काफी प्रभावी माने जाने वाले राजद-जदयू गठबंधन में कांग्रेस को भी सम्मानजनक भागीदारी मिली है। 
   अब तक कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी कर रही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी रुख में नरमी लाते हुए गठबंधन को सोनिया और राकांपा प्रमुख शरद पवार के बीच की बात बताकर नरमी के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अजित पवार ने कहा कि सीटों के बंटवारे पर हाल में हुई बैठक में राकांपा ने लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन के मद्देनजर दावा पेश किया है, लेकिन अंतिम निर्णय सोनिया और शरद की नई दिल्ली में होने वाली बैठक में लिया जाएगा। राहुल गांधी इप:तार पार्टी में भी कटे-कटे नजर आए। उन्होंने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता आनंद शर्मा के साथ दक्षिण अप्रसीकी दल से बातचीत को ज्यादा तवज्जों दी। बताया जाता है कि गठबंधन की राजनीति को लेकर राहुल के रवैये से कांग्रेस के सहयोगी माने जाने दल खासे असहज हैं। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राज्यों में पार्टी का अन्य दलों से गठबंधन न हो पाने के लिए राहुल गांधी और उनकी टीम को ही जिम्मेदार ठहराया गया था।
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उपहार के तौर पर दी संपत्ति पर कब्जा देना जरूरी नहीं - सुको

   नई दिल्ली।। अब अगर उपहार के जरिये कोई संपत्ति किसी को दी जाती है तो उसपर कब्जा देना जरुरी नहीं है। यह अहम फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि गिप:ट डीड का पंजीकरण होने व उस पर दो गवाहों के हस्ताक्षर होने के बाद संपत्ति का मालिकाना हक हस्तांतरित हो जाता है। मालिकाना हक हस्तांतरण के लिए संपत्ति पर कब्जा देना जरूरी नहीं है। संपत्ति हस्तांतरण कानून की व्याख्या करने वाला यह अहम फैसला न्यायमूॢत टीएस ठाकुर, न्यायमूॢत वी गोपाला गौड़ा व न्यायमूॢत सी नागप्पन की पीठ ने सुनाया है। कोर्ट ने संपत्ति पर कब्जा न दिए जाने के आधार पर 28 साल पहले किए गए संपत्ति के गिप:ट डीड को खारिज करने की मांग ठुकरा दी। 
   पीठ ने कहा कि कानून में कहीं नहीं कहा गया है कि उपहार में दी गई संपत्ति का मालिकाना हक उस संपत्ति पर कब्जा दिए बगैर नहीं हस्तांतरित हो सकता। संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम की धारा 123 में मालिकाना हक हस्तांतरित करने के लिए कब्जा देना जरूरी नहीं है। न ही गिप:ट डीड की कानूनी मान्यता के लिए ही कब्जा देने की अनिवार्यता है। पीठ ने कहा कि धारा 123 ङ्क्षहदू लॉ के उस उपबंध को समाप्त करती है, जिसमें उपहार में दी गई संपत्ति के हस्तांतरण के लिए कब्जा देना अनिवार्य है। संपत्ति हस्तांतरण कानून में संशोधन के बाद उपहार के मामले में सिर्फ मुस्लिम पर्सनल लॉ को ही संरक्षण मिला है ङ्क्षहदू व बौद्ध कानून के प्रावधानों को धारा 123 के प्रावधान निष्प्रभावी कर देते हैं। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में गिप:ट डीड रजिस्टर्ड थी और उस पर दो गवाहों के हस्ताक्षर भी थे। उपहार पाने वाले ने उसे स्वीकार भी किया था और संपत्ति का मालिकाना हक भी उसके हक में हस्तांतरित हो चुका है। 
   ऐसे में दानकर्ता के जीवित रहने तक संपत्ति के उपभोग की शर्त से न तो गिप:ट डीड गैरकानूनी होता है और न ही उपहार पाने वाले के मालिकाना हक पर कोई असर पड़ता है। मामला पर एक नजर आंध्र प्रदेश में वारंगल की रेनीकुंतला राजम्मा ने 1986 में अपनी अचल संपत्ति रजिस्टर्ड गिप:ट डीड के जरिये के सरवनम्मा को दे दी। शर्त यह थी कि राजम्मा अपने जीते जी संपत्ति का उपभोग करेगी और किराया लेती रहेगी। बाद में राजम्मा ने कोर्ट से गिप:ट डीड खारिज करने की मांग की। उसकी दलील थी कि इसे दबाव में कराया गया है। इसके अलावा संपत्ति पर अभी तक कब्जा नहीं दिया गया है, इसलिए गिप:ट डीड के जरिये संपत्ति का हस्तांतरण कानूनी नहीं है। ङ्क्षहदू लॉ में संपत्ति हस्तांतरण के लिए कब्जा देना अनिवार्य शर्त है। कोर्ट ने उसकी दलीलें खारिज कर दी।
5:21 PM | 0 comments | Read More

भारत में फेसबुक की कमाई सुनकर चौंक जाएंगे

  नई दिल्ली।। भारत में फेसबुक की कमाई सुनकर आप चौंक सकते हैं। अमेरिका के बाद फेसबुक इस्तेमाल करने वालों की बड़ी संख्या भारत में है। कुछ ऐसा ही हाल लिंक्डइन और ट्विटर का भी है।
   सोशल नेटवर्किंग की ये ‌दिग्गज कंप‌नियां भारत में बहुत बड़ा 'यूजर्स बेस' रखती हैं। बड़ी संख्या में यूजर होने के बाद भी कंपनियों की कमाई बहुत ही कम है। फेसबुक की पूरी कमाई में भारत का योगदान मात्र 0.1 फीसदी है। वैसे फेसबुक की कुल कमाई की बात करें तो कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजों में बताया है कि 30 जून को खत्म हुई तिमाही में फेसबुक की कुल आय 2.91 अरब अमेरीकी डॉलर रही।
   दुनिया भर से करीब 40 करोड़ ऐक्टिव यूज सिर्फ मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं। फेसबुक की कुल आबादी करीब 1.3 अरब यूजर है जिसमें से लगभग 10 करोड़ यूजर भारतीय हैं।
डिजिटल मार्केट में गूगल की कमाई सबसे ज्‍यादा:-
  डिजिटल मार्केट में कमाई के मामले में गूगल सबसे आगे है। भारत में लगभग 10 करोड़ फेसबुक यूजर्स हैं। लिंक्डइन का दूसरा सबसे बड़ा बाजार भारत ही है।
   ट्विटर के लिए भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनने के कगार पर है। हालांकि भार‌तीय उपभोक्ताओं से पैसे कमाने के मामले ये ‌तीनों ही कंपनियां फिसड्डी ह‌ैं। सोशल नेटवर्किंग बाजार में ये कंपनियां भारत से अपनी कुल कमाई का 0.1 फीसदी ही कमा पाती हैं।

5:20 PM | 0 comments | Read More

पार्षद के घर में मिली लाश


  भीलवाड़ा।। पार्षद के घर एक युवक की तीन दिन पुरानी लाश मिलने से हड़कम्प मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची।
    सूत्रों के अनुसार हरिजन बस्ती में रहने वाली पार्षद लीलादेवी सेन के मकान में मंगलवार दोपहर को 3 दिन पुरानी एक युवक की लाश मिली है। लाश मिलने की खबर पर कोतवाली से जगमाल सिंह मौके पर पहुंचे और लाश को महात्मा गांणी अस्पताल के चीरघर पहुंचाया। सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान अजमेर के फाईसागर के रहने वाले 24 वर्षीय संजीव कुमार पिता नरेन्द्र राणा के रुप में हुई है। वह पिछले सात माह से सेन का किरायेदार था और माॅडर्न मिल में काम करता था। तीन दिन पहले वह मकान में घुसा था और उसके बाद से नहीं निकला। आज जब उसे आवाज दी गई तो अन्दर से कोई हलचल नहीं हुई तब घटना का पता चला। प्रारम्भिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि मृतक राणा शराब पीने का आदी था। सम्भवतया उसने ज्यादा शराब पी ली जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जायेगा।
5:19 PM | 0 comments | Read More

सहारनपुर: ईद के मौके पर प्रशासन का कड़ा इम्तिहान



   सहारनपुर।। एक मामूली जमीन विवाद को लेकर भड़की दंगे की चिंगारी के बाद सहारनपुर के हालात मामूल की ओर लौट रहे हैं, फिलहाल ऐसा नहीं कहा जा सकता। इस मुद्दे पर आज सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पुलिस के आला अधिकारियों समेत राज्य के गृहमंत्री भी शामिल थे।
   सोमवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में क‌र्फ्यू में ढील के दौरान भीड़ जरुर उमड़ी, लेकिन दोनों समुदायों में विश्वास की खाई नजर आई। माना जा रहा है कि मंगलवार को ईद के चलते दिन का क‌र्फ्यू हटाया जा सकता है। अधिकारी दबी जुबान से मान रहे हैं कि अभी हालात ऐसे नहीं हैं, लेकिन ईद पर क‌र्फ्यू तो हटाना ही पड़ेगा। पूरा पुलिस महकमा इस मंथन में जुटा रहा कि मंगलवार को कोई अप्रिय वारदात न हो।
   भाजपा सांसद का आक्रामक रुख भी प्रशासन के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि मातम के माहौल में कोई त्योहार कैसे मनाया जा सकता है। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी आजम खान से लेकर ,कांग्रेस नेता इमरान मसूद पर दंगा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। इमरान भी इसका पलटवार कर रहें हैं। इससे प्रशासन की मुसीबतें कम होने के बजाय बढ़ रही हैं। सिख समुदाय के देशव्यापी प्रदर्शन और सहारनपुर कूच की चेतावनी को भी प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
    सहारनपुर के इतिहास में यह पहला मौका है जब ईद का चांद क‌र्फ्यू में दिखा, इसके बाद भी न तो लोग मनमाफिक खरीदारी करने बाहर निकल पाए और न ही करोड़ों रुपए का सामान अपनी दुकानों में लेकर बैठे व्यापारी दुकानों का ताला खोल पाए। शनिवार को हिंसा के कुछ देर बाद ही शहर में क‌र्फ्यू लगा दिया गया, इसके बाद हालात धीरे-धीरे काबू में आए, लेकिन आगजनी और लूटपाट की घटनाओं का सिलसिला नहीं थमा।
   सवाल है कि इतनी फोर्स की मौजूदगी में भी जब वारदातें नहीं थम रही हैं तो क‌र्फ्यू में पूरे दिन ढील के दौरान अराजक तत्व उसका फायदा उठा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए फोर्स की तैनाती क‌र्फ्यू जैसी ही रखी जाएगी, बस लोगों को आने-जाने दिया जाएगा। लेकिन सवाल है कि अगर कहीं विवाद की स्थिति बनी तो भीड़ और फोर्स में भी टकराव की स्थिति बन सकती है। ईद के दिन कुछ अप्रिय हुआ तो हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा, ये बात अधिकारी भी मानते हैं।
लेकिन अगर ईद के दौरान पूरा दिन ढील न दी गई तो भी लोगों में गुस्सा बढ़ेगा। इसका सियासी लोग अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे। शांति समिति में भाजपा पहले ही क‌र्फ्यू में ढील का विरोध कर चुकी है। भाजपा का आने वाला जांच दल भी प्रशासन की दिक्कत बढ़ाएगा। एक तरफ शासन का दबाव और दूसरी तरफ जमीन की सच्चाई दोनों में तालमेल बैठाना प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती है।


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गाय तेजाब से झुलसी हालत में मिली, हिन्दू संगठनों ने जताया रोष

   नागोर/बालोतरा।। बालोतरा के ओद्योगिक क्षेत्र में एक गाय तेजाब से झुलसी हालत में मिली हैं। मोके पर पहुचे गो सेवको ने गंभीर हालत से झुलसी गाय को इलाज के लिये नागोर के चिकित्सालय भिजवाया है। घटना से बालोतरा के गो सेवको, शिव सेनिको ओर आर एस एस कार्यकार्ताओ में रोष व्याप्त हैं।
    बाद में लोगो ने गाय को तेजाब से जलाने के आरोप में एक केमीकल फेक्ट्री के कर्मचारियो के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी है। लागो ने उपखंड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियो के खिलाफ कार्रवाही करने की मांग की है। फिलहाल माहोल पूरी तरह से शांत हैं। उपखंड अधिकारी व पुलिस उप अधिक्षक ने शहर के लोगो से शांती बनाए रखने ओर अफवाहो पर ध्यान नही देने की अपिल की है।
3:44 PM | 0 comments | Read More

पुलिस वाला बाबा

   रायबरेली।। कहते है की अध्यात्तम का ज्ञान मनुष्य को मोह माया से दूर कर देता है और वह इस भौतिक वादी संसार से दूर आत्म ज्ञान के प्रकाश में डूब जाता है एसा ही कुछ नजारा आज रायबरेली जिले में स्थित 25 वी वाहनी पीएसी के बगल मंदिर परिसर में दिखा। जहाँ इसी पीएसी में तैनात एक उपनिरक्षक धार्मिक प्रवचन करता हुआ दिखाई दिया। और लोगो के बीच ज्ञान का प्रकाश बाटने की बात कह सत्य के मार्ग पर चलने का आवाहन करता नजर आया। कथा वाचक उपनिरक्षक का पूरा परिवार उसके इस कार्य में शामिल होकर सहयोग कर रहा है। यह बात अलग है कि यह उपनिरक्षक वर्त्तमान समय में भी सरकारी नौकरी कर रहा है और जिले के ही पीएसी में तैनात है।
    लोगो के सामने धार्मिक प्रवचन देता यह प्रवचनकर्ता कोई बाबा नहीं बल्कि 25 वी वाहनी पीएसी में तैनात उपनिरक्षक है यह लोगो के बीच जा कर उनमे धर्म के प्रति आस्था व सत्य के मार्ग पर चलने का आवाहन करने का दवा करता है और अपने इस काम को वह पूरी तरह से जायज मानता है वही सरकारी नौकरी करते हुए धर्म के प्रचार के लिए समय निकलने की बात पर वह इस काम के लिए विभाग से छुट्टी लेने की बात कहता है। और उसका कहना है की जब इंसान के अंदर सत्य की अलख जागती है उसकी सारी बुराइया दूर हो जाती है मेरा यह प्रयास लोगो को सदबुद्धि दे। वही 25 वी वाहनी पीएसी के इस उपनिरक्षक के पुत्रो की माने तो यहाँ लोगो के बीच ज्ञान बाटा जाता है। मेरे पिताजी यह काम करते है गुरु के पास से जब मेरे पिता जी को जब यह ज्ञान प्राप्त हुआ तो उनोने इसे लोगो तक बाटने का काम किया उनका मानना है की मै सत्य के मार्ग से नहीं हटूंगा चाहे मुझे नौकरी से ही क्यों न निकाल दिया जाये।
   सरकारी नौकरी के साथ साथ धर्म का प्रचार करता यह उपनिरक्षक बत्ती लगी हुई गाड़ी से चलता है। इसके इस कथावाचन पर विभाग भी चुप्पी साधे हुए है। सरकारी विभाग में एक जिम्मेदार पद पर तैनात यह उपनिरक्षक अपनी नौकरी के साथ कितना न्याय कर पाता है यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
3:34 PM | 0 comments | Read More

शिव गौरी हनुमान देंगे अखंड सौभाग का वरदान


    श्रवण मास और भगवान शंकर का आपस में स्वभाविक रूप से जुडाव है। शंकर का प्रकृति के साथ संगम अर्थात जनक का प्रजनन के साथ युग्म भक्ति की ऐसी अविरल धारा जहां हर हर महादेव और बम बम भोल की गूंज से कष्टों का निवारण होता है। पौराणिक मतानुसार महेश्वर और माहेश्वरी और एकादश रुद्रावतार हनुमानजी को सावन का महीना बेहद प्रिय है जिसमें शिव-शक्ति अपने भक्तजनो पर अतिशय कृपा बरसाते हैं और हनुमान जी अपने भक्तों के भावी जीवन की रक्षा करते है। सनातन धर्म में सावन का महीना सर्वाधिक पवित्र माना जाता है यही कारण है कि मांसाहार करने वाले व्यक्ति भी इस मास में मांस का परित्याग कर देते है।
   सावन में शास्त्रसम्मत विधिवत पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक आधारभूत पर यूं तो शिव पूजन हेतु सावन का पूरा ही निर्धारित किया गया है। परंतु पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप सावन माह के शुक्लपक्ष के मंगलवार के दिन भगवान शंकर तथा मंगलगौर अर्थात सैदेव मंगल करने वाली गौरी और शंकरसुवन केसरीनंदन हनुमान जी के पूजन का विशेष महत्व कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में खासकर मंगलवार के दिन जो लोग मांगलिक दोष से पीड़ित है अगर विधिवत व्रत-उपवास और पूजा पाठ करें जैसे रुद्राभिषेक, शिव-चण्डि कवच पाठ, मंगलागौरी जाप इत्यादि, ती इसका का विशेष लाभ मांगलिक व्यक्तियों के दांपत्य जीवन पर होता है।
   शस्त्र अनुसार सावन के महीने में मंगलवार के दिन 'मंगला गौरी व्रत' की विधान बताया गया है। धार्मिक मत अनुसार इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अत: इस दिन माता मंगला गौरी का पूजन करके मंगला गौरी की कथा सुनना फलादायी माना गया है। पौराणिक मानयता अनुसार श्रावण मास में मंगलवार के दिन किए जाने वाले उपाय और पूजन मनुष्य के सुख-सौभाग्य में वृद्धि करते हैं। कंवारी कन्याएं भावी वर हेतु तथा शादीशुदा महिलाए सुखी दांपत्य जीवन हेतु खास तौर पर इस दिन पूजा उपाय और अनुष्ठान को करती है। सौभाग्य से जुडे़ होने की वजह से नवविवाहित दुल्हनें भी आदरपूर्वक एवं आत्मीयता से इस दिन शिव गौरी और हनुमानजी की पूजा उपासना करती है।
   सौभाग्य प्राप्ति उपाय: नित्य कर्मों से निवृत्त होकर लाल रंग के कोरे अथवा साफसुथरे कपडे पहने। आज एक ही समय अन्न ग्रहण करके पूरे दिन शिव पार्वती और हनुमान जी की आराधना करें। एक चौकी पर सफेद फिर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान शंकर, मां मंगला गौरी और हनुमानजी का चित्र स्थापित करें। गेहूं के आटे से बनाया हुआ सोलह रुई की बत्तियों वाला एक घी का दीपक प्रज्वलित रहें। यह मंत्र बोलते हुए शिव, मंगला गौरी और हनुमान जी का षोडशोपचार पूजन करें।
मंत्र: 'कुंकुमागुरुलिप्तांगा सर्वाभरणभूषिताम्। नीलकण्ठप्रियां गौरीं वन्देहं मंगलाह्वयाम्।।
   षोडशोपचार पूजन हेतु सामगी: शुद्ध जल, गंगाजल, धूप, दीपक, सिंदूर, कुमकुम (ध्यान रहे के भगवान शंकर पर कुमकुम कदापि न चढ़ाएं इसकी जगह लाल चंदन चढ़ाएं), आसान, मौली, यज्ञोपवीत, वस्त्र, उपवस्त्र, अक्षत, अबीर, गुलाल, मूंग, मसूर, रक्षा, कपूर, घी, दही, दूब, चीनी, पुष्प, पान, सुपारी, रूई, इत्र प्रसाद इत्यादि इनमे से जो श्रद्धापूर्वक उपलब्ध है वो चढ़ाएं।
   पूजन के पश्चात उनको शिव, मंगलागौरी और हनुमानजी को सभी वस्तुएं सोलह की संख्या में चढ़ाएं। मालाएं, लौंग, सुपारी, इलायची, फल, पान, लड्डू, सुहाग क‍ी सामग्री, चुडि़यां तथा मिठाई इत्यादि। इसके अलावा 5 प्रकार के सूखे मेवे (जैसे काजू, पिस्ता, किशमिश, मखाने, बादाम) चढ़ाएं। इसके बाद 7 प्रकार के अनाज (गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर) चढ़ाएं। पूजन के बाद इन तीन मंत्र का रुद्राक्ष की माला से एक-एक माला जाप करें जाप करें।
शिव मंत्र: ॐ ह्रं कामदाय वर्प्रियाय नमः शिवाय।
मंगलागौरी मंत्र: ह्रीं मंगले गौरि विवाहबाधां नाशय स्वाहा।
हनुमान मंत्र: क्रौं बीजात्मा नयनयोः पातु मां वानरेश्वरः हं हनुमते नमः।
   मंत्र जाप पूरा होने के बाद शिव-मंगलागौरी की कथा सुने तथा शिव, मंगलागौरी और हनुमानजी को गुड का भोग लगाएं। भोग लगते समय आखें बंद रखें तथा भोग लगे हुए गुड को किसी सफ़ेद गाय को खिलाएं। इस उपाय से निश्चित विवाह बाधा से मुक्ति मिलेगी। अविवाहित व्यक्तियों के विवाह के शीघ्र योग बनेगा तथा जो लोग मांगलिक दोष से पीड़ित है उहने निश्चित लाभ होगा।




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हिन्दू शास्त्र में ईश्वर पूजा के कुछ खास है विधान

   हमारे हिन्दू शास्त्र में ईश्वर पूजा के कुछ खास विधान दिए गए हैं. पथ पूजा तो सब करते हैं परन्तु यदि इन नियमों को ध्यान में रखा जाये तो उसी पूजा पथ का हम अत्यधिक फल प्राप्त कर सकते हैं.वे नियम कुछ इस प्रकार हैं:-
1 सूर्य, गणेश,दुर्गा,शिव एवं विष्णु ये पांच देव कहलाते हैं. इनकी पूजा सभी कार्यों में गृहस्थ आश्रम में नित्य होनी चाहिए. इससे धन, लक्ष्मी और सुख प्राप्त होता है.
2 गणेश जी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए.
3 दुर्गा जी को दूर्वा नहीं चढ़ानी चाहिए.
4 सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए.
5 तुलसी का पत्ता बिना स्नान किये नहीं तोडना चाहिए. जो लोग बिना स्नान किये तोड़ते हैं, उनके तुलसी पत्रों को भगवान स्वीकार नहीं करते हैं.
6 रविवार,एकादशी,द्वादशी ,संक्रान्ति तथा संध्या काल में तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए.
7 दूर्वा( एक प्रकार की घास) रविवार को नहीं तोड़नी चाहिए.
8 केतकी का फूल शंकर जी को नहीं चढ़ाना चाहिए.
९ कमल का फूल पाँच रात्रि तक उसमें जल छिड़क कर चढ़ा सकते हैं.
10 बिल्व पत्र दस रात्रि तक जल छिड़क कर चढ़ा सकते हैं.
11 तुलसी की पत्ती को ग्यारह रात्रि तक जल छिड़क कर चढ़ा सकते हैं.
12 हाथों में रख कर हाथों से फूल नहीं चढ़ाना चाहिए.
13 तांबे के पात्र में चंदन नहीं रखना चाहिए.
14 दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए जो दीपक से दीपक जलते हैं वो रोगी होते हैं.
15 पतला चंदन देवताओं को नहीं चढ़ाना चाहिए.
16 प्रतिदिन की पूजा में मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए. दक्षिणा में अपने दोष,दुर्गुणों को छोड़ने का संकल्प लें, अवश्य सफलता मिलेगी और मनोकामना पूर्ण होगी.
17 चर्मपात्र या प्लास्टिक पात्र में गंगाजल नहीं रखना चाहिए.
18 स्त्रियों और शूद्रों को शंख नहीं बजाना चाहिए यदि वे बजाते हैं तो लक्ष्मी वहां से चली जाती है.
19 देवी देवताओं का पूजन दिन में पांच बार करना चाहिए. सुबह 5 से 6 बजे तक ब्रह्म बेला में प्रथम पूजन और आरती होनी चाहिए. प्रात:9 से 10 बजे तक दिवितीय पूजन और आरती होनी चाहिए, मध्याह्र में तीसरा पूजन और आरती,फिर शयन करा देना चाहिए शाम को चार से पांच बजे तक चौथा पूजन और आरती होना चाहिए,रात्रि में 8 से 9 बजे तक पाँचवाँ पूजन और आरती,फिर शयन करा देना चाहिए.
20 आरती करने वालों को प्रथम चरणों की चारबार, नाभि की दो बार और मुख की एक या तीन बार और समस्त अंगों की सात बार आरती करनी चाहिए
21 पूजा हमेशा पूर्व या उतर की ओर मुँह करके करनी चाहिए, हो सके तो सुबह 6 से 8 बजे के बीच में करें
22 पूजा जमीन पर ऊनी आसन पर बैठकर ही करनी चाहिए, पूजागृह में सुबह एवं शाम
को दीपक,एक घी का और एक तेल का रखें.
23 पूजा अर्चना होने के बाद उसी जगह पर खड़े होकर 3 परिक्रमाएँ करें.
24 पूजाघर में मूर्तियाँ 1, 3, 5, 7, 9, 11 इंच तक की होनी चाहिए, इससे बड़ी नहीं तथा खड़े हुए गणेश जी, सरस्वतीजी, लक्ष्मीजी, की मूर्तियाँ घर में नहीं होनी चाहिए.
25 गणेश या देवी की प्रतिमा तीन तीन, शिवलिंगदो, शालिग्राम दो, सूर्य प्रतिमा दो, गोमती चक्र दो की संख्या में कदापि न रखें.अपने मंदिर में सिर्फ प्रतिष्ठित मूर्ति ही रखें उपहार,काँच, लकड़ी एवं फायबर की मूर्तियां न रखें एवं खण्डित, जलीकटी फोटो और टूटा काँच तुरंत हटा दें, यह अमंगलकारक है एवं इनसे विपतियों का आगमन होता है.
26 मंदिर के ऊपर भगवान के वस्त्र, पुस्तकें एवं आभूषण आदि भी न रखें मंदिर में पर्दा अति आवश्यक है अपने पूज्य माता --पिता तथा पित्रों का फोटो मंदिर में कदापि न रखें,उन्हें घर के नैऋत्य कोण में स्थापित करें .
27 विष्णु की चार, गणेश की तीन,सूर्य की सात, दुर्गा की एक एवं शिव की आधी परिक्रमा कर सकते हैं
28 प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में कलश स्थापित करना चाहिए कलश जल से पूर्ण, श्रीफल से युक्त विधिपूर्वक स्थापित करें यदि आपके घर में श्रीफल कलश उग जाता है तो वहाँ सुख एवं समृद्धि के साथ स्वयं लक्ष्मी जी नारायण के साथ निवास करती हैं
तुलसी का पूजन भी आवश्यक है
29 मकड़ी के जाले एवं दीमक से घर को सर्वदा बचावें अन्यथा घर में भयंकर हानि हो सकती है
30 घर में झाड़ू कभी खड़ा कर के न रखें झाड़ू लांघना, पाँवसे कुचलना भी दरिद्रता को निमंत्रण देना है दो झाड़ू को भी एक ही स्थान में न रखें इससे शत्रु बढ़ते हैं
31 घर में किसी परिस्थिति में जूठे बर्तन न रखें. क्योंकि शास्त्र कहते हैं कि रात में लक्ष्मीजी घर का निरीक्षण करती हैं यदि जूठे बर्तन रखने ही हो तो किसी बड़े बर्तन में उन बर्तनों को रख कर उनमें पानी भर दें और ऊपर से ढक दें तो दोष निवारण हो जायेगा
32 कपूर का एक छोटा सा टुकड़ा घर में नित्य अवश्य जलाना चाहिए,जिससे वातावरण अधिकाधिक शुद्ध हो: वातावरण में धनात्मक ऊर्जा बढ़े.
33 घर में नित्य घी का दीपक जलावें और सुखी रहें
34 घर में नित्य गोमूत्र युक्त जल से पोंछा लगाने से घर में वास्तुदोष समाप्त होते हैं तथा दुरात्माएँ हावी नहीं होती हैं
35 सेंधा नमक घर में रखने से सुख श्री(लक्ष्मी) की वृद्धि होती है
36 रोज पीपल वृक्ष के स्पर्श से शरीर में रोग प्रतिरोधकता में वृद्धि होती है
37 साबुत धनिया, 2हल्दी की पांच गांठें,11 कमलगट्टे तथा साबुत नमक एक थैली में रख कर तिजोरी में रखने से बरकत होती है श्री (लक्ष्मी) व समृद्धि बढ़ती है.
38 दक्षिणावर्त शंख जिस घर में होता है, उसमे साक्षात लक्ष्मी एवं शांति का वास होता है
वहाँ मंगल ही मंगल होते हैं पूजा स्थान पर दो शंख नहीं होने चाहिएँ.
39 घर में यदा कदा केसर के छींटे देते रहने से वहां धनात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है पतला घोल बनाकर आम्र पत्र अथवा पान के पते की सहायता से केसर के छींटे लगाने चाहिएँ.
40 एक मोती शंख,पाँच गोमती चक्र, तीन हकीक पत्थर,एक ताम्र सिक्का व थोड़ी सी नागकेसर एक थैली में भरकर घर में रखें श्री (लक्ष्मी) की वृद्धि होगी.
41 आचमन करके जूठे हाथ सिर के पृष्ठ भाग में कदापि न पोंछें, इस भाग में अत्यंत महत्वपूर्ण कोशिकाएँ होती हैं.
42 घर में पूजा पाठ व मांगलिक पर्व में सिर पर टोपी व पगड़ी पहननी चाहिए, रुमाल विशेष कर सफेद रुमाल शुभ नहीं माना जाता है.
43 घर में आज से कोई ना कोई हथियार संभाल कर रक्खो आने वाले दिनों में आपकी सुरक्षा करेगा ।।।
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सबको भेज दो सीमाओं पर ....

  कोई सा चैनल खोल लो, तत्काल हाजिर हो जाएंगे ऎसे ऎसे सिद्ध तांत्रिक, बाबा और चमत्कारिक महापुरुष, जिनके हनुमान कवचों, गण्डों, ताबीजों और यंत्रों के बारे में इतना महिमा मण्डन किया जाता है कि समझदारों को अजीर्ण ही होने लगता है और अंधविश्वासियों की बाँछें खिल जाती हैं। इन सभी लोगों और इनके बनाए कवचों और यंत्रों के साथ ही इन सिद्धों का हम देश की सेवा में नहीं जोड़ पा रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य हमारा क्या हो सकता है। दैवदूतों के देश में दैवदूतों की ऎसी उपेक्षा नहीं होनी चाहिए।
   हनुमान कवच और दूसरे यंत्र रखने की बजाय क्यों न इन कवचों और यंत्रों को बनाने वाले तांत्रिकों और सिद्धों को ही पाकिस्तान और चीन सीमा तथा देश की सभी सीमाओं, अलगाववादी और नक्सलवादी क्षेत्रों में आश्रम बनाकर वहाँ रखा जाए ताकि हम सभी देशवासी निश्चिन्त होकर रह सकें। देश का रक्षा खर्च भी इससे कम होगा। यह रक्षा खर्च इन सिद्धों और तांत्रिकों, कवच तथा गण्डे ताबीज बनाने वालों पर खर्च किया जा सकता है। सरकार को चाहिए कि देश भर में टीवी, मीडिया, प्रिन्ट मीडिया, सोशल मीडिया और तमाम माध्यमों में आने वाले विज्ञापनों के लिए निगरानी आयोग बिठा कर सभी को चिह्नित कर इनकी सूची बनाएं और सरकारी खर्च पर इन सारे लोगों को सीमा पर भेज कर बसाए। इसके साथ उन लोगों को भी इनके साथ ही भेजा जाना चाहिए जो कि इनके विज्ञापन करते हैं, इनका प्रचार करते हैं। इससे सीमाओं पर चरम शांति और सुकून मिलेगा तथा ये सीमाएं पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित होंगी। इससे देश के पर्यटन विकास को भी बल मिलेगा और हमारी आर्थिक विकास दर बढ़ पाएगी। हमारे देश में महान-महान सिद्ध, तांत्रिक और गण्डे-ताबीज वाले लाखों की संख्या में विद्यमान हैं। भगवान ने ऎसे-ऎसे दैवदूत और रक्षक हमारे लिए छोड़ रखे हैं फिर भी हम उनका लाभ नहीं लें तो ये भगवान की गलती नहीं है, हमारी अपनी ही कमजोरी है। इस समय इन सभी लोगों को कश्मीर, इजरायल और इराक भेजे जाने में तनिक भी विलंब नहीं किया जाना चाहिए, विश्व शांति से जुड़ा मामला है।
 
 
(डॉ. दीपक आचार्य)
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UPSC के CSAT पर माथापच्ची में जुटी सरकार, आंदोलनकारी छात्रों के हक में फैसला मुमकिन

   नई दिल्ली।। यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा में हिंदीभाषी छात्रों के साथ कथि‍त भेदभाव के मसले पर सरकार माथापच्ची में जुटी है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अफसरों की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्रियों ने अहम बैठक की. सीसैट पर आंदोलनकारी छात्रों के हक में फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है.
   सिविल सर्विसेज के उम्मीदवारों की नाराजगी ने जब केंद्र सरकार को परेशान किया, तो मसले का हल निकालने के लिए बैठकों का दौर शुरू हुआ. सरकार में नंबर दो और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर पर उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में वित्तमंत्री अरुण जेटली और पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे.
   मंत्रियों के अलावा पीएमओ के कुछ सीनियर अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे. सूत्र बताते हैं कि राजनाथ सिंह के घर हुई बैठक में सीसैट विवाद का जल्द से जल्द हल निकाले जाने को लेकर चर्चा हुई. यूपीएससी के सीसैट विवाद को लेकर सरकार ने कमेटी को पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपे.
   दरअसल, 2011 से यूपीएससी सीसैट यानी सिविल सर्विसेज एप्टीच्यूड टेस्ट लेता है. हिंदीभाषी छात्र इस टेस्ट को लेकर आरोप लगाते हैं कि पेपर का हिंदी अनुवाद ठीक से नहीं होता और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस साल मार्च में यूपीए सरकार ने सीसैट को लेकर एक कमेटी बनाई, लेकिन अभी तक कमेटी ने कोई रिपोर्ट नहीं दी है. नई सरकार आई, तो उसने छात्रों को भरोसा दिया कि मसले का हल निकाला जाएगा. लेकिन इस बीच यूपीएससी ने प्रिलिम्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए, जिससे बवाल बड़ा हो गया.
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डब्ल्यूटीओ में भारत के रुख से अमेरिका बौखलाया

   नई दिल्ली।। भारत ने विश्व व्यापार संगठन को स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने खाद्य सुरक्षा मुद्दे के स्थायी समाधन के बिना व्यापार सुधार करार (टीएफए) का अनुमोदन नहीं करेगा। भारत के इस रुख से अमेरिका बौखला गया है और चेतावनी दे डाली है कि इससे वैश्विक स्तर पर व्यापार सुधार खतरे में पड़ सकता है। भारत ने कहा है कि पिछले सात महीने में खाद्य सुरक्षा के उद्देश्य से सरकारी खाद्यान्न भंडारण के मुद्दे पर कोई प्रगति नहीं हुई है। खाद्यान्न भंडारण के लिए डब्ल्यूटीओ के नियमों में संशोधन भारत जैसे देश के लिए खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को लागू करने के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि अमेरिका ने भारत का सीधे नाम नहीं लिया है लेकिन कहा है कि इस रुख से व्यापार सुधार के प्रयास को झटका लगेगा।
   भारत ने इसके साथ ही गरीब देशों के लाखों लोगों के जीवनस्तर को प्रभावित करने वाले मुद्दों के समाधान पर जोर देते हुए जेनेवा में संपन्न दो दिन की आम परिषद की बैठक में कहा कि लाखों लोगों की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालना ठीक नहीं है। भारत के इस रुख से विकसित देशों के लिए व्यापार सुधार संधि के क्रियान्वयन के अपने एजेंडे पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा। इसके कारण इस संधि का क्रियान्वयन एक और समय सीमा पर नहीं हो सकेगा। विश्व व्यापार संगठन को इस संधि को 31 जुलाई तक अनुमोदित करना है। डब्ल्यूटीओ में भारतीय राजदूत अंजलि प्रसाद ने कहा, "हम इस संधि पर सदस्यों की चिंताओं को समझते हैं और उन्हें दूर करने के लिए मेरे प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि इसे खाद्य सुरक्षा मुद्दे के स्थायी समाधान तक टाला जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि पिछले सात महीने में खाद्य सुरक्षा के उद्देश्य से सरकारी खाद्यान्न भंडारण के मुद्दे पर कोई प्रगति नहीं हुई है। खाद्यान्न भंडारण के लिए डब्ल्यूटीओ के नियमों में संशोधन भारत जैसे देश के लिए खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को लागू करने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
   डब्ल्यूटीओ के मौजूदा नियमों के तहत खाद्यान्न सब्सिडी कुल खाद्यान्न उत्पादन के मूल्य का 10 फीसदी है। हालांकि इस सब्सिडी की गणना दो दशक पुराने मूल्य पर की जाती है। भारत खाद्यान्न सब्सिडी की गणना के लिए आधार वर्ष 1986 में बदलाव की मांग कर रहा है। अमेरिका कृषि सब्सिडी के रूप में 120 अरब डॉलर देता है जबकि भारत सिर्फ 12 अरब डॉलर ही दे पा रहा है। व्यापार सुधार की अंतिम संधि अमेरिका तथा आस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों को अधिक पसंद है। डब्ल्यूटीओ सदस्यों ने इसे पूरा कर दिया है लेकिन भारत की खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर एक भी बैठक नहीं हुई है।
    अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे विकसित देश व्यापार सुधार संधि के अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं और गरीब अर्थव्यवस्थाओं की चिंताओं को अनदेखा कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की अगुवाई वाले 25 देशों के समूह ने चेताया है कि इससे हटने का फैसला किसी के हित में नहीं होगा। इससे भविष्य की योजनाओं पर निर्णय करने की डब्ल्यूटीओ की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़ा होगा। इसके अलावा इससे डब्ल्यूटीओ सदस्यों को इस संधि के क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाने की नई पहल भी बाधित होगी। ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व वाले इस समूह ने बयान में कहा है कि दोहा दौर की वार्ताओं के लिए बाली कार्य योजना की प्रगति की संभावनाओं का भी इससे रास्ता रूकेगा। इसके अलावा मंत्रियों ने बाली में जो फैसले किए हैं उन पर भी असर पड़ेगा।
रार की वजह
   भारत खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर समझौता नहीं करना चाहता, जबकि अमेरिका समेत विकसित देशों के समूह का कहना है कि भारत जैसे देशों की ओर से इस पर नरमी दिखाए बगैर अगले दौर के व्यापार सुधार समझौतों को आगे बढ़ाना मुश्किल है।
क्या होगा असर?
   भारत के इस रुख से विकसित देशों के लिए व्यापार सुधार संधि के क्रियान्वयन के अपने एजेंडे पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा। इसके कारण इस संधि का क्रियान्वयन एक और समय सीमा पर नहीं हो सकेगा। विश्व व्यापार संगठन को इस संधि को 31 जुलाई तक अनुमोदित करना है।
दूसरे को उपदेश
  अमेरिका भारत पर कृषि सब्सिडी कम करने का दबाव बना रहा है। जबकि अमेरिका कृषि सब्सिडी के रूप में 120 अरब डॉलर देता है जबकि भारत सिर्फ 12 अरब डॉलर ही दे पा रहा है।





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UP रेप केस में हुआ बड़ा खुलासा, खुली अखिलेश यादव के पुलिस की पोल

   लखनऊ।। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में महिला की दरिंदगी से की गई हत्या के मामले में आई फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस की कहानी तार तार हो गई। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में महिला से बलात्कार किए जाने की पुष्टि हुई है तथा उसके नाखून में एक से अधिक मनुष्य की कोशिकाएं पाई गई हैं। रिपोर्ट के खुलासे के साथ ही अब तक किए गए पुलिस के दावों को फिलहाल झुठला सा दिया है हालांकि एसएसपी प्रवीण कुमार फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने की बात से इन्कार कर रहे हैं।
  मोहनलालगंज कांड में पुलिस ने एक अपार्टमेन्ट के गार्ड रामसेवक को गिरफ्तार कर दावा किया था कि बलात्कार में असफल रहने के कारण उसने यह दुस्साहसिक वारदात की थी। पुलिस का दावा किया था कि रामसेवक ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया। उसने हेलमेट व बाइक की चाबी से हमला कर महिला को लहूलुहान कर दिया था और अत्याधिक रक्तस्राव से महिला की मौत हो गई। पुलिस ने रामसेवक के खिलाफ पर्याप्त फोरेंसिक व इलेक्ट्रानिक साक्ष्य होने का भी दावा किया था।
1:41 PM | 0 comments | Read More

'सिंघम रिटर्न्स’ चलचित्र पर प्रतिबन्ध न लाया जाने पर राष्ट्रव्यापी आन्दोलन


हिन्दू सन्तों का अनादर और मस्जिद का उदात्तीकरण नहीं होगा स्वीकार 
  मुंबई।। १५ अगस्तको प्रसिद्ध हो रहे ‘सिंघम रिटर्न्स’ चल चित्र का आजकल विज्ञापन हो रहा है। इस विज्ञापन से ध्यान में आया है कि इस चल चित्र में जातियतावाद भडकाने वाले दृश्य हैं। चल चित्र में खलनायक की भूमिकामें हिन्दू सन्तोंको दिखाया गया है। इतना ही नहीं, अपितु चलचित्र का नायक अजय देवगण उन्हें अत्यन्त हीन भाषा में धमकी भी देता है कि, ‘‘मैं तेरा दो कौडीका प्रवचन सुनने नही आया हूं।’’ और दूसरी ओर वही नायक पुलिस के गणवेश में अन्य सहयोगियों के साथ इस्लाम पन्थकी गोल टोपी पहनकर बडे गौरव से नमाज पठन करता है और बाहर आकर मस्जिद की ओर देखकर ‘सैल्यूट’ भी करता है। यह कौनसी धर्मनिरपेक्षता है ? इसलिए जातियतावाद उत्पन्न करने के साथ ही समाज पर कुसंस्कार करने वाले इस चलचित्र पर प्रतिबन्ध लगाया जाए, ऐसी मांग करने वाला निवेदन हिन्दू जनजागृति समिति ने केन्द्रीय चलचित्र परीनिरीक्षण मण्डलको (सेन्सॉर बोर्ड को) और चलचित्र का प्रसारण करने वाले ‘रिलायन्स इण्टरटेन्मेण्ट’ नामक प्रतिष्ठान को भी दिया है। इस मांग का स्वीकार न किया जानेपर चलचित्र के विरोध में ३ अगस्त को राष्ट्रव्यापी आन्दोलन छेडा जाएगा।
बाजीराव नहीं, ‘गाजी’राव सिंघम
  स्वयं को ‘मराठा’ कहलाने वाले बाजीराव सिंघम ने इस चलचित्र के माध्यम से छ. शिवाजी महाराज की सन्तों का आदर करने की शिक्षा की अवमानना की है और उसे बाजीराव नहीं, गाजीराव कहना चाहिए। इस चलचित्र के निर्माता में यदि साहस होगा, तो वह हिन्दू सन्तों को खलनायक दिखाने की अपेक्षा किसी मौलाना अथवा पाद्री को खलनायक की भूमिका में दिखाकर देखें !
   सदैव हिन्दू धर्मकी अवमानना की उपेक्षा करने वाला और ‘सेन्स’ के अभाव युक्त सेन्सॉर बोर्ड इस चलचित्र के प्रसिद्धी के समय होने वाली कानून की सुव्यवस्था की स्थिति को उत्तरदायी होगा। इसलिए उसे ही निर्माता को इस चलचित्र में परिवर्तन करने के लिए बाध्य करना चाहिए। इस सन्दर्भ में सर्व हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एकत्रित हो रहे हैं और हिन्दू देवता, सन्तों के साथ संस्कृति सम्बन्धी किसी भी विषय की अवहेलना सहन नहीं की जाएगी।​

प्रेषक
हिन्दू जाग्रति समिति
Hindu Janajagruti Samiti : For establishment of Hindu Rashtra




1:39 PM | 0 comments | Read More

धर्म पूछकर स्कूली छात्रों पर बरसाए सरिये

बस में सवार सभी स्कूली छात्रों के नाम व धर्म पूछकर बस से नीचे उतार लिया और पीटने लगे।
   शामली।। सोमवार सुबह झिंझाना क्षेत्र के केरटू गांव में बस किराये के विवाद में परिचालक ने साथियों के साथ मिलकर स्कूली छात्रों पर सरियों से हमला बोल दिया। हमलावरों ने कथित तौर पहले छात्रों से उनका धर्म पूछा और फिर पीटने लगे। मारपीट में छह छात्र घायल हो गए। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ बलवा करने के आरोप में केस दर्ज किया है। जैनपुर गांव के रहने वाले ये छात्र सुबह स्कूल जाने के लिए झिंझाना की एक निजी बस में सवार हुए थे। आरोप है कि परिचालक ने इनसे तय से अधिक भाड़े की मांग की। विरोध करने पर परिचालक ने गांव केरटू में फोन कर दिया व बस को गांव के बाहर रोक लिया। गांव से दो कार में करीब 20 लोग अवैध असलहे व सरिये लेकर आ गए। बस में सवार सभी स्कूली छात्रों के नाम व धर्म पूछकर बस से नीचे उतार लिया और पीटने लगे। पूरे प्रकरण का पता लगते ही सैकड़ों की तादाद में छात्र पक्ष के लोग केरटू पहुंच गए व दो घंटे तक हाइवे जाम रखा। एसओ बीपी यादव के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। तनाव के चलते गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल को मुजफ्फरनगर रेफर किया गया है।
27 लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
  केरटू प्रकरण में जैनपुर बबलू की ओर से दिए तहरीर पर परिचालक नफीस, चालक राशिद और उसके समर्थकों सहित 27 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें 18 नामजद हैं। पुलिस के अनुसार अज्ञात आरोपियों में से एक हारुन बलवा करने में था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त एक कार भी बरामद की गई है। सीओ झिंझाना शिष्य पाल सिंह और कैराना के एसडीएम सुरेशचंद्र मिश्र का कहना है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बस को भी सीज कराया जाएगा।
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ऊंटों से भरा ट्रक पकड़ा गौ रक्षा दल और पुलिस में ठनी

   भादरा।। देश की रक्षा के लिए सेना के नौजवानो और समाज की रक्षा के लिए पुलिस की व्यवस्था की गयी है| सेना तो अपना काम करती है मगर पुलिस की कार्यप्रणाली हमेशा से ही संदेह के घेरे मे घिरी रहती है|
"आमजन मे डर अपराधियों मे विश्वास "
ये शब्द भादरा पुलिस के बारे मे सटीक बैठते हैं |
    जहाँ एक तरफ सरकार ने को राजकीय पशु घोषित किया है वहीं भादरा पुलिस पशु तस्करों को गिरफ्तार करके अंकुश लगाने की जगह कल रात स्वयम् इन तस्करों के पक्ष मे दिखी |
   बीती रात भादरा के किराङाबङा गाँव मे कल रात को 10 बजे ग्रामीणो ने एक उंटो से भरे ट्रक HR 55 T 6885 को रोका| जिसकी सूचना NCIF और गौरक्षा दल की टीम को दी गयी | मौके पर पहुँची संयुक्त टीम ट्रक HR 55 T 6885 को रोका जिसमे 13 ऊटो को ठुस ठुस कर भरा हुआ था। गाँव वालो की सुचना पर पहुंची पुलिस ने मोके पर ही मामले को दबाने की कोशिश की और गाँव वालो को वहाँ से खदेङ दिया लेकिन पशु प्रेमी युवको ने पुलिस की मिलीभगत को देखते हुये ट्रक के टायर की हवा निकाल दी जिससे ड्राईवर खतरे कि आंशका से मौके सेभाग गया |
    मौके पर उपस्थित लोगो का कहना है की यह सब पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते हो रहा है और रात मे पुलिस का व्यवहार बहुत ही शर्मनाक था | भादरा पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा गौरक्षा दल के सदस्यों के साथ गालीगलोच किया गया और गौरक्षा दल जिलाध्यक्ष हनुमानगढ़ संदीप लाम्बा को भी गिरफ़तार कर लिया गया | संदीप के साथ नशे मे धुत पुलिस स्टाफ ने मारपीट की और झूठे केस मे फँसाने की धमकी देते हुए गिरफ्तार कर लिया| पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के चलते यही ट्रक HR 55 T 6885 पिछले दिनो मे दो बार पकङा जा चुका है| पोलिस पर गौरक्षा दल ने आरोप लगाया की अगर ड्राईवर व तस्कर चाबी लेकर नही भागते तो पुलिस उन्हे गतंव्य स्थान तक पहुंचाने मे मदद करती है |





1:12 PM | 0 comments | Read More

चुनाव में एक्टर गोविंदा की हार के पीछे था अंडरवर्ल्ड'

  मुंबई।। पूर्व केंद्रीय मंत्री राम नाइक का मानना है कि 2004 में जब वह लोकसभा चुनाव हार गए थे तो इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का प्रभाव था। यू.पी. के नवनियुक्त राज्यपाल और वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे नाइक ने कहा कि एक्टर गोविंदा से उनकी हार के पीछे अंडरवल्र्ड का असर था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपालों को केंद्र सरकार के बदलते ही इस्तीफा दे देना चाहिए।
   एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के ‌मुताबिक, राम नाइक ने बताया, '10 साल पहले गोविंदा के खिलाफ हार के बारे में आज मैं जो भी कहूंगा, उसे महज बहाना माना जाएगा। फिर भी, मैं यह बताना चाहूंगा कि मुझे हराने के लिए अंडरवर्ल्ड एक साथ खड़ा हो गया था।' 2014 लोकसभा चुनाव न लड़ने पर राम नाइक ने कहा, 'मैंने बहुत लंबे समय तक सक्रिय राजनीति की, अब मुझे दूसरों को रास्ता देना था।' पांच बार लोकसभा सांसद रह चुके राम नाइक के पास पेट्रोलियम और रेलवे जैसे बड़े मंत्रालय भी रह चुके हैं।


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संचार क्रांति का कमाल- ॐ मोबाइल देवाय नमः

पण्डे-पुजारी और बाबाओं का मोबाइल प्रेम
   ईश्वर को देखना-सुनना और अनुभव करना अब दूर की बातें हो गई हैं। आजकल मन्दिरों में भगवान की सेवा पूजा करने वाले, पूजा-पाठ-यज्ञ-अनुष्ठान, जप-तप करने वाले और ध्यान भजन सत्संग से ईश्वर को पाने या दूसरों को ईश्वरीय शक्तियां दिलाने वाले सारे महान दैवदूतों के लिए अब पूजा-पाठ की सामग्री से भी कहीं ज्यादा महत्त्व रखने लगा है मोबाइल। भले ही यह कहा जाए कि पूजा-पाठ और साधना, जप-तप करते हुए भगवान और साधक के बीच न कोई इंसान होना चाहिए, न कोई उपकरण। लेकिन अक्सर इन सभी के बीच किसी न किसी का मोबाइल बजता रहता है, भजन-पूजन और भगवान का सामीप्य छोड़कर मोबाइल पर बतियाने का दौर बना रहता है। कोई सा पण्डित ऎसा नहीं होगा जिसके पास मोबाइल न हो। ईश्वरीय साधनाओं और इन पण्डितों की बरसों की तपस्या का ही फल है कि मोबाइल का आविष्कार हुआ और उसके माध्यम से अष्ट सिद्धि-नवनिधि की कल्पना साकार हुई। 
   पण्डितों और पुजारियों के गले में माला, जनेऊ या कण्ठी हो न हो, मोबाइल लटका हुआ जरूर मिल जाएगा। दूरश्रवण कर्म भी महानतम सिद्धि है और इसे अष्ट सिद्धियों में गिना गया है। यह सब इनकी तपस्या का ही फल है। सच है कि साधना और भजन-पूजन व्यर्थ नहीं जाता। फिर भगवान तो मूर्ति में है, कुछ करें न करें, पूजा-पाठ और यज्ञ-अनुष्ठान-साधना के दौरान मोबाइल पर बात करना ज्यादा जरूरी है क्योंकि मनुष्य में ही भगवान का वास होता है, फिर यदि मोबाइल पर बात न करें तो यह प्रकारान्तर से भगवान का अपमान ही है। अपनी साधना जब सफलता पाने लगती है तो वह यजमानों को प्रेरित कर अपनी ओर आकर्षित करने लगती है। ऎसे में भगवान खुद तो न्योता देने नहीं आ सकते, वे मोबाइल के माध्यम से ही यजमानों से सीधा संपर्क करवा देते हैं। हम सभी यजमान लोग धन्य हैं कि हमारे अपने पण्डितों के पास मोबाइल हैं वरना हमें एपोइंटमेंट लेने के लिए उनके घरों तक पहुंचने की विवशता रहा करती थी। अब तो मोबाइल पर दान-दक्षिणा और हिसाब तय कर लिया और पूजा शुरू। मोबाइल पर ही बैंक अकाउंट भी एसएमएस से आ ही जाता है। अब तो मोबाइल पर ही संकल्प और आशीर्वाद दिए जाने की परंपरा भी परवान पर चढ़ी हुई है। भगवान से बड़ा है अपना मोबाइल। ईश्वर अपने इस प्रतिनिधि मोबाइल को हमेशा आबाद रखे। उन दैवदूतों को भी बरकत दे जिनकी वजह से यजमानों और पण्डितों के बीच की दूरियां समाप्त हो गई हैं। यह कितनी अच्छी बात है कि पोंगापंथी कहे जाने वाले पण्डे-पुजारी और पण्डित-साधक जमाने की रफ्तार के साथ हैं।
 
 
(डॉ. दीपक आचार्य)
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कमरा नंबर 707 चलता था हाई प्रोफाइल SEX रैकेट

   जयपुर।। राजस्थान की राजधानी जयपुर में टोंक रोड स्थित होटल मेरिएट में रविवार को पुलिस ने हाई प्रोफाइल कॉलगर्ल रैकेट का भंडाफोड़ कर मुम्बई निवासी युवती को वेश्यावृत्ति में गिरफ्तार कर लिया। युवती एक एजेंट के बुलावे पर 20 जुलाई को जयपुर आई थी। पुलिस पकड़ी गई युवती और एक कार मालिक से पूरे रैकेट के बारे में पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है युवती को तीन घंटे के चालीस हजार रूपए तक दिए जाते थे।
   सांगानेर एसीपी बाघ सिंह ने बताया कि होटल के एक कमरे में ठहरी युवती की गतिविधियां संदिग्ध होने की सूचना मिली थी। सुराग तलाश करने पर एक एजेंट का फोन नंबर मिला। उससे बात की गई तो पेमेंट और ठिकाने की जानकारी मिली। फिर वहां एक पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर भेजा। संकेत मिलने पर देर शाम होटल के कमरा नंबर 707 में पुलिस ने छापा मार युवती और एक अन्य युवक को पकड़ लिया। यह कमरा इंदर सिंह नाम से बुक था। पकड़ी गई युवती मुम्बई के वर्ली स्थित हिलटॉप क्षेत्र में रहती है। उसके पास से 1.70 लाख रूपए भी बरामद हुए। जबकि गिरफ्तार युवक धर्मा रोहतक के सुभाष नगर का मूल निवासी है, यहां हीरापुरा पावर हाउस के पास गिरधारीपुरा में रहता है।
   पुलिस के अनुसार आरोपी युवती मुम्बई के रॉकी नाम के एजेंट के संपर्क में रहती है। रॉकी व्हाटस एप के जरिए ग्राहकों को लड़कियों के फोटो भेजता था। शहर में उसके आने-जाने के लिए लग्जरी कार का इंतजाम धर्मा देखता था। 29 जुलाई को उसकी मुम्बई के लिए वापसी की फ्लाइट थी। पुलिस अब रॉकी के बारे में सुराग जुटा रही है।
   होटल के कर्मचारियों के बीच कमरा नंबर 707 काफी चर्चित था। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार से अनजान युवकों का इस कमरे में आना-जाना काफी बढ़ गया था। पुलिस पूछताछ से पता चला कि युवती मूलत: लखनऊ की निवासी है। माता-पिता के बीच तलाक होने के बाद से वह मां के साथ मुम्बई में रह रही है। पासपोर्ट विवरण से पता चला है कि 2013 में वह दुबई गई थी, लेकिन वहां जाने का स्पष्ट कारण नहीं बताया।


12:54 PM | 0 comments | Read More

दिन मे विद्यार्थी मित्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते है वहीं रात को विधायको के घरो का घेराव


   जयपुर।। राजस्थान के 24 हजार विद्यार्थी मित्रो के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे है, वहीं मंत्री जी अब अपने बयानो से पलटवार कर चुके है। कभी स्थायी करने का वादा करने वाले मंत्री अब दो टूक शब्दो मे साफ जाहीर कर चुके है की वो विद्यार्थी मित्रो को सेवा मे नहीं रख सकते है, उन्होने बताया की ये कोर्ट का आदेश है ।
   अधिकतर विधायक और मंत्री विद्यार्थी मित्रो के पक्ष मे है पर शिक्षामंत्री कालीचरन सराफ़ कोर्ट का हवाला देते हुए विद्यार्थी मित्रो को घर भेजने की फिराक मे नजर आ रहे है। सराफ़ ने ये भी बोला की विधायर्थी मित्र 30-40 हजार लेने वाले अध्यापको से अच्छा पढ़ा रहे है पर हमारी मजबूरी है।
   याद रहे भाजपा ने घोषणा पत्र मे भी विध्यार्थी मित्रो को एक समिति का गठन करके स्थायी करने का वादा किया गया था। अब दिन मे विद्यार्थी मित्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते है वहीं रात को विधायको के घरो का घेराव करने लगे है ।

12:50 PM | 0 comments | Read More

दिल्ली में मुझे कांग्रेस नेताओं ने दीं गालियां: वालंका

    पणजी।। गोवा यूथ कांग्रेस के प्रमुख के पद से शनिवार को निलंबित की गई वालंका अलेमाओ ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं ने दिल्ली में उनके साथ गाली गलौच की। अलेमाओ के मुताबिक कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी उन पर पद छोड़ने के लिए दबाव बनाया था।
    कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से न्याय की गुहार लगाते हुए अलेमाओ ने यह धमकी भी दी कि दोषी पार्टी नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह इसकी शिकायत भी दर्ज कराएंगी। मालूम हो कि वालंका राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाओ की बेटी हैं। पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने पर चर्चिल ने बतौर बागी लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिससे पार्टी को काफी नुकसान हुआ। वालंका पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार रेगीनाल्डो के पक्ष में चुनाव प्रचार नहीं किया।
    वालंका ने दावा किया कि जब वह नई दिल्ली में एके एंटनी से मिलने गई थीं तो गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष जॉन फर्नाडिस और दक्षिण गोवा से लोकसभा प्रत्याशी रह चुके एलेक्सिओ रेगीनाल्डो ने उनके साथ गाली गलौच की थी। हालांकि, गोवा कांग्रेस के प्रवक्ता दुर्गादास कामत ने वालंका के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि वालंका अलेमाओ दिन और समय के साथ स्पष्ट करें कि पार्टी के दोनों नेताओं ने उनके साथ कब बदसलूकी की? कामत ने दिग्विजय सिंह का भी बचाव किया।
   वालंका ने कहा, 'दिग्विजय सिंह मेरे संरक्षकों में से एक हैं, जिन्होंने मुझसे कहा था कि वह चाहते हैं कि पार्टी में मुझ जैसे लोग आगे आएं। आज दिग्विजय सिंह ने खुद मुझसे कहा कि यदि आप इस्तीफा देती हैं तो आपके भविष्य के लिए अच्छा रहेगा, नहीं तो आप देखते जाइए क्या होने वाला है। मैं समझ नहीं पाई कि इसपर क्या कहूं?' निलंबन से नाराज वालंका ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हाईकमान खासकर सोनिया गांधी न्याय करेंगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इस मामले को देखेंगे।


12:38 PM | 0 comments | Read More

पाली में थानाप्रभारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

  पाली।। राजस्थान के पाली जिले में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिवपुरा थाना प्रभारी को 35 हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया। आरोपी थाना प्रभारी राजू राम ने सुमेरपुर सीट से 2013 विधानसभा का चुनाव लड़ चुके बसपा प्रत्याशी नरेन्द्र कुमार से रिश्वत ली थी। आरोपी ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देकर घूस मांगी थी। एसीबी मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं एसीबी के आने की भनक लगते ही थाने मे मौजूद पुलिस कर्मी भाग छूटे।
   पाली एसीबी के अतिरिक्त अधीक्षक राम प्रकाश शर्मा ने बताया कि 22 जुलाई को नरेन्द्र और उसके दोस्तों को थाना प्रभारी राजू राम ने पकड़ा था। इसके बाद राजू राम ने मादक पदार्थो की तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी और ऎसा न करने के बदले एक लाख रूपये मांगे। नरेन्द्र ने इतने पैसे नहीं होने की बात कही तो थानाधिकारी ने 51-51 हजार के दो चैक रख लिए।
   नरेन्द्र ने मामले की शिकायत एसीबी में की। शिकायत के सत्यापन के बाद सोमवार सुबह कार्रवाई को अंजाम दिया गया। नरेन्द्र ने थानाधिकारी राजू राम को 35 हजार रूपये दिए, इशारा पाकर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए राजू राम की पैंट से रकम जब्त कर ली। वहीं आरोपी की निशानदेही से 51-51 हजार के दोनों चैक भी बरामद कर लिए। समाचार लिखे जाने तक एसीबी की टीम आरोपी के घर की तलाशी ले रही थी।
12:07 PM | 0 comments | Read More

वैट रिटर्न के नए प्रारूप के विरोध में एकजुट हुए व्यापारी, चौराहे पर धरने पर बैठे

   ग्वालियर।। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा लागू किए गए वैट रिटर्न के नए प्रारूप की वापसी के लिए प्रदेश के व्यापारियों का विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी तारतम्य में सोमवार को इंदरगंज चौराहे पर मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले व्यापारियों ने धरना दिया।
  सभी ने पुरजोर ढंग से कहा कि नए प्रारूप को वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि व्यापारी जितना राजस्व सरकार को देता है उसका लेखा-जोखा रखने में दस गुना खर्च बढ़ जाएगा।
  चेंबर अध्यक्ष विष्णु गर्ग ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा व्यापारियों पर थोपा गया वैट रिटर्न का नया प्रारूप तभी वापस होगा जब पूरे प्रदेश का व्यापारी एकजुट होगा।

12:05 PM | 0 comments | Read More

क्या धरती पर वाकई है भगवान ?


   ईश्वर की अवधारणा शायद दुनिया की सबसे जटिल अवधारणा है। आस्थावानों के लिए यह परालौकिक शक्तियों के अस्तित्व में विश्वास की एक सुविकसित व्यवस्था है। अनीश्वरवादियों के लिए 'मुझे नहीं मालूम' सर्वश्रेष्ठ उत्तर है तो नास्तिक, परालौकिक शक्ति में यकीन ही नहीं करते। आस्थावानों की भी कई श्रेणियाँ हैं.प्रकृतिपूजक,तक की है। अलग.अलग धर्मों में ईश्वर की अलग.अलग अवधारणाएं हैं। कुछ धर्मों, जैसे बौद्ध व जैन में ईश्वर की अवधारणा ही नहीं है। यूनानी सभ्यता में बहुईश्वरवाद था। अनेक देवी.देवता थे, जिनके अलग.अलग गुण अथवा विशेषताएं थीं। प्राचीन आर्य भी बहुईश्वरवादी थे, जिनके अलग.अलग देवता धरती पर जीवन के अलग.अलग पक्षों की देखभाल करते थे और विभिन्न गुणों से लैस थे। हमारे देश में धन की देवी ; लक्ष्मी, ज्ञान की देवी ; सरस्वती और शक्ति की देवी ; दुर्गा हैं। हमारे पास जल के देवता ; इन्द्र, हवा के ; मारूत, योन के ; कामदेवता और यहाँ तक कि शराब के ; सोम देवता भी हैं। हिन्दू धर्मशास्त्र में ईश्वरीय शक्तियों का इंद्रधनुष है जो उसकी विविधताओं और जटिलताओं को रेखांकित करता है।
   ईश्वर की अवधारणा मानव समाज में कब और कैसे आई, यह कहना मुश्किल है। विभिन्न अवधारणाएं अलग.अलग समय जन्मी। प्रकृतिपूजा शायद सबसे पहले आई। इसके बाद बहुईश्वरवाद, एकेश्वरवाद व नास्तिकता की अवधारणाएं जन्मीं परंतु उनका ठीक.ठीक क्रम क्या था, यह जानने का कोई तरीका नहीं है। इसके बाद या साथ.साथ उभरे चार्वाक दर्शनए जैन व बौद्ध धर्म, जो या तो ईश्वर की चर्चा ही नहीं करते या फिर उसके अस्तित्व को नकारते हैं। जहाँ आज पैंगबर.आधरित धर्मों जैसे इस्लाम व ईसाई धर्म का एक निश्चित ढांचा है वहीं हिन्दू धर्म में असंख्य ईश्वरीय शक्तियां हैं। हिन्दू धर्म ने इन विविध अवधारणाओं को अपने में आत्मसात कर लिया है और उनका सह.अस्तित्व,इस धर्म को अपना एक विशिष्ट चरित्र देता है। यही कारण है कि अपने बचपन में मैं श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा व रामायण पढ़ते हुए भीए महाभारत के दिलचस्प किरदारों के कारनामों का आनंद ले पाता था। मेरा परिवार व समुदाय एक ओर पीपल के पेड़ की पूजा करता था तो दूसरी और सांपों और बैलों की। मुझे अच्छी तरह से याद है कि मैं लकड़ी के बैल लेकर अड़ोस.पड़ोस के घरों में जाता था और इनाम बतौर मुझे मिठाई या कुछ पैसे मिलते थे। हर शनिवार को हमारे घर तेल से भरे बर्तन लेकर याचक आते थे और मेरे दादाजी उन बर्तनों में कुछ सिक्के डाल देते थे। इसके साथ हीए वे राम की आराधना भी करते थे।
   पिछले तीन दशकों में देश में कई 'भगवान' उभरे जिनमें शामिल हैं महेश योगी, रजनीश, जे. कृष्णमूर्ति, आसाराम बापू व सत्यसाईं बाबा। इसी दौरान, वैष्णों देवी और शिर्डी के साईं बाबा की लोकप्रियता आसमान छूने लगी। भगवान सत्य साईं, जिनकी मृत्यु कुछ वर्ष पहले हुईए के अनुयायियों की संख्या भी बहुत बड़ी है और उन्हें शिर्डी के साईं बाबा का अवतार माना जाता था। शिर्डी के साईं बाबा के मंदिर बहुत.से शहरों में बन गए। उनकी पृष्ठभूमि भारत की मिलीजुली संस्कृति की प्रतीक थी। उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था परंतु वे सूफी परंपरा के संत थे और हिन्दुओं व मुसलमानों, दोनों में खूब हिले.मिले थे। उनका जोर हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच मेलजोल बढ़ाने पर था। उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना उनके दर्शन की आत्मा से हमें परिचित करवाती है। सन् 1896 में उन्होंने वार्षिक सूफी उर्स मनाना शुरू किया जिसका लक्ष्य दोनों समुदायों के बीच प्रेम और सद्भाव बढ़ाना था। सन् 1912 में उन्होंने इस उर्स को रामनवमी के हिन्दू त्यौहार से मिला दिया और ये दोनों एक ही दिन मनाए जाने लगे। इससे उन्होंने सहयोग, सद्भाव और सहिष्णुता की सूफी परंपरा को मजबूती दी। इस उर्स में हिन्दू, मुसलमानों के साथ मस्जिद में प्रार्थना किया करते थे और दोनों धर्मावलंबी अपने.अपने तरीके से अपने ईश्वर की आराधना करते थे। बाबाए शिर्डी के स्थानीय खांडोबा मंदिर के पुजारी के माथे पर चंदन का टीका लगाते थे और फिर पुजारी, बाबा के माथे पर चंदन लगाते थे। बाबा में मानवता कूट.कूटकर भरी हुई थी और मानवता ही सभी धर्मों की मूल आत्मा है। धीरे.धीरे मुसलमानों के साथ.साथ हिन्दू भी उनका सम्मान करने लगे।
    आगे चलकर उनके हिन्दू अनुयायियों की संख्या, मुस्लिम अनुयायियों से ज्यादा हो गई और आज वे मुसलमानों की जगह हिन्दुओं के संत माने जाते हैं। हिन्दू धर्म में नए देवी-देवताओं के लिए हमेशा से जगह रही है। इसका उदाहरण हैं संतोषी माता और भगवान सत्यनारायण। साईं बाबा के अलावा, स्वामी रामकृष्ण परमहंस को भी ईश्वर का दर्जा दे दिया गया है। उनके अधिक प्रसिद्ध अनुयायीए, स्वामी विवेकानंद ने उनके नाम पर एक मिशन की स्थापना की थी।
    साईं बाबा की पूजा करने के मुद्दे पर शंकराचार्य, स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने ;जून 2014 विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा कि शिर्डी के साईं बाबा, मुस्लिम संत थे और हिन्दू उन्हें अपना देवता नहीं मान सकते। उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह अभियान हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए है और तमाम विरोध के बावजूद वे इसे जारी रखेंगे। केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख नेताओं में से एक थीं। इस आंदोलन का अंत, बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने से हुआ और इसने देश में दोनों सम्प्रदायों के बीच गहरी खाई खोदी। वे उमा भारती भीए साईं बाबा की भक्त हैं। स्वामी स्वरूपानंद को लिखे एक पत्र में उमा भारती ने कहा कि किसी को भी भगवान की तरह मानना और पूजना, हर व्यक्ति का व्यक्तिगत अधिकार है।
    जहां हिन्दुओं का एक बड़ा तबका साईं बाबा को भगवान मानता है वहीं शायद यह पहली बार है कि किसी ने . और वह भी किसी शंकराचार्य ने, इसका विरोध किया हो। हिन्दू धर्म में कई परंपराएं एकसाथ जीवित हैं। शंकराचार्य जिस ब्राह्मणवादी परंपरा से हैं वह रूढि़वादी और कट्टर है जबकि हिन्दू धर्म की अन्य परंपराएं जैसे नाथए तंत्र,सिद्ध और भक्ति कहीं अधिक लचीली हैं और परिस्थितियों के अनूरूप स्वयं को ढालने में सक्षम हैं। हिन्दू परंपराएं समय के साथ विकसित हुई हैं। जहां ब्राह्मणवादी परंपराएं यथास्थितिवादी हैं वहीं गैर.ब्राह्मणवादी परपंराएं लचीली और परिवर्तनशील हैं। वैष्णों देवी, साईं बाबा, संतोषी मां आदि जैसे देवी.देवताओं की लोकप्रियता में पिछले कुछ दशकों में आशातीत वृद्धि क्यों हुई,यह अध्ययन का विषय हो सकता है परंतु इसमें कोई संदेह नहीं कि इसका एक कारण हिन्दू धर्म की नई परंपराओं को अपने में आत्मसात करने की क्षमता भी है। पैगम्बर.आधारित धर्मों में भी कई पंथ हैं जैसे कैथोलिक.प्रोटेस्टेंट, शिया.सुन्नी, हीनयान.महायान व दिगम्बर.श्वेताम्बर। सभी धर्मों के कट्टरवादी संस्करणों का इस्तेमाल,राजनीति करने के लिए किया जाता रहा है। दक्षिण एशिया में इन दिनों जहां एक ओर धार्मिकता में तेजी से वृद्धि हो रही है वहीं धर्म और राजनीति का घालमेल भी बढ़ रहा है। राजनैतिक दुरूपयोग के लिए सामान्यतः धर्मों के पुरातनपंथी, दकियानूसी संस्करणों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे इस्लाम का वहाबी संस्करण व हिन्दू धर्म का ब्राह्मणवादी संस्करण। श्रीलंकाए थाईलैंड और म्यांमार में बौद्ध धर्म के कट्टरवादी संस्करण का जोर बढ़ रहा है।
    आस्था के मामले में हर व्यक्ति को स्वनिर्णय का अधिकार होना चाहिये। उस पर किसी विशेष आस्था या विश्वास को लादना समस्याएं खड़ी करता है और समाज में कटुता और बैरभाव का कारण बनता है। यही शंकराचार्य के विवादास्पद बयान के कारण हो रहा है। लोग किस पर आस्था रखें और किसे पूजें, यह उन पर छोड़ दिया जाना चाहिए। यही वह स्पष्ट संदेश है जो साईं बाबा के अनुयायियों ने शंकराचार्य के वक्तव्यों के जवाब में दिया है।


(राम पुनियानी)
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ईद के मौके पर मोदी ने दिया गौ भक्तों को उपहार

  नई दिल्ली।। मोदी ने ईद के मौके पर सभी गौ भक्तों को उपहार दिया है। या यूँ कहे की वर्षो से चली आ रही सभी गौ भक्तो की मेहनत रंग लाई है।
   क्या आपको पता है मोदी जी ने ईद पर एक उपहार दिया है इस उपहार का नाम "गौ ग्राम" है। यह गौ ग्राम भारत की देशी नसल की रक्षा हेतु और नसल सुधारने के लिए बनाए जा रहे है। आगे सुनिए "गौ ग्राम" को लेकर मोदी अभी क्या क्या कर रहे है:-
- "गौ ग्राम" भारत के सभी राज्यों में बनाए जायेंगे।
- एक "गौ ग्राम" में कम से कम 1000 से ज्यादा भारतीय नसल की गौ माता रहेगी।
- गायों की रख रखाव के लिए 500 करोड़ दिए जायेंगे।
-  साथ ही बायो गैस पर ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा।
   जानकारों का कहना है की मोदी का मकसद है की पहले गौ माता को संरक्षण हो फिर उस पर कानून बने क्योंकि अकेले कानून बनने मात्र से गौ माता नहीं बचने वाली। 
 
 
(vimal j soni)

10:56 AM | 0 comments | Read More

कांग्रेस की इफ्तार पार्टी या सियासी समीकरण

   नई दिल्ली।। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीन साल में पहली बार आयोजित इफ्तार पार्टी में नए सियासी समीकरण नजर आए। इस कार्यक्रम का आयोजन इस बार पांच सितारा अशोक होटल में किया गया था। 
  इफ्तार पार्टी में राजनीति के कई रंग देखने को मिले। पार्टी में लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की बढ़ती नजदीकियों की झलक भी दिखी। बिहार में भाजपा को रोकने के लिए राजद और जेडीयू ने दो दशक बाद हाथ मिलाया है।
  आरजेडी सुप्रीमो लालू और जेडीयू नेता शरद यादव सोनिया के साथ एक ही टेबल पर बैठे थे। इन दोनों नेताओं के अलावा एनसीपी के तारिक अनवर, जेडीयू के केसी त्यागी व जेएमएम के नेता भी थे। बताया जा रहा है कि करीब हजार कार्ड बंटे थे, लेकिन इस बार नजारा बदला-बदला सा दिखा। एक-चौथाई लोग ही शामिल हुए। अब तक खुद को धर्मनिरपेक्ष करार देने वाले कांग्रेस के कई सहयोगी नदारद रहे। कांग्रेसी मुख्यमंत्री गैरमौजूद रहे और दिल्ली को छोड़ बाकी प्रदेशों के अध्यक्ष भी नहीं दिखे।
  लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अमरेंद्र सिंह और कमलनाथ जैसे नेता भी नदारद रहे। साथ ही नरेंद्र मोदी के खिलाफ छाती ठोंककर खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और वामदलों ने भी शिरकत नहीं की। मायावती की ओर से भी कोई नहीं आया। राजनीतिक के जानकारों का कहना है कि लोकसभा में कांग्रेस की करारी हार के बाद अधिकांश दल उससे दूरी बनाए रखना चाहते हैं। हालात ये हैं कि एआईएडीएमके, तृणमूल कांग्रेस और बीजेडी दलों के साथ लेफ्ट पार्टियों से कांग्रेस की बढ़ती दूरी भी दिखाई दी। इन पार्टियों का कोई भी नेता सोनिया के कार्यक्रम में नजर नहीं आया।
  इफ्तार पार्टी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गैर राजनीतिक लोगों के साथ बैठे दिखाई दिए। एक अलग टेबल पर वह पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के साथ बैठे थे। हालांकि, सोनिया बार-बार उनसे खुद को ज्‍वॉइन करने का आग्रह करती दिखाई दीं।
   इस पार्टी में राजनीतिक नेताओं, शिक्षाविदों, राजनयिकों, धार्मिक नेताओं और पत्रकारों ने हिस्सा लिया। मेहमानों में पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद, जयराम रमेश, अंबिका सोनी, आरजेडी नेता प्रेमचंद गुप्ता, सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल, कांग्रेस नेता अजय माकन, राजीव शुक्ला, शकील अहमद, आनंद शर्मा, मणिशंकर अय्यर और राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद शामिल थे। विदेशी राजनयिकों में पाकिस्‍तान के हाई कमिश्‍नर और रूस के राजदूत भी हुए शामिल।
  कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी राजनयिकों के साथ बैठे नजर आए। राज्‍यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और डिप्‍टी लीडर आनंद शर्मा के साथ बैठे थे। राहुल गांधी कार्यक्रम में काफी खुश दिखाई दिए और वह मीडियाकर्मियों से जोक्‍स साझा कर रहे थे। हालांकि, इस दौरान उन्‍होंने राजनीति से संबंधित प्रश्‍नों का जवाब देने से साफ इनकार कर दिया। जब कांग्रेस उपाध्यक्ष से नितिन गडकरी के निवास पर हुई कथित जासूसी के बारे में पूछा गया तो राहुल ने उल्टा सवाल किया, क्या वे कह रहे हैं कि हमने (कांग्रेस) ऐसा किया है ? 
10:49 AM | 0 comments | Read More

इस गुफा में आज भी शिव का पूजन करते हैं अश्वत्थामा


  महू।। देवताओं में भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है। निराकार रूप में उनके शिवलिंग की पूजा की जाती है। धरती पर कई रहस्यमयी लिंग और ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं, जो सिद्ध होने के साथ ही चमत्कारिक भी हैं।
   ऐसा ही एक सिद्ध स्थान मध्यप्रदेश के महू के पास स्थित है, जिसे खोदरा महादेव के नाम से जाना जाता है। शिव का यह स्थान करीब 1000 फुट ऊंची पहाड़ी के बीच में स्थित है।
    महू से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित चोरल से करीब 10 किलोमीटर दूर विंध्यांचल की पहाड़ियों पर स्थित खोदरा महादेव का यह स्थान है। यहां शिवलिंग के अतिरिक्त नंदी भी विराजमान हैं। पहाड़ी के ‍नीचे स्थित खोदरा गांव होने से इस स्थान का नाम खोदरा महादेव पड़ा।
    किंवदंती के अनुसार इस स्थान को सात चिरंजीवी पुरुषों में से एक द्रोणपुत्र अश्वत्थामा की तपस्थली के रूप
में जाना जाता है। कहते हैं कि आज भी अश्वत्थामा इस स्थान पर तप करने आते हैं।


(सुधीर शर्मा) 
10:48 AM | 0 comments | Read More

अमेरिका को पहली बार अहसास हुआ कि विश्‍व के प्रमुख संगठनों को वह अपने इशारे पर नहीं चला सकता

Written By Bureau News on Monday, July 28, 2014 | 8:57 PM


   नई दिल्ली।। मोदी सरकार ने एक धमाकेदार काम किया, लेकिन इसकी सूचना हम सभी को नहीं मिल पाई। अमेरिका ने भारत सरकार के ताजा रुख से नाखुशी जाहिर करते हुए यहां तक कह दिया कि सरकार पूर्व के समझौते (मतलब मनमोहन सरकार के द्वारा किए गए समझौते) से पीछे हट गई है, जिससे WTO की साख पर ही संकट उत्‍पन्‍न हो गया है।
   दरअसल अमेरिका अपने हिसाब से व्‍यापार सुविधा के लिए WTO में नियम बनवाना चाहता था। पिछली मनमोहन सरकार ने अमेरिका का पल्‍लू थामते हुए दिसंबर महीने में व्यापार सुविधा (टीएफ) समझौते के लिए लिए हामी भर दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने देखा कि यह सब केवल अमेरिका के लिए किया जा रहा है तो उसने इसका विरोध किया।
   जिनीवा में शुक्रवार को विश्व व्यापार संगठन के 160 सदस्यों की बैठक में भारत ने खाद्य सुरक्षा के लिए खाद्यान्न के सार्वजनिक भंडारण की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा। भारत ने कहा कि जब तक इसका स्‍थायी समाधान नहीं ढूंढा जाएगा तब तक कोई सुधार आगे नहीं बढाया जा सकता।
   भारत के रुख का क्यूबा, वेनेजुएला और बोलिविया ने समर्थन किया। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि माइक फ्रोमैन ने कहा, 'हम भारत के रुख से काफी निराश हैं कि व्यापार सुविधा के मामले में प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के कारण डब्ल्यूटीओ संकट के कगार पर पहुंच गया है।'
   अमेरिका को पहली बार अहसास हुआ कि विश्‍व के प्रमुख संगठनों को वह अपने इशारे पर नहीं चला सकता है।
8:57 PM | 0 comments | Read More

टमाटर ने फलों के राजा आम को पछाड़ा

   जयपुर।। राजस्थान की मंडियों में टमाटर के भावों ने फलों के राजा आम को पछाड़ दिया है। आम पहली बार टमाटर से सस्ता है। आम जहां 40 से 60 रुपए किलो बिक रहा है, वहीं टमाटर की कीमत 80 रुपए प्रति किलो से भी ज्यादा पहुंच गई है।
   जयपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के खेतों में टमाटर की फसल का समय समाप्त होने के कारण ज्यादातर टमाटर महाराष्ट्र के नासिक और नारायण गांव, हिमाचल प्रदेश के सोलन और कुल्लू मनाली, कर्नाटक के बैंगलोर क्षेत्र से आ रहा है। इस बार आम की बिक्री जमकर हुई तो टमाटर शांत रहा। सब्जी की कीमत में इजाफा जमकर हुआ है। टमाटर की कीमत में अभी और इजाफा हो सकता है।
   हालांकि, आम भी अब कुछ ही दिन का मेहमान है। आने वाले कुछ दिनों में यह भी बाजार से बाहर जाने वाला है। दशहरी आम भी 40 से 45 रुपए किलो बिक रहा है। लेकिन टमाटर के भावों में सब्जी का जायका ही बिगाड़ दिया है।
8:07 PM | 0 comments | Read More

सोनिया की इफ्तार पार्टी में अलग बैठे मनमोहन, राहुल ने सुनाए चुटकुले

  नई दिल्‍ली।। कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले तीन साल में पहली बार रविवार को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। आम तौर पर कांग्रेस मुख्‍यालय में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन इस बार पांच सितारा अशोक होटल में किया गया था। इफ्तार पार्टी में राजनीति के कई रंग देखने को मिले। मनमोहन सिंह ने जहां नेताओं से दूरी बना रखी वहीं राहुल गांधी पत्रकारों के साथ जोक्‍स साझा करते दिखाई दिए। बिहार में जेडीयू, कांग्रेस और आरजेडी के बीच हुए गठबंधन का असर भी दिखा। सोनिया, लालू प्रसाद यादव और शरद यादव एक टेबल पर काफी देर तक बातचीत करते दिखाई दिए। लेफ्ट पार्टियों के नेता इस कार्यक्रम में गैरमौजूद रहे।
नेताओं से दूर रहे मनमोहन
   इफ्तार पार्टी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गैर राजनीतिक लोगों के साथ बैठे दिखाई दिए। एक अलग टेबल पर वह पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के साथ बैठे थे। हालांकि, सोनिया बार-बार उनसे खुद को ज्‍वॉइन करने का आग्रह करती दिखाई दीं।
राहुल ने सुनाए चुटकुले
   कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम में काफी खुश दिखाई दिए और वह मीडियाकर्मियों से जोक्‍स साझा कर रहे थे। हालांकि, इस दौरान उन्‍होंने राजनीति से संबंधित प्रश्‍नों का जवाब देने से साफ इनकार कर दिया। वह राज्‍यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और डिप्‍टी लीडर आनंद शर्मा के साथ बैठे थे।
दिखी आरजेडी और जेडीयू की नजदीकी
   सोनिया गांधी की इफ्तार पार्टी में लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की बढ़ती नजदीकियों की झलक भी दिखी। आरजेडी सुप्रीमो लालू और जेडीयू नेता शरद यादव सोनिया के साथ एक ही टेबल पर बैठे थे। सोनिया की टेबल पर इन दोनों के अलावा एनसीपी के तारिक अनवर, जेडीयू के केसी त्यागी व जेएमएम के नुमाइंदे भी थे। गौरतलब है कि बिहार में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू के बीच समझौता हुआ है।
लेफ्ट पार्टियों से दूरी
  कार्यक्रम में लेफ्ट पार्टियों से कांग्रेस की बढ़ती दूरी भी दिखाई दी। इन पार्टियों का कोई भी नेता सोनिया के कार्यक्रम में नजर नहीं आया।
कम मेहमान दिखे
   आम तौर पर सोनिया की इफ्तार पार्टी में तमाम नेता बढ़-चढ़कर शामिल होते रहे हैं। लेकिन इस बार नजारा बदला-बदला सा दिखा। कांग्रेसी मुख्यमंत्री गैरमौजूद रहे और दिल्ली को छोड़ बाकी प्रदेशों के अध्यक्ष भी नहीं दिखे। लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अमरेंद्र सिंह और कमलनाथ जैसे नेता भी नदारद रहे। बताया जा रहा है कि करीब हजार कार्ड बंटे थे, लेकिन एक-चौथाई लोग ही शामिल हुए।
मेहमानों की फेहरिस्‍त
   कार्यक्रम में राजनीतिक नेताओं, शिक्षाविदों, राजनयिकों, धार्मिक नेताओं और पत्रकारों ने हिस्सा लिया। मेहमानों में पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद, जयराम रमेश, अंबिका सोनी, आरजेडी नेता प्रेमचंद गुप्ता, सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल, कांग्रेस नेता अजय माकन, राजीव शुक्ला, शकील अहमद, आनंद शर्मा, मणिशंकर अय्यर और राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद शामिल थे। विदेशी राजनयिकों में पाकिस्‍तान के हाई कमिश्‍नर और रूस के राजदूत भी हुए शामिल।




6:18 PM | 0 comments | Read More

मुजफ्फरनगर: सपा नेता की धमकी से बेहोश हुआ दारोगा

  मुजफ्फरनगर।। वाहन चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात दारोगा द्वारा बाइक सवार तीन युवकों को रोकने पर बखेड़ा हो गया। बाइक सवार युवक ने किसी सपा नेता से मोबाइल पर दारोगा की बात कराई। सपा नेता की धमकी से तनाव में आकर दारोगा बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे गंभीर अवस्था में मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
   बुढ़ाना कोतवाली में तैनात दारोगा मुनेश शर्मा रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे पुलिसकर्मियों के साथ महावीर चौक पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली नंबर की बाइक सवार तीन युवकों को रोककर बाइक के कागजात मांगे। बाइक सवार युवक ने किसी सपा नेता से दरोगा की वार्ता कराई। ड्यूटी पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों का आरोप है कि बाइक को रोकने पर सपा नेता ने दारोगा मुनेश शर्मा को धमकियां दीं।
   धमकियों से तनाव में आकर दारोगा मुनेश शर्मा बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। पुलिसकर्मियों ने दारोगा को अस्पताल में भर्ती कराया। इंस्पेक्टर धनंजय मिश्र ने बताया कि फोन पर धमकाने व सरकारी कार्य में बाधा डालने के बारे में जांच कराने का बाद आरोपी सपा नेता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

4:58 PM | 0 comments | Read More

आप नेताओं ने फिर लगाया पोस्टर, 4 गिरफ्तार

  नई दिल्ली।। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी के चार नेताओं को गिरफ्तार किया है। इस बार आप नेताओं पर मालवीय नगर में पोस्टर लगाने के आरोप हैं।पुलिस के अनुसार ये पोस्टर रविवार रात लगाए थे। इसके लिए तड़के सुबह आप कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आप नेतओं की ओर से लगाए पोस्टर में भाजपा का उल्लेख करते हुए आपत्तिजनक बात लिखी है। हालांकि आप कार्यकर्ताओं को पोस्टर चिपकाने के लिए अरेस्ट किया गया है। क्योंकि दिल्ली में पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं है। गौरतल‌ब है ‌कि पिछले सप्ताह ही भड़काऊ पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
   इस बार दिल्ली के मालवीय नगर में लगाए गए पोस्टर आम आदमी पार्टी की मर्जी से लगाए गए हैं। इन पोस्टर में‌ लिखा हुआ है कि 'दिल्ली में भाजपा चुनाव से क्यों भाग रही है? दिल्ली में चुनाव के लिए जंतर-मंतर चलो। आप की रैली 3 अगस्त को शाम 3 बजे। पार्टी के मुताबिक इन पोस्टरो में कुछ आपत्तिजनक नहीं है। पार्टी ने आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को भारतीय जनता पार्टी की गुंडागर्दी बता रही है। हालांकि पुलिस के मुताबिक राष्ट्रपति शासन के दौरान दिल्ली में रानीतिक उद्देश्य से पोसटर लगाने की अनुमति नहीं है। आप कार्यकर्ताओं को इसी नियम के उल्लघंन के लिए गिरफ्तार किया गया है।
   रैली के पोस्टर लगाने पर आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर आप नेता सोमनाथ ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उनके अनुसार दिल्ली में कानून भाजपा तय करती है। अगर दिल्ली में पोस्टर लगाने की मनाही है, तो सबसे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि दिल्ली में भाजपा के सबसे ज्यादा पोस्टर लगे हुए हैं। वहीं पहले पोस्टर विवाद में फंस चुके आप नेता दिलीप पांडे का कहना है कि पोस्टर में कुछ ऐसा नहीं है, जिसके आप कार्यकर्ताओं गिरफ्तार किया जाए।

4:57 PM | 0 comments | Read More

ईद के मोके पर दाउदी बोहरा समाज द्वारा ’’मोहब्बत की रोटी’’ वितरीत की गई


  धार।। मध्यप्रदेश के धार जिले में दाउदी बोहरा समाज द्वारा ईदुल फितर हर्शोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर जिले की सभी दाउदी बोहरा समाज की मस्जिदों पर आमील साहब द्वारा ईद की विशेष नमाज अदा कराई गई। ईद के मोके पर समाजजनो द्वारा गले मिलकर एक दुसरे को मुबारकबाद दी। सभी ने सेवय्या व शिरखुरमा का खुब आनंद लिया। सैय्यदना मुफद्दल सेफुद्दीन (त.उ.स.) के फरमान से ’’मोहब्बत की रोटी’’ एक दुसरे के घर जाकर वितरीत की गई। ईदुल फितर के मुबारक पर्व पर समस्त दाउदी बोहरा समाज, जगह जगह हिलस्टेषनों पर पिकनीक एवं मोसम का लुत्फ लेने के लिये पहुंचा।


4:55 PM | 0 comments | Read More

बुजुर्ग महिला के कपड़े उतरवाकर ली तलाशी, दो महिला टिकट चेकर्स निलंबित

   मुंबई।। एक 65 वर्षीय महिला यात्री की कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने के मामले में दो महिला टिकट चेकर्स निलंबित कर दिया गया है। यहां लोकल ट्रेन में महिला यात्री के पास द्वितीय श्रेणी का टिकट था और वह प्रथम श्रेणी कंपार्टमेंट में चढ़ गई थीं।
   पश्चिम रेलवे डिवीजनल रेलवे मैनेजर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद दोनों महिला टीसी को सस्पेंड कर दिया गया है।
   परिवार के सदस्यों ने बताया कि 25 जुलाई को अंधेरी स्टेशन से महिला यात्री गलती से लोकल ट्रेन के प्रथम श्रेणी कंपार्टमेंट में चढ़ गईं जबकि उनके पास टिकट द्वितीय श्रेणी का था।
   महिला के दामाद ने बताया, ‘जब मेरी सास से टिकट दिखाने को कहा गया, तो टीसी ने पाया कि उनके पास द्वितीय श्रेणी का टिकट है। इसके बाद उन्हें मीरा रोड स्टेशन पर उतार लिया गया है और उन्हें टिकट चेकिंग स्टाफ के रूम ले गए।
   जब उनसे जुर्माना भरने को कहा गया, तो मेरी सास ने बताया कि उनके पास 25 रुपये से अधिक नहीं है। इसके बाद महिला कर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी की और कपड़े उतारकर तलाशी देने को कहा।’ महिला यात्री के दामाद ने हालांकि दोनों टीसी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

4:52 PM | 0 comments | Read More

लखनऊ में दरिंदगी का शिकार हुई महिला के मामले में अब सीबीआई लेगी संज्ञान

   लखनऊ।। मोहनलालगंज में पिछले दिनों एक महिला की हुई नृशंस हत्या के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। गृह विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने को बताया कि मृत महिला के परिवार की इच्छा का ख्याल रखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई है।
   इससे पहले पुलिस के दावों के विपरीत इस केस में यह तथ्य सामने आया कि महिला के साथ रेप की कोशिश नहीं बल्कि रेप हुआ था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया था महिला से रेप की कोशिश हुई थी और असफल रहने पर आरोपी रामसेवक ने उसकी हत्या कर दी थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में महिला के नाखूनों में एक से अधिक लोगों के चमड़े की कोशिकाएं भी मिली हैं।
   दरिंदगी की शिकार हुई महिला के परिवार के लोग सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए थे। महिला के देवर ने बताया था कि सीबीआई जांच की मांग को लेकर राजधानी के प्रधान डाकघर के पास पिछले छह दिन से जारी धरना रविवार की रात को अनशन में तब्दील हो गया था।
   गौरतलब है कि गत 17 जुलाई को मोहनलालगंज के बलसिंह खेड़ा गांव में एक प्राइमरी स्कूल में एक महिला का निर्वस्त्र शव बरामद किया गया था। पुलिस ने इस मामले के खुलासे का दावा करते हुए रामसेवक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। हालांकि, परिवार वाले इस दावे से खुश नहीं थे। इसके अलावा विरोधी पार्टियां और सामाजिक संगठनों ने भी सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
   परिवार वालों का कहना था कि उनकी बेटी के साथ हुई वारदात में कई लोग शामिल रहे होंगे और पुलिस इसमें किसी का बचाव कर रही है। उनके शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके दोनों गुर्दे सलामत होने की बात कही गई है, जबकि वह अपना एक गुर्दा अपने पति को दान कर चुकी थीं।
   शुरू में घटना को कई लोगों द्वारा अंजाम दिए जाने की आशंका जाहिर करने वाली अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सुतपा सान्याल ने गत 20 जुलाई को संवाददाताओं को बताया कि वारदात को सिर्फ एक ही आदमी ने अंजाम दिया था और महिला से बलात्कार नहीं हुआ था। हालांकि फॉरेंसिक जांच में महिला के साथ बलात्कार होने और नाखूनों में एक से ज्यादा व्यक्तियों की कोशिकाएं पाए जाने की पुष्टि हुई थी।
4:48 PM | 0 comments | Read More

सफदरजंग अस्‍पताल से मरीज को बाहर फेंका

  नई दिल्ली।। दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल से एक मरीज को बाहर फेंक दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। इससे नाराज लोगों ने अस्‍पताल के बार जमकर हंगामा किया।
   इन कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है कि आखिर क्‍यों मरीज को अस्‍पताल से बाहर फेंक दिया गया। जब इस बारे में अस्‍पताल के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्‍हें भी बारे में कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्‍होंने जांच करने का राग अपाल दिया। लेकिन सूत्र बताते हैं‍ कि बीती रात बिना कुछ बताए इस मरीज को इमरजेंसी बार्ड से हॉस्पिटल परिसर में फेंक दिया गया और परिवारवालों से कहा गया कि इन्‍हें कहीं ओर दे जाएं। ऐसे में मरीज की हालत सुधरने की बताए और बिगड़ गई।
  ऐसे में परिवारवालों ने अस्‍पताल प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उनका साथ सफदरजंग में मौजूद दूसरे मरीजों के परिजनों ने भी दिया और देखते ही देखते हंगामा खड़ा हो गया।
3:08 PM | 0 comments | Read More

अब मोदी सरकार को न्यायालयों में चल रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ कड़े कदम उठाने ही होंगे

सर्वोच्च न्यायालय को भी भ्रष्टाचार को रोकने लिए जनहित अपनी अहम भूमिका निभानी होगी 
   जयपुर/कोटा।। इन दिनों वकालत की पहली सीढ़ी चढ़कर जज की कुर्सी पर बैठने वाले और वकीलों के बीच बिना किसी कारण के विवाद हो जाने से राजस्थान भर में हड़ताल और न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का वातावरण है।  वकीलों के खिलाफ अवमानना मामले में जज के नोटिस के बाद भड़के वकीलों ने काम बंद किया तो इस बार सारी हदें, क़ानून की मर्यादाएं पार कर जज भी ट्रेड यूनियन की तरह से एक हुए और वकीलों के खिलाफ खूब ज़हर उगला गया, वकील और जज के बीच इस तरह का वातावरण न्यायिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।    
   कल जयपुर में महापंचायत है, मामला वार्ता से जो सुलझ जाना चाहिए वोह अनावश्यक विवाद में घिर गया। कोई भी जज वकील होने के बाद ही जज की सीढ़ी पर जाता है ऐसे में वकीलों को जज की और जजों को वकीलों की परेशानियां समझना होंगी। मर्यादाएं और हदें समझना होंगी, वकील मर्यादित है, न्यायालय में सम्मान का वातावरण पक्षकारों के बीच में वही बिखेरता है, फिर भी किसी भी गलत फहमी का स्थाई समाधान हो ऐसा हर वर्ग चाहता है। 
कुछ सुझाव माननीय न्यायालयों के लिए :-
- देश की सभी छोटी, बढ़ी हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाए। 
- छोटी अदालतों सीसीटीवी कैमरे पर जिला जज और जिला जज के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी हाईकोर्ट करे। 
- यहाँ तक की न्यायालय की हर कार्यवाही सीसीटीवी कैमरे के समक्ष हो जिससे जज, रीडर, एवं न्यायालय के अन्य कर्मचारी जो दस से पचास रूपये लेकर गरीबों को पेशियों की तारीख देते है और वह भ्रष्ट जज जो प्रशासन के साथ मिलकर बेगुनह्गारों को फ़साने का षड्यंत्र न्यायालयों में बैठकर रचते है, उन पर कुछ हद तक रोक लग सके।
- सीसीटीवी कैमरे में अदालत की इजलास की समस्त कार्यवाहियां कब डायज़ पर आये, सुनवाई कब शुरू हुई, किस वकील ने क्या बहस की, पक्षकारों की गवाही और सुनवाई कैसी रही, रीडर का कार्य क्या रहा रिकॉर्ड हो और जो भी वकील पक्षकार चाहे उसे सुनवाई की सीडी उसके हिस्से तक राशि जमा करवाकर देने का प्रावधान हो। ऐसा होने से वकील, पक्षकार मर्यादित रहेंगे। 
- अदालत में किस की गलती है, किसका अमर्यादित आचरण है किसने अदालत के नियमों की अवहेलना कर अदालत की अवमानना की है खुलासा हो जाएगा फिर चाहे जज हो, चाहे पक्षकार, चाहे कोर्ट ऑफीसर कहा जाने वाला वकील हो पकड़ा जाने पर कार्यवाही होना चाहिए। यदि ऐसा होगो तो अदालतों में काम भी मर्यादित होंगे और जज वकील केसा काम करते है इसकी समीक्षा भी दोनों तरह से हो सकेगी।
- वकील कोटे से जजों की नियुक्ति की जाकर जिस न्यायालय में वह पैरवी करते है उसी हाईकोर्ट उन्हें जज बना कर बिठाना क्या न्याय संगत है ? ऐसे में क्या वकील कोटे के जजों को नियुक्त कर दूसरे राज्यों में नहीं भेजना चाहिए ताकि कामकाज प्रभावित ना हो।
- बार कोंसिल ने अगर हड़ताल पर नहीं जाने की अंडरटेकिंग दे रखी है तो क्या जजों से ट्रेड यूनियन की तरह संघ बनाकर वातावरण नहीं बनाने बाबत अंडरटेकिंग नहीं लेना चाहिए। 
- बार कोंसिल का चुनाव लड़ने वाला कोई भी सदस्य और जो कोई भी बार कोंसिल का सदस्य हो जाता है उसके लिए हाईकोर्ट का जज बनने के मामले में अयोग्यता का नियम हो क्योंकि इससे बार कोंसिल के काम में बाधा होती है और सदस्य अपने दूसरे कामों में लगे या ना लगे उन पर अनावश्यक जजों के साथ रहने उठने बैठने के आरोप लगते है ऐसा नहीं होना चाहिए।
- जजों और वकील संगठन के बीच तीन माह में एक बार आवश्यक रूप से समस्या और संबंधों को लेकर बैठक हो जिसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाय ताकि विवाद होने से पहले ही वार्ता से मामले सुलझ जाए। 
   क्या आप और हम न्यायिक व्यवस्था में चल रहे ऐसे विवादों को विराम देने के लिए इस फार्मूले को लागू करवा सकेंगे ?
 
 

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