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शर्मसार हुई ममता ! मासूम बेटियों को छोड़ भागे माँ - बाप

Written By News Today Time on Sunday, August 28, 2016 | 6:59:00 PM

Image may contain: text and one or more people इस पोस्ट को शेयर जरूर करें इंसानियत का फर्ज निभाने में और आरोपियों को सजा दिलाने में मदद करें
     दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में मां की ममता शर्मशार होती दिखी। एक मां अपनी दो बेटियों को छोड़ बेटे को साथ लेकर चलती बनी। वहीं अपनी मासूम बच्चियों के लिए शराबी बाप का दिल भी नहीं पिघला और पिता भी 15 अगस्त से गायब है।
     हफ्ते भर तक दो बच्चियां एक बंद अंधेरे कमरे में भूखी-प्यासी पड़ी तड़पती रहीं। उनकी हालत मुर्दा जैसी हो गई थी। सिर में गहरे घाव हो गए। उनमें कीड़े रेंगने लगे। एक टूटी चारपाई पर एक-दूसरे का हाथ थामे दोनों मासूम बच्चियां करीब-करीब दम तोड़ने ही वाली थीं। पुलिस इस हालात में बच्चो को छोड़ने वाले बेरहम माता पिता के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है।
ये दोनों बच्चियां दिल्ली के रोहिणी इलाके के अम्बेडकर अस्पताल में भर्ती है। महज 8 साल की अलका और 3 साल की ज्योति का कसूर सिर्फ इतना है कि भगवान ने उनको बेटियों के रूप में दुनिया में भेजा है।
     पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर घुस पाना मुश्किल था। मुंह पर कपड़ा रखकर पुलिस अंदर जा सकी। सड़ी-गली हालत में दोनों बच्चियों की बस सांसें चल रही थीं। इनकी इस हालत के लिए इनको पैदा करने वाले माँ बाप जिम्मेदार हैं। पुलिस टीम दोनों बच्चियों को बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंची है। डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों की हालत देखकर तो सन्न रह गए। सड़ने-गलने से इन्फेक्शन ब्रेन तक पहुंच चुका था। उन्हें मौत के मुंह से वापस खींचने के लिए 4 दिन तक स्पेशल ट्रीटमेंट किया गया। अब दोनों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
     पुलिस को आसपास के लोगों ने 19 अगस्त को कॉल कर सुचना दी। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की दोपहर 11:58 बजे एक शख्स की तरफ से कॉल मिली थी। शिव मंदिर के पास राधा विहार, नेपाली कॉलोनी पुलिस टीम पहुंची। इस घर में ग्राउंड फ्लोर पर करीब दो साल से किराए पर वह परिवार रहा था।
     इनमें 35 साल का बबलू, उसकी वाइफ रोजी, 5 साल का बेटा और 8 व 3 साल की बेटियां हैं। बबलू शराब का आदी था और कमाना छोड़ दिया था। करीब 2 महीने पहले रोजी बेटे को अपने साथ लेकर चली गई, पर दोनों बेटियों को उनके हाल पर छोड़ गई। अलका और ज्योति कमरे में अकेली मां की याद में तड़पती रहतीं। शराबी पिता बेटियों को ताने देता था। खाने-पीने का कुछ भी सामान नहीं बचा था। कमरे में हवा का साधन भी नहीं था। अब चारों तरफ इस बेरहम माता पिता की आलोचना हो रही है।
6:59:00 PM | 0 comments | Read More

ओलिंपिक पदक नहीं जीतने वाले खिलाड़ी कोयला खदान में काम करेंगे




   प्योंगयांग।। भारत में जहां दो ओलिंपिक पदक जीतने की अपार खुशी है, वहीं तानाशाह किम जोंग उन के शासन वाले उत्तर कोरिया में हालात बिल्कुल जुदा हैं।

   वहां उन खिलाड़ियों को सजा देने की तैयारी की जा रही हैं, जो ओलिंपिक में हिस्सा लेने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर तो गए, लेकिन पदक जीतकर नहीं लाए।

    खबर है कि किन जोंग उन ऐसे खिलाड़ियों से कोयले की खदान में काम करवाना चाहते हैं। खबरों के मुतापिक, किन जोंग उन ने अपने खिलाड़ियों को 5 गोल्ड सहित 17 पदकों का लक्ष्य दिया था और इससे कम पदक आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
     तानाशाह की चेतावनी के बाद भी उत्तर कोरिया की 2 गोल्ड, 3 रजत और 2 कांस्य पदक सहित केवल 7 ही पदक जीत सकी। ओलिंपिक में गए एथलीटों को अब इस बात का डर है कि उनकी जिंदगी कहीं अब नर्क ना बन जाए।
     डेली स्टार के मुताबिक, जिन खिलाड़ियों ने पदक जीता है उन्हें अच्छे घर दिए जाएंगे और बेहतर राशन, कार तथा अन्य गिफ्ट भी दिए जाएंगे। लेकिन जो पदक नहीं ला सके हैं उनसे किम जोंग बहुत गुस्सा है।
ये हो सकती है सजा
    पदक नहीं जीतने वाले खिलाड़ियों को बेकार पड़े घरों में शिफ्ट किया जा सकता है। उनके राशन में कटौती करने करने के साथ-साथ उन्हें काम करने के लिए दंड के तौर पर कोयले की खदानों में भेजा जा सकता है।
    राशन कार्ड छीनने से उनके भूखे मरने की भी नौबत आ सकती है क्योंकि उत्तर कोरिया में राशन सिर्फ सरकारी दुकानों पर मिलता है।
   किम जोंग इसलिए भी ज्यादा गुस्से है क्योंकि उसके दुश्मन देश दक्षिण कोरिया ने ओलिंपिक में 21 पदक हासिल किए हैं। इससे पहले जोंग ने 2010 में फुटबॉल वर्ल्ड कप में पुर्तगाल की टीम से हारने पर उत्तर कोरिया के खिलाड़ियों से कोयले की खदान में मजदूरी करवाई और फिर ठंड में तड़पने के लिए छोड़ दिया था।



12:58:00 PM | 0 comments | Read More

वेबसाइट ने श्रीकृष्‍ण को ऑनलाइन शॉपिंग करते दिखाया, बाद में मांगी माफी

    नई दिल्ली।। भगवान श्रीकृष्‍ण को ऑनलाइन शॉपिंग करते दिखाने वाली एक वेबसाइट का ग्राफिक्‍स विवादों में फंस गया है। ग्राफिक्‍स में दिखाया गया है कि द्रौपदी को चीरहरण से बचाने के लिए श्रीकृष्‍ण मिंत्रा से साड़‍ियां खरीद रहे हैं।
    स्‍कॉल ड्रॉल नाम की वेबसाइट ने फरवरी में एक आर्टवर्क रिलीज किया था। इस पर सोशल मीडिया में लोगों का गुस्सा भड़क गया। ग्राफिक्‍स में मिंत्रा का जिक्र होने के कारण यूजर्स ने मिंत्रा पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उसका बॉयकॉट करने की अपील की।
    देखते ही देखते शुक्रवार को #BoycottMyntra टि्वटर पर ट्रेंड करने लगा। विवाद बढ़ता देखकर स्‍कॉलड्रॉल वेबसाइट ने ग्राफिक्‍स की जिम्‍मेदारी ली और साफ किया कि इससे मिंत्रा का कोई लेना देना नहीं है।
    कंपनी ने कहा कि वह ग्राफिक्‍स को हटा रही है। उसका मकसद किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था। इसके बाद मिंत्रा ने भी खुद को पूरे विवाद से अलग करते हुए ट्वीट किया। हालांकि, इसके बाद भी यूजर्स का गुस्‍सा शांत नहीं हआ।


12:52:00 PM | 0 comments | Read More

मध्य प्रदेश में पहनावे पर फरमान, जैन मंदिर में लड़कियों के जींस-स्कर्ट पहनकर आने पर लगाया बैन

Image result for ujjain jain temples band jeans and shirt of girls    उज्जैन/भोपाल।। मध्य प्रदेश में लड़कियों के पहनावे को लेकर 15 दिन के अंदर दूसरी बार अजीबोगरीब फरमान जारी किया गया। उज्जैन के एक जैन मंदिर में लड़कियों को जींस और स्कर्ट पहनकर आने से मना किया गया है। इस बारे में बाकायदा एक सूचना भी मंदिर के बाहर लगा दिया गया है। सूचना में क्या लिखा है, किस मंदिर ने जारी किया फरमान...
- उज्जैन में खाराकुआं स्थित श्री ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी के दिगंबर समाज के मंदिर ट्रस्ट ने लड़कियों से भारतीय संस्कृति के मुताबिक कपड़े पहनकर मंदिर में आने को कहा है।
- इस तरह का फैसला लेने वाला यह का उज्जैन का पहला मंदिर कहा जा रहा है। यहां चातुर्मास कर रहे पन्यास विमल कीर्ति महाराज एवं गणिवर्य रत्न कीर्ति महाराज की मौजूदगी में एक मीटिंग के दौरान ट्रस्ट ने फैसला लिया।
- ट्रस्ट प्रेसिडेंट महेंद्र सिरोलिया और सेक्रेटरी जयंतीलाल जैन तेलवाला ने भास्कर को बताया कि रोजाना पूजा-पाठ या मंदिर में आए दिन होने वाले सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में महिलाएं एवं लड़कियां जींस, स्कर्ट, टॉप, कैपरी जैसे कपड़े पहनकर आती हैं।
- इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। साधु मंडल ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। इस वजह से फैसला लिया गया कि मंदिर में आने वाली आठ वर्ष से ज्यादा उम्र की लड़कियों और महिलाओं से 'जिन शासन' व भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही साड़ी या सलवार सूट जैसे कपड़े पहन कर और सिर ढंक कर आने को कहा गया है।
राजस्थान के जैन मंदिरों में इस तरह के प्रतिबंध
- ट्रस्ट ने फैसले की एक सूचना मंदिर परिसर में लगा भी दी है। ट्रस्ट का कहना है
12:51:00 PM | 0 comments | Read More

मन की बात : बच्चों को मोहरा बनाकर कश्मीर में हिंसा फैलाने वालों को जवाब देना होगा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह 11 बजे रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की शुरुआत हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करने के साथ की. इस कार्यक्रम के 23वां संस्करण में उन्होंने कहा-
- कल हॉकी के जादूगर ध्यानचंद जी की जन्मतिथि है, यह दिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रुप में मनाया जाता है.
- मैं ध्यानचंद जी को श्रद्धांजलि देता हूं और इस अवसर पर आप सभी को उनके योगदान की याद भी दिलाना चाहता हूं.
- ध्यानचंद जी स्पोर्ट्समैन स्प्रिट और देशभक्ति की एक जीती-जागती मिसाल थे.
- mygov.in पर कई लोगों ने रियो ओलंपिक और साक्षी, सिंधू के बारे में बोलने के लिए कहा है.
- हमारी बेटियों ने एक बार फिर साबित किया कि वे किसी भी तरह से, किसी से भी कम नहीं हैं.
- इस बात से तो इंकार नहीं किया जा सकता कि हमारी आशा के अनुरूप हम रियो ओलंपिक में प्रदर्शन नहीं कर पाए.
- फिर भी हमारे देश ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और सकारात्मक माहौल बनाया.
- मैंने खेल प्रदर्शन में सुधार को लिए एक कमिटी की घोषणा की है.
- यह दुनिया में क्या-क्या प्रैक्टिस हो रही है, उसका अध्ययन करेगी.
- 2020, 2024, 2028 - ओलंपिक के लिए दूर तक की सोच के साथ हमें योजना बनानी है.
- मैं राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि ऐसी कमिटियां बनाएं, खेल जगत से जुड़े संगठन निष्पक्ष भाव से ब्रेन स्टॉर्मिंग करें.
- देश के हर नागरिक से आग्रह करता हूं कि मुझे सुझाव भेजें.
- खेल संगठन चर्चा कर-करके अपना ज्ञापन सरकार को दें.
- सवा सौ करोड़ देशवासी और 65 फीसदी युवा जनसंख्या वाला देश, खेल की दुनिया में भी बेहतरीन स्थिति प्राप्त करे, इस संकल्प के साथ आगे बढ़ना है.
- 5 सितंबर शिक्षक दिवस है. मैं कई वर्षों से शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों के साथ काफी समय बिताता रहा हूं.
- मेरे लिए 5 सितंबर ‘शिक्षक दिवस’ भी था और मेरे लिए ‘शिक्षा दिवस’ भी था.
- लेकिन इस बार मुझे G-20 समिट के लिए जाना पड़ रहा है.
- जीवन में जितना ‘मां’ का स्थान होता है, उतना ही शिक्षक का स्थान होता है.
- मैं आज पुल्लेला गोपीचंद जी को एक खिलाड़ी से अतिरिक्त एक उत्तम शिक्षक के रूप में देख रहा हूं.
- 5 सितंबर भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म दिन है.
- देश उसे ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाता है.
- राधाकृष्णन जी हमेशा कहते थे – “अच्छा शिक्षक वही होता है, जिसके भीतर का छात्र कभी मरता नहीं है”.
- मेरे एक शिक्षक जो 90 साल के हो गए हैं. आज भी हर महीने उनकी मुझे चिट्ठी आती है.
- महीने भर मैंने क्या किया, उनकी नजर में वो ठीक था, नहीं था, जैसे आज भी मुझे क्लास रूम में पढ़ाते हों.
- मेरे प्यारे देशवासियो, कुछ ही दिनों में गणेश उत्सव आने वाला है.
- गणेश उत्सव की बात करते हैं, तो लोकमान्य तिलक जी की याद आना बहुत स्वाभाविक है.
- लोकमान्य तिलक जी ने सार्वजनिक गणेश उत्सव के द्वारा इस धार्मिक अवसर को राष्ट्र जागरण का पर्व बना दिया.
- अब सिर्फ महाराष्ट्र नहीं, हिंदुस्तान के हर कोने में गणेश उत्सव होने लगे हैं.
- लोक शिक्षा का बड़ा अभियान गणेश उत्सव के द्वारा चलता है.
- सुराज हमारी प्राथमिकता हो, इस मंत्र को लेकर के हम गणेश उत्सव से संदेश नहीं दे सकते हैं क्या?.
- उत्सव समाज की शक्ति होता है. उत्सव व्यक्ति और समाज के जीवन में नए प्राण भरता है.
- उत्सव के बिना जीवन असंभव होता है.
- गांव के तालाब की मिट्टी से बने हुए गणेश जी का उपयोग करें.
- हम मिट्टी का उपयोग करके गणेश, दुर्गा की मूर्तियां बनाकर हम उस पुरानी परंपरा पर वापस आएं.
- गणेशोत्सव- एक समाज सेवा का काम है. आप सबको गणेश चतुर्थी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. .
- भारत रत्न मदर टेरेसा को 4 सितंबर को संत की उपाधि से विभूषित किया जाएगा.
- मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन भारत में गरीबों की सेवा के लिए लगाया था.
- 4 सितंबर के समारोह में भारत सरकार, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अगुवाई में आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी.
- संतों, ऋषि-मुनियों, महापुरुषों से हर पल सीखने को मिलता ही है. हम कुछ-न-कुछ पाते रहेंगे, सीखते रहेंगे, कुछ-न-कुछ अच्छा करते रहेंगे.
- भारत सरकार ने पिछले दिनों 5 राज्य सरकारों के सहयोग के साथ स्वच्छ गंगा के लिए लोगों को जोड़ने का सफल प्रयास किया.
- 15 जुलाई को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 1700 से ज्यादा स्कूलों के सवा-लाख विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता को चिट्ठी लिखी.
- उन्होंने लिखा कि हमारे घर में टॉयलेट होना चाहिए.
- कर्नाटक के कोप्पाल जिले में 16 साल की एक बेटी मल्लम्मा ने सत्याग्रह कर टॉयलेट बनवाया.
- आप 2-3 मिनट की स्वच्छता की फिल्म बनाइए, ये शॉर्ट भारत सरकार को भेज दीजिए.
पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में देश की जनता को संबोधित करते हैं.




12:45:00 PM | 0 comments | Read More

एकता के लिए कारसेवकों पर गोली चलाना सही - मुला यम

   समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 1990 में अपने मुख्यमंत्रित्वकाल के दौरान अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने के अपने आदेश को सही करार देते हुए दलील दी कि उस समय के हालात को देखते हुए देश की एकता के लिए यह जरुरी था.
    यादव शनिवार को लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक पुस्तक के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि 1990 में अयोध्या में देश की एकता बनाये रखने के लिए गोली चलाने का आदेश दिया था.
    उस समय यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उन्होंने कहा कि इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गयी थी. देश की एकता के लिये और भी जाने जाती तो उन्हें यह भी मंजूर था. यदि गोली चलाने का आदेश नहीं देता तो देश से मुसलमानों का विश्वास उठ जाता.
    यादव ने कहा गोली चलाने के मेरे निर्णय के कारण मेरा सदन में विरोध किया गया था. देश की एक मस्जिद को बचाने के लिए यह जरूरी था. उस समय सदन में जाने पर मुझे हत्यारा माना जाता था. मैं अपने उस निर्णय को आज भी सराहता हूं. मेरा मानना है कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी देश के नागरिक हैं और उन्हें समान अधिकार हैं.

11:53:00 AM | 0 comments | Read More

आप सरकार के सत्ता में आने के बाद से शराब बेचने के 400 लाइसेंस दिये गये :योगेंद्र यादव

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      स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने सत्ता में आने के बाद से विभिन्न श्रेणियों के तहत शराब बेचने के 400 से अधिक लाइसेंस दिये और दिल्ली में शराब की खपत कम करने का अरविंद केजरीवाल का वादा ढकोसला है.
    यादव ने शॉपिंग मॉल्स (एल 10) और डिपार्टमेंटल स्टोरों (एल 12) में खुदरा दुकानें खोलने के लिए लाइसेंस देने में 'अनियमितताओं' का आरोप लगाया. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि असली खेल यहां है और वह इससे जल्द पर्दा उठाएंगे.
      कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए आप से निकाले गये यादव ने कहा कि दिल्ली में आप सरकार ने नशा मुक्ति अभियानों पर महज 16,000 रुपये खर्च किये. उन्होंने दावा किया कि यह आंकड़ा सरकारी रिकॉर्ड से लिया गया है.
      यादव ने कहा, 'सरकार ने शराब दुकानों पर चार आरटीआई अर्जियों पर चार अलग-अलग जवाब दिये. लेकिन गहराई से खोजने पर हमें पता चला कि 10 अगस्त तक 399 नये लाइसेंस दिये जा चुके हैं. अब यह 400 को पार कर गये होंगे.'
     केजरीवाल को आड़े हाथ लेते हुए यादव ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि इसी व्यक्ति ने नयी शराब दुकानें खोले जाने से पहले अपनी पुस्तक 'स्वराज' में लोगों की और खासतौर पर महिलाओं की सहमति लेने को महत्व दिया. यादव ने वीडियो क्लिप भी चलाये जिसमें केजरीवाल कथित तौर पर विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान इसी तरह का वादा कर रहे हैं.
    उन्होंने कहा कि इस संबंध में मोहल्ला सभाओं को अधिक अधिकार देने का दिल्ली सरकार का हालिया कदम धोखा है और इन संस्थाओं को किसी तरह के कानूनी आधार के लिए अधिसूचना तक नहीं भेजी गयी है जिनकी संख्या करीब 3000 है.
    असंतुष्ट आप विधायक (तिमारपुर) पंकज पुष्कर ने कहा कि वह दिल्ली को अल्कोहल के बाजार में बदलते नहीं देखना चाहते. पुष्कर ने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस का प्रस्ताव दिया था.
   यादव ने बार-बार यह बात भी दोहराई कि स्वराज अभियान राष्ट्रीय राजधानी में पूरी तरह पाबंदी की वकालत नहीं कर रहा है और इस तरह के कदमों का अच्छाई से ज्यादा नुकसान होता है. उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे इसे कम करना होगा.
11:51:00 AM | 0 comments | Read More

हार्दिक पटेल की मांग: 2002 दंगो में दोषी ठहराए गए पटेल समुदाय के लोगों को रिहा किया जाए



   पटेल आरक्षण के लिए आंदोलन करने वाले हार्दिक पटेल ने मांग की है कि राज्य में 2002 के दंगों के विभिन्न मामलों में दोषी ठहराए गए पटेल समुदाय के युवाओं को रिहा किया जाए.
    इसके अलावा हार्दिक ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वो इन युवाओं को रिहा नहीं करवाएंगे क्योंकि मोदी दुनिया के सामने खुद को धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं.
   पटेल ने मोदी को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने पटेल समुदाय के उन 102 लोगों के नाम शामिल किए हैं, जिन्हें 2002 के दंगों के विभिन्न मामलों में दोषी साबित किया गया है और उम्र कैद की सजा सुनाई गई है.
   पटेल ने पत्र में लिखा है, 'सभी जानते हैं कि मोदी 2002 दंगे का लाभ उठाकर पहले मुख्यमंत्री और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने हैं.' पत्र में मोदी को इन दंगों के लिए आरोपित किया गया है.
   पटेल फिलहाल उदयपुर में रह रहे हैं क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते समय कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा.
   पत्र में लिखा है, 'ये सभी पटेल युवा गुजरात की जेलों में सड़ रहे हैं. मोदीजी अभी प्रधानमंत्री हैं. वो फिलहाल राष्ट्रपति से सिफारिश कर सकते हैं कि पटेल युवाओं को छोड़ दिया जाए.
    पटेल ने आगे लिखा है, 'लेकिन मैं जानता हूं कि मोदी जी ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वो देश और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष नेता हैं. मोदीजी ने गुजरातियों खासकर पटिदारों का गलत इस्तेमाल किया है.'
   एक साल हो चुका है जब हार्दिक ने पटेलों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू किया था. पिछले साल 25 अगस्त को पटेदारों की एक बड़ी रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करोड़ों रपयों की निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था. यही नहीं एक पुलिसकर्मी समेत 11 लोगों भी मारे गए थे.
   बाद में राजद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें करीब नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा.

11:44:00 AM | 0 comments | Read More

हाईकोर्ट के तीखे तेवर छत्तीसगढ़ के कई डीएसपी व डिप्टी कलेक्टर की नौकरी खतरे में

Written By News Today Time on Saturday, August 27, 2016 | 12:19:00 PM

Image result for chhattisgarh high court    बिलासपुर।। छत्तीसगढ़ के कई डीएसपी व डिप्टी कलेक्टर की नौकरी खतरे में है। हाईकोर्ट के तीखे तेवर देख ये तय माना जा रहा है कि अगले दो महीने में 13 साल से नौकरी कर रहे कई डीएसपी को अपनी वर्दी तो कई डिप्टी कलेेक्टरों को अपनी कुर्सी छोडऩी पड़ेगी। वर्षा डोंगरे की याचिका पर आज बिलासपुर हाईकोर्ट ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाया है। साल 2003 के पीएससी इम्तिहान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने माना है कि चयन में भारी पैमाने पर गड़बडिय़ां हुई है और पीएससी की मेरिट सूची में हेराफेरी हुई है। इसलिए दोबारा से मेरिट सूची बनाई जाए। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि परीक्षा में एंथ्रोप्लॉजी की कॉपी को दोबारा जांचा जाएगा। वहीं इंटरव्यू के सेलेक्शन से वंचित रहे उम्मीदवारों के लिए भी दोबारा से इंटरव्यू कॉल करने का निर्देश जारी किया गया है।
      खास बात ये कि पीएससी को इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए सिर्फ दो महीने का वक्त तिया गया है। 21 अक्टूबर तक नई मेरिट सूची पीएससी को तैयार करनी होगी। जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के बाद 56 उम्मीदवारों के पदों में फेरबदल होगी। आज फैसले के मद्देनजर हाईकोर्ट में सुबह से ही चहल-पहल थी। कई मौजूदा अफसर आज फैसले को सुनने के लिए हाईकोर्ट में मौजूद थे, जो फैसले के बाद अपने आंसू को नहीं छुपा सके और रोते हुए हाईकोर्ट से निकले।
      हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ये भी बताया है कि जो नए मेरिट लिस्ट के आधार पर चयनित नहीं होंगे। उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। मानव विज्ञान यानि एंथ्रोप्लॉजी का एक यार्ड स्टिक आधार पर नए सिरे से उत्तर पुस्तिका की जांच की जाएगी और नया मेरिट लिस्ट तैयार किया जाएगा। खास बात ये कि इस मामले की मुख्य याचिकाकर्ता वर्षा डोंगरे को 5 लाख रुपए और रविंद्र सिंह व चमन सिन्हा को 2-2 लाख रुपए भी पीएससी को देेने का आदेश दिया गया है। 31 अक्टूबर तक लोक सेवा आयोग को समस्त विषयों का नए सिरे से सभी मुख्य परीक्षा में सम्मिलत हुए छात्रों की स्केलिंग कर नया मेरिट लिस्ट बनाया जाएगा।
12:19:00 PM | 0 comments | Read More

पिछले 175 सालों से एक ही बैटरी पर बज रही है ये घंटी....!!

कोई नहीं जान पाया इसके पीछे का कारण....!
    175 साल पुरानी Oxford Electric Bell की सबसे बड़ी खासियत है कि 1840 में डाली गई बैटरी की बदौलत ये आज भी चल रही है। वैज्ञानिक इस बात से हैरान और परेशान हैं कि आखिर कोई घंटी इतने लंबे समय तक एक ही बैटरी के सहारे कैसे चल सकती है? उन्हें अब-तक अपने सवाल का जवाब नहीं मिला है। अब भी वैज्ञानिक अपने सवालों के जवाब के लिए कई प्रयोग कर रहे हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की Clarendon Laboratory में रखी यह घंटी आज भी बजती है, कहा जाता है कि ये घंटी 10 बिलियन बार बज चुकी है।
    इस घंटी को बनाने वाले Watkin और Hill ने अपनी ही हैंडराइटिंग में घंटी के साथ एक नोट रखा था जिस पर लिखा है कि इसे 1840 में सेटअप किया गया था। कुछ सिद्धांत बताते है कि इस घंटी को 1825 के करीब बनाया गया था. हालांकि अब तक इसमें प्रवाहित होने वाली ऊर्जा का पता नहीं लगाया जा सका है। और हां, इस घंटी के नाम सबसे लंबे समय तक एक ही बैटरी पर बजने का रिकॉर्ड, गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है...!


12:10:00 PM | 0 comments | Read More

ये अंकल लगाते थे सुई, इनको मारो, शिनाख्त परेड में रेप का शिकार हुई लड़की बोली

Written By News Today Time on Friday, August 26, 2016 | 8:04:00 PM

Image result for rape    ग्वालियर।। रामश्री किड्स स्कूल में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई लड़की के सामने पुलिस ने 22 लोगों की शिनाख्त परेड कराई। इसमें से दो युवकों का फोटो देखकर पीड़ित लड़की तुरंत बोल उठी, यह अंकल मुझे कई बार सुई लगाते थे। गंदे हैं इनको मारो। यह देखकर पूरा परिवार दहशत में आ गया। उधर पुलिस ने यौन उत्पीड़न से जुड़े पांच लोगों के साथ स्कूल की सीसीटीवी कैमरे की रिर्काडिंग को जप्त कर लिया है।
ऐसे की शिनाख्त....
- देर रात एफआईआर लिखने के बाद यौन उत्पीड़न का शिकार हुई तीन साल की लड़की को हॉस्पिटल में रखकर इलाज किया गया।
- इसके बाद पुलिस और परिजन लड़की को स्कूल लेकर गए। यहां पर स्कूल में काम करने वाले मेल स्टाफ की शिनाख्त परेड शुरू की गई।
- पुलिस ने एक साथ छह-छह लोगों को बच्ची के सामने भेजा, इसमें से पांच लोगों की ओर उसने उंगली उठाई। पुलिस ने इन पांचों को हिरासत मे ले लिया।
- इसके बाद इन पांचों के फोटो परिजनों के दिए और डरी हुई लड़की को घर भेज दिया। इसके अलावा पुलिस ने स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे का डाटा भी अपने कब्जे में ले लिया है।
घर पर लड़की ने पहचाना आरोपी को
- परिजन पीड़ित बच्ची को घर ले गए। घर में जब बच्ची को आरोपियों के फोटो दिखाए तो वह दो फोटो को देखकर वह तुरंत बोली, यही अंकल गंदा काम करते थे।
- बच्ची ने रोते-रोते बताया कि ये अंकल गंदे हैं, मुझे कई बार सुई लगाते थे। परिजनों के मुताबिक बच्ची के साथ दो युवकों ने यौन उत्पीड़न किया है। ऐसा लगता है कि उनकी बेटी के साथ कई बार यह उत्पीड़न हुआ है।
जिसको पहचाना, वह गायब मिला
- पीड़ित लड़की ने जिस युवक को पहचाना है, वह गायब मिला है। पुलिस के मुताबिक वह शिनाख्त परेड में भी स्कूल नहीं आया था।
- इस मामले के सामने आने के बाद स्कूल मैनेजमेंट का झूठ भी सामने आया है। स्कूल की ओर से पहले कहा गया था कि उनके यहां कोई मेल स्टाफ नहीं है, जबकि 20 से ज्यादा लोग काम करते मिले।
खेलते हुए पुलिस ने कराई शिनाख्त
- तीन साल की बच्ची को पुलिस व परिजन ने बहलाया। महिला एसआई गीता भदौरिया ने बच्ची को कभी पोयम तो कभी सांग सुनाए।
- बच्ची संदेहियों को देख बार बार डर रही थी तो पुलिस उसे वहां से खेल-खिलाने ले जाती। महिला बाल विकास विभाग से भी एक टीम स्कूल पहुंची थी।
8:04:00 PM | 0 comments | Read More

ये है असली खिलाडी : RIO में 'सिल्वर' विजेता ने कैंसर पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए नीलाम किया मेडल


.... रियो ओलंपिक में एक विजेता एथेलीट का मेडल नीलाम करने का हैरत में दाल देने वाला मामला सामने आया है। मेडल नीलाम करने का काम किया है पोलैंड के डिस्कस थ्रोअर पिओटर मालाचउसकी ने। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए रियो में सिल्वर मेडल जीता था। लेकिन उन्होंने एक कैंसर पीड़ित तीन साल के बच्चे के इलाज के लिए इस सिल्वर मेडल को नीलाम कर दिया है। इसका खुलासा खुद उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर किया है।
     33 वर्षीय इस वर्ल्ड चेम्पियन ने फेसबुक पर लिखा कि उन्होंने मेडल नीलाम करने का कदम तीन साल के कैंसर पीड़ित बच्चे की मां की ओर से से मदद के लिए मिले एक पत्र पढ़ने के बाद उठाया है। उन्होंने बताया कि खत में बच्चे की मां ने उन्हें लिखा कि उनका बच्चा ओलेक आंख के कैंसर से बीते दो साल से पीड़ित है। साथ ही लिखा कि बच्चे के बचने की आखिरी उम्मीद उसके न्यूयॉर्क अस्पताल में इलाज पर टिकी हुई है।
    मालाच उसकी ने लिखा, '' मैं रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल के लिए खेला। लेकिन आज में सभी से किसी ऐसे मकसद के लिए लड़ने की अपील करता हूं जो ख़ास और नेक हो। ''
    उन्होंने आगे लिखा, '' अगर आप मेरी मदद करेंगे तो मेरा नीलाम हुआ सिल्वर मेडल ओलेक को बचाने के लिए किसी गोल्ड मेडल से कम नहीं होगा। इस नीलामी से मिले फंड को मैं ओलेक के बेहतर इलाज के लिए खर्च करना चाहता हूं। ''  आखिर में उन्होंने लिखा, ''कामयाबी मिली, मुझे मेडल खरीदने वाले लोग मिल गए।''
7:30:00 PM | 0 comments | Read More

खबरे जो इंसानियत को शर्मसार कर दे वाकई! "मेरा देश बदल रहा हैं, आगे बढ़ रहा हैं"


इंसानियत बची हैं क्या ? गाड़ी नहीं थी तो हॉस्पिटल स्‍टाफ ने तोड़ दी लाश की हड्डी, बोरी में पैक कर पहुंचाया स्‍टेशन।
    उड़ीसा के बालासाेर जिले में 80 व‍र्षीया विधवा, सलमानी बेहड़ा की बुधवार सुबह सोरो रेलवे स्‍टेशन के नजदीक मालगाड़ी के नीचे आ जाने से मौत हो गई। उनकी लाश को सोरो कम्‍युनिटी हेल्‍थ सेंटर ले जाया गया। लाश को पाेस्‍टमॉर्टम के लिए बालासोर जिला ले जाना जरूरी था, मगर कोई एम्‍बुलेंस मौजूद नहीं थी।
    देरी होने की वजह से, लाश अकड़ गई थी जिसकी वजह से कामगारों को लाश बांधने में परेशानी हो रही थी। इसलिए उन्‍होंने कूल्‍हे के पास से लाश को तोड़ दिया, उसके बाद उसे पुरानी चादर में लपेटा, एक बांस से बांधा और दो किलोमीटर दूर स्थित रेलवे स्‍टेशन ले गए।
......इससे पहले दूसरी खबर भी ओडिशा से आयी जिसने विचलित कर दिया : गाड़ी करने को रुपए नहीं थे, बीवी की लाश को कंधे पर लाद कर ले गया माझी। ओडिशा के कालाहांडी से मानवता को शर्मसार कर देने वाली खबर है। यहां के एक आदिवासी शख्‍स को अपनी बीवी की लाश कंधे पर रखकर 12 किलोमीटर इसलिए पैदल चलना पड़ा क्‍योंकि उसके पास गाड़ी करने को रुपए नहीं थे। जिला अस्‍पताल प्रशासन ने कथित तौर पर उसे गाड़ी देने से मना कर दिया था। आंसुओं में डूबी बेटी को साथ लेकर, दाना माझी ने अपनी बीवी अमंगादेई की लाश को भवानीपटना के अस्‍पताल से चादर में पलेटा, उसे कंधे पर टिकाया और वहां से 60 किलोमीटर दूर स्थित थुआमूल रामपुर ब्‍लॉक के मेलघर गांव की ओर बढ़ चला। बुधवार तड़के टीबी से जूझ रही माझी की पत्‍नी की मौत हो गई थी। बहुत कम पैसा बचा था, इसलिए माझी ने अस्‍पताल के अधिकारियों से लाश को ले जाने के लिए एक गाड़ी देने को कहा। माझी लाश कंधे पर लिए करीब 12 किलोमीटर तक चलता रहा, तब कुछ युवाओं ने उसे देखा और स्‍थानीय अधिकारियों को खबर की। जल्‍द ही, एक एम्‍बुलेंस भेजी गई जो लाश को मेलघर गांव लेकर गई। मांझी पूछते हैं, ”मैंने सबके हाथ जोड़े, मगर किसी ने नहीं सुनी। उसे लाद कर ले जाने के सिवा मेरे पास और क्‍या चारा था”
..........शर्मनाक! दबंगों ने नहीं दिया रास्ता तो तालाब से निकली दलित की शवयात्रा... उधर मध्य प्रदेश के पनागर तहसील से दबंगों द्वारा जातिगत भेदभाव का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां दबंगों ने कथित तौर पर दलित समुदाय से संबंध रखने वाली शवयात्रा को अपने खेत से नहीं गुजरने दिया। बाद में परिवार को मजबूर होकर तालाब के रास्ते शवयात्रा निकालनी पड़ी।

6:30:00 PM | 0 comments | Read More

प्रदर्शन में जान गंवाने वाले बच्चे दूध-टॉफी लेने नहीं गए थे - महबूबा मुफ्ती

Written By News Today Time on Thursday, August 25, 2016 | 4:51:00 PM

     कश्मीर के हालात का जायजा लेने राजनाथ सिंह कश्मीर पहुंचे। सीएम महबूबा भी काफी तल्ख नजर आईं।
     श्रीनगर.कश्मीर दौरे पर पहुंचे होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि सिक्युरिटी फोर्सेस द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल पर विचार करने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है। इस गन के विकल्प के बारे में विचार किया जा रहा है। वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में तल्ख हुईं सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा, "एनकाउंटर के बाद हुए प्रदर्शनों में सरकार की क्या गलती है? प्रदर्शन में जो बच्चे मारे गए हैं, तो वे वहां क्या दूध-टॉफी लेने गए थे।" 
- राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
- हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कहा गया कि बुधवार को राजनाथ के कश्मीर पहुंचने पर सीएम महबूबा एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने नहीं गईं। बताया जा रहा है कि महबूबा अरुण जेटली के एक बयान से नाराज चल रही थीं।
- पिछले कई दिनों से घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू जारी है, प्रदर्शन और हिंसा का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हो रहा है। राजनाथ ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर बताया था कि मैं कश्मीर पहुंच रहा हूं।
- उन्होंने संविधान के दायरे में शांति के लिए लोगों से सुझाव मांगा था। बता दें कि एक महीने में राजनाथ का यह दूसरा दौरा है।
क्या बोले राजनाथ?
- "हमारे कुछ नौजवान बहकावे में आकर हाथ में पत्थर उठाते हैं तो उन्हें समझाएं। युवाओं के भविष्य से न खेलें।"
- "अगर कश्मीर का फ्यूचर नहीं बनेगा तो भारत का फ्यूचर भी नहीं बनेगा।"
- "ऐसा पहली बार हुआ होगा कि कश्मीर के हालात पर एक महीने में भारत का गृहमंत्री दो बार वहां गया"
- "मैंने सीएम से कहा कि कश्मीर में ऑल पार्टी डेलिगेशन आएगा।"
- "मैंने पैलेट गन पर एक्सपर्ट्स कमेटी बना दी है।"
- "पहले माना गया कि पैलेट गन से कम डैमेज होता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका अल्टरनेट होना चाहिए। इसका कम से कम इस्तेमाल हो। इसका विकल्प जल्द सामने होगा।"
- "जब कश्मीर में बाढ़ आई थी तो जवानों ने काफी मदद की थी।"
- "इस मामले पर पीएम की पीड़ा सामने आई है। वे लगातार मुझसे इस मसले पर बात करते रहते हैं।"
- "कश्मीर के बहनों-भाइयों से यही कहना चाहता हूं कि राज्य में अमन कायम करने में सहयोग दें।"
- "सिक्युरिटी फोर्सेस संयम बरतें।"
- "जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत के मु्द्दे पर हम सबसे बात करने को तैयार हैं।"
- "मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स कश्मीर मसले पर एक नोडल अफसर की नियुक्ति करने जा रहा हैं। कश्मीर के लोग उनसे सीधे बात कर सकते हैं।"
क्या बोलीं सीएम महबूबा?
- ताजा हिंसा की तुलना कश्मीर के माछिल एनकाउंटर और शोपियां रेप और मर्डर केस के बाद भड़के प्रदर्शनों से करने के सवाल पर महबूबा भड़क गईं।
- उन्होंने कहा, "उस वक्त कुछ लोगों का एनकाउंटर हुआ था। लड़कियों से रेप के मामले सामने आए थे। वो हालात अलग थे। लेकिन अब यहां एक एनकाउंटर हुआ है, जिसमें कुछ आतंकी मारे गए।"
- "इसके बाद हुए प्रदर्शनों में सरकार की क्या गलती है? आर्मी कैम्प पर हमले में कोई बच्चा शामिल है तो क्या वह वहां टॉफी लेने गया था? एक और कैम्प पर हमले के दौरान क्या बच्चा वहां दूध लेने गया था? इस तरह पथराव और कैम्प पर हमला करने से मसला हल नहीं होगा। 95% लोग अमन चाहते हैं। 5% लोग हमारे बच्चों को ढाल बनाते हैं। उन्हें अंधा बनाना चाहते हैं, मारना चाहते हैं। ये बात आपको समझ नहीं आती।"
क्या है पैलेट गन, कैसे करती है काम?
- कश्मीर में विरोध को रोकने के लिए 2010 से ही पुलिस पैलेट गन का यूज कर रही है। तब पुलिस ने इसे नॉन-लीथल हथियार होने के चलते यूज करना शुरू किया था।
- नॉन-लीथल हथियार उन्हें कहा जाता है, जिसके यूज से मरने के चांसेस कम होते हैं, लेकिन हर साल पुलिस इसका यूज बढ़ाती गई।
- इस बंदूक से सैकड़ों छर्रे निकलते हैं, जिनसे शरीर पर कई तरह की चोटें आ सकती हैं। छर्रे को तेजी से बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक बल का इस्तेमाल किया जाता है।
- पैलेट के छर्रे आंख में घुस जाते हैं और आंख के टिश्यू को धीरे-धीरे खराब करने लगते हैं।
- गन को कमर से नीचे चलाने के लिए कहा गया है। लेकिन प्रदर्शनकारियों के हमले के चलते सिक्युरिटी फोर्सेस को सामने से गन चलाना पड़ रही है।

4:51:00 PM | 0 comments | Read More

इस दरगाह में मुसलमान मनाते हैं धूमधाम से जन्माष्टमी

news    राजस्थान की राजधानी जयपुर से 200 किलोमीटर दूर झुंझुनू जिले के चिड़ावा में स्थित नरहड़ दरगाह में. शरीफ हजरत हाजिब शकरबार दरगाह पर आप देख सकते हैं कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी इस जगह जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाते हैं. यहां मुस्लिम समुदाय के लोग दरगाह में जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं. लेकिन बेहद कम लोगों को ही इसकी जानकारी होगी. इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे जन्माष्टमी का पर्व बड़ी शृद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है.  
      नरहर दरगाह में जन्माष्टमी के अवसर पर तीन दिनों का उत्सव आयोजित किया जाता है.सूत्रों के मुताबिक, इस दरगाह में यह जन्माष्टमी के दिन का उत्सव पिछले 300-400 वर्षों से मनाया जा रहा है. इस उत्सव में हर समुदाय के लोग आते हैं. इस समारोह का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं और मुस्लिमों में भाई-चारे को बढ़ावा देना है.
      हालांकि स्थानीय लोगों को भी इस बात की जानकारी नहीं है कि यहां इस त्योहार को मनाने की परंपरा कब और कैसे शुरू हुई, लेकिन इतना जरूर है कि दरगाह में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को उल्लास और धूमधाम से मनाया जाना एकता की सच्ची तस्वीर पेश करता है. इस त्योहार को यहां हिंदू, मुस्लिम और सिख साथ मिलकर मनाते हैं.
      यहां पर आयोजित जन्माष्टमी उत्सव देखने लायक होता है. त्योहार से कुछ दिन पहले से ही दरगाह के आस-पास की 400 से ज्यादा दुकानों को सजाया जाता है. सिर्फ़ इतना ही नहीं, जन्माष्टमी की रात यहां अलग-अलग तरह के उत्सव भी आयोजित किए जाते हैं. मान्यता है कि पहले यहां दरगाह की गुम्बद से शक्कर बरसती थी. इसी कारण यह दरगाह शक्करबार बाबा के नाम से भी जानी जाती है. शक्करबार शाह अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मोइनुदीन चिश्ती के समकालीन थे तथा उन्हीं की तरह सिद्ध पुरुष थे. शक्करबार शाह ने ख्वाजा साहब के 57 वर्ष बाद देहत्याग किया था.
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मुसलमानों ने कुरान जलाकर हिन्दूओ पर लगाए झूठे इलज़ाम, भागने को मजबूर हैं हिन्दू

img_20160825114612    पाकिस्तान में हिंदुओं के क्या हालात है उसका ताजा उदाहरण सामने आएं हैं। कभी किसी पुजारी की हत्या होती है कभी हिंदू डॉक्टर की। अब तो हद ही हो गई है, वहां के मुसलमान कुरान को जलाकर इसका इल्जाम हिंदुओं पर लगा रहे हैं। भारत से लगती सीमा पर पाकिस्तान के घोटकी शहर में अशोक कुमार अपना बैग पैक कर रहे हैं। अपने अन्य पड़ोसियों और सिंध प्रांत में दूसरे हिन्दुओं की तरह वह इंडिया जाने की तैयारी कर रहे हैं। 
     अशोक कुमार ने कहा, ‘मेरी चार बेटियां हैं और मैं डरा हूं कि एक दिन इन्हें अगवा कर जबरन मुसलमान बना दिया जाएगा। इसके बाद उनकी शादी मुस्लिमों से कर दी जाएगी।’ पिछले कई सालों से यहां मुस्लिम और हिन्दू एक साथ शांतिपूर्वक रहते आ रहे थे। इनकी भाषा, संस्कृति और परंपरा एक थी। लेकिन कट्टरता ने सब कुछ खत्म कर दिया। कट्टरता की जड़ें इतनी गहरी होती गईं कि सारे साझे मूल्य बिखर गए। शत्रुता बढ़ती गई और सद्भावना खत्म होती गई।
     तनाव इस कदर है कि कुमार अपना ही मुल्क छोड़ने पर बेबस हैं। कुछ हफ्तों से यहां तनाव चरम पर है। कुमार का छोटा सा गांव मेहराब सामेजो खौफ के साए में है। जुलाई के आखिरी में यहां मुस्लिम उपासक सुबह-सुबह मस्जिद में नमाज के लिए जुटे थे। इन्हें यहां कुरान जले हुए पन्ने मिले थे। इस मामले में दोषी की पहचान तत्काल हो गई थी।उस आदमी का नाम उबेदुल्लाह था।
     वह हिन्दू था जिसे कुछ महीने पहले इस्लाम में कन्वर्ट किया गया था। कहा जा रहा है कि वह ड्रग्स की लत से पीड़ित था और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
     ईश निंदा के मामले में पुलिस ने उबेदुल्लाह को अरेस्ट कर लिया लेकिन उसकी हिन्दू पहचान खत्म नहीं हुई थी। उस पर जो आरोप तय किया गया वह हिन्दू नाम अमर लाल से था। यह उनके लिए अकल्पनीय था कि कोई मुस्लिम भी इस तरह का जुर्म कर सकता है। ऐसे में उसका अपराध हिन्दू पहचान से अलग नहीं हो पाया। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली। इसे लेकर मुस्लिमों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
रात में स्थानीय मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिए ऐलान किया गया। दुकानें बंद कर दी गईं और बड़ी संख्या में शत्रुता की भावना से ग्रसित भीड़ ने नैशनल हाइवे को बंद कर दिया। यह देश का मुख्य मार्ग है। इस बंदी के कारण भयानक रूप के ट्रैफिक जाम लगा। इन्होंने कहा कि हिन्दुओं ने कुरान जलाया है। भीड़ रेहार्की दरबार में एक अहम हिन्दू मंदिर की तरफ बढ़ी। अनियंत्रित भीड़ के हाथों में धार्मिक झंडे थे। वे इस्लाम के दुश्मनों को खिलाफ नारे लगा रहे थे। हिन्दू डर के कारण अपने घरों में छुप गए। पैरामिलिटरी फोर्स की टुकड़ी इनकी सुरक्षा के लिए पहुंची ताकि हिन्दुओं के धार्मिक केंद्रों की सुरक्षा की जा सके।
    हिंसक भीड़ तो तितर बितर हो गई लेकिन शत्रुता खत्म नहीं हुई थी। रात में दो हथियारबंद लोग मोटरबाइक से पहुंचे। इन दोनों ने हिन्दू युवाओं के एक समूह पर खुली फायरिंग शुरू कर दी। ये सड़के के किनारे एक चाय की दुकान पर थे। इसमें 17 साल का सतीश कुमार मारा गया जबकि उसका दोस्त अविनाश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। डॉ सेवा राम लोकल हिन्दू कम्युनिटी ऑर्गेनाइजेशन के प्रेजिडेंट हैं। उनका दावा है कि कुरान का जलना महज एक दुर्घटना थी। राम ने बताया कि कुरान अगरबती से जला था। उन्होंने हिन्दू नाम से मुकदमा दर्ज करने पर पुलिस पर कड़ी आपत्ति जतायी है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के कारण भारचुंदी श्राइन में काफी तनाव है।
    रेहार्की में यह अहम इस्लामिक सेंटर है। श्राइन नेताओं का इस जिले में काफी प्रभाव है। इन्होंने जले हुए कुरान के पन्नों को एकत्र किया था। इससे पहले श्राइन पर एक हिन्दू लड़की को जबरन मुस्लिम बनाने का आरोप लगा था। लोगों का कहना है कि इस इलाके में टेंशन के लिए श्राइन नेता ही जिम्मेदार हैं। इनकी कोशिश है कि इलाके के सारे हिन्दू अपना घर-बार छोड़कर भाग जाएं। हालांकि श्राइन के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है।
     श्राइन के एक संरक्षक मियां अब्दुल मलिक ने स्वीकार किया कि कुरान का जलना एक दुर्घटान हो सकती है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि श्राइन हिन्दुओं के खिलाफ कोई कैंपेन नहीं चला रहा है। पुलिस ने हिन्दुओं को आश्वस्त किया है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। इसके पहले भी पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार की घटनाएं सामने आती रही हैं। हिन्दू पुलिस के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और वे भागने की योजना बना रहे हैं। यहां करीब 70 लाख हिन्दू बचे हैं और ज्यादातर सिंध प्रांत में ही रहते हैं।
    हाल के वर्षों में पाकिस्तानी हिन्दुओं के भारत शिफ्ट होने का सिलसिला तेज हुआ है। ये हिन्दू बहुत देश भारत में शरण चाहते हैं। हालांकि अशोक कुमार हिन्दुस्तान आने को लेकर भी बहुत खुश नहीं हैं। कुमार ने कहा, ‘मुझे पता है कि वहां भी मेरा कोई स्वागत करने के लिए खड़ा नहीं है। मुल्क छोड़ने का फैसला काफी कठिन है लेकिन जान बचेगी तभी सपने भी बचेंगे। कुमार ने कहा कि मेरे पास विकल्प कम हैं और इंडिया से बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है।
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मंदबुद्धि युवती से सामूहिक बलात्कार, इमाम सहित दो लोग जेल भेजे गये

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    मेरठ।। उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले के थाना खरखौदा क्षेत्र मेंं दिल्ली निवासी 20 वर्षीय मंदबुद्धि युवती के साथ दो युवकों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें आज जेल भेज दिया. आरोपियों में से एक व्यक्ति इमाम है. थाना खरखौदा प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने आज बताया कि सामूहिक दुष्कर्म की शिकार 20 वर्षीय युवती दिल्ली के अशोक विहार की निवासी है और वह मंदबुद्धि है.
      थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी उस समय की गयी जब वे सोमवार देर रात दुष्कर्म के बाद युवती को बाइक पर बैठाकर हापुड़ की तरफ ले जा रहे थे. उन्होंने बताया कि पूछताछ में युवती ने खुद को दिल्ली का निवासी बताया. युवती का आरोप है कि मेरठ के टीपी नगर से दोनों युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गये जहां उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. थाना प्रभारी के अनुसार पीड़ित युवती के बयान के आधार पर उसका मेडिकल कराया गया और हुजैफा तथा अब्दुल राशिद को गिरफ्तार कर लिया गया. हुजैफा ने पुलिस को बताया कि वह यहां के रोहता क्षेत्र में स्थित स्थानीय मस्जिद का इमाम है.
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किराये की कोख के कारोबार पर पूरी तरह रोक

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     केंद्र सरकार ने बुधवार को कोख के व्यापार पर पूरी तरह से रोक लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी। कोई विदेशी या एनआरआई किराये पर कोख नहीं ले पाएगा। भारत में सिर्फ कड़े नियमों के तहत नजदीकी रिश्ते में सेरोगेसी की इजाजत होगी।
व्यापार बन गया
     पीएम मोदी की अध्यक्षता में सरोगेसी (नियमन) विधेयक 2016 को हरी झंडी दिखाई गई। दरअसल, फिल्मी कलाकारों, विदेशियों और अमीरों ने कोख खरीदकर संतान पैदा करने का बड़ा बाजार खड़ा कर दिया है। इसी को नियंत्रण में करने के लिए सरकार यह बिल लेकर आई है।

सुषमा अध्यक्ष थीं
     केंद्र ने इस मामले में मंत्रियों का समूह गठित किया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समूह की अध्यक्ष थीं। उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि विदेशों से बड़े पैमाने पर लोग सेरोगेसी कराने भारत आ रहे थे। कई बार लड़की होने पर उसे छोड़ देते थे। जुड़वा होने पर एक बच्चे को नहीं अपनाना और विकलांग होने पर बच्चे को छोड़ देना आम बात हो गई थी। इसके अलावा संपन्न महिलाएं प्रसव पीड़ा से बचने के लिए भी सेरोगेसी करा रही थीं।
ये होंगे नियम
-सिर्फ निसंतान भारतीय दंपतियों को ही किराये की कोख के जरिए बच्चा हासिल करने की अनुमति होगी। इस अधिकार का इस्तेमाल विवाह के पांच वर्ष बाद ही किया जा सकेगा।
-एनआरआई और ओसीआई कार्ड धारक इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे
-अविवाहित युगल, एकल माता-पिता, लिव इन पार्टनर और समलैंगिक किराये की कोख से बच्चे हासिल नहीं कर सकते
-एक महिला अपने जीवनकाल में एक ही बार कोख किराये पर दे सकती है
कब से लागू होगा
कानून बनने के दस महीने के भीतर प्रावधान लागू होंगे।
बोर्ड बनेगा
    इस व्यवस्था के नियमन के लिए केंद्रीय स्तर पर राष्ट्रीय सरोगेसी बोर्ड और प्रदेशों में राज्य सरोगेसी बोर्डों का गठन किया जाएगा।
आंकड़ों से जानें कितना बड़ा बाजार
13,400 करोड़ का सालाना बाजार बन गया देश में
03 हजार के करीब सरोगेसी क्लीनिक भारत में
25 हजार से ज्यादा बच्चे इस तरीके से जन्म ले रहे सालाना
50 प्रतिशत से ज्यादा सरोगेसी चाहने वाले विदेशी दंपति

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मोदी के दांव से पाक फिर चित्त, POK के लोगों को भी मुआवजा देगी सरकार

   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर पाकिस्तान को जोरदार झटका दे दिया है। सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया है कि अब से वो आतंकी घटनाओं में मारे गए या घायल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लोगों को भी मुआवजा देगी। कैबिनेट ने आतंकी हमलों और नक्सली हमलों में मारे गए और घायल लोगों के लिए मुआवजे की रकम में भी भारी बढ़ोत्तरी की है।
     पीएमओ में राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह के मुताबिक ये मुआवजा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POK) के लोगों के लिए भी है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा हालात में उन्हें ये देना संभव नहीं है। बता दें कि पाक की तरफ से होने वाली गोलीबारी में हुई मौतों के लिए मुआवजे की मांग काफी लंबे समय से की जा रही थी। साल 2014 में जब पीएम मोदी दीपावली मनाने के लिए कश्मीर गए थे तब उनसे भी ये मांग की गई थी।
कितना मिलेगा मुआवजा
     जितेंद्र सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने नए फैसले के तहत गोलीबारी में मारे गए परिवार वालों को भी पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से 220 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा और 770 किलोमीटर की नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलीबारी होती रहती है। हर साल इस गोलीबारी में औसतन 50 लोग मारे जाते हैं जिन्हें अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया जाता था।
50 प्रतिशत अपंग होने पर भी मुआवजा
     कैबिनेट के नए फैसले के मुताबिक गोलीबारी में घायल होने पर 50 फीसदी अपंगता की स्थिति में भी यह मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे के अलावा सरकार ने सीमा के नजदीक बंकर बनाने का ऐलान भी किया है। बता दें कि अरनिया सेक्टर के कई गांवों में ये बंकर बनकर तैयार हो गए हैं। इसके साथ ही नक्सल, सांप्रदायिक और आतंकी हिंसा में मारे जाने वाले लोगों के परिवार वालों को मिलने वाली मुआवजा राशि को भी बढ़ाकर तीन लाख रुपये से पांच लाख रुपये कर दिया गया है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह राशि केंद्रीय योजना एसआरई स्कीम के तहत मिलने वाली एक लाख रुपये की मुआवजा राशि से अलग होगी। मुआवजे की यह राशि बम और बारूदी सुरंगों के धमाके के पीड़ि‍तों को भी मिलेगी।
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बाढ़ के बीच गंगा में नाव पर जन्मा बच्चा, मां ने बेटे का नाम रखा गंगा पुत्र

    पटना।। बिहार में बाढ़ में फंसी एक महिला ने पांच दिन पहले नाव पर बच्चे को जन्म दिया है। दानापुर के नकटा दियारा के नया टोला की रहने वाली गुड़िया 20 अगस्त की सुबह लेबर पेन हुआ और उसी समय गंगा में बाढ़ आ गई। जैसे-तैसे घर के लोग गुड़िया को लेकर नाव में सवार हुए और थोड़ी देर बाद ही उसे डिलिवरी हो गई। बच्चे का नाम गंगापुत्र रखा गया है। जानिए क्या है पूरा मामला...
- 20 अगस्त की सुबह नया टोला में अचानक बाढ़ आ गई। गुड़िया का पति सिकंदर राय उसे गंगा पार हॉस्पिटल ले जाने की तैयारी कर रहा था।
- देखते ही देखते घर में कमर-कमर तक पानी हो गया। तभी सास ने बेटे से जल्दी से नाव लाने कहा।
- कुछ देर बाद नाव आई और घर के सभी लोग नाव में बैठ गए। बीच नदी में ही गुड़िया का प्रसव शुरू हो गया। नाव में बैठी महिलाओं ने साड़ी और धोती से घेरा बनाकर गुड़िया का प्रसव कराया। नाव जब तक दानापुर के दीघा घाट पहुंचती बच्चे की किलकारी नाव पर गूंजने लगीं।
क्या कहती है गुड़िया
    गुड़िया कहती हैं कि घर में बाढ़ का पानी घुसने लगा था और में दर्द के मारे बेहाल थी। घर के लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि पहले गहने, पैसे और अन्य कीमती सामान को बचाए कि मुझे संभाले। घर में कमर तक पानी भर गया मेरी सास कभी मुझे देखती तो कभी घर से सामान इकट्ठा करती। हालत गंभीर होने पर सास ने घर के सामान को छोड़ मुझे संभाला और बेटे को नाव लाने को कहा।


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यूपी के इस गांव को मिनी पाकिस्तान बनाने का ऐलान,तिरंगे का अपमान कर लहराया हरा झंडा

kushinagar-flag-1     यूपी के कुशीनगर के एक गांव में कुछ शरारती युवकों के द्वारा तिरंगे का अपमान किया गया। बलकुड़िया गांव में शरारती तत्वों ने तिरंगे को ध्वजदंड से निकाल कर फेंक दिया और उसकी जगह हरा झंडा फहराते हुए गांव को छोटा पाकिस्तान बनाने की घोषणा कर दी। युवकों की इस करतूत का वीडियो वायरल होने के बाद से पूरे गांव में तनाव का माहौल बन हुआ है।
    जानकारी के अनुसार बीते स्वतंत्रता दिवस को प्राथमिक विद्यालय बलकुड़िया में ध्‍वजारोहण किया गया। इसके बाद प्रिंसिपल और शिक्षक अपने घर चले गए। दोपहर दो बजे के बाद गांव के कुछ युवक विद्यालय परिसर में पहुंचे और ध्वजदंड से तिरंगे को उतार फेंका। इसके साथ ही एक युवक ने तिरंगे के स्थान पर हरे रंग का झंडे को फहराते हुए यह कसम ली कि गांव को छोटा पाकिस्‍तान बना दिया जाएगा।
    युवकों की इस करतूत का वीडियो वायरल होने के बाद से एक पक्ष इसे मजाक करार देने की कोशिश में जुट गया है। इस पूरे प्रकरण को एक सप्ताह गुजरने के बाद भी पुलिस को मामले की जानकारी नहीं थी। एक समाजसेवी संस्‍था द्वारा जब यह वीडिया पुलिस को दिखाया गया तो पुलिस हरकत में आई और केस दर्ज करके चारों युवकों को हिरासत में ले लिया।
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जामा मस्जिद का इमाम भूत-प्रेत के बहाने महिला से कर रहा था गन्दा काम लोगो ने बना डाला विडियो

Untitled     बिजनौर में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इसमें बिजनौर के जामा मस्जिद का एक बड़ा इमाम अनवारुल हक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहा है। महिला का आरोप है कि तंत्र-मंत्र के बहाने से कमरे में ले गया और फिर उसके साथ जबरन ये सब कर रहा था। उसके पति को जब यह बात पता चली तो उसने लोगों के बुलाकर इमाम का वीडियो बनाया। ताकि इमाम की सच्चाई सामने आ सके। 
     वहीं इमाम अनवारुक हक ने कहा है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। महिला ने पहले घर पर बुलाया और फिर नशा दे दिया। उसके कपड़े उतार दिए और इस बीच उसके पति ने मारपीट करते हुए वीडियो बना लिया। दोनों तरफ से एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दी है।
     इमाम अनवारुल हक की मानें तो वो कुछ दिन पहले वो रात के समय दवाई लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में कुछ बदमाशों ने मारपीट और लूटपाट की। उसकी बीवी के साथ बदतमीजी भी की गई। अनवारुल हक ने बिजनौर के थाना नजीबाबाद में एक व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी, जो वीडियो दिख रही महिला का पति है। इसलिए दोनों मिलकर उसे फंसाने की कोशिश की।
    वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग तेजी से चलते हुए एक घर में दाखिल होते हैं। फिर वो एक कमरे का दरवाजा खटखटाते हैं। थोड़ी देर बाद जब दरवाजा खुलता है तो इमाम एक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में मिलता है। दोनों के बदन पर कपड़े नहीं हैं। लोग इमाम के साथ मारपीट करते हैं।
     
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तो यह है श्रीकृष्ण जन्म रहस्य..




     पुराणानुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष में अष्टमी तिथि को हुआ था | वासुदेव और देवकी की यह आठवीं सन्तान विश्व कल्याणार्थ अवतरित हुयी | कहा जाता है रोहिणी नक्षत्र के जातक पतले, स्वार्थी, झूठे, सामाजिक, मित्राचार वाले, दृढ़ मनोबल वाले, बुद्धिशाली, पद-प्रतिष्ठा वाले, रसवृत्ति वाले, सुखी, संगीत कला इत्यादि ललित कलाओं में रस रखने वाले, देव-देवियों में आराध्य वाले मिलते हैं। रोहिणी नक्षत्र में जन्म का ही असर था की भगवान में सारे गुण मौजूद थे |

    संसार को ज्ञानयोग और कर्मयोग की दिव्य ज्योति दिखानेवाले का जन्म कृष्णपक्ष की अंधियारी रात में हुआ | ज्योति की कोई किरण न रहे इसलिए प्रभु ने तूफान भी उठा दिया | प्रकाश का अवतरण तमस के कोख से हुआ |
     जहाँ तक जन्म की प्रक्रिया को समझें तो इसकी रहस्यमय गुत्थी में उलझ सकते हैं | यह नितांत सत्य है की किसी का भी जन्म प्रकाश में नहीं हो सकता | एक बीज जमीन के अँधेरे में ही पनपता है, अंकुरण भूगर्भ में ही होता है जहाँ अँधेरे का साम्राज्य होता है | अमृत का उद्भेद समुन्द्र के गहन से ही हुआ है | कवि अपने कल्पना के गहराई में ही पैठ लगता है जहाँ सूर्य की किरने नहीं जा सकतीं | घनघोर अँधेरे में ही प्रकाश का उद्ध्भव सार्थक होता है |
      और कारागृह में जन्म एक बंधन का सूत्र है | सभी जन्म लेते हैं, एक बंधन मिलता है, सामाजिक वैचारिक कारागृह की | और अंत में सभी मुक्त भी होते हैं | जीवन और मरण के बिच यह कारागृह ही होता है, जो संसार के हर बाधाओं को झेलने की प्रेरणा देता है, एक राह देता है | कारागृह एक शर्त है, बंधन एक शर्त है क्योंकि जन्म के बाद प्रतिपल मृत्यु संभावी है | प्राण का शारीर में प्रवेश ही एक कारागृह में प्रवेश है जो मृत्युपरांत ही बंधन मुक्त होती है |
     जन्म के बाद प्रतिपल मृत्यु का भय है, और यहाँ भगवान को तो अपने मामा कंस के द्वारा मारा जाना निश्चित था| मृत्यु हर संभावी थी मगर उन्होंने खुद को मुक्त कर लिया | मृत्यु से मुक्ति होती है, किसी को इसी कारागृह में तो किसी को मुक्त आकाश तले |
     वृन्दावन के आनंद धाम में कृष्ण मुक्त तो रहे मगर कंस के द्वारा भेजा हुआ मौत उनतक आता रहा और हरता रहा | तात्पर्य यह है की मृत्यु हर एक रूप में आती है मगर हारती है | जीवन और मृत्यु का संघर्ष चलता ही रहता है | कुछ लोग खुद हार जाते हैं तो कुछ जीवन को इस संघर्ष से मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं | समाधी लेते हैं,परिनिर्वाण करते हैं |
     कंस के तामसिक साम्राज्य का अंत हो या महाभारत की कुरीतियों अन्यायों का, कृष्ण हर जगह मौजूद रहे | क्रिशन का शाब्दिक अर्थ कला ही नहीं होता, केंद्र भी होता है | अर्जुन के ज्ञान चक्षुओं को खोलने वाले कृष्ण ही दोनों सेनाओं में थे | अर्जुन ने तो विराट रूप में सिर्फ कृष्ण को ही देखा, महाभारत में वही आदि वही अंत बने रहे |
     कृष्ण एक शक्ति है जो हमारे शरीर में केन्द्रित है | हमारे जन्म-मरण के बिच का केंद्र जो जीवन के समस्त क्रियाविधियों को अपने गुरुत्वीय बल से संतुलित रखता है | अंधकार और प्रकाश के बीच की वो कड़ी जो हर टिमटिमाते दिए की लौ में तेज भरता है | काले कृष्ण की प्रकाशमयी लीलाएं, मानव जीवन को सद्मार्ग दिखाती हैं |
    कृष्ण एक महाकाव्य हैं जिसकी हर एक पंक्ति गूढ़ रहस्य समेटे है | जीवन का सरल सूत्र रुपी मोती इस महाकाव्य के सागर में पैठने पर मिल सकता है | भगवान श्रीकृष्ण आपके जीवन नैया के खेवनहार हैं, आपको हर मझधार से उबारें और आगे बढायें |

जय श्री कृष्ण |

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चिकनगुनिया से घबराएं नहीं, आराम करें और तरल पदार्थ का करें सेवन

Written By News Today Time on Wednesday, August 24, 2016 | 8:54:00 PM

Image result for chikungunya ... चिकनगुनिया मामलों में सहसा वृद्धि के बीच चिकित्सकों एवं सरकारी अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि इससे घबरायें नहीं क्योंकि यह वाहक (वेक्टर) जनित रोग है जिसमें रोगी पस्त तो हो जाता है किन्तु मृत्युभय नहीं रहता है। उन्होंने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के कई उपायों का सुझाव दिया है।
चिकनगुनिया भी एक वायरल रोग होता है तथा इसके लक्षण डेंगू के समान ही होते हैं। इसके रोगियों में डेंगू के समय होने वाला उच्च ताप वाला बुखार, जोड़ों में तीखा दर्द, मांसपेशियों में पीड़ा, सिरदर्द तथा जोड़ों में सूजन शामिल है। इसके कारण रोगी के शरीर पर लाल निशान पड़ सकते हैं किन्तु इसमें रक्तस्राव का जोखिम नहीं होता जैसा कि डेंगू में प्लेटलेट संख्या घटने के कारण उत्पन्न हो जाता है।
    एम्स में सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के ललित डार के अनुसार, ‘डेंगू मामलों की तुलना में इसके रोगियों में जोड़ों का दर्द लम्बा खिंचता है विशेषकर बुजुर्ग लोगों को तो बहुत कष्ट हो जाता है। हालांकि लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसमें डेंगू की तरह मृत्युभय नहीं होता।’
     राष्ट्रीय वाहक जनक रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) निदेशक एसी धारीवाल ने बताया, ‘यह रोग उसी एडिस एजेयिप्टि मच्छर से होता है जिससे डेंगू होता। इसमें अंतर यही है कि डेंगू वायरस में चार स्टेंन होते हैं जबकि चिकनगुनिया में एक।’
     धारीवाल एवं अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिकिनगुनिया मामलों में सहसा वृद्धि होने की बात को स्वीकार किया है किन्तु उन्होंने लोगों से परेशान नहीं होने को कहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अस्पताल में भर्ती होने के लिए हड़बड़ी नहीं मचाये और घबराये नहीं।
8:54:00 PM | 0 comments | Read More

दही हांडी'' उत्सव में मानव पिरामिड की अधिकतम ऊंचाई 20 फुट ही रहेगी : सुप्रीम कोर्ट

Image result for supreme court on dahi handi     नई दिल्ली।। उच्चतम न्यायालय ने आज दही हांडी उत्सव के संबंध एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने आदेश में संशोधन से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि दही हांडी उत्सव में मानव पिरामिड की अधिकतम ऊंचाई 20 फुट ही रहेगी, साथ ही इसमें 18 साल से कम उम्र के युवक हिस्सा नहीं ले सकेंगे.
      इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने आज दही हांडी से संबंधित एक याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था. इस याचिका में शीर्ष अदालत द्वारा तय की गयी मानव पिरामिड की 20 फुट ऊंचाई में ढील देने का अनुरोध किया गया था. महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के दिन दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाए जाते हैं.
      न्यायमूर्ति ए आर दवे, यू यू ललित और एल नागेवश्वर राव की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की. कल देश भर में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. गौरतलब है कि शिवसेना ने कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए यह कहा था कि कोर्ट हमारे धार्मिक मामलों में दखल ना दे तो बेहतर होगा.
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कुर्दिस्तान की महिला लड़ाकू ब्रिगेड ने पीएम मोदी से की मदद की गुहार

बलूचिस्तान के बाद अब इस देश की महिला सेना ने पीएम मोदी से मांगी मदद
    नई दिल्ली।। बीते दिनों पीएम मोदी ने 15 अगस्त के दिन लाल किले से पाकिस्तान के बलूचिस्तान और पीओके को लेकर बयान दिया था। जिसके बाद वहां परेशान लोगों के दिलों में एक उम्मीद जगी थी। उन्होंने मोदी के इस बयान का खुलकर समर्थन किया था। हालांकि पाकिस्तान ने इसका विरोध भी किया था। अब एक और देश ने पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है। ये मदद की आवाल तुर्की और इराक के मध्य बसे कुर्दिस्तान से आई है।
पीएम मोदी से मदद की गुहार महिला लड़ाकुओं ने लगाई
    कुर्दिस्तान ने आईएसआईएस से अपने दम पर जबरदस्त संघर्ष छेड़ रखा है। भारत एशिया महाद्वीप में संघर्ष करते लोगों के लिए बड़े भाई की भूमिका अख्तियार कर चुका है। महिला लड़ाकू ब्रिगेड की बहादुरी के लिए जानें जाने वाले कुर्दिस्तान ने पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है। कुर्दिस्तान की खासियत है पेशमर्गा, उसके जांबाज लड़ाके और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने वाली उसकी महिला फाइटर्स।
    इन महिला फाइटर्स से आईएस के लड़ाके भी से डरते हैं क्योंकि उनकी मान्यता है कि अगर वे महिलाओं के हाथों मारे जाएंगे तो उन्हें नर्क जाना पड़ेगा। इराक के स्वशासित कुर्द क्षेत्र ने भारत से मांग की है कि भारत आतंकिेयों से उसकी लड़ाई में उसे मदद दे। इसके साथ ही बता दें कि भारत ने अभी हाल ही में कुर्दिस्तान की राजधानी इरबिल में अपना वाणिज्य दूतावास खोला है। आईएस के चंगुल में फंसे 39 भारतीयों को छुड़ाने में उसे कुर्दों के मदद की जरूरत है।
    बता दें कि इससे पहले कई बलूचिस्तान के नेताओं ने मोदी के बयान का सर्मथन करते हुए उनसे मदद मांगी थी। जिसके बाद इन नेताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ गया था। इस मामले में नवाज शरीफ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया था। पीएम मोदी से सपोर्ट मांगने वाले पांच बलूच नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था।

5:29:00 PM | 0 comments | Read More

छात्राओं से झाड़ू लगवाने का मामला : बाल संरक्षण आयोग ने दिये जांच के आदेश

Image result for school student sweep in police station of raipur    रायपुर।। सूरजपुर में स्कूली छात्रा से पुलिस थाने में झाड़ू लगवाने के मामले में बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। ईनाडु इंडिया पर खबर छपने के बाद इसका असर हुआ है। बाल संरक्षण आयोग ने इस मामले में जांच के आदेश दिये हैं।
    छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष शताब्दी पांडेय ने बताया कि मामला गंभीर है, हमने जांच के आदेश जारी कर दिये हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
    गौरतलब है कि 21 अगस्त को गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के गृहग्राम में पुलिस ने थाने में छात्राओं से झाड़ू लगवाया था। क्योंकि रामसेवक पैकरा का वहां कार्यक्रम होने वाला था।
5:18:00 PM | 0 comments | Read More

*बलूचिस्तान में आजादी की जंग*

Image result for student freedom fighting in balochistan    बलोच छात्र संगठन पाकिस्तान में बलूची समुदाय का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। दो साल पहले मार्च महीने में इसके छात्र नेता जाहिद बलोच का अपहरण कर लिया गया था। उसके बाद से 32 वर्षीया मनोविज्ञान की छात्रा करीमा बलोच छात्र संगठन के माध्यम से बलूचिस्तान के हक की लड़ाई लड़ रही हैं। करीमा का चेहरा पहले कभी नहीं देखा गया था। वह हमेशा नकाब में ही नजर आईं। उनके ऊपर गिरफ्तारी का खतरा लगातार मंडराता रहा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने बलूचिस्तान में रहते हुए कभी अपने चेहरेे से नकाब नहीं हटाया। हां, जब वह टोरंटो (कनाडा) पहुंचीं तो सबसे पहला काम उन्होंने अपने चेहरे से नकाब उतार कर फेंकने का किया।
      करीमा बलोच अकेली नहीं हैं, जो बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अत्याचार का शिकार हैं। पाकिस्तानी सेना के अत्याचार का अंतहीन सिलसिला सालों से बलूचिस्तान में चल रहा है, क्योंकि बलूचिस्तान पाकिस्तान से आजादी चाहता है। बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं था, उस पर जबरन पाकिस्तान ने कब्जा किया है। ऐसा बलूचिस्तान का बच्चा-बच्चा कह रहा है।
     करीमा बलोच की खासियत है कि वह बेबाक हैं। यही बेबाकी है जिसकी वजह से वे इतनी कम उम्र में पाकिस्तान की सेना की आंखों की किरकिरी बन गई हैं। करीमा कहती हैं, ''बलूचिस्तान की आबादी पर ईद के दिन बिना इस बात की परवाह किए कि वहां बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे हैं, बम गिराया गया।''
     एक साक्षात्कार में करीमा ने बताया, ''पाकिस्तान जिन इलाकों में बम गिराता है, उन्हें कई दिन पहले से पाकिस्तानी सेना अपने घेरे में ले लेती है। वहां किसी को जाने नहीं दिया जाता। इसलिए मीडिया तक बलूचिस्तान की खबरें ज्यादा नहीं पहुंच पाती हैं। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बर्बरता जारी है। मानवाधिकार का हनन उससे कहीं ज्यादा है। बलूचिस्तान में अंतरराष्ट्रीय मीडिया का एक भी नुमाइंदा नहीं है।''
     पाकिस्तान का इतिहास 70 साल का है और बलूचिस्तान का इतिहास 3,000 साल का है। बलूचिस्तान की अपनी तहजीब है, अपना इतिहास है। 1948 में पाकिस्तान जबरन बलूचिस्तान में घुस गया। वहां के नागरिकों की हत्या की और उस पर कब्जा कर लिया। बलूचिस्तानी खुद को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते।
     करीमा कहती हैं, ''आज 21वीं सदी में भी हमारी आवाज दुनिया तक उस तरह नहीं पहुंच रही, जैसे पहुंचनी चाहिए थी। सोचिए 1948 के दौरान क्या आलम रहा होगा? मानवाधिकार संगठन भी बलूचिस्तान के लिए कुछ नहीं कर रहे। यहां तक कि उन्होंने एक लेख तक हमारे लिए नहीं लिखा। उनका कोई एक नुमाइंदा भी आज तक बलूचिस्तान नहीं आया यह देखने कि यहां हो क्या रहा है? मानवाधिकार वालों को पाकिस्तान की फौज जो कहती है, वे सुनते हैं और उसे ही वे सच मानते हैं। पिछले दिनों दक्षिणी बलूचिस्तान के तुर्बत क्षेत्र के अन्तर्गत गुमानी में बच्चों पर बम गिराए गए। उस वक्त बड़ी संख्या में महिलाओं ने घर से निकल कर सेना के लोगों से पूछा था- हमारे बच्चों पर तुम लोगों ने बम क्यों गिराया?
    पाकिस्तानी सेना का जवाब था, ''आपके बच्चे दहशतगर्द हैं, आप दहशतगर्द हो। हम आपकी (बलूचिस्तानियों की) आखिरी नस्ल तक कुचल देंगे।''
    करीमा बेहद साफ शब्दों में कहती हैं, ''पाकिस्तान में जम्हूरियत (लोकतंत्र) का ढोंग रचा जाता है। यहां सेना मुल्क को चलाती है और राजनीतिक पार्टियां कठपुतली हैं।''
     करीमा जोर देकर कहती हैं, ''पाकिस्तान के साथ बैठकर बात नहीं हो सकती है, क्योंकि उसके हाथ हमारे लोगों के खून से रंगे हुए हैं। हम यह लड़ाई एक पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक आजाद देश के लिए लड़ रहे हैं और आजादी हासिल होने तक लड़ते रहेंगे।''
5:16:00 PM | 0 comments | Read More

”माय लॉर्ड, क्‍यों जानना चाहते हैं कि मैं कब मरूंगा?” - राम जेठमलानी

   जाने माने मशहूर राम जेठमलानी 90 साल की उम्र पार करने के बाद भी वकालत के पेशे में पहले की तरह ही सक्रिय है। उनके पास आज भी कई बड़े और विवादित केस हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में जेठमलानी की उम्र को लेकर ही चीफ जस्टिस ने पूछ लिया। इस पर राम जेठमलानी ने दिलचस्‍प जवाब दिया। हाजिरजवाबी से अपना उत्‍तर दिया। जेठमलानी एडवोकेट एमएम कश्‍यप की पैरवी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में थे। इसी दौरान चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने पूछा, ”आप रिटायर कब हो रहे हैं?” इस पर जेठमलानी ने बिना एक भी पल गंवाए तुरंत जवाब दिया, ”माय लॉर्ड, क्‍यों जानना चाहते हैं कि मैं कब मरूंगा?” उनके इस जवाब के बाद आगे इस पर कोई बहस नहीं हुई।




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NRHM: पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्रा के खिलाफ गैर जमानती वारंट


Image result for NRHM Scam    गाजियाबाद।। एनआरएचएम घोटाले के आरोपी प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा एवं उनके माता-पिता के खिलाफ सीबीआई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके तिवारी की अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद यह आदेश जारी किया। अदालत के सख्त रूख अपनाने के बाद बसपा सरकार के कद्दावर पूर्व मंत्री पर गिरफ्तारी का फंदा या समर्पण का रास्ता ही बचा है।
     एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच के बाद वर्ष 2012 में पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन वर्ष बाद सीबीआई ने 18 जुलाई 2016 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। अदालत रिक्त होने के कारण तब 23 अगस्त तारीख लगी थी।
आरोप पत्र के साथ ही वारंट
     सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में विशेष न्यायाधीश पीके तिवारी की नियुक्ति के बाद मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हुई। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक ने पूर्व मंत्री के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। देर शाम अदालत ने आरोप पत्र संज्ञान में ले लिया। अदालत ने आरोप पत्र में आरोपी बनाए पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा, उनके पिता दिनेश मिश्रा और माता बिमला मिश्रा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।
कई गंभीर आरोप हैं
     जानकार सूत्र बताते हैं कि पूर्व मंत्री पर स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की तैनाती में मनमानी करने और माता-पिता के नाम से फर्म बनाकर व टेंडर देकर लाभ कमाने के गंभीर आरोप हैं। सीबीआई ने आरोप पत्र में पूर्व मंत्री के माता-पिता को भी आरोपी बनाया है।
पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा भी फंसे हैं
    बसपा प्रमुख मायावती के शासन काल में वर्ष 2007 से 2012 तक सूबे में करोड़ों रुपये का एनआरएचएम घोटाला हुआ था। मायावती के बेहद करीबी, प्रभावी और कद्दवर मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, कई नौकरशाह और तत्कालीन विधायक समेत स्वास्थ्य विभाग के दर्जनों अधिकारी और दवा आपूर्ति करने वाले इस मामले में जेल जा चुके हैं। कुशवाहा और वरिष्ठ नौकरशाह प्रदीप शुक्ल अभी जमानत पर हैं।
3:20:00 PM | 0 comments | Read More

पहली बार होगा पंचायतों का ऑडिट, प्रधान को अब देना होगा पांच साल का हिसाब

Image result for प्रधान   पिछले पांच वर्षों में विकास कार्यों के नाम पर विभिन्न मदों से खर्च की गई सरकारी धनराशि का अब ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) को हिसाब देना होगा। इसके लिए एडी कार्यालय इलाहाबाद की ओर से तीन सदस्यीय टीम का गठन किया जा चुका है।
     जिले की 1105 ग्राम पंचायतों में पिछले पांच वर्षों में विभिन्न मदों से कराए गए विकास कार्यों पर खर्च किए गए धन का ऑडिट एक सितम्बर से किया जाएगा। एडी कार्यालय इलाहाबाद की ओर से डीपीआरओ को भेजे गए पत्र के मुताबिक पहले डीपीआरओ कार्यालय का ऑडिट होगा, इसके बाद रोस्टर के मुताबिक जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत का ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट में टीम की ओर से गांव में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन भी किया जाएगा। डीपीआरओ की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में पत्र भेजकर यह सूचना दी गई है, जिसमें सचेत किया गया है कि प्रत्येक ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी खर्च किए गए धन का ब्यौरा व उपभोग तैयार कर लें, जिससे टीम के सामने यह स्पष्ट कर सकें कि उन्होंने कितनी धनराशि किस मद में खर्च की है।
आसान नहीं होगा ग्राम पंचायतों का ऑडिट
Image result for प्रधान     पंचायत चुनाव के बाद अधिकांश ग्राम पंचायतों के प्रधान बदल गए हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि टीम के लिए ऑडिट करना आसान नहीं होगा। इस बाबत डीपीआरओ ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों के प्रधान बदल गए हैं, उनका ऑडिट तत्कालीन सेक्रेटरी कराएंगे।
पहली बार होगा पंचायतों का ऑडिट
    शासन ने पहली बार ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यो व उस पर खर्च किए गए धन का ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। इसके पूर्व ग्राम पंचायतों में ट्रांसफर की जाने वाली धनराशि का लेखा-जोखा डीपीआरओ कार्यालय से ही मांगा जाता था।
3:17:00 PM | 0 comments | Read More

पंजाब पुलिसकर्मी के पेट का ऑपरेशन, 40 चाकू बरामद हुए

    एक पुलिसकर्मी के पेट का ऑपरेशन कर कम से कम 40 चाकू बरामद किए गए. पुलिसकर्मी का दावा है कि वह उन्हें खाने की ‘जरूरत’ महसूस करता था.
    पांच चिकित्सकों की एक टीम ने एक अस्पताल में सुरजीत सिंह (40) की पांच घंटे सर्जरी की. वह पंजाब पुलिस के कर्मी हैं और तरनतारन जिले में पदस्थापित हैं.
    कॉरपोरेट अस्पताल के एमडी जितेन्द्र मल्होत्रा ने मंगलवार को कहा कि सिंह उनके पास पेट में दर्द की शिकायत लेकर आए थे और उनका वजन काफी कम हो गया था.
    ऑपरेशन में चिकित्सकों की टीम का नेतृत्व करने वाले मल्होत्रा ने कहा, ‘सर्जरी से पहले कई अल्ट्रासाउंड किए गए और फिर इंडोस्कोपी और सीटी स्कैन भी किया गया क्योंकि रोगी का वजन काफी कम हो गया था और उसे कई बीमारियां थीं.’
    उन्होंने कहा, ‘शुरूआत में कैंसर का संदेह था लेकिन जांच के दौरान पेट के अंदर धातु की वस्तुएं पाई गईं जिसने लीवर, किडनी और अन्य अंगों को खराब कर दिया था.’
    ऑपरेशन करने वाले डॉ. जतिंदर मल्होत्रा ने बताया कि पांच सर्जनों की टीम तैयार की गई. पांच घंटे चले ऑपरेशन के बाद हेड कांस्टेबल के पेट से 40 फोल्डिंग चाकू निकाले गए.
    दर्जन भर चाकू पेट के अंदर खुल गए थे. कुछ चाकू किडनी व लिवर के आसपास आड़े-तिरछे फंसे थे. खुले चाकुओं ने किडनी, लिवर, आंत में कट लगा दिए थे. पांच इंच आकार के चाकू चार माह तक शरीर में रहने के बाद जंग खा चुके थे.
    उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद सिंह पूरी तरह स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि रोगी ने उन्हें बताया था कि उन्हें हमेशा चाकू खाने की जरूरत महसूस होने लगी थी और दो महीने में उन्होंने ये चाकू खाए थे. सिंह पिछले एक वर्ष से मानसिक समस्याओं से पीड़ित थे.


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आधुनिक युग में इन्हीं बातों को हम श्रीकृष्ण का लाइफ मैनेजमेंट कहते हैं

    द्वापर में श्रीकृष्ण ने जो शिक्षाएं दीं। वह वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं। यदि इन बातों को जिंदगी में समाहित कर लिया जाए तो जिंदगी से जुड़ी हर समस्या का निदान संभव है। आधुनिक युग में इन्हीं बातों को हम श्रीकृष्ण का लाइफ मैनेजमेंट कहते हैं।
लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें: 
    श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं, जो भी आपका काम है, उसे पूरे मन से कीजिए। आपका जो वर्तमान काम है, उसे यदि आप भविष्य की चिंताओं में गिरवी रखकर करेंगे तो अपने लक्ष्य में कभी सफल नहीं हो पाएंगे।
सकारात्मक व्यवहार:
    भगवान श्रीकृष्ण कर्म करने की बात कहते हैं। जिसमें निडरता, आत्म नियंत्रण, निंदा न करना, विनम्रता और धैर्य शामिल हैं। यदि इन गुणों को अपने अंदर समाहित किया जाए तो भविष्य सुनहरा हो सकता है।
प्रेरणादायक बनना:
    श्रीकृष्ण ने अपने मानव जीवन में जितनी भी लीलाएं कीं, वह सभी किसी ने किसी तरह से लोगों को प्रेरणा देती हैं। ये लीलाएं जितनी द्वापरयुग में प्रसांगिक थी, उतनी हीं आज भी अपना महत्व रखती हैं। व्यक्ति को हमेशा प्रेरणादायक बनने की कोशिश करते रहना चाहिए, ताकि लोग आपके अनुभव से सीख लेकर अपने जीवन को बेहतर बना सकें।
मन पर नियंत्रण:
    श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं कि लालच, क्रोध, ईर्ष्या और शक ऐसे विकार हैं, जो आपको एक बेहतर इंसान बनने से रोकते हैं। कुशल मैनेजमेंट का सूत्र है कि इन मनोविकारों से दूर ही रहना चाहिए। गीता में भगवान ने इन मनोविकारों से बचने की सीख दी है।
श्री कृष्ण के कदम आपके घर आये,
आप खुशियो के दीप जलाये,
परेशानी आपसे आँखे चुराए,
कृष्ण जन्मोत्सव की आपको शुभकामनायें .
हैप्पी जन्माष्टमी


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भाषण देते समय गिरे प्रधानमंत्री !

Written By News Today Time on Tuesday, August 23, 2016 | 1:50:00 PM

    सिंगापुर।। सिंगापुर के प्रधानमंत्री भाषण देते समय चक्कर खाकर गिर गये। अचानक हुई इस घटना से भाषण सुनने वाले लोगों में तो हड़कंप मचा ही वहीं सुरक्षा अधिकारियों ने भी तुरंत ही प्रधानमंत्री को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई।
     बताया गया है कि सिंगापुर के आॅडिटोरियम में सोमवार को प्रधानमंत्री नी सियन लूंग भाषण दे रहे थे, तभी वे चक्कर खाकर गिर गये तो लोगों को समझ में नहीं आया कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। खैर बाद में सुरक्षा अधिकारियोें ने मदद करते हुये डाॅक्टरों को बुलवाया। चिकित्सकों के इलाज से वे ठीक हो गये और दोबारा भाषण देने लगे।
     जानकारी के अनुसार सिंगापुर के प्रधानमंत्री अभी 84 वर्ष के है और वे पिछले कुछ समय से कैंसर जैसी घातक बीमारी से पीड़ित है। बावजूद इसके वे हमेशा तरोताजा रहते है तथा अपने कार्यालय रोज जाकर घंटों बैठकर काम-काज निपटाते है। इतना ही नहीं जब भी वे भाषण देने के लिये कहीं जाते है, कम से कम दो घंटे तक जरूर बोलते है। बताया जाता है कि आॅडिटोरियम में जब वे चक्कर खाकर गिरे, तब तक दो घंटे तक वे भाषण दे चुके थे। उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
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Whatsapp पर किसी ने आपको ब्लॉक कर दिया तो ऐसे करें अनब्लॉक

     नई दिल्ली।। व्हाट्सएप पर यह सुविधा है कि कोई भी यूजर अपने से कनेक्ट किसी भी यूजर को ब्लॉक कर सकता है। इसके बाद ब्लॉक करने वाले के पास ब्लॉक हुए यूजर के मैसेज नहीं आ पाते और ना वो यूजर उसें मैसेज कर सकता है। लेकिन यदि कोई अपना फ्रेंड व्हाट्सएप पर अचानक से ब्लॉक कर देता तो बात दुखी होने वाली हो जाती है। लेकिन अब दुखी होने की जरूरत नहीं। आप चाहें तो उस फ्रेंड के व्हाट्सएप पर खुद को अनब्लॉक भी कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही ट्रिक के बारे में जिसके आधार पर आप कुछ सिंपल स्टेप्स फॉलो करके खुद को किसी के भी व्हाट्सएप अकाउंट से अनब्लॉक कर सकते हैं।
      आपको ब्लॉक किया है या नहीं, ऐसे लगाएं पता- सबसे पहले चेक करें कि आपके फ्रेंड की व्हाट्सएप प्रोफाइल पिक्चर, लास्ट सीन या व्हाट्सएप स्टेट्स शो हो रहे हैं या नहीं।- अगर नहीं दिख रहे तो समझ लें कि आपको ब्लॉक कर दिया गया है। - इसके अलावा यदि आप आपने व्हाट्सएप पर फ्रेंड को कोई मैसेज भेजा और यह केवल एक टिक दिखाता है तो इसका मतलब है कि मैसेज सेंड हो गया लेकिन डिलीवर नहीं हुआ यानि आपको ब्लॉक कर दिया गया है।- हालांकि ध्यान रखें कि खुद को अनब्लॉक करने की इस प्रोसेस में आपको अपने व्हाट्सएप बैकअप नहीं मिलेगा। यदि आपने बैकअप रिस्टोर किया तो अनब्लॉक नहीं हो पाएंगे।
    ऐसे करें खुद को अनब्लॉक- सबसे पहले व्हाट्सएप सेटिंग में जाएंग और अकाउंट पर क्लिक करें। इसके बाद डिलीट माई अकाउंट पर टैप करें।- इसके बाद अपना फोन नंबर एंटर करें और अपने व्हाट्सएप अकाउंट को डिलीट कर दें। इसके बाद व्हाट्सएप मैसेंजर को फोन से अनइंस्टॉल कर दें।- इसके बाद फोन को रिस्टार्ट करें और प्ले स्टोर से दोबारा व्हाट्सएप इंस्टॉल करें। इसके बाद अपना नंबर डालें।- यह प्रोसेस होने के बाद आप अपने फ्रेंड के अकाउंट से अनब्लॉक हो जाएंगे।
अब व्हाट्सऐप नहीं सिरी कहिये, बस एक क्लिक पर Chat और Voice call
     व्हाट्सऐप के आइओएस वर्जन में नया फीचर शामिल होने की खबर है। इस फीचर के अंतर्गत यूजर्स को एक ही कमांड के जरिए मैसेज भेजने, पढ़ने और वॉयस कॉल करने की आजादी मिलेगी। हो सकता है कि बहुत जल्द आईफोन यूजर सिरी वॉयस कमांड का इस्तेमाल कर पायें।
सिरी वॉयस कमांड
    व्हाट्सऐप के एक लीक ट्रांसलेशन रिक्वेस्ट से खुलासा होता है कि व्हाट्सऐप के फंक्शन को सिरी से एक्सेस किया जा सकेगा।
     व्हाट्सऐप को सिरी से एक्सेस करने के दौरान यूज़र को दिखे एक मैसेज के मुताबिक, ”इस फंक्शन से सिरी फटाफट मैसेज भेज और पढ़ सकता है। इसके अलावा इससे वॉयस कॉल भी की जा सकती है।” हालांकि, व्हाट्सऐप के इस संभावित सिरी इंटिग्रेशन को दुनियाभर के आईफोन यूज़र के लिए आईओएस 10 रिलीज़ के बाद ही जारी किया जाएगा।
     आईओएस 10 को अगले महीने सितंबर में नए आईफोन लॉन्च होने के तुरंत बाद जारी किया जा सकता है। ऐप्पल ने डब्ल्यूडबल्यूडीसी 2016 में अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्ट के लेटेस्ट वर्जन को पेश किया था।
    इसी के साथ ऐप्पल ने अपने वॉयस बेस्ड वर्चुअल असिस्टेंट को गूगल नाउ जैसे प्रतिदवंदियों के चलते ज्यादा फंक्शनालिटी के लिए थर्ड-पार्टी डेवलेपर के लिए भी खोला था।
1:43:00 PM | 0 comments | Read More

पाकिस्तान का गुणगान गाने पर वकील ने हीरोइन के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करवाया

'पाकिस्तान नरक नहीं' कहने पर अभिनेत्री रम्या के खिलाफ देशद्रोह का केस
   कन्नड़ अभिनेत्री और कांग्रेस नेता रम्या उर्फ दिव्या स्पंदना को पाकिस्तानियों पर बयान देना महंगा साबित हो रहा है. रम्‍या के बयान पर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कराया गया है.
     रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान, ‘पाकिस्तान जाना नर्क जाने जैसा है’ के जवाब में 33 वर्षीय राम्या ने कहा कि ‘पाकिस्तान नर्क नहीं है, वहां के लोग हमारी तरह हैं और हमारे साथ काफी अच्छा व्यवहार करते हैं.’
    राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उनके इस बयान को देश के खिलाफ बताया है और कर्नाटक के कोडागु में वकील ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कराया.
    वकील, काटनामाने विट्ठल गौड़ा ने कहा कि वे राम्या के पाकिस्तान संबंधित बयान से चकित हैं. शनिवार को इस मामले की सुनवाई होगी.
1:41:00 PM | 0 comments | Read More

मीडिया कवरेज नहीं दिए जाने के कारण MQM पार्टी कार्यकर्ताओ ने बोला पाकिस्तानी मीडिया चैनल पर हमला

यहां भूखहड़ताल के दौरान मीडिया कवरेज नहीं दिए जाने के कारण पार्टी और मीडिया चैनल के बीच जमकर झड़प हुई। और इस दौरान एक पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश देकर जल्द पूरी मामले की रिपोर्ट मांगी है  
     कराची।। पाकिस्तान के कराची में एक बेहद ही अजीब मामला सामने आया है। यहां पार्टी मीटिंग के दौरान मीडिया कवरेज नहीं मिलने की वजह से मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के कार्यकर्ता ने एआरवाई न्यूज चैनल के बाहर जमकर हंगामा किया। जिसमें एक पार्टी की कार्यकर्ता की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    डॉन न्जूज के मुताबिक, MQM ने कार्यकर्ताओं ने सदर इलाके में ARY ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा किया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हवाई फायरिंग की। और उस दौरान गोली पार्टी कार्यकर्ता को लग गई। जिसकी हॉस्पिटल ले जाते वक्त मौत हो गई।
    हगांमे के बाद प्रदर्शनकारियों ने जैनब मार्किट में एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद इलाके की सभी दुकानों को बंद कर दिया गया।
क्या है मामला-
   कराची प्रेस क्लब के बाहर MQM कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे थे। ये जगह ARY न्यूज चैनल का काफी करीब है। यहां मीडिया कवरेज के लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ। और हालात लगातार बिगड़ते चले गए।
   इसी दौरान सिंध के सीएम मुराद अली शाह ने आईजी से मामले की पूरी छानबीन के आदेश दिए हैं और जल्द से जल्द घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। वहीं, पुलिस ने मीडिया और आम नागरिकों की सुरक्षा पूरा भरोसा दिया है।
12:41:00 PM | 0 comments | Read More

अतुल्य भारत !! यह मंदिर हवा में झूलते खंभे के लिए पूरी दुनिया में है मशहूर

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले का लेपाक्षी मंदिर हवा में झूलते खंभे के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
    यह मंदिर विजयनगर शैली के मंदिरों का सुंदर उदाहरण है। मंदिर 16 वीं सदी में बनाया गया और एक पत्थर की संरचना है। इस मंदिर की सबसे दिलचस्प पहलू एक पत्थर का खंभा है। यह नक्काशीदार स्तंभ जमीन को छूता नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई इंसान खंबे के इस पार से उस पार तक कोई कपड़ा ले जाए, तो उसकी मुराद पूरी हो जाती है। यहां भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान वीरभद्र के अलग-अलग मंदिर मौजूद हैं। यहां बड़ी नागलिंग प्रतिमा मंदिर परिसर में लगी है, जो कि एक ही पत्थर से बनी है। यह भारत की सबसे बड़ी नागलिंग प्रतिमा मानी जाती है।

12:26:00 PM | 0 comments | Read More

गूगल के बारे में कुछ ऐसे मजेदार ट्रिक जो आप नहीं जानते

    अगर आपको गूगल सर्च बोरिंग लगता है तो आप इसे बदल सकते हैं। ऐसा करने में गूगल स्फीयर आपकी मदद करेगा। जैसे ही सर्च स्पेस में गूगल स्फीयर टाइप करेंगे, होम पेज तेजी से गोल घूमेगा। घूमते हुए विकल्पों में से अपना विकल्प चुनना और रिजल्ट पाना काफी रोचक होगा।
गूगल पर बजता है गिटार
    गिटार जीनियस लेस पॉल के सम्मान में बना गूगल का गिटार डूडल अभी भी मौजूद है। सिर्फ टाइप कीजिए गूगल गिटार । आप न सिर्फ इसे बजा सकते हैं, बल्कि रिकॉर्ड भी कर सकते हैं।
अपने नाम का होम पेज
    गूगल का होम पेज देखकर आप बोर हो गए हैं और उस पर आपना नाम देखना चाहते हैं, तो बस टाइप करना होगा गोग्लोगो (द्दशद्दद्यशद्दश)। उसके बाद आप जो नाम चाहेंगे, उसे लिखें होम पेज सामने होगा।
गोल घूम सकता है गूगल का होम पेज
    अगर आपको गूगल सर्च बोरिंग लगता है तो आप इसे बदल सकते हैं। ऐसा करने में गूगल स्फीयर आपकी मदद करेगा। जैसे ही सर्च स्पेस में गूगल स्फीयर टाइप करेंगे, होम पेज तेजी से गोल घूमेगा। घूमते हुए विकल्पों में से अपना विकल्प चुनना और रिजल्ट पाना काफी रोचक होगा।
ग्रेविटी को देता है चुनौती
    गूगल पर गूगल ग्रेविटी टाइप करते ही आपके पेज के सारे कंटेंट ग्रेविटी के अभाव में नीचे गिर जाएंगे। इसके विपरीत गूगल स्पेस टाइप करने पर सारा कंटेंट उडऩे लगता है। माउस से इन्हें ड्रेग और क्लिक करना बड़ा ही मजेदार लगता है।

11:05:00 AM | 0 comments | Read More

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