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पीएम हाउस के पीछे नाली साफ करने पहुंचे केजरी

Written By Bureau News on Thursday, October 2, 2014 | 12:34 PM


   नई दिल्ली।। केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं के साथ 7 रेस कोर्स स्थित पीएम निवास से कुछ दूरी पर मलीन बस्ती में नाली साफ करने पहुंचे हैं। केजरीवाल का कहना है कि आज हो रहे पीएम मोदी के कार्यक्रम में वीआईपी लोग झाड़ू लगाने का उत्सव मनाकर चले जाएंगे। जिससे गंदगी होगी। केजरीवाल उसकी सफाई करेंगे। पार्टी के मुताबिक आज दिन भर आप कार्यकर्ता दिल्ली में झाड़ू लगाएंगे, नाली साफ करेंगे। आज केजरीवाल समेत पार्टी कार्यकर्ता सफाईकर्मियों की तरह साफ सफाई करने के साथ उनके साथ दोपहर का खाना भी खाएंगे।केजरीवाल के मुताबिक आप इसके आज के बाद भी सफाई अभियान जारी रहेगी और दिल्ली के अलग-अलग हिस्से में झाड़ू लगाती रहेगी।

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किसी भी भारतीय अधिकारी ने हमारे पास आकर हमें सांत्वना नहीं दी. किसी ने हमारे से बात भी नहीं की - स्वाभिमानी बेटी सरिता देवी


   दक्षिण कोरिया में हो रहे 17वें एशियाई खेलों के विजय मंच पर फफकती भारत की इस साहसी स्वाभिमानी बेटी सरिता देवी के आंसुओं ने आज पूरे देश को क्षुब्ध कर दिया है. सरितदेवी की आँखों के इन आंसुओं ने उनके साथ हुए अन्याय के साथ ही साथ दक्षिण कोरिया गए खेल अधिकारी, खेल प्रबंधक तथा विभिन्न खेल संगठनों में नाग की तरह कुंडली मार कर जमे हुए पदाधिकारियों की देशघाती धूर्तता दुष्टता लम्पटता को भी पूरी तरह नंगा कर दिया है. टीवी कैमरों के सामने बिलखती हुई सरिता देवी ने आज साफ़ शब्दों में कहा कि..
   "किसी भी भारतीय अधिकारी ने हमारे पास आकर हमें सांत्वना नहीं दी. किसी ने हमारे से बात भी नहीं की" सवा सौ करोड़ के देश की बेटी सरिता देवी ने उस दक्षिण कोरिया में अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ खुद को अकेला और अनाथ अनुभव किया जिस दक्षिण कोरिया में खेल अधिकारी, खेल प्रबंधक तथा विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारी की नकाब पहनकर दर्ज़नों धूर्त गुलछर्रे उड़ाने गए हुए हैं.
   अपने पूरे खेल जीवन को दांव पर लगाकर 17वें एशियाई खेलों के विजय मंच से खुद को मिले कांस्य पदक को लौटकर सरितादेवी ने अपने साहसी स्वाभिमानी तेवरों से देश का सिर ऊंचा कर दिया है और भारतीय खिलाडियों के साथ दक्षिण कोरिया गए कायर कुटिल निर्लज्ज नाकारा खेल मठाधीशों की देशघाती नीचता धूर्तता को पूरी तरह उजागर कर दिया है.




12:30 PM | 0 comments | Read More

दंगे के आरोपी 63 कार्यकर्ताओं को सम्‍मानित करेगी बीजेपी, देगी 'जेल यात्री' का खिताब




   लखनऊ।। बीजेपी ने अपने उन 63 कार्यकर्ताओं को सम्‍मानित करने का फैसला किया है, जो मुरादाबाद में हुए दंगों के मामले में जेल में बंद थे। इन कार्यकर्ताओं पर पर दंगाें में शामिल होने, हत्‍या की कोशिश, नुकसान पहुचाने, गैरकानूनी ढंग से इकट्ठे होने, पब्‍ल‍िक और रेलवे की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के मामले दर्ज किए गए थे। सम्‍मान समारोह 5 अक्‍टूबर को होगा। कार्यकर्ताओं को 'जेल यात्री' का खिताब दिया जाएगा और उन्‍हें माला, शॉल अौर प्रतीक चिह्न सौंपा जाएगा। बता दें कि कांठ इलाके में स्‍िथत एक मंदिर पर लगे लाउडस्‍पीकर को हटाने के विरोध में 4 जुलाई को महापंचायत बुलाई गई थी। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों से भिड़ गए थे। इस हिंसा में डीएम बुरी तरह घायल हो गए थे।
   खास बात यह है कि प्रदेश के बीजेपी अध्‍यक्ष लक्ष्‍मीकांत वाजेपयी और कुछ अन्‍य पदाधिकारियों को भी इस सम्‍मान समारोह में बुलाया गया है। इसके अलावा, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के कई पदाधिकारियों को भी निमंत्रण भेजा गया है। बता दें कि यूपी बीजेपी ने आगरा में 21 नवंबर 2013 को एमएलए सुरेश राणा और संगीत सोम को वर्तमान पार्टी अध्‍यक्ष और उस वक्‍त यूपी इन्‍चार्ज रहे अमित शाह की मौजूदगी में सम्‍मानित किया था। जिस मंच पर उन्‍हें सम्‍मानित किया गया, उस पर कुछ देर बाद ही नरेंद्र मोदी ने चुनावी भाषण दिया था। उस वक्‍त लक्ष्‍मीकांत वाजपेयी ने राणा और सोम को 'हीरो' और 'हिंदुओं का रक्षक' बताया था। यूपी सरकार ने सितंबर 2013 में इन दोनों के खिलाफ सांप्रदायिक दंगे भड़काने का मामला दर्ज किया था। हालांकि, दोनों को बाद में बेल मिल गई थी।




12:30 PM | 0 comments | Read More

कुतुबपुर बस ब्लास्ट की जांच पर सांसद ने उठाए गंभीर सवाल

  बुलंदशहर।। कुतुबपुर बस ब्लास्ट की जांच पर सांसद ने एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने हादसे के पीछे गहरी साजिश होने का शक जताया। साथ ही ब्लास्ट के पीछे बिजनौर के आतंकी कनेक्शन होने की आशंका भी जताई। उन्होंने पूरे मामले की तकनीकी और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की।
    एडीएम हापुड़ की जांच को भी उन्होंने महज औपचारिकता करार दिया। बुधवार को एक होटल में पत्रकारों से रूबरू सांसद डा. भोला सिंह ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस प्रशासन और शासन इस मामले की सच्चाई को दबाएगा तक 15 दिन के बाद वह कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरकर नौकरशाहों से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद जनता में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है।
    सांसद ने सवाल उठाया कि अभी तक पुलिस सिलेंडर के असली मालिक को क्यों नहीं ढूंढ पाई है। हादसे बाद तकनीकी जांच टीम के आने से पहले बस को धोया क्यों गया। इससे जांच से जुड़ी सरकारी मशीनरी की नियत पर शक लाजमी है। सांसद ने कुछ लोगों से बातचीत के आधार पर दावा किया कि बस के झुलसे परिचालक सतीश ने बताया कि एक व्यक्ति ने बस में सिलेंडर रखा था और सिलेंडर को तैयबपुर के एक युवक का नाम बताकर उसे सौंपने को कहा था। सांसद का कहना है कि तैयबपुर का युवक और उसका परिवार फिलहाल गांव से गायब हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
    डा. भोला ने जिला प्रशासन से यह भी पूछा कि पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर से निकलने वाली गैस से करीब सौ यात्रियों की ऐसी हालत नहीं हो सकती। फेफड़ों में सभी के गैस नहीं भर सकती, इसलिए फटने वाले सिलेंडर में गैस नहीं बल्कि जहरीली गैस या फिर अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ था।


12:28 PM | 0 comments | Read More

सड़क पर पांच दिनों तक निर्वस्त्र पड़ी रही महिला

   अहमदाबाद।। गुजरात में एक मंदबुद्धि महिला के पांच दिनों तक सड़क के किनारे निर्वस्त्र पड़े रहने का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला अहमदाबाद शहर का है। गौरतलब है कि राज्य में अभी पिछले शनिवार से ही महिला सशक्तिकरण पखवाड़े की शुरुआत की गई है, इसी बीच एक महिला का कई दिनों तक सड़क पर पड़े रहना महिलाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन की गंभीरता पर सवालिया निशान है।
   जानकारी के मुताबिक महिला यहां के मणिनगर इलाके में पिछले पांच दिन से खुले आसमान में निर्वस्त्र पड़ी रही। इस दौरान बारिश भी हुई और वह भीगती रही हालांकि नजर पड़ने के बावजूद न तो स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने कोई मदद की और न ही यहां के निवासियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
हेल्पलाइन से मिली मदद
   इस मामले में कुछ लोगों ने 1098 हेल्पलाइन पर गुहार लगाई तब जाकर महिला पुलिस मौके पर पहुंची और इस बीमार की मदद की। महिला पुलिस ने बीमार महिला को नारी संरक्षण गृह में पहुंचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक बारिश में लगातार भीगने के कारण महिला की हालत बिगड़ गई थी।
12:28 PM | 0 comments | Read More

दुर्गा पूजा पंडाल में रात को धमाका, 12 लोग घायल


   इंफाल।। मणिपुर की राजधानी इंफाल के थांगल बाजार इलाके में स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में बुधवार रात को धमाका हुआ। इसमें 12 लोग घायल हो गए।
  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका रात करीब 8 बजे हुआ। धमाका होते ही पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई। घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया।
   धमाका किससे हुआ, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बम धमाके में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

12:24 PM | 0 comments | Read More

किसी मां के लिए इससे बड़ा दर्द और कुछ नहीं हो सकता

   मैरीकॉम को मिले स्वर्ण के लिए खुशी है मगर एल सरिता देवी के साथ हुई नाइंसाफी के लिए बेहद अफसोस भी। क्रिकेट के इत्तर एक एथलीट अपनी सारी ज़िंदगी एशियन या ओलंपिक खेलों में पदक जीतने का सपना लिए दिन-रात एक कर देता है। महीनों घर से दूर कैंप में रहकर सेना से भी कड़े अनुशासन में प्रैक्टिस करता है। मां बनने के बाद एल सरिता देवी ने जब कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों के लिए प्रैक्टिस शुरू की तो पहले अपना 20 किलो वज़न कम किया। कॉमनवेल्थ खेलों से पहले वो 6 महीनों तक अपने सालभर के बच्चे से दूर रही। कॉमनवेल्थ में भाग लेकर जब वो भारत लौटी थी तो एयरपोर्ट पर उनका खुद का बच्चा उन्हें नहीं पहचान पाया...वो फूट-फूटकर रोने लगी...किसी मां के लिए इससे बड़ा दर्द और कुछ नहीं हो सकता था...ये दर्द...ये दूरी भी इंसान बर्दाश्त कर ले बशर्ते किसी तरह वो मकाम पा जाए जिसके लिए सारे त्याग किए...इस सबके बीच खुद के साथ हुई नाइंसाफी के लिए एल सरिता देवी को टीवी पर रोता देख उनके दर्द की सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है...खेल क्रूर होता है मगर ज़िंदगी उससे भी..वैसे भी आखिर में लोग ज़्यादती के किस्से नहीं, सफलता की कहानियां ही याद रखते हैं...




12:09 PM | 0 comments | Read More

विदेशी महिलाओं से छेड़छाड़ मामले में सोमनाथ सहित 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट


   नई दिल्ली।। पूर्व कानून मंत्री व आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता सोमनाथ भारती की मुश्किलें नये सिरे बढ़ने वाली हैं। खिड़की एकसटेंशन इलाके में विदेशी महिलाओं से छेड़छाड़ मामले में सोमनाथ सहित 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई है।
   सोमना‌थ भारती पर दिल्ली में आप सरकार के रहते देर रात खिड़की एक्सटेंशन इलाके में भीड़ के साथ जाकर रेड डालने वफ्रिकी महिलाओं से छेड़छाड़ करने का आरोप है। मामला 19 जनवरी का है।
   उनके मुताबिक वहां देह व्यापार का धंधा होने की सूचना मिली थी, इलाके का जनप्रतिनिध होने के नाते वह देर रात दौरे पर निकले थे। लेकिन इसी दौरान पुलिस भी वहां पहुंच गई। तब देर रात ही सोमनाथ की एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से इसी मामले पर काफी तीखी बहश भी हुई थी।
   खिड़की एक्सटेंशन मामले के आरोपी आप नेता सोमनाथ भारती पर पहले भी संगीन आरोप लगते रहे हैं। उन पर आरोप था कि राजनीति में आने में वह खुद भी एक ऐसी टेक फर्म के हिस्सा थे, जो वेबसाइट के जरिए स्पैम मेल भेजकर लोगों से पैसे ऐंठती थी।
   हालांकि, मामले में सफाई देते हुए भारती ने कहा ‌था कि इस गलत धंधे के पीछे फर्म के ही एक एसोसिएट का हाथ था और जैसे ही उन्हें इस बात की जानकारी हुई उन्होंने नौकरी छोड़ दी। यह फर्म 2003-04 में दिल्ली के मालवीय नगर में टॉपसाइट्स नाम चलती थी। यह topsites.us डायरेक्टरी से डाटा कॉपी करती थी और मालवीय नगर के दफ्तर से लोगों को फर्म की ओर से फोन या ई-मेल किया जाता था।
   इसको लेकर एक अमेरिकी वकील डैन बलसैम ने केस भी किया था। तब फर्म ने उन्हें 24 स्पैम मेल्स के बाद यह मुकदमा दायर किया था। जिनके खिलाफ मुकदमा किया गया उनमें टॉपसाइट्स की ओर से भारती का नाम भी शामिल था। बाद में फर्म ने बलसैम को 5000 डॉलर देकर आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर लिया।
12:09 PM | 0 comments | Read More

डीपी प्रकरण पर भाजपा की चुप्पी बदली विचारधारा का संकेत

   हरियाणा के शहर अंबाला में मंगलवार को आयोजित की गई रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ बाहुबलि व धनबलि नेता के रूप में कुख्यात डीपी यादव भी नजर आया, साथ ही डीपी यादव ने अमित शाह की उपस्थिति में ही भाजपा के मंच से यह भी कहा कि अमित शाह उसके मित्र हैं और वह निश्चित तौर पर भाजपा में शामिल होने वाला है। डीपी यादव की भाजपा के मंच पर उपस्थिति और उसके कथन का भाजपा की ओर से अभी तक खंडन नहीं किया गया है, जबकि 20 फरवरी, 2004 को डीपी यादव भाजपा में शामिल होने के कुछ घंटे बाद ही निकाल दिया गया था, तब से सब कुछ वैसा ही है, ऐसे में अगर, डीपी यादव भाजपा में विधिवत आता है, तो क्या यह माना जाये कि भाजपा ने अपनी विचारधारा बदल ली है ?
   जो भी हो, फिलहाल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी के चलते तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। खैर, राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता, लेकिन अति महत्वाकांक्षी डीपी यादव स्वभाव से राजनेता नहीं, बल्कि अपराधी ही है। हालांकि डीपी यादव की ओर से नेता बनने के प्रयास लगातार किये जाते रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में डीपी सहित उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य बाहुबलियों, धनाढ्य और आपराधिक प्रवृति के नेताओं ने मिल कर एक एकता मंच बनाया था। इस मंच ने उम्मीदवार भी उतारे, लेकिन डीपी यादव अंत तक भाजपा और कांग्रेस से भी बात करते रहा और जब कहीं बात नहीं बनी, तो एकता मंच के सहारे ही मैदान में कूद गया, लेकिन खुद के साथ बाकी सब उम्मीदवार भी हार गये। इससे पहले डीपी यादव बदायूं लोकसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर लड़ा था। उस समय डीपी यादव सहसवान विधान सभा क्षेत्र से भी विधायक था और विधान सभा चुनाव अपने कथित राष्ट्रीय परिवर्तन दल से लड़ा था। बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर अपने दल का बसपा में विलय कर दिया था, इसके बाद हुए वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में बसपा ने डीपी यादव को प्रत्याशी नहीं बनाया, तो डीपी यादव ने अपना राष्ट्रीय परिवर्तन दल पुनः सक्रीय कर लिया था।
   डीपी यादव का एक सूत्रीय कार्यक्रम किसी भी तरह सत्ता में भागीदारी पाते रहना है, इसलिए वे किसी के लिए भले ही अछूत हों, पर उनके लिए कोई अछूत नहीं है। वर्ष 2012 में घोर प्रतिद्वंदी दल सपा में जाने के लिए वरिष्ठ सपा नेता आजम खां के रामपुर स्थित घर तक पहुंच गये थे, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी में लेने से स्पष्ट इंकार कर दिया था। उस समय डीपी यादव की काफी फजीहत हुई थी, लेकिन राजनैतिक जमीन की तलाश में वह लगातार जुटे रहे।
   असलियत में डीपी यादव शुरू से ही अति महत्वकांक्षी रहे हैं। अपराध की दुनिया रही हो या व्यापार या फिर राजनीति। वह आगे निकलने के लिए कुछ भी करने को तत्पर रहते हैं। डीपी यादव के व्यक्तित्व को जानने-समझने के लिए उनके पिछले जीवन पर नज़र डाली जाये, तो जिला गाजियाबाद स्थित नोएडा में सेक्टर-18 के पास एक गाँव है शरफाबाद। यहाँ धर्मपाल यादव नाम का एक आम आदमी था, जो जगदीश नगर में डेयरी चलाता था और रोजाना साइकिल से दूध दिल्ली ले जाता था। अति महत्वाकांक्षी धर्मपाल यादव 1970 के दशक में शराब माफिया बाबू किशन लाल के संपर्क में आया और यही शख्स धर्मपाल यादव से धीरे-धीरे डीपी यादव के रूप में कुख्यात होता चला गया। शराब माफिया किशन लाल, डीपी यादव को एक दबंग गुंडे की तरह इस्तेमाल करता था। बाहुबलि डीपी शराब की तस्करी में अहम भूमिका निभाता था। तस्करी से होने वाली अकूत आमदनी के चलते डीपी यादव कुछ समय बाद ही किशन लाल का पार्टनर बन गया। इन दोनों का गिरोह जोधपुर से कच्ची शराब लाता था और पैकिंग के बाद अपना लेबल लगा कर उस शराब को आसपास के राज्यों में बेचता था।
   डीपी के गिरोह में जगदीश पहलवान, कालू मेंटल, परमानंद यादव, श्याम सिंह, प्रकाश पहलवान, शूटर चुन्ना पंडित, सत्यवीर यादव, मुकेश पंडित और स्वराज यादव वगैरह प्रमुख थे। 1990 के आसपास डीपी की कच्ची शराब पीने से हरियाणा में लगभग साढ़े तीन सौ लोग असमय काल के गाल में समा गए थे। इस मामले में जांच के बाद दोषी मानते हुये हरियाणा पुलिस ने डीपी यादव के विरुद्ध चार्जशीट भी दाखिल की थी। पैसा, पहुँच और दबंगई के बल पर धीरे-धीरे डीपी यादव अपराध की दुनिया का स्वयं-भू बादशाह हो गया। दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक सिद्ध होने लगा, तो वर्ष 1991 में इस पर एनएसए के तहत कार्रवाई हुई। कानूनी शिकंजा होने के बावजूद डीपी ने 1992 में अपने राजनैतिक गुरु दादरी क्षेत्र के विधायक महेंद्र सिंह भाटी की हत्या करा दी, जिसमें इसके विरुद्ध सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया। इस हत्या के बाद गैंगवार शुरू हुई, जिसमें डीपी के गुर्गों ने कई लोगों को मारा, साथ ही डीपी के पारिवारिक सदस्यों के साथ उसके कई खास लोगों की भी बलि चढ़ गई। कहा जाता है कि ताबड़तोड़ हत्याओं से जब डीपी और उसके दुश्मन तंग आ गए और हर समय मौत के भय से परेशान रहने लगे, तो दोनों ने गोपनीय समझौता कर लिया कि दोनों शांति से जीवन जीयें और मारा-मारी छोड़ कर अपना-अपना धंधा करें। डीपी पर नौ हत्या, तीन हत्या के प्रयास, दो डकैती के साथ तमाम मुकदमे अपहरण और फिरौती वसूलने के भी लिखे जा चुके हैं एवं एनएसए के साथ टाडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। इस पर हत्या का पहला मुकद्दमा गाजियाबाद के कवि नगर थाने में दर्ज किया गया। अधिकांश मुकद्दमे हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बुलंदशहर और बदायूं जिले में ही दर्ज हैं। बहुचर्चित केस जेसिका लाल हत्याकांड में भी इसका नाम उछला था और मनु शर्मा के साथ इसका बेटा विकास यादव दोषी सिद्ध हो चुका है।
   अकूत संपत्ति अर्जित करने बाद भी डीपी यादव की छवि एक गुंडे और माफिया वाली ही थी, जिससे निजात पाने के लिए यह छटपटा रहा था। 80 के दशक में कांग्रेस के बलराम सिंह यादव ने इसे कांग्रेस पिछड़ा वर्ग का जिला गाजियाबाद का जिला अध्यक्ष बना दिया, तो डीपी ने नवयुग मार्केट में कार्यालय खोल कर उस पर अपने पदनाम का बड़ा सा बोर्ड लगाया। मतलब नेता बनने की चाह इसके अंदर पहले से ही गहरे तक थी। इसी बीच यह महेंद्र सिंह भाटी के संपर्क में आ गया। असल में महेंद्र सिंह भाटी ही इसे राजनीति में लाये। पहली बार डीपी यादव विसरख से ब्लाक प्रमुख चुना गया। इसके बाद मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आ गया। कहा जाता है कि पार्टी गठन करने के बाद मुलायम सिंह यादव को धनाढ्य लोगों की जरूरत थी। डीपी को एक राजनैतिक मंच चाहिए था और मुलायम सिंह यादव को पैसा, सो दोनों का आसानी से मिलन हो गया। मुलायम सिंह यादव ने इसे बुलंदशहर से टिकट दिया और यह धनबल व बाहुबल का दुरुपयोग कर आसानी से जीत भी गया। सरकार बनने पर मुलायम सिंह यादव ने इसे मंत्रिमंडल में शामिल किया और पंचायती राज मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी, लेकिन जिस पैसे के लिए मुलायम सिंह यादव ने डीपी यादव को हाथों-हाथ लिया था, उसी पैसे के कारण मुलायम सिंह यादव ने डीपी यादव से दूरी बना ली। कहा जाता है कि मुलायम सिंह यादव के करीबियों और पार्टी के खास नेताओं को डीपी यादव आए दिन कीमती तोहफे भेजता था। डीपी यादव पार्टी पर हावी होता, उससे पहले मुलायम सिंह यादव ने डीपी से किनारा कर लिया। तब से मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार से डीपी लगातार टकरा रहा है। खुद मुलायम सिंह यादव को संभल लोकसभा क्षेत्र से चुनौती दे चुका है, पर हार गया था, इसके बाद संभल क्षेत्र से ही प्रो. रामगोपाल यादव के विरुद्ध भी चुनाव लड़ा, पर कामयाबी नहीं मिली। पिछले 2009 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेन्द्र यादव के विरुद्ध बदायूं लोक सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और इस चुनाव में भी हार गया। डीपी यादव बसपा के साथ भाजपा
में भी रहा, पर एक-एक कर जब सबने किनारा कर लिया, तो राष्ट्रीय परिवर्तन दल नाम की अपनी पार्टी गठित कर ली, जो बदायूं और संभल क्षेत्र में पहचान बना चुकी है। डीपी यादव संभल लोकसभा क्षेत्र से सांसद एवं राज्यसभा सदस्य के साथ बदायूं के सहसवान क्षेत्र से विधायक रह चुका है। पिछली बार पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार आने पर इसने अपने कथित दल का बसपा में विलय कर लिया था और धनबल व बाहुबल के साथ सत्ता का दुरुपयोग कर अपने भतीजे जितेंद्र यादव को एमएलसी बनवा लिया था। अपने साले भारत सिंह यादव की पत्नी पूनम यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन करा लिया था। यह सपा में चल रही गुटबाजी का भी लाभ लेता रहा है।
    डीपी यादव को उसके गुर्गे मंत्री जी कह कर पुकारते हैं, क्योंकि डीपी को मंत्री जी कहलवाना ही पसंद है। डीपी के गुर्गे आम जनता के बीच दावा करते हैं कि मंत्री जी सिद्धांतवादी हैं, इसलिए बड़े नेताओं ने उनके विरुद्ध फर्जी मुकद्दमे दर्ज करा दिये हैं, जबकि मंत्री जी नैतिकता के दायरे में रहने वाले बड़े ही सभ्य और शालीन व्यक्ति हैं। उनके गुर्गे हैं, तो वह तो कुछ भी दावा करेंगे, लेकिन गाजियाबाद पुलिस डीपी यादव को ऐसा अपराधी मानती है, जो कभी नहीं सुधर सकता, तभी गाजियाबाद पुलिस इसकी हिस्ट्रीशीट खोल चुकी है। गाजियाबाद पुलिस सही भी लगती है, क्योंकि जो डीपी यादव कभी हथियारों के बल पर लूट करता था, वह आज कानून का सहारा लेकर लूट रहा है। डीपी आज अरबों रुपए की हैसियत वाला शख्स है, लेकिन आज भी धोखाधड़ी करने से बाज नहीं आ रहा। बदायूं जिले के कस्बा बिसौली के पास रानेट चौराहे पर डीपी ने यदु शुगर मिल नाम से फैक्ट्री खोली है, इस जमीन को डीपी ने धोखाधड़ी से ही हड़पा है।
   शातिर दिमाग डीपी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने गुर्गों के नाम पट्टे आबंटित कराये और बाद में सभी पट्टों का श्रेणी परिवर्तन करा कर यदु शुगर मिल के नाम बैनामा करा लिया, जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं कर सकते। नियमानुसार पट्टे जिस उद्देश्य से दिये गये हैं, वह उद्देश्य पट्टाधारक पूरा नहीं कर रहा है, तो पट्टे नियमानुसार निरस्त कर दिये जाने चाहिए, साथ ही पट्टे गलत सूचना के आधार पर जारी किये हैं, क्योंकि समस्त पट्टाधारक पहले से ही धनाढ्य हैं और बड़े शहरों में निवास करते हैं, लेकिन सभी को बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव सुजानपुर का निवासी दर्शाया गया है। इसके अलावा संबंधित जमीन खतौनी में खार के रूप में दर्ज है, जिसका पट्टा नहीं किया जा सकता। डीपी यादव द्वारा कराये गये फर्जी पट्टे वर्ष 1991 के बताये जाते हैं, लेकिन वर्षों तक इस बात को जानबूझ कर दबाया गया, क्योंकि सात वर्षों के बाद पट्टों का श्रेणी परिवर्तन कराया जा सकता है। श्रेणी परिवर्तन के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद मामला शासन-प्रशासन के संज्ञान में आया, तो छानबीन की गयी, लेकिन पट्टों से संबंधित कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। राजस्व अभिलेखागार की ओर से 30 मई 2011 को स्पष्ट आख्या दी गयी कि पट्टों से संबंधित कोई रिकॉर्ड उसके पास नहीं है, लेकिन बाद में फाइल अचानक प्रकट हो गयी और इससे भी बड़े आश्चर्य की बात यह है कि जिन अफसरों के हस्ताक्षरों से पट्टे जारी हुए हैं, वह लेखपाल और तहसीलदार जीवित ही नहीं हैं, वहीं संबंधित एसडीएम सेवानिवृत हो गये हैं। साफ है कि शातिर डीपी यादव ने सेटिंग से फर्जी पत्रावली तैयार करा दी। लेखपाल रमेश और तहसीलदार चिंतामणी के कार्यकाल के पट्टे दर्शाये गये हैं, जिनका निधन हो चुका है, ऐसे में वह आकर गवाही नहीं दे सकते, साथ ही एसडीएम रामदीन हिन्दी के सरल हस्ताक्षर करते थे, उनके हस्ताक्षर फर्जी बनाये गये हैं। उक्त प्रकरण में शिकायत पर पिछली बसपा सरकार ने कार्रवाई के निर्देश भी दिये थे, लेकिन प्रशासन ने डीपी के दबाव में रुचि नहीं ली।
   पट्टेधारकों की सूची पर नज़र डालें तो डीपी यादव के दोनों बेटों के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों, प्रतिनिधियों और नौकरों के ही नाम हैं, साथ ही पट्टाधारक छोटे बेटे कुनाल को मिल का डायरेक्टर बनाया गया है। कुल 33 पट्टे हैं, जो संजीव कुमार, जयप्रकाश, सत्यपाल, देवेन्द्र, राकेश, लोकेश, नरेश कुमार, विजय, जितेन्द्र, सत्तार, सतेन्द्र, विक्रांत, बीना, सरिता, विजय कुमार, मंजीद, विकास, कुनाल, रमेश, राजेन्द्र, नरेश, भूदेव, नवरत्न, दीपक, विवेक पुत्र श्री कमल राज, भारत, पवन, विजय, विवेक पुत्र श्री मदन लाल, अरुण, मनोज, धर्मेन्द्र और अभिषेक के नाम से जारी कराये गए हैं। मतलब अरबों की संपत्ति अर्जित कर धर्मपाल यादव से डीपी यादव बनने वाले इंसान की सोच आज भी धर्मपाल यादव वाली ही है, फिर भी वह अपेक्षा करता है कि लोग उसे किसानों का मसीहा कहें। स्कूल और कालेज खोले हैं, इसलिए लोग उसे महापुरुष कहें। डीपी को यह ज्ञान नहीं है कि लोग लगातार डकैती डालने वाले व्यक्ति को बाल्मिकी जैसा सम्मान नहीं दे सकते।
   डीपी यादव की सड़क छाप गुंडे की ज़िंदगी से मंत्री जी तक की हकीकत कहानी ज्यादा लगती है, लेकिन कहानी है नहीं। वास्तव में ऐसे शातिर दिमाग इंसान की सही जगह सलाखों के पीछे ही है, लेकिन देश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मंच पर रहने वाले और राष्ट्रीय अध्यक्ष को मित्र कहने वाले को सलाखों के पीछे डालने की कल्पना करना भी मूर्खता ही कही जायेगी।

(बी.पी. गौतम)
स्वतंत्र पत्रकार
12:07 PM | 0 comments | Read More

क्या आप जानते हैं सेहत से जुड़े ये पांच मजेदार पहलू ?

   सीटी बजाना शिष्टाचार के लिहाज से अच्छी भले ही न लगे लेकिन क्या आपको पता है फेफड़ों के लिए यह बेहतरीन एक्सरसाइज है? ऐसे ही कई मजेदार तथ्य हैं जो आपकी ही सेहत से जुड़े हैं और आपको पता नहीं हैं। आइए जानें आपकी सेहत से जुड़े कुछ मजेदार पहलू।
1- लंबे कद वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का अधिक है खतरा।
लंबे कद वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति अधिक सचेत रहना चाहिए क्योंकि उन्हें इसका खतरा अधिक होता है।
   हौलैंड के कुछ वैज्ञानिकों ने अपने शोध के आधार पर माना है कि लंबे कद वाली महिलाओं का शारीरिक विकास कम उम्र से ही तेजी से होता है जिस वजह से उनके हार्मोन्स में बदलाव भी तेजी से होता है। इससे उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की आशंका अधिक रहती है।
2- वियाग्रा से भी अधिक प्रभावी है अमरूद।
   वैसे तो ग्रीस में अमरूद का संबंध यौन क्षमता से सदियों से माना जाता रहा है लेकिन अब अमेरिकी वैज्ञानिक भी अमरूद को यौन क्षमता बढ़ाने में बहुत प्रबावी मानते हैं।
   वैज्ञानिकों का मानना है कि अमरूद में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो पुरुषों के यौन अंगों तक रक्त संचार बढ़ाने व यौन क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
3- गुस्से से बढ़ सकता है मोटापा।
   अगर आपको बहुत गुस्सा आता है तो जरा कंट्रोल करें। आपका गुस्सा आपको मोटापे का शिकार बना सकता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में माना गया है कि बहुत अधिक गुस्सा करने वाले पुरुषों के बॉडी मास इंटेक्स में तेजी से बदलाव आते हैं और वे जल्दी मोटे होते हैं।
   वहीं अधिक गुस्सा करने वाली महिलाओं का वजन भी तेजी से बढ़ता है लेकिन पुरुषों की अपेक्षा उनमें ऐसा कम होता है।
4- कद्दू खाने से होंगे बुद्धिमान
   कद्दू या सीताफल खाने से दिमाग अच्छी तरह चलता है। सुनने में शायद अटपटा लगे लेकिन कई शोधों में यह बात मानी गई है कि कद्दू में पाया जाने वाला विटामिन बी6 और मिनिरल्स आपके रक्त में मौजूद शर्करा को तेजी से ग्लूकोज में बदलते हैं और ग्लूकोज अकेला ऐसा तत्व है जिसका सेवन मस्तिष्क सीधे करता है। यह मस्तिष्क के काम करने की क्षमता को बढ़ाता है।
5- रेड वाइन के सेवन से बढ़ती है याददाश्त
   कई शोधों में यह तथ्य प्रमाणित हो चुका है कि रेड वाइन का संतुलित मात्रा में सेवन आपकी याददाश्त बढ़ाता है। हां, अगर आप एक बार में 300 मिलीलीटर से ज्यादा रेड वाइन का सेवन करते हैं तो यह आपके दिमाग के लिए उतनी ही हानिकारक भी हो सकती है।





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30 लाख रुपये रिश्वत की रकम के बंटवारे पर भिड़े पुलिसकर्मी

Written By Bureau News on Wednesday, October 1, 2014 | 9:01 PM


  बाराबंकी।। वर्दीधारियों की करतूत ने बाराबंकी पुलिस को शर्मसार कर दिया। वर्दीधारियों ने छापेमारी कर चार करोड़ की मारफीन के साथ एक तस्कर को दबोचा।
   36 घंटे पुलिस ने कस्टडी में रखकर उसे यातनाएं दी और फिर 30 लाख रुपये रिश्वत लेकर उसे छोड़ दिया।
  सूत्रों की मानें तो रिश्वत के बंटवारे को लेकर वर्दीधारी भिड़ गए और खबर आग की तरह पुलिस महकमे में फैल गई। मंगलवार को शिकायत मिलने पर एसपी ने पूरे मामले के जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
   कारनामे के खुलासे से तस्कर को दबोचने में शामिल सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की नींद उड़ गई है। एसपी अब्दुल हमीद के मुताबिक, नौ सितंबर रात मुखबिर की सूचना पर सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने जैदपुर के टिकरा के एक तस्कर के बाराबंकी स्थित गुलिस्ता-ए-शेर कॉलोनी में छापेमारी कर चार किलो मारफीन के साथ उसे दबोचा था।
   अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चार किलो मारफीन की कीमत चार करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने गुपचुप तरीके से तस्कर को 36 घंटे पुलिस कस्टडी में रखकर पूछताछ शुरू की। पुलिस को पूछताछ में तस्करी के संबंध में तो कोई जानकारी नहीं मिली, मगर पुलिसिया खेल शुरू हो गया।
  सूत्रों की मानें तो तस्कर ने वर्दीधारियों को घूस देने का लालच दिया। वर्दीधारी भी तस्कर के झांसे में आ गए और 30 लाख रुपये के सौदेबाजी कर तस्कर को छोड़ दिया।
  घूस के 30 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर दबोचने में शामिल कुछ पुलिसकर्मी भिड़ गए। चंद दिनों में तस्कर से डील की खबर पूरे पुलिस महकमे में आग की तरह फैल गई। शिकायत एसपी तक पहुंची। उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई तो मामला सही पाया जिस पर एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने के लिए एक एडिशनल अफसर के नेतृत्व में टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि, जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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युवती को अकेली देखकर छेड़ा, फिर क्या युवती ने जमकर धोया

  जोधपुर।। समय- मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे। स्थान- केएन कॉलेज से सूचना केंद्र आने वाला रेलवे फुट ओवरब्रिज। सुने ब्रिज से एक छात्रा सूचना केंद्र वाले छोर की ओर बढ़ रही थी। छात्रा को अकेला पाकर यहीं से एक मनचला उसके पीछे लग गया। फब्तियां कसी... सीटी बजाई... भद्दे इशारे किए...। हर हरकत को सहन कर छात्रा निडर होकर आगे बढ़ती रही।
    ब्रिज से उतरने के बाद भी मनचला अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। थोड़ा आगे जाते ही छात्रा एकाएक पीछे मुड़ी और मनचले के मुंह पर एक के बाद एक कई तमाचे जड़ दिए। छात्रा के तेवर देख वह सकपका सा गया। इतने में कुछ राहगीर भी छात्रा की मदद को आ पहुंचे। लोगों के सामने छात्रा खरी-खोटी सुनाते हुए मनचले पर बरस पड़ी। बाद में डरे-सहमे मनचले ने हाथ जोड़ कर छात्रा से माफी मांगी।




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कोतवाल को गौ हत्या के विरोध हिन्दू संगठनो ने दिया को ज्ञापन

  जलालाबाद।। गुनारा निवासी नक्षत्र पाल की गाय को बीती रात चोर घर से खोल ले गाये सुबह जागने पर जब उसने गाय को बंधा नहीं देखा तो वह सुबह चार बजे गाय को ढूंढता हुआ जब वह जलालाबाद मंडी के पास पहुंचा तो विधायक जी की कोठी के पीछे मक्के के खेत में गॉव के ही कुछ लोगो को देखा उक्त लोग उसे देखकर भाग गए संदेह होने पर खेत में जाकर देखा तो बहां पर खून तथा हड्डी दिखाई दी आस पास देखने पर घास में रस्सी को देखा जो कि उसकी ही गाय की थी।
   इस मामले की जानकारी होने पर आक्रोशित हिन्दू संगठनो के कार्यकर्ताओ समेत तमाम लोग कोतवाली पहुंचे और इस मामले को लेकर भारी नाराजगी जताते हुये आरापियो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने सम्बन्धी ज्ञापन दिया। इस दौरान शिव सेना के नगर अध्यक्ष करन गुप्ता, आरएसएस के हरीश शुक्ला, भाजपा नेता दिनेश सिंह राठौर, बजरंग दल के अनुराग अग्निहोत्री, केतन सक्सेना चन्दन सक्सेना अजय प्रताप सिंह समेत इन संगठनो के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।




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त्योहार पर ‘तमाचा’, बिजली 12% महंगी


  लखनऊ।। यूपी में कुछ भी सही नहीं चल रहा। शायद यही वजह है कि केंद्र और राज्य की लड़ाई का खामियाजा जनता भुगतेगी।
   इधर लोग त्योहार की तैयारियों में जुटें हैं तो दूसरी तरफ राज्य सरकार ने बिजली की दरों में 12 फीसदी का इजाफा कर दिया है।
  यह जानकारी बुधवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रमुख देश दीपक वर्मा ने दी।
    कुछ दिन पहले तक इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस साल के टैरिफ ऑर्डर को अंतिम रूप दिए जाने की सुगबुगाहट के बीच पावर कॉर्पोरेशन भी मनमाफिक दरें तय कराने के लिए सक्रिय हो गया है।
   छुट्टी होने के बावजूद शनिवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग का दफ्तर खुला रहा और दिन भर खासी हलचल रही। पावर कॉर्पोरेशन की रेग्युलेटरी अफेयर यूनिट (आरएयू) के अधिकारी भी तय की जा रही दरों की टोह लेने की कोशिश करते रहे।
  संभावना जताई जा रही थी कि आयोग नई दरों का ऐलान 10 अक्तूबर के आसपास कर सकता है, पर दशहरा के ठीक पहले ही सरकार ने महंगाई की मार से बेहाल जनता को इतना बड़ा झटका दे दिया है।


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अब क्या है ड्रग्स ले कर खेलो !

  यह अच्छा है चीनी, जापानी और कोरियाई एथलीट्स ने डोप टेस्ट देने से मना कर दिया! अब क्या है ड्रग्स ले कर खेलो!
  चीन और जापान ने कहा कि अगर उनके खिलाडियों का डोप टेस्ट होगा तो वह अपनी पूरी टीम एशियाई खेलों से वापस बुला लेंगे! सोचिये वहां के खिलाडियों का मनोबल कितना ऊँचा होगा! इधर भारत के खिलाडी जिनके खिलाफ बेईमानी पर बेईमानी होती जा रही है और भारत की ओलिंपिक एसोसिएशन प्रोटेस्ट तक नहीं दर्ज कर रही है! छोड़ देती है रोता तड़पता! कोरिया को भी मालूम है कि भारतीय खिलाडियों के पीछे खड़ा होने वाला कोई नहीं है इसलिए जैसा चाहो वैसा दुर्व्यवहार करो!


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डॉक्टरों के खिलाफ न्यायिक युद्ध

   अलीगंज।। शायद आपराधिक लापरवाही करने वाले डॉक्टरों से कानूनी लड़ाई आसान नहीं है. यह बात अपनी पत्नी ममता शुक्ला की मौत के मामले में न्याय पाने को संघर्षरत अलीगंज निवासी सुरेश चन्द्र शुक्ला हर कदम पर महसूस कर रहे हैं.
   हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित सुश्री ममता की मौत एसजीपीजीआई, लखनऊ में हो रहे इलाज के दौरान हो गयी. श्री शुक्ला ने इसके लिए गैस्ट्रोइंटेरोलोजी विभाग के डॉ विवेक आनंद सारस्वत और डॉ श्रीजीथ वेणुगोपाल को दोषी बताया कि उन्होंने प्रयोग के तौर पर जानबूझ कर ट्रायल ड्रग थाइमोसीन अल्फा-1 इंजेक्शन दिया जिससे हड्डी का कैंसर होने की काफी सम्भावना रहती है और जो मात्र हेपेटाइटिस बी रोगियों के लिए अनुमन्य है.
  श्री शुक्ला ने इस सम्बन्ध में थाना पीजीआई में मार्च 2014 में मुक़दमा लिखाया, वह भी मेरे सीधे हस्तक्षेप के बाद. तब से वे न्याय के लिए लगातार दौड़ रहे हैं.
   पहले कोड ऑफ़ मेडिकल एथिक्स 2002 के पैरा 1.3.2 के तहत अपनी पत्नी के इलाज से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड मांगे जाने पर पीजीआई उनकी प्रार्थना की अनदेखी करता रहा जबकि 72 घंटे में यह सूचना दिया जाना विधिक दायित्व है. उन्हें ये रिकॉर्ड भी तभी मिले जब मैंने पीजीआई के निदेशक को सूचना दिए जाने तथा सूचना नहीं मिलने पर एथिक्स कोड के पैरा 8 में कार्यवाही किये जाने की बात कहते हुए पत्र लिखा.
   अब श्री शुक्ला पुलिस द्वारा माँगा गया स्वतंत्र चिकित्सकीय अभिमत प्राप्त करने के लिए दौड़ लगा रहे हैं. सीएमओ, लखनऊ ने यह मामला अपर सीएमओ डॉ डी के चौधरी और डिप्टी सीएमओ डॉ आर वी सिंह को संदर्भित किया है. श्री शुक्ला के अनुसार जब इस सम्बन्ध में अपनी बात कहने के लिए 26 सितम्बर को वे डॉ चौधरी से मिले तो डॉ चौधरी ने उनसे ना सिर्फ अपमानजनक व्यवहार किया बल्कि मामले का पीछा करने के लिए उन्हें भला-बुरा भी कहा और कहा कि क्या वे उनके कहने पर पीजीआई के डॉक्टर को फांसी पर चढ़ा दें. डॉ चौधरी ने उन्हें अगले दिन बुलाया जब उनके सामने डॉ सारस्वत इन डॉक्टरों के पास आये और उनके आते ही इन डॉक्टरों ने श्री शुक्ला की बात सुने बिना ही चैंबर से बाहर कर दिया.
   श्री शुक्ला ने पुनः मुझसे संपर्क कर पूरी बात बतायी है जिसपर मैंने प्रमुख सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य को पत्र लिख कर विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक नया बोर्ड गठित करवा कर निष्पक्ष चिकित्सकीय अभिमत दिलवाने हेतु निवेदन किया है ताकि श्री शुक्ला की लड़ाई अपने वांछित गंतव्य तक पहुँच सके.
8:51 PM | 0 comments | Read More

महिला कांस्टेबल ने सिपाही को थप्पड़ जड़ दिया

    गा‌जियाबाद।। सिपाही ने महिला के ड्यूटी पर लेट आने की रपट लिख दी थी, जिससे महिला कांस्टेबल खफा थी। एसएसपी ने महिला कांस्टेबल को सस्‍पेंड कर दिया है। सिपाही ने महिला कांस्टेबल के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
   पुलिस सूत्रों ने बताया कि चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 11 सिपाही अपनी ड्यूटी पर तैनात नहीं मिले थे। एसएचओ कविनगर ने चौकी पर तैनात जीडी मुंशी हरवीर सिंह को सभी के खिलाफ रपट लिखने के निर्देश दिए गए थे।
   रविवार शाम करीब आठ बजे जीडी मुंशी ने ड्यूटी से गैरहाजिर महिला कांस्टेबल शीला देवी से जवाब तलब किया। साथ ही गैरहाजिरी की रपट लिख दी। हरवीर सिंह वर्ष 2011 बैच का है और महिला कांस्टेबल 2000 बैच की है। महिला कांस्टेबल ने कहा कि वह उससे सीनियर है। मेला ग्राउंड पर ही दोनों में विवाद हो गया।
  एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया कि शीला ने हरवीर सिंह को थप्पड़ जड़ दिया। चौकी पर उपस्थित पुलिस वालों ने दोनों को समझाकर किसी तरह शांत किया। महिला सिपाही के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। महिला कांस्टेबल को एसएसपी ने सस्‍पेंड कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।


7:50 PM | 0 comments | Read More

एसओ समेत 8 पर FIR करने के आदेश

   गाजियाबाद।। कोर्ट ने 2013 के एक मामले में तत्कालीन सिहानीगेट एसओ समेत 8 लोगों के खिलाफ हत्या और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। संभल के रहने वाले विजयपाल की शिकायत पर वकील ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
   आरोप है कि विजयपाल के भाई बसंत को ठेकेदार नौरतन मजदूरी कराने के लिए गाजियाबाद ले आया था। 27 सितंबर 2013 को गांव लौटने के लिए बसंत ठेकेदार के पास मजदूरी मांगने के लिए आया था। इस पर उसने मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद देर रात में बसंत का शव पंखे से लटका मिला था।
  आरोप है कि ठेकेदार ने मजदूरों की मदद से शव को हटाने का प्रयास किया था। इसका विरोध करने पर ठेकेदार ने सिहानीगेट पुलिस को बुला लिया था। लेकिन पुलिस ने मृतक के परिजन को इसकी सूचना नहीं दी। बाद में किसी तरह पता चलने पर मृतक के भाई बसंत ने ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
  इसके बाद उन्होंने कोर्ट में वकील के जरिए याचिका डाली। कोर्ट ने पेश सबूत के आधार पर तत्कालीन एसओ, पांच अन्य पुलिसकर्मी, ठेकेदार नौरतन, धर्मवीर और मनोज के खिलाफ हत्या करने और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
7:48 PM | 0 comments | Read More

गोरखपुर : दो ट्रेनों में टक्‍कर, 12 मरे, 50 से अधिक यात्री घायल


  लखनऊ।। लखनऊ से बरौनी जा रही बरौनी एक्सप्रेस से मंगलवार रात कृषक एक्सप्रेस टकरा गई। हादसे में ट्रेन की दो बोगियां पलट गईं, जिसमें 12 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 45 से ज्यादा यात्री जख्मी हैं। रात करीब 12 बजे एक छात्र का शव ट्रेन से निकाला गया, जिसकी जेब से देवरिया के पते का कार्ड मिला है।
   हादसा शहर के नंदानगर रेलवे क्रॉसिंग पर रात करीब 11 बजे हुआ। उस वक्त बरौनी एक्सप्रेस रेलवे फाटक पार कर रही थी। नजदीक की पटरी से लखनऊ जाने के लिए कृषक एक्सप्रेस गुजर रही थी। अचानक कृषक एक्सप्रेस का इंजन पास से गुजरती बरौनी एक्सप्रेस की बीच की बोगियों से जा टकराया।
   तेज टक्कर से दो बोगियां पलट गईं, जबकि एक अन्य बोगी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। रात का अंधेरा होने के बाद भी आसपास के लोग मदद को पहुंचे। नजदीक में ही परिसर होने के कारण एयर फोर्स के जवान भी कुछ देर में ही मौके पर पहुंच गए और पलटी बोगियों के नीचे दबे और भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।
  कृषक एक्सप्रेस में सवार ‘अमर उजाला’ के संवाददाता रवि राय ने बताया कि काफी देर की मशक्कत के बाद करीब 30 साल के एक युवक का शव बाहर निकाला गया। उसकी जेब से मिले आईकार्ड पर नाम अमन दुबे पुत्र संजय दुबे, उमानगर देवरिया लिखा है। हादसे में 50 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जबकि कई लोगों की जान जाने का अनुमान है।
  घायलों में से 30 को नजदीकी एयरफोर्स हॉस्पिटल पहुंचाया गया था, जबकि कई घायल जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। उपचार के लिए भेजे गए लोगों में छह और को मृत घोषित किया गया, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है।

7:21 PM | 0 comments | Read More

कसाइयो ने गाय को काट डाला

   जलालाबाद।। गुनारा निवासी नक्षत्र पाल ने बताया कि उसकी गाय बीती रात से गायब हो गयी रात में काफी देर तक ढूंढा लेकिन गाय नहीं मिली।
    आज सुबह जब वह गाय ढूंढने के लिए जा रहा था जब वह विधायक जी की कोठी के पास पहुंचा तो कोठी के पीछे मक्के के खेत में कुछ लोगो को देखा जो उसको देखते ही भाग खड़े हुए। जब खेत में जाकर देखा तो खेत में खून तथा हडडी को देखा ।जब उसने खेत में बारिकी से देखा तो पेड़ के पास रस्सी देखी ।उसने रस्सी को देखकर पहचान लिया कि यह उसी की गाय की रस्सी है।
    यह जानकारी पाकर तमाम लोग एकत्रित हो गए। सुचना मिलने पर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए और सभी लोग गाय मालिक को लेकर कोतवाली आये ।और वहां पर शिव सेना बीजेपी आर एस एस बजरंग दल विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने प्रभारी कोतवाल राजेश कश्यप को सामूहिक रूप से आरोपियों की गिरिफ्तारी के लिय ज्ञापन दिया और कहा कि यदि आरोपियों को गिरिफ़्तार नहीं किया गया तो व्यापक आन्दोलन चलायाजाएगा।
    प्रभारी कोतवाल ने गाय मालिक की तरफ से नामजद तहरीर ले ली है। गॉव में जानकारी करने पर पता लगा की गुनारा के रियाजुदीन मखमल जादी आरिफ पप्पू को साईकिल पर मांस ले जाते सुबह से समय देखा गया।



7:18 PM | 0 comments | Read More

कांची शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती एवं अन्य शंकररमन्की हत्याके प्रकरणमें निर्दोष


  कांची कामकोटी पीठके शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती, विजयेंद्र सरस्वती एवं अन्य २१ लोगोंको शंकररमन्की हत्या के प्रकरण में निर्दोष पाकर मुक्त किया गया।
  हिंदुओंके संतों की अपकीर्ति करने वाले (कु) प्रसिद्धि माध्यमों के लिए यह परिणाम एक तमाचा ही है !
९ वर्षोंके उपरांत मिलनेवाला न्याय, न्याय नहीं, अपितु अन्याय ही है ! इतने वर्षों तक शंकराचार्य जी की जो अपकीर्ति हुई, उस हानिकी पूर्ति कौन करेगा ? वर्तमान समय में भी कुछ संतों के विरोध में बिना कारण अपराध प्रविष्ट किए जा रहे हैं। कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी को दीपावली के दिन रात्रि ढाई बजे बंदी बनाया गया था। पुरी के गोवर्द्धन पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी को भी प्रताडित किया जा रहा है। प.पू. जयंत आठवले पर भी चैप्टर केस प्रविष्ट किया गया था। साथ ही सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगने की तलवार टंगी है। इस प्रकार से संतों एवं साधकों को प्रताडित करने वाले लोग यह ध्यान में रखें कि उनको पापका फल मिलेगा !
  चेन्नई - सितंबर २००४ को तामिलनाडु के कांचीपुरम्के वरदराज पेरुमल मंदिर के व्यवस्थापक शंकरर मन्की हत्याके प्रकरण में कांची कामकोटी पीठके शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती, विजयेंद्र सरस्वती एवं अन्य २१ लोगोंको पुद्दुचेरी सत्र न्यायालय द्वारा निर्दोष मुक्त किया गया है। सबल प्रमाण नहीं तथा हत्या का हेतु सिद्ध न होने के कारण इन सभी को मुक्त किया गया। (शंकराचार्य ने कुछ किया ही नहीं, तो सबल प्रमाण कहां से लाएंगे ? प्रमाण न रहने पर भी हिंदुओं के सर्वोच्च धर्मगुरु को बंदी बनाकर उन्हें प्रताडित करने के संदर्भ में संंबंधित पुलिस अधिकारियों को कारागृह में भेजना चाहिए – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात) शंकररमन्की हत्या के प्रकरण में पूरे नौ वर्षों तक निर्णय देने की प्रक्रिया चल रही थी। न्यायाधीश सी. एस. मुरुगनने यह निर्णय दिया ।
इस प्रकरणका घटनाक्रम आगे दिए अनुसार है -
१. शंकररमन्ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी के विरुद्ध आर्थिक भ्रष्टचार के आरोप लगाए थे।
२. पुलिस की जांचमें पता चला था कि सुपारी देकर शंकररमन्की हत्या की गई।
३. तामिलनाडू पुलिस द्वारा आंध्र प्रदेश के मेहबूब नगर से शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी को ११ नवंबर २००४ को बंदी बनाया गया था। तत्पश्चात १० जनवरी २००५ को जयेंद्र सरस्वतीजी के शिष्य विजयेंद्र सरस्वतीजी को भी बंदी बनाया गया था। शंकररमन्की हत्या के संदर्भ में पुलिस कर्मियों को कांची मठ के लोगों पर भी संदेह था। जांच के पश्चात पुलिस ने और भी कुछ लोगों को बंदी बनाया था।
४. इनमें शंकर मठके व्यवस्थापक एन. सुंदरसन् तथा विजयेंद्र सरस्वतीजी के भाई एम.के.रघुका भी समावेश था।
५. उसी प्रकार इन अपराधियों में पिछले मार्च माह में एम. कथीरावन की हत्या कर दी गई थी।
६. शंकररमन्की हत्या का षडयंत्र रचने के संदर्भ में २३ लोगों पर विविध धाराएं लगाई गई थीं। इन अपराधियों में केवल ६ लोगों पर हत्या से संबंधित एवं अन्य सभी अपराधियों पर अन्य अपराध प्रविष्ट किए गए थे। अपराधी स्वरूप का षडयंत्र रचना, चूक जानकारी देकर न्यायालय को दिशा भ्रमित करना, अपराधी स्वरूप के कृत्यों के लिए आर्थिक सहायता करना आदि अपराध इस प्रकरण के अपराधियों पर लगाए गए थे।
६. २००९ से २०१२ तक चले इस अभियोग की सुनवाई के लिए १८९ लोगों के प्रमाणों की प्रविष्टि की गई थी, जिसमें ८३ साक्षी दारों ने अपनी साक्ष फेर दी थी। अंततः न्यायालय ने सभी अपराधियों को निर्दोष सिद्ध किया है।
  अभियोग तामिलनाडू से पुद्दुचेरी में हस्तांतरित करने के कारण ही शंकराचार्यजी को योग्य न्याय !
   शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी ने इस प्रकार की याचिका प्रविष्ट की थी कि सर्वोच्च न्यायालय में यह अभियोग निरपेक्ष रूपसे चलाने के लिए तामिलनाडू का वातावरण योग्य नहीं है। अतः यह अभियोग दूसरी ओर चलाया जाए। इस आशय की विशेष याचिका के कारण २००५ में अभियोग तामिलनाडू के चेंगलपेट न्यायालय से पुद्दुचेरी में हस्तांतरित किया गया था। (स्थल परिवर्तन करने पर न्याय बदलता है, इससे क्या यह समझें कि न्यायतंत्र भी निरपेक्ष रूपसे अभियोग नहीं चला सकते, वहां किसी ना किसी का हस्तक्षेप रहता है ? यदि ऐसा होगा, तो देशमें लोकतंत्र है, ऐसा वैसा कहेंगे ? हिंदुओं को चाहिए कि वे तामिलनाडू में शंकराचार्यजी के विरोध में कौन हैं, उन्हें ढूंढ निकालें ! उसी प्रकार सर्वोच्च न्यायालय को भी इस प्रकरण में ध्यान देना चाहिए ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)
2:57 PM | 0 comments | Read More

पलक झपकते ही नजरों से हो जाओगे गायब

  न्यूयॉर्क।। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा हैरत अंगेज कारनाम कर दिखाया है जिसमें पलक झपकते ही आपके सामने रखी वस्तु आपकी नजरों से गायब हो जाएंगी। वैज्ञानिकों ने ’क्लोकिंग‘ पद्धति अपना कर किया चमत्कार : यह कोई जादुई छड़ी का कमाल नहीं बल्कि वैज्ञानिकों की ओर से किया गया भौतिकी सिद्धांतों का करिश्माई प्रयोग है जिसे ‘क्लोकिंग’ पद्धति की मदद से किया गया है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए लेंसों को भेदकर निकलने वाली प्रकाश किरणों से ऐसे चुंबकीय क्षेत्र का प्रभाव बन जाता है जिससे यह जिस वस्तु पर पड़ती हैं वह आंखों से पूरी तरह या आशिंक रूप से दिखना बंद हो जाती हैं। 
चीजें नहीं होंगी गायब
   न्यू यॉर्क में भौतिकी शास्त्र के एक प्राध्यापक जान हावेल ने कुछ लेंसों की मदद से यह जादुई कारनामा किया है। इससे आप अपने सामने रखी वस्तु को देख नहीं पाएंगे जबकि उसके पीछे और आसपास मौजूद सारी वस्तुएं आपको दिखाई देंगी। जिस वस्तु को आप नहीं देख पाएंगे वह ऐसा नहीं है कि अपने स्थान से गायब हो जाएंगी वह अपने स्थान पर रहेगी बस आपको दिखाई नहीं देगी। कई लेंसों का किया प्रयोग : इसके लिए हावेल ने कई सारे लेंसों का एक साथ प्रयोग किया और उन्हें एक दूसरे के आगे इस क्रम में रखा की उसके आखिरी छोर पर रखी वस्तु आंखों से दिखना बंद हो गई। इन लेंसों से देखने की प्रक्रिया का त्रिआमी प्रभाव पड़ता है जिससे इसके पीछे रखी वस्तु दिखना बंद हो जाती है। हावेल ने कहा कि यह प्रयोग हाथों, मुंह तथा नापने वाले स्केल पर किया गया है जो पूरी तरह सफल रहा है। मात्र 100 डॉलर में घर पर कर सकते हैं प्रयोग : इस प्रयोग पर किसी तरह का कोई बड़ा खर्च नहीं आया है बस एक हजार डॉलर खर्च करने पड़े। इस विधि को पेटेंट कराया जाना अभी बाकी है लेकिन इसी के बीच हावेल ने महज 100 डॉलर के खर्च पर यह प्रयोग घर में कर पाने के लिए लोगों को इसका तरीका बताया है।
2:04 PM | 0 comments | Read More

यदि मुंहासे से परेशान हैं तो इन उपायों से मिलेगा छुटकारा

home remedies for acne
   अगर मुंहासे आपके चेहरे की रंगत बिगाड़ रहे हैं तो कॉस्मेटिक्स पर खर्च करने के बजाय ये घरेलू नुस्खे मददगार हो सकते हैं। बेकिंग सोडा त्वचा के छिद्र खोलता है और यह एंटीसेप्टिक गुणों से भरा है। हफ्ते में एक या दो बार एक चम्मच बेकिंग सोडा में पानी मिलाकर मुंहासों पर लगाएं और सूखने पर पानी से धो लें।
  ओट्स की मदद से आप चेहरे के लिए पैक बनाएं। हफ्ते में एक या दो बार ओट्स में शहद व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर हल्की मसाज करें और लेप लगाकर 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें।
  मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल व चंदन पाउडर मिलाकर लगाएं और सूखने पर साफ करें। हफ्ते में एक बार इसका पैक मुंहासे दूर रखता है।
  नींबू के रस में मौजूद विटामिन सी त्वचा को संक्रमण से दूर रखता है। नींबू के रस में बराबर मात्रा में गुलाबजल लगाएं और मुंहासे वाली त्वचा को इससे धो लें।
  मुंहासे जहां हों वहां टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। रात में मुंहासे पर टूथपेस्ट लगाकर सोएं और सुबह धो लें। संतरे में विटामिन सी है जो मुंहासे के उपचार मददगार है। संतरे के छिलके को सुखाकर पीस लें और इसके पैक को 10 से 15 मिनट लगाकर धो लें। नीम में एंटीसेप्टिक गुण हैं। इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर 20 मिनट तक लगाएं और फिर धो लें।






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अखिलेश के घर के पास छात्रा से छेड़छाड़

हिला देगी सिरफिरे आशिक की ये करतूत
  लखनऊ।। यूपी में अराजकता चरम पर है। मंगलवार दोपहर कुछ शोहदों ने शहर के नामी लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल के पास चलती सफारी से एक छात्रा के ऊपर जलती सिगरेट फेंक दी। गौर करने वाली बात ये है कि ये घटना सीएम हाउस से कुछ ही दूरी पर हुई। यह स्कूल कालिदास मार्ग पर ही है। गाड़ी में एक सपा नेता एलबी सिंह का बेटा व उसके कुछ दोस्त सवार थे।
   हालांकि, कुछ देर पीछा करने के बाद गौतमपल्ली थाने की पुलिस ने इन गुंडों को हिरासत में ले लिया। दरअसल, मंगलवार दोपहर बेखौफ शोहदों की काली करतूत सामने आई। काली टाटा सफारी (यूपी 62 यू 9777) में सवार चार बदमाशों ने शहर के लोरेटो स्कूल के पास एक छात्रा के साथ छेड़खानी की और उसपर जलती हुई सिगरेट भी फेंक दी। लड़की चीखी, तो आस-पास हड़कंप मच गया और पुलिस को भी तभी होश आया।
   जानकारी के मुताबिक, गाड़ी में सपा नेता एलबी सिंह का बेटा माधुवेंद्र सवार था जो मोहनलालगंज में रह रहा था। साथ में ड्राइवर अरविंद उसके दोस्त कुलदीप और शैलेंद्र भी थे। पुलिस ने इन शोहदों का पीछा किया और गौतमपल्ली इलाके में दबोच लिया। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं।
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अमेरिका में सिक्का जमाने के बाद स्वदेश रवाना हुए पीएम मोदी

   वाशिंगटन।। अमेरिका में अपना सिक्का जमाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिन की अपनी यूएस यात्रा के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। भारतीय समय के अनुसार बुधवार को सुबह करीब चार बजे अपने विशेष विमान से पीएम मोदी वाशिंगटन से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए।
   रवाना होने से पहले उन्होंने वाशिंगटन स्थित यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल में कारोबारियों को संबोधित किया। उन्होंने सभी से अपील की कि वे भारत आएं। मोदी का दावा था कि अब भारत में स्थितियां बदली हैं। वाशिंगटन से दिल्ली रवाना होने के पहले भी समर्थकों की भारी संख्या मौजूद थे। अपने अंदाज के मुताबिक मोदी ने कई समर्थकों से हाथ मिलाया।
   उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के पांच दिनों की यात्रा के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की उर्जा से भरी तस्वीर देखी। इसके साथ ही अमेरिका के साथ कई अहम समझौतों पर बातचीत भी हुई। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की यह यात्रा सफल रही है। न्यूयॉर्क से वाशिंगटन तक मोदी का गर्मजोशी से हर स्थान पर स्वागत किया गया।





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कल तक सबको सलाम ठोकने वाला चौकीदार बन गया कलेक्टर

   भुवनेश्वर।। भौतिक सुख-सुविधाओं के हम आदी हो चुके हैं. और इसी ने हमें आलसी बना दिया है। निजी कंपनी में नौकरी करने वाले लोग अक्सर यह कहते हुए पाए जाते हैं कि यार कंपनी बहुत काम लेती है. 9 घंटे की नौकरी…… 10 घंटे की नौकरी…. सारा समय ऑफिस में निकल जाता है, पर इस समाचार को पढ़ने के बाद शायद आप ये फिर कभी ना कह पाएंगे।
    आपने ये तो सूना होगा कि रिक्शे वाले का बेटा आई एस बन गया, एक दुकानदार या एक बस कंडेक्टर का बेटा आई एस बन गया किन्तु ऐसी मिसाल एक अलग ही है कि 14 वर्षों से सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे एक युवक ने अपने दूसरे प्रयास में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर ली। युवक शादीशुदा और बाल-बच्चेदार है। उड़ीसा के रहने वाले इस युवक का नाम जोति रंजन बागरती है. बागरती ने उस परीक्षा को पास कर दिखाया है जिसे पास करने के लिए विद्यार्थी दिल्ली, मुंबई, पटना जैसे नगरों में अपनी जिंदगी के 5 से 10 वर्ष झोंक देते हैं। दस वर्ष पहले अपने पहले प्रयास में असफल होने के बाद ज्योति ने अपनी गरीबी को ही अपना भाग्य मान लिया था और एक सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड की नौकरी शुरू कर दी, साथ साथ वह और सरकारी नौकरियों के लिए ट्राई करता रहा। किन्तु हर जगह नेताओं की सिफारिस और पैसा चलने की वजह से वह कोई नौकरी ना पा सका ,लेकिन ज्योति रंजन के भाग्य में कुछ और ही लिखा था उसने अपने कर्म को अपना हथियार बनाया और वो पिछले दो वर्षों पहले दोबारा से सिविल परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। ज्योति रंजन का ज्ञान और उसकी मेहनत रंग लायी। अभी मदुरै में उसका प्रशिक्षण चल रहा है। ज्योति के इस मुकाम को आश्चर्य की नजरों से इसलिए भी देखा जा रहा है कि ८००० रू की १२ घंटे की ड्यूटी वाली नौकरी करते हुए वह अपनी पत्नी और बच्ची को भी पाल रहा था। भारत में ही नहीं बल्कि ज्योति रंजन की मिसाल पूरी दुनिया के सामने रखी जानी चाहिए।
   भारत में कई ऐसे व्यक्ति हुए हैं जिन्होंने अभावों से जूझते हुए असाधारण सफलता हासिल की है. इससे पहले भी अभावों में जूझते हुए रिक्शा चालक के बेटे गोविंद जायसवाल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास की थी.
   जम्मू-कश्मीर के सोपोर क्षेत्र के एक दुकानदार के बेटे बशीर अहमद भट्ट भी सिविल सेवा परीक्षा पास कर सुर्शियों में आए थे. इन गुदड़ी के लालों की जीवटता से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में उर्जा और उमंग का संचार होता है. इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है जिससे कई लोगों को प्रेरणा मिलती है।





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जाने पीलिया के घरेलु इलाज के बारें में

    वायरल हैपेटाइटिस या जोन्डिस को साधारण लोग पीलिया के नाम से जानते हैं। यह रोग शुरू में जब रोग धीमी गति से व मामूली होता है तब इसके लक्षण दिखाई नहीं पडते हैं, परन्‍तु जब यह उग्र रूप धारण कर लेता है तो रोगी की आंखे व नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं, लोग इसे पीलिया कहते हैं।शरीर में रक्त की कमी हो जाती है |
   जिन वाइरस से यह होता है उसके आधार पर मुख्‍यतः पीलिया तीन प्रकार का होता है वायरल हैपेटाइटिस ए, वायरल हैपेटाइटिस बी तथा वायरल हैपेटाइटिस नान ए व नान बी।
लक्षण ::-
• आंख व नाखून का रंग पीला होना।
• पेशाब पीला आना।
• रोगी को बुखार रहना।
• भूख न लगना।
• चिकनाई वाले भोजन से अरूचि।
• जी मिचलाना और कभी कभी उल्टियॉं होना।
• सिर में दर्द होना।
• सिर के दाहिने भाग में दर्द रहना।
• अत्‍यधिक कमजोरी और थका थका सा लगना
• व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है और स्वाद में कड़वाहट आ जाती है।
• भोजन के प्रति रुचि नहीं रहती।
• शौच सफेद झागयुक्त पतला हो जाता है।
उपचार ---
१. फिटकरी को भुन लो , उसका पावडर बना लो , और उसमे दोगुना देशी शक्कर डाल दो |
सुबह में १/२ चमच्च गाय के दही के साथ लेना है , ४-५ दिन तक .,दही रोटी ही खिलाना |
२. मुली को पत्तो सहित खाने से पीलिया जिन्दगी भर नहीं होता |
३. गन्ने के रस में निम्बू और पुदीना रस मिला कर लेने से पीलिया नहीं होता |





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नोएडा से ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद तक मेट्रो

   लखनऊ/नोएडा।। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो चलाने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन बनाया जाएगा, जिसका चेयरमैन प्रदेश के इंडस्ट्रियल कमिश्नर होंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसले किए गए। नया रेल कॉरपोरेशन बनाने के लिए सरकार ने 5533 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। सलाहकार एजेंसी के रूप में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ अक्टूबर के पहले हफ्ते में एमओयू साइन होगा। इसके बाद जमीनी काम शुरू हो जाएगा।
   सरकार ने मेट्रो को नोएडा में सेक्टर 32 स्टेशन से आगे सेक्टर 62 तक लाने को भी हरी झंडी दी है। इसके लिए 1880 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अब नोएडा अथॉरिटी डीएमआरसी के साथ एमओयू साइन करेगी। इस पर जनवरी 2015 से काम शुरू हो सकता है, जो 36 महीने में पूरा होगा। इस लाइन पर 6 स्टेशन होंगे। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने मेट्रो को से. 62 से वाया इंदिरापुरम वैशाली लाने की तैयारी तेज कर दी है। डीएमआरसी से प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने को कहा गया है।
   लगभग दो साल से वेटिंग में चल रहे सेक्टर 32 से 62 तक के मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी के फैसले की प्रति आने के बाद अथॉरिटी को एमओयू की औपचारिकता पूरी करनी होगी और फिर डीएमआरसी मेट्रो का निर्माण शुरू कर देगी। टेंडर के प्रोसेस को पूरा करने में लगभग 2 से 3 महीने का समय लगेगा। यानी अगले साल जनवरी से ही इस प्रोजेक्ट पर विधिवत काम शुरू होने की उम्मीद है। इसे पूरा करने के लिए फिलहाल 36 महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
   इस प्रोजेक्ट के कंप्लीट होने के बाद नोएडा में धनुष या आधे चांद के आकार का मेट्रो ट्रैक बनकर तैयार होगा। अभी मेट्रो अक्षरधाम स्टेशन से एनएच-24 के ऊपर से गुजरती है। नए ट्रैक की मंजूरी का आखिरी स्टेशन भी इसी हाइवे के पास पड़ रहा है। इस तरह अक्षरधाम से लेकर नए रूट के लास्ट स्टेशन (मॉडल टाउन चौकी के पास इलेक्ट्रॉनिक सिटी) तक रूट एनएच-24 के लिए धनुष के आकार का रहेगा।
1:12 PM | 0 comments | Read More

पशु बलि पर शांता कुमार का बड़ा बयान

  शिमला।। प्रदेश में पशु बलि पर रोक के समर्थन में अब भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार भी उतर आए हैं। शांता ने हाईकोर्ट के पशु बलि पर लगाए गए प्रतिबंध को सही ठहराया है।
   उन्होंने उन सब धार्मिक नेताओं से यह अपील की है कि इस बदले हुए समय में उन्हें भी अपनी धारणाएं, मान्यताएं और पुराने रीति-रिवाजों को बदलने का साहस दिखाना होगा। कोई भी न्यायालय पशु बलि की अनुमति नहीं देगा।
   उन्होंने हाईकोर्ट के इस फैसले पर बधाई भी दी है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद से लेकर महात्मा गांधी तक सब महापुरुषों ने पूर्ण अहिंसा का समर्थन किया है। इतिहास के मध्य युग में किन्हीं कारणों से कुछ परंपराएं पड़ी हैं, उन्हें बदलने की जरूरत है।
  उन्होंने महेश्वर सिंह जैसे प्रबुद्ध नेताओं से भी अपील की है कि वे इस सारी बात पर विचार करें और अपने निर्णय को बदलें। कहा, देश का कोई भी ग्रंथ किसी की जान लेने की इजाजत नहीं देता।
1:09 PM | 0 comments | Read More

अंधेर नगरी चोपट राजा


  बालोतरा।। बालोतरा नगर परिषद में विकास कार्य करवाने मे पोपा बाई का राज होने के दर्जनो वाकये सामने आ रहे है। जानकारी के अनुसार विगत चार वर्षोे में करीब 400 करोड़ रूपयो को विकास के नाम पर नगरपरिषद ने बहा दिए है। विकास के कार्याे के नाम पर अंधेरगर्दी है। एक की काम को अलग अलग ठेकेदारो से करवाना बताकर करोड़ो का घपला हो रहा है। सड़क निर्माण कार्याे में खुले आम धांधली हो रही है। ताजा मामला आज का है। होटल रेड चिल्ली के पास में सीमेंटेड सीसी रोड पर ठेकदार ने डामर डालकर उसके उपर रोड बना दी। मोहल्ले के लोगो ने बताया कि यह रोड पहले से ही सीसी रोड ओर अच्छी कंडीषन वाली रोड थी फिर भी
ठेकेदार ने आनन फानन में रोड पर डामर डाल दिया। इसमें भी घटियां काम किया गया है। मोहल्ले के लोगो ने ठेकेदार से मिलकर काम भी रूकवाया पर ठेकदार ने काम पुरा कर दिया। नियमानुसार सीसी ओर पक्की रोड पर डामर की सड़क नही बनवाई जा सकती हैं। गोरतलब है कि निर्माण कार्य करवाने वाला ठेकदार सभापती का खास है ओर जाते जात झोली भरने के लिए आंख मीचकर शहरवासियो की मेहनत की कमाई को लुटाया जा रहा है। परिषद के अधिकारी भी धृतराष्ट्र बन बैठे है।


11:23 AM | 0 comments | Read More

बवासीर - कारण और निवारण

रोग की उत्पत्ति
  अपान वायु के दुर्बल हो जाने से अनेक रोगों का जन्म होता है। बवासीर उनमें स एक है। वह मुख्य रूप से दो तरह की होती है। 1 खूनी तथा 2 बादी मस्से वाली। मलद्वार के आन्तरिक भाग में रक्तनलिकाओं और ज्ञान तन्तुओं का एक जाल-सा बिछा हुआ है जिनके द्वारा शरीर के इस भाग का नियन्त्र होता है और इसे पोषण मिलता है। रहन-सहन और खान-पान के गलत ढ़ग को अपनाने से बड़ी आंत में मल इकट्ठा होने लगता हैं। इससे गुदा की नसों में रक्त-संचार व प्राण प्रवाह ठीक प्रकार से नहीं होता और वे फूल जाती है। उनमें जलन और भीषण खाज होने लगती है और वे सूज जाती है। वहां की मांसपेशियां भी कमजोर पड़ जाती है। इसी अवस्था को बवासीर की संज्ञा दी जाती है। किंतु ज्यों-ज्यों कब्ज की वृद्धि होती है या वह रेचक दवाइयों का अधिक से अधिक प्रयोग करता है। ऐसा करने से बड़ी आंत और मलद्वार की श्लेष्मा क्षीण होती जाती है और आस-पास की उत्त्ोजित और फूली हुर्इ नसें और भी कमजोर पड़ जाती है। जब भी रागी मलत्याग के लिए जोर लगता है, यह भाग बाहर निकल आता है और इसे कठिनार्इ के साथ ही अंदर को धकेला जा सकता है। इन नसों फट जाने पर इनसे रक्त बहने लगता है, जिसे खूनी बवासीर कहते है।
खूनी बवासरी के लक्षण
1 गुदा-ग्रीवा की शिराओं का कोर्इ गुच्छा रक्त से भर जाना या सख्त हो जाना। 2 गुदा मार्ग में जनल, दर्द तथा खाज का होना। 3 शौच के समय दबाव पड़ने से रक्त का आना। 4 कभी मल से साथ लगकर खून आता है तो कभी बूंद-बूंद टपकता है। 5 गुदा के स्थान पर बोझ सा महसूस होता है। 6 रक्त एवं पीले रंग का पानी गुदा मार्ग से मस्सों के द्वारा निकलता रहता है। 7 गुदा की रक्त-वहिनियों एवं स्नायुओं में रक्त एवं प्राण की गति रूक जाने से गुदा द्वारा पर छोटे-बड़े दाने उभर आते है, जिन्हें मस्से कहते है।
बवासीर के कारण
1 आहार सम्बंधी गलतियां
कब्ज से स्थायी रूप धारण करने से ही बवासीर का रोग होता है। यही इसका जन्मदाता है।
आजकल खाद्य पदाथों को आकर्षक बनाने के लिए उनको साफ करने के बहाने उनके विटामिन और खनिज तत्वों का नष्ट कर दिया जाता है। ऐसे आहार स्वास्थ्य की दृष्टि से विषरूप हैं। इन्हीं के सेवन से नि:सन्देह कब्ज पैदा होती है। खान-पान से सम्बन्धित गलतियां निम्नलिखित हो सकती हैं-
1 बिना भूख के आहार करना, 2 बहुत अधिक मात्रा में भोजन करना, 3 बार-बार भोजन करना, 4 लाल मिर्च, मसालेदार व तली-भुनी गरिष्ठ वस्तुओं का सेवन करना, 5 प्रोटीन-प्रधान तथा चिकनार्इ -युक्त आहारों का अधिक मात्रा में सेवन करना तथा साग-सब्जियों और फलों का बहुत थोड़ी मात्रा में प्रयोग करना, 6 बेमेल खाद्य पदाथों का एक साथ सेवन करना, 7 जल्दी-जल्दी बिना चबाए भोजन करना, 8 अशान्त मन से भोजन करना तथा मांस, मदिरा, चाय, काफी आदि का निरंतर प्रयोग करना इत्यादि।
पौरूष ग्रंथि का बढ़ना, आंत तथा आमाशय आदि की विकृति के कारण से भी बवासीर का रोग होता है।
3 दवाइयों का प्रयोग:
दवाइयों के प्रयोग से पाचन-क्रिया में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं हो ता बल्कि पाचक अंगों का स्वास्थ्य और भी अधिक बिगड़ जाता है। सभी दवाइयां कब्ज्ा को प्रोत्साहन देती हैं। उत्त्ोजक दवाइयां और मादक तत्वों से पाचन-क्रिया का नाश होता है। इनसे पाकस्थली की स्वाभाविक क्रिया मंद पड़ जाती है। अम्लनाशक कही जाने वाली दवादयां भी वास्तव में अम्लता को दूर नहीं करती बल्कि रोग को और भी जटिल रूप देती हैं।
उपचार
प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली के मूल सिद्धांतों को भली-भांति समझ लेने पर ही इन पर पूर्ण रूप से चला जा सकता है।
1 आहार-बवासीर के रोगी को पथ्याहारों को ही प्रयोग करना चाहिए। ऐसे आहार हैं-कच्ची साग-सब्जियां, जिनका प्रयोग यथासम्भव सलाद के रूप में ही करना चाहिए। फल भी पथ्याहार की श्रेणी में ही आते हैं। इन्हें आहार के रूप में दिन में दो बार सेवन करना चाहिए अथवा उनके रसों का थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सेवन करन चाहिए। कच्ची साग-सब्जियां पालक और सलाद के हरे पत्त्ो का प्रयोग पानी में अच्छीे तरह धोने के पश्चात् सलाद के रूप में करें। कच्चा पपीता, तुरर्इ, शलजम, लौकी, जिमिकंद की सब्जी ठीक ढंग से पका कर खाएं। भूख न होने पर भोजन नहीं करना चाहिए। सप्ताह में एक बार उपवास करना भी उचित है। उपवास के दौरान, सब्जी का सूप या फलों का रस अथवा नारियल पानी का सेवन करें।
2 शुद्धि क्रिया- यौगिक एनिमा का प्रयोग बड़ा लाभकारी है। शुरू-2 में नियमित रूप से प्रतिदिन पाव-डेढ़ पाव ताजे पानी का एनिमा लें। बाद में भी आवश्यकतानुसार इसका प्रयोग करना चाहिए।
कटि स्नान- रोगी प्रतिदिन नियमित रूप से ठण्डे जल के टब में लगभग 10 मिनट बैठें। इससे ज्ञान-तंतु एवं पेट के अन्य अवयव प्रभाव में आने से मलद्वार की नसों में रक्त का संचार उचित रूप में होगा। कभी-2 खून बहने के कारण नसों में घाव हो जाते है और बड़ा कष्ट अनुभव होता है। ऐसी अवस्था में रात्रि के समय सोने से पूर्व एक मोटे वस्त्र को पानी में भिगोकर और निचोड़कर गुदा पर लगाकर सो जाएं। इससे इसकी पीड़ा घट जाएगी।
3 खुली हवा- प्रात:काल ताजी हवा में हरी घास पर नंगे पांव घूमें और गहरी सांस लें। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन कुछ समय के लिए वायु स्नान करें।धूप स्नान-प्रतिदिन कुछ समय के लिए धूप-स्नान अवश्य करें।
4 योगासन- जानुशिरासन, पश्चिमोंत्तानासन, वज्रसान, सुप्त वजा्रसन, शशांकासन, हलासन, मत्स्यासन तथा शवासन का अभ्यास इस रोग को दूर करने में सहायक है।
5 प्राणायाम-गहरे-लम्बे श्वास, अग्निसार, भा्रमरी व नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास करें।
6 अश्विनी मुद्रा- दिन भर में जब भी इच्छा हो गुदा का बार-2 संकुचित व प्रसारित करते रहें।
7 मूल बंध- बाह्म कुंभक में मूलबंध लगाएं।
8 गणेश क्रिया- तर्जनी उंगली में सरसों का तेल लगाकर शौच के बाद मूलाधार गुदा के अंदर गहरार्इ में मालिश उंगली को गोलार्इ में घूमा-घूमाकर करें। यह बहुत आवश्यक है। नाखून से जख्म होने का भय रहता है अत: सावधानी पूर्वक करें।
अन्य सहायक क्रियाएं
अभ्यास 1- सीधे खड़े हो जायें। पैरों में कंधों जितना फासला कर लें। और मजबूती से दोनों कूल्हों पर रख लें। धड को पीछे की ओर जितना झुका सकें झुकाएं। इसी अवस्था में कुछ सैकिंड रहें। फिर साीधे खड़े हो जाएं। छह से आठ बार ऐसा करें।
    अभ्यास 2- सीधे खड़े हो जाएं। पैरों में कंधों से अधिक फासला करें। दोनों बांहों को कंधों के स्तर तक दाएं-बाएं उंचा उठाएं। हथेलियां भूमि की दिशा में रहें। धड़ को टागों के मोड़े बिना कटि से दायीं ओर झुकाएं। दाएं हाथ को सीधा रखें और उससे पृथ्वी को यथा संभव छुने का प्रयत्न करें टांगे सीधी रहनी चाहिए। फिर सीधे खड़े हो जाएं। इसी प्रकार धड़ का बायीं ओर झुकाएं। यह अभ्यास छह से आठ बार करे।
    अभ्यास 3-पैर की अंगुलियों के सहारे उन पर खड़े हो जाएं पेट को अंदर की ओर खीचें। इसी अवस्था में कुछ सैकिंड तक खड़े रहें। फिर दोनों पैरो का पृथ्वी पर रख लें। इस प्रकार दो-चार बार करें।
उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति को यदि बवासीर भी हो तो उसे खूनी बवासरी होने की संभावना बनी रहती है और ऐसी अवस्था में रक्त का बहाव भी अधिक हो जाता है।
   नोट- रोगी को यह सलाह दी जाती है कि वह भारतीय योग संस्थान के किसी ऐसे केंद्र पर जाकर नियमित साधना करे जो उस के घर के नजदीक हो।
11:22 AM | 0 comments | Read More

माता की आरती में आता है भालुओं का झुंड..हाथ जोड़कर करते हैं पूजा


   बागबाहरा/महासमुंद/छत्तीसगढ़।। घुंचापाली स्थित चंडी मंदिर कौतूहल का विषय बना हुआ है। यहां रोज शाम श्रद्धालुओं के साथ आधा दर्जन भालू भी माता की आरती में शामिल होने पहुंच रहे हैं। यह सिलसिला पिछले एक महीने से अनवरत जारी है।
   भालुओं में चार शावक (भालू के बच्चे) भी हैं। इन भालुओं ने अभी तक किसी श्रद्धालु को कोई क्षति तो नहीं पहुंचाई है, लेकिन माता के प्रति लोगों में धार्मिक आस्था को बढ़ाने का काम जरूर किया है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही होती है
वापसी :
   शामछह बजे पहाड़ी से उतरने के बाद ये भालू मंदिर परिसर में ही रहते हैं। आरती के समय दोनों हाथ जोड़कर खड़े होते हैं। यह बात और है कि वे सब एक जगह खड़े होने की बजाय बिखरे हुए होते हैं। जब तक आरती शुरू नहीं होती, तब तक मंदिर परिसर में यहां-वहां बैठकर वे इंतजार करते हैं। आरती के बाद ये सब माता की नौ परिक्रमा करते हैं । इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर सभी वापस पहाड़ी की ओर चले जाते हैं।


11:21 AM | 0 comments | Read More

फैक्ट्रियों का प्रदूषण ग्रामीणों के लिए बना स्लो पॉइज़न

Written By Bureau News on Tuesday, September 30, 2014 | 7:38 PM

जनशक्ति सेवा समिति ने प्रदर्शन कर दिया डीएम को ज्ञापन 
  शाहजहांपुर।। जनशक्ति सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकताओं व पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट मे प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। ज्ञापन में कांट रोड पर जमौर क्षेत्र में लगी फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले धुएं को बंद कराए जाने व फैक्ट्रियों से फैलने वाले प्रदूषण पर रोक लगाए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि जिला अस्पताल में मरीजों के साथ दुव्यवहार किया जाता है। इसकी शिकायत कई बार सीएमएस से की गई, लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार नही हुआ। ज्ञापन देने वालों में अनुराग यादव, प्रमोद शुक्ला, दीपक करमाली, सोनू खुराना, मोहित, अमरीश, कार्तिक गुप्ता, गोल्डी, रजत, अजय, धर्मपाल, राजेश आदि मौजूद रहे।



7:38 PM | 0 comments | Read More

महिला की फोटो खींचने पर दो पक्षों के बीच झड़प


   नई दिल्ली।। के पटेल नगर इलाके में महिला की फोटो खींचने पर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई। जिसमें 72 साल की महिला समेत पांच लोग जख्मी हो गए।
   पुलिस ने सोना देवी (72) व उसके दो बेटों लक्ष्मी नारायण और रविंद्र को आचार्य भिक्षु अस्पताल में दाखिल करवाया। वहीं, दूसरे पक्ष के भगत राम (60) और उसकी पत्नी कमलेश को लेडी हार्डिंग अस्पताल में दाखिल कराया दिया है।
   पुलिस ने दोनों पक्षों का बयान दर्ज किया। भगत सिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले रविंद्र ने उसकी फोटो खींच ली।
   भगत सिंह का आरोप है कि उसने फोटो खींचने से मना किया तो रविंद्र ने अपने भाई लक्ष्मी नारायण के साथ मिलकर पत्नी और उसकी पिटाई कर दी। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से सोना देवी ने पुलिस को बताया कि कमलेश गली में मलबा डाल रही थी।
   उसने जब घर के सामने मलबा डालने से मना किया तो कमलेश और उसके पति ने उनकी पिटाई की। उनके साथ उनकी बेटी ममता और दामाद देवेंद्र भी मारपीट कर रहा था। शोर-शराबा सुनकर उसके दोनों बेटे बाहर आए और बीच बचाव किया। उनके दोनों बेटों के साथ भी मारपीट की।
   बता दें कि एनडीएमसी, यहां वहां कूडा़ फेंकने वालों और पान खाकर थूकने वालों के खिलाफ पूरी दिल्ली में पोस्टर लगवा रहा है। फिर भी लोग पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं।

6:29 PM | 0 comments | Read More

भाजपा-शिव सेना गठबंधन कायम - उद्धव ठाकरे


   मुंबई।। शिवसेना ने केंद्र की एनडीए सरकार से अलग होने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अलग होने की सूरत में महाराष्ट्र में एनडीए के सभी सांसदों के इस्तीफे की शगूफा छोड़कर नया दांव खेला है. अनंत गीते के इस्तीफे की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से लौटने के बाद किया जाएगा.
   गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना का 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया था. इसके बाद खबर आई थी कि केंद्रीय कैबिनेट में शिवसेना के एकमात्र मंत्री अनंत गीते इस्तीफा दे देंगे. गीते मोदी सरकार में भारी उद्योग मंत्री हैं.
   शिवसेना प्रमुख ने मंगलवार को कहा, 'एनडीए से अलग होने पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है. अगर ऐसा होगा तो महाराष्ट्र के सभी 42 सांसदों को इस्तीफा देना होगा, क्योंकि वे सभी एनडीए उम्मीदवार के तौर पर सांसद चुने गए थे.'
  जब उद्धव से पूछा गया कि क्या वह बीएमसी और दूसरे म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन में बीजेपी से गठबंधन बनाए रखेंगे, उन्होंने कहा, 'हम इस पर धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं. जल्द फैसला लिया जाएगा.' याद रहे कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे पर समझौता न होने के चलते बीजेपी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया था. तब से बीजेपी नेता शिवसेना पर सीधे हमलों से बचते रहे हैं, लेकिन शिवसेना ने तल्ख लहजे में बीजेपी पर प्रहार किए हैं.

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चिड़ियाघर में हादसे के बाद भी लोग सबक लेने को तैयार नहीं


  नई दिल्ली।। कोई हादसा हो जाये लेकिन लोग सबक लेने को तैयार नहीं है। अब भी लोग मनाही के बाद जानवरों के अंदर जानवरों को परेशान करने के कोई मौका नहीं छोड़ते।
    यही नहीं सुरक्षा के तय मानकों की अनदेखी करके लोग जानवरों को देखने के लिए जान जोखिम में डाल देते है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। सोमवार को बाघ को देखने आए लोगों ने सुरक्षा की अनदेखी करते दिखे। मगर इन सबके बीच सुरक्षा का दावा करने वाली चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से यहा कोई रोकने व टोकने वाला नहीं दिखा।
   सफेद बाघ के बाड़ा नंबर आठ में पहले बैरीकेड के ऊपर लोग खड़े होकर बाघिन कल्पना को देख रहे थे। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को जानवर दिखाने के लिए उन्हें बैरीकेड के ऊपर खड़ा कर रहे थे। गलती से इस दौरान अगर बच्चे को धक्का लगता या स्लिप करता तो वह सीधे बाड़े के अंदर जा सकता है। मगर इस दौरान वहां एक गार्ड तो नजर आया, लेकिन वह भी किसी को मना करता हुआ नहीं दिखा।
   लापरवाही का दूसरा नजारा दिखा सफेद बाघ के आगे वाले बाड़े में। जगुआर के इस बाड़े पर कुछ लड़के मनाही के बावजुद जाली से जगुआर के ऊपर पानी फेककर उसे परेशान कर रहे थे। उन्होंने ऐसा ऐसा एक बार नहीं कई बार किया लेकिन उन्हें रोकने व टोकने वाला वहां कोई नहीं दिखा।
   चिड़ियाघर के क्यूरेटर आर. ए. खान के मुताबिक चिड़ियाघर की सुरक्षा व बाड़े मानकों के तहत बने है। जगह-जगह लोगों को जानवरों को परेशान करने से मना करने के लिए बोर्ड लगाए गए है।
   लोग खाने का सामान व मूंगफली ना फेके लिए इसलिए चिड़ियाघर परिसर में खाने की कोई भी चीज नहीं मिलती। फिर भी लोग नहीं मानते है। खतरनाक जानवरों के बाड़े के बाहर गार्ड तैनात है। गत मंगलवार को हादसे के बाद से विजय को अभी तक पिंजरे से विजिटर्स के लिए खुले बाड़े में नहीं लाया गया है। हादसे के बाद पांच दिन डॉक्टरों की निगरानी के बाद उसे सोमवार को सफेद बाघ विजय को खुले बाड़े में बाहर निकाला जाना था।
   हालांकि उसे देखने की हसरत लेकर सोमवार को चिड़ियाघर पहुंचे लोगों को मायूस लौटना पड़ा। सोमवार को विजय की जगह कल्पना को बाहर निकाला गया। चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक विजय बिल्कुल ठीक है। उसे पिंजरे से बाहर अंदर ही टहलने के लिए खोला जा रहा। आम विजिटर्स के लिए अभी कम निकलेगा तय नहीं है। उम्मीद है कि बुधवार के बाद हम उसे आम लोगों के लिए बाहर निकाले।

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क्यों लेते हैं नेताओं के समर्थक अपनी ही जान ?

   नई दिल्ली।। मीडिया में ख़बरें छपी हैं कि तमिलनाडु में पिछले शनिवार से कम से कम 16 लोगों ने खुदकुशी कर ली है.हालाँकि राज्य के हर ऐसे मामले की पुष्टि करनी मुश्किल है लेकिन इस खबर को तमिलनाडु की करिश्माई नेता जयललिता को हुई जेल की सज़ा से जोड़ कर देखा जा रहा है. मनोचिकित्सकों का कहना है कि खुदकुशी की ऐसी घटनाओं के पीछ सामाजिक और सांस्कृतिक कारण होते हैं. अखबार में छपी रिपोर्टों में ये भी कहा गया है कि जयललिता को जेल भेजे जाने के सदमे में कुछ लोगों ने खुदकुशी कर ली है तो कुछ की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है
   इंडियन साइकाइट्रिक सोसायटी के अध्यक्ष डॉक्टर टीवी अशोकन ने बीबीसी को बताया, "यहां के लोग बेहद भावुक होते हैं. नेता किसी भगवान की तरह पूजे जाते हैं और इस तरह से लोग अपनी श्रद्धा के चरम पर पहुँच जाते हैं."चेन्नई के साज मेडिकल हॉस्पिटल के डॉक्टर एम सुरेश कुमार कहते हैं, "ये कोई नया चलन नहीं है. हमने ये अतीत में भी देखा है. इसकी जड़ें समाज और संस्कृति में है क्योंकि यहां के लोग स्वभाव से भावुक हैं."
   फ़ोर्टिस मलार हॉस्पिटल के मनोचिकित्सक डॉक्टर एन रंगराजन कहते हैं, "उनमें बहुत से लोगों की अपनी कोई पहचान नहीं होती है.ऐसे लोगों के लिए यही उनकी पहचान है कि वे किसी नेता, अभिनेता या फिर किसी खिलाड़ी के प्रशंसक हैं. तमिलनाडु जैसे राज्य में ये हस्तियाँ भगवान की तरह बन जाती हैं."
    द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक डॉक्टर सीएन अन्नादुरै की मौत के बाद भी कई लोगों ने खुदकुशी कर ली थी. और कई सालों बाद अभिनेता से नेता बने अन्नाद्रमुक के संस्थापक एमजी रामचंद्रन की मौत के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ था.





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देश में कानून बिकता हे, अरबपतियो ओर नेताओ के लिए इस देश का कोई कानून लागु नही होता

   उड़ीसा के एक डाकिये को 68 रूपये की चोरी पर 32 साल की सजा ओर 61 करोड़ की चोरी पर जय ललिता को सिर्फ चार साल की सजा। युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया द्वारा विलफुल डिफाल्टर (10000करोड़) घोषित किये जाने वाले मामले में किंग फिशर के विजय माल्या कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्टे ऑर्डर दे दिया है। 
   दूसरी तरफ राजस्थान के टोंक जिले के किसान जिन्होंने केवल 10 हजार रूपये लोन नही चुकाने पर बैंक ने उन्हें सार्वजनिक रूप से मुर्गा बनाया। ऐसे समाचार मिडिया भी नही दिखाता है कभी भी....! क्यू..? क्या सारे बिके दलाल भेड़िये बन चुके है।
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बैंकों में लगातार 7 दिन की रहेगी छुट्टी, ATM से पैसा निकालने का कर लें इंतजाम

अधिकांश सरकारी काम रहेंगे ठप  
   नई दिल्ली।। अक्टूबर के महीने में बैंक नवरात्रि से लेकर दिवाली के बीच सात दिन तक लगातार बंद रहेंगे। लगातार सात दिन तक बंद रहने से बैंकिंग का कामकाज प्रभावित होने के अलावा सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को होगी जो एटीएम के जरिए पैसा निकालते हैं। क्योंकि इस दौरान बैंकों के बंद होने से माना जा रहा है कि सिर्फ एक या दो दिन बाद एटीएम में कैश खत्म हो जाएगा और इस हालत में उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  सात दिन की लगातार छुट्टियां अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही पड़ रही है जिससे ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 2 दिन इंटरनल वर्क, 2 दिन गजटेड हॉलिडे, 2 वीकेंड ऑफ और फिर 1 त्योहारी छुट्टी की वजह से ज्यादातर एसोसिएशंस अपने सदस्यों को 29 सितंबर तक ही बैंकिंग संबंधी सारे काम निपटाने और पर्याप्त स्टॉक रखने की सलाह दे रहे हैं। इसलिए इस बीच बैंक का कोई काम निपटाना है तो आप भी 29 सितंबर तक निपटा लीजिए।
  बैंको ने 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को हाफ ईयरली क्लोजिंग की घोषणा की है। जिससे दोनों दिन बैंक तो खुले रहेगें, लेकिन कर्मचारी आंतरिक लेखा-जोख में व्यस्त रहेंगे। इसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 3 अक्टूबर को दशहरा यानी विजयादशमी की छुट्टी रहेगी। 4 अक्टूबर को शनिवार होने की वजह से बैंक में आंशिक काम ही होंगे और अगले दिन 5 अक्टूबर को रविवार है। रविवार को बकरीद है लेकिन इसके बदले बैंकों में 6 अक्टूबर को छुट्टी मिलेगी। इस तरह बैंक लगातार 7 दिन बंद रहेंगे।
   गौर हो कि बैंकों में छुट्टियां होने की वजह से एटीएम मशीनों में भी कैश की किल्‍लत होने की संभावना है। हालांकि निजी बैंकों द्वारा इस तरह की समस्‍याओं से बचने के लिए कुछ इंतजाम किए जाते हैं लेकिन लगातार सात दिनों की छुट्टियां होने से एटीएम व्यवस्था का चरमराना तय माना जा रहा है। लिहाजा इस दौरान यह मुमकिन है कि आप एटीएम जाए और वहां पैसा नहीं है का बोर्ड आपको लटका मिले।
लगातार 7 दिनों की छुट्टियां
30 सितंबर और अक्टूबर 1- बैंक की हाफ ईयरली क्लोजिंग
अक्टूबर 2- गांधी जयंती
अक्टूबर 3- दशहरा (विजयादशमी)
अक्टूबर 4 और 5- शनिवार और रविवार
अक्टूबर 6- बकरीद
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शहीद भगत सिंह की छोटी बहन का कनाडा में निधन


   टोरंटो।। स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह जी की छोटी बहन प्रकाश कौर जी का कनाडा में निधन हो गया। यह जानकारी सोमवार को उनके परिवार के एक सदस्य ने दी।
   96 वर्षीय प्रकाश जी, भगत सिंह जी के परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य थीं। वे टोरंटो में रह रही थीं। उनके दामाद हरभजन सिंह दत्त जी पंजाब के होशियारपुर के नजदीक रहते हैं।
   उन्होंने बताया कि प्रकाश कौर जी का रविवार रात निधन हो गया। कुछ साल पहले प्रकाश कौर ने अपने दामाद के भाई कुलजीत सिंह दत्त की फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हत्या का मामला उठाया था। घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों को एक अदालत ने इसी साल दोषी ठहराया था।
  भाग्य की विडंबना या संयोग कहिए। शहीद भगत सिंह जी का 28 सितंबर को 107वां जन्मदिन था। उसी दिन उनकी बहन का निधन हुआ।

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जेल में बंद जयललिता की जमानत पर सुनवाई टली, 6 अक्टूबर तक रहेंगी जेल में

   बेंगलुरु।। आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद एआईएडीएमके सुप्रीमो जयललिता की जमानत याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनवाई 6 अक्टूबर तक टाल दी गई। त्‍योहारों की छुट्टियां होने के कारण फिलहाल जयललिता को जेल में ही रहना होगा। उनकी तरफ से अदालत में चार याचिकाएं दायर की गई हैं। इसमें से एक याचिका सजा रद्द करने, दूसरी फैसले पर पुनर्विचार, तीसरी जमानत के लिए और चौथी फैसले पर रोक के लिए है। मशहूर वकील राम जेठमलानी कोर्ट में जयललिता का पक्ष रखेंगे। उधर, एआईएडीएमके प्रमुख के समर्थन में तमिलनाडु में आज सभी सिनेमाहॉल बंद रहेंगे। दक्षिण भारत के फिल्म निर्माताओं और अभिनेत्रियों ने जयललिता की रिहाई की मन्‍नत रखते हुए एक दिन का उपवास भी रखा है।
सरकारी पक्ष को यकीन, नहीं मिलेगी जमानत
     अभियोजन पक्ष का दावा है कि जयललिता के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिसकी वजह से उन्‍हें कोर्ट से राहत नहीं मिल पाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान कोर्ट में वे कागजात रखे जाएंगे, जिनमें जमीन खरीदने के लिए नकद पैसों के इंतजाम के लिए जयललिता के नाम का इस्तेमाल किया गया था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने जयललिता को 4 साल की जेल और 100 करोड़ जुर्माने की सजा सुनाई है, इसलिए इन्हें नकारा नहीं जा सकता। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, जयललिता और उनकी करीबी शशिकला नटराजन ने 66 करोड़ रुपए से 3000 एकड़ जमीन खरीदी थी। यह संपत्ति 1990 से 1996 के बीच खरीदी गई थीं। बता दें कि जब जयललिता पहली बार सीएम बनी थीं, तब उन्होंने अपनी संपत्ति 2 करोड़ रुपए बताई थी।
6 कंपनियों से खरीदी गई जमीनें
    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, ज्यादातर जमीनें 6 कंपनियों से खरीदी गईं हैं। उनमें लेक्स प्रापर्टी डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रामराज एग्रो मिल्स, मिडो एग्रो फार्म्स, रिवरवे एग्रो प्रोडक्ट्स, इंडो-दोहा केमिकल्स एंड फार्मा और सिग्नोरा बिजनेस एंटरप्राइजेस शामिल हैं। इन कंपनियों में शशिकला और उनके रिश्तेदार अरसे तक डायरेक्टर रहे हैं।



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