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महाविलय के बाद नयी पार्टी का नाम और निशान तय

Written By News Today Time on Friday, April 17, 2015 | 10:06 PM


   खबर है कि छह जनता परिवार के छह दलों के विलय के बाद पार्टी का नाम और चुनाव निशान तय कर दिया गया है.
    आज तक की खबरों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि जनता परिवार का नया नाम समाजवादी जनता पार्टी होगा और इसका चुनावी चिह्न साइकिल होगा. चैनल ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी.
   दो दिन पहले मुलायम सिंह के आवास पर हुई बैठक में तमाम छह दलों ने विलय की घोषणा की उसके बाद अब पता चला है कि एक कमेटी ने पार्टी का नाम और झंडा तय कर दिया है. इन दलों को मिलाकर नई पार्टी गठन करने का ऐलान जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने किया था. सूत्रों की माने तो पार्टी अगले तीन दिन में इसकी घोषणा कर दी जायेगी.लोकसभा में पार्टी के लीडर मुलायम सिंह जबकि राज्यसभा में पार्टी के लीडर शरद यादव होंगे.
   मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी, नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड, लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की जनता दल सेकुलर, ओम प्रकाश चौटाला की आईएनएलडी और कमल मोरारका की समाजवादी जनता पार्टी मिलकर एक नई पार्टी बन गए हैं.


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जनता परिवार को मिलेगा राष्ट्रीय दल का दर्जा

    सिरसा।। देश के राजनीतिक इतिहास में छह राजनीतिक दलों के जनता परिवार में विलय ने भाजपा की नींद उड़ा दी है, क्योंकि जनता परिवार में शामिल हुए राजनीतिक दलों का पांच राज्यों में भारी असर है। राज्यसभा में भी आंकड़े की कमी झेल रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए जनता परिवार सिर दर्दी पैदा करेगा, जिसकी सदस्य संख्या तीस है। वहीं नई पार्टी का लोकसभा में सीट प्रतिशत 7.06 है।
     आंकड़ों को देखते हुए लगता है कि जनता परिवार को राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता मिलेगी। राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए लोकसभा की कुल सीटों का दो प्रतिशत और उसके सदस्यों को कम से कम तीन अलग-अलग राज्यों से चुनकर आना जरूरी है। जनता परिवार के निशाने पर फिलहाल भाजपा ही है। दूसरी तरफ भाजपा इसे बिखरे तथा जनता द्वारा नकारे निराशाजनक दल बता रही है। भाजपा दावा करती है कि इन नेताओं के अंदरूनी मतभेद अभी से उभरने लगे है और अन्य मोर्चों की तरह जल्द ही इसका अस्तित्व भारतीय राजनीतिक मानचित्र से गायब हो जाएगा।
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देश की पहली सुपरकार 'अवंति'

    नई दिल्ली।। बुलैट ट्रेन भले ही अब भी भारत के लिए सपना हो, लेकिन देश अपनी पहली सुपरकार 'अवंति' के इस्तकबाल के लिए तैयार है। जी हां, यूरोप और अमेरिका की तरह ही अब भारत की सड़कों को भी सुपरकार की रफ्तार नसीब होने जा रही है। भारतीय कंपनी डीसी डिजाइन देश को पहली सुपरकार 'अवंति' का तोहफा देने जा रही है। 
   देश की पहली सुपरकार 'अवंति' अप्रैल-मई महीने तक भारत की सड़कों पर दौड़ने लगेगी। कार एक्सपर्ट भी स्पोट्र्स कार के सैक्शन में सुपरकार 'अवंति' को इस भारतीय कंपनी की एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। आइए आपको मिलाते हैं भारत में बनी पहली सुपरकार अवंति से।
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सरकार को ही चूना लगा रहे है ब्लैक में तम्बाकू उत्पाद बेचकर

    नई दिल्ली।। अब दिल्ली में प्रतिबंधित तम्बाकू उत्पाद की बि़क्री पर रोक हटने के बाद तम्बाकू उत्पादों की बिक्री जोरो पर चल रही है। और सबसे गंभीर बात यह है कि छोटा व्यापारी हो या बडा व्यापारी सभी तम्बाकू उत्पादों की बिक्री ब्लैक में ओने पोने दामों में आज भी करने में लगे हुए है। जिसके कारण तम्बाकू का सेवन करने वाले लोग आज भी ब्लैक में खरीदकर तम्बाकू का सेवन कर रहे है। तम्बाकू का सेवन करने वाले राजेश रंजन, विजय धनकड ने बताया कि सरकार की उदासीनता के कारण आज भी तम्बाकू का सेवन करने वाले लोगों को ठगा जा रहा है। 
    उन्होंने ने बताया कि कही यह सरकार की चाल तो नहीं है कि पहले तम्बाकू उत्पाद की बिक्री पर रोक लगाने की धमकी देकर फिर तम्बाकू की बिक्री जारी रखे जिससे दवा व्यापारियों को खासा लाभ हो जाए और ग्राहक महंंगा सामान खरीदकर व्यापारियों को बेवजह लाभ देता रहे। उन्होंने बताया कि ऐसा ही रहा तो वो दिन दूर नहीं जब तम्बाकू की बिक्री करने वाला छोटे से छोटा व्यापारी जमकर पैसा ना कमा ले। इसलिए सरकार को चाहिए कि तम्बाकू के विरोध में जागरूकता अभियान लगातार चलाते रहे। और इन तम्बाकू की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई करे।
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प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ने से मचा बवाल

    नई दिल्ली।। दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में नया सेशन शुरू होने के साथ ही फीस बढ़ोतरी पर बवाल शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार का प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर कोई कंट्रोल नहीं है। हालांकि शिक्षा निदेशालय ने कुछ समय पहले एक सर्कुलर जारी कर सभी स्कूलों से फीस की डिटेल मांगी थी, लेकिन काफी स्कूलों ने यह डिटेल निदेशालय को सब्मिट नहीं की है। नए सेशन में इस बार भी स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी की है। कहीं पर 1० पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है तो कहीं पर 25 पर्सेंट तक फीस बढ़ी है। हालांकि पैरंट्स स्कूलों से सवाल पूछ रहे हैं कि यह बढ़ोतरी क्यों की गई है। स्कूलों से खर्च का हिसाब-किताब भी मांगा जा रहा है। 
     बुधवार को अशोक विहार के एक नामी स्कूल के बाहर पैरंट्स ने जोरदार प्रदर्शन किया और फीस में कमी करने की मांग की। प्रदर्शन करने वाले पैरंट्स ने बताया कि स्कूल में छात्र के लिए फीस स्ट्रक्चर अलग-अलग बनाया गया है। फीस में पूरी मनमर्जी चल रही है। एनुअल चार्ज के रूप में पैरंट्स से 3०से 4०हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। पैरंट्स का कहना है कि यह बात समझ से परे है कि एनुअल चार्ज, डिवेलपमेंट फंड के नाम पर 4०-4०हजार रुपये क्यों वसूले जाते हैं, जबकि ट्यूशन फीस पहले से ही इतनी ज्यादा है। दिल्ली अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागपाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल, सीएम और डिप्टी सीएम को लेटर लिखकर मांग की है कि फीस को लेकर मनमानी शुरू करने वाले स्कूलों के खिलाफ एक्शन लिया जाए। उन्होंने कहा कि हर साल फीस में बढ़ोतरी हो रही है और पैरंट्स बहुत परेशान हो चुके हैं, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। 
    नई बसें खरीदने के लिए भी स्कूल वाले पैरंट्स से पैसा मांग रहे हैं। संस्था सोशल जूरिस्ट के मेंबर एडवोकेट खगेश झा का कहना है कि स्कूल वाले अपनी मर्जी से फीस में बढ़ोतरी कर देते हैं और सरकार सब जानते हुए भी चुप बैठी रहती है। पैरंट्स-टीचर्स असोसिएशन की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन इस सवाल पर भी स्कूल अपनी मर्जी चलाते हैं। उनका कहना है कि एक ही स्कूल में दो-दो फीस स्ट्रक्चर भी देखने को मिलते हैं। फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर हाई कोर्ट की एक कमिटी ने करीब 6००स्कूलों के खातों की जांच की थी और उसके बाद करीब 25०स्कूलों को बढ़ी फीस वापस करने के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन कुछ ही स्कूलों ने फीस लौटाई है और ज्यादातर स्कूल इस आदेश को नहीं मान रहे हैं। एडवोकेट झा का कहना है कि फीस बढ़ोतरी का कोई फॉम्र्युला तो होना चाहिए। जहां पर फीस बढ़ोतरी की जरूरत है, वहां पर फीस बढ़ाने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन जिन स्कूलों में पहले से ही फीस बहुत ज्यादा है, वहां पर भी फीस में भारी बढ़ोतरी की जाती है। स्कूल वाले तरह-तरह से फीस बढ़ा रहे हैं। ट्यूशन फीस में तो हर बार बढ़ोतरी होती ही है, इसके अलावा डिवेलपमेंट फंड, एनुअल चार्ज के नाम पर फीस में हजारों रुपये का इजाफा कर दिया जाता है। आईटी एजुकेशन के नाम पर भी पैसा वसूला जा रहा है। पैरंट्स की ओर से शिक्षा निदेशालय के पास भी कंप£ेंट जा रही हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। कई स्कूलों में पैरंट्स असोसिएशन सालों से फीस बढ़ोतरी के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं।
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अलकबीर ट्रस्ट में बिना निबंधन के चल रहा फ़र्ज़ी नॉन-फॉर्मल कोर्स

झारखण्ड सरकार से मान्यता नहीं,फिर भी AICTE को दिया फ़र्ज़ी दस्तावेज
मुख्यमंत्री से अलकबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज का अधिग्रहण करने की मांग
     जमशेदपुर।। भारतीय एकता मंच के संस्थापक शाहनवाज़ हसन ने आज साकची आमबगान स्थित होटल शाही दरबार में संवादाता सम्मेलन में झारखण्ड के मुख्यमंत्री से अलकबीर ट्रस्ट के फ़र्ज़ी कारनामो और वित्तीय अन्यमित्ताओं की जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग करते हुए अलकबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज का अधिग्रहण सरकार से करने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है। शाहनवाज़ हसन ने RTI के तहत झारखण्ड सरकार के निबंधन विभाग और AICTE से यह जानकारी मांगी थी की किस आधार पर अलकबीर ट्रस्ट का निबंधन किया गया है एवं कॉलेज के लिए मान्यता का आधार क्या था। निबंधन विभाग से अबतक अलकबीर ट्रस्ट ने निबंधन नहीं करवाया है और बिहार के समय फ़र्ज़ी ढंग से निबंधन को ही AICTE से मान्यता के लिए भेजा गया है।
    अलकबीर ट्रस्ट बिना झारखण्ड सरकार और AICTE के मंजूरी के नॉन फॉर्मल टेक्निकल कोर्स करवाता है और छात्रों को दी जाने वाली डिग्री में सरकार से मान्यता होने का फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट दिया जाता है. कॉलेज के सचिव हाजी फहीमुद्दीन और उनका परिवार पब्लिक ट्रस्ट को अपनी निजी संपत्ति बनाकर करोड़ों की आय का हर वर्ष बन्दर बाँट कर रहा है. उपायुक्त के पास पिछले 7 महीने से अलकबीर ट्रस्ट की जांच के लिए निबंधन विभाग और AICTE द्वुारा पत्र भेजा गया है जिसपर अबतक कोई कार्यवाई नहीं की गयी है.अलकबीर ट्रस्ट के आधीन अलकबीर पॉलिटेक्निक से हर वर्ष करोड़ों रूपए की आय का ट्रस्ट द्वारा आजतक निबंधन विभाग,वक़्फ़ बोर्ड से ऑडिट नहीं कराया गया है एक अनुमान के अनुसार वार्षिक आठ करोड़ की आमदनी वाला यह संस्था हाजी फहीमुद्दीन की निजी संपत्ति बन गया है और ट्रस्ट के संस्थापक प्रोफ मदनी को हाजी फहीमुद्दीन और उनके गुर्गो ने बाहर कर दिया है.कॉलेज के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों को वेतन सरकार द्वारा तय किये गए मापदंड पर नहीं दिया जारहा है. इतनी कमियों और अनियमितताओं को देखते हुए भारतीय एकता मंच ने अलकबीर पॉलिटेक्निक का सरकार से अधिग्रहण करने का अनुरोध किया है।


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व्यापमं घोटाले के विरोध में वकीलों ने खोला मोर्चा

बार एसो. ने सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन
    भोपाल।। प्रदेश के बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की लड़ाई में कांग्रेस के बाद अब वकीलों ने भी नया मोर्चा खोल दिया है। जबलपुर हाईकोर्ट, ग्वालियर और इंदौर खंडपीठ सहित कई जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। राज्यपाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होने का जिक्र भी ज्ञापन में है। मुख्यमंत्री लाभार्थी हैं और केन्द्रीय मंत्री उमाभारती का नाम बयानों में आया है। 
    लिहाजा, राज्यपाल मुख्यमंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति नहीं दे सकते हैं। ऐसी सूरत में राष्ट्रपति संज्ञान लेते हुए सीबीआई से जांच कराएं। हाईकोर्ट वकील अर्पित तिवारी ने भी एसटीएफ पर सवाल उठाते हुए बताया कि गवाही के लिए किसी को क्यों नहीं बुला रहे। हाईकोर्ट, एसआईटी और एसटीएफ से कोई जानकारी नहीं मिल रही है। सीएम निर्दोष हैं तो जांच का सामना क्यों नहीं करते। दिग्विजय सिंह ने जो दस्तावेज दिए हैं उनसे पूछताछ क्यों नहीं हो रही। ट्रुथ लैब छेड़छाड़ प्रमाणित करने के लिए तैयार है, तो उसे क्यों नहीं बुलाते। दिल्ली हाईकोर्ट में व्हिसिल ब्लोअर ने जो दस्तावेज जमा कराए हैं, उन्हें हासिल करने की कोशिशें क्यों नहीं कीं। हाईडिस्क कब जब्त की गई। उस वक्त हैश वेल्यू क्या थी, ये क्यों नहीं बताया जा रहा है। 
    कॉल डिटेल रिकार्ड सर्विस प्रोवाइडर से क्यों नहीं मांगा गया। स्टेट बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा, विजय चौधरी, शशांक शेखर, रोहिताश, अर्पित तिवारी, रवीश गुप्ता सहित कई वकीलों ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर प्रमुख सचिव विनोद सेमवाल को ज्ञापन सौंपा। नीखरा ने बताया कि एसटीएफ जांच का हाल है कि तमाम सबूत देने के बाद भी बयान के लिए नहीं बुलाया। राज्यपाल के खिलाफ एफआईआर है, तो सीएम पर गंभीर आरोप हैं। केन्द्रीय मंत्री का नाम भी बयानों में आया है। राज्य के संवैधानिक और प्रशासनिक मुखिया पर सवालिया निशान हैं। फॉरेंसिक लैब एक्सलशीट से छेड़छाड़ प्रमाणित कर चुकी है।
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आप विधायक राखी बिड़लान की बर्थडे पार्टी में हुई मारपीट

     नई दिल्ली।। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की विधायक राखी बिड़लान की बर्थडे पार्टी बुधवार जंग का मैदान बन गई। राखी को बर्थ डे गिप:ट में स्कॉॢपयो कार किसी ने तोहपेस में दी। भव्य पंडाल में पार्टी हुई, बधाई देने किराड़ी के विधायक ऋतुराज भी आए थे। ऋतुराज के इलाके के लोगों के पार्टी में पहुंचने पर हंगामा शुरू हो गया। मर्डर केस को लेकर किराड़ी के लोग ऋतुराज का विरोध करने लगे तो हंगामा शुरू हो गया। दोनों तरफ जमकर हाथापाई और धक्का मुक्की हुई। राखी के भाई के बाल पकड़कर नोंच लिए गए। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद 'आप' विधायकों को महंगे-महंगे उपहार मिलने लगे हैं। पार्टी के विधायक जो खुद को आम बताते है वो अब खास बन गए है। 
     बीती रात आप विधायक का जन्मदिन था और इस मौके पर राखी बिड़लान को स्कोॢपयो गाड़ी गिप:ट में भी मिली। विधायक के जन्मदिन में भव्य पंडाल लगाकर पार्टी भी हुई। पार्टी में राखी बिड़लान और किराड़ी के विधायक ऋतुराज ने जमकर डांस भी किया। लेकिन उनके जश्न में खलल उस वक्त पड़ गया जब ऋतुराज के पीछे-पीछे उनके विधानसभा के वे लोग भी आ गए जो कुछ दिनों से एक हत्याकांड को लेकर धरने पर बैठे थे। उन्हें देखते ही राखी के भाई और ऋतुराज गुस्सा हो गए। इसके बाद दोनों तरफ जमकर जूतमपैजार, हाथापाई और धक्का-मुक्की हुई। किराड़ी से आए लोग नरमी से बात कर रहे थे और बदले में उन्हें धक्का-मुक्के मिल रहे थे।
     मीडिया का कैमरा देखते ही सब भाग खड़े हुए लेकिन तब तक सारा मामला कैमरे में कैद हो चुका था। दरअसल ये वे लोग थे जो किराड़ी में हुई गिरप:तारी और उसके बाद गुरुदास नाम के युवक की हत्या को लेकर कई दिनों से अनशन पर बैठे थे। जब इन्हें सूचना मिली कि यहाँ अरविंद केजरीवाल आने वाले हैं तो मंगोलपुरी में राखी बिड़लान के जन्मदिन की पार्टी में पहुंचे गए। लेकिन उन्हें देखते ही ऋतुराज और राखी वहां से हट गए लेकिन राखी बिड़ला के भाई ने उन्हें भगाना चाहा। इस बात को लेकर किराड़ी से आये लोगों के साथ मारपीट हुई। बहरहाल मंगोलपुरी थाने को भी इसकी सूचना दी गई। इस मामले के साथ ही साथ सवाल ये भी खड़े होते हैं कि आप के विधायकों में भी अब वीआईपी कल्चर की छाप दिखने लगी है। ये आम विधायक जन्मदिन की भव्य पार्टी रखते हैं हो हल्ला होता है, डांस मस्ती होती है और साथ ही मिलते है महंगे-महंगे गिप:ट भी मिले। अब आप ही अंदाज़ा लगाइये कि गिप:ट में मिली स्कोॢपयो गाड़ी की कीमत क्या होगी और ये कोई आम आदमी की सवारी तो है नहीं। वीआईपी विधायक के जन्मदिन पर वीआईपी गिप:ट? अब सवाल उस पर भी है कि आखिर इतने महंगे गिप:ट देने वाले के पीछे उसकी मंशा क्या है?
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कमजोर प्रदर्शन वाले अध्यक्षों पर गिरेगी गाज

कांग्रेस ने 15 मई से पहले बदलने के दिए संकेत
    भोपाल।। कमजोर परफार्मेंस वाले प्रदेश कांग्रेस के जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों पर गाज गिराने की तैयारी कर ली गई है। ऐसे जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों को 15 मई से पहले अपने पदों से हटा दिया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश प्रभारी महासचिव मोहनप्रकाश की अध्यक्षता में हुई प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और समन्वयकों की बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश कांग्रेस दो हजार से ज्यादा गेहूं खरीदी केन्द्रों पर किसानों की मदद के लिए सहायता केन्द्र खोलेगी। केन्द्र में आने वाले किसान का गेहूं बिकवाने में मदद करेगी। इसके अलावा पार्टी किसानों को खाद, बीज दिलाने के साथ राहत, मुआवजा, बिजली बिल और कर्ज माफ कराने में सहयोग करेगी। 
    इस समीक्षा बैठक में के पहले दिन भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर और उज्जैन संभाग में चलाए गए गांव चलो, घर चलो अभियान का फीडबैक लिया गया। प्रदेश प्रभारी के साथ प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने अध्यक्ष और समन्वयकों से सीधी बात की। कई अध्यक्षों ने ब्लाक अध्यक्षों द्वारा अभियान में सहयोग नहीं करने की बात उठाई तो संगठन ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्षों को उनके प्रदर्शन का आईना भी दिखाया। बैठक में 19 अपैल की किसान रैली और सदस्यता अभियान को लेकर भी विचार किया गया है। सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि रैली में अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं को पहुंचना है।
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पुलिस चलाएगी चैंजिंग रूम में सर्च अभियान

शहर के शॉपिंग मॉल्स की होगी चैकिंग
     भोपाल।। राजधानी की पुलिस शॉपिंग मॉल्स के चैंजिंग रूम में सर्च अभियान चलाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब पुलिस अफसर विशेष तौर पर गल्र्स चैजिंग रूम में सर्च अभियान चलाकर नजर रखेगें। चैजिंग रूम में कैमरे मिलने पर मॉल के मैनेजमेंट के खिलाफ सख्ती कार्रवाई की जाएगी। पुलिस शॉप्ंिाग मॉल में बने टॉयलेट में भी चैकिंग करेगी, जिससे की युवतियों के अश्लील वीडियो बनने से पहले रोका जा सके, क्योंकि ओबेदुल्लागंज में पेट्रोल पंप के बाथरूम से एक युवती कैमरा पकड़ चुकी है। इस वारदात को देखते हुए पुलिस ने अपने सर्च अभियान ने यह व्यवस्था भी रखी है। 
   इस काम के लिए पुलिस अफसर निर्भया पुलिस पेट्रोल्ंिाग की मदद भी लेंगे। बताया जाता है कि यह अभियान पुलिस गुपचुप तरीके से चलाना चाहती है, जिससे की मॉल का मैनेजमेंट सतर्क होने से बच जाए, और पुलिस का अभियान सफल हो जाए। मालूम हो कि गोवा के एक शॉपिग मॉल के चैजिंग रूम में मिले कैमरे की वारदात के बाद भोपाल पुलिस अब हरकत में आ गई है। पुलिस शॉप्ंिाग मॉल्स में बने गल्र्स चैजिंग रूम में सर्च अभियान चलाने की तैयारी कर रही है, जिससे की इस तरह का शिकार भोपाल की कोई महिला या युवती न बन सके। इसको लेकर थाना प्रभारियों से पुलिस अफसरों ने उनके क्षेत्र में बने शॉप्ंिाग मॉल्स की डिटेल मांगी है। इससे सर्च अभियान को सफल बनाया जा सके। इस संबंध में डीआईजी भोपाल डी. श्रीनिवास का कहना है कि मॉल्स में बने चैजिंग रूम में नजर रखने के लिए थाना प्रभारियों का कहा गया है। इससे की कोई वारदात न हो सके।
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शिव-सेना और मुसलमान

     शिव सेना के मुखपत्र 'सामना' में उसके एक सांसद का लेख छपा है। वह जल्दबाजी में दिया गया बयान नहीं है, बल्कि एक लेख है याने उसमें जो कुछ भी कहा गया है, वह सोच-समझकर कहा गया है। उस लेख में कहा गया है कि कई नेता और पाॢटयाँ मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते हैं और मुसलमान समझते हैं कि इसी में उनका भला है लेकिन वे हर बार ठगे जाते हैं । पहले कांग्रेस उनको ठगती थी और अब ओवैसी जैसे नेता उनको ठग रहे हैं। यदि यही चलता रहा तो भारत के मुसलमान कभी उन्नति नहीं कर पाएँगे । यहाँ तक तो उस शिव-सेना सांसद की बात तथ्य-संगत और तर्कसंगत भी लगती है लेकिन इसके आगे उन्होंने जो लिखा है, उसे मुसलमान तो क्या, भारत का हर नागरिक भी रद्द कर देगा। इतनी रद्दी बात आज के भारत में कोई नेता सोच भी सकता है, इस पर भी सबको आश्चर्य होगा। उन्होंने लिखा है कि मुसलमानों से मतदान का अधिकार छीन लेना चाहिए ताकि वोट बैंक की तरह उनका इस्तेमाल अपने आप ही बंद हो जाए। यह तर्क वैसा ही है, जैसे कोई यह कहे कि आपको जुकाम हो गया है तो उसका इलाज़ यही है कि आपकी नाक काट ली जाए। 
    आप किन-किन की नाक काटेंगे? किन-किन जातियों का इस्तेमाल वोट बैंक की तरह नहीं होता? भारत का कौन सा ऐसा निर्वाचन-क्षेत्र है, जिसमें हजारों लाखों वोट जाति, मजहब, क्षेत्रीयता आदि के नाम पर आँख मींचकर नहीं डाले जाते हैं? इसी दोष के कारण आपको देश के ज्यादातर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना पड़ेगा। क्या आप इसके लिए तैयार हैं? यदि नहीं तो सिर्फ मुसलमानों पर आप इतने मेहरबान क्यों हो रहे हैं? शायद इसलिए कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने भी ऐसी ही मांग उठाई थी। मुसलमानों को मताधिकार से वंचित करने की मांग असंवैधानिक तो है ही, वह यह भी बताती है कि आप कायर हैं। आपने अपनी हार मान ली है। आपने वोट बैंक की राजनीति के आगे घुटने टेक दिए है । आपको अपने आप पर विश्वास नहीं है। क्या आप ऐसी राजनीति नहीं कर सकते हैं कि जिससे हमारे मुसलमान दलित, पिछड़े, आदिवासी और साधारणजन भी केवल गुण-दोष के आधार पर ही वोट दें? भेड़ चाल न चलें । थोक में वोट न डालें । अपने विवेक का प्रयोग करें। किसी खास तबके के लोगों को मताधिकार से वंचित करने की बात वही कर सकते हैं, जिन्होंने अपना विवेक दरी के नीचे सरका दिया है।
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कानूनी विवाद में फंसा जमीन अधिग्रहण बिल

     नई दिल्ली।। जमीन अधिग्रहण अध्यादेश कानूनी विवाद में फंस गया है। इस अध्यादेश के खिलाफ एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अध्यादेश की जरूरत पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में नोटिस भेजकर 4 हफ्तों के भीतर जवाब देने को कहा है। 
    हालांकि कोर्ट ने इस अध्यादेश पर रोक लगाने की याचिकाकर्ता की मांग ठुकरा दी है। संसद के बजट सत्र के पहले हिस्से में जमीन अधिग्रहण कानून को मंजूरी नहीं मिल पाने के बाद सरकार को ये अध्यादेश दोबारा लाना पड़ा था। सरकार ने पिछले कानून के मुकाबले इसमें कुछ संशोधन किए हैं और बजट सत्र के दूसरे हिस्से में इसे संसद से पारित कराने की कोशिश में है।
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सीएम की सिक्युरिटी में तैनात कॉन्स्टेबल से स्नेचिंग

    नई दिल्ली।। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात महिला कॉन्स्टेबल खुद ही स्रैचिंग का शिकार हो गईं। सोमवार सुबह 8:15 बजे सिविल लाइंस में सीएम के घर के बाहर ही महिला कॉन्स्टेबल से झपटमारों ने चेन लूट ली। हालांकि जब महिला कॉन्स्टेबल के साथ यह घटना हुई, तब वह सीएम रेजिडेंस पर ड्यूटी करने आ रही थीं और पुलिस के मुताबिक वह सिविल कपड़ों में थीं। 
   केजरीवाल के 6 फ£ैगस्टॉफ रोड, सिविल लाइंस रेजिडेंस पर महिला कॉन्स्टेबल ड्यूटी करने के लिए सुबह आ रही थीं। पुलिस के मुताबिक जब दो बाइक सवार लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया, तब महिला सीएम के घर से काफी दूरी पर थीं।
12:23 PM | 0 comments | Read More

दोस्त के बेटे से अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न के मामले में शख्स गिरफ्तार

    नई दिल्ली।। दक्षिण पश्चिम दिल्ली के राज नगर इलाके में अपने दोस्त के 10 साल के बेटे के अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न के मामले में 4०साल के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सतीश के रूप में हुई है जिसे पीडि़त के परिवार की शिकायत के बाद उसके घर से गिरफ्तार किया गया। 
   एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना कल शाम घटी जब पीडि़त के पिता को जानने वाला आरोपी बच्चे को घूमनहेरा में मछली पकड़ने के बहाने बाहर ले गया। एक सुनसान जगह पर आरोपी ने लड़के का अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न किया और किसी को बताने पर गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी।
12:23 PM | 0 comments | Read More

विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन के अकाउंट को इस्लामिक रुढ़िवादियों द्वारा उनके पोस्ट को लेकर की गई शिकायत के बाद किया बंद

   फेसबुक ने बांग्लादेश की विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन के अकाउंट को इस्लामिक रुढ़िवादियों द्वारा उनके पोस्ट को लेकर की गई शिकायत के बाद बंद कर दिया.
    तसलीमा ने बुधवार को फेसबुक की इस कार्रवाई को तसलीमा ने 'पूरी तरह अस्वीकार्य' करार देते हुए फेसबुक के 'मुक्त' होने के दावे पर सवाल उठाए. तसलीमा ने कहा, 'मंगलवार से ही मेरा फेसबुक अकाउंट बंद कर दिया गया है. कई बार अनुरोध करने के बावजूद फेसबुक के अधिकारियों ने मेरा अकाउंट शुरू नहीं किया. उन्होंने ऐसा इस्लामिक रुढ़िवादियों को संतुष्ट करने के लिए किया, जो नहीं चाहते कि मैं अपने विचार सोशल साइट पर साझा करूं.'
    अपने वतन से निर्वासित चल रहीं तसलीमा ने अपने पाठकों से संपर्क स्थापित करने से रोकने के लिए फेसबुक की आलोचना की. तसलीमा ने कहा, 'मुझे बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में प्रवेश देने से रोका जा रहा है. मेरे पाठक मेरा लेखन नहीं पढ़ सकते, क्योंकि मेरी रचनाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसलिए मैं अपने पाठकों से जुड़ने के लिए माध्यम के रूप में फेसबुक का इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन मुझ पर यहां भी प्रतिबंध लगा दिया गया.'
    उन्होंने आगे कहा, 'फेसबुक को अनेक फर्जी अकाउंट से कोई दिक्कत नहीं है, जो मेरे नाम से चलाए जा रहे हैं, लेकिन मेरे वैध अकाउंट से उन्हें आपत्ति है और यह सिर्फ मुस्लिम रुढ़िवादियों को संतुष्ट करने के लिए किया जा रहा है, जो मेरे विचार फैलने नहीं देना चाहते.'
    फेसबुक के इस कदम की ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी ने आलोचना करते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति की आजादी के विचार का अतिक्रमण है. वाजपेयी ने कहा, 'एक लेखक को अपने विचार प्रसारित करने से रोकने के लिए जो कुछ भी किया जाए, वह भी नसरीन जैसी प्रख्यात लेखिका के, वह पूरी तरह अस्वीकार्य और अति प्रतिक्रियावादी है. यह अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है और हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी.'

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खुद की किडनैपिंग करने पर पिता से मांगी फिरौती

   जयपुर।। जयपुर के सेंट जेवियर स्कूल के एक छात्र ने अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली। बताया जा रहा है कि इस छात्र ने अपने पिता से फिरौती मांगने के लिए ये साजिश रच डाली। लेकिन उसकी साजिश नाकाम हो गई। इस छात्र ने अपने 6 दोस्तों के साथ मिलकर खुद को किडनैप करवाया और अपने पिता से 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
   अपने बेटे के अगवा होने की खबर सुनकर पिता ने पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस की जांच में कुछ और ही साजिश सामने आई। इस लड़के ने पैसों के लिए अपने पिता को धोखा दिया और दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की साजिश रची, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने उसे अजमेर से गिरफ्तार कर लिया है।
10:29 AM | 0 comments | Read More

कांग्रेस नेत्री रीता सिंह ने अपनी माँ को पीटा

    हरदोई।। कांग्रेस नेत्री रीता सिंह ने अपनी 70 वर्षीय माँ को पीट दिया। एक जमीनी विवाद में समझौते को लेकर वह अपनी माँ पर दबाव बना रही थीं। सुलह न करने पर बेटी ने अपना गुस्सा बुजुर्ग माँ पर उतार दिया और बेरहमी से पीट कर जख्मी कर दिया।
     शहर के नघेटा निवासी 70 वर्षीय मिन्ना देवी पत्नी दुर्विजय सिंह ने बताया कि पडोसी कमलेश गुप्ता से उनका जमीनी विवाद चल रहा है। जिसमे बेटी रीता सिंह ने समझौता कर लिया है। जबकि वह न्याय चाहती है इसलिए समझौता करने से इंकार कर दिया जिससे खफा बेटी अपनी माँ की जमकर धुनाई कर दी। रीता सिंह कांग्रेस पार्टी की नेता है। महिलाओ के हक की लड़ाई लड़ना इनकी फितरत में है।
 
 
(हरिश्याम बाजपेयी)
10:28 AM | 0 comments | Read More

नेताओं की विकास में नहीं, कमीशन खाने में ज्‍यादा रुचि - मुलायम

    लखनऊ।। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने रविवार को कहा कि एमएलए, एमएलसी और एमपी अगर अपने-अपने गांव का विकास कर लें तो पूरे हिंदुस्तान का विकास हो जाएगा। लेकिन नेताओं की दिलचस्पी विकास के बजाय कमीशन में होती है और इसीलिए विकास नहीं हो पाता।
    भारतीय जाट सभा के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सपा प्रमुख ने सैफई का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विकास हुआ, लेकिन एक पैसा कमीशन नहीं लिया गया। यही हाल कन्नौज व फीरोजाबाद का भी है। सांसद व विधायक निधि से कमीशन लेने वाले विकास नहीं करा सकते। उन्होंने कहा कि वह कभी किसी के लिए चैलेंज वाली भाषा प्रयोग नहीं करते लेकिन आज इस बात को चैलेंज के साथ कह रहे हैं कि देश के किसी भी राज्य में उत्तर प्रदेश जैसी सरकार नहीं है, जो किसानों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गो का विकास कर रही हो। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव के कामकाज की तारीफ की।
विलय होते ही राष्ट्रीय दल बन जाएगा जनता परिवार
जाट समाज को नसीहत
    सपा प्रमुख ने जाट महासभा के कार्यक्रम में कहा कि आप कहां थे और अब कहां आ गए? इसकी वजह यह है कि आप चौधरी चरण सिंह के बताए रास्ते को भूल गए। वह जाति का नाम नहीं लेते लेकिन चाहे जितनी कोशिश कर लें आपके साथ पहले 'वो' नहीं आएगा। आपको समझना चाहिए कि कौन आपका साथ दे सकता है। इसके बाद मुसलमान भी आपके साथ आएगा। महिलाओं के सम्मान पर कहा कि सभी को पत्नियों के साथ भोजन करना चाहिए। मैं और अखिलेश भी ऐसा ही करते हैं। इससे उन्हें आदर और बराबरी का दर्जा मिलता है।



10:17 AM | 0 comments | Read More

ये बेकार होतीं संस्थाएं

आखिर इन संस्थाओं का काम क्या है ?
   महिला आयोग और दिल्ली पुलिस का काम क्या् है। अक्सर पढ़े-लिखे लोगों को पता नहीं होता।कब कार्रवाई होगी किसके खिलाफ कार्रवाई होगी पता नहीं।और अगर आरोपी रसूख और वाला हुआ तो तय मानिए या तो कार्रवाई होगी ही नहीं मामला लटक जाएगा लेकिन अगर आरोप संगीन हुआ तो उल्टे शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
    महिला आयोग का उदाहरण तनु शर्मा के मामले में लिया जा सकता है। दिल्ली पुलिस का तो कहना ही क्या वह चार कदम आगे है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय दिलाने की खूब बातें की जाती हैं। लेकिन दो महीने हो गए दैनिक जागरण की एक महिला द्वारा एक दिग्गज पत्रकार के खिलाफ दी गई शिकायत पर अब तक पता नहीं क्यों कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह महिला आयोग ने तनु शर्मा के मामले में भी कुछ खास कार्रवाई नहीं हो पाई । उल्टे तनु को काफी परेशान किया गया। इन दोनों मामलों में एक बात कॉमन है और वह है दोनों आरोपी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदार भाई दास के करीबी पत्रकार हैं।
(मजठिया मंच)
10:17 AM | 0 comments | Read More

फटने से पहले अलर्ट कर देगी मोबाइल फोन बैटरी

    मुंबई।। एक ऐसी बैटरी ईजाद हो चुकी है जो आपको फटने या ऑवरहीट होने से पहले सावधान कर देगी। यह एक स्मार्ट लीथियम-आयन बैटरी बनाई है, जिसका उपयोग सेलफोन, टेबलेट, लेपटॉप अथवा अन्य इलेक्ट्रिक डिवाइसेज में किया जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बैटरी ओवरहीट होने या फिर फटने से पहले ही यूजर को अलर्ट कर देगी। इस बैटरी को अब एक सेप:टी बैटरी के तौर पर देखा जा रहा है जो जल्द ही उपरोक्त गेजेट्स में उपलब्ध हो सकती है।
    गौरतलब है कि कई बार इंटरनल शॉर्ट सॢकट के कारण इन मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रिक गेजेट्स की बैटरियों में धमाका हो जाता है या फिर वो ऑवरहीट हो जाती है। लेकिन इस स्मार्ट लीथियम-आयन बैटरी में एॅसी तकनीक विकसित की गई है, जिसमें कॉपर की परत को इलेट्रॉड्स के बीच स्थापित किया गया है। इस तकनीक के चलते बैटरी में होने वाले किसी लीकेज की स्थिति में वोल्टेज अपने आप कम हो जाता है।
10:16 AM | 0 comments | Read More

मंदिर में प्रेमी जोड़े की हरकतें कैमरे में हुईं कैद

    वापी/गुजरात।। संघ प्रदेश सेलवास के महादेव मंदिर में एक प्रेमी जोड़े की अश्लील हरकतों का वीडियो सामने आया है। वीडियो मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज से लिया गया है, जो वायरल हो गया है। वीडियो में प्रेमी, प्रेमिका की जबर्दस्ती मांग भरते और उसे किस करने हुए दिखाई दिया।
      वीडियो वायरल होने के बाद सेलवास की भारतीय संस्कृति युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने आईजी मनीष अग्रवाल से शिकायत दर्ज कर प्रेमी जोड़े के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद यह फुटेज सार्वजनिक किस तरह हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।


    


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जनता परिवार : भाजपा की बढ़ी चिंता, तो कांग्रेस आई सकते में

Written By News Today Time on Thursday, April 16, 2015 | 9:57 PM

    सिरसा।। समाजवादी कुनबे ने पुराना इतिहास दोहराते हुए आधा दर्जन राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाकर पांचवी बार प्रयास किया है। इससे पहले 1989 में राष्ट्रीय मोर्चा, 1996 में संयुक्त मोर्चा, 2008 में संयुक्त राष्ट्रीय प्रगृतिशील गठबंधन तथा 2009 में तीसरा मोर्चा बनाया जा चुका है, जो अपनी हौंद बचाए न रख सका। जनता परिवार की डुगडुगी में पांच राज्यों में प्र्रभावी दस्तक देने वाले समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी जनता पार्टी, जनता दल (यू), इनैलो तथा जनता दल (एस) शामिल हो गए है, इन सभी के कुल 15 सदस्य लोकसभा मे ंहै, जबकि राज्यसभा में सदस्यों का आंकड़ा 29 है। जनता परिवार के गठन से राष्ट्रीय राजनीतिक कैसी रहेगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, परंतु इस गठन ने भाजपा की चितांए बढ़ा दी है, वहीं कांंग्रेस भी सकते में आ गई है। लोकसभा में भाजपा के पास प्रचंड बहुमत है, जबकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास 63 सदस्य है। राज्यसभा की 52 अन्य सीटें अन्य दलों के पास है, जिन्हें साथ लेकर चलने की कोशिश जनता परिवार द्वारा की जानी यकीनी मानी जा रही है। कांग्रेस को यह चिंता हो गई है कि कहीं जनता परिवार आंकड़ों की बाजीगरी में उसे पीछे न छोड़ दे। राज्यसभा में कांग्रेस की अगुवाई में यूनाईटिड प्रौगेसिव ईलाईंस(यूपीए) की 70 सीटें है। भाजपा ने देश के संभावित राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपनी नई रणनीति पर आंकलन शुरू कर दिया। जनता परिवार का अपने पांच राज्यों को छोड़कर दूसरे राज्यों में कोई विशेष प्रभाव नहीं, मगर जनता परिवार एक राजनीतिक संदेश देने में जरूर सफल हो जाएगा, जिसका फायदा उसे निकट भविष्य में होने वाले बिहार, यूपी और पंजाब विधानसभा चुनावों में मिलेगा। भारतीय राजनीतिक इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए, तो पता चलेगा कि 1989 में गठित राष्ट्रीय मोर्चा में जनता दल, असम गण परिषद, तेलगु देशम पार्टी तथा द्रुमक शामिल हुए थे, मगर यह मोर्चा 1991 में ही दम तोड़ गया। 1996 में राष्ट्रीय राजनीति में संयुक्त मोर्चा दिखाई दिया, जिसमें जनता दल, तेलगु देशम पार्टी, असम गण परिषद, द्रुमक, तमिल मनीला कांग्रेस समाजवादी पार्टी तथा भाकपा ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी, मगर 1998 में संंयुक्त मोर्चा अपने सहयोगियों को संयुक्त नहीं रख पाया। वर्ष 2008 में जयललिता ने राष्ट्रीय प्रगृतिशील गठबंधन नामक तीसरे मोर्चे का ऐलान किया, जो प्रगृति की राह न पकड़ पाया। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देव गौडा ने वर्ष 2009 में तीसरे मोर्चे का राग अलापा, मगर राग की बांसुरी नहीं बजी। पिछले चार संयुक्त प्रयासों की हुई दुर्गति उपरांत किए जा रहे जनता परिवार के इस प्रयास पर सबकी नजरें है, जिनके पास न कोई नाम है न ही कोई निशान। जनता परिवार में विलय को लेकर समाजवादी पार्टी में गंभीर मतभेदों की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है। हरियाणा में भी इनैलो का एक वर्ग विलय से खफा है, मगर वह चुप्पी साधे हुए है, क्योंकि चुप्पी टूटते ही आलाकमान का खफा भय उन्हें दिखाई देता है। कांग्रेस देशभर में आपसी कलह से पहले ही जूझ रही है और तीसरे मोर्चे की डुगडुगी कांग्रेस पर भारी पड़ेगी, जिसे लेकर कांग्रेस सकते में है।
9:57 PM | 0 comments | Read More

'वापस लौटाओ अंतिम संस्कार का पैसा'


    गरियाबंद।। नक्सलियों के खिलाफ देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसपीओ की तैनाती इस देश की हुकूमत का फैसला था, लेकिन मुठभेड़ में एसपीओ के शहीद हो जाने के बाद प्रशासन उनके परिवार से अंतिम संस्कार का पैसा भी वसूलता है. इससे ये साबित होता है कि देश की सुरक्षा के लिए मरने वालों की जान कितनी सस्ती है.
    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के रक्षित निरीक्षक निलेश द्विवेदी ने नक्सली मुठभेड़ में शहीद एसपीओ किशोर पांडेय के परिवार को पत्र लिखकर अंतिम संस्कार का पैसा वापस मांगा है. निलेश द्विवेदी की दलील है कि एसपीओ के अंतिम संस्कार के लिए परिवार को तात्कालिक रूप से अशासकीय निधि वेलफेयर फंड से 10 हजार रुपये दिया गया था.
    रक्षित निरीक्षक ने पांडेय के भाई कौशल पांडे के नाम यह पत्र लिखा है और पत्र की एक कॉपी गरियाबंद जिले के एसपी को भी भेजा है. पत्र में कहा गया है कि अंतिम संस्कार का पैसा वापस करने के लिए पहले भी पत्र भेजा गया था, लेकिन परिवार की ओर से पैसा जमा नहीं कराया गया.
   गौरतलब है कि एसपीओ किशोर पांडेय 23 मई 2011 को नक्सली मुठभेड़ में शहीद हो गए थे. इसके बाद प्रशासन ने उनके अंतिम संस्कार के लिए पैसा दिया था.

7:07 PM | 0 comments | Read More

हमें शर्म नहीं आती भारतमाता की जय बोलते हुए ...

    ड्यूटी टाईम में घर-परिवार के काम, रिश्ते निभाने, पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों में भागीदारी, खरीदारी और मित्रता निभाने, दिन में कई-कई बार चाय-काफी, समोसों-कचोरियों और पकौड़ों का स्वाद लेने के काम करते हुए टाईम पास करना सभी को अच्छा लगता है लेकिन ड्यूटी समय के पहले और बाद में थोड़ा भी सरकारी काम करना पड़ जाए तो हमें मौत आती है। सरकारी समय में घर के काम करने में हमें कभी शर्म नहीं आती, हमें शर्म आती है ड्यूटी टाईम के अलावा कभी कोई सरकारी काम आ जाए तब। हम सारे मिलकर गणित लगाएं तो हमारी आँखें यह जानकर फटी की फटी रह जाएं कि हमें तनख्वाह कितनी मिल रही है और इसकी एवज में काम कितना कर रहे हैं।
    इसके बावजूद जब मौका आएगा, जोरों से चिल्लाएंगे - भारत माता की जय। कितना अन्याय है भारत माता के साथ। हम लोगों को भारतमाता की जय बोलने का क्या अधिकार रह गया है जबकि हम भारत माता के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं, सिवाय टाईमपास के। बाड़ों और गलियारों में कैद होकर दिमागी चालें चलने वालों से तो वे लोग अच्छे हैं जो दिन भर मजूरी करते हैं।
(Dr. Deepak Acharya)
6:54 PM | 0 comments | Read More

गिलानी के स्वागत में मसर्रत ने लहराए पाक के झंडे

    श्रीनगर।। लहराते पाकिस्तानी झंडों के बीच 'तेरी जान, मेरी जान-पाकिस्तान पाकिस्तान' और 'हाफिज सईद से नाता क्या ला-इलाहा-इल्लिाह'। 'आया-आया शेर आया, गो इंडिया गो' जैसे भड़काऊ और राष्ट्रविरोधी नारों के साथ बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाला एयरपोर्ट मार्ग कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी के श्रीनगर हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही गूंज उठा। ऐसा लग रहा था कि जैसे श्रीनगर न होकर लाहौर है। इस मामले में पुलिस ने गिलानी और मसर्रत सहित अन्य पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया है।
    सैयद अली शाह गिलानी लगभग तीन माह बाद दिल्ली से श्रीनगर पहुंचे। जहां कट्टरपंथी मसर्रत आलम ने आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों को ठेंगा दिखाते हुए पाकिस्तानी झंडा लहराते हुए अपने नेता का स्वागत किया। हालांकि गिलानी दोपहर 2.20 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन उनके समर्थक हैदरपोरा से लेकर एयरपोर्ट तक सुबह से ही डट गए थे। इसी रास्ते में पुलिस मुख्यालय भी है। गिलानी के समर्थकों के जुलूस में एक नहीं कई पाकिस्तानी झंडे थे। इस दौरान मसर्रत आलम ने सबसे पहले नारा लगाया तेरी जान-मेरी जान पाकिस्तान और हाफिज सईद से नाता क्या ला-इलाहा-इल्लिहा।
   गिलानी ने अपने समर्थकों को लगभग 22 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर अपने चिरपरिचत अंदाज में भारत को लताड़ते हुए कहा कि कश्मीरियों को हक-ए-खुद इरादियत मिलने तक यह मुहिम जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब यहां से भारत को भागना होगा। उन्होंने त्राल की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आज हमारे नौजवानों ने अगर बंदूक उठाई है तो कश्मीर में भारत के जबरन कब्जे के खिलाफ उठाई है। एक नौजवान को हिरासत में मारा गया है।
    उन्होंने 17 अप्रैल के त्राल चलो मार्च के अपने आह्वान को दोहराते हुए कहा कि उस दिन वादी में सभी जगह से लोग त्राल के लिए निकलें। मैं खुद भी त्राल के लिए निकलूंगा। कश्मीरी पंडितों की वापसी का सशर्त स्वागत करते हुए गिलानी ने कहा कि हम किसी को भी उनके लिए अलग कॉलोनी नहीं बनाने देंगे।
   मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद तो दिल्ली की कठपुतली हैं और वह आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। यहां इस्रायल की तरह कश्मीरी पंडितों की कॉलोनी बसाकर कश्मीरी मुस्लिमों को सामाजिक व सियासी तौर पर कमजोर बनाने की साजिश हो रही ह। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।


6:51 PM | 0 comments | Read More

शूटिंग की आड़ में जिस्मकफरोशी, 15 गिरफ्तार

    दरभंगा।। फिल्मों की शूटिंग की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा आपको अजीब लगे लेकिन यह हकीकत है और इस जिस्मफरोशी के काले धंधे में कई चमकीले चेहरे शामिल है. जिस्म के दलाल अपने ग्राहक के लिए नई-नई हिरोइनों से संपर्क करते रहते हैं. बाजार में जो नया चेहरा आता है तो दलाल उसके जिस्म का सौदा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है. इसी तरह के एक केस का ताजा खुलासा पुलिस ने किया है.भोली-भाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर हिरोइन बनाने का सपना दिखाने वाले एक ऐसे ही गैंग का एसएसपी मनु महाराज ने पर्दाफाश किया है. 5 लड़कियों को भी उनके चंगुल से मुक्त कराया गया है.फिल्म की शूटिंग का कुछ जरूरी सामान और लैपटॉप वगैरह भी बरामद हुआ है. नेपाल के रहने वाले फिल्म के डायरेक्टर व बिरौल के हीरो के साथ मुंगेर की एक महिला को गिरफ्तार किया जा चुका है.पुलिस के मुताबिक ये महिला भोली-भाली सुंदर दिखने वाली लड़कियों को अपने जाल में फंसाती है और फिर इन्हें सौंप देती है. एपीएम थाने के माखनपुर के किसी शंभू चौधरी के मकान में चोरी-छिपे फिल्म की शूटिंग के नाम पर इन लड़कियों के शोषण की बात सामने आई है.एसएसपी ने मीडिया को बताया कि 4 लड़कियों को लड़कों के साथ आपत्तिजनक स्थितियों में पाया गया. हैरानी की बात यह है कि इनमें से चारों लड़कियां नाबालिग हैं और कलंक टाइटल नामक फिल्म में उन सबको लीड रोल में बतौर हीरोइन रखने का प्रलोभन देकर अररिया-खगड़िया जैसे दूसरों जिलों से लाया गया था. 15 साल के आसपास की ये लड़कियां किसी फिल्म में हिरोइन के लिए कैसे चुनी जाएंगी यह सहज ही समझा जा सकता है.
     पुलिस ने कहा कि इस फिल्म के कथित डायरेक्टर व हीरो के साथ तीन-चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है. जबकि, अन्य 7 लोगों से अभी पूछताछ ही चल रही है. पुलिस को उनसे कुछ और जानकारियां मिलने की उम्मीद है. वहीं लड़कियों का कोर्ट में इकबालिया बयान भी दर्ज कराया जाएगा ताकि उनकी आपबीती सच-सच सामने आ सके.एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि लड़कियों के कुछ परिजनों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई. आठवीं कक्षा की छात्र ऐश्वर्या व 9वीं की सुप्रिया के परिजन यहां पहुंचे हुए हैं. और भी कुछ पता लगाया जा रहा है. सभी लड़कियों को महिला थाने भेजकर बयान दर्ज कराया जा रहा है. आरोपियों पर केस दर्ज कराया जा रहा है.
6:49 PM | 0 comments | Read More

यही तो भारत के लोकतंत्र की खूबी है ... यहाँ मुर्गी चोर भी मुख्यमंत्री बन सकता है ...

    चेम्बूर।। नारायण राणे के हारने पर चेम्बूर इलाके में अपनी मुर्गियों के साथ ख़ुशी मनाती महिलाये ..
    दरअसल राजनीती में आने के पहले नारायण राणे चेम्बूर में मुर्गी चुराकर बेचते थे .. पुरे इलाके में ये मुर्गी चोर के नाम से प्रसिद्ध थे ... एक मजेदार किस्सा है .. जब ये महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बने थे तब एक बुजुर्ग महिला ने इन्हें बधाई देते हुए कहा था .. पहचाना साहेब मेरी बीस मुर्गी चुराई थी आपने ..और एक बार जब मैंने आपको रंगे हाथ पकड़ा था तब बहुत मारा था आपको ..
   यही तो भारत के लोकतंत्र की खूबी है ... यहाँ मुर्गी चोर भी मुख्यमंत्री बन सकता है ...


(J.P. Singh)
6:34 PM | 0 comments | Read More

आंगनवाड़ी जाने वाला 4 में से एक बच्चा कुपोषित

    नई दिल्ली।। पूरे देश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को पूरक पोषण, अनौपचारिक प्री-स्कूल शिक्षा तथा टीकाकरण एवं स्वास्थ्य चेकअप की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 13.3 लाख आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गये हैं। इन आंगनवाड़ी केंद्रों में छ: वर्ष तक की आयु के आठ करोड़ से अधिक बच्चे नामांकित हैं। एक जांच में पाया गया कि आंगनवाड़ी केंद्र जाने वाले चार बच्चों में एक बच्चा कुपोषित है।
    कुपोषण के मामले से चिंतित महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन बच्चों को दिए गये पूरक पोषण की निगरानी के लिए वर्तमान चार गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाओं में सुधार सहित कई कदम उठाने का निर्णय लिया है। प्रयोगशालाओं द्वारा बच्चों को दिए जाने वाले पूरक पोषण की औचक जांच की जाएगी कि ये मंत्रालय के एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं अथवा नहीं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मेट्रोशहरों में चार पुरानी प्रयोगशालाएं है लेकिन वे काम नहीं कर रही हैं। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गये पंसड से उन्हें सुधारा जाएगा। आंगनवाड़ी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे बच्चों के पूरक पोषण का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
5:31 PM | 0 comments | Read More

सांसदों के 35 करोड़ के होटल बिल से सरकार चिंतित


     नई दिल्ली।। संसद के सत्र के दौरान सांसदों के होटल में ठहरने की सीमा के नियमों में सरकार बदलाव करना चाहती है। दरअसल, सांसदों का होटल बिल 35 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो अभी आधिकारिक रूप से वहां ठहरने वाले हैं।
     सूत्रों के मुताबिक, कुछ ही महीनों में एक वर्ष पूरी करने जा रही 16वीं लोकसभा के 543 सांसदों में से 35 सांसद छह अप्रैल तक राजधानी के द अशोक होटल में ठहरे थे। बताया गया कि नौ अप्रैल को आवास पर हुई कैबिनेट समिति की बैठक में शहरी विकास मंत्री एम वैंकैया नायडू ने सवाल किया कि जब संसद का सत्र नहीं होता और सांसद राजधानी में नहीं होते, तब सरकार सांसदों के होटल के बिल का भुगतान क्यों करे?
    नायडू के हवाले से एक सूत्र ने बताया कि जब संसद का सत्र नहीं होता है, तो होटलों के कमरे या तो बंद कर दिए जाते हैं, या उन पर सांसदों का स्टाफ या उनके परिचित रहते हैं। सरकार इसके लिए भुगतान क्यों करे? यदि कानूनों को बदलने की जरूरत है, तो हमें उन्हें बदलना चाहिए।
    सरकारी लग्जरी होटल में एक सूइट 12 हजार रुपए प्रतिदिन और कमरा नौ हजार रुपए प्रतिदिन पर मिलता है। होटल में ठहरने वाले अधिकांश सांसद लोकसभा के पहली बार चुने गए सदस्य हैं। इनमें 314 सदस्य शामिल हैं, जबकि अन्य सांसद उन्हें आवंटित किए गए घरों में चले गए हैं।


5:13 PM | 0 comments | Read More

अब गर्भस्थ शिशुओं को दी जा रही विज्ञान की शिक्षा

     इंदौर।। प्राचीन काल में जिस तरह अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु ने गर्भ में ही चक्रव्यूह तोड़ने की कला सीख ली थी उसी तरह आजकल के गर्भस्थ शिशु भी विज्ञान और गणित सीख रहे हैं। शहर में कई ऐसे केंद्र हैं जहां विशेषज्ञ गर्भवती महिलाओं के माध्यम से गर्भस्थ शिशु को पढ़ा रहे हैं और अलग-अलग जानकारियां दे हैं ताकि पैदा होते ही वह तेजी से सीख सके। गर्भवती महिलाएं भी इसे लेकर उत्साहित हैं और इन केंद्रों का सहारा ले रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पढ़ने के लिए दिमाग और आंखों के बीच समन्वय की जरूरत होती है। ब्रेन सेल्स और आंखें गर्भ के तीसरे महीने तक विकसित हो चुकी होती हैं। 
   यही कारण है कि गर्भकाल के तीसरे महीने से बच्चे के 'विजुअल आई पाथ वे' को स्टीम्यूलेट किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत मां पेट पर हाथ रखकर बच्चे को शब्द लिखे हुए प:लैश कार्ड और अलग-अलग नंबर्स के डॉट कार्ड दिखाते हुए जोर से बात करते हुए उस कार्ड के बारे में बताती है। वास्तविक रूप में इसके जरिए बच्चे को कुछ सिखाया नहीं जाता बल्कि उसे वड्र्स और नंबर्स का एक्सपोजर दिया जाता है ताकि उसकी सोचने-समझने की शक्ति और विभिन्न इंद्रियां सक्रिय हो सवेेंस।
5:12 PM | 0 comments | Read More

चीन की हरकतों पर जमशेदपुर से नजर

जमशेदपुर में बनेगा सेंट्रल एयर कमांड
     रांची/जमशेदपुर।। भारत सरकार अपनी पूर्वी सरहद की हिफाजत पर खास नजर रखने का मन बना रही है। चीन की हरकतों के मद्देनजर पूर्वी सीमा की रक्षा के लिए एयर फोर्स झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूम अनुमंडल में सेंट्रल एयर कमांड बनाने जा रही है। इस कमांड के तहत एयर फोर्स के 3 एयरबेस आएंगे, जहां से युद्धक विमान भारत की चीन, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा की रक्षा के लिए उड़ान भरेंगे। चाकुलिया में हवाई सेना के सेंट्रल एयर कमांड बनाने की योजना का खुलासा जमशेदपुर आए नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव सजल चक्रवर्ती ने किया। सूत्रों के अनुसार चाकुलिया में सेंट्रल एयर कमांड का सर्वे हो चुका है। प्रस्ताव वायु सेना को भेजा जा चुका है। एयर मार्शल केएस गिल ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर सेंट्रल एयर कमांड और दो एयरबेस बनाने के लिए जमीन की मांग की थी। 
   दोनों एयरबेस और सेंट्रल एयर कमांड के लिए प्रस्ताव चला गया। इस कमांड में रडार समेत हवाई सेना के अन्य आधुनिक युद्धक साजो सामान होंगे। यहां से चीनी विमानों पर नजर रखी जाएगी। अभी प्रदेश में पाकुड़ और दुमका बॉर्डर पर हवाई सेना का एक रडार स्टेशन है। चाकुलिया एयरबेस का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध में हुआ था। विश्व में चल रही युद्धक गतिविधियों को देखते हुए चाकुलिया हवाई बेस को दोबारा तैयार किए जाने की योजना है। झारखंड में बनेंगे वायु सेना के दो बेस -झारखंड में वायुसेना के दो एयर बेस बनेंगे। इसमें से एक सेंट्रल एयर कमांड के करीब चाकुलिया में बनाया जाएगा। दूसरा एयरबेस रांची में बनाया जाएगा। रांची में भी एयरबेस के लिए जमीन का सर्वे कर एयर फोर्स को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि बातचीत में उनसे एयर मार्शल केएस गिल ने कहा था कि चाकुलिया कमांड से 3 एयरबेस को नियंत्रित किया जाएगा।
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वसुंधरा जी मुझसे बात करें मैं बताऊंगा कि खजाना कहां छिपा रखा है - गहलोत

   जोधपुर।। पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे अपने निक्कमेपन को छिपाने के लिये एक ओर खजाना खाली होने का ढ़िढोरा पीटकर प्रदेशवासियों को गुमराह करती रही और दूसरी ओर बैंक में हजारो करोड़ रूपये पड़े रहने के बावजूद सरकार अधिक ब्याज पर कर्ज लेती रही। आखिर सीएजी की रिपोर्ट ने इस सबकी पोल खोल दी हैं।
श्री गहलोत ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेशभर में लगातार यही कहती रही कि कांग्रेस सरकार का वित्तीय प्रबंधन इतना खराब था कि खजाना खाली करके गये है। इन जुमलों से ऐसा माहौल बनाती रही कि जैसे वास्तव में सरकार बहुत संकट में हैं। इसकी आड़ में वित्त विभाग सभी विभागों के तमाम प्रस्तावों को रद्द कर लौटाता रहा, सारे भुगतान रूके रहे, ठेकेदारों को भुगतान रोक दिया गया, जो काम चल रहे थे उन सबको रोक दिया गया चाहे वो इन्फ्रास्ट्रक्चर के हो, पानी के हो या सोशल सिक्योरिटी के हो या किसी भी विभाग के हों।
    श्री गहलोत ने कहा कि हमारे पूरे पांच साल के कार्यकाल में 2009-10 व 2013-14 को छोड़कर 2010-11, 2011-12, 2012-13 में राज्य के बजट में रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति रही तथा 31 मार्च, 2013 को 12,127.82 करोड़ रोकड़ शेष निवेश था। इसी का परिणाम है कि 1 अप्रैल, 2014 को नई सरकार के पास 8997.56 करोड़ रूपये बचे हुये थे। यह खुलासा सीएजी रिपोर्ट में भी अब हुआ हैं।
    उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर भाजपा के ही वरिष्ठ विधायक श्री घनश्याम तिवाड़ी को हाउस में कहना पड़ा कि अल्पावधि प्रश्न का उत्तर दिलवानें के लिये उनको बार-बार स्पीकर से अनुरोध करना पड़ रहा है और सरकार फिर भी असलियत बतानें में आनाकानी कर रही हैं।
    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रकार से अच्छे टाइम पर सरकार की पोल खुली है। श्री घनश्याम तिवाड़ी ठीक ही पूछ रहे है कि बैंक में हजारों करोड़ रूपये पड़े रहे और सरकार ज्यादा ब्याज पर कर्ज लेती रही। बैंक ने सरकार को 4.5 प्रतिशत ब्याज दिया और सरकार ने जो कर्जा बाजार से लिया उसके बदले उसे 7 से 8 फीसदी ब्याज देना पड़ा, इससे राजकोष को हानि हुई। उन्होंने कहा कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिये।
    श्री गहलोत ने कहा कि पूर्व में मैंने कहा था कि वसुंधरा जी मुझसे बात करें मैं बताऊंगा कि खजाना कहां छिपा रखा है। उन्होंने कहा कि मुझे दुख इस बात का है कि वसुंधरा जी और उनकी सरकार को यह मालूम था कि खजाना कहां है फिर भी वो मुझ पर खजाना खाली होने का दोष लगाती रही। सीएजी की रिपोर्ट से अब सच्चाई सबके सामने है।
   पूर्व मुख्यमंत्री ने अफसोस के साथ कहा कि उत्साह के साथ में विधायक जीत के आये थे, उन सबके क्षेत्र में काम ठप हो गये और आज भाजपा के विधायकों/सांसदों को भी जनता को जवाब देते नहीं बन रहा हैं।


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कांग्रेस की आशा की किरण राहुल पर निशाना साध रही है शीला

कांग्रेस नेतृत्व के करीबी आत्मघाती मठाधीशों का षडयंत्र ‘राहुल की ताजपोशी पर ग्रहण लगा कर सोनिया के नाम पर अपना उल्लू सीधा करना

   सत्ताच्युत हुई कांग्रेस इन दिनों जनता से कटे हुए प्यादों के षडयंत्र में बुरी तरह उलझ गयी है। ये सोनिया गांधी की कृपा से जनता व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से कटे हुए मठाधीशों को विगत दस साल में सत्ता का ऐसा खुमार चढ़ा कि अपने निहित स्वार्थो के लिए ये कांग्रेस को सदा के लिए बैसाखियों के सहारे ही कमजोर बना कर अपने इशारे पर नचाना चाहते है। कभी कांग्रेस नेतृत्व के सबसे अधिक विश्वासी सिपाहेसलार रहे इन निहित स्वार्थी मठाधीशों ने पहले अपने निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए देश की जनता को अपने कुशासन बेहाल करने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व उनके जनता से कटे हुए मंत्रियों को बनाये रखने के लिए कांग्रस नेतृत्व को गुमराह करके कांग्रेस को पतन के गर्त में धकेल कर भाजपा को सत्तासीन करने की राह बनायी। वही तत्व अब राहुल गांधी की ताजपोशी का विरोध केवल इस लिए कर रहे हैं कि वे जानते हैं कि राहुल गांधी को उनके कांग्रेस घाती कृत्यों की जानकारी है। इन तत्वों को इस बात का भान है कि राहुल गांधी के हाथों में कांग्रेस की कमान आ गयी तो राहुल गांधी इनकी चंगुल से कांग्रेस को बचा कर मजबूत करेंगे। अपने निहित स्वार्थ के लिए ये कांग्रेस को पतन के गर्त में धकेलने वाले इन मठाधीशों का आत्मघाती गठजोड़ ही अपने समर्थक नेताओं से राहुल गांधी की ताजपोशी का विरोध करा रहा है। कभी अमरेन्द्र सिंह तो कभी शीला व उनका बेटा, कभी भारद्वाज तो कभी दूसरे। कांग्रेस नेतृत्व इन तत्वों पर कैसे अंकुश लगायेगी यह तो वो जाने परन्तु अब ये षडयंत्रकारी कांग्रेस अध्यक्ष पर निरंतर दवाब बढ़ा रहे है। यह तय है कि ऐसे तत्वों के कारण न तो कांग्रेस नेतृत्व मनमोहन सिंह व शाीला को शर्मनाक पराजय से दो साल पहले हटा देती तो आज कांग्रेस की यह दुर्गति नहीं होती।
      कांग्रेस प्रमुख की सबसे विश्वसनीय सिपाहेसलार शीला दीक्षित का ही उदाहरण सबके सामने है। डेढ़ दशक तक दिल्ली की सत्ता पर जिस कांग्रेस नेतृत्व की कृपा से दिल्ली की मुख्यमंत्री के पद पर दिल्ली के तमाम वरिष्ठ जमीनी नेताओं को दरकिनारे करके थोप दी गयी शीला दीक्षित व शीला के एनजीओ चलाते चलाते सांसद बना दिये गये पुत्र संदीप दीक्षित को लगता है कोई अन्य कार्य नहीं है जो आपस में इस बात की प्रतियोगिता कर रहे हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर प्रश्न कोन जोर से उठाता है।
     कांग्रेस नेतृत्व की कृपा से दिल्ली में मुख्यमंत्री बनी शीला व उनके सांसद बना दिये गये बेटे संदीप दीक्षित में अगर जरा सी भी नैतिकता रहती तो वह दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनारे करके उनको दिल्ली की मुख्यमंत्री व सांसद बनाये जाते समय कांग्रेस नेतृत्व को साफ मना कर देते। मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहते हुए या सांसद रहते हुए इन दोनों माॅं पुत्र को कभी राहुल में कोई कमी नजर नहीं आयी। अगर कमी थी तो तब वे अब की तरह क्यों समाचार जगत के सामने उजागर नहीं कर पाये।
     अब राहुल गांधी पर प्रहार करने वाली शीला व उनके बेटे का यह दाव कांग्रेसी आत्मघाती मठाधीशों की रणनीति का एक हिस्सा है। इसका एक ही उद्देश्य है कि राहुल को कांग्रेस की कमान से दूर रख कर सोनिया गांधी की नजदीकी बन कर अपने निहित स्वार्थ की पूर्ति करना। इसके साथ कांग्रेस को कमजोर करने में लगे केजरीवाल व मोदी का ही काम आसान कर रहे है। इसमें इनका अपना हित भी है। केजरीवाल जो शीला के पुत्र का मित्र है। केजरीवाल को आगे बढ़ाने में शीला व दीक्षित का काफी हाथ माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ राहुल का विरोध करके प्रधानमंत्री मोदी के प्रकोप से भी बचने का प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि दिल्ली में आयोजित खेलों में हुए भ्रष्टाचार का जिन्न का भय भी शीला का दिनरात भयभीत कर रहा है। इसी जिन्न से बचने के लिए शायद शीला यह हथकण्डा अपना रही है।


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मृत समझ गंगा में बहाया पुत्र, 2 साल बाद असम से लौटा

    रॉची।। प्रखंड क्षेत्र के गेड़ाबाड़ी बाजार में करीब दो साल पहले जिस बच्चे को मृत समझ गंगा में प्रवाहित कर दिया था उसके जिंदा होने की खबर अचानक मिली। इसके बाद तो पूरे गांव में ही खुशी और आश्चर्य की लहर दौड़ पड़ी। बच्चे के परिजन कामख्या, असम से लेकर घर पहुंचे तो पूरा गांव उसके स्वागत में खड़ा था। अब बालक की उम्र 12 वर्ष हो चुकी है। ज्ञात हो कि गेड़ाबाड़ी बाजार के कटिहार मार्ग 81 के समीप नहर निवासी इंदल सहनी का दस वर्षीय पुत्र गोब्ंिाद उर्फ दुर्गा सहनी दो वर्ष पूर्व नहर पर बने कच्चे मकान में खेल रहा था। इसी दौरान आंगन के बिल से निकलकर एक विषैले सांप ने उसे डस लिया था। इलाज के दौरान उसकी कथित मौत हो गयी थी।
    मृत बालक को परिजनों ने केला के थाम पर कागज में नाम-पता लिखकर प्लास्टिक से बांध कर बरारी के काढ़ागोला घाट स्थित गंगा नदी में बहा दिया गया था। परिजनों ने बताया कि विशनपुर के महादलित बच्चे की भांति ही उनका बच्चा गंगा नदी के प्रवाह में आसाम के कामरूप कामख्या जा पहुंचा। बच्चे के घर वापस आने पर उसकी मां सुशीला देवी जहां खुशी से फूले नहीं समा रही है। वहीं दूसरी ओर यह खबर जंगल की आग की तरह फैल जाने से बालक को देखने उसके घर लोगों की कतार लगी है। इधर कोढ़ा चिकित्सक पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद भगत ने कहा कि ये महज लोगों का वहम है कि इसे ईश्वर का चमत्कार समझ रहे हैं। लगातार पानी के संपर्क में रहने के कारण बालक का निस्तेज शरीर सजग हो गया होगा।
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आप विधायक पर हत्यारों को पनाह देने का लगा आरोप

    नई दिल्ली।। आम आदमी पार्टी के एक और विधायक पर हत्या के आरोपियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं। मामला बाहरी दिल्ली के किराड़ी के विधायक ऋतुराज से जुड़ा है। दो दिन पहले गुरुदास नाम के एक फाइनेंसर को किराड़ी के ही दबंग लोगों ने अगवा कर लिया था। बीच बचाव करने पर आरोपियों ने गुरुदास के साथियों पर चाकू से हमला किया था। दो दिन की छानबीन के बाद 27 साल के गुरुदास का शव झड़ोदा इलाके के एक नाले में मिला लेकिन आरोपियों का अब तक कोई सुराग नहीं है। पीडि़त पक्ष का आरोप है कि आरोपी भाई अमित मान और सुमित मान इलाके के आम आदमी पार्टी के विधायक ऋतुराज के करीबी हैं और विधायक उन्हें पनाह दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने वो पोस्टर भी लगाए हैं जिसमें विधायक ऋतुराज आरोपियों के साथ नजर आ रहे हैं। 
   पीडि़त पक्ष की मांग है कि जब तक गुरुदास के हत्यारों को पकड़ा नहीं जाता तब तक वो आमरण अनशन करते रहेंगे। ये लोग इलाके में ही एक मंच बनाकर अनशन पर बैठ गए हैं विधायक ऋतुराज के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है। लेकिन सूत्रों की मानें तो आरोपियों की पहचान कर ली गई है, इनमें दोनों भाई सुमित और अमित मान के अलावा करीब 1० आरोपी शामिल हैं।
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सोशल मीडिया चैटिंग पर सरकार की कड़ी नजर

    नई दिल्ली।। लोग सोशल मीडिया जैसे फेसबुक एवं ट्वीटर पर सरकार एवं इसकी योजनाओं पर अपनी बेवाक राय रखते हैं। सरकार की नजर लोगों द्वारा किए गये पोस्ट एवं उनके शेयर पर है। एक अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के योग्य सूचनाओं को रूपांतरित करने के लिए फीडबैक प्राप्त करने अभी तक 1395 विश्लेषण किए गये हैं। फीडबैक को 'पाजीटिव', न्यूट्रल अथवा निगेटिव श्रेणियों में बांटा गया है। 
   उदाहरण के तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 'निगेटिव' टिप्पणियों के मद्देनजर स्वास्थ्य सचिव को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गये हैं। सरकार की राष्ट्रीय सफाई योजना स्वच्छ भारत योजना के लिए 2.75 करोड़ लोगों के प्रतिनिधित्व में 53 फीसदी ने सकारात्मक (पाजिटिव) टिप्पणी की जबकि 42 प्रतिशत ने न्यूट्रल (उदासीन) एवं 5 फीसदी ने नकारात्मक जबाव दिया था। एक वित्तीय समावेशी योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना पर 31 फीसदी लोगों की भावनाएं सकारात्मक जबकि 6० प्रतिशत लोगों का रूख उदासीन था एवं 9 प्रतिशत का दृष्टिकोण नकारात्मक था।
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अंबेडकर की 124वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में 21 विवाहित महिलाओं ने मंगलसूत्र गले से उतारा

Written By News Today Time on Wednesday, April 15, 2015 | 4:07 PM

    चेन्नई।। डीके की ओर से एक बयान में कहा गया कि डॉ अंबेडकर की 124वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में 21 विवाहित महिलाओं ने मंगलसूत्र गले से उतार दिया। तमिलनाडु में मंगलसूत्र को 'थाली' भी कहा जाता है।मंगलसूत्र को गुलामी या शोषण का प्रतीक बताते हुए 21 विवाहित हिंदू महिलाओं ने यहां एक कार्यक्रम में इसका बहिष्कार कर दिया। इन महिलाओं के पति जीवित हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन तमिल संगठन द्रविड़ कझगम (डीके) ने मंगलवार को किया था।
   डीके की ओर से एक बयान में कहा गया कि डॉ अंबेडकर की 124वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में 21 विवाहित महिलाओं ने मंगलसूत्र गले से उतार दिया। तमिलनाडु में मंगलसूत्र को 'थाली' भी कहा जाता है।
    मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को ही डीके के इस कार्यक्रम पर बैन लगाया था। लेकिन संगठन की ओर से सफाई पेश की गई कि जबतक कोर्ट के लगाए प्रतिबंध पर कोई कार्रवाई होती, कार्यक्रम संपन्न हो चुका था।
   डीके के इस कार्यक्रम का हिंदू मुन्नानी संगठन समेत कई संगठनों ने विरोध किया था। दरअसल हिंदू मुन्नानी ने टीवी चैनल पुथिया थलाईमुराई के मंगलसूत्र को लेकर एक कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी। चैनल के दफ्तर पर दो टिफिन बॉक्स बम फेंके जाने के बाद इस कार्यक्रम को नहीं दिखाया था। हिंदू मुन्नानी को जवाब देने के लिए द्रविड़ कझगम ने मंगलसूत्र छोड़ो कार्यक्रम का आयोजन किया। परंपरा के अनुसार विवाहित महिला पति के निधन के बाद ही गले से मंगलसूत्र उतारती है।


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महिला फुटबाल की राष्ट्रिय टीम की सदस्य, दुसरो के खेतो में पैसे के लिए गेंहू की कटाई कर रही है

लो आगये अच्छे दिन 
     कैथल।। हरियाणा के कैथल में दुसरो के खेतो में पैसे के लिए गेंहू की कटाई करती ये लडकी भारत की महिला फुटबाल की राष्ट्रिय टीम की सदस्य सुदेश कुमारी है जिसने तीन बार भारत की राष्ट्रिय टीम में फुटबाल खेला है।
   एक राष्ट्रिय स्तर की खिलाडी का ये हश्र देखकर दुःख होता है ... राज्य और केंद्र सरकार तथा कार्पोरेट्स सिर्फ क्रिकेट खिलाडियों पर ही पैसे लुटाते है .. दुसरे खेलो के खिलाडियों को उनके हालत पर छोड़ दिया जाता है।


(J. P. Singh)


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नौ लाख छात्रों को बिना किताब के स्कूल जाने पर है मजबूर

    नई दिल्ली।। नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से छात्रों को जहां अगली कक्षा में जाने की खुशी है, वहीं किताबें नहीं मिलने से परेशान भी है। दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी करीब नौ लाख छात्रों को सरकार ने किताब-कॉपी और यूनिफार्म मुहैया नहीं कराई है। ये छात्र या तो पिछली कक्षा की किताबें लेकर स्कूल जा रहे हैं या बगैर किताब के ही। इनमें सरकारी और निजी स्कूल में पढ़ने वाले कम आय वर्ग के बच्चे शामिल हैं। परेशान छात्रों के एक समूह ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
    छात्रों ने हाईकोर्ट से स्कूल और सरकार को तत्काल कॉपी-किताब मुहैया कराने का निर्देश देने की मांग की है। वहीं निजी स्कूल के छात्रों की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। याचिका में किताब-कॉपी, यूनिफार्म महैया नहीं कराए जाने को शिक्षा के अधिकार कानून और इसे लागू करने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का भी उल्लंंघन बताया है। याचिका में छात्रों ने किताब-कॉपी के अलावा यूनिफार्म मुहैया कराने का आदेश देने की मांग की है। यूनिफार्म के मिलते हैं पैसे: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को किताब-कॉपी शिक्षा निदेशालय की ओर से मुहैया कराई जाती है। जबकि यूनिफार्म खरीदने के लिए प्रतिवर्ष 5०० रुपये दिए जाते हैं। निजी स्कूलों में 51 हजार छात्रों को नहीं मिली किताब निजी स्कूलों में पिछले शैक्षणिक सत्र 2०14-15 में कम आय वर्ग के 68951 छात्रों को दाखिला मिला था। मगर इनमें से महज 17,497 छात्रों को ही किताब मिली जबकि महज 16,467 छात्रों को यूनिफार्म दिया गया।
3:19 PM | 0 comments | Read More

स्पेशल ट्रेन बिना यात्रियों के रवाना, रेलवे को 16 लाख चूना

स्पेशल एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन हुई शुरू
क्रिस द्वारा ट्रेन फीडिंग त्रुटिवश 894 सीटें खाली
    लखनऊ।। एक तरफ मुंबई जाने के लिए ट्रेनों में टिकटों की मारामारी है। यात्रियों को लंबी वेटिंग मिल रही है। वहीं, दूसरी तरफ रविवार को मुंबई जाने वाली एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन मुंबई के लिए बिना यात्रियों के रवाना हो गई। सेंटर फॉर रेलवे इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) इस ट्रेन की फीडिंग करना ही भूल गया। रेलवे की इस लापरवाही से यात्रियों को तो नुकसान हुआ ही, रेलवे को भी 16 लाख से अधिक का चूना लगा है। मध्य रेलवे ने पिछले महीने मुंबई से लखनऊ के लिए एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 02112 शुरू की है। यह प्रत्येक रविवार को लखनऊ से शाम 4.3० बजे रवाना होती है। रेलवे ने 12 व 17 मार्च को इसके दो पेसरे बढ़ा दिए थे। इसके बाद फिर रेलवे ने 2 अप्रैल को ट्रेन ०2112 के दो पेसरे बढ़ा दिए। ट्रेनों की फीडिंग का कार्य सेंटर फॉर रेलवे इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) करता है। सुबह जब ट्रेनों में आरक्षण शुरू हुआ, तो पता चला कि इस ट्रेन की फीडिंग इंटरनेट पर नहीं हुई है। 
   इसकी जानकारी उप वाणिज्य प्रबंधक ने रेलवे को दी। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे ट्रेन की फीडिंग की गई। ज्यादातर यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं हो पाई और इस ट्रेन में उन्हें आरक्षण ही नहीं मिल सका। ट्रेन में 894 सीटें खाली रह गई और ट्रेन शाम को बिना यात्रियों के ही मुंबई रवाना हो गई। ० लोगों ने पुष्पक में खरीदा तत्काल टिकट -रेलवे के साथ सबसे अधिक नुकसान मुंबई जाने वाले यात्रियों को उठाना पड़ा। शनिवार को एससी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन ०2112 का आरक्षण नहीं खुला, तो लोगों ने पुष्पक में तत्काल टिकट कराए। रविवार को जब इस ट्रेन की बुकिंग नहीं खुली तो इसकी जानकारी दिल्ली भेजी गई। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इतनी सीटें रही खालीं -एसी फस्र्ट - 24 सीटें
एसी सेकेंड - 155 सीटें -एसी थर्ड - 715 सीटें
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शिवसेना के खिलाफ आप पार्टी जाएगी कोर्ट

    नई दिल्ली।। मुस्लिमों के मताधिकार समाप्त किये जाने संबंधी शिवसेना और उसके मुखपत्र सामना के संपादक संजय राउत के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। आप ने जारी एक बयान में आरोप लगाया कि लेख का उद्देश्य 'सस्ता प्रचार' हासिल करना और समुदायों के बीच 'घृणा' फैलाना है। आप ने कहा कि महाराष्ट्र की भाजपानीत महाराष्ट्र सरकार को 'संजय राउत और शिवसेना के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने बाद राउत को तत्काल गिरप:तार कर लेना चाहिए।
    आप ने इसके साथ ही शिवसेना की राजनीतिक पार्टी के रूप में तत्काल मान्यता समाप्त करने की भी मांग की। आप ने कहा कि आप यह भी मांग करती है कि चुनाव आयोग को शिवसेना के खिलाफ जनप्रतिनिधि कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करनी चाहिए और एक राजनीतिक पार्टी के रूप में उसकी मान्यता समाप्त कर देनी चाहिए।
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देश में 28 करोड़ लोगों के पास बिजली कनेक्शन नहीं - गोयल

    नई दिल्ली।। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश में 28 करोड़ लोगों के पास बिजली कनेक्शन नहीं है और केंद्र ने 2019 तक सभी को बिजली देने का लक्ष्य रखा है। बिजली, कोयला तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री गोयल ने कहा कि देश में 28 करोड़ लोगों के घरों में बिजली कनेक्शन नहीं है। आज की तारीख तक बिजली जैसी बुनियादी चीजों से वे वंचित हैं। मोहाला के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) परिसर में स्रातक समारोह के दौरान उन्होंने यह बात कही। 
   उन्होंने कहा कि देश में समस्या बिजली उत्पादन की मात्रा कम होना या उत्पादन करने की क्षमता का न होना नहीं है। देश के अधिकतर भागों में हमारे पास अधिशेष बिजली है। मंत्री ने कहा कि समस्या के दो कारण हैं। एक, कोयला और गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होना तथा देश भर में बिजली का पारेषण करने में असमर्थता है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 2019 तक सभी घरों को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और यह केवल नारा नहीं है। गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय देश में ऊर्जा दक्षता पर विशेष जोर दे रहा है जहां सकल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) 25 प्रतिशत है। गोयल ने आईएसबी से ऊर्जा संरक्षण पर नये प्रयोगशाला लगाने का प्रस्ताव लाने को कहा जिसके लिये उनका मंत्रालय कोष उपलब्ध कराने के लिये तैयार है।
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गोशाला में सुधार के लिए कैबिनेट में मामला लाया जायेगा - पशुपालन मंत्री


     रांची।। गो हत्या पर प्रतिबंध लगना ही चाहिए. राज्य में गो हत्या प्रतिबंध कानून को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार चिंतन कर रही है. गो सेवा आयोग का गठन किया जायेगा. राज्य में गोशाला की संख्या 28 है, जिसमें निबंधित गोशाला की संख्या 13 है.सात ऐसे गोशाला हैं, जिनका निबंधन नहीं हो पा रहा है. हमारा प्रयास रहेगा कि इसे शीघ्र निबंधित करा पायें. उक्त बातें मंगलवार को झारखंड प्रादेशिक गोशाला संघ की बैठक में प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री रणधीर सिंह ने कही.उन्होंने बताया कि गोशाला को अनुदान देने के लिए 4.59 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है. बजट में हम अनुदान राशि को बढ़ाने पर विचार करेंगे. गोशाला में सुधार के लिए कैबिनेट में मामला लाया जायेगा. विभागीय स्तर पर बैठक की जायेगी, जिसमें विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे. गो तस्करी पर कैसे रोक लग सके, हम उस पर विचार करेंगे. जैविक खाद को बढ़ावा दिया जायेगा. गोशाला से हम जैविक खाद खरीद सकें, इसके लिए पहल की जायेगी. मंत्री स्वयं गोशाला का निरीक्षण करेंगे.अखिल भारतीय गोशाला के अध्यक्ष रामपाल नूतन ने कहा कि यह बैठक नियमित होनी चाहिए. सरकार के सहयोग की जरूरत है. बैठक में राज्य के सभी गोशाला प्रतिनिधियों ने भाग लिया. अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सात हजार से ज्यादा गायों को कसाई के हाथों से छुड़ा कर गोशाला को दिया. जमशेदपुर, देवघर, चाकुलिया, कोडरमा, रांची सहित कई गोशाला में अनुदान स्वरूप राशि उपलब्ध करायी है. बैठक में अनिल मोदी, पुरुषोत्तम झुनझुनवाला, शत्रुघ्न लाल गुप्ता, ताराचंद्र जैन, प्रमोद सारस्वत, राजकुमार टिबरेवाल, सुरेश, सुमेर, ओमप्रकाश सहित कई लोग मौजूद थे.



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पूरे विश्व का एक तिहाई हिस्सा परमाणु ईधन अकेले भारत के पास - डाॅ. गोयल




विद्द्यार्थीयों को परमाणु ऊर्जा के बारे में दी जानकारी
    अहमदाबाद।। परमाणु ऊर्जा जागरुकता अभियान के तहत भारत की परमाणु सहेली डाॅ नीलम गोयल द्वारा एस.जी.वी.पी. इन्टरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों को परमाणु ऊर्जा विषय पर जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि आज कोई भी ऐसा क्षेत्र बाकी नही है जिसकी कल्पना बिना बिजली के की जा सकती है। चाहे कृषि हो, या चाहे उद्योग हो, या फिर सर्विसेज; सभी बिजली पर आधारित है। बिना बिजली के जीवन की कल्पना असंभव है। साथ ही उन्होने बताया कि आज हमारे देश में परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाने वाला ईंधन थोरियम के हमारे देश में विपुल भंडार है। हमारे देश में 1969 से परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाई जा रही है, लेकिन आज भी हम बहुत पीछे है कारण है विद्यार्थियों व आम जन में परमाणु ऊर्जा के प्रति सही जानकारी का अभाव। उन्होने बताया कि लोगों में परमाणु ऊर्जा के प्रति डर का कारण हिरोशिमा व नागासाकी पर अमेरीका द्वारा गिरायें जाने वाले बम व उनके द्वारा हुई विशाल जन व धन की हानि है, जबकी परमाणु बम व परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाने की कार्यप्रणाली बिल्कुल ही भिन्न है। हमने परमाणु ऊर्जा का इतना विकराल रुप देखा है कि, आज भारत इस क्षेत्र में; ईंधन की व्यवस्था से लेकर, परमाणु बिजलीघरों की स्थापना, इनके प्रचालन व रक्षण-अनुरक्षण में; प्रत्येक दृष्टि से समर्थ होते हुए भी भारत की हर तबके की जनता में परमाणु बिजलीघरों के प्रति नकारात्मकता व्याप्त है। डॉक्टर नीलम गोयल ने बताया कि हमे हमारे दिल व दिमाग से डर को निकालना होगा ही व सच्चाइयों को जानना होगा। उन्होने बताया कि पूरे विश्व मे परमाणु विद्युत आधारित 444 रिएक्टर काम कर रहे है व 69 निर्माण स्तर पर है।
    परमाणु ऊर्जा से संबंधित विषय में बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया व अपनी जिज्ञासाओं को शान्त किया। साथ ही विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमति सुनिता सिंह ने इस मिशन की पथ-प्रर्दशक डाॅ. नीलम गोयल का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह जागरुकता एक शहर तक ही नही होनी चाहिए, प्रत्येक गांव के विद्यालयों तक पहुॅचनी चाहियें क्योकि बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। बच्चो को विडियो फिल्म के माध्यम से जानकारी दी व संबंधित प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कार्यक्रम को रोचक बनाया जिसमंे बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया कार्यक्रम के बाद बच्चों को बुकलेट्स सर्टिफिकेट्स भी दिये गये।



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‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ को मिले साढ़े पांच करोड़ रुपए के चंदे का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी के गठन में किया गया - अग्निवेश


   इंदौर।। सामाजिक कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में अन्ना हजारे के सहयोगी रहे स्वामी अग्निवेश ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कथित ‘अधिनायकवादी स्वभाव’ को आम आदमी पार्टी में उभरे मतभेद का कारण बताया है। संवाददाताओं से बात करते हुए अग्निवेश ने कहा, ‘केजरीवाल अधिनायकवादी स्वभाव के हैं। वह अपने आगे किसी दूसरे व्यक्ति की चलने नहीं देते। मैंने उनका यह स्वभाव सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की अगुवाई में हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के वक्त भी देखा है।’
    उन्होंने कहा, ‘मैंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान प्रशांत भूषण को केजरीवाल के रवैये को लेकर चेतावनी दी थी। लेकिन भूषण उस वक्त चुप्पी साध लेते थे। आज उन्हें केजरीवाल के व्यवहार का परिणाम खुद भुगतना पड़ रहा है और आप में लगातार मतभेद उभर रहे हैं।’
   अग्निवेश ने अपना आरोप दोहराते हुए कहा कि केजरीवाल ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान हजारे को इस बात के लिये मजबूर किया था कि वह अपना आमरण अनशन लम्बा खींचें, जबकि तत्कालीन केंद्र सरकार इस आंदोलन की मांगें मानने को सहमत हो गयी थी।
    75 वर्षीय अग्निवेश ने दावा किया, ‘सरकार द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की मांगें मानने पर सहमति जताने के बावजूद केजरीवाल ने मेरे सामने कहा था कि हजारे अपने अनशन को 10-15 दिन और खींच सकते हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा था कि क्रांति बलिदान मांगती है।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि केजरीवाल चाहते थे कि हजारे अनशन करते-करते दम तोड दें, ताकि भ्रष्टाचार निरोधक आंदोलन की बागडोर उनके हाथ में आ जाए।’
    स्वामी अग्निवेश ने अन्ना हजारे पर भी यह कहते हुए सवाल उठाए हैं कि अन्ना सब जानते हुए भी अरविंद केजरीवाल को शह देते रहे। उन्होंने कहा, ‘हजारे सब जानने समझने के बावजूद केजरीवाल को प्रश्रय देते रहे। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को हाईजैक कर आम आदमी पार्टी बना दी गई।’ अग्निवेश ने कहा कि ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ को मिले साढ़े पांच करोड़ रुपए के चंदे का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी के गठन में किया गया। अग्निवेश के मुताबिक, ‘हजारे तब भी चुप रहे। वह अपनी इस चुप्पी का परिणाम आज खुद भुगत रहे हैं। उन्हें अलग-थलग कर दिया गया है।’

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देश में एनीमिया से पीडि़त हर दूसरी महिला

    मुंबई।। महिलाओं में रक्ताल्पता (एनीमिया) की बीमारी एक बहुत बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। भारत में 25 लाख से अधिक महिलाओं के रक्त के विश्लेषण में खुलासा किया गया है कि हर दूसरी महिला एनीमिया की शिकार है। पश्चिमी क्षेत्र की महिलाएं पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्र की महिलाओं से एनीमिया की बीमारी के मामले में स्वास्थ्य को लेकर अधिक बेहतर है। दक्षिणी भारत में एनीमिया से पीडि़त महिलाओं का प्रतिशत कम है।
    शोध के परिणाम एसआर प्रयोगशाला में 2012 एवं 2014 के बीच महिलाओं के स्वास्थ्य पर किए गये रोकथाम जांच पर आधारित थे। चिकित्सकों ने बताया कि भारत में एनीमिया खासतौर पर महिलाओं की एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। आंकड़े में सुझाव दिया गया है कि लगभग 6० फीसदी महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम है जिसकी वजह से उनके शरीर को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाती है। पूर्वी क्षेत्र में एनीमिया से पीडि़तों की संख्या सबसे अधिक है तथा 72 फीसदी महिलाएं रक्ताल्पता से पीडि़त हैं। एक रोग विशेषज्ञ के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उचित पोषण नहीं मिल पाता है तथा उनके शरीर में आयरन की कमी होती है इसके अलावा माहवारी के दौरान अधिक मात्रा में रक्त निकलना तथा थैलासीमिया का उपचार नहीं हो पाना एनीमिया का मुख्य कारण है।
12:32 PM | 0 comments | Read More

दस साल में पुलिस की गोली से 2500 मौतें

    नई दिल्ली।। पिछले दस सालों में देशभर में दंगा नियंत्रण, आतंक विरोधी तथा उग्रवाद विरोधी अभियानों में पुलिस द्वारा गोली चलाने से 2500 से अधिक आम नागरिकों की मौत हुई है एवं 4,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक आम नागरिकों की मौत उत्तरप्रदेश आंध्रप्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में हुई थी। जबकि गोवा, हिमांचल प्रदेश, नागालैंड सिक्किम एवं दिल्ली को छोड़कर सभी केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस गोलीकांड से किसी भी आम नागरिक की मौत नहीं हुई थी। वर्ष 2013 में सबसे अधिक 5०.4 फीसदी पुलिस फायरिंग दंगा नियंत्रण, 27.8 प्रतिशत आतंक विरोधी एवं उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए 18.1 फीसदी अन्य एवं 3.6 फीसदी डकैती विरोधी अभियानों से संबंधित थी।
   यदि राज्यवार आंकड़ों पर नजर डाली जाय तो देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तरप्रदेश में पिछले दस सालों में पुलिस फायरिंग की संख्या 743 लोगों की मौत हुई थी जबकि घायलों की संख्या 783 थी वहीं आंध्रप्रदेश में पुलिस की गोली से मरने वालों की संख्या 274 तथा 89 आम नागरिक घायल हुए थे। आतंकवाद प्रभावित राज्य जम्मू एवं कश्मीर में विभिन्न अभियानों के दौरान 245 लोगों की मौत हुई थी घायलों की संख्या 1०67 तक पहुंच गई थी। महाराष्ट्र में पुलिस फायरिंग से पिछले दस सालों में 243 लोग मारे गये थे तथा 351 घायल हुए थे। नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ में पुलिस फायरिंग से 188 लोगों की मौत हुई थी तथा घायलों की संख्या 164 थी। मध्यप्रदेश में इतने ही समय में पुलिस द्वारा गोली चालन की घटना से 1०6 लोगों की मौत हुई थी तथा घायलों की संख्या 19 थी। देशभर में पिछले दस सालों में कुल 2527 लोगों की मौत हुई थी जबकि 446० आम नागरिक घायल हुए थे।
12:27 PM | 0 comments | Read More

'आप' को दान दिये सामान को मांगने वालों की संख्या बढ़ी

    नई दिल्ली।। आम आदमी पार्टी में जारी खटपट और दान का सामान वापस मांगने वालों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। आम आदमी पार्टी से अपना दान वापस मांगने वालों की लिस्ट में ये नया नाम भिवानी से बुजुर्ग सीपी सिंह हैं। उन्होंने अब अपने खाने की थाली पर दिए एक लाख रुपये वापस मांगे हैं। केजरीवाल को पत्र लिखकर उन्होंने आप को समर्थन को बड़ी गलती माना और रोष जताया है। सीपी सिंह आम आदमी पार्टी के अच्छे समर्थक थे। अब ये पार्टी में हो रहे घमासान से परेशान हैं और खुद अरविन्द केजरीवाल से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि तिमारपुर और बुराड़ी दो विधानसभा में आम आदमी पार्टी के लिए काफी पैसे खर्च किए हैं। यहां तक कि जब बुराड़ी में गत चुनावों में अरविन्द केजरीवाल ने पैसे जमा करने के लिए थाली का आयोजन किया तो इन्होंने एक लाख रुपये दान उसी समय दिये। अरविंद केजरीवाल को लिखी चिठ्ठी में उन्होंने तमाम आरोप लगाए हैं।
    गौरतलब है कि इससे पूर्व पार्टी के एक समर्थक कुंदन शर्मा ने अरविंद केजरीवाल से दान में दी हुई ब£ू वैगन-आर कार वापस मांगी है। साथ ही उन्होंने दान में दी हुई बाइक और रुपये भी वापस मांगे थे। आम आदमी पार्टी का लोगो बनाने वाले डिजाइनर सुनील लाल ने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा है कि इस लोगो का अधिकार उनके पास है क्योंकि यह उनकी बौद्धिक संपदा है और वे चाहते हैं कि पार्टी इसका इस्तेमाल बंद कर दे।
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रामपुर में 'नए नवाब' का इशारा मिलते ही 'चरस वाले बाबा' नाम से कुख्यात एक सीनियर पुलिस अफसर जेल भेज देता है...



   एक आईपीएस अफसर की जुबानी, रामपुर में एक नेता के दहशत, आतंक और अत्याचार की कहानी : मैं और नूतन दो दिन के लिए रामपुर गए. वजह थी यह जानकारी कि वहां करीब 80 वाल्मीकि परिवार, जो लगभग 60 वर्षों से घर बना कर रह रहे थे, को जिला प्रशासन द्वारा अचानक उजाड़े जाने की बात कही जा रही है. हम 11 अप्रैल की शाम लगभग 5 बजे रामपुर पहुंचे और 12 को लगभग 12 बजे तक वहां रहे. इस दौरान हमने मौके को भलीभांति देखा और देखते ही यह बात समझ में आ गयी कि वाल्मीकि बस्ती के लोगों की बात पूरी तरह जायज़ है. कई दशकों से ये लोग पक्के मकान बना कर रह रहे हैं, पूरे के पूरे परिवार. उनके वोटर आईडी हैं, सभी सरकारी दस्तावेज़ हैं, नगर पालिका ने मकान नंबर दिए हैं.
   लेकिन अब वे बेचारे गाँधी मॉल (जी हाँ, रामपुर के मॉडर्न मॉल का नाम है गाँधी मॉल) के बगल में आ गए हैं, जैसे रेशम के परदे पर टाट की पैबंद. इस बड़े, विशाल और खूबसूरत मॉल के बगल में ये गरीब लोग और उनके साधारण मकान अच्छे नहीं लग रहे शायद. वहां के लोगों का कहना है कि रामपुर के नए नवाब साहब चाहते हैं कि वह जगह साफ़ हो और वहां की हुकूमत इस हुक्म के तामील में पूरे जी-जान से जुट गयी है. फरमान है कि रातोंरात मकान खाली हों, उन्हें गिराना है.
   यह भी जाहिर सी बात है कि गाँधी जी यदि जिन्दा होते तो न तो कभी उन्होंने ऐसा किया होता और न ही किसी और को ऐसा करने की इजाजत दिया होता पर अब तो गांधीजी रहे नहीं और सारे अच्छे-बुरे काम उन्ही के नाम पर होते हैं, यह एक और सही. (यहाँ यह भी बताना मुनासिब होगा कि बातचीत में एक पत्रकार साथी ने कहा था कि रामपुर में कहावत है कि नए नवाब साहब के बाद सबसे अधिक गांधीजी अर्थात नोट की चलती है)
    हमने अपनी औकात भर उन लोगों की हिम्मत बंधाई, उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने को कहा, बताया कि वे सही पर हैं, उनके वाजिब कानूनी अधिकार हैं. वे गरीब बेचारे कुछ समझे, कुछ नहीं समझे पर इतना जरुर हुआ कि जिन्हें जबरदस्ती धरने से उठा दिया गया था, वे फिर से अपने घर के सामने अपने लोकतान्त्रिक अधिकारों के लिए धरने पर बैठ गए और हमें यह बेहद अच्छा लगा. उन्होंने यह भी कहा कि वे बिना डरे अपनी पूरी लड़ाई लड़ेंगे.
    यह तो हुआ एक पहलू लेकिन असल बात जो रामपुर में दिखा वह था डर. डर अर्थात खौफ, टेरर, थरथराहट, कंपकपाहट, भय और न जाने क्या-क्या. अभी तक सुनता था रामपुर में लोग नए नवाब साहब से डरते हैं, जा कर देख लिया. एक दिन पहले जिले के आला अफसर को एक राजनैतिक धरने में जमीन पर बैठे या लगभग लोटे फोटो देखा ही था, वहां जा कर देखा कि पूरा तोपखाना इलाका, जहां यह बस्ती है, पूरी तरह सीलबंद है. चारों तरफ पुलिस का भारी पहरा. यानि धरना देने वाले दस और पुलिस सैकड़ों की तादाद में. जाहिर सी बात है, ऐसी स्थितियों में धरना देना कम फौलादी ह्रदय नहीं खोजता, या फिर ऐसी मजबूरी हो कि आदमी सब भूल कर धरना देने को बाध्य हो.
    इतना ही नहीं, हमारे साथ जो स्थानीय व्यक्ति लगे थे, वे पूरे समय यही बताते रहे कि उनकी मुखबिरी हो गयी है, वे दिन-दो दिन में चरस में बंद हो जायेंगे. उन्होंने बताया कि रामपुर में एक चरस वाले बाबा हैं (एक सीनियर पुलिस अफसर) जो जेब में ही चरस लिए घूमते हैं और चरस का मुक़दमा इतना तेज लगाते हैं कि पूछो मत. मैंने दो दिनों में लगातार उस सज्जन के चेहरे पर भयावह खौफ देखा.
    यहाँ तक कि पत्रकार भी जितने मिले सभी एकमुश्त यही कहते मिले कि रामपुर में अघोषित कर्फ्यू सालोसाल चल रहा है. यह भी बताया कि इधर ‘गलत’ (अर्थात वाजिब) रिपोर्टिंग की, उधर चरस वाले बाबा सक्रिय हुए.
    और तो और मैंने, स्वयं देखा कि मेरे पीछे भी दो ख़ुफ़िया जासूस एलआईयू से लगा दिए गए थे, मुझे यह बात तब मालूम हुई जब सीआरपीएफ गेस्ट हाउस, जहां मैं ठहरा था, में मुझे सुबह आठ बजे ही फोन आया कि एलआईयू वाले साहब मिलने आये हैं. मैंने कहा भेज दीजिये लेकिन वे साहब नहीं आये. मैंने कई बार कहा भेज दीजिये, वे नहीं आये. वे दोनों मुझे तब दिखे जब मैं कैम्पस से बाहर निकला जहां दोनों जासूस मिले. पूछने पर शरमाते हुए कहा कि आपकी निगरानी में लगे हैं.
     आज रामपुर से एक पत्रकार का फोन आया. कल मेरे साथ बैठ कर फोटो खिंचवाया था. बताया कि डीएम ने सभी थानों से उनके और एक और पत्रकार साथी, जिन्होंने मेरे साथ फोटो खिंचवाने की हिम्मत की थी, के मुकदमे निकलवाने शुरू कर दिए हैं. जिससे भी मिला, सभी एक स्वर में एक ही बात कह रहे थे- यहाँ प्रशासन का मतलब है एक शख्स की हुकूमत और उनकी हुकुमउदूली का मतलब है कोई न कोई सजा. रामपुर में अपने दो दिन के प्रवास में मैंने हवाओं में जो कुछ महसूस किया उसकी तासीर यह साफ़ बयान करती है कि कुछ तो ऐसा है जो कर्फ्यू सा दिखता है और आज के दिन भी आपातकाल की याद दिला जाता है. यह कत्तई अच्छा नहीं है, न तो उस नए नवाब साहब के लिए और न ही रामपुर के लोगों के लिए, पर जो है सो है.
    बस मुझपर इतनी गनीमत रही कि मैं गया, अपनी पूरी बात कही और बिना मुक़दमा लिए लौट आया क्योंकि मुझे बताया गया कि वहां नवाब साहब के एक ख़ास खबरनवीस साहब हैं, जो फेसबुक कमेन्ट तक पर छूटते ही मुक़दमा दर्ज कराते हैं, भले ऐसे मुकदमों पर बाद में सुप्रीम कोर्ट गहरी चिंता और आपत्ति दर्ज कराये. मैंने सुना है नए नवाब साहब पुराने नवाबों की तानाशाही का मुकाबला करते हुए आगे बढे, फिर ऐसा क्यों हो गया कि वे खुद धीरे-धीरे उसी ढर्रे में ढल गए...
    लेखक अमिताभ ठाकुर यूपी कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं. अपनी बेबाकबयानी और जनपक्षधरता के लिए मशहूर अमिताभ ठाकुर ने उपरोक्त टिप्पणी अपने फेसबुक वॉल पर प्रकाशित की है.


(अमिताभ ठाकुर)

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नेताजी की मौत का सच कांग्रेस और कम्युनिस्टों को महंगा पड़ेगा

    अब देश सच्चाई जानना चाहता है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने का वक्त आ गया है. लोग जानना चाहते हैं कि नेताजी के साथ आखिर हुआ क्या? नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार पर जासूसी मामले में जहां कांग्रेस को जवाब देते नहीं बन रहा है वहीं कम्युनिस्टों की सिट्टी-पिट्टी गुम है. एक तरफ जवाहरलाल नेहरू की साख दांव पर है. दूसरी तरफ, मास्को में बारिश होने पर कोलकाता में छतरी लगाकर चलने वाले, कम्यूनिस्टों के लिए यह एक अस्तित्व का सवाल बन गया है.
     देश की कांग्रेसी सरकारों और इतिहासकारों ने यही बताया कि नेताजी की मौत ताईवान में एक हवाई दुर्घटना हुई और वहीं उनका अंतिम संस्कार हुआ. लेकिन कोई ये नहीं बताता कि भारतवासियों को इस दुर्घटना की जानकारी 5 दिनों के बाद दी गई थी. नेताजी की मौत की जांच करने वाली मुखर्जी कमिशन को ताइवान के अधिकारियों ने बताया कि उक्त दिन को ताइवान में कोई हवाई दुर्घटना हुई ही नहीं थी. साथ ही ताइवान में नेताजी के अंतिम संस्कार के बारे में कोई रिकार्ड भी नहीं है. अलग अलग शोध और रिपोर्ट्स से यह साबित हो चुका है कि ताईवान में दुर्घटना की कहानी महज एक नाटक था. यही वजह है कि नेताजी की मौत एक रहस्य है.
    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के बारे में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य डा. सत्यनारायण सिन्हा ने दी है. वो रसियन लैंगुएज के एक्सपर्ट थे और सांसद भी रहे. उनके मुताबिक कोज़लोव नामक रूसी केजीबी एजेंट ने उन्हें बताया था कि सुभाष चंद्र बोस रूस के साइबेरिया में याकुट्स्क जेल के सेल नंबर 45 में बंद हैं. कोज़लोव कोलकाता में रसियन एजेंट था और वो नेताजी को जानता था. कोज़लोव ने यह बात डां. सिन्हा को 1954 में बताई थी. उसने ये भी बताया कि उसने नेताजी को उस जेल में खुद देखा है. भारत आने से पहले कोज़लोव याकुट्स्क जेल में कार्यरत था. डा. सत्यनरायण सिन्हा ने यह भी बताया कि कोज़लोव से पहले उसे जर्मनी में एक और रसियन एजेंट कार्ल लियोनार्ड ने नेताजी के साइबेरिया में होने की बात कही थी. डा. सत्यनारायण सिन्हा ने यह बात नेहरू को भी बताई थी लेकिन नेहरू ने इसे अमेरिकी प्रोपागंडा बता कर बात को टाल दिया था. सत्यनारायण सिन्हा ने फिर डा. राधाकृष्णऩ को भी बताई थी जो उस वक्त रूस में भारतीय राजदूत थे लेकिन उन्होंने भी बात को टाल दिया.
    एक और साक्ष्य अमेरिका में पुराने दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से सामने आया. 2009 में सीआईए के कुछ दस्तावेजों को सार्वजनिक किया गया जिसमें यह खुलासा हुआ कि 1950 में नेताजी साइबेरिया में मौजूद थे और वो वापस भारत आने की योजना बना रहे हैं. नेताजी के जीवित होने की पुष्टि ब्रिटेन द्वारा कराई गई खुफिया जांच से भी होती है. ब्रिटेन ने इस मौत की प्रार्थमिक जांच में बताया गया कि नेताजी की मौत संदिग्ध है, इस पर जांच की आवश्यकता है. जब भारत में इस रिपोर्ट को सार्वाजनिक किया गया तो महान जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने रिपोर्ट की संदिग्धता और जांच की आवश्यकता को गायब कर दिया. ब्रिटेन की जांच रिपोर्ट में भी यह बताया गया कि नेताजी साइबेरिया में हैं. समझने वाली बात यह है कि अगर नेताजी वापस आ गए होते तो वह जवाहरलाल नेहरू के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए होते. जिस व्यक्ति ने कांग्रेस के अंदर महात्मा गांधी को हरा दिया उसके सामने नेहरू क्या चीज थे.
    अब इस बात में कोई शक नहीं है कि नेताजी की आखरी यात्रा ताइवान नहीं बल्कि मास्को की ओर था. दरअसल, द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान तबाह हो चुका था. नेताजी को समझ में आ गया था कि जापान उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं है. अगर वो जापान में ही रुके रहते तो ब्रिटेन उन्हें बंदी बना लेता. वार-क्राइम के आरोप में उन्हें फांसी हो सकती थी. कुछ लोग ये मानते हैं कि हवाई दुर्घटना में मौत का नाटक नेताजी ने ही रची थी. और वो वहां से रुस निकल गए. लेकिन एक समस्या थी. सोवियत रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति स्टालिन नेताजी को ब्रिटेन का एजेंट मानता था. इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया और साइबेरिया भेज दिया. स्टालिन और नेहरू में गहरी दोस्ती थी. स्टालिन को पता था कि नेताजी बोस के भारत पहंचते ही नेहरू की स्थिति कमजोर हो जाएगी इसलिए स्टालिन ने नेताजी सुभास चंद्र बोस को खत्म करने का फैसला ले लिया. बताया जाता है कि साइबेरिया की जेल में नेताजी के साथ बहुत अमानवीय बर्ताव हुआ. कम्यूनिस्ट सरकार के एजेंट्स नेताजी को टार्चर करते थे और इसी दौरान जेल में ही उनकी निर्मम हत्या कर दी. ये भी बताया जाता है कि नेताजी के सिर को प्लास्टिक बैग में डाल कर दम घोंट कर मारा गया. नेताजी की मौत कैसे हुई? क्यों उन्हें टार्चर किया गया? किसके कहने पर उनकी हत्या की गई? सच्चाई को जानना देश की जनता का हक है, अब चाहे किसी भी देश के साथ रिश्ते खराब हो जाए, अब कोई फर्क नहीं पड़ता है.
    हाल में हुए खुलासे के बाद कांग्रेस का कह रही है कि अगर आईबी नेताजी के परिवार पर नजर रख रही थी तो क्या तत्तकालीन गृहमंत्री पटेल और लालबहादुर शास्त्री भी इस साजिश में शामिल थे? ऐसे बयान देकर कांग्रेस गुमराह कर रही है क्योंकि 1968 में रॉ के बनाए जाने से पहले आईबी गृह मंत्रालय के अंदर नहीं था. इसलिए, कांग्रेस की दलील खोखली है.
    कांग्रेस नेता जी सुभाष चंद्र बोस की मौत की सच्चाई छिपाना चाहती है क्योंकि इससे कांग्रेस के सबसे बड़े नेता जवाहरलाल नेहरू की साख मिट्टी में मिल जाएगी. लेकिन, कम्युनिस्टों को सिट्टी-पिट्टी गुम है क्योंकि नेताजी की हत्या वामपंथियों की धर्मभूमि सोवियत रूस में वामपंथियों के हाथों हुई है. ये भी नहीं भूलना चाहिए कि जब देश को आजाद कराने के लिए नेताजी ने आजाद हिंद फौज की स्थापना की थी तो कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की मुखपत्रिका “पीपुल्स वार” ने जुलाई 19, 1942 को एक कार्टून छापा था. इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक गधे के रूप में पेश किया गया था जो जापान प्रधानमंत्री तोजो को खीच रहा था. देश के कम्यूनिस्ट नेताजी को तोजो का कुत्ता कहते थे. नेताजी के साथ हुए बेइंसाफी का पश्चिम बंगाल जनता ऐसा हिसाब लेगी कि हसिया और हथौड़ा नामोनिशान मिट जाएगा. यही वजह है कि देश के वामपंथी इतिहासकारों ने इस सच को सामने नहीं आने दिया.
11:08 AM | 0 comments | Read More

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